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अब सहकारी बैंकों में भी क्यूआर कोड से होगा भुगतान, किसानों को खाद वितरण में बढ़ोतरी

लखनऊ  मंत्री जेपीएस राठौर ने सहकारी बैंकों में क्यूआर कोड से भुगतान का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इस बार पहले से अधिक खाद बांटी गई है। किसान सहकारी समितियों से खाद ले रहे हैं। राजधानी लखनऊ में शनिवार को सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने सहकारी बैंकों में क्यूआर कोड के जरिये भुगतान का शुभारंभ किया। कार्यक्रम महात्मा गांधी मार्ग स्थित यूपी को-आपरेटिव बैंक लिमिटेड में हुआ। इस मौके पर मंत्री ने किसानों को हो रही खाद समस्या से लेकर विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि किसान सहकारी समिति पर खाद ले रहे हैं। इस बार पहले से ज्यादा खाद बांटी गई है।  मंत्री ने आगे कहा कि समितियों की मरम्मत भी कराई जा रही है। अब तक 980 सहकारी समिति की मरम्मत की गई। सपा शासनकाल में बंद समिति को चालू किया गया है। सभी को 10 लाख की मदद की गई है। हर जगह इंटरनेट की सुविधा दी जा रही है। बिजली के लिए हम लोग सोलर लाइट लगवा रहे हैं। सभी बंद समितियां खोली जा रही हैं। दूसरी जगह से भी मैन पवार का इंतजाम किया जा रहा है। 

उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा संघ के 42वें अधिवेशन में सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

