samacharsecretary.com

रायपुर: मुकेश कोठारी को तिल्दा-नेवरा SDM की जिम्मेदारी, आशुतोष देवांगन बने प्रोटोकॉल अधिकारी

रायपुर. राज्य शासन ने प्रशासनिक कार्य संचालन को ध्यान में रखते हुए रायपुर जिले में अधिकारियों के पदस्थापना आदेश में संशोधन किया है। जारी आदेश के अनुसार, संयुक्त कलेक्टर मुकेश कुमार कोठारी को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तिल्दा-नेवरा के पद पर पदस्थ किया गया है। वहीं वर्तमान में तिल्दा-नेवरा में एसडीएम के रूप में कार्यरत आशुतोष कुमार देवांगन को प्रोटोकॉल अधिकारी, रायपुर के पद पर आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से पदस्थ किया गया है। गौरतलब है कि इससे पहले 16 अगस्त 2024 को जारी आदेश के तहत आशुतोष कुमार देवांगन को डिप्टी कलेक्टर रायपुर से तिल्दा-नेवरा का एसडीएम बनाया गया था। अब प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से शासन ने उक्त आदेश में संशोधन करते हुए नई पदस्थापना की है। इसका आदेश कलेक्टर कार्यालय के वित्त शाखा ने जारी किया है। ज्ञात हो कि रायपुर जिले में तहसीलदारों में भी फेरबदल किया गया है। इसका आदेश कलेक्टर ने जारी किया है। तबादला आदेश के मुताबिक आरंग, धरसीवां, मंदिर हसौद, खरोरा, गोबरा नवापरा के तहसीलदारों को इधर से उधर किया गया है।

