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स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागम के जरिए किसानों/गोपालकों से किया जा रहा संवाद

लखनऊ योगी सरकार स्वदेशी उन्नत गोवंश से समृद्ध उत्तर प्रदेश का निर्माण कर रही है। दुग्ध विकास विभाग ‘स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागम’ का आयोजन कर निवेशकों, लाभार्थियों, पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों व उद्यमियों आदि से संवाद स्थापित कर रहा है। इसी क्रम में 14 मई को आगरा के आरबीएस कॉलेज के राव कृष्णपाल सिंह ऑडिटोरियम में आगरा व अलीगढ़ मंडल के पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों व उद्यमियों से संवाद होगा। यह कॉन्क्लेव यूपी में डेयरी क्षेत्र के भविष्य को नई दिशा देने का अभियान है। समागम का शुभारंभ पशुधन, दुग्ध विकास व राजनैतिक पेंशन मंत्री धर्मपाल सिंह करेंगे।  समागम का उद्देश्य दुग्ध विकास विभाग के 50 वर्ष पूरे होने पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देना है। 'स्वदेशी उन्नत गोवंश, समृद्ध निवेश, सुरक्षित भविष्य – खुशहाल उत्तर प्रदेश' थीम पर आधारित इस आयोजन में आगरा- अलीगढ़ मंडल के किसान, पशुपालक, निवेशक आदि एक मंच पर जुटेंगे। समागम में स्वदेशी गायों की उन्नत प्रजातियों, गोपालन से जुड़े क्षेत्रों में निवेश के अवसरों, किसानों-गोपालकों के सुरक्षित भविष्य और इस क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों से उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मिलने वाले बल पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा।  निवेशक, लाभार्थी, पशुपालक, दुग्ध उत्पादक व उद्यमी भी होंगे शामिल  आगरा में प्रस्तावित समागम में किसान, गोपालक, दुग्ध उत्पादक, उद्यमी व निवेशक आदि मौजूद रहेंगे। इस अवसर पर नंदिनी कृषक समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री स्वदेशी गोसंवर्धन योजना की लाभार्थी पशुपालकों को अपनी सफलता की कहानी से अवगत कराएंगी। निवेशक व उद्यमी यहां डेयरी प्लांट, गोशाला, बायोगैस आदि के क्षेत्र में अपनी संभावनाएं तलाशेंगे। वहीं दुग्ध उत्पादक भी सरकार की योजनाओं से जीवन में आए बदलाव के जरिए अन्य पशुपालकों को प्रेरित करेंगे।  आगरा-अलीगढ़ मंडल से प्राप्त हुए पांच हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के ने बताया कि सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में दुग्ध विकास विभाग को अब तक लगभग 28 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इसमें से आगरा व अलीगढ़ मंडल से ही पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत दोनों मंडलों के 762 लाभार्थियों को 500 लाख रुपये से अधिक की अनुदान राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है।  पूरे प्रदेश में होगा स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागम दुग्ध आयुक्त के मुताबिक प्रदेश के सभी मंडलों में 'स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागम' का आयोजन होगा। 14 मई को आगरा व अलीगढ़ मंडल में यह आयोजन होगा। इसके बाद जून में मुरादाबाद-बरेली मंडल, जुलाई में लखनऊ मंडल, अगस्त में अयोध्या-देवीपाटन मंडल, सितंबर में कानपुर-झांसी मंडल, अक्टूबर में गोरखपुर-बस्ती मंडल, नवंबर में प्रयागराज-चित्रकूट तथा दिसंबर में वाराणसी, आजमगढ़ व विंध्याचल मंडल में यह समागम प्रस्तावित है।

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के पति थे प्रतीक

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव के निधन पर शोक जताया। मुख्यमंत्री ने प्रतीक यादव को श्रद्धांजलि देते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना भी जताई।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, 'पद्म विभूषण', स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव जी के पुत्र एवं उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का आकस्मिक निधन अत्यंत दुःखद है।  प्रतीक यादव को विनम्र श्रद्धांजलि देते हुए सीएम ने शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदनाएं भी जताईं।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा कि प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को सद्गति एवं शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति!