सुशासन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए न्यायिक व्यवस्था सुगम और त्वरित होना जरूरी- सीएम योगी – उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा संघ के 42वें अधिवेशन में सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ – सीएम योगी ने न्यायिक सेवा संघ के लिए 50 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड देने की घोषणा की – न्यायपालिका के सुदृढ़ीकरण के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की प्रतिबद्ध है- मुख्यमंत्री – हमारी गति जितनी तेज होगी, आम जनमानस में विश्वास उतना ही मजबूत होगा- मुख्यमंत्री – विकसित उत्तर प्रदेश का सपना तभी साकार होगा, जब न्यायिक व्यवस्था और मजबूत हो- मुख्यमंत्री – समय पर सस्ता और सुगम न्याय मिले, सरकार हर स्तर पर सहयोग करने को तैयार है- सीएम योगी  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सुशासन का लक्ष्य तभी प्राप्त हो सकता है, जब हमारी न्यायिक व्यवस्था सुगम, त्वरित और सुलभ हो। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए विकसित उत्तर प्रदेश का निर्माण आवश्यक है और इसके लिए एक मजबूत और त्वरित न्यायिक व्यवस्था अनिवार्य है। सीएम योगी शनिवार को उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा संघ के 42वें अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। लखनऊ में आयोजित इस भव्य सम्मेलन में सीएम योगी ने न्यायिक अधिकारियों को संबोधित करते हुए न्यायपालिका को सुशासन का रक्षक बताया और कहा कि इसके सुदृढ़ीकरण के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर सीएम ने संघ की स्मारिका का अनावरण भी किया। इस दौरान सीएम योगी ने न्यायिक सेवा संघ के लिए 50 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड देने की घोषणा भी की। न्यायिक अधिकारियों का महाकुंभ एकता और दक्षता का प्रतीक- सीएम योगी सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा संघ के 42वें अधिवेशन को 'न्यायिक अधिकारियों का महाकुंभ' बताते हुए कहा कि यह आयोजन न केवल एकता और परस्पर सहयोग का प्रतीक है, बल्कि व्यावसायिक दक्षता और बेस्ट प्रैक्टिस को बढ़ावा देने का भी मंच है। सीएम ने इस अवसर पर सभी उपस्थित न्यायमूर्तियों, अवकाश प्राप्त न्यायमूर्तियों और प्रदेश भर से आए न्यायिक अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह अधिवेशन ऐसे समय में आयोजित हुआ, जब भारत अपने संविधान के अमृत महोत्सव वर्ष में प्रवेश कर चुका है। सीएम ने कहा कि संविधान की मूल थीम ‘न्याय, स्वतंत्रता और बंधुता’ इस आयोजन का आधार है। उन्होंने प्रयागराज के महाकुंभ का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह महाकुंभ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है, उसी तरह यह अधिवेशन न्यायिक अधिकारियों की एकता और उनकी पेशेवर दक्षता को प्रदर्शित करता है। देश का सबसे बड़ा उच्च न्यायालय उत्तर प्रदेश का गौरव है- मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ कहा कि उत्तर प्रदेश में देश का सबसे बड़ा उच्च न्यायालय मौजूद है। प्रयागराज में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की मुख्य पीठ और लखनऊ में इसकी बेंच प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। यह न केवल हमारे लिए, बल्कि देश और दुनिया के सामने उत्तर प्रदेश की छवि को विश्वास के रूप में प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि 102 वर्षों के अपने इस इतिहास में उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा संघ ने अनेक उपलब्धियां हासिल की है और मुझे विश्वास है कि यहां मौजूद सभी न्यायिक अधिकारी न केवल न्यायिक सेवा से जुड़े हुए हैं बल्कि, परस्पर सहयोग, एकता और व्यावसायिक दक्षता का भी एक अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करने में सफल होंगे। एक वर्ष में 72 लाख मामलों का निस्तारण बड़ी उपलब्धि है- सीएम योगी  सीएम योगी ने जोर देकर कहा कि सुशासन का लक्ष्य तभी प्राप्त हो सकता है, जब न्यायिक व्यवस्था समयबद्ध, सस्ती और सुलभ हो। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में जनपद और ट्रायल कोर्ट में 72 लाख मामलों का निस्तारण हुआ, जो एक बड़ी उपलब्धि है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अभी भी 1.15 करोड़ से अधिक मामले लंबित हैं, जो एक चुनौती है। सीएम योगी ने कहा कि हमारी गति जितनी तेज होगी, आम जनमानस में विश्वास उतना ही मजबूत होगा। इसके लिए सरकार हर स्तर पर सहयोग करने को तैयार है। सीएम ने नए आपराधिक कानूनों, भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के लागू होने का उल्लेख किया, जो 1 जुलाई 2024 से प्रभावी हुए। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक आशंकाओं के बावजूद, न्यायिक अधिकारियों ने इन्हें तत्परता से लागू किया, जिससे ये कानून दंड पर आधारित न होकर न्याय की सुदृढ़ व्यवस्था पर केंद्रित साबित हुए। सीएम योगी ने विश्वास जताते हुए कहा कि ये कानून भारत की न्यायपालिका और लोकतंत्र को और मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होंगे। सीएम योगी ने न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किए गए प्रयासों का विस्तार से किया उल्लेख  मुख्यमंत्री ने योगी सरकार द्वारा न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किए गए प्रयासों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि सरकार ने उच्च न्यायालय के लिए आवासीय और अन्य सुविधाओं के लिए व्यापक धनराशि स्वीकृत की है। इसमें प्रयागराज में उच्च न्यायालय के न्यायमूर्तियों के आवास के लिए निर्माण 62.41 करोड़ रुपये, लखनऊ बेंच के लिए 117 करोड़ रुपये। उच्च न्यायालय के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए: 99 करोड़ रुपये। प्रयागराज में 896 आवासीय इकाइयों के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति। वाणिज्यिक खंड के निर्माण के लिए 112.06 करोड़ रुपये। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के हेरिटेज भवन के रखरखाव के लिए: 44.91 करोड़ रुपये की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति प्रमुख हैं। इसके अलावा, सरकार ने 10 जनपदों में इंटीग्रेटेड कोर्ट परिसर की स्थापना के लिए 1,645 करोड़ रुपये स्वीकृत किए, जिनमें से 6 जनपदों में कार्य शुरू हो चुका है। ये परिसर जनपद न्यायालयों, मोटर दुर्घटना दावों, परिवार न्यायालयों और वाणिज्यिक अदालतों को एकीकृत सुविधा प्रदान करेंगे। महिलाओं और बच्चों के प्रति अपराधों पर सख्ती महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों के प्रति सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि 381 पॉक्सो और फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा, केंद्र सरकार के सहयोग से कोर्ट रूम और आवासीय निर्माण के लिए 2023-24 में 148 करोड़, 2024-25 में 239 करोड़ और 2025-26 में 75 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी की गई है।  डिजिटल और आधुनिक तकनीक का उपयोग के लिए सरकार प्रयासरत- सीएम योगी सीएम ने डिजिटल बुनियादी ढांचे और आधुनिक तकनीक … Read more

