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युवा नेतृत्व, अनुशासन और नवाचार का संगम बनेगा 19वां राष्ट्रीय जम्बूरी

61 वर्षों बाद लखनऊ में फिर गूंजेगा राष्ट्रीय जम्बूरी का स्वर युवा नेतृत्व, अनुशासन और नवाचार का संगम बनेगा 19वां राष्ट्रीय जम्बूरी 300 एकड़ की टेंट सिटी में सजेगा स्मार्ट और हरित जम्बूरी मंच 32,000 स्काउट्स और 2,000 विदेशी प्रतिनिधि होंगे सहभागी रोबोटिक्स, डिजिटल स्ट्रीमिंग और तकनीक से परिपूर्ण होगा जम्बूरी स्काउट शिविर सांस्कृतिक संवाद और हरित ऊर्जा का प्रतीक बनेगा लखनऊ जम्बूरी 2025 लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ एक ऐतिहासिक अवसर की गवाह बनने जा रही है। 61 वर्षों के अंतराल के बाद भारत स्काउट्स और गाइड्स का 19वां राष्ट्रीय जम्बूरी 23 से 29 नवम्बर तक वृंदावन योजना स्थित रक्षा एक्सपो ग्राउंड में आयोजित होगा। यह आयोजन न केवल स्काउटिंग परंपरा का उत्सव है, बल्कि विकसित भारत के युवा नेतृत्व, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना का भी प्रतीक बनेगा। लगभग 300 एकड़ क्षेत्र में फैले इस आयोजन में 32,000 से अधिक प्रतिभागी सम्मिलित होंगे, जिनमें देशभर के स्काउट्स के साथ एशिया-प्रशांत क्षेत्र के 2,000 प्रतिनिधि भी शामिल हैं। जम्बूरी स्थल पर 3,500 टेंट, 100 रसोई, 4 सेंट्रल किचन, और 30,000 सीटों वाला मुख्य एरीना स्टेडियम तैयार किया जा रहा है, जिसमें आधुनिक एलईडी स्क्रीन, डिजिटल कंट्रोल रूम और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की सुविधा होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस आयोजन को राज्य की संस्कृति, परंपरा और नवाचार की झलक के रूप में प्रस्तुत करने का निर्णय लिया है कुछ समय पूर्व उन्होंने तैयारियों की समीक्षा कर अधिकारियों को निर्देश दिया था कि एक्सपो ग्राउंड में राज्यवार प्रदर्शनियों के साथ ग्लोबल विलेज, 75 वर्ष की स्काउटिंग प्रदर्शनी, एयर अग्निवीर, रोबोटिक्स, सोलर और आर्मी पवेलियन भी लगाए जाएं। जम्बूरी का यह संस्करण तकनीकी दृष्टि से भी ऐतिहासिक रहेगा। पहली बार डिजिटल लाइव स्ट्रीमिंग, आरएफआईडी (RFID)  आधारित स्मार्ट आईडी कार्ड, और व्हाट्सएप कम्युनिकेशन सिस्टम के माध्यम से प्रतिभागियों को रियल-टाइम सूचनाएं मिलेंगी। साथ ही दो दिवसीय ड्रोन शो में सैकड़ों ड्रोन मिलकर स्काउटिंग और युवा सशक्तीकरण की कहानी आकाश में चित्रित करेंगे। युवाओं में नवाचार और नेतृत्व कौशल को प्रोत्साहित करने हेतु आयोजन स्थल पर आईटी एवं एआई हब स्थापित किया जा रहा है। यहां डिजिटल लर्निंग, इनोवेशन, और लीडरशिप से जुड़े वर्कशॉप्स आयोजित होंगे। स्काउट्स को  शिक्षा, रोबोटिक्स, और साइंस एक्सपो के माध्यम से आधुनिक तकनीकों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। सुरक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता के उच्च मानकों को ध्यान में रखते हुए परिसर में 100 बेड का अस्पताल, 16 डिस्पेंसरी, फायर स्टेशन, सीसीटीवी निगरानी तंत्र, और ग्रीन एनर्जी सिस्टम की व्यवस्था की गई है। सम्पूर्ण आयोजन को प्लास्टिक-फ्री, कचरा पृथक्करण और कम्पोस्टिंग आधारित बनाया जा रहा है। लखनऊ जम्बूरी न केवल एक शिविर है, बल्कि यह भारत की युवा शक्ति, सांस्कृतिक विविधता, और सतत विकास के संकल्प का प्रतीक बनेगा। परंपरा, तकनीक और सेवा भावना के इस अद्भुत संगम से यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत सिद्ध होगा।