एआई मिशन के जरिए युवाओं को कौशल, रोजगार और नवाचार के मिलेंगे नए अवसर

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के विकास एवं विस्तार, मोबाइल नेटवर्क सुदृढ़ीकरण, इंटरनेट कनेक्टिविटी, सेवा सेतु, ई-प्रगति पारस (प्रोजेक्ट असेसमेंट रिव्यू एवं एनालिसिस सिस्टम), सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, डेटा लैब्स तथा विभिन्न डिजिटल नवाचार परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। इसके साथ ही युवाओं के लिए कौशल विकास, रोजगार सृजन, स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने तथा तकनीक आधारित सुशासन को नई गति देने के विभिन्न आयामों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं और राज्य इस क्षेत्र में देश का अग्रणी प्रदेश बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि एआई केवल भविष्य की तकनीक नहीं, बल्कि सुशासन, पारदर्शिता, दक्षता और जनसेवा को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रभावी माध्यम है। एआई के प्रभावी उपयोग से शासन-प्रशासन को अधिक सक्षम, पारदर्शी, त्वरित एवं नागरिक-केंद्रित बनाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल नई तकनीक को अपनाना नहीं है, बल्कि प्रदेश के लोगों को एआई के लिए तैयार करना, व्यवसायों की उत्पादकता बढ़ाना, नागरिकों की आय में वृद्धि करना तथा बेहतर सार्वजनिक सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, कौशल विकास और दैनिक प्रशासनिक कार्यों में एआई के व्यापक उपयोग से आम नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। इसके लिए राज्य में मजबूत एआई इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा तथा सुरक्षित, विश्वसनीय और जिम्मेदार एआई के उपयोग को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। बैठक में प्रस्तुत विजन दस्तावेज में बताया गया कि राज्य का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को एआई के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाना है, जहां प्रत्येक नागरिक अपनी भाषा में एआई सीख सके, सरकार तकनीक आधारित भरोसेमंद सेवाएं प्रदान करे और उद्योगों तथा व्यवसायों को नई गति मिले। इस मिशन के अंतर्गत पांच प्रमुख स्तंभों – एआई कौशल विकास, नवाचार एवं स्टार्टअप, जागरूकता एवं आउटरीच, सुरक्षित एवं जिम्मेदार एआई तथा शासन में एआई के उपयोग – पर कार्य किया जाएगा। प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि छत्तीसगढ़ में विद्यार्थियों तथा सरकारी कर्मचारियों को एआई का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत स्कूलों में एआई जागरूकता कार्यक्रम, एआई एवं रोबोटिक्स क्लब तथा हैकाथॉन आयोजित किए जाएंगे। महाविद्यालयों में एआई सर्टिफिकेशन कार्यक्रम, छात्र परियोजनाओं के लिए अनुदान, आईटीआई में एआई लैब तथा विश्वविद्यालयों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। राज्य में नवाचार और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए एआई डेटा लैब्स, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, एआई आधारित स्टार्टअप, डेटा सेट तथा अनुसंधान परियोजनाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त क्लाउड कंप्यूटिंग सुविधा, सीड फंडिंग तथा उद्योगों एवं शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से अत्याधुनिक एआई आधारित स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने की भी कार्ययोजना प्रस्तुत की गई। बैठक में सुरक्षित एवं जिम्मेदार एआई उपयोग को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि राज्य स्तर पर एआई नीति तैयार की जाएगी, जिसमें डेटा सुरक्षा, नागरिकों की निजता का संरक्षण, नियमित तकनीकी ऑडिट तथा केंद्र सरकार के डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (डीपीडीपी) कानून के अनुरूप व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी। शासन में एआई के प्रभावी उपयोग के लिए विभिन्न विभागों में एआई आधारित निर्णय सहायता प्रणाली विकसित की जाएगी, प्रत्येक विभाग का अलग रोडमैप तैयार होगा, एआई नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। इसके साथ ही सरकारी एआई पायलट परियोजनाएं प्रारंभ करने का लक्ष्य रखा गया है। नागरिकों को उनकी अपनी भाषा में डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए भाषिणी प्लेटफॉर्म का भी उपयोग किया जाएगा, जिससे सरकारी सेवाएं अधिक सरल, सुलभ और समावेशी बन सकें। बैठक में मोबाइल नेटवर्क विस्तार की समीक्षा के दौरान बताया गया कि पिछले ढाई वर्षों में डीबीएन वित्तपोषित लगभग एक हजार मोबाइल टॉवर स्थापित कर राज्य ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। इसके अतिरिक्त 577 नए मोबाइल टावरों की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। इनमें से 406 टावरों के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, जबकि शेष 171 प्रकरणों का निराकरण आगामी एक माह के भीतर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री ने दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। भारतनेट फेज-3 की समीक्षा में अधिकारियों ने बताया कि राज्य की 4,114 ग्राम पंचायतों को रिंग टोपोलॉजी आधारित आधुनिक नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही आईपी-एमपीएलएस आधारित एकीकृत नेटवर्क विकसित किया जाएगा तथा गांवों तक एफटीटीएच सेवाओं का विस्तार सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाली इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध हो सकें और डिजिटल सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। सेवा सेतु पोर्टल की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वर्तमान में राज्य के 36 विभागों की 520 सेवाएं इस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं, जिनमें 111 होस्टेड तथा 409 रीडायरेक्ट सेवाएं शामिल हैं। प्रदेशभर में संचालित 16 हजार 726 सेवा केंद्रों के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न सरकारी सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। एक अप्रैल 2025 से अब तक सेवा सेतु के माध्यम से 39.75 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 37.52 लाख आवेदनों का सफलतापूर्वक निराकरण करते हुए 94.3 प्रतिशत सफलता दर प्राप्त की गई है। अधिकारियों ने बताया कि सेवा सेतु में क्यूआर आधारित प्रमाण-पत्र सत्यापन, आधार प्रमाणीकरण, डिजिलॉकर एकीकरण, ट्रेजरी एवं ई-चालान प्रणाली तथा डीबीटी आधारित भुगतान जैसी आधुनिक सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं, जिससे सेवाओं की पारदर्शिता, विश्वसनीयता और सुविधा में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। बैठक में नवा रायपुर में सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप की स्थापना, एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, डेटा लैब्स, सुरक्षा संचालन केंद्र, जीआईएस आधारित मॉनिटरिंग प्रणाली तथा डिजिटल निगरानी जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई।  अधिकारियों ने बताया कि इन पहलों से प्रदेश में आईटी एवं आईटीईएस क्षेत्र को नई गति मिलेगी, निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा हजारों युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। बैठक में मुख्य सचिवविकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिवसुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिवराहुल भगत, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिवअंकित आनंद, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिवप्रभात मलिक , सुशासन तथा अभिसरण विभाग के संयुक्त एवं  चिप्स के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसरमयंक अग्रवाल … Read more

