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छात्रवृत्ति वितरण के द्वितीय चरण में शुक्रवार को 4.83 लाख से अधिक छात्रों को वितरित करेंगे ₹126.68 करोड़ की धनराशि

पिछड़े वर्ग के 5 लाख छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान करेंगे सीएम योगी  छात्रवृत्ति वितरण के द्वितीय चरण में शुक्रवार को 4.83 लाख से अधिक छात्रों को वितरित करेंगे ₹126.68 करोड़ की धनराशि पहले चरण में 2.5 लाख से अधिक ओबीसी छात्रों को लगभग ₹62.13 करोड़ की धनराशि से किया जा चुका है लाभान्वित पिछड़े वर्गों के छात्रों के लिए ₹188 करोड़ से अधिक की छात्रवृत्ति होगी वितरित, डीबीटी से बढ़ी पारदर्शिता योगी सरकार ने छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति बजट में रिकॉर्ड वृद्धि करते हुए 2025-26 में ₹3124 करोड़ से अधिक की व्यवस्था की लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को लोक भवन स्थित ऑडिटोरियम में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा आयोजित छात्रवृत्ति वितरण समारोह में डीबीटी के माध्यम से प्रदेश के लाखों युवाओं के खाते में सीधे छात्रवृत्ति ट्रांसफर करेंगे। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश सरकार ने पहली बार वित्तीय वर्ष 2025-26 से सितंबर माह में ही छात्रवृत्ति वितरण का प्रारंभ किया है। पहले चरण में लगभग ₹62.13 करोड़ की धनराशि व्यय कर 2.5 लाख से अधिक अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को लाभान्वित किया जा चुका है। वहीं, द्वितीय चरण में शुक्रवार को ₹126.68 करोड़ की धनराशि व्यय कर 4.83 लाख से अधिक छात्रों को लाभान्वित किया जाएगा।  तेज, पारदर्शी और पूर्णतः डिजिटल हो रही व्यवस्था कार्यक्रम के विषय में जानकारी देते हुए प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि जब प्रदेश का युवा शिक्षित होगा तभी विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश के ‘शताब्दी संकल्प-2047’ को साकार किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी प्रतिभाशाली छात्र आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने वंचित एवं कमजोर आय वर्ग के छात्रों के शैक्षिक उन्नयन हेतु छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और पूर्णतः डिजिटल बनाया है। इसी के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में पहली बार सितंबर माह से ही छात्रवृत्ति वितरण प्रारंभ किया गया है। 2016-17 से ढाई गुना अधिक हुआ बजट  उन्होंने कहा कि वर्ष 2016-17 में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग का बजट ₹1295 करोड़ था, जिसे बढ़ाकर वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹3124.45 करोड़ कर दिया गया है। यानी यह 2.5 गुना से अधिक वृद्धि है। केवल छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजनाओं के बजट में भी उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी की गई है। वर्ष 2016-17 में यह ₹1092.36 करोड़ था, जो अब बढ़कर ₹2825 करोड़ हो गया है। उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति का वितरण अब पूरी तरह ऑनलाइन व डीबीटी के माध्यम से आधार-संलग्न बैंक खातों में किया जा रहा है, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता और त्वरितता दोनों बढ़ी हैं। सरकार की इन पहलों का उद्देश्य हर वर्ग के युवा को आत्मनिर्भर बनाना और शिक्षा के माध्यम से समाज में समान अवसर सुनिश्चित करना है।  विभागीय योजनाओं के बजट में उल्लेखनीय वृद्धि योजना का नाम         बजट 2016-17              बजट 2025-26 पूर्वदशम छात्रवृत्ति      ₹107.33 करोड़               ₹325 करोड़ दशमोत्तर छात्रवृत्ति /शुल्क प्रतिपूर्ति              ₹984.62 करोड़       ₹2500 करोड़ शादी अनुदान              ₹141.55 करोड़               ₹200 करोड़ कंप्यूटर प्रशिक्षण              ₹11 करोड़                       ₹35 करोड़ छात्रावास अनुरक्षण       00                                        ₹5 करोड़ योजनाओं का प्रचार        00                                        ₹1 करोड़

राम की पैड़ी पर बनेगा नया ‘सेल्फी प्वाइंट’, जगमग अयोध्या में जीवंत होगी त्रेतायुग की महिमा

अयोध्या दीपोत्सव 2025 -दीपों और लेज़र लाइट के संग पुष्पक विमान में अनुभव करें रामराज्य की दिव्यता -आधुनिक तकनीक और पारंपरिक कला का संगम,दीपोत्सव 2025 का यह दृश्य बना विश्वभर के लिए आकर्षण केंद्र अयोध्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में इस वर्ष का दीपोत्सव 2025 केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि रामायण काल के जीवंत पुनर्प्रस्तुतीकरण का प्रतीक बनने जा रहा है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या में इस बार राम की पैड़ी पर बनाया जा रहा भव्य पुष्पक विमान श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण और सेल्फी प्वाइंट बनने जा रहा है। रामायण काल की झलक, आधुनिक तकनीक का संगम त्रेतायुग की उस अलौकिक कथा को, जब भगवान श्रीराम लंका विजय के बाद पुष्पक विमान से अयोध्या लौटे थे, इस दीपोत्सव में वास्तविक रूप में साकार किया जा रहा है। राम की पैड़ी के किनारे बन रहा यह राजशाही लुक वाला पुष्पक विमान अयोध्या की पहचान को नया आयाम देगा। इसकी लंबाई 32 फीट, ऊंचाई 25 से 30 फीट, और चौड़ाई 20 फीट होगी। मोर की आकृति पर आधारित इस डिजाइन को ईपीसी सीट पर तैयार किया जा रहा है, जिससे विमान हल्का, आकर्षक और लंबे समय तक संरक्षित रह सके। राम की पैड़ी बनेगी श्रद्धा और सौंदर्य का संगम स्थल पुष्पक विमान के सामने रामायण काल के दृश्यों को उकेरा जाएगा जिसमें भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के साथ अयोध्या आगमन की झांकी सजाई जाएगी। श्रद्धालुओं के लिए यह स्थान सेल्फी प्वाइंट के रूप में खोला जाएगा, ताकि हर आगंतुक इस दिव्य दृश्य को अपनी यादों में सहेज सके। संध्या के समय लेज़र लाइट शो, दीपों की रेखा और पुष्पवर्षा के साथ यह स्थान अयोध्या के सांस्कृतिक पर्यटन का नया केंद्र बनेगा। योगी सरकार की परिकल्पना अयोध्या बने विश्व की सांस्कृतिक राजधानी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि दीपोत्सव का हर दृश्य रामायण की भावभूमि को सजीव करे। इसी क्रम में राम की पैड़ी, धर्मपथ और रामकथा पार्क को थीम आधारित सजावट से अलंकृत किया जा रहा है। योगी सरकार का उद्देश्य अयोध्या को न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि सांस्कृतिक और पर्यटन की वैश्विक राजधानी के रूप में स्थापित करना है। कारीगरों का समर्पण, आस्था का सौंदर्यबोध अयोध्या, लखनऊ और वाराणसी के कुशल शिल्पकार मिलकर इस पुष्पक विमान को आकार दे रहे हैं।पारंपरिक कला में आधुनिक तकनीक का संगम इस कृति को अनोखा बना रहा है। स्वर्णिम रंगों, मोरपंखी डिजाइन और राजशाही शैली का यह विमान दीपोत्सव की शोभा में चार चांद लगाएगा। आस्था और आकर्षण का संगम ,दीपोत्सव की नयी पहचान बनेगा पुष्पक विमान दीपोत्सव के दौरान जब लाखों दीपों से जगमग अयोध्या में पुष्पक विमान की झलक दिखाई देगी, तब ऐसा लगेगा जैसे त्रेतायुग की अयोध्या पुनः लौट आई हो।श्रद्धालु, पर्यटक और कलाकार सभी के लिए यह स्थान अयोध्या के आध्यात्मिक वैभव और रामराज्य की परंपरा को अनुभव करने का अवसर बनेगा। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा चयनित कार्यदाई संस्था सार्क मीडिया के मालिक सौरभ कुमार सिंह का कहना है कि उनका लक्ष्य दीपोत्सव के दौरान ऐसा वातावरण तैयार करना है, जो न केवल दर्शनीय रूप से आकर्षक हो बल्कि अयोध्या के समृद्ध सांस्कृतिक मूल्यों को भी प्रतिबिंबित करे।

योगी आदित्यनाथ ने खोला राज का पर्दा: बिहार में बढ़ा भाई-भतीजावाद और अपराध, जिम्मेदार कौन?

पटना उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को आधिकारिक रूप से बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार में उतर गए। दानापुर में एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कांग्रेस और राजद पर जुबानी हमला किया। विशाल रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच साझा सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों का हवाला दिया। वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए उन पर राज्य में जंगल राज और भाई-भतीजावाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और बिहार का न सिर्फ एक रिश्ता है, बल्कि एक साझा विरासत भी है। एक आत्मा, एक संस्कृति और एक संकल्प का बंधन। यह बंधन भगवान राम और माता जानकी के बंधन जितना ही अटूट है। योगी आदित्यनाथ ने लोगों को बिहार के राजनीतिक अतीत की याद दिलाते हुए कहा कि 1990 से 2005 तक राज्य जंगल राज से ग्रस्त था, जहां ज्ञान और अध्यात्म की जगह भाई-भतीजावाद और अपराध ने ले ली थी। उन लोगों (कांग्रेस और राजद) ने बिहार की ज्ञान की आध्यात्मिक भूमि को भाई-भतीजावाद और अपराध की भूमि में बदल दिया, जिससे हमारे युवाओं के लिए पहचान का संकट पैदा हो गया। सीएम योगी ने कहा कि बिहार को उस कलंक से मुक्त करने के लिए एनडीए सरकार ने 20 साल तक काम किया है। आज डबल इंजन वाली सरकार प्रभावी विकास के लिए काम कर रही है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने विपक्षी दल इंडिया ब्लॉक पर निशाना साधा। उन्होंने उन पर चुनावों में धांधली करने और बिहार के विकास को बाधित करने की साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार पारदर्शी मतदान का समर्थन करती है, लेकिन कांग्रेस, आरजेडी और उनके सहयोगी कहते हैं कि धांधली होनी चाहिए। क्या उन्हें चुनावों में धांधली करने का अधिकार दिया जाना चाहिए? क्या विदेशी घुसपैठियों को यहां आकर दलितों, गरीबों और बिहार के नागरिकों के अधिकारों पर डाका डालने की इजाजत दी जानी चाहिए? उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश ने माफिया राज का सफाया कर दिया है और बिहार में भी ऐसा ही शासन जारी रहना चाहिए। उन्होंने मतदाताओं से बिहार में एनडीए की सत्ता में वापसी सुनिश्चित करने की अपील करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में माफिया पहले ही नरक में जा चुके हैं। हमने उनकी संपत्ति भी जब्त कर ली है और गरीबों के लिए घर बनाना शुरू कर दिया है। दानापुर रैली के बाद, योगी आदित्यनाथ ने सहरसा में एक और सभा को संबोधित किया, जहां उन्होंने विपक्ष पर हमला तेज किया। उन्होंने कहा कि गरीबों का कल्याण कांग्रेस या राजद के एजेंडे में कभी नहीं रहा। परिवार कल्याण ही उनका एकमात्र एजेंडा था। जब कांग्रेस ने लोकतंत्र का गला घोंटने की कोशिश की, तो बिहार ही उठ खड़ा हुआ। आज राजद ने खुद को उसी कांग्रेस के हाथों गिरवी रख दिया है। वे जयप्रकाश नारायण के सपनों को चकनाचूर कर रहे हैं।

18 महीने की जांच के बाद इंसाफ: बच्ची के हत्यारों को मिली फांसी की सजा

आगरा  यूपी के आगरा में मासूम बच्ची से गैंगरेप के बाद उसकी हत्या करने के मामले में कोर्ट ने गुरुवार को अपना फैसला सुनाया। 18 महीने बाद आए इस फैसले में कोर्ट ने दो दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सोनिका चौधरी की अदालत ने ये फैसला सुनाया है। बतादें कि 2024 में दो लड़कों ने एक बच्ची की गैंगरेप के बाद हत्या कर दी गई थी। इसके बाद बच्ची के पिता को फोन करके छह लाख की फिरौती भी मांगी थी। पीड़ित ने बाह थाने में केस दर्ज कराया था। इसके बाद से कोर्ट में केस विचाराधीन था। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुभाष गिरि के मुताबिक मामले में गुरुवार को कोर्ट में गवाह और अहम साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। कोर्ट ने दोनों को दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई। मामला बाह थाना क्षेत्र का है। ग्राम पंचायत फरेरा में 18 मार्च 2024 को हुकम सिंह के लड़के हरेंद्र की पुत्री (पल्लवी) को परिवार के ही अमित पुत्र रामसरन जो कि रिश्ते में चाचा लगता है। उसने अपने साथी निखिल निवासी होलीपुरा के साथ 18 मार्च को अगवा करके बलात्कार कर गला घोंट कर मौत के घाट उतार दिया था ‌और हत्या के बाद 6 लाख की फिरौती मांगी गई थी। ‌जिसको परिवार वाले देने को तैयार थे लेकिन हत्या पहले ही कर दी गई थी, जिस कारण आरोपी गुमराह करते रहे और पैसे के लिए बार-बार जगह व मोबाइल नंबर बदल कर गुमराह करते रहे थे। बाद में जिसको पुलिस व एसओजी एवं एसटीएफ ने 20 मार्च 2024 को आरोपियों को पकड़ा था और आरोपियों के निशानदेही पर शव को बरामद कर आरोपियों को जेल भेजा था, जिसमें पॉस्को एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था।  

UP विधानसभा 2027: मायावती की रणनीति पर BSP कार्यकर्ताओं की बैठक में चर्चा

लखनऊ  बसपा प्रमुख मायावती ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की तैयारी के लिए लखनऊ में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। हालांकि, उनके भतीजे आकाश आनंद खराब स्वास्थ्य के कारण इसमें शामिल नहीं हो सके। चुनावी रणनीति और पांचवीं बार सरकार बनाने की कोशिश के चलते मायावती ने ये बैठक बुलाई। बैठक के दौरान, मायावती ने पार्टी नेताओं का चुनावी तैयारियों पर मार्गदर्शन किया और उत्तर प्रदेश में बसपा को पांचवां कार्यकाल दिलाने की रणनीति की रूपरेखा पर चर्चा की। मुख्य चर्चा आगामी चुनावों के प्रति पार्टी के दृष्टिकोण पर केंद्रित रही। बसपा सुप्रीमो मायावती ने गुरुवार को पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में निर्देश दिए की बूथ स्तर तक संगठन के गठन का काम अगले तीन महीने में पूरा किया जाए। मान्यवर कांशीराम की पुण्यतिथि पर उमड़ी कार्यकर्ताओं की भीड़ के लिए बूथ स्तर तक पदाधिकारी जाएं और धन्यवाद ज्ञापित करें। सर्व समाज के लोगों को पार्टी से जोड़ें। 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटें। 15 जनवरी को मायावती का जन्मदिन जनकल्याणकारी दिवस के रूप में सभी जिलों में मनाया जाएगा। इसकी अभी से तैयारियां शुरू करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में मायावती और आकाश आनंद के उत्तर प्रदेश भर में होने वाले दौरों के कार्यक्रमों को भी अंतिम रूप दिया गया। ये दौरे पार्टी का आधार मजबूत करने और चुनाव के लिए समर्थन जुटाने के उद्देश्य से किए जाएंगे। साथ ही बैठक में निर्देश दिए गए कि 10 प्रतिशत बचे बूथ हर हाल में नवंबर से जनवरी तक गठित किए जाएं। चार बार बसपा की सरकार रही है उस समय सरकार ने जो काम किए वह जन-जन तक पहुंचाए जाएं। अपनी जमीनी रणनीति के अलावा, बसपा अपनी भाईचारा समितियों के जरिए मुसलमानों, ओबीसी, दलितों और ब्राह्मणों सहित विभिन्न समुदायों का समर्थन मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करेगी। यह चुनावों से पहले एक व्यापक सामाजिक गठबंधन बनाए रखने के पार्टी के निरंतर प्रयास को दर्शाता है।  

मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि केस की सुनवाई तेज, अदालत ने अगली तारीख 7 नवंबर तय की

प्रयागराज इलाहाबाद हाई कोर्ट में गुरुवार को मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि -शाही ईदगाह मस्जिद विवाद की करीब डेढ़ घंटे सुनवाई चली और अगली तारीख सात नवंबर नियत कर दी गई। न्यायमूर्ति अवनीश कुमार सक्सेना की पीठ के समक्ष वादकारियों की तरफ से वाद की पृष्ठभूमि और अब तक विभिन्न तिथियों में हुए आदेशों के बारे में जानकारी दी गई। अर्जी में क्या कहा? मंदिर पक्ष से वाद संख्या नौ में अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने बताया कि कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद निर्देश दिया कि पूर्व में प्रतिनिधि रूप के रूप में चयनित वाद संख्या 17 पर शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी के आवेदन को लेकर जिन्होंने आपत्ति नहीं दायर की है, वह आगामी तारीख से पहले दे दें। शाही ईदगाह मस्जिद ने अपनी अर्जी में कहा है कि अन्य वाद निरस्त कर केवल वाद संख्या 17 ही सुना जाए। रजिस्ट्री से कहा है कि फाइलों को व्यवस्थित किया जाए।  मामले में पक्षकार और श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने वाद संख्या तीन में आर्कियोलॉजी सर्वे आफ इंडिया (एएसआइ) से जवाब नहीं मिलने की बात कही। उन्होंने बताया कि अदालत ने सभी अर्जियों (प्रार्थना पत्रों) को एक साथ करने का आदेश दिया है।  

मोदी-योगी के नेतृत्व में विश्व पटल पर दिव्य स्वरूप में उभर रही अयोध्या : माणिक साहा

-त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने किए रामलला व हनुमानगढ़ी के दर्शन -अयोध्या आगमन पर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री का एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत -बोले, यह परिवर्तन भारत की सांस्कृतिक धरोहर का पुनर्जागरण अयोध्या त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा अयोध्या पहुंचे। उन्होंने श्रीरामलला के दरबार में हाजिरी लगाई और मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के दर्शन कर देश-प्रदेश की शांति, समृद्धि और कल्याण की कामना की। इसके बाद उन्होंने हनुमानगढ़ी मंदिर पहुंचकर संकटमोचक बजरंगबली का आशीर्वाद प्राप्त किया। अयोध्या आगमन पर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री का एयरपोर्ट पर नगर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। साहा ने अयोध्या के तीर्थक्षेत्र के बदलते स्वरूप और तीव्र विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या आज एक नए, भव्य और दिव्य स्वरूप में विश्व पटल पर उभर रही है। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर का पुनर्जागरण भी है। नगर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री माणिक साहा का अयोध्या आगमन हम सभी के लिए गौरव का विषय है। अयोध्या आज विश्व के आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित हो रही है और यह श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

अटल आवासीय विद्यालय समिति की बैठक में लिया गया निर्णय, मिलेगा सम्मानजनक नया दर्जा

प्रत्येक विद्यालय में स्थापित होगी इनोवेशन लैब, विद्यार्थियों में बढ़ेगा वैज्ञानिक दृष्टिकोण सभी छात्रों को मिलेगा स्वास्थ्य बीमा का लाभ, मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल बनेगा अटल विद्यालय लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बार फिर संवेदनशील निर्णय लेते हुए समाज के वंचित वर्गों के बच्चों को सम्मानजनक पहचान देने का कार्य किया है। लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (बीओसीडब्ल्यू) कार्यालय में आयोजित अटल आवासीय विद्यालय समिति की बैठक में यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया कि अब तक "निराश्रित/अनाथ" कहे जाने वाले विद्यार्थी भविष्य में "राज्याश्रित" कहलाएंगे। बैठक की अध्यक्षता प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन विभाग डॉ. एम. के. शन्मुगा सुन्दरम्, द्वारा की गई। बैठक में श्रमायुक्त मार्कण्डेय शाही,  महानिदेशक, अटल आवासीय विद्यालय पूजा यादव, नवोदय विद्यालय समिति के बी.के. सिन्हा सहित वित्त, कार्मिक एवं शिक्षा विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं शिक्षाविद् उपस्थित रहे। "राज्याश्रित" शब्द का होगा उपयोग बैठक में लिए गए सबसे महत्वपूर्ण निर्णय के तहत अब अटल आवासीय विद्यालयों में अध्ययनरत कोविड-19 काल में निराश्रित हुए अथवा मुख्यमंत्री बाल सेवायोजना (सामान्य) के अंतर्गत आने वाले विद्यार्थियों को “राज्याश्रित” कहा जाएगा। यह निर्णय विद्यार्थियों को आत्मगौरव और सम्मानजनक सामाजिक पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप यह कदम उन बच्चों को सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास से भरने की दिशा में एक नई शुरुआत है, जो अब "निराश्रित" नहीं बल्कि "राज्याश्रित" कहलाएंगे। CBSE के माध्यम से केंद्रीकृत प्रवेश परीक्षा एक अन्य निर्णय में अगले शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रवेश परीक्षा सेंट्रलाइज एंट्रेंस टेस्ट (सीबीएसई) के माध्यम से आयोजित की जाएगी, ताकि सभी विद्यालयों में चयन प्रक्रिया में एकरूपता बनी रहे। इनोवेशन लैब की होगी स्थापना इसके साथ ही, प्रत्येक विद्यालय में इनोवेशन लैब भी बनाई जाएगी जिससे विद्यार्थियों में नवाचार, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तकनीकी दक्षता का विकास हो। इस निर्णय से विद्यार्थियों का सर्वागीण विकास सुनिश्चित हो सकेगा।  सभी छात्रों को स्वास्थ्य बीमा की सुविधा इसके अलावा एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए समिति ने सभी छात्र-छात्राओं को हेल्थ इंशयोरेंस के दायरे में लाने का निर्णय लिया है, ताकि हर विद्यार्थी को स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। सर्वांगीण विकास पर जोर बैठक में छात्रों के सर्वागीण विकास पर जोर दिया गया। हॉस्टल व्यवस्था, पोषण, खेलकूद और सह-पाठयक्रम गतिविधियों से संबंधित सुधारों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के अंत में प्रमुख सचिव डॉ. शन्मुगा सुन्दरम् ने निर्देश दिए कि सभी विभाग मिलकर अटल आवासीय विद्यालयों को देश के मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल के रूप में विकसित करें।

धर्मपथ पर लगेंगे 30 डिजिटल स्तंभ, दिखेंगे रामायण के दिव्य प्रसंग

अयोध्या दीपोत्सव 2025 -सीएम योगी के नेतृत्व में दीपोत्सव बनेगा ‘नवभारत की नई अयोध्या’ का प्रतीक -डिजिटल लाइट शो से नहाएंगे अयोध्या के प्रमुख स्थल, विश्व के लिए बनेगी प्रेरणा अयोध्या नौवें दीपोत्सव 2025 में इस बार अयोध्या केवल दीपों से ही नहीं, बल्कि डिजिटल आभा से भी जगमगाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या को विश्व के सांस्कृतिक मानचित्र पर डिजिटल और आध्यात्मिक नगरी के रूप में स्थापित करने की तैयारी अंतिम चरण में है। रामलला के भव्य मंदिर में विराजमान होने के बाद तकनीक और संस्कृति का अद्भुत संगम पेश करेगा। धर्मपथ से लेकर लता चौक, रामकथा पार्क और सरयू घाट तक हर कोना रोशनी की अद्भुत छटा से नहाया रहेगा। धर्मपथ पर लगेंगे 30 डिजिटल स्तंभ, रामायण के प्रसंग होंगे प्रदर्शित Aduex Design कंपनी के साइट इंचार्ज व डिज़ाइन मैनेजर नितिन कुमार ने बताया कि उन्हें प्रकाश व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है। धर्मपथ पर नेशनल हाईवे से प्रवेश द्वार तक दोनों ओर 18-18 फीट ऊंचे 30 डिजिटल पिलर लगाए जा रहे हैं। इन स्तंभों पर रामायण के प्रसंगों की झलकियां और डिजिटल लाइट शो प्रदर्शित होंगे। यह डिजिटल प्रस्तुति 18 से 20 अक्टूबर तक चलेगी, जिससे श्रद्धालु स्वयं को त्रेता युग के दिव्य अनुभव में महसूस करेंगे। अयोध्या के प्रमुख स्थलों पर होगी भव्य लाइटिंग रामकथा पार्क, राम की पैड़ी, हनुमानगढ़ी, बिरला मंदिर, तुलसी उद्यान, भजन संध्या स्थल और सरयू ब्रिज तक को सजाने-संवारने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। Aduex Design द्वारा लगाए जा रहे आर्च गेट्स और डिजिटल पिलर्स अयोध्या की सड़कों को आधुनिक स्वरूप देंगे, वहीं धार्मिक भावना को भी जीवंत रखेंगे। 26 लाख दीपों से बनेगा नया विश्व रिकॉर्ड इस बार राम की पैड़ी समेत 56 घाटों पर 26 लाख 11 हजार 101 दीपों से दीपोत्सव का विश्व रिकॉर्ड बनने जा रहा है। हर दीप भगवान राम के आदर्शों और अयोध्या की दिव्यता का प्रतीक बनेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में होगा ऐतिहासिक दीपोत्सव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं दीपोत्सव की तैयारियों पर लगातार नजर रखे हुए हैं। उनका स्पष्ट निर्देश है कि इस बार दीपोत्सव ऐसा हो जो अयोध्या की परंपरा, पर्यटन और तकनीक तीनों का संदेश विश्वभर में दे सके। सीएम योगी के नेतृत्व में दीपोत्सव न केवल धर्म और संस्कृति का उत्सव बनेगा, बल्कि यह “नवभारत की नई अयोध्या” का परिचायक भी होगा। अयोध्या की डिजिटल छटा बनेगी विश्व के लिए प्रेरणा दीपों की रोशनी और डिजिटल तकनीक का यह संगम अयोध्या को विश्व के पर्यटन मानचित्र पर और सशक्त बनाएगा। श्रद्धालु जहां दिव्य राममंदिर का दर्शन करेंगे, वहीं डिजिटल प्रस्तुति के माध्यम से रामायण के अद्भुत प्रसंगों का अनुभव करेंगे। अयोध्या का दीपोत्सव अब सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि भारत की आस्था, संस्कृति और तकनीकी प्रगति का प्रतीक बन चुका है।

योध्या दीपोत्सव 2025: धर्मपथ पर लगेंगे 30 डिजिटल स्तंभ, दिखेंगे रामायण के दिव्य प्रसंग

योध्या दीपोत्सव 2025:  धर्मपथ पर लगेंगे 30 डिजिटल स्तंभ, दिखेंगे रामायण के दिव्य प्रसंग डिजिटल आभा से दमकेगी अयोध्या, दीपोत्सव 2025 बनेगा तकनीक और आस्था का संगम धर्मपथ पर लगेंगे 30 डिजिटल स्तंभ, दिखेंगे रामायण के दिव्य प्रसंग -राम की पैड़ी पर 26 लाख दीप जलाकर अयोध्या रचेगी नया विश्व रिकॉर्ड -सीएम योगी के नेतृत्व में दीपोत्सव बनेगा ‘नवभारत की नई अयोध्या’ का प्रतीक -डिजिटल लाइट शो से नहाएंगे अयोध्या के प्रमुख स्थल, विश्व के लिए बनेगी प्रेरणा अयोध्या नौवें दीपोत्सव 2025 में इस बार अयोध्या केवल दीपों से ही नहीं, बल्कि डिजिटल आभा से भी जगमगाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या को विश्व के सांस्कृतिक मानचित्र पर डिजिटल और आध्यात्मिक नगरी के रूप में स्थापित करने की तैयारी अंतिम चरण में है। रामलला के भव्य मंदिर में विराजमान होने के बाद तकनीक और संस्कृति का अद्भुत संगम पेश करेगा। धर्मपथ से लेकर लता चौक, रामकथा पार्क और सरयू घाट तक हर कोना रोशनी की अद्भुत छटा से नहाया रहेगा। धर्मपथ पर लगेंगे 30 डिजिटल स्तंभ, रामायण के प्रसंग होंगे प्रदर्शित Aduex Design कंपनी के साइट इंचार्ज व डिज़ाइन मैनेजर नितिन कुमार ने बताया कि उन्हें प्रकाश व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है। धर्मपथ पर नेशनल हाईवे से प्रवेश द्वार तक दोनों ओर 18-18 फीट ऊंचे 30 डिजिटल पिलर लगाए जा रहे हैं। इन स्तंभों पर रामायण के प्रसंगों की झलकियां और डिजिटल लाइट शो प्रदर्शित होंगे। यह डिजिटल प्रस्तुति 18 से 20 अक्टूबर तक चलेगी, जिससे श्रद्धालु स्वयं को त्रेता युग के दिव्य अनुभव में महसूस करेंगे। अयोध्या के प्रमुख स्थलों पर होगी भव्य लाइटिंग रामकथा पार्क, राम की पैड़ी, हनुमानगढ़ी, बिरला मंदिर, तुलसी उद्यान, भजन संध्या स्थल और सरयू ब्रिज तक को सजाने-संवारने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। Aduex Design द्वारा लगाए जा रहे आर्च गेट्स और डिजिटल पिलर्स अयोध्या की सड़कों को आधुनिक स्वरूप देंगे, वहीं धार्मिक भावना को भी जीवंत रखेंगे। 26 लाख दीपों से बनेगा नया विश्व रिकॉर्ड इस बार राम की पैड़ी समेत 56 घाटों पर 26 लाख 11 हजार 101 दीपों से दीपोत्सव का विश्व रिकॉर्ड बनने जा रहा है। हर दीप भगवान राम के आदर्शों और अयोध्या की दिव्यता का प्रतीक बनेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में होगा ऐतिहासिक दीपोत्सव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं दीपोत्सव की तैयारियों पर लगातार नजर रखे हुए हैं। उनका स्पष्ट निर्देश है कि इस बार दीपोत्सव ऐसा हो जो अयोध्या की परंपरा, पर्यटन और तकनीक तीनों का संदेश विश्वभर में दे सके। सीएम योगी के नेतृत्व में दीपोत्सव न केवल धर्म और संस्कृति का उत्सव बनेगा, बल्कि यह “नवभारत की नई अयोध्या” का परिचायक भी होगा। अयोध्या की डिजिटल छटा बनेगी विश्व के लिए प्रेरणा दीपों की रोशनी और डिजिटल तकनीक का यह संगम अयोध्या को विश्व के पर्यटन मानचित्र पर और सशक्त बनाएगा। श्रद्धालु जहां दिव्य राममंदिर का दर्शन करेंगे, वहीं डिजिटल प्रस्तुति के माध्यम से रामायण के अद्भुत प्रसंगों का अनुभव करेंगे। अयोध्या का दीपोत्सव अब सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि भारत की आस्था, संस्कृति और तकनीकी प्रगति का प्रतीक बन चुका है।