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लखीमपुर खीरी की माटी से बने 25 हजार इको-फ्रेंडली दीयों से जगमगाएगी रामनगरी अयोध्या

दीपोत्सव-2025 योगी सरकार का दीपोत्सव-25 जनसहभागिता, स्वावलंबन और पर्यावरण संरक्षण का बना प्रतीक लखीमपुर खीरी की माटी से बने 25 हजार इको-फ्रेंडली दीयों से जगमगाएगी रामनगरी अयोध्या महिला स्वयं सहायता समूह की दीदियों ने संभाली दीपोत्सव-25 की कमान सीएम योगी के इको-फ्रेंडली दीपोत्सव संकल्प को जनआंदोलन बना रहीं प्रदेश की महिलाएं प्रति दीया ₹5 की आय से महिलाओं ने अर्जित किए ₹1.25 लाख, दीपोत्सव बना आत्मनिर्भरता का अवसर दीपोत्सव-2025 से लौटा त्रेतायुगीन वैभव, मिट्टी और खुशबू से सजेगी रामनगरी गोबर और मिट्टी से बने प्राकृतिक दीये बिखेरेंगे रोशनी के साथ सकारात्मक ऊर्जा की खुशबू लखनऊ योगी सरकार के अयोध्या दीपोत्सव से न केवल भगवान श्रीराम की नगरी का त्रेतायुगीन वैभव पुनर्जीवित हुआ है, बल्कि यह आत्मनिर्भरता, जनसहभागिता और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक भी बन गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘इको-फ्रेंडली दीपोत्सव’ के संकल्प को साकार करने के लिए प्रदेश की आधी आबादी ने आगे आकर अपनी भूमिका निभाई है। अयोध्या में होने वाले नौवें दीपोत्सव-2025 को दिव्य और भव्य बनाने के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों की दीदियों ने अहम योगदान दिया है। इस वर्ष लखीमपुर खीरी की माटी से बने 25 हजार इको-फ्रेंडली दीये अयोध्या धाम की पवित्र भूमि पर रोशनी बिखेरेंगे। ये दीये खीरी की माटी और जड़ी-बूटियों की प्राकृतिक खुशबू से तैयार किए गए हैं, जो रामनगरी की फिजाओं में प्रकाश के साथ सकारात्मक सुगंध भी फैलाएंगे। इसके अलावा, प्रदेश के कई अन्य जिलों की महिलाओं ने भी दीपोत्सव-25 के लिए हजारों की संख्या में दीये भेजे हैं। 3 स्वयं सहायता समूहों की 44 महिलाओं ने बनाए 25 हजार दीये लखीमपुर खीरी की जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में अयोध्या का दीपोत्सव अब जनसहभागिता, स्वावलंबन और पर्यावरण संरक्षण का जीवंत उदाहरण बन गया है। इसी के तहत लखीमपुर की तीन स्वयं सहायता समूहों की 44 महिलाओं ने प्रभु श्रीराम की नगरी को आलोकित करने के लिए 25 हजार दीये तैयार किए। उन्होंने बताया कि “लखीमपुर की रौशनी से समृद्धि की दिवाली” की थीम पर अयोध्या में दीये भेजने की तैयारी जुलाई माह से ही प्रारंभ कर दी गई थी। इन दीयों को बनाने में महिलाओं का उत्साह देखते ही बनता था। मुख्यमंत्री योगी की मंशा के अनुरूप महिलाओं को आत्मनिर्भर व स्वावलंबी बनाने और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए बड़े पैमाने पर इस पहल को आगे बढ़ाया गया। महिलाओं को प्रति दीया 5 रुपये का भुगतान किया गया, जिससे उन्होंने कुल ₹1.25 लाख की आय अर्जित की। “मैं बहुत सौभाग्यशाली हूं, जो मुझे दीपोत्सव के लिए दीये बनाने का अवसर मिला” खीरी के धौरहरा ब्लॉक की ज्योति प्रेरणा स्वयं सहायता समूह की सदस्य ग्राम पंचायत गुदरिया की संजू देवी ने बताया कि उन्होंने पहली बार दीपोत्सव के लिए दीये तैयार किए हैं और वह बहुत खुश हैं। उन्होंने कहा कि दीये बनाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से आधुनिक चाक उपलब्ध कराई गई। ग्राम पंचायत हरदी की सुंदर प्रेरणा स्वयं सहायता समूह की सदस्य बिट्टू देवी ने बताया कि उन्हें आधुनिक इलेक्ट्रिक चाक उपलब्ध कराई गई, जिससे न केवल उत्पादन में तेजी आई, बल्कि दीयों की गुणवत्ता भी बेहतर हुई। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा दीये बनाने की यह पहल महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ी पहल है। ग्राम पंचायत हरदी की सीता प्रेरणा स्वयं सहायता समूह से जुड़ी फूलमती ने कहा कि “रामनगरी के दीपोत्सव के लिए दीये तैयार करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। इससे जहां एक ओर सांस्कृतिक परंपराएं पुनर्जीवित हुई हैं, वहीं आत्मनिर्भरता की भावना भी मजबूत हुई है।” ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण की यह मिसाल अब पूरे प्रदेश के लिए अनुकरणीय बन गई है।