श्रीराम मंदिर निर्माण के पश्चात अविस्मणीय बनेगा ध्वजारोहण कार्यक्रम

लोकल टू ग्लोबल मिशन की सबसे बड़ी मिसाल बनेगा अयोध्या का ध्वजारोहण समारोह  श्रीराम मंदिर निर्माण के पश्चात अविस्मणीय बनेगा ध्वजारोहण कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्रीराम मंदिर के शिखर पर फहराएंगे भगवा ध्वज अयोध्या के लोकल उत्पादों को ग्लोबल बना रहे विदेशी पर्यटक  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या की अर्थव्यवस्था एक बार फिर रफ्तार पकड़ने वाली है। 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज फहराएंगे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट इसकी तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है। पीएम मोदी के मार्गदर्शन व सीएम योगी के नेतृत्व में रामनगरी नव्यता, दिव्यता व भव्यता के साथ नई आभा बिखेर रहा है। राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या में न सिर्फ समूचा भारत, बल्कि विदेशी पर्यटकों की संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। इससे पूरे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई मिल रही है। विदेशी पर्यटक अयोध्या के लोकल उत्पादों को ग्लोबल बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।  अर्थव्यवस्था को मिल रही है नई ऊंचाई अयोध्या में श्रीराम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के पहले से ही सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में हो रहे दीपोत्सव ने साल दर साल नया कीर्तिमान स्थापित किया और देश-विदेश के श्रद्धालुओं को अयोध्या की तरफ आकर्षित किया। अब अयोध्या में होने वाले ध्वजारोहण में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे न केवल स्थानीय व्यापारियों के रोजगार में और वृद्धि होगी, बल्कि लघु उद्यमियों और हस्तशिल्पियों के व्यापार को भी गति मिलेगी। होटल और लॉज तेजी के साथ बुक हो रहे हैं। अयोध्या में पर्यटकों की संख्या बढ़ने से रेस्टोरेंट और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की आय में भी वृद्धि होनी है। पर्यटक हस्तशिल्प और हथकरघा उद्योग के तहत बनने वाली मूर्तियों, बैग, कपड़े और सामानों की बड़ी तादाद में खरीदारी करते हैं। इससे स्थानीय छोटे और मझोले व्यावसायियों को भी बड़ा बाजार मिलता है।  बड़े आयोजनों के समय ट्रांसपोर्ट सेक्टर की भी कमाई में बड़ा उछाल आता है। लाखों की संख्या में तीर्थयात्रियों को भ्रमण करने के लिए ई-रिक्शा, ऑटो, बस, कार और टूरिस्ट बसों की आवश्यकता होती है। ऐसे में टूर-ट्रैवल्स व्यवसाय से जुड़े लोगों की आय में भी वृद्धि होती है।   उत्तर प्रदेश की आय में अयोध्या का बड़ा योगदान    राम मंदिर बनने के बाद अयोध्या ने अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं तो इसका श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जाता है, क्योंकि उनके अथक परिश्रम से ही यह संभव हो सका। अयोध्या का विकास सिर्फ सांस्कृतिक और धार्मिक चेतना का प्रतीक ही नहीं, बल्कि विकास और समृद्धि का भी परिचायक है। राम मंदिर बनने के बाद 2024 में करीब 16.44 करोड़ तीर्थयात्रियों ने रामलला के दर्शन किए, जो अपने आप में रिकॉर्ड है। जनवरी-जून 2025 में अयोध्या में रिकॉर्डतोड़ 23.82 करोड़ से अधिक तीर्थयात्री आ चुके हैं। इसकी वजह से अयोध्या की अर्थव्यवस्था तेजी के साथ बढ़ रही है। राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद पर्यटकों की संख्या में 40%-50% की तेजी आई है।  स्थानीय हस्तशिल्पकारों की आय में वृद्धि अयोध्या विकास और समृद्धि के लिए देश में रोल मॉडल बन चुकी है। मंदिर पर्यटन के क्षेत्र में अयोध्या ने एक रिकॉर्ड बनाया है। बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों के आने से स्थानीय हस्तशिल्पकारों को भी काफी रोजगार मिल रहा है। हथकरघा उद्योग भी फल-फूल रहा है। राम मंदिर निर्माण के बाद स्थानीय हस्तशिल्पकारों की संख्या में 25% से अधिक वृद्धि देखी गई है। इनकी आय भी कई गुना बढ़ गई है। पहले रोजाना इनकी आमदनी 200-300 रुपये थी, अब ये 1000 से 1500 रुपये कमा रहे हैं। विशेष दिनों में तो इनकी कमाई कई गुना बढ़ जाती है। इसी तरह दीपोत्सव के दौरान स्थानीय कारोबारियों के साथ ही निम्न आय वालों (कुम्हार, फूल, नाविक आदि) को भी बड़ी आय हुई। दीपोत्सव के दौरान लाखों पर्यटक अयोध्या आए थे। 90 फीसदी होटल बुक थे। रेस्टोरेंट, प्रसाद की दुकानों, फोटो और मूर्तिकारों ने बड़ा मुनाफा कमाया। अयोध्या में दीपोत्सव के दौरान 5 करोड़ से ज्यादा की आय दर्ज की गई।  तीर्थयात्रा से जुड़े उद्योगों को बड़ा मुनाफा अयोध्या में राम मंदिर बनने के बाद तीर्थयात्रा से जुड़े उ‌द्योगों का वार्षिक कारोबार दिनों दिन बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में केवल आर्थिक विकास ही नहीं हुआ, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती मिल रही है। उत्तर प्रदेश में मंदिर और उससे जुड़ी गतिविधियों ने उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में करीब ₹1.25 लाख करोड़ का योगदान किया है। आंकड़ों के मुताबिक 2023 में अयोध्या आने वाले पर्यटकों की संख्या 5.76 करोड़ थी, जो 2024 में बढ़कर 16.44 करोड़ तक पहुंच गई।   ODOP से  अयोध्या के उत्पाद विदेश पहुंचे ODOP के तहत अयोध्या के हथकरघा और अन्य उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच रहे हैं। अयोध्या में पीढ़ियों से पारंपरिक रूप से गुड़ बनाने की प्रक्रिया चली आ रही है । इस जनपद की कुल कृषि योग्य भूमि के 20 % भाग पर गन्ने की खेती होती है । यह जनपद गुड़ और इससे जुड़े अन्य उत्पाद यथा गज़क, लड्डू , चिक्की , गुड़ के लड्डू इत्यादि तैयार करता है । अयोध्या आने वाले पर्यटक गुड़ और उससे जुड़े उत्पाद भी खरीदकर अपने साथ ले जाते हैं। इससे गन्ना उत्पादकों और गुड़ कारोबारियों को भी लाभ हो रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे उत्सव का शुभारंभ, जनजातीय समाज को समर्पित होगा पूरा सप्ताह

