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गन्ने का मूल्य 425 रुपये प्रति क्विंटल होने पर किसानों में उत्साह एवं खुशी, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा को शक्कर की बोरियों से तौलकर जताया आभार

रायपुर सरकार द्वारा गन्ने का मूल्य 425 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने पर कबीरधाम जिले के गन्ना उत्पादक किसानों में उत्साह एवं खुशी का माहौल है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के किसान हितैषी निर्णय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आज कवर्धा में किसान संघों के पदाधिकारियों एवं बड़ी संख्या में किसानों ने उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा का भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया। किसानों ने उन्हें गन्ना भेंटकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। इस दौरान किसानों ने उप मुख्यमंत्री  शर्मा को शक्कर की बोरियों से तौलकर उनका विशेष अभिनंदन किया। कवर्धा में जिला पंचायत कार्यालय और विधायक कार्यालय के पास किसान संघो के पदाधिकारियों एवं किसानों ने उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा का गन्ने का मूल्य 425 रुपये प्रति क्विंटल होने पर खुशी जताते हुए  आभार व्यक्त किया। किसानों ने कहा कि गन्ने का मूल्य बढ़ने से जिले के हजारों गन्ना उत्पादक परिवारों को लाभ मिलेगा। इससे खेती की बढ़ती लागत की भरपाई करने में सहायता मिलेगी और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि कबीरधाम जिला गन्ना उत्पादन के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल है। ऐसे में गन्ने का बेहतर मूल्य मिलने से किसानों को अपनी मेहनत का उचित प्रतिफल प्राप्त होगा तथा गन्ने की खेती को और प्रोत्साहन मिलेगा। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने किसानों के स्नेह और आत्मीय अभिनंदन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि किसानों की समृद्धि और खुशहाली राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि किसान हमारे अन्नदाता हैं और उनकी मेहनत से ही प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिले और खेती-किसानी से जुड़े परिवार आर्थिक रूप से सशक्त बनें, इसके लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किए जाते रहेंगे। कार्यक्रम के दौरान किसानों और किसान संगठनों के पदाधिकारियों ने उप मुख्यमंत्री  शर्मा का अभिनंदन करते हुए कहा कि गन्ने का मूल्य 425 रुपये प्रति क्विंटल होना गन्ना उत्पादक किसानों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। किसानों ने इस निर्णय पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय और सरकार के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के कामकाज की उच्चस्तरीय समीक्षा की