रायपुर जिले के 9 तहसीलदार बदले गए, कलेक्टर ने जारी किए तबादला आदेश

रायपुर. छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में तहसीलदारों का फेरबदल किया गया है। इसका आदेश कलेक्टर ने जारी किया है। तबादला आदेश के मुताबिक आरंग, धरसीवां, मंदिर हसौद, खरोरा, गोबरा नवापरा के तहसीलदारों को इधर से उधर किया गया है। इन अधिकारियों की नई पदस्थापना भी कर दी गई है। शासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार सभी अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। यह तीन वर्ष की स्थानापन्न अवधि के लिए की गई है। अब ये अधिकारी छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा के नियमों के तहत अपनी सेवाएं देंगे। संबंधित अधिकारियों को जल्द नई जगह पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। तीन साल की स्थानापन्न अवधि के लिए पदोन्नति जारी आदेश में बताया गया है कि इनकी तीन वर्ष की स्थानापन्न अवधि है। अधिकारी अब छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा के नियमों के तहत अपनी सेवाएं देंगे।

सरकारी स्कूलों में मंत्रोच्चार पर सरकार कायम, शिक्षा मंत्री गजेन्द्र ने आदेश पर दी बड़ी सफाई

रायपुर. छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में मंत्रोच्चार के आदेश को लेकर सियासी बयानबाजी जारी है. आदिवासी संगठन, ईसाई संस्थाओं के साथ कांग्रेस ने राज्य सरकार के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका लगाई है. इस घटनाक्रम के बीच स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंन्द्र यादव का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार देने के उद्देश्य से मंत्रोच्चार कराने का फैसला लिया गया, लेकिन दुर्भाग्य है कि कांग्रेस ने इसके खिलाफ कोर्ट में याचिका लगाई है. शिक्षा गजेन्द्र यादव का कहना है कि फिलहाल सरकारी स्कूलों में निर्बाध रूप से मंत्रोच्चार चलेगा. मामले में कोर्ट जो फैसला सुनाएगी, उसके अनुसार आगे होगा. सरकार अपने आदेश पर कायम है और अदालत का जो भी फैसला आएगा, उसके अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी. रिटायर्ड शिक्षकों को बड़ी राहत छत्तीसगढ़ में शिक्षा सत्र 2026-27 के दौरान रिटायर होने वाले शिक्षकों को बड़ी राहत दी गई है. वह पूरे शैक्षणिक सत्र तक पढ़ा सकेंगे. इस फैसले को लेकर शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने बताया कि शैक्षणिक सत्र के बीच अगर कोई शिक्षक रिटायर होता है तो वह सत्र के आखिर तक स्कूलों में पढ़ा सकेगा. हालांकि अगर कोई ऐसा नहीं करना चाहता है, तो यह अलग विषय है, लेकिन ज्यादातर लोगों की इस पर सहमती रहती है.

सीमा के गांवों में बिजली संकट होगा खत्म, छत्तीसगढ़ से शुरू होगी बिजली आपूर्ति

बीजापुर-सुकमा. सीमावर्ती गांवों में बिजली व्यवस्था अब नए दौर में प्रवेश करने जा रही है। घने जंगल और सुरक्षा चुनौतियों के कारण वर्षों से तेलंगाना से बिजली ली जा रही थी। अब छत्तीसगढ़ की ओर से बिजली पहुंचाने का काम तेज कर दिया गया है। पामेड़ समेत कई गांव अभी तेलंगाना के ग्रिड से जुड़े हुए हैं। विद्युत विभाग ने लाइन विस्तार का कार्य शुरू कर दिया है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द सभी गांव राज्य के अपने नेटवर्क से जुड़ेंगे। इलाके में लाइनमैन और हेल्पर की स्थायी तैनाती भी की गई है। फाल्ट आने पर तत्काल सुधार की व्यवस्था बनाई गई है। नक्सल प्रभाव कम होने से विकास कार्यों को गति मिलने लगी है। राज्य में पर्याप्त बिजली उत्पादन होने के बावजूद खरीद की मजबूरी रही है। नई लाइन बनने के बाद यह निर्भरता समाप्त होने की उम्मीद है। बिजली पहुंचने से सीमावर्ती गांवों के विकास को नई रफ्तार मिलने की संभावना है।

अरुण साव ने जारी किए ₹104.54 करोड़, महापौर-अध्यक्ष और पार्षद निधि से होंगे शहरी विकास कार्य

नगरीय निकायों को महापौर, अध्यक्ष और पार्षद निधि के 104.54 करोड़ जारी उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने निधि का सदुपयोग कर शहरी आबादी को समुचित लाभ पहुंचाने के दिए निर्देश रायपुर  राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने नगर निगमों में महापौर निधि, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में अध्यक्ष निधि तथा तीनों तरह के निकायों में पार्षद निधि के रूप में 104 करोड़ 54 लाख 25 हजार रुपए जारी किए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने नगरीय निकायों को ये राशि जारी कर दी है। श्री साव ने नगरीय निकायों को इन निधियों का सदुपयोग करते हुए राज्य की शहरी आबादी तक योजनाओं का समुचित लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। इस राशि से निकायों में मूलभूत विकास के कार्य किए जाएंगे। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के निर्देश पर चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नगर निगमों में महापौर निधि तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों में अध्यक्ष निधि की 50-50 प्रतिशत राशि की प्रथम किस्त के रूप में कुल 31 करोड़ 16 लाख 25 हजार रुपए जारी किए गए हैं। तीनों तरह की नगरीय निकायों में पार्षद निधि के रूप में कुल 73 करोड़ 38 लाख रुपए भी जारी किए गए हैं।  विभाग द्वारा 14 नगर निगमों में महापौर निधि के 10 करोड़ 12 लाख 50 हजार रुपए, 57 नगर पालिकाओं में अध्यक्ष निधि के 11 करोड़ 6 लाख 25 हजार रुपए तथा 121 नगर पंचायतों में अध्यक्ष निधि के 9 करोड़ 97 लाख 50 हजार रुपए जारी किए गए हैं। वहीं पार्षद निधि के प्रथम किस्त (50 प्रतिशत) के रूप में नगर निगमों को 21 करोड़ 84 लाख रुपए, नगर पालिकाओं को 24 करोड़ 34 लाख 50 हजार रुपए एवं नगर पंचायतों को 27 करोड़ 19 लाख 50 हजार रुपए जारी किए गए हैं।

नामांतरण के लिए मांगी रिश्वत, कोंडागांव में तहसीलदार के रीडर को ACB ने रंगे हाथों दबोचा

कोंडागांव. फरसगांव तहसील कार्यालय में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। एसीबी ने तहसीलदार के रीडर मुकेश रंगारी को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया। आरोप है कि नामांतरण के बदले 70 हजार रुपये की मांग की गई थी। शिकायतकर्ता पहले ही दो किश्तों में 35 हजार रुपये दे चुका था। शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। तीसरी किश्त के रूप में 10 हजार रुपये लेते आरोपी को पकड़ लिया गया। कार्रवाई के बाद तहसील कार्यालय में हड़कंप मच गया। एसीबी आरोपी से पूछताछ कर पूरे मामले की जांच कर रही है। अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में लाई जा रही है। भ्रष्टाचार के खिलाफ इसे क्षेत्र की महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। कार्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी सवाल तेज हो गए हैं। मामले में नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

मंत्रालय के तीन अधिकारी-कर्मचारियों को सम्मानपूर्ण विदाई

मंत्रालय के तीन अधिकारी-कर्मचारियों को सम्मानपूर्ण विदाई श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर दी शुभकामनाएं रायपुर राज्य शासन की सेवा में दीर्घकाल तक योगदान देने के उपरांत अधिवार्षिकी आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हुए तीन अधिकारी-कर्मचारियों के सम्मान में आज मंत्रालय महानदी भवन में सेवानिवृत्ति सम्मान समारोह आयोजित किया गया। वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों को शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके स्वस्थ, सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सेवानिवृत्त होने वालों में श्रम विभाग के अवर सचिव कीर्तिवर्धन उपाध्याय, गृह विभाग के स्टाफ ऑफिसर राजेश हीरा तथा स्कूल शिक्षा विभाग के दफ्तरी चैनसिंह शामिल हैं। इस अवसर पर मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण के साथ निभाई गई शासकीय सेवा सदैव प्रेरणादायी होती है। प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी का योगदान शासन-प्रशासन को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने सभी सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों के स्वस्थ, सुखद एवं सम्मानपूर्ण जीवन तथा उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। समारोह में मंत्रालय के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ में तेज होगी मानसून की रफ्तार, कई जिलों में अगले 24 घंटे भारी बारिश की चेतावनी

जगदलपुर. बस्तर में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने लगा है। सुबह से शुरू हुई बारिश के बाद शाम को फिर कई इलाकों में अच्छी वर्षा दर्ज हुई। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। हालांकि, अभी तक कोई मजबूत मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं हो सकी है। इसी वजह से लगातार तेज बारिश का दौर शुरू नहीं हो पाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि सिस्टम बनने पर भारी वर्षा की संभावना बढ़ जाएगी। हल्की और मध्यम बारिश से किसानों को फिलहाल राहत मिल रही है। धान की रोपाई में जुटे किसानों के लिए यह मौसम अनुकूल माना जा रहा है। जुलाई के शुरुआती दिनों में अच्छी बारिश की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। कृषि गतिविधियां भी अब मानसून की रफ्तार पर टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

बस्तर के कई गांवों में धर्मांतरण को लेकर बवाल, हालात संभालने पहुंची भारी पुलिस फोर्स

नारायणपुर. भरंडा के बाद अब ओरछा क्षेत्र के खड़कागांव में धर्मांतरण को लेकर सामाजिक विवाद सामने आया है। आदिवासी समाज और धर्मांतरित परिवारों के बीच मतभेद खुलकर टकराव में बदल गया। आरोप है कि दो परिवारों का सामान घर से बाहर निकालकर गांव छोड़ने का दबाव बनाया गया। स्थिति बिगड़ते ही गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा बढ़ा दी गई। प्रशासन दोनों पक्षों से अलग-अलग और संयुक्त रूप से चर्चा कर समाधान तलाश रहा है। ग्रामीण पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था और धार्मिक भागीदारी को अनिवार्य बता रहे हैं। वहीं प्रभावित परिवार धार्मिक स्वतंत्रता का हवाला देते हुए अनुष्ठानों से दूरी की बात कह रहे हैं। भरंडा के बाद यह दूसरा मामला प्रशासन की चिंता बढ़ाने वाला माना जा रहा है। वनांचल के अन्य गांवों में भी ऐसे विवाद उभरने की आशंका जताई जा रही है। अब सवाल केवल कानून-व्यवस्था का नहीं, सामाजिक समरसता का भी बन गया है। प्रशासन के सामने स्थायी समाधान और संवाद कायम रखने की बड़ी चुनौती है। फिलहाल गांव में शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।