पंजीकृत श्रमिकों को पेंशन, इलाज और बच्चों की पढ़ाई जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा

 लखनऊ प्रदेश के निर्माण श्रमिक अपने आधार कार्ड और 90 दिन काम के आधार पर आसानी से अपना पंजीयन करा सकेंगे। उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड ने पंजीयन प्रक्रिया को और सरल बनाते हुए श्रमिकों के पंजीयन पर जोर दे रहा है, ताकि अधिक से अधिक श्रमिक सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ उठा सकें। पंजीकृत श्रमिकों को पेंशन, इलाज, बच्चों की पढ़ाई, कौशल विकास और कन्या विवाह जैसी कई योजनाओं का लाभ मिलेगा। श्रम योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति द्वारा पैसे मांगने की शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर 18001805412 जारी किया गया है। प्रदेश में अब तक एक करोड़ 71 लाख 36 हजार 963 निर्माण श्रमिकों और चार लाख 66 हजार 415 निर्माण स्थलों का पंजीयन किया जा चुका है। इसके बावजूद जानकारी के अभाव में बड़ी संख्या में श्रमिक अब भी पंजीकरण से बाहर हैं, जिसके कारण वे सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। इसे देखते हुए विभाग ने लेबर मैनेजमेंट इंफार्मेशन सिस्टम के जरिए पंजीयन प्रक्रिया को और आसान बनाया है। साथ ही निर्माण स्थलों पर विशेष कैंप लगाकर भी पंजीयन कराया जा रहा है। बोर्ड के अनुसार 18 से 60 वर्ष आयु के ऐसे निर्माण श्रमिक, जिन्होंने पिछले एक वर्ष में कम से कम 90 दिन कार्य किया है, वे पंजीयन के पात्र होंगे। आधार कार्ड के माध्यम से होगा पंजीयन श्रमिक अपने आधार कार्ड के माध्यम से आसानी से पंजीयन करा सकेंगे। पंजीकृत श्रमिकों के लिए कन्या विवाह योजना, अटल आवासीय विद्यालय योजना, जन आरोग्य योजना, महात्मा गांधी पेंशन योजना, मातृत्व शिशु बालिका मदद योजना, कौशल विकास तकनीकी उन्नयन योजना, पंडित दीन दयाल उपाध्याय चेतना योजना और संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना जैसी कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। प्रदेश के 18 मंडलों में संचालित अटल आवासीय विद्यालयों में निर्माण श्रमिकों के करीब 11 हजार बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। विभाग का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक श्रमिकों को इन योजनाओं का लाभ मिल सके।

प्रयागराज कचहरी हत्याकांड: पूर्व विधायक विजय मिश्रा समेत चार को उम्रकैद

प्रयागराज प्रयागराज कचहरी परिसर में 46 साल पहले दिनदहाड़े हुई हत्या के मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने मंगलवार को पूर्व विधायक विजय मिश्रा समेत चार आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने चारों को मंगलवार को दोषी करार दिया था। सजा का एलान बुधवार को किया गया। यह आदेश विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार तृतीय की अदालत ने विशेष लोक अभियोजक वीके सिंह, अपर जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार वैश्य और सहायक अधिवक्ता संजीव कुमार यादव को सुनकर दिया। कोर्ट ने सभी पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। उम्रकैद की सजा मिलने के बाद  पूर्व विधायक विजय मिश्र को कड़ी सुरक्षा के बीच फिर आगरा जेल ले जाया गया। बाकी तीनों दोषियों को नैनी जेल में भेजा गया है। कोर्ट का फैसला आने के पहले कचहरी को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। काफी सुरक्षा के बीच विजय मिश्र को कोर्ट में पेश किया गया। क्या है मामला अभियोजन के अनुसार नवाबगंज के हथिगहां गांव निवासी वादी श्याम नारायण पांडेय ने कर्नलगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप था कि उनके भाई प्रकाश नारायण पांडेय 11 फरवरी 1980 की दोपहर दीवानी परिसर में एक मामले में जमानत कराने आए थे। परिसर स्थिति वह एक चाय नाश्ते की दुकान पर बैठे थे। तभी पीछे के रास्ते से हंडिया निवासी संतराम, बलराम, जीत नारायण और विजय मिश्रा असलहा लेकर पहुंचे और धमकी देते हुए सीने में गोली मार दी। दिनदहाड़े गोलीबारी से कचहरी परिसर में अफरातफरी मच गई थी। कई घायल भी हुए थे। घायल अवस्था में प्रकाश नारायण पांडेय को पुलिस स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल ले गई, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।  