रायपुर  स्वास्थ्य सेवाएं सीधे आम नागरिकों के जीवन और परिवार की सुरक्षा से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय हैं। प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को आवश्यकता पड़ने पर समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार, आवश्यक दवाइयां, जांच और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सहज रूप से उपलब्ध हों, यह राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार के साथ सेवाओं की गुणवत्ता और अंतिम व्यक्ति तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने पर समान रूप से ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के कामकाज की उच्चस्तरीय समीक्षा के दौरान यह बात कही।  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने इस दौरान संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, संचालनालय चिकित्सा शिक्षा, छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन, संचालनालय आयुष एवं राष्ट्रीय आयुष मिशन तथा खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अंतर्गत संचालित योजनाओं, उपलब्धियों और आगामी कार्ययोजनाओं की विस्तार से समीक्षा की। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना का लगातार विस्तार हुआ है। अनेक अच्छे अस्पताल और चिकित्सा संस्थान विकसित हुए हैं। अब जहां चिकित्सकों, विशेषज्ञों, स्वास्थ्य कर्मियों, चिकित्सा उपकरणों अथवा जांच सुविधाओं की कमी है, उन्हें चिन्हित कर प्राथमिकता के साथ दूर किया जाए। उपलब्ध संसाधनों का बेहतर प्रबंधन हो और उनका अधिकतम लाभ मरीजों तक पहुंचे। भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बने स्वास्थ्य अधोसंरचना की दीर्घकालिक कार्ययोजना मुख्यमंत्री  साय ने प्रदेश की बढ़ती आबादी और भविष्य की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास की दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में वर्तमान स्वास्थ्य सुविधाओं, जनसंख्या, भौगोलिक परिस्थितियों, उपलब्ध संसाधनों और भविष्य की जरूरतों का आकलन किया जाए। इसी आधार पर स्वास्थ्य संस्थानों के विस्तार और आवश्यक सुविधाओं के विकास की स्पष्ट कार्ययोजना बनाई जाए। मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में आवश्यकता के अनुरूप बिस्तरों की संख्या बढ़ाने, विशेषज्ञ सेवाओं का विस्तार करने और नवगठित जिलों में जरूरी चिकित्सा सुविधाओं को प्राथमिकता से विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास में केवल भवन निर्माण तक सीमित न रहें, बल्कि चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों, उपकरणों, दवाइयों और जांच सुविधाओं की उपलब्धता को भी समग्र रूप से सुनिश्चित किया जाए। जिला अस्पताल से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक मरीजों को मिलें आवश्यक दवाइयां और जांच सुविधाएं मुख्यमंत्री  साय ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिला अस्पतालों से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहनी चाहिए। मरीजों को सामान्य जांच और उपचार के लिए अनावश्यक परेशानी या भटकाव का सामना न करना पड़े। उन्होंने चिकित्सा उपकरणों के नियमित रखरखाव और प्रभावी उपयोग पर भी विशेष जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पताल में उपलब्ध कोई भी महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरण रखरखाव अथवा मरम्मत के अभाव में लंबे समय तक बंद नहीं रहना चाहिए। इसके लिए प्रभावी निगरानी और समयबद्ध मरम्मत व्यवस्था विकसित की जाए। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की वित्तीय प्रगति, मानव संसाधन की उपलब्धता तथा रिक्त पदों पर भर्ती की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि रिक्त पदों पर भर्ती के प्रयास किए जा रहे हैं और सेवा भर्ती नियमों में आवश्यक संशोधन की प्रक्रिया भी प्रचलन में है। मुख्यमंत्री ने भर्ती संबंधी प्रक्रियाओं को गति देने के निर्देश देते हुए कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त मानव संसाधन की उपलब्धता सेवाओं की गुणवत्ता के लिए अत्यंत आवश्यक है। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश के 1,045 स्वास्थ्य संस्थानों में अटल आरोग्य लैब संचालित हैं। डायलिसिस, ट्रॉमा केयर, ब्लड बैंक, आईसीयू और सीटी स्कैन जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का भी लगातार विस्तार किया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश के 33 स्थानों पर डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध है और 25 नए डायलिसिस केंद्र प्रारंभ किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम के साथ स्वास्थ्य संस्थानों के गुणवत्ता मानकों, ई-हॉस्पिटल तथा आभा जैसी डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की भी समीक्षा की और तकनीक का उपयोग मरीजों की सुविधा तथा सेवाओं की दक्षता बढ़ाने के लिए करने के निर्देश दिए। हर प्रसव सुरक्षित हो, जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ रहें : मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री  साय ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सरकार की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में बताते हुए कहा कि गर्भवती माताओं की नियमित स्वास्थ्य जांच, आवश्यक पोषण एवं चिकित्सा देखभाल और सुरक्षित संस्थागत प्रसव सुनिश्चित किया जाए। प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव से जुड़ी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहें और प्रसूता महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा तथा सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास होना चाहिए कि प्रत्येक प्रसव सुरक्षित हो और जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ रहें। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में मातृ मृत्यु दर में कमी आई है, लेकिन इस दिशा में और बेहतर परिणाम हासिल करने की आवश्यकता है। उन्होंने मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर को राष्ट्रीय औसत के करीब लाने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर काम करने के निर्देश दिए। बैठक में संस्थागत प्रसव, पूर्ण टीकाकरण, विशेष पिछड़ी जनजातियों (पीवीटीजी) में टीकाकरण की स्थिति, मलेरिया की रोकथाम, कुष्ठ रोग निवारण और टीबी उन्मूलन कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाई जाए, जिससे बीमारियों की समय पर पहचान हो और मरीजों को प्रारंभिक स्तर पर ही उपचार मिल सके। दुर्गम अंचलों के लिए विकसित हो वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था मुख्यमंत्री  साय ने 108 संजीवनी एक्सप्रेस और 102 महतारी एक्सप्रेस की सेवाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि आपात स्थिति में मरीज तक समय पर चिकित्सा सहायता पहुंचना अत्यंत महत्वपूर्ण है। दूरस्थ, वनांचल और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को केवल भौगोलिक कठिनाइयों के कारण उपचार से वंचित नहीं होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में सड़क अथवा भौगोलिक परिस्थितियों के कारण एम्बुलेंस का पहुंचना संभव नहीं है, वहां स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था विकसित की जाए। मरीज को गांव से एम्बुलेंस प्वाइंट अथवा निकटतम स्वास्थ्य केंद्र तक सुरक्षित और समय पर पहुंचाने के लिए स्थानीय स्तर पर व्यावहारिक व्यवस्था बनाई जाए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 108 संजीवनी एक्सप्रेस के अंतर्गत 375 एम्बुलेंस तथा 102 महतारी एक्सप्रेस के अंतर्गत 380 वाहन उपलब्ध हैं। जनवरी से अगस्त 2026 तक महतारी … Read more