खूंखार अपराधी का अंतः पुलिस मुठभेड़ में मारा गया 1 लाख का इनामी

लखनऊ यूपी एसटीएफ ने एक लाख के इनामी बदमाश शंकर कन्नौजिया को मुठभेड़ में मार गिराया है. इसके पहले खूंखार बदमाश ने एसटीएफ टीम पर फायरिंग शुरू कर दी थी. जवाबी कार्रवाई में वह वहीं ढेर हो गया. पुलिस को मौके से एक कार्बाइन, नाइन एमएम की पिस्टल, एक खुखरी और भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए हैं. शंकर पर लूट और हत्या जैसी संगीन वारदातों के मामले चल रहे थे. शंंकर 2011 से फरार चल रहा था, जिसने सिर काटकर हत्या की थी. बता दें कि आतंक का पर्याय बने आजमगढ़ जिले के रौनापार थाना क्षेत्र स्थित हाजीपुर गांव निवासी कुख्यात बदमाश शंकर कन्नौजिया पुत्र लालचन्द्र कन्नौजिया की तलाश में रौनापार सहित जिले के थानों की पुलिस जुटी हुई थी, लेकिन वह हाथ नहीं लग रहा था. इसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस के आलाधिकारियों ने शंकर कनौजिया पर एक लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था. ऐसे में शनिवार को मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि खूंखार इनामी बदमाश शंकर कन्नौजिया आजमगढ़ जिले के जहानागंज थाना क्षेत्र में अपने कुछ साथियों के साथ किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में मंडरा रहा है. मुखबिर से मिली सूचना के बाद एसटीएफ टीम और स्थानीय पुलिस सक्रिय हुई और मुखबिर द्वारा बताए गए स्थान पर पहुंची. बताया जा रहा है कि पुलिस की टीमें उसे पकड़ने के लिए जैसे ही घेराबंदी की वैसे ही इनामी बदमाश शंकर ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस टीम ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू की, जिससे गोली लगने से शंकर कन्नौजिया जख्मी होकर गिर पड़ा. उसे जिला अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

सरकार ने मुरादाबाद कमिश्नर आन्जनेय सिंह को किया रिलीव, फिलहाल नहीं लेंगे नई जिम्मेदारी

लखनऊ यूपी सरकार ने मुरादाबाद के कमिश्नर आन्जनेय सिंह को मूल कैडर के लिए रिलीव कर दिया है। हालांकि अभी वह ज्वॉइन नहीं करेंगे। दरअसल प्रतिनियुक्ति समाप्ति पर 60 दिन के अवकाश का नियम है। नियुक्ति विभाग ने आन्जनेय सिंह का भी 60 दिन का अवकाश स्वीकृत किया है। इस कारण वह तुरंत नहीं ज्वॉइन करेंगे।  यूपी सरकार ने मुरादाबाद के मंडलायुक्त आन्जनेय सिंह को उनके मूल सिक्किम कैडर के लिए रिलीव कर दिया है। नियुक्ति विभाग ने प्रतिनियुक्ति की समाप्ति पर नियमानुसार मिलने वाले 60 दिन का अवकाश भी उनके लिए स्वीकृत कर दिया है।  बताते चलें कि आन्जनेय सिंह करीब 10 साल यूपी में प्रतिनियुक्ति पर रहे। वर्ष 2005 बैच के आईएएस अधिकारी आन्जनेय सिंह फरवरी 2015 में प्रतिनियुक्ति पर यूपी आए थे। वे यहां बुलंदशहर, फतेहपुर और रामपुर के डीएम रहे।  2 मार्च 21 से मुरादाबाद के कमिश्नर थे। नियुक्ति विभाग ने मुरादाबाद के कमिश्नर का चार्ज वहां के जिलाधिकारी को दे दिया है। शासन के सूत्रों के मुताबिक, अब यह केंद्र पर निर्भर करेगा कि उनकी प्रतिनियुक्ति की अवधि बढ़ाता है या नहीं।