धरती आबा बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती पर जनजाति भागीदारी उत्सव से गूंजेगा लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे उत्सव का शुभारंभ, जनजातीय समाज को समर्पित होगा पूरा सप्ताह 13 से 18 नवम्बर तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान बनेगा जनजातीय संस्कृति का संगम स्थल देशभर की जनजातियों के लोकनृत्य, लोकगीत और शिल्पकला से सजेगा छह दिवसीय महोत्सव अरुणाचल प्रदेश बनेगा सह-आमंत्रित राज्य, पूर्वोत्तर भारत की झलक पेश करेगा विशेष मंडप 1090 चौराहे से निकलेगी भव्य सांस्कृतिक समागम शोभा यात्रा, जनजातीय रंगों से सजेगी राजधानी मुखौटा प्रदर्शनी, धरती आबा नाटक, माटी कला और जनजातीय व्यंजनों का ‘जेवनार’ बनेंगे उत्सव के आकर्षण शिल्प मेला से लेकर सांस्कृतिक संध्या तक, जनजातीय आत्मगौरव का होगा भव्य उत्सव जनजातीय समाज के उत्थान और आत्मनिर्भरता के लिए संकल्पबद्ध है योगी सरकार प्रधानमंत्री वन धन योजना से जनजातीय समुदायों को मिल रहा आजीविका सृजन का नया आधार प्रदेश के 517 जनजाति बाहुल्य ग्रामों में ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ से आया विकास का नया सवेरा वनाधिकार अधिनियम 2006 के अंतर्गत बुक्सा, गोंड, बैगा, थारु और सहरिया जनजातियों को मिला आवास का अधिकार मुख्यमंत्री आवास योजना से अब वनवासी परिवारों के जीवन में आया स्थायित्व और सम्मान एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों और जयप्रकाश नारायण सर्वोदय छात्रावासों से जनजातीय बच्चों को मिल रही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा लखीमपुर-खीरी, बहराइच, सोनभद्र और ललितपुर में एकलव्य विद्यालय 09 राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में जनजातीय छात्र-छात्राओं को मिल रही निःशुल्क शिक्षा, आवास, वस्त्र और पुस्तकें थारु, बुक्सा, भोटिया, जौनसारी और राजी समेत प्रदेश की जनजातियाँ बन रही हैं ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ की नई शक्ति बलरामपुर के इमिलिया कोडर में थारू जनजाति संग्रहालय स्थापित, मीरजापुर, सोनभद्र और महराजगंज में नए संग्रहालयों की स्थापना प्रक्रियाधीन लखनऊ  धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में राजधानी लखनऊ में गुरुवार से 'जनजाति भागीदारी उत्सव' का भव्य शुभारंभ होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस ऐतिहासिक आयोजन का उद्घाटन करेंगे। छह दिवसीय यह महोत्सव 13 से 18 नवंबर तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित होगा, जो देश की विविध जनजातीय संस्कृतियों का अद्वितीय संगम बनेगा। जनजातीय अस्मिता, कला, परंपरा और जीवन मूल्यों का यह उत्सव “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” की भावना को नई ऊंचाई देगा। पूरे सप्ताह राजधानी लखनऊ जनजातीय रंगों से सजेगी। 1090 चौराहे से भव्य सांस्कृतिक शोभा यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें देशभर की जनजातियों के लोकनृत्य, पारंपरिक परिधान, मुखौटे और वाद्ययंत्र झांकियों के रूप में दिखाई देंगे। अरुणाचल प्रदेश इस आयोजन का सह-आमंत्रित राज्य होगा और पूर्वोत्तर भारत की सांस्कृतिक झलक प्रस्तुत करेगा। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के प्रांगण में जनजातीय शिल्प मेला, लोकनृत्य-लोकगीत प्रस्तुतियां, मुखौटा प्रदर्शनी, धरती आबा नाटक और माटी कला प्रदर्शन विशेष आकर्षण रहेंगे। साथ ही, जनजातीय व्यंजनों का “जेवनार” (फूड फेस्ट) भी आगंतुकों को वनवासी समाज की परंपरागत स्वाद संस्कृति से परिचित कराएगा। सुबह 11 बजे से मेला और प्रदर्शनी खुलेंगे, जबकि प्रतिदिन शाम 5 से 9 बजे तक सांस्कृतिक संध्या में देश के 18 राज्यों के 600 से अधिक कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। बता दें कि बीते साढ़े 08 वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जे जनजातीय समाज के समग्र उत्थान को अपनी प्राथमिकता में रखा है। प्रधानमंत्री वन धन योजना के तहत राज्य के जनजातीय समुदायों को आजीविका सृजन का नया आधार मिला है। प्रदेश के 517 जनजाति बाहुल्य ग्रामों में संचालित धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान से विकास और सशक्तिकरण की नई दिशा मिली है। इसी तरह, वनाधिकार अधिनियम 2006 के अंतर्गत बुक्सा, गोंड, बैगा, थारु और सहरिया जनजातियों को आवासीय अधिकार प्राप्त हुए हैं, जिससे मुख्यमंत्री आवास योजना के जरिए वनवासी परिवारों के जीवन में स्थायित्व और सम्मान का नया अध्याय जुड़ा है। शिक्षा के क्षेत्र में राज्य सरकार ने जनजातीय बालकों के भविष्य को मजबूत आधार दिया है। एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय और जयप्रकाश नारायण सर्वोदय छात्रावासों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की नई राह खुली है। लखीमपुर-खीरी, बहराइच, सोनभद्र और ललितपुर में एकलव्य विद्यालय संचालित हैं, जबकि नौ राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में जनजातीय छात्र-छात्राओं को निःशुल्क आवास, वस्त्र, पुस्तकें और शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य की थारु, बुक्सा, भोटिया, जौनसारी और राजी जनजातियाँ आज विकसित उत्तर प्रदेश की नई शक्ति बनकर उभर रही हैं। बलरामपुर के इमिलिया कोडर में थारू जनजाति संग्रहालय स्थापित किया गया है, जबकि मीरजापुर, सोनभद्र और महराजगंज में नए जनजातीय संग्रहालयों की स्थापना प्रक्रिया में है।