दतिया में तेज रफ्तार डंपर का कहर, सवारी बस से भिड़ंत में 24 यात्री घायल

दतिया  तेज रफ्तार डंपर ने हाईवे पर एक सवारी बस को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में बस में सवार 24 यात्री और डंपर चालक घायल हो गए। घायलों में 11 पुरुष, 9 महिलाएं और तीन बच्चे शामिल बताए जाते हैं। दुर्घटना के बाद बस में सवार यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। सभी घायलों की हालत खतरे से बाहर बताई गई है। घटना बड़ौनी तिराहे के पास बुधवार को हुई घटना बड़ौनी तिराहे के पास बुधवार को हुई। हादसे में बस का पिछला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। जानकारी के अनुसार, यादव बस सर्विस की बस क्रमांक एमपी 07 पी 1567 करीब 45 यात्रियों को लेकर ग्वालियर से दतिया आ रही थी। इसी दौरान हाईवे पर बड़ौनी तिराहे के पास पीछे से तेज रफ्तार में आ रहे डंपर क्रमांक आरजे 34 जीए 4477 के चालक ने वाहन को लापरवाही से चलाते हुए बस में पीछे से टक्कर मार दी। यात्रियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस में बैठे यात्रियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। हादसे में बस यात्री घायल हो गए, जबकि डंपर चालक को भी चोटें आईं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। जिला अस्पताल में सभी घायलों का उपचार किया जा रहा है। बस और डंपर दोनों को जब्त कर कोतवाली पहुंचाया हादसे के बाद घटनास्थल पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित हो गया और वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। पुलिस ने बस और डंपर को सड़क किनारे करवाकर आवागमन को फिर से सुचारु कराया। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल बस और डंपर दोनों को जब्त कर कोतवाली पहुंचाया। दिया है। फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।  

निःस्वार्थ जनसेवा से साकार हो रहा ‘नर सेवा- नारायण सेवा’ का भाव: मंत्री देवांगन

नई दिल्ली  कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अंकिता भंडारी के परिवार से मुलाकात करने के लिए इंडिया गेट पहुंचे हैं।  उत्तराखंड में 2022 में अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी। दरअसल, दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के फैसले के खिलाफ अंकिता भंडारी के परिजनों ने अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। राष्ट्रपति से लगाई गुहार अंकिता भंडारी के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने कहा, 'दुष्यंत कुमार को सलाखों के पीछे होना चाहिए… मैं राष्ट्रपति से अनुरोध करता हूं कि CBI जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार को गवर्नर न बनाया जाए।' अंकिता की मां क्या बोलीं? अंकिता की मां सोनी देवी ने कहा, '12 तारीख को जब हमने यह खबर सुनी कि उन्हें (BJP नेता दुष्यंत कुमार गौतम) अब गवर्नर बना दिया गया है, तो हमें बहुत दुख हुआ। मैं राष्ट्रपति से अपील करती हूं, जो खुद एक महिला हैं और मेरी भावनाओं को जरूर समझेंगी। उन्होंने कहा कि जब तक उनके खिलाफ CBI जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक इस व्यक्ति को गवर्नर बनाने के कदम को रोक दें।' बुधवार को अंकिता भंडारी के माता-पिता अपना विरोध प्रकट करने और बेटी के लिए न्याय की गुहार लगाने राजधानी दिल्ली स्थित इंडिया गेट पहुंचे हैं।