सीएम योगी ने न्यायिक सेवा सम्मेलन में कहा- जनता तक आसान और तेज पहुंचे न्याय

लखनऊ  यूपी न्यायिक सेवा संघ के सम्मेलन में सीएम योगी शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सुशासन का लक्ष्य पाना है तो न्याय को सुगम और त्वरित बनाना होगा।  राजधानी लखनऊ में शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी न्यायिक सेवा संघ के 42वें सम्मेलन में भाग लिया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा संघ ने 102 वर्षों के अपने इतिहास में अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को एक विकसित भारत के संकल्प के साथ जोड़ा है।  सीएम ने कहा कि हम राज्य में कार्य कर रहे हैं, तो विकसित भारत का विकसित उत्तर प्रदेश बनेगा। हम जनपद में कार्य कर रहे हैं, तो विकसित उत्तर प्रदेश का विकसित जनपद बनेगा। यदि हमें सुशासन के लक्ष्य को प्राप्त करना है तो हमें न्याय को सुगम और त्वरित बनाना पड़ेगा।  

योगी के शहर की सबसे बड़ी परेशानी दूर करने आ रहा मास्टर प्लान

गोरखपुर  सीएम योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए नगर निगम ने ‘इंटीग्रेटेड अर्बन स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज मास्टर प्लान’ (आईयूएसडब्ल्यूडीएमपी) तैयार कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए निगम ने निविदा आमंत्रित की है। परियोजना को चार महीने में पूरा किया जाना है। यह मास्टर प्लान शहर की मौजूदा जल निकासी व्यवस्था का आधुनिक तकनीक से आकलन कर उसे सुदृढ़ और भविष्य के लिए सक्षम बनाएगा। इसके तहत पूरे महानगर में ड्रेनेज नेटवर्क का सर्वेक्षण, अद्यतन आंकड़े एकत्र करना, चालू परियोजनाओं का नए प्रस्तावों के साथ एकीकरण और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी। योजना के तहत नगर सीमा से बाहर स्थित कैचमेंट एरिया को ध्यान में रखते हुए ड्रेनेज बेसिन मानचित्र तैयार किए जाएंगे। परियोजना प्रभाव क्षेत्र में व्यापक स्थलाकृतिक सर्वेक्षण , हाइड्रोलिक विश्लेषण, ज़ोनिंग तथा कैचमेंट/उप-कैचमेंट क्षेत्रों का विभाजन किया जाएगा। वर्षा की अधिकतम तीव्रता को ध्यान में रखते हुए सिमुलेशन मॉडल तैयार होंगे। अंतिम जल निकासी बिंदु पर प्रभाव का आकलन करते हुए जान-माल की क्षति और प्रमुख सड़कों पर यातायात में व्यवधान को न्यूनतम करने हेतु प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली का प्रस्ताव किया जाएगा। बता दें, 17 दिसंबर 2024 को कैबिनेट बैठक में l सीएम योगी ने इंटीग्रेटेड अर्बन स्ट्रॉम वॉटर ड्रेनेज मास्टर प्लान बनाने का निर्णय लिया था। प्रथम चरण में परियोजना में 17 शहर शामिल किए गए थे, जिसके लिए इसके लिए पूर्व में ही वित्तीय बजट में 1000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई थी। 6.80 करोड़ से हुआ लेडार सर्वेक्षण, लेकिन इस्तेमाल नहीं महानगर में वर्षा जल निकासी प्रणाली पर अर्बन स्ट्रॉम वॉटर ड्रेनेज मास्टर प्लान पहले से ही उपलब्ध है। नगर निगम और जीडीए ने 6.80 करोड़ रुपये से लेडार सर्वेक्षण कराया था। 16 नवंबर 2023 को फर्म ने अपनी फाइनल रिपोर्ट प्राधिकरण को सौंप दी थी। लेकिन इस सर्वेक्षण का महानगर में हजारों करोड़ रुपये से अधिक के जलनिकासी कार्यो में नगर निगम समेत किसी कार्यदायी एजेंसी ने इस्तेमाल नहीं किया। अब नगर निगम अपने 220 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का सर्वेक्षण करना चाहते हैं। क्या बोले नगर आयुक्त नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि इंटीग्रेटेड अर्बन स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज मास्टर प्लान एक समग्र योजना होगी जिसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में वर्षा जल के प्रभावी और टिकाऊ प्रबंधन के लिए व्यवस्थित और दीर्घकालिक रणनीति विकसित करना है। जीडीए द्वारा कराया गया लेडार सर्वेक्षण हमारे पास है, लेकिन इंटीग्रेटेड अर्बन स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज मास्टर प्लान का वह पार्ट है। इससे शहरी बाढ़, जलभराव और जल प्रदूषण की समस्याओं को हल करने में भी मदद करेगी।  