अयोध्या: रामलला मंदिर में ध्वजारोहण कल, दर्शन व्यवस्था में किए गए अहम बदलाव

अयोध्या अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण कार्यक्रम के समय और आम दर्शनार्थियों के प्रवेश को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है। यह कार्यक्रम एक विशेष और भव्य आयोजन होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे, जिसके कारण आम भक्तों के लिए दर्शन के समय में बदलाव किया गया है। ध्वज का आकार त्रिकोणीय होगा और यह लगभग 205 फीट की ऊंचाई पर लहराएगा। ध्वज दंड की ऊंचाई 44 फीट है। ध्वज केसरिया रंग का होगा, जिस पर ओम लिखा होगा, और यह पैराशूट फैब्रिक से बना होगा। राम मंदिर में ध्वजारोहण का समय दिन 12 बजे होगा। 11 बजे देश के प्रधानमंत्री मंदिर में प्रवेश करेंगे। इसी के साथ सभी अतिथियों को सुबह 9 बजे तक आने के लिए कहा गया है। जगद्गुरु रामानंदाचार्य द्वार से सभी अतिथियों का स्वागत किया जाएगा। वहीं अगर आम श्रद्धालुओं की बात की जाए तो उन्हें 25 नवंबर को राम मंदिर में प्रवेश नहीं मिलेगा। यदि आप भी इन दिनों के दौरान आने की सोच रहे है तो अपने प्लान को स्थगित कर दें। समारोह के दौरान सभी मेहमानों को अंदर 18 मंदिरों के दर्शन करने का मौका मिलेगा। इस दौरान किसी भी तरह की अफरा-तफरा न मचे इसके लिए पूरी तरह व्यवस्था का इतंजाम किया हुआ है।

दिल्ली ब्लास्ट केस में नया मोड़ः डॉ. शाहीन की सोच और विदेशी सपनों का राज़ खोला पूर्व पति ने

कानपुर फरीदाबाद से गिरफ्तार डॉ शाहीन के कारनामे से उसके पूर्व पति डॉ जफर हयात भी सदमे में हैं। कानपुर के एक सरकारी अस्पताल में बतौर नेत्र रोग विशेषज्ञ काम कर रहे डॉ जफर कहते हैं कि हमारी शादी सिर्फ 10 साल ही चली। 2003 में शादी होने के बाद 2012 के लास्ट में तलाक हो गया। तलाक की ठोस वजह के बारे में डॉक्टर जफर को आज तक खुद कुछ नहीं मालूम है। वह कहते हैं कि मुझे इसका जवाब आज तक नहीं पता चला। दोनों के दो बेटे हैं जो कि डॉक्टर जफर के पास ही हैं। तलाक के बाद कभी शाहीन ने डॉ जफर से संपर्क भी नहीं किया। वह बताते हैं कि शाहीन को बुर्का पहनना बिल्कुल भी पसंद नहीं था। वह रिश्तेदार और दोस्त परिवार से भी ज्यादा तालुकात नहीं रखती थी। हालांकि वह अपने परिवार की देखभाल बेहतर पत्नी और मां की तरह करती थी। हालांकि इसका ज्यादातर वक्त लैपटॉप के साथ ही बीतता था। तलाक के बाद एक बार भी उसने बच्चों से संपर्क तक नहीं किया।   डॉ. शाहीन कभी कानपुर मेडिकल कॉलेज में पढ़ाती थी। इसे लेकर मंगलवार को एटीएस की एक टीम जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज पहुंची थी। टीम ने शाहीन के बारे में मेडिकल कालेज प्रबंधन से जानकारी जुटाई। एटीएस ने शाहीन के दस्तावेजों के बारे में पूछा इसके साथ ही मेडिकल कालेज में रहने के दौरान उसकी गतिविधियों और दोस्तों के बारे में भी जानकारी जुटाई। सूत्र बताते हैं कि एटीएस को इसमें कुछ खास जानकारी हासिल नहीं हो सकी। ऐसे में संभावना जतायी जा रही है कि एक दो दिनों में एनआईए की टीम भी कानपुर आ सकती है। कानपुर के पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि एटीएस के अधिकारी शाहीन से जुड़ी जानकारियों के सिलसिले में आए थे। उन्होंने बताया कि कमिश्नरेट पुलिस जांच एजेंसियों के संपर्क में है। सुरक्षा और आतंकी गतिविधियों से जुड़ी हर जानकारी जांच एजेंसियों से साझा की जा रही है। जैश-ए-मोहम्मद से कनेक्शन जांच एजेंसियों का दावा है कि डॉ. शाहीन प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की महिला इकाई जमात-उल-मोमिनात का हिस्सा है। उसके जिम्मे भारत में आतंकी संगठन की महिला विंग बनाने का काम था। वह कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के फार्माकोलॉजी विभाग में सात साल तक प्रोफेसर रही। बताया जा रहा है कि डॉ.शाहीन पाकिस्तान में बैठे हैंडलर के संपर्क में थी। डॉ. शाहीन ने उसने डॉ.जफर हयात से शादी की थी मगर 2012 में तलाक हो गया। इसके बाद डॉ. शाहीन ने फरीदाबाद की अल फलाह विवि में काम शुरू किया। पिता सईद अहमद अंसारी ने बताया कि जब उन्हें पता चला कि शाहीन ऐसे काम में लिप्त है तो पैरों तले जमीन खिसक गई। पिता की शाहीन से एक महीने पहले बात हुई थी। पिता ने कभी डॉ. मुज्जमिल का नाम भी नहीं सुना था। खुफिया के अनुसार जैश अब आईएसआई की रणनीति के तहत महिलाओं को भी आतंकी संगठन में शामिल कर रहा है। जैश के सरगना मसूद अजहर के नाम से जारी पत्र के जरिए जमात-उल-मोमिनात की घोषणा की गई थी। इसका प्रमुख सादिया अजहर को बनाया गया था।  

हॉकी विश्वकप ट्रॉफी पहुंची उत्तर प्रदेश, सीएम योगी बोले- यह प्रदेशवासियों के लिए गौरव का पल

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तमिलनाडु में होने वाले एफआईएच हॉकी पुरुष जूनियर विश्व कप 2025 की प्रतिष्ठित ट्रॉफी का बुधवार को भव्य स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि लखनऊ में एफआईएच हॉकी पुरुष जूनियर विश्व कप 2025 की प्रतिष्ठित ट्रॉफी का स्वागत करना मेरे और प्रदेशवासियों के लिए आह्लादित करने वाला क्षण है। जूनियर पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप में भारत, चीन, बेल्जियम जापान, स्पेन, न्यूजीलैंड चिली, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया समेत 24 टीम हिस्सा ले रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में इस ट्रॉफी का आना यूपी के स्वर्णिम इतिहास का स्मरण कराने वाला क्षण है। हॉकी इंडिया में उत्तर प्रदेश का योगदान अविस्मरणीय है। सीएम योगी ने हॉकी के जादूगर के रूप में विख्यात मेजर ध्यानचंद को भी याद किया। उन्होंने कहा कि मेजर ध्यानचंद ने उत्तर प्रदेश की धरती में जन्म लिया था। उनके नेतृत्व में भारतीय हॉकी टीम ने तीन ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने में सफलता प्राप्त की थी। हमारी सरकार मेरठ में मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का निर्माण कर रही है। इस वर्ष से पहला सत्र प्रारंभ हो चुका है। मुख्यमंत्री ने हॉकी के यशस्वी खिलाड़ी केडी सिंह बाबू का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह भी उत्तर प्रदेश में जन्मे थे। उनकी स्मृति को जीवंत रखने के लिए बाराबंकी में उनके निवास को एक म्यूजियम के रूप में बनाया जा रहा है। सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश हॉकी खिलाड़ियों का भी जिक्र किया और कहा कि प्रदेश ने अनेक ऐसे खिलाड़ी दिए हैं, जिन्होंने हॉकी इंडिया को सम्मान दिलाया। सीएम योगी ने पद्म पुरस्कार से सम्मानित मोहम्मद शाहिद, अशोक कुमार, रवींद्र पाल, सैयद अली, डॉ. आरपी सिंह, सुजीत कुमार, अब्दुल अजीज, सुबोध खांडेकर, रजनीश मिश्र, मोहम्मद शकील, देवेश चौहान, एमपी सिंह, जगवीर सिंह, राहुल सिंह, विवेक सिंह, ललित उपाध्याय, दानिश मुतजबा, राजकुमार पाल, प्रेम माया, रंजना श्रीवास्तव, मंजू बिष्ट, पुष्पा श्रीवास्तव, और प्रीति दुबे जैसे हॉकी के खिलाड़ियों के योगदान को भी याद किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्तमान में भी उत्तर प्रदेश के राजकुमार पाल, उत्तम सिंह, विष्णुकांत सिंह, मुमताज, साक्षी, ज्योति, पूर्णिमा महिला व पुरुष वर्ग की सीनियर-जूनियर भारतीय टीम में चयनित होकर प्रदेश और देश को गौरवान्वित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप से जुड़े समस्त पदाधिकारियों का लखनऊ आगमन पर स्वागत करते हुए एफआईएच हॉकी पुरुष जूनियर विश्व कप 2025 के सफल आयोजन की भी शुभकामना दी। उन्होंने विश्वकप में भारतीय खिलाड़ियों के सफलता की मंगलकामना भी की। बता दें कि एफआईएच हॉकी पुरुष जूनियर विश्व कप 2025 का आयोजन 28 नवंबर से 10 दिसंबर तक चेन्नई और मदुरै में होगा। टूर्नामेंट में पहली बार 24 टीमें भाग लेंगी। मेजबान भारत, जिसने वर्ष 2001 और 2016 में यह खिताब जीता था, इस बार घरेलू धरती पर तीसरी बार खिताब जीतने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगा।

रामनगरी में हड़कंप! संदिग्ध बैग मिलने से मचा हंगामा, बम डिस्पोजल टीम ने किया जांच शुरू

अयोध्या  दिल्ली में ब्लास्ट के बीच रामनगरी अयोध्या में सर्किट हाउस के समीप रोडवेज बस स्टैंड के पास एक लावारिस बैग मिलने से सनसनी फैल गई। हाई अलर्ट होने से सुरक्षा एजेंसियां तत्काल हरकत में आ गईं। कोतवाली नगर क्षेत्र के बस स्टॉप पर करीब दो घंटे से एक काला बैग एक ही जगह पड़ा देख स्थानीय लोगों ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी थी। सूचना मिलते ही अयोध्या पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा और पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया। 

स्लीपर सेल हुई सक्रिय, अयोध्या-काशी और राम मंदिर पर था आतंकी हमला तय

लखनऊ अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार आतंकियों से पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक अयोध्या का राम मंदिर और वाराणसी आतंकियों के निशाने पर था, जिसके लिए उन्होंने मॉड्यूल तैयार कर रखा था. अयोध्या में भी आतंकी विस्फोट करना चाहते थे. इसके लिए गिरफ्तार हो चुकी शाहीन ने अयोध्या के स्लीपर मॉड्यूल को एक्टिवेट कर रखा था. अयोध्या में ये सारे घटनाक्रम को अंजाम तक पंहुचाते उससे पहले ही इन आतंकियों की गिरफ्तारी और विस्फोटक बरामद हो गए. सूत्र बताते हैं की दरअसल, लाल किला में ब्लास्ट करने की योजना नहीं थी. ऐसा अभी तक जांच में लग रहा है. क्योंकि विस्फोटक में टाइमर या किसी दूसरी चीज़ो का इस्तेमाल नहीं किया गया. हड़बड़ी और जल्दबाज़ी में ब्लास्ट हो गया. अस्पताल और भीड़भाड़ वाली जगहें निशाने पर थीं आतंकियों से पूछताछ में पता चला है की ये मॉड्यूल अस्पतालो को टारगेट करना चाहता था ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को नुकसान हो. इन आतंकियों के हिट लिस्ट में अस्पताल और भीड़ भाड़ वाली जगह थी. लगातार छापेमारी के बाद भारी मात्रा में विस्फोटक व हथियार बरामद करने के बाद सुरक्षा एजेंसीज के सामने इस वक़्त सबसे बड़ी चुनौती है बचे हुए 300 किलोग्राम के अमोनियम नाइट्रेट को बरामद करना. जिसका अभी तक पता नहीं चल पाया है. सूत्रों की माने तो 2900 किलोग्राम विस्फोटक अबतक एजेंसी बरामद कर चुकी है. 300KG अमोनियम नाइट्रेट की खोज जारी अलग-अलग जरियों से आया 300 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट अभी भी आतंकियों ने कहीं छिपा रखा है, जिसके लिए देश के कई हिस्सों में छापेमारी चल रही है. जांच और सुरक्षा एजेंसियां लगातार छापेमारी कर पूरे मॉड्यूल का खुलासा करने की कोशिश कर रही है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक गिरफ्तार आतंकियों तक ये विस्फोटक बांग्लादेश के रास्ते नेपाल और फिर हिन्दुस्ततान आया था. किसी फर्टीलाइजर से उक्त अमोनियम नाइट्रेट को चोरी से हासिल किया गया है. आतंकियों द्वारा कुल 3200 किलोग्राम की खेप आई है.  

विशेष आर्टिकल- नंद बाबा दुग्ध मिशन: यूपी में डेयरी क्रांति, किसानों की आय बढ़ी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था बनी आत्मनिर्भर

लखनऊ नंद बाबा दुग्ध मिशन (Nand Baba Dugdh Mission) उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 6 जून 2023 को लॉन्च किया गया। यह मिशन भगवान कृष्ण (नंद बाबा) के नाम पर नामित है, जो गौ-पालन की सांस्कृतिक परंपरा को आर्थिक शक्ति से जोड़ता है। ₹1000 करोड़ की लागत से 5 वर्षीय (2023-2028) यह योजना दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, किसानों की आय दोगुनी करने और देसी गायों के संरक्षण पर केंद्रित है। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह द्वारा अनावरणित, यह हर गांव में दुग्ध सहकारी समितियां गठित कर दूध का उचित मूल्य सुनिश्चित करती है। UP Dairy Policy 2022 के साथ एकीकृत, मिशन ने 2025 तक 4,922 नई समितियां स्थापित कीं, दूध उत्पादन 38.78 मिलियन टन (देश का 16%) पहुंचाया। मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना जैसे उप-योजनाओं से ₹11.80 लाख तक सब्सिडी मिल रही है, जो ग्रामीण रोजगार और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दे रही है। यह PM मोदी के आत्मनिर्भर भारत विजन का हिस्सा है। मिशन का उद्देश्य: दुग्ध उत्पादन से आत्मनिर्भरता तक मिशन का मुख्य लक्ष्य दुग्ध उत्पादकों को गांव स्तर पर उचित मूल्य प्रदान करना और देसी नस्लों (साहीवाल, गिर, थार पारकर) को प्रोत्साहित करना है। प्रमुख उद्देश्य: •    आय वृद्धि: किसानों की मासिक आय ₹5,000 से बढ़ाकर ₹50,000+ करना। •    संरक्षण: देसी गायों की संख्या बढ़ाना, स्ट्रे कैटल प्रबंधन। •    रोजगार: 1 करोड़+ ग्रामीण नौकरियां (विजन 2047)। •    मार्केटिंग: UP Mart लिंकेज से निर्यात बढ़ावा। •    महिला फोकस: SHG के माध्यम 41,000+ महिलाओं को जोड़ना। मिशन की प्रमुख योजनाएं: विस्तृत संरचना मिशन के तहत 4 मुख्य उप-योजनाएं संचालित हैं, जो FPOs, सहकारी संस्थाओं और निजी उद्यमियों को लाभ पहुंचाती हैं: योजना का नाम    विवरण    लाभ/सब्सिडी    लक्ष्य (2025-26) नंदिनी कृषक समृद्धि योजना    10 दुधारू देसी गायों की इकाई स्थापना; प्रशिक्षण और फीड सहायता।    ₹11.80 लाख तक (50% अनुदान, कुल लागत ₹23.60 लाख)    600 इकाइयां (प्रदेश स्तर) मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना    2 दुधारू देसी गायों पर फोकस; चारा/आहार इकाई स्थापना।    ₹80,000 तक अनुदान (2 गायों के लिए)    2,100 इकाइयां (75 जिलों में) मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना    8-12 लीटर दूध वाली गाय: ₹10,000; 12+ लीटर: ₹15,000 प्रोत्साहन।    ₹10,000-₹15,000/गाय    11,000+ देसी गायें प्रारंभिक दुग्ध सहकारी समिति गठन    गांव स्तर पर समितियां; डिजिटल भुगतान और बाजार लिंकेज।    5% ब्याज सब्सिडी (₹1 करोड़ तक)    8,600+ समितियां (नई 4,922) आवेदन प्रक्रिया: •    ऑनलाइन पोर्टल: nandbabadugdhmission.up.gov.in पर रजिस्ट्रेशन। •    दस्तावेज: आधार, बैंक पासबुक, भूमि प्रमाण-पत्र। •    चयन: ई-लॉटरी + जिला समिति सत्यापन (अंतिम तिथि: 23 अगस्त 2025 मिनी नंदिनी के लिए)। •    हेल्पलाइन: 1800-XXX-XXXX (जल्द शुरू)। प्रभाव: 2025 तक ₹36 लाख करोड़ निवेश प्रस्ताव, NPA 2.5% से कम, मार्केट साइज ₹1,837 अरब (CAGR 14%)। प्रेरक उदाहरण: मिशन से जीवन परिवर्तन 1.    झांसी की बालिनी SHG (महिला समूह): नंदिनी योजना से 10 गायों की इकाई। ₹150 करोड़ टर्नओवर, 41,000 महिलाएं लाभान्वित। "मिशन ने हमें आत्मनिर्भर बनाया।" 2.    चंदौली के रामू यादव (स्वदेशी गौ-संवर्धन): 2 गायों पर ₹80,000 अनुदान। मासिक आय ₹50,000, पलायन रुका। 3.    गाजियाबाद के पशुपालक (प्रगतिशील योजना): 12 लीटर वाली गाय पर ₹15,000। 11,000 देसी गायें जिले में, आय दोगुनी। योगी आदित्यनाथ की दृष्टि: मिशन पर प्रेरक उद्धरण CM योगी ने मिशन को 'गौ-रक्षा की आर्थिक क्रांति' बताया: •    लॉन्च समारोह (6 जून 2023): "नंद बाबा मिशन से किसानों की आय दोगुनी होगी। ₹1000 करोड़ से देसी गायें संरक्षित, ग्रामीण UP आत्मनिर्भर बनेगा।" •    बजट समीक्षा 2025: "मिशन से 1 करोड़ नौकरियां। स्वदेशी गौ-संवर्धन से सांस्कृतिक धरोहर आर्थिक शक्ति बनेगी।" •    NDDB MoU (जून 2025): "नंद बाबा + डेयरी पॉलिसी से UP दूध उत्पादन में नंबर-1। महिलाओं को प्राथमिकता।" •    X पर योगी जी: #NandBabaMission – "एक गाय, एक परिवार की समृद्धि!" निष्कर्ष: नंद बाबा – UP का दुग्ध भविष्य नंद बाबा दुग्ध मिशन ने देसी गायों को आर्थिक इंजन बनाया, जहां ₹11.80 लाख सब्सिडी से लाखों किसान सशक्त हो रहे हैं। योगी सरकार का यह प्रयास विकसित भारत-2047 का आधार बनेगा। आवेदन करें, आत्मनिर्भर बनें! जय किसान! जय उत्तर प्रदेश!

विशेष आर्टिकल-उत्तर प्रदेश में गिर गाय का महत्व: विशेषताएं, फायदे और ग्रामीण विकास में योगदान

लखनऊ  गिर गाय (Gir Cow) भारत की सबसे प्रसिद्ध देसी दुधारू नस्लों में से एक है, जो गुजरात के गिर अभयारण्य क्षेत्र से उत्पन्न हुई। मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना और नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत उत्तर प्रदेश में गिर गाय को प्राथमिकता दी जा रही है, जहां 2025 तक 11,000+ गिर गायें वितरित हो चुकी हैं। योगी सरकार ने ₹80,000 तक अनुदान (2 गायों पर) से किसानों को यह नस्ल उपलब्ध कराई, जिससे दूध उत्पादन 8-12 लीटर/दिन और आय ₹50,000+ मासिक तक पहुंची। गिर गाय का दूध A2 प्रोटीन युक्त, उच्च FAT (4.5-5.5%) और स्वास्थ्यवर्धक होता है, जो डायबिटीज, हृदय रोग में लाभकारी है। यह नस्ल गर्मी, रोग प्रतिरोधक और कम रखरखाव वाली है, जो UP Dairy Policy 2022 के तहत आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार बन रही है। गिर गाय की प्रमुख विशेषताएं: वैज्ञानिक और व्यावहारिक विश्लेषण विशेषता    विवरण    लाभ (UP संदर्भ में) 1. शारीरिक संरचना    – रंग: लाल-भूरा (गहरा लाल से हल्का भूरा)। – सींग: गोलाकार, पीछे की ओर मुड़े हुए। – कान: लटकते हुए, बड़े। – कूबड़: मध्यम आकार। – वजन: वयस्क गाय 350-450 किग्रा, बैल 550-650 किग्रा।    – आकर्षक दिखावट: बाजार में उच्च मूल्य। – कम स्थान: UP के छोटे फार्म में उपयुक्त। 2. दूध उत्पादन क्षमता    – प्रतिदिन: 8-12 लीटर (औसत), अधिकतम 20+ लीटर। – लैक्टेशन पीरियड: 280-300 दिन। – वार्षिक: 2,500-3,500 लीटर। – FAT: 4.5-5.5%, SNF 8.5-9%।    – उच्च आय: ₹50/लीटर पर ₹4,000-6,000 मासिक (2 गायें)। – A2 दूध: प्रीमियम मूल्य (₹80-100/लीटर)। 3. दूध की गुणवत्ता    – A2 बीटा-कैसिन: एलर्जी-मुक्त, पाचन में आसान। – उच्च कैल्शियम, प्रोटीन: बच्चों/बुजुर्गों के लिए आदर्श। – प्राकृतिक एंटीबॉडी: रोग प्रतिरोधक।    – स्वास्थ्य बाजार: UP Mart/Amul पर डिमांड। – निर्यात: G20 गिफ्टिंग में चयन। 4. पर्यावरण अनुकूलता    – गर्मी सहनशील: 45°C तक। – कम चारा: 25-30 किग्रा हरा/5-6 किग्रा सूखा चारा। – रोग प्रतिरोधक: खुरपका-मुंहपका, ब्रूसेलोसिस।    – UP जलवायु: गर्मी/सूखे में जीवित। – कम लागत: ₹1,500 मासिक रखरखाव। 5. प्रजनन और दीर्घायु    – पहला ब्यांत: 36-40 माह। – ब्यांत अंतराल: 12-14 माह। – उम्र: 15-18 वर्ष (10+ लैक्टेशन)।    – दीर्घकालिक लाभ: 1 गाय से 10+ बछड़े। – बछड़ा मूल्य: ₹30,000-50,000। 6. आर्थिक लाभ    – गोबर: 15-20 किग्रा/दिन (खाद/गैस)। – गौमूत्र: 5-7 लीटर/दिन (पेंट/दवा)।    – अतिरिक्त आय: ₹10,000+ मासिक (गोबर पेंट)। उत्तर प्रदेश में गिर गाय का योगदान: योगी सरकार की योजनाओं से •    स्वदेशी गौ संवर्धन योजना: 2 गिर गायें + ₹80,000 अनुदान → 50 लीटर दूध/दिन। •    नंदिनी योजना: 10 गिर गायें + ₹11.80 लाख → 120 लीटर/दिन। •    NDDB-PCDF MoU: गुजरात से उच्च गुणवत्ता गिर गायें आयात, कानपुर प्लांट में प्रोसेसिंग। •    परिणाम: 38.78 मिलियन टन दूध में 10%+ गिर नस्ल योगदान। 41,000+ SHG महिलाएं लाभान्वित। प्रेरक उदाहरण: UP में गिर गाय से समृद्धि 1.    गाजीपुर के अमितेश सिंह (SC किसान):  o    2024: 2 गिर गायें + ₹80,000। o    2025: 60 लीटर दूध/दिन, ₹40,000 मासिक। A2 दूध से प्रीमियम बिक्री। 2.    झांसी SHG (मीरा देवी):  o    10 गिर गायें नंदिनी से। o    अब: ₹1 लाख मासिक, गोबर पेंट निर्यात। योगी आदित्यनाथ का उद्धरण •    लॉन्च 2023:  "गिर गाय हमारी देसी धरोहर। ₹80,000 अनुदान से किसान आत्मनिर्भर, A2 दूध से स्वास्थ्य क्रांति!" निष्कर्ष: गिर गाय – UP का दुग्ध स्वर्ण गिर गाय A2 दूध, कम रखरखाव और उच्च लाभ से योगी सरकार की डेयरी क्रांति का प्रतीक है। आवेदन करें, गिर गाय अपनाएं! जय किसान! जय उत्तर प्रदेश!