भयानक सड़क हादसा: ऑटो रिक्शा में भिड़ा पिकअप, चार महिलाएं समेत सात घायल

रामनगर(बाराबंकी)  यूपी के बाराबंकी में हादसा हो गया। गोंडा-बहराइच हाईवे पर गुरुवार को महिलाहमऊ गांव के पास तेज रफ्तार पिकअप चालक ने विपरीत दिशा से आ रहे ऑटो रिक्शा में टक्कर दी। जिसमें ऑटो चालक की घटना स्थल पर ही मौत हो गई, जबकि सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सीएचसी पर प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। क्षेत्र के ग्राम धौखरिया निवासी ऑटो चालक संजीत कुमार (30) पुत्र अनूप लाल ऑटो में सवारी बैठाकर बाराबंकी से रामनगर की ओर आ रहे थे। बताते हैं थाना क्षेत्र के गोंडा-बहराइच हाईवे पर स्थित ग्राम मलिहामऊ के निकट पहुंचे तभी सामने से आ रही तेज रफ्तार पिकअप ने ऑटो में जोरदार टक्कर मार दी। जिसके चलते चालक की मौके पर ही मौत हो गई। आटो में बैठीं चार महिलाओं समेत सात लोग घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायल महिला मुन्नी देवी पत्नी जय प्रकाश व सात वर्षीय पुत्र रितेश निवासी भौका जवारीपुर, रीना पत्नी बृजेश ग्राम हजतपुर, शिवदेवी पत्नी आलोक ग्राम कटियारा को सीएचसी रामनगर पहुंचाया। जबकि गम्भीर रूप से घायल पिंकू यादव पुत्र मनोहर ग्राम कुतलुपुर को सीएचसी बड़ागांव मे भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपयार के बाद पांचों की हालत गंभीर होने के चलते चिकित्सकों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जबकि दो अज्ञात लोगों ने निजी अस्पताल में इलाज कराया है। पुलिस ने मृत ऑटो चालक के शव को कब्जे में लेकर आवश्यक लिखा पढ़ी के बाद पीएम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है।  

मुख्यमंत्री ने शिव शांति आश्रम पहुंचकर किया नमन, अनुयायियों के प्रति जताई संवेदना

सीएम योगी ने किए संत शिरोमणि साईं चांडूराम जी के अंतिम दर्शन, अर्पित की श्रद्धांजलि मुख्यमंत्री ने शिव शांति आश्रम पहुंचकर किया नमन, अनुयायियों के प्रति जताई संवेदना सीएम योगी बोले— सिंधी समाज के प्रमुख धर्मगुरु का निधन आध्यात्मिक जगत की अपूरणीय क्षति लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को लखनऊ स्थित शिव शांति आश्रम पहुंचे और आश्रम के पीठाधीश्वर संत शिरोमणि साईं चांडूराम जी के अंतिम दर्शन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने संत शिरोमणि के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की और उपस्थित शोकाकुल श्रद्धालुओं के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। मुख्यमंत्री योगी ने इस अवसर पर संत शिरोमणि साईं चांडूराम जी के पार्थिव शरीर पर केसरिया अंग वस्त्र ओढ़ाया और उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। गौरतलब है कि संत शिरोमणि साईं चांडूराम जी बुधवार को ब्रह्मलीन हो गए थे।  मुख्यमंत्री योगी ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए बुधवार को ही अपने सोशल मीडिया संदेश में लिखा था,“सिंधी समाज के प्रमुख धर्मगुरु, पूज्य श्री शांति आश्रम के पीठाधीश्वर, संत शिरोमणि श्री सांईं चांडूराम साहिब जी का निधन अत्यंत दु:खद और आध्यात्मिक समाज की अपूरणीय क्षति है। मेरी संवेदनाएं उनके शोक संतप्त अनुयायियों के साथ हैं। भगवान झूलेलाल से प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान और अनुयायियों को यह दु:ख सहने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति!” मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान आश्रम परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। सभी ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए संत शिरोमणि साईं चांडूराम जी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। श्रद्धालुजन और अनुयायी संत शिरोमणि के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हुए उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने की बात करते दिखे।