त्योहारों पर आसान सफर: रेलवे की सुविधा से मिलेगा कन्फर्म टिकट

लखनऊ  दिवाली और छठ पर्व पर यूपी-बिहार अगर आप जाना चाहते हैं और आप को कन्फर्म टिकट नहीं मिली रहा है तो आप चिंता न करें क्योंकि यात्रियों की सुविधा के लिए भारतीय रेलवे Indian Railways 12 हजार से अधिक ट्रेन चलाने जा रहा है। ऐसे में आप को परेशान होने की जरूरत नहीं। इन 12 हजार ट्रेनों आप को जरूर ही कन्फर्म टिकट मिल सकता है। 12 हजार से अधिक विशेष ट्रेन चलाई जाएंगी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि दीपावली और छठ पर्व पर बिहार के यात्रियों की सुविधा के लिए 12 हजार से अधिक विशेष ट्रेन चलाई जाएंगी। वैष्णव ने बताया कि बिहार के नेताओं से यात्रियों की जरूरतों को लेकर चर्चा के बाद मंत्रालय ने न सिर्फ नयी ट्रेन चलाने की योजना बनाई है, बल्कि कई अन्य योजनाएं और आधारभूत बुनियादी ढांचा परियोजनाएं भी तैयार की हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए चार नयी अमृत भारत ट्रेन शुरू की जाएगी वैष्णव के अनुसार, सामान्य श्रेणी के यात्रियों की सुविधा के लिए चार नयी अमृत भारत ट्रेन शुरू की जाएंगी, जो दिल्ली-गया, सहरसा-अमृतसर, छपरा-दिल्ली और मुजफ्फरपुर-हैदराबाद मार्गों पर चलेंगी। उन्होंने बताया कि इसके अलावा, पूर्णिया और पटना के बीच बहुत जल्द एक वंदे भारत ट्रेन शुरू की जाएगी, जिससे समाज के सभी वर्गों को लाभ मिलेगा। रेल मंत्री ने बताया कि मंत्रालय ने बुद्ध से जुड़े स्थलों जैसे नालंदा और राजगीर तक पहुंच बढ़ाने के लिए बुद्ध सर्किट ट्रेन चलाने की योजना बनाई है। आवागमन किराये पर 20 प्रतिशत की छूट भी देगा रेलवे उन्होंने रेलवे बोर्ड की नयी प्रायोगिक योजना का भी जिक्र किया, जिसके तहत यदि यात्री 13 से 26 अक्टूबर 2025 के बीच प्रस्थान यात्रा करेंगे और 17 नवंबर से एक दिसंबर 2025 के बीच वापसी यात्रा करेंगे, तो उन्हें आवागमन किराये पर 20 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। वैष्णव ने पटना के लिए एक रिंग रेलवे परियोजना और राज्य के लिए कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की भी घोषणा की। इनमें पैदल पार पथ (फुट ओवर ब्रिज), पैदल भूमिगत पार पथ (फुट अंडरब्रिज), बक्सर-लखीसराय के बीच तीसरी और चौथी लाइन तथा सुल्तानगंज-देवघर रेल संपर्क जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। यूपी विहार जाने वाली ट्रेनों में 144 की वेटिंग  रेलवे की आईआरसीटीसी एप के अनुसार आगरा फोर्ट से गया की ओर चलने वाली सियालदह सुपरफास्ट एक्सप्रेस में 18 अक्टूबर के लिए कोई भी सीट उपलब्ध नहीं है। आगरा कैंट-कोलकाता ट्रेन में 18 अक्टूबर को वेटिंग 100 के पार है, स्लीपर कोच में 144 की वेटिंग है। आगरा कैंट से लखनऊ जाने वाली कोटा पटना एक्सप्रेस में 18 अक्टूबर के लिए वेटिंग की सीट भी उपलब्ध नहीं है। इसके साथ ही आगरा कैंट से जाने वाली मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस में भी 18 अक्टूबर के लिए कोई सीट उपलब्ध नहीं है। आगरा रेल मंडल की जनसंपर्क अधिकारी प्रशस्ति श्रीवास्तव का कहना है कि त्योहार पर रेलवे की ओर से कई स्पेशल ट्रेन चलाई जाएंगी। यात्रियों की सुविधा के लिए कई ट्रेन में कोच भी बढ़ाए जाएंगे।  