वीवीआईपी अतिथियों के लिए हैलीपेड और रेस्ट एरिया तैयार, लाखों की भीड़ की उम्मीद

 लखनऊ  लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे बनकर तैयार हो गया है। अब इसके लोकार्पण को लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने तैयारी तेज कर दी है। लोकापर्ण को लेकर अभी दो स्थान देखे गए हैं। पहला स्थान एक्सप्रेसवे के किमी. साठ पर पड़ने वाले एक्सप्रेसवे के रेस्ट एंड सर्विस एरिया की खाली पड़ी जमीन है। वहीं दूसरा स्थान जाजमऊ पुल से पहले है। एनएचएआई रेस्ट एंड सर्विस एरिया की कई बीघे पड़ी जमीन पर प्रधानमंत्री का भव्य कार्यक्रम कराना चाहती है। यह रोड कनेक्टिविटी के मामले में सबसे बेहतर स्थान माना जा रहा है। यहां लाखों की भीड़ आसानी से इस मैदान में आ जाएगी। कार्यक्रम के कारण रोड डायवर्जन जैसा कोई काम नहीं होगा। वहीं हैलीपैड के लिए भी स्थान चिह्नित कर लिया गया है। लोकार्पण को लेकर 24 मई की संभावित तिथि मानी जा रही है। हालांकि इसकी तिथि में बदलाव भी संभव है। पीएमओ कार्यालय से हरी झंडी मिलते ही कार्यक्रम स्थल पर एनएचएआइ काम भी शुरू करवा देगा। लखनऊ से कानपुर के बीच एनएचएआइ ने 63 किमी. का एक्सप्रेसवे बनवाया है। यह 18 किमी. एलीवेटेड है और 45 किमी. ग्रीन फील्ड है। लखनऊ से चलते ही ग्रीन फील्ड के किमी. संख्या साठ के पास एनएचएआइ ने रेस्ट एंव सर्विस एरिया के लिए कई एकड़ जमीन की बैरिकेडिंग करवा रखी है। यहां नेशनल हाईवेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (एनएचएमसीएल) द्वारा रेस्तरां, पेट्रोल पंप, ई चार्जिंग स्टेशन, ट्रामा सेंटर जैसी सुविधाएं यात्रियों को आने वाले चंद सालों में उपलब्ध कराएगा। यहां जमीन कई एकड़ खाली पड़ी है। इसके बगल में भी कुछ जमीन निजी व कुछ सरकारी है। ऐसे में प्राधिकरण को यह स्थान कार्यक्रम स्थल के लिए ठीक बेहतर लग रहा है। क्योंकि यहां से एक्सप्रेसवे भी चंद मीटर की दूरी पर है। एक नजर में एक्सप्रेसवे लागत : 4700 करोड़ किमी. : 63 किमी. टाेल की संख्या : चार टोल कनेक्टिविटी : लखनऊ, कानपुर, लालगंज, उन्नाव, रायबरेली, आउटर रिंग रोड, आगरा एक्सप्रेस वे कुल गांव की जमीनें गई : 43 गांव जमीन ली गई निर्माण के लिए : 480.9799 हेक्टेअर मुआवजा दिया गया : 590.87 करोड़ लेन : छह लेन, भविष्य में आठ लेन कैमरे : एएनपीआर व पीटीएच कैमरे से लैस टोल कार का : 275 रुपये, वापसी जर्नी चौबीस घंटे में 415 रुपये में वीवीआईपी अतिथियों की लिस्ट रहेगी लंबी लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के लोकार्पण में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अलावा रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ, यूपी के दोनों उपमुख्यमंत्री के साथ ही राज्य के कई मंत्री, और सांसद व विधायक मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम स्थल पर तीन हेलीकाप्टर के लिए हैलीपेड बनाए जाएंगे। लोकार्पण के लिए 22 से 24 मई के बीच की तिथि संभावित है। लोकार्पण के लिए कार्यक्रम स्थल का चयन जाजमऊ के पास और एक्सप्रेसवे के रेस्ट एरिया को लेकर किया जाना है। फिलहाल संबंधित वेंडरों को बोल दिया गया है। तिथि चंद दिन पहले ही आएगी, जिससे वेंडरों को तैयारियां करने में परेशानी न हो।- दिवाकर त्रिपाठी, प्रतिनिधि, रक्षामंत्री व सांसद राजनाथ सिंह  

काफिले की गाड़ियां घटाएं, ईंधन बचाएं: योगी आदित्यनाथ की जनता और अधिकारियों से अपील

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से अपील की है कि वे प्रधानमंत्री के संदेश को अपनाकर देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में सहयोग करें. उन्होंने कहा कि ईंधन की खपत कम करें और बेवजह सोना खरीदने से बचें। सरकार स्तर पर भी सख्ती दिखाते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों के काफिले में तुरंत 50 फीसदी तक वाहनों की संख्या कम की जाए और अनावश्यक गाड़ियां हटाई जाएं. योगी ने वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने की बात कही, ताकि खर्च और ईंधन दोनों की बचत हो सके. उन्होंने लोगों से पीएनजी, मेट्रो, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और रोडवेज बसों का ज्यादा इस्तेमाल करने की अपील की. साथ ही सरकारी बैठकों, सेमिनार और कॉन्फ्रेंस को ज्यादा से ज्यादा वर्चुअल तरीके से करने पर भी जोर दिया गया है, ताकि समय और संसाधनों की बचत हो सके. सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम दिया जाए मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्री, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि सप्ताह में एक दिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें. सप्ताह में एक दिन नो व्हीकल डे आयोजित किया जाए. इस अभियान से सरकारी कर्मचारियों, स्कूलों-कॉलेजों के विद्यार्थियों समेत समाज के विभिन्न वर्गों को भी जोड़ें. औद्योगिक विकास विभाग व आईआईडीसी द्वारा औद्योगिक संस्थानों, बड़े स्टार्टअप्स आदि में वर्क फ्रॉम होम के लिए प्रेरित किया जाए. वहीं जहां बड़ी संख्या में कार्मिक कार्यरत हैं, उन्हें सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम की अनुशंसा के लिए राज्य स्तर पर एडवाइजरी जारी की जाए. बैठकें और वर्कशॉप अब ज्यादा से ज्यादा ऑनलाइन सीएम योगी ने कहा है कि शिक्षा विभाग के सेमिनार, बैठकें और वर्कशॉप अब ज्यादा से ज्यादा ऑनलाइन कराए जाएं. सचिवालय और निदेशालय की करीब आधी मीटिंग्स भी वर्चुअल हों. स्कूल-कॉलेजों में बसों के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाए और जरूरत पड़ने पर रोडवेज बसों को भी जोड़ा जाए. साथ ही पीक ऑवर में भीड़ और ईंधन बचाने के लिए दफ्तरों का समय अलग-अलग शिफ्ट में करने का सुझाव दिया गया है. पब्लिक ट्रांसपोर्ट, साइक्लिंग, कार पूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों पर जोर मुख्यमंत्री योगी ने लोगों से कहा है कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट, साइक्लिंग, कार पूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों का ज्यादा इस्तेमाल करें. जिन शहरों में मेट्रो चल रही है, वहां उसका अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की गई है. ज्यादा भीड़ वाले रूट्स पर बस और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाएं बढ़ाने की बात भी कही गई है. साथ ही उन्होंने बिजली बचाने पर जोर देते हुए कहा कि घरों, सरकारी दफ्तरों और निजी संस्थानों में बेवजह बिजली न जलाएं और रात 10 बजे के बाद सजावटी लाइटों का कम से कम इस्तेमाल करें.  

बाराबंकी: गैस सिलेंडर न मिलने पर युवक गिरफ्तार

बाराबंकी बाराबंकी के रामनगर तहसील में मंगलवार को एसडीएम आनंद तिवारी ने अपनी भतीजी की शादी के लिए गैस सिलेंडर मांगने आए युवक शिवमोहन को पुलिस से गिरफ्तार करवा दिया. बढ़नपुरवा निवासी शिवमोहन एक हफ्ते से गैस एजेंसी के चक्कर काट रहा था और बुकिंग नंबर होने के बावजूद उसे सिलेंडर नहीं मिल रहा था. बुधवार को होने वाली शादी की तैयारी के लिए जब वह फरियाद लेकर तहसील पहुंचा, तो एसडीएम ने उसे अराजकता फैलाने के आरोप में हिरासत में भिजवा दिया. हालांकि, पुलिस ने दो घंटे बाद उसे छोड़ दिया, लेकिन पीड़ित को सिलेंडर नहीं मिला और घर में लकड़ियों पर खाना बनाना पड़ रहा है. शादी का घर और सिलेंडर की किल्लत रामनगर क्षेत्र के शिवमोहन की भतीजी अनीता की आज बुधवार को शादी है. घर में बारात आनी है, लेकिन रसोई के लिए गैस का संकट खड़ा हो गया. शिवमोहन ने श्री लोधेश्वर इंडियन गैस एजेंसी में सिलेंडर बुक कराया था और उसे DAC नंबर भी मिल चुका था. नियमों के मुताबिक नंबर मिलने के बाद गैस मिल जानी चाहिए, लेकिन एजेंसी संचालक उसे हफ्ते भर से टाल रहा था. थक-हारकर पीड़ित न्याय की उम्मीद में तहसील के आला अधिकारी के पास पहुंचा था. एसडीएम का पारा हुआ हाई, मिली जेल पीड़ित शिवमोहन के अनुसार, मंगलवार सुबह जैसे ही एसडीएम आनंद तिवारी अपनी गाड़ी से उतरे, उसने अपनी समस्या बतानी शुरू कर दी. अपनी व्यथा सुनाना ही उसे भारी पड़ गया. एसडीएम साहब बात सुनते ही आगबबूला हो गए और उन्होंने तुरंत मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को बुलाकर शिवमोहन को गिरफ्तार कर जेल भेजने का निर्देश दे दिया. पुलिस उसे पकड़कर थाने ले गई, जिससे शादी वाले घर में हड़कंप मच गया और प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल उठने लगे. अराजकता का आरोप और मजबूर परिवार इस मामले पर सफाई देते हुए एसडीएम आनंद तिवारी ने कहा कि कुछ लोग गैस सिलेंडर के नाम पर आकर अराजकता और 'न्यूसेंस' क्रिएट कर रहे थे, इसलिए उन्हें पुलिस के हवाले किया गया था. हालांकि, शिवमोहन को दो घंटे बाद छोड़ दिया गया, लेकिन उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ. आज शादी के दिन भी परिवार गैस के लिए भटक रहा है और घर के आंगन में लकड़ियों के चूल्हे पर खाना बनाया जा रहा है.

लंबित मामलों पर SC की कड़ी टिप्पणी, इलाहाबाद हाईकोर्ट से कहा- सभी कैदियों और केसों का हिसाब दीजिए

प्रयागराज  सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में 35 साल से लंबित एक आपराधिक मामले को रद्द कर दिया है। यह मामला कुंभ मेला ड्यूटी के दौरान पुलिस मेस में खाने को लेकर हुए विवाद से जुड़ा था। पुलिसकर्मी को राहत देने के साथ ही, शीर्ष अदालत ने यूपी में पेंडिंग मुकदमों, जेलों में बंद विचाराधीन कैदियों (अंडरट्रायल) और जमानत मिलने में हो रही देरी के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल से राज्य की अदालतों में लंबित मामलों का पूरा विस्तृत डेटा तलब किया है। '35 साल का समय बहुत लंबा, त्वरित न्याय मौलिक अधिकार' बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने 29 अप्रैल के अपने फैसले में यूपी पुलिस के कांस्टेबल कैलाश चंद्र कापड़ी (आरोपी) की अपील को स्वीकार कर लिया। कापड़ी ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें 1991 से उनके खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने से इनकार कर दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि मारपीट और आपराधिक धमकी जैसे आरोपों के लिए 35 साल तक मुकदमा चलना बिना किसी औचित्य के है। अदालत ने कहा, "मारपीट और धमकी के मुकदमे के लिए 35 साल बहुत लंबा समय है। त्वरित न्याय संविधान के अनुच्छेद 21 का अनिवार्य हिस्सा है। बेंच ने कहा कि इतनी लंबी कार्यवाही आरोपी के त्वरित सुनवाई और निष्पक्ष प्रक्रिया के अधिकार का उल्लंघन है। खाने को लेकर हुआ था विवाद, 5 पुलिसकर्मियों पर दर्ज हुई थी FIR यह मामला 1989 का है। कुंभ मेला ड्यूटी पर तैनात पांच पुलिस कांस्टेबलों पर आरोप था कि उन्होंने इलाहाबाद के जीआरपी रामबाग पुलिस स्टेशन की मेस (भोजनालय) में खाने के विवाद के बाद एक अन्य कांस्टेबल के साथ मारपीट की थी। एफआईआर में कापड़ी समेत पांच कांस्टेबलों को आरोपी बनाया गया था। इन पर दंगा करने (धारा 147), जानबूझकर चोट पहुंचाने (धारा 323), और जानबूझकर अपमान करने (धारा 504) के साथ-साथ रेलवे अधिनियम की धारा 120 के तहत मामला दर्ज किया गया था। चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामला इलाहाबाद के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (रेलवे) की अदालत में पहुंचा था। सुनवाई के दौरान दो सह-आरोपियों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य को 2023 में इसलिए बरी कर दिया गया क्योंकि अभियोजन पक्ष किसी भी गवाह को पेश करने में विफल रहा। इसके बाद कापड़ी ने कार्यवाही रद्द करने के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन राहत न मिलने पर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। इलाहाबाद हाई कोर्ट से मांगा पेंडिंग केसों का विस्तृत डेटा सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल एक आरोपी को राहत देने से इस फैसले का व्यापक उद्देश्य पूरा नहीं होगा। अदालती सिस्टम की बड़ी खामियों को संज्ञान में लेते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को 13 जुलाई तक एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने इस मामले को 'पार्ट-हर्ड' (आंशिक रूप से सुना गया) माना है। सुप्रीम कोर्ट ने हलफनामे में निम्नलिखित जानकारियां मांगी हैं: लंबित मुकदमे और कैदी: ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास (JMFC), चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (CJM) और सेशन कोर्ट में पेंडिंग कुल केस, ये केस कितने पुराने हैं और विचाराधीन कैदियों की जेल में बिताई गई अवधि क्या है। अदालती बाधाएं: मुकदमों के मौजूदा स्टेटस और कोर्ट की कार्यवाही आगे बढ़ाने में आ रही अड़चनों की जानकारी। जजों की स्थिति: राज्य में JMFC, CJM और सेशन जजों की स्वीकृत संख्या, मौजूदा वर्किंग स्ट्रेंथ और खाली पदों की रिपोर्ट। भर्ती प्रस्ताव: जजों के रिक्त पदों को भरने के लिए हाई कोर्ट द्वारा राज्य सरकार को भेजे गए पेंडिंग प्रस्तावों की स्थिति। जमानत अर्जियों पर भी मांगी गई सख्त रिपोर्ट शीर्ष अदालत ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के समक्ष लंबित जमानत अर्जियों के संबंध में भी विस्तृत जानकारी मांगी है:     30 अप्रैल 2026 तक पेंडिंग जमानत अर्जियों का साल-वार आंकड़ा।     क्या पेंडिंग जमानत अर्जियों को विचाराधीन कैदियों द्वारा जेल में बिताई गई अवधि के आधार पर बांटा जा सकता है?     ऐसे मामलों की संख्या जहां विचाराधीन कैदियों ने 10 साल से अधिक, 8-10 साल, 6-8 साल, 4-6 साल, 2-4 साल, 1-2 साल और 0-1 साल का समय जेल में बिताया है।     क्या पुराने जमानत मामलों और लंबे समय से जेल में बंद कैदियों के मामलों को प्राथमिकता देने का कोई सिस्टम मौजूद है?     ऐसे कैदियों की संख्या जो 5 साल से ज्यादा समय से हिरासत में हैं, लेकिन उनकी जमानत अर्जी न तो दाखिल हुई है और न ही उस पर फैसला हुआ है।

गंभीर रोगी और गर्भवती कर्मियों को जनगणना ड्यूटी से मिल सकती है छूट

  आगरा गंभीर रोगी, गर्भवती या दिव्यांग कर्मियों की जनगणना में ड्यूटी नहीं लगेगी। 22 मई से घर-घर सर्वे शुरू होगा। 11 हजार प्रगणक मकानों की गणना करेंगे। ऐसे में ड्यूटी कटवाने के लिए 15 से 20 आवेदक रोज कलेक्ट्रेट पहुंच रहे हैं। बीमारी के आधार पर ड्यूटी कटवाने वालों का मेडिकल बोर्ड चिकित्सकीय परीक्षण कर रहा है।  जनगणना में 30 से अधिक विभागों के कर्मियों को शामिल किया गया है। बड़ी संख्या में ऐसी महिला कर्मियों की ड्यूटी भी जनगणना में आ गई है, जो मातृत्व अवकाश पर हैं। किडनी, हृदय, मधुमेह जैसे गंभीर रोगों से ग्रस्त कर्मियों की भी ड्यूटी लगाई है। ड्यूटी कटवाने के लिए प्रगणक व सुपरवाइजर नगर क्षेत्र में अपर नगरायुक्त व तहसील क्षेत्र में एडीएम वित्त कार्यालय पहुंच रहे हैं। एडीएम वित्त एवं नोडल प्रभारी जनगणना शुभांगी शुक्ला ने बताया कि जनगणना ड्यूटी में छूट सिर्फ मेडिकल आधार पर मिलेगी। मेडिकल बोर्ड आवेदक की बीमारी, इलाज व स्वास्थ्य की जांच करेगा। गर्भवती महिलाएं, गंभीर रोगी और चलने-फिरने में असमर्थ लोगों को परीक्षण के बाद ड्यूटी से मुक्त रखा जा सकता है। मैडम, मेरे पति बीमार… कोई बोला मेरा बच्चा छोटा जनगणना ड्यूटी कटवाने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचने वाले कर्मियों के पास तरह-तरह की दलील हैं। किसी का कहना है कि मेरे पति बीमार हैं। मैं उन्हें घर अकेला नहीं छोड़ सकती। किसी ने कहा कि मेरा बच्चा छह महीने का है। उसे अकेला घर पर नहीं छोड़ा जा सकता। ऐसे मामलों में भी जांच-पड़ताल के बाद प्रशासन ड्यूटी पर निर्णय ले रहा है। कलेक्ट्रेट में पिछले 15 दिनों में 300 से अधिक लोग ड्यूटी कटवाने के लिए आवेदक कर चुके हैं।    

अधिकमास के लिए वृंदावन में सफाई व्यवस्था तीन शिफ्ट में होगी

 वृंदावन अधिकमास में श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए नगर निगम ने परिक्रमा मार्ग में सफाई व्यवस्था के साथ कच्चे पाथ को उपलब्ध करवाने के लिए अभियान चलाया। निगम की टीम ने अटल्ला चुंगी से लेकर रमणरेती पुलिस चौकी कट तक सड़क किनारे कच्चे पाथ पर हाे रहे अवैध अतिक्रमण को हटवाया। कच्चे पाथ पर हाे रहे अवैध कब्जों को निगम की टीम ने हटाया सोमवार को दैनिक जागरण ने अधिकमास में श्रद्धालुओं को गर्मी में परिक्रमा करने के दौरान कच्चा पाथ न मिलने का समाचार प्रकाशित किया था। मंगलवार को परिक्रमा मार्ग में अधिकमास के दौरान सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने को कर्मचारियों की संख्या में वृद्धि करने के साथ तीन शिफ्ट में सफाई कार्य करवाने की भी योजना बनाई गई। अधिकमास में परिक्रमा में तीन शिफ्ट में होगी सफाई व्यवस्था अधिकमास 17 मई से शुरू हो रहा है। इस दिन से एक महीने तक देश दुनिया के लाखों श्रद्धालु पंचकोसीय पैदल व दंडवती परिक्रमा करेंगे। उज्जवल ब्रज संस्था के प्रभारी कुलदीप दीक्षित ने बताया कि परिक्रमा मार्ग में वर्तमान में 120 सफाईकर्मी काम कर रहे हैं। अधिकमास में डेढ़ सौ सफाईकर्मी तैनात कर तीन शिफ्टों में काम करवाया जाएगा। सुबह पांच से दोपहर एक बजे तक दोपहर तीन से रात दस बजे तक और रात दस बजे से सुबह पांच बजे तक तीन शिफ्टों में सफाईकर्मी दिनरात परिक्रमा मार्ग में सफाई व्यवस्था की कमान संभालेंगे।