मठ मंदिर में गौ माता को गुड़ और केला खिलाकर किया पूजन, जगन्नाथ मंदिर में किए दर्शन

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज जांजगीर-चांपा जिले की पावन धार्मिक नगरी शिवरीनारायण पहुंचकर सपत्नीक भगवान नर-नारायण के दर्शन किए। मुख्यमंत्री  साय ने मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना की। उन्होंने छत्तीसगढ़ में सुख, शांति और समृद्धि के साथ निरंतर प्रगति के लिए भगवान नर-नारायण से प्रार्थना की। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि शिवरीनारायण छत्तीसगढ़ की आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का महत्वपूर्ण केंद्र है। यह पावन भूमि माता शबरी की अनन्य भक्ति और प्रभु राम से जुड़ी स्मृतियों को अपने भीतर संजोए हुए है। यहां आकर मन को विशेष शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा की अनुभूति होती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत अत्यंत समृद्ध है और इसका संरक्षण एवं संवर्धन हम सभी का दायित्व है। मुख्यमंत्री  साय ने भगवान नर-नारायण की पूजा-अर्चना की और प्रदेश के प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि ईश्वर की कृपा से छत्तीसगढ़ निरंतर विकास और खुशहाली के पथ पर आगे बढ़े तथा समाज में सद्भाव, भाईचारा और आपसी प्रेम बना रहे। गौ माता को गुड़ और केला खिलाकर मुख्यमंत्री ने किया पूजन मुख्यमंत्री  साय इसके पश्चात शिवरीनारायण स्थित मठ मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने गौ माता को गुड़ और केला खिलाया तथा माल्यार्पण कर श्रद्धापूर्वक पूजन किया। मुख्यमंत्री ने गौ सेवा को हमारी सनातन संस्कृति और परंपरा का अभिन्न अंग बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की ग्रामीण जीवनशैली, कृषि परंपरा और लोकजीवन में गौ माता का विशेष स्थान रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने मठ मंदिर परिसर में संतों एवं श्रद्धालुओं से भी आत्मीय भेंट की। उन्होंने कहा कि हमारे मठ-मंदिर और धार्मिक स्थल केवल आस्था के केंद्र नहीं हैं, बल्कि ये पीढ़ियों से समाज को संस्कार, सेवा, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना से जोड़ते आए हैं। जगन्नाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना मुख्यमंत्री  साय ने धर्मपत्नी मती कौशल्या साय के साथ शिवरीनारायण स्थित जगन्नाथ मंदिर में भी विधि-विधान से दर्शन एवं पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान जगन्नाथ से प्रदेशवासियों के स्वस्थ, सुखी और मंगलमय जीवन की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवरीनारायण की धार्मिक परंपरा छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान का हिस्सा है। महानदी, शिवनाथ और जोंक नदी के पावन संगम के समीप स्थित यह नगरी सदियों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रही है। यहां के मंदिर, परंपराएं और धार्मिक मान्यताएं हमारी सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध बनाती हैं। माता शबरी की भक्ति से जुड़ी शिवरीनारायण की पावन धरा मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि शिवरीनारायण का नाम आते ही माता शबरी की अनन्य भक्ति और प्रभु राम के प्रति उनके अगाध प्रेम का स्मरण होता है। यह पावन भूमि हमें भक्ति, समर्पण और सामाजिक समरसता का संदेश देती है। शिवरीनारायण की आध्यात्मिक विरासत छत्तीसगढ़ के गौरवशाली इतिहास और लोकआस्था का महत्वपूर्ण अध्याय है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व के स्थलों की पहचान को और सुदृढ़ करने तथा हमारी समृद्ध विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराएं हमारी पहचान हैं और इनका संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी साझा जिम्मेदारी है। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू, वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी, सांसद मती कमलेश जांगड़े, राजे महंत रामसुंदर दास  सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