अयोध्या के कुम्हारों के जीवन में ‘दीप’ जला रही योगी सरकार

दीपोत्सव 2025 दीपोत्सव से रोशन हुए कुम्हारों के घर, अयोध्या में युवाओं को मिल रहा रोजगार अयोध्या के कुम्हारों के जीवन में ‘दीप’ जला रही योगी सरकार 2017 के बाद बदला हाल : कभी हजारों में कमाने वाले अब दीपोत्सव में कमा रहे लाखों दीपोत्सव से अयोध्या के सैकड़ों कुम्हार परिवारों को मिला रोजगार इलेक्ट्रिक चाक से बढ़ा उत्पादन, आधुनिकता और परंपरा का संगम योगी सरकार की पहल से मिट्टी के दीयों को मिली नई पहचान 26 लाख 11 हजार 101 दीप जलाकर अयोध्या रचेगी नया कीर्तिमान अयोध्या दीपोत्सव शुरू होने के बाद से अयोध्या के कुम्हार परिवारों के घरों में खुशहाली का उजाला फैल गया है। जो युवा कभी काम की तलाश में बाहर जाते थे, वे अब अपनी ही धरती पर आत्मनिर्भर बन रहे हैं। योगी सरकार के प्रयासों से शुरू हुए दीपोत्सव ने न केवल अयोध्या की अर्थव्यवस्था को बल दिया है बल्कि पारंपरिक मिट्टी कला को भी नई पहचान दी है। नौवें दीपोत्सव में इस बार 26 लाख 11 हजार 101 दीप जलाने का लक्ष्य रखा गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर दीपोत्सव की तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं। अवध विश्वविद्यालय के छात्र, अधिकारी और स्वयंसेवी संगठन भी इस महाउत्सव को ऐतिहासिक बनाने में जुटे हैं। जयसिंहपुर गांव के बृज किशोर प्रजापति बताते हैं कि जबसे दीपोत्सव मनाया जा रहा है, तब से वे और उनका परिवार लगातार दीए बना रहे हैं। इस बार उन्हें दो लाख दीए बनाने का ऑर्डर मिला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव की परंपरा शुरू कर हमारे जैसे परिवारों को रोजगार से जोड़ा है। अब हम आत्मनिर्भर हैं। आधुनिक तकनीक से बढ़ रही उत्पादन क्षमता पुराने ढर्रे को छोड़कर अब कुम्हार आधुनिक इलेक्ट्रिक चाक का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे न केवल उत्पादन में तेजी आई है बल्कि दीयों की गुणवत्ता भी बेहतर हुई है। जयसिंहपुर गांव के करीब 40 से अधिक कुम्हार परिवार दीपोत्सव के लिए दिन-रात मिट्टी के दीए बनाने में जुटे हैं। कभी हजारों में कमाते थे, अब बन रहे लखपति 2017 से पहले ये कुम्हार रोजी-रोटी के लिए संघर्ष करते थे। दीपोत्सव शुरू होने के बाद उनका जीवन पूरी तरह बदल गया है। पहले जहां ये परिवार महीने में 20 से 25 हजार रुपये कमाते थे, वहीं अब दीपोत्सव के दौरान ही लाखों रुपये की आमदनी हो जाती है। सोहावल की पिंकी प्रजापति बताती हैं कि इस बार उन्हें एक लाख दीए बनाने का ऑर्डर मिला है। उन्होंने कहा, पहले दीपावली के समय दीए सस्ते बिकते थे, अब सरकार के आह्वान से बाजार में अच्छा रेट मिल रहा है। दीपोत्सव ने दी नई पहचान और बाजार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर दीपोत्सव में मिट्टी के दीयों को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे स्थानीय कुम्हारों को बड़े स्तर पर ऑर्डर मिल रहे हैं। जयसिंहपुर, विद्याकुण्ड, सोहावल और आसपास के गांवों में इस समय उत्सव जैसा माहौल है।  अयोध्या के स्थानीय निवासी रामभवन प्रजापति, गुड्डू प्रजापति, राजू प्रजापति, जगन्नाथ प्रजापति, राम भवन प्रजापति, सुनील प्रजापति और संतोष प्रजापति समेत यहां सैकड़ों की संख्या में पूरा परिवार मिट्टी गूंथने, आकार देने और दीयों को सुखाने-बेचने में जुटा है। जानिए, कब कितने दीप जले  वर्ष                जले दीप 2017             1.71 लाख 2018             3.01 लाख 2019             4.04 लाख 2020             6.06 लाख 2021             9.41 लाख 2022           15.76 लाख 2023           22.23 लाख 2024                25.12 लाख

ग्रामीण क्षेत्रों से सर्वाधिक भागीदारी, दिखा विकास के प्रति उत्साह

विकसित यूपी @2047: 75 जिलों में जारी है जनसंवाद, अब तक मिले 41 लाख सुझाव  ग्रामीण क्षेत्रों से सर्वाधिक भागीदारी, दिखा विकास के प्रति उत्साह  शिक्षा, कृषि और समाज कल्याण पर सबसे अधिक सुझाव प्राप्त – बलरामपुर के डॉ. अमित गौतम ने एआई व मशीन लर्निंग सेंटर की स्थापना का दिया सुझाव – फतेहपुर की अंकिता सिंह ने शिक्षा गुणवत्ता सुधार पर दिया व्यावहारिक सुझाव – बांदा के धीरज कुमार ने पशुधन आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया – प्रदेश की 40 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में हुई बैठकों और गोष्ठियों से बढ़ा जनसंपर्क – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संकल्प के अनुरूप विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने की प्रक्रिया जारी लखनऊ उत्तर प्रदेश को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में प्रदेश सरकार का महत्वाकांक्षी अभियान ‘समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047 : समृद्धि का शताब्दी पर्व महाभियान’ निरंतर गति पकड़ रहा है। इस जनसहभागिता आधारित अभियान के तहत अब तक लगभग 41 लाख फीडबैक प्राप्त हुए हैं, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों से सर्वाधिक सुझाव आए हैं। प्रदेश के 75 जनपदों में नोडल अधिकारियों और प्रबुद्ध जनों द्वारा व्यापक जनसंवाद आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें छात्र, शिक्षक, उद्यमी, कृषक, स्वयंसेवी संगठन, श्रमिक संघ और मीडिया प्रतिनिधि ने बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। सभी वर्गों से प्रदेश की विकास यात्रा और भविष्य की दिशा पर अमूल्य सुझाव मिल रहे हैं। इन सुझावों में सर्वाधिक विषय कृषि, शिक्षा, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, उद्योग, आईटी एवं टेक्नोलॉजी, पर्यटन और सुरक्षा से संबंधित रहे। शिक्षा और कृषि क्षेत्र में सबसे अधिक भागीदारी दर्ज की गई। फतेहपुर की अंकिता सिंह ने आकांक्षी जिलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर बल दिया। उन्होंने अभ्युदय कोचिंग कार्यक्रम के अंतर्गत अधिकारियों की अनिवार्य कक्षाओं की व्यवस्था और राजकीय विद्यालयों में महिला अधिकारियों के नियमित संवाद का सुझाव दिया। बलरामपुर के डॉ. अमित कुमार गौतम ने सुझाव दिया कि प्रदेश के हर जिले में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना हो, जिससे प्रशासनिक कार्यों में तकनीक का अधिकतम उपयोग हो सके। बांदा के धीरज कुमार ने पशुधन विकास को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीण पशु चिकित्सा केंद्रों की स्थापना, आधुनिक डेयरी प्रबंधन और किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने की बात कही। महाभियान के तहत अब तक प्रदेश की 40 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों, 200 से अधिक नगर पालिकाओं, 15 नगर निगमों, 500 से अधिक नगर पंचायतों, 600 से अधिक क्षेत्र पंचायतों और 50 से अधिक जिला पंचायतों में बैठकों, सम्मेलनों और गोष्ठियों का सफल आयोजन किया गया है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से जनप्रतिनिधियों, नागरिकों और विभागीय अधिकारियों के बीच संवाद को नई गति मिली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विज़न के अनुरूप, प्राप्त फीडबैक के आधार पर विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने की प्रक्रिया निरंतर जारी है।    

18 व 19 अक्टूबर को होगा ड्रोन व लेजर शो

जय श्रीराम, धनुषधारी श्री राम, संजीवनी पर्वत उठाए हनुमान, रामसेतु, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर जैसी मनमोहक आकृतियां होंगी शामिल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रतिवर्ष नई ऊंचाई छू रहा दीपोत्सव लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में होने वाले दीपोत्सव-2025 में आस्था, संस्कृति और आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। राम की पैड़ी सहित 56 घाटों पर जलने वाले 26 लाख दीपों की आभा जहां भक्ति-उल्लास का प्रतीक बनेगी, वहीं कोरियोग्राफ्ड म्यूजिकल ड्रोन शो और 3-डी होलोग्राफिक म्यूजिकल लेजर शो श्रद्धालुओं को अनूठा अनुभव देंगे। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने ड्रोन शो और लेजर शो की प्रस्तुतियों को दो दिन (18 व 19 अक्टूबर) कराने का निर्णय लिया है।   पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि स्वदेश निर्मित 1,100 ड्रोन आसमान में रामायण के विभिन्न प्रसंगों की झलकियां प्रस्तुत करेंगे। आकाश में अद्भुत कलाकृतियां उभरकर दिव्य दृश्य प्रस्तुत करेंगी। वहीं, 3-डी होलोग्राफिक म्यूजिकल लेजर शो दर्शकों के सामने वास्तविक प्रतीत होने वाली छवियों के माध्यम से अनुभव को यादगार बनाएंगी। 18 को भी आयोजित होगा एक अतिरिक्त ड्रोन शो उन्होंने बताया कि पर्यटन एवं संस्कृति विभाग सदैव आस्था, संस्कृति और नवाचार के समन्वय को प्राथमिकता देता आया है। पिछले वर्ष आयोजित दीपोत्सव में पहली बार 500 ड्रोन के माध्यम से भव्य शो किया गया था।  दीपोत्सव-2025 को और अधिक आकर्षक एवं भव्य बनाने के उद्देश्य से 1,100 ड्रोन के जरिए अद्भुत ड्रोन शो प्रस्तुत करने की योजना बनाई गई है। पर्यटन विभाग ने दीपोत्सव से पहले 18 अक्टूबर को भी एक अतिरिक्त ड्रोन शो आयोजित करने का निर्णय लिया है।  शो में 'त्रेता युग से नव अयोध्या' की प्रतीकात्मक झांकी भी दिखेगी संगीत और रोशनी से सजे लेज़र शो में प्रभु श्रीराम के जीवन और आदर्शों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से चित्रित किया जाएगा। 1,100 स्वदेशी ड्रोन रामायण के विभिन्न प्रसंगों को आकाश में प्रस्तुत करेगा, जिनमें जय श्रीराम, धनुषधारी श्री राम, संजीवनी पर्वत उठाए हनुमान, रामसेतु, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर जैसी कई मनमोहक आकृतियां शामिल होंगी। शो का समापन ‘त्रेता युग से नव अयोध्या’ की प्रतीकात्मक झांकी के साथ होगा, जो शहर के आध्यात्मिक अतीत और आधुनिक वर्तमान को जोड़ता है।

घर जाने की टेंशन खत्म! दिवाली स्पेशल ट्रेनों में मिलेगी तुरंत सीट

आगरा ताजनगरी आगरा से कई लोग दिवाली और छठ को लेकर अपने-अपने गांव-शहर की ओर कूच करने के लिए तैयार हैं। ऐसे में ट्रेनों में अत्यधिक भीड़ के कारण लंबी वेटिंग लिस्ट चल रही है। यात्रियों को वेटिंग की वजह से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिसके चलते आगरा रेल मंडल ने 10 और स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया है। लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए बीते दिनों आगरा से करीब 38 स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया था। अब जिले से कुल 48 स्पेशल ट्रेनें संचालित हो रही हैं। ट्रेनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यात्रियों ने राहत की सांस ली है।  किया जा रहा ये काम आगरा रेल मंडल की जनसंपर्क अधिकारी प्रशस्ति श्रीवास्तव ने बताया कि जरूरत पड़ने पर रेलवे ट्रेनों की संख्या को बढ़ा सकता है। अधिकतर वेटिंग बिहार, कोलकाता, बनारस और मुंबई जाने वाली ट्रेनों में देखने को मिल रही है। भीड़ और वेटिंग की लगातार निगरानी की जा रही है।  इन ट्रेनों में ज्यादा मारामारी प्रशस्ति श्रीवास्तव ने आगे बताया कि आगामी त्योहारों को देखते हुए अत्यधिक भीड़ और वेटिंग कोटा-पटना एक्सप्रेस, मरुधार एक्सप्रेस और अन्य इस रूट की ट्रेनों में थोड़ी ज्यादा चल रही है। इन्हीं समस्याओं से निपटने के लिए स्पेशल ट्रेनों को शुरू किया गया है। 

यूपी वालों के लिए खुशखबरी! अब इस शहर में भी शुरू होगी मेट्रो सेवा

वाराणसी  यूपी के वाराणसी में लालबहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से कैंट रेलवे स्टेशन तक मेट्रो रेल सेवा शुरू होगी। इसके लिए विमानपत्तन प्राधिकरण की ओर से रेलवे मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा गया है। इस सेवा को शुरू करने का उद्देश्य विमान से उतरने के बाद यात्री मेट्रो से शहर तक पहुंच जाएं। इससे यात्रियों को सुविधा होने के साथ किराये में बचत होगी। बाबतपुर एयरपोर्ट से प्रतिदिन लगभग 80 विमानों का संचालन होता है। इन उड़ानों से 10,000 से 12,000 यात्रियों का आवागमन होता है। इस समय हवाई अड्डे के विस्तारीकरण का काम तेजी के साथ चल रहा है। इसमें मल्टी लेवल पार्किंग, आठ एयरोब्रिज के साथ पांच हजार यात्री क्षमता वाला नया टर्मिनल भवन, रनवे के नीचे अत्याधुनिक सुविधा और सुरक्षा युक्त टनल निर्माण शामिल है। इससे यहां घरेलू और अंतरराष्ट्रीय विमानों की संख्या बढ़ जाएगी। यात्री संख्या भी बढ़ेगी। एयरपोर्ट विस्तारीकरण में काशी की ऐतिहासिकता और पौराणिकता की छाप भी होगी ताकि यात्रियों को बाबा विश्वनाथ की नगरी में होने का अहसास हो। एयरपोर्ट से कैंट स्टेशन की दूरी करीब 22 किलोमीटर है। यहां से यात्री टैक्सी, ऑटो और ई-बस से गंतत्व को जाते हैं। इस दूरी को तय करने में खासकर टैक्सी और ऑटो चालक अच्छा-खासा किराया यात्रियों से वसूल लेते हैं। इसको देखते हुए मेट्रो सेवा कारगर साबित होगी। यात्रियों की सुविधा के लिए भेजा प्रस्ताव: निदेशक एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता ने बताया कि विस्तारीकरण के बाद विमानों के बढ़ने से यात्रियों का आवागमन भी बढ़ेगा। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर हवाई अड्डे से बाबतपुर रेलवे स्टेशन होकर शहर तक मेट्रो सेवा शुरू करने का प्रस्ताव भेजा गया है। इस बारे में रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि मेट्रो सेवा के लिए फिजिबिलिटी सर्वे के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

करीब 150 से अधिक कम्पनियों ने यूपी में बड़े निवेश के लिए जताई इच्छा

– योगी सरकार की पहल से यूपी बन रहा ग्लोबल इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन – 15 लाख करोड़ निवेश के बाद सरकार का फोकस अब विदेशी कंपनियों पर – MoU साइनिंग की तैयारी में इन्वेस्ट यूपी, दक्षिण कोरिया की शीर्ष कंपनियों से भी जुड़ रहा उत्तर प्रदेश – जर्मनी, फ्रांस और रूस में वन-टू-वन मीटिंग्स जारी, इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में ताइवान का निवेश बढ़ने की संभावना – गल्फ और सिंगापुर की कंपनियां दिखा रहीं गहरी दिलचस्पी, यूपी की अर्थव्यवस्था को मिलेगी वैश्विक रफ्तार लखनऊ उत्तर प्रदेश को उद्योग प्रदेश और 2030 तक वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार तेज़ी से काम कर रही है। प्रदेश में अब तक 15 लाख करोड़ से अधिक का निवेश धरातल पर उतारा जा चुका है, और अब सरकार बड़े पैमाने पर विदेशी निवेशकों को भी प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए आकर्षित कर रही है। इन्वेस्ट यूपी की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दी गई रिपोर्ट के अनुसार, जापान, सिंगापुर, कोरिया, जर्मनी, फ्रांस, रूस, ताइवान और खाड़ी देशों की करीब 150 से अधिक कंपनियों ने उत्तर प्रदेश में बड़े निवेश की इच्छा जताई है। सरकार की पहल पर उद्यमियों के साथ ‘वन-टू-वन’ बैठकें जारी हैं और कई MoU (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर की तैयारी चल रही है। फोकस कंट्री डेस्क और प्रगति जापान : विश्व एक्सपो, ओसाका के दौरान इन्वेस्ट यूपी की टीम ने कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं। भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास के साथ नियमित संपर्क में रहते हुए, JETRO के साथ समय-समय पर वार्ताएं हो रही हैं। अब तक जापान की 30 से अधिक कंपनियों के साथ वन-टू-वन बैठकें की जा चुकी हैं और कुछ निवेश परियोजनाएं ग्राउंड ब्रेकिंग के चरण में हैं। दक्षिण कोरिया : यहां इंडियन चेंबर ऑफ कॉमर्स को साझेदार के रूप में जोड़ा गया है और जल्द ही MoU पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। कोरिया में स्थापित शीर्ष 25 कंपनियों के साथ संपर्क स्थापित किया गया है, जबकि भारतीय मिशनों और दूतावासों के साथ नीतिगत संवाद और प्रचार सामग्री का आदान-प्रदान जारी है। जर्मनी, फ्रांस और रूस : इंडो-जर्मन चैंबर ऑफ कॉमर्स से संपर्क स्थापित किया गया है। भारत और रूस में बीटूजी (बिजनेस टू गवर्नमेंट) बैठकों और गोलमेज वार्ताओं के माध्यम से निवेश पर चर्चा हुई है। साथ ही, जर्मनी और फ्रांस में भारतीय मिशनों के साथ वर्चुअल मीटिंग्स भी आयोजित की गई हैं। 13 से अधिक यूरोपीय कंपनियों ने यूपी में निवेश में रुचि दिखाई है। ताइवान : ताइवान की कई प्रमुख कंपनियों के साथ इन्वेस्ट यूपी ने बैठकें की हैं। सितंबर 2025 में बैंगलुरु में आयोजित इलेक्ट्रोनिका इंडिया एक्सपो के दौरान 40 से अधिक ताइवानी कंपनियों के साथ समर्पित बैठकें हुईं। इससे इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण में निवेश की दिशा में बड़ी संभावनाएं खुली हैं। सिंगापुर और गल्फ देश : सिंगापुर और खाड़ी देशों (UAE, सऊदी अरब, क़तर, कुवैत, ओमान, बहरीन) में भारतीय राजनयिक मिशनों के साथ वर्चुअल सम्मेलन आयोजित किए गए। गल्फ की 20 से अधिक और सिंगापुर की 25 से अधिक कंपनियों के साथ संपर्क स्थापित किया गया है। कई कंपनियां आईटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और रिन्यूएबल एनर्जी में निवेश की इच्छा जता चुकी हैं। निवेश से मिलेगा रोजगार और अर्थव्यवस्था को मजबूती  योगी सरकार की यह पहल न केवल प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ाएगी, बल्कि यूपी को राष्ट्रीय औद्योगिक हब बनाने की दिशा में भी निर्णायक साबित होगी। विदेशी निवेश से तकनीकी सहयोग और उत्पादन क्षमता में भी इजाफा होगा।

UP में कृषि क्रांति की नई शुरुआत: हर जिले में बनेगा अपनी खास फसल का क्लस्टर

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि ‘कमोडिटी क्लस्टर’ दृष्टिकोण के तहत बुंदेलखंड में मूंगफली, वाराणसी में लाल मिर्च व सब्जी, बाराबंकी से आज़मगढ़ के बीच केला, कालानमक चावल, हरी मटर, उड़द और आलू आदि के क्लस्टर विकसित किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि केले की खेती को बढ़ावा देने के लिए ‘टिशू कल्चर’ को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सेक्टोरल विशेषज्ञों की नियुक्ति पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री मंगलवार को उत्तर प्रदेश एग्रीकल्चर ग्रोथ एंड रूरल एंटरप्राइज इकोसिस्टम स्ट्रेंथनिंग प्रोजेक्ट (यूपी एग्रीज) की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर, टिकाऊ और डिजिटल रूप से सशक्त बनाना शामिल है। उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य में ‘डिजिटल एग्रीकल्चर इकोसिस्टम’ के निर्माण की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जाए, ताकि फसल, मौसम, बीज, सिंचाई, उर्वरक, बीमा, बाजार, लॉजिस्टिक्स और संस्थागत सेवाओं से संबंधित सभी सूचनाएं एकीकृत प्लेटफॉर्म पर रियल टाइम उपलब्ध हो सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में डिजिटल कृषि नीति तैयार की जाए, जो राष्ट्रीय तकनीकी मानकों पर आधारित हो और सुरक्षित साइबर अवसंरचना तथा नवाचार आधारित अनुसंधान को प्रोत्साहित करे। उन्होंने कहा कि बीज से लेकर बाजार तक की प्रक्रिया को समग्र दृष्टिकोण से जोड़ते हुए यह परियोजना किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने और राज्य के कृषि क्षेत्र को तकनीकी रूप से उन्नत एवं डिजिटल टिकाऊ कृषि तंत्र की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘कृषि से उद्योग तक’ की सोच के साथ कार्य करते हुए मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी जाए। निर्देश दिए कि उत्तर प्रदेश विविध कृषि सहायता परियोजना (यूपी डास्प) के समन्वयन में यूपी एग्रीज का क्रियान्वयन करते हुए कृषि विश्वविद्यालयों, कृषि विज्ञान केंद्रों और किसान उत्पादक संगठनों को भी परियोजना से जोड़ा जाए। बैठक में बताया गया कि यह परियोजना लगभग ₹4000 करोड़ (यूएस $500 मिलियन) की लागत से विश्व बैंक के सहयोग से छह वर्षों की अवधि के लिए पूर्वी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड के 28 जनपदों में लागू की जा रही है। इसका उद्देश्य बदलते जलवायु परिदृश्य के अनुरूप कृषि उत्पादन में सतत वृद्धि करना और किसानों को बाजार से बेहतर रूप में जोड़ना है। परियोजना में उत्पादकता वृद्धि, संसाधनों के कुशल उपयोग, कृषि आधारित उद्योगों के विकास और कृषि उत्पादों की गुणवत्ता सुधार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कृषि वित्तीय प्रणाली को सुदृढ़ बनाना अत्यंत आवश्यक है। इसके अंतर्गत छोटे एवं सीमांत किसानों तथा कृषि आधारित सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को ऋण सुविधा, जोखिम प्रबंधन की सुदृढ़ व्यवस्था और निजी निवेश को प्रोत्साहन पर बल दिया जाए। बैठक में बताया गया कि परियोजना से संबंधित संस्थागत तैयारियों में ठोस प्रगति हुई है। सामाजिक एवं पर्यावरणीय मूल्यांकन का कार्य पूरा हो चुका है। मॉनिटरिंग, लर्निंग एवं इवैल्यूएशन एजेंसी तथा तकनीकी सहायता एजेंसी का चयन किया जा चुका है। अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (इर्री) के साथ छह वर्षीय उत्पादकता कार्यक्रम के लिए अनुबंध स्वीकृत हो चुका है। किसान उत्पादक संगठनों की क्षमता निर्माण के लिए तकनीकी सहायता एजेंसी का चयन शीघ्र किया जाएगा, जबकि तकनीकी परामर्शी एजेंसी का चयन अंतिम चरण में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य केवल कृषि उत्पादन बढ़ाना नहीं बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने निर्देश दिए कि परियोजना के प्रत्येक घटक के परिणामों की नियमित समीक्षा की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि इसका सीधा लाभ किसानों तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने यूपी एग्रीज की सतत मॉनिटरिंग के लिए आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश भी दिए।