पांच साल में यूपी का ऋण छह से बढ़कर नौ लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान, हर नागरिक पर 37,500 रुपए का कर्ज

लखनऊ उत्तर प्रदेश में जहां बुनियादी और औद्योगिक विकास में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है, वहीं विभिन्न संस्थाओं से लिए उधार का बोझ भी बढ़ा है। चालू वित्त वर्ष में अब तक यूपी के प्रत्येक व्यक्ति पर करीब 37500 रुपये का ऋण है। पांच साल में यूपी पर उधार 6 लाख करोड़ से बढ़कर 9 लाख करोड़ होने का अनुमान है। राज्य वित्त आयोग के मुताबिक इसके बावजूद सरकार का राजस्व घाटा 2.97 फीसदी है जो आरबीआई की निर्धारित सीमा के अंदर है। यही वजह है कि पांच साल में बजट का आकार भी करीब दोगुना हो गया है। राज्य वित्त आयोग के मुताबिक राज्य के ऊपर उधार का बोझ विकास का संकेतक होता है, क्योंकि जितना ज्यादा खर्च बुनियादी ढांचे के विकास पर होता है उतना ही ऋण बढ़ता है। शर्त ये है कि ये खर्च पारदर्शी और प्रबंधन नीति के तहत किया जाए। यानी ऋण का आकार नहीं, बल्कि उसका उपयोग और पुनर्भुगतान की योजना ज्यादा महत्वपूर्ण होती है। अत्यधिक ऋण से विकासशील अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ता है और ब्याज भुगतान में वृद्धि होती है। ऐसे में यूपी जैसे राज्य के लिए इसका संतुलन जरूरी है। वित्त आयोग के मुताबिक वर्ष 23-24 में राज्य सरकार पर कुल ऋण करीब 7.76 लाख करोड़ रुपये था जो वर्ष 25-26 में 9 लाख करोड़ रुपये के पार होने का अनुमान है। राजकोषीय घाटे की स्थिति बेहतर राजकोषीय घाटा वह स्थिति होती है, जब सरकार का कुल खर्च, उसकी कुल प्राप्तियों (ऋण को छोड़कर) से अधिक हो जाता है। यह घाटा इस बात का संकेत होता है कि सरकार को अपने खर्च पूरा करने के लिए कितनी उधारी की जरूरत पड़ी। दूसरे शब्दों में, राजकोषीय घाटा सरकार की वित्तीय जरूरतों और संसाधनों के बीच का अंतर दर्शाता है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि सरकार कितना खर्च अपनी आय से नहीं, बल्कि उधारी से कर रही है। अगर यह घाटा लगातार अधिक बना रहता है, तो इससे सरकार पर ऋण और ब्याज का बोझ बढ़ता है। हालांकि, सीमित और नियंत्रित राजकोषीय घाटा हमेशा नकारात्मक नहीं होता। यदि सरकार इस उधारी का उपयोग सड़क, बिजली, जल, शिक्षा और स्वास्थ्य अवसंरचना आदि पर करती है तो इससे आर्थिक विकास होता है और राजस्व बढ़ता है। यूपी का वित्त वर्ष 2025-26 में अनुमानित राजकोषीय घाटा 91400 करोड़ है, जो राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 2.97% है। यह घाटा केंद्र सरकार के अधिनियम के तहत निर्धारित 3 फीसदी की सीमा के भीतर है। इससे स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार ने वित्तीय अनुशासन बनाए रखा है।  

मुख्यमंत्री का निर्देश, यात्री सुरक्षा, सुविधा और राजस्व वृद्धि पर विभाग करे हरसंभव प्रयास

पीपीपी मॉडल पर 23 बस स्टेशनों का आधुनिकीकरण, दूसरे चरण में 54 और तैयार राज्य में बन रहे 8 इलेक्ट्रिक डिपो, ईवी को मिलेगा प्रोत्साहन,  सड़क सुरक्षा पर सख्ती, ‘नो हेलमेट-नो फ्यूल’ 78 लाख से अधिक लोगों ने रक्षाबंधन पर उठाया निःशुल्क यात्रा का लाभ 2024-25 में 37.9 लाख नए वाहन पंजीकृत, ई-वाहनों को मिली 942 करोड़ की कर छूट लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में ई-बसों की खरीद में ‘मेड इन यूपी’ को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग द्वारा आगे से खरीदी जाने वाली बसें यथासंभव उत्तर प्रदेश में ही निर्मित हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम राज्य की औद्योगिक प्रगति को गति देगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ाएगा। शुक्रवार को परिवहन विभाग और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बस स्टेशनों के निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए, यात्रियों की सुविधा सर्वोपरि हो और सड़क सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को प्रोत्साहन देने और राजस्व वृद्धि के लिए हर संभव प्रयास करने पर बल दिया। बैठक में प्रस्तुतिकरण के दौरान बताया गया कि रोडवेज 23 बस स्टेशनों को पीपीपी मॉडल पर विश्वस्तरीय टर्मिनल के रूप में विकसित कर रहा है। दूसरे चरण में 54 अतिरिक्त बस स्टेशनों का विकास प्रस्तावित है, जबकि 50 बस स्टेशनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। यूपीएसआरटीसी 8 शहरों में इलेक्ट्रिक डिपो भी स्थापित कर रहा है, जहाँ 240 किलोवाट क्षमता के 4 से 8 यूनिवर्सल चार्जर लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने सुगम आवागमन के लिए नए रूट चिन्हित करने और निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन के अवसर पर माताओं-बहनों और उनके एक सहयात्री को तीन दिन तक निःशुल्क यात्रा की सुविधा का लाभ 78 लाख से अधिक लोगों द्वारा लिए जाने पर प्रसन्नता जताई। परिवहन विभाग की उपलब्धियों पर चर्चा करते हुए अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रदेश में 37.9 लाख नए वाहन पंजीकृत हुए, जबकि चालू वित्तीय वर्ष में जून तक ही 11 लाख से अधिक वाहनों का पंजीकरण हो चुका है। इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए कर एवं शुल्क में 942 करोड़ रुपये से अधिक की छूट दी गई है। सड़क सुरक्षा को लेकर ‘नो हेलमेट-नो फ्यूल’ जैसी नीति लागू है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्घटनाओं को कम करने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग तथा पुलिस के साथ समन्वय बढ़ाया जाए।

लड़कियों को बंधक बनाकर घरों में संचालित किया गया जिस्म का धंधा, बेचने की भी थी तैयारी

मुरादाबाद यूपी के मुरादाबाद से एक देह व्यापार का पर्दाफाश हुआ है। यहां पर लड़कियों को अपने जाल में फंसाकर उन्हें अलग-अलग घरों में रखा जाता था, फिर उनसे देह व्यापार कराया जाता था। दरअसल, जम्मूतवी-कोलकाता एक्सप्रेस ट्रेन में मिली तीन लड़कियों को पुलिस अपने साथ ले आई। तीनों लड़कियों ने देह व्यापार का मामला बताया। तीनों लड़कियों ने पुलिस को जानकारी दी कि उन्हें बंधक बनाकर रखा गया था। पुलिस ने उन तीनों लड़कियों से जानकारी लेकर छापेमारी की और इस गिरोह का पर्दाफाश कर दिया। तीनों को बंधक बनाकर रखा गया था  बता दें कि जम्मूतवी-कोलकाता एक्सप्रेस ट्रेन में तीन लड़कियां बिना टिकट के सफर कर रही थी। गाजियाबाद में टीटीई जितेंद्र सिंह ने टिकट चेक किया और जब उन्हें टिकट नहीं मिला, तो उन्होंने जानकारी ली। तीनों ने देह व्यापार का मामला बताया। मुरादाबाद पहुंचने पर जीआरपी पुलिस को बुलाया गया। पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों से जानकारी ली। पूछताछ पर उन्होंने बताया कि उन्हें बंधक बनाकर रखा गया था। मधुबनी (बिहार) की एक किशोरी तीन माह पहले घर से नाराज होकर निकली थी। इसी तरह बस्ती की युवती भी दो माह पहले नाराज होकर घर से निकली और मुरादाबाद पहुंच गई। अमरोहा की किशोरी एक साल से मुरादाबाद में ही है। तीनों ने दिये बयानों में बताया कि उन्हें अलग-अलग दिन यहां लाया गया था। कई लोगों ने किया दुष्कर्म  पूछताछ के बाद पुलिस ने उन जगहों पर छापेमारी की। जिन घरों में उन्हें बंधक बनाकर रखा गया था। बिहार की किशोरी ने बताया कि उसे सचिन नाम के युवक ने दिल्ली रेलवे स्टेशन पर काम दिलाने के बहाने मुरादाबाद लाया और दुष्कर्म किया। इसके बाद उसे पिंकी के घर ले जाया गया, जहां सचिन के अलावा विजय ठाकुर और अवनीश ने दुष्कर्म किया। बस्ती निवासी युवती को विजय ठाकुर ने बंधक बना रखा था। पुलिस ने इस मामले में चाइल्ड वेलफेयर कमिटी (सीडब्ल्यूसी) के अध्यक्ष अमित कौशल के शिकायती पत्र पर मझोला पुलिस ने सचिन, पिंकी, मुकेश ठाकुर और अवनीश के खिलाफ प्राथमिकी लिखी है। इनकी गिऱफ्तारी के लिए टीमें लगा दी गई है। जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।  लड़कियों को बेचने की भी चल रही थी तैयारी  पुलिस को आशंका है कि कई और लड़कियों को भी बंधक बनाकर रखा गया है। लड़कियों को फंसाकर उन्हें अलग-अलग घरों में रखा जाता है और फिर उनसे देह व्यापार कराया जाता है। कई युवतियों को बेचने की भी तैयारी चल रही थी। फिलहाल, पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश करने में जुटी है।