गृह मंत्रालय में IAS एस. जयवर्धन की नियुक्ति, तीन सप्ताह में संभालना होगा पदभार

रायपुर. छत्तीसगढ़ कैडर के 2014 बैच के आईएएस अधिकारी एस. जयवर्धन को केंद्र सरकार में नई जिम्मेदारी मिली है। केंद्रीय स्टाफिंग योजना के तहत उन्हें दिल्ली स्थित गृह मंत्रालय में उप सचिव नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति को लेकर भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव को निर्देश जारी किए हैं। जारी जानकारी के मुताबिक, एस. जयवर्धन की नियुक्ति पदभार संभालने की तारीख से चार साल या अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी। केंद्र सरकार ने राज्य सरकार से कहा है कि अधिकारी को तत्काल उनके मौजूदा दायित्वों से मुक्त किया जाए, ताकि वे दिल्ली में नई जिम्मेदारी संभाल सकें। तीन सप्ताह में संभालना होगा पदभार नियुक्ति से जुड़े निर्देशों के अनुसार, अधिकारी को कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) का नियुक्ति आदेश जारी होने की तारीख से तीन सप्ताह के भीतर नया पदभार ग्रहण करना होगा। निर्धारित समय में कार्यभार नहीं संभालने पर केंद्रीय स्टाफिंग योजना के तहत उन्हें अयोग्य घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। इस वजह से तय समयसीमा में पदभार ग्रहण करना जरूरी होगा। एस. जयवर्धन की नियुक्ति से छत्तीसगढ़ कैडर के एक और अधिकारी को केंद्र सरकार में काम करने का अवसर मिला है। अब उनकी नई जिम्मेदारी गृह मंत्रालय में होगी।

तिल्दा में चमका राजनादगांव- राज्य स्तरीय वालीबॉल प्रतियोगिता के रोमांचक फाइनल में रायपुर सेक्टर को दी शिकस्त

​रायपुर दशहरा मैदान तिल्दा में आयोजित राज्य स्तरीय पुरुष वालीबॉल प्रतियोगिता का रोमांचक समापन समारोह आज संपन्न हुआ। कड़े मुकाबले और बेहतरीन खेल भावना के बीच खेले गए इस फाइनल मैच में राजनादगांव सेक्टर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रायपुर सेक्टर को हराकर प्रतियोगिता की विजेता ट्रॉफी अपने नाम कर ली, जबकि रायपुर सेक्टर उपविजेता रहा।  ​समारोह के मुख्य अतिथि  राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने विजेता और उपविजेता टीमों को शील्ड, पदक और नगद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।। ​समापन समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री  टंक राम वर्मा ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि खेल केवल हार-जीत का नाम नहीं है, बल्कि यह आपसी भाईचारा, अनुशासन और शारीरिक-मानसिक विकास का मजबूत माध्यम है। छत्तीसगढ़ की माटी में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। राज्य सरकार युवाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए हरसंभव संसाधन और मंच उपलब्ध करा रही है। मंत्री  वर्मा ने खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की छुपी हुई खेल प्रतिभाएं निखर कर सामने आती हैं। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, खेल संघ के पदाधिकारी, खेल प्रेमी और बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़: बलौदाबाजार के विकास को मिलेगी नई रफ्तार, मंत्री टंक राम वर्मा ने बताई अपनी प्राथमिकता

बलौदाबाजार को मॉडल विधानसभा बनाने के लिए प्रतिबद्ध- राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ​420 नए प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति से टंडवा पंचायत में विकास और खुशहाली की नई बहार ग्राम पंचायत टण्डवा के बैकुंठ मोहल्ले में 11.76 लाख रुपये की लागत से बने नए सार्वजनिक वितरण प्रणाली भवन का हुआ लोकार्पण ​रायपुर,  राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने आज तिल्दा विकासखंड के ग्राम टण्डवा के बैकुंठ मोहल्ले में 11.76 लाख रूपए से नवनिर्मित सार्वजनिक वितरण प्रणाली भवन का लोकार्पण किया। राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने उपस्थित जनसमूह और हितग्राहियों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य और देश में 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस एवं भगवान विश्वकर्मा जयंती से सेवा और संकल्प महाअभियान की शुरुआत की गई है। इस अभियान के तहत प्रदेशभर में एक दिया आशीर्वाद का जलाकर जन-जन तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने और प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त करने का कार्य किया जा रहा है। ​जन-कल्याणकारी योजनाओं से बदल रही आमजन की जिंदगी ​       राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि जल जीवन मिशन से हर घर नल का जल, प्रधानमंत्री आवास योजना, और जन धन योजना जैसी जन-कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ पूरे प्रदेश और देशवासियों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना के अनुरूप आज गांव-गांव तक पारदर्शी एवं सुगम राशन वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है।      ​मंत्री वर्मा ने टंडवा के नए राशन दुकान (पीडीएस भवन) के निर्माण पर ग्रामीणों को बधाई देते हुए कहा कि पहले ग्रामीणों को राशन के लिए अपना काम-काज छोड़कर दूर जाना पड़ता था और भारी तकलीफों का सामना करना पड़ता था। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सरपंच के प्रयासों से अब गांव में ही यह सर्वसुविधायुक्त सुंदर नया भवन बनकर तैयार हो गया है, जिससे जरूरतमंद हितग्राहियों को राशन प्राप्त करने में बड़ी राहत मिलेगी। ​पंडित दीनदयाल उपाध्याय के सपनों को साकार कर रहे प्रधानमंत्री         मंत्री ​वर्मा ने अंत्योदय के प्रण को दोहराते हुए कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का सपना था कि देश के अंतिम व्यक्ति तक बिजली, पानी, राशन, शिक्षा और पक्का मकान पहुँचे। आज हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सपने को धरातल पर साकार कर रहे हैं। टंडवा जैसी छोटी पंचायत में 420 नए प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति मिली है, जिनका निर्माण कार्य तेज़ी से प्रगति पर है। गांव की गलियों में निर्माण सामग्री की चहल-पहल इस बात का प्रमाण है कि हर गरीब को पक्की छत मिल रही है। ​विकास निरंतर चलने वाली प्रक्रिया- बलौदाबाजार क्षेत्र के लिए अब तक 700 करोड़ की सौगात        ​मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि बलौदाबाज़ार विधानसभा क्षेत्र को एक मॉडल विधानसभा के रूप में विकसित करना उनका मुख्य ध्येय है। इसके लिए अब तक क्षेत्र के समग्र विकास हेतु 700 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की स्वीकृति दी जा चुकी है। ​उन्होंने कहा कि गांवों की समस्याएं प्राथमिकता के आधार पर धीरे-धीरे हल की जा रही हैं। शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए स्कूलों का जीर्णाेद्धार और अधोसंरचना विकास किया जा रहा है। इस गरिमामयी कार्यक्रम में क्षेत्र के कई गणमान्य जनप्रतिनिधि, ग्राम पंचायत टण्डवा की सरपंच श्रीमती योगिता कृष्ण कुमार वर्मा एवं समस्त ग्रामवासियों उपस्थित थे।

केसाईपाली और बोड़ाझरिया में सांस्कृतिक शेड का लोकार्पण, रियापाली एवं दर्रीपाली सहित विभिन्न गांवों में विकास कार्यों का भूमिपूजन

रायपुर  रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र के गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और ग्रामीण विकास को नई गति मिल रही है। इसी कड़ी में वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक  ओ.पी. चौधरी ने आज विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में एक करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें आंगनबाड़ी भवन, सामुदायिक भवन, सांस्कृतिक शेड, क्रिकेट मैदान में अहाता निर्माण और प्राथमिक शाला में अतिरिक्त कक्ष निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। इन विकास कार्यों से ग्रामीणों को सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के लिए बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, वहीं बच्चों की शिक्षा, पोषण और युवाओं की खेल गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। केसाईपाली में 30 लाख रुपये के विकास कार्यों की सौगात मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में वित्त मंत्री  चौधरी ने मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की योजना के तहत 10 लाख रुपये की लागत से निर्मित सांस्कृतिक शेड का ग्राम पंचायत घुटकूपाली के ग्राम केसाईपाली में लोकार्पण किया। इसके साथ ही सीएसआर मद से 20 लाख रुपये की लागत से बनने वाले सामुदायिक भवन का भूमिपूजन किया। सांस्कृतिक शेड से ग्रामीणों को सामाजिक, पारंपरिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के लिए सुविधाजनक स्थान उपलब्ध होगा, जबकि सामुदायिक भवन के निर्माण से गांव में सार्वजनिक कार्यक्रमों एवं सामूहिक गतिविधियों के संचालन में सुविधा मिलेगी। रियापाली में 20 लाख रुपये से बनेगा सामुदायिक भवन*  ग्राम पंचायत घुटकूपाली के ग्राम रियापाली में वित्त मंत्री  चौधरी ने सीएसआर मद से 20 लाख रुपये की लागत से बनने वाले सामुदायिक भवन का भूमिपूजन किया। इस भवन के निर्माण से ग्रामीणों को सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सार्वजनिक आयोजनों के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध होगा। साथ ही गांव में सामुदायिक गतिविधियों और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा मिलेगा। दर्रीपाली में 37.72 लाख रुपये से शिक्षा, पोषण और खेल सुविधाओं का होगा विस्तार ग्राम पंचायत देवलसुर्रा के ग्राम दर्रीपाली में वित्त मंत्री  चौधरी ने 37 लाख 72 हजार रुपये की लागत के तीन महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। इनमें सीएसआर मद से 14.35 लाख रुपये की लागत से आंगनबाड़ी भवन, 13.10 लाख रुपये की लागत से क्रिकेट मैदान में अहाता निर्माण तथा 10.27 लाख रुपये की लागत से प्राथमिक शाला में अतिरिक्त कक्ष निर्माण शामिल हैं। इन कार्यों से छोटे बच्चों को बेहतर आंगनबाड़ी सुविधाएं, विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए अतिरिक्त स्थान और युवाओं को खेल गतिविधियों के लिए सुरक्षित एवं व्यवस्थित परिसर उपलब्ध होगा। बोड़ाझरिया में 21.35 लाख रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन ग्राम पंचायत कांदागढ़ के ग्राम बोड़ाझरिया में वित्त मंत्री  चौधरी ने सीएसआर मद से 14.35 लाख रुपये की लागत से बनने वाले आंगनबाड़ी भवन का भूमिपूजन किया। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के अंतर्गत 7 लाख रुपये की लागत से निर्मित शेड का लोकार्पण किया। नवीन आंगनबाड़ी भवन से बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा, पोषण एवं देखभाल संबंधी सेवाओं को मजबूती मिलेगी, वहीं शेड से ग्रामीणों को सामाजिक एवं सामुदायिक गतिविधियों के आयोजन में सुविधा होगी। हर गांव, हर परिवार और हर बच्चे का सर्वांगीण विकास सरकार की प्राथमिकता – वित्त मंत्री  चौधरी वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक गांव में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और हर परिवार तक विकास का लाभ पहुंचाना प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास केवल सड़क, बिजली और पानी तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, खेल और सामाजिक सुविधाओं का विस्तार भी उतना ही आवश्यक है। इसी सोच के साथ गांवों में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। चौधरी ने कहा कि गांवों में बेहतर शैक्षणिक अधोसंरचना से बच्चों को आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे, आंगनबाड़ी भवनों से माताओं और बच्चों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध होंगी तथा खेल मैदानों और सामुदायिक भवनों से युवाओं एवं ग्रामीणों को अपनी प्रतिभा निखारने और सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण जीवन को सुगम, सशक्त और समृद्ध बनाना सरकार का उद्देश्य है। मजबूत और सुविधासंपन्न गांव ही विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण का आधार बनेंगे।  विभिन्न गांवों में विकास कार्यों की सौगात मिलने पर ग्रामीणों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी के प्रति आभार जताया। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

महिला सशक्तिकरण से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही नई मजबूती, स्वावलंबन और स्वरोजगार की दिशा में बढ़ रहे महिलाओं के कदम

बिहान से बदल रही ग्रामीण महिलाओं की तकदीर, आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रहीं जीपीएम की 59 हजार से अधिक महिलाएं महिला सशक्तिकरण से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही नई मजबूती, स्वावलंबन और स्वरोजगार की दिशा में बढ़ रहे महिलाओं के कदम बचत, बैंकिंग, कौशल विकास और आजीविका के अवसरों से महिलाओं के जीवन में आ रहा सकारात्मक बदलाव रायपुर छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में महिला सशक्तिकरण और आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई तस्वीर उभर रही है। कभी घर-परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित रहने वाली ग्रामीण महिलाएं अब संगठित होकर आर्थिक गतिविधियों में अपनी भागीदारी बढ़ा रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित 'बिहान' योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान कर रही है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में हजारों महिलाएं स्व-सहायता समूहों के माध्यम से संगठित होकर बचत, वित्तीय प्रबंधन, स्वरोजगार और आजीविका के नए अवसरों की ओर कदम बढ़ा रही हैं। बिहान मिशन महिलाओं के लिए केवल आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है। 5,576 स्व-सहायता समूहों में संगठित हुईं 59,524 महिलाएं जिले में बिहान मिशन के अंतर्गत महिलाओं को संगठित कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मिशन की 13 अक्टूबर 2026 तक की प्रगति के अनुसार जिले में कुल 5,576 स्व-सहायता समूहों का गठन किया जा चुका है, जिनसे 59,524 महिलाएं जुड़ी हुई हैं। यह उपलब्धि ग्रामीण महिलाओं में सामूहिक संगठन, आर्थिक जागरूकता और आत्मनिर्भरता के प्रति बढ़ते विश्वास को दर्शाती है। विकासखंडवार आंकड़ों के अनुसार गौरेला विकासखंड में 1,828 स्व-सहायता समूहों से 19,654 महिलाएं जुड़ी हैं। इसी प्रकार पेंड्रा विकासखंड में 1,603 समूहों के माध्यम से 17,612 महिलाएं तथा मरवाही विकासखंड में 2,145 समूहों से 22,258 महिलाएं संगठित हुई हैं। जिले में समूहों की संख्या और महिलाओं की भागीदारी के मामले में मरवाही विकासखंड अग्रणी है। इन समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को एक साझा मंच मिल रहा है, जहां वे अपनी आर्थिक जरूरतों, बचत, आजीविका और सामूहिक विकास से जुड़े विषयों पर निर्णय लेने में भागीदारी कर रही हैं। चालू वित्तीय वर्ष में 676 नए समूहों का गठन, 12 हजार से अधिक महिलाएं जुड़ीं महिला सशक्तिकरण की दिशा में जिले में बिहान मिशन का विस्तार निरंतर जारी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 676 नए स्व-सहायता समूहों का गठन किया गया है, जिनसे 12,029 महिलाएं जुड़ी हैं। नए समूहों का गठन ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी बढ़ाने और उन्हें संगठित करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। चालू वित्तीय वर्ष में गौरेला विकासखंड में 211 नए स्व-सहायता समूहों का गठन कर 4,189 महिलाओं को जोड़ा गया है। पेंड्रा विकासखंड में 130 नए समूहों से 3,302 महिलाएं तथा मरवाही विकासखंड में 335 नए समूहों से 4,538 महिलाएं जुड़ी हैं। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि जिले के तीनों विकासखंडों में महिलाओं को सामूहिक संगठन से जोड़ने के प्रयासों को गति मिली है। विशेष रूप से मरवाही विकासखंड में नए समूहों का गठन महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। बचत और बैंकिंग से आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम बिहान मिशन की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक प्रबंधन के प्रति जागरूक बनाना है। स्व-सहायता समूह महिलाओं में नियमित बचत की आदत विकसित करने, सामूहिक वित्तीय निर्णय लेने और बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं। समूहों के माध्यम से महिलाएं अपनी छोटी-छोटी बचत को संगठित कर आर्थिक जरूरतों की पूर्ति और भविष्य की योजनाओं के लिए वित्तीय आधार तैयार कर सकती हैं। मिशन के अंतर्गत महिलाओं को बैंकिंग सेवाओं, ऋण सुविधाओं और वित्तीय साक्षरता से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया जाता है। इससे ग्रामीण महिलाओं की औपचारिक वित्तीय संस्थाओं तक पहुंच आसान बनाने और स्वरोजगार के लिए आवश्यक संसाधन जुटाने की संभावनाएं बढ़ती हैं। आर्थिक गतिविधियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से परिवार की आय में योगदान देने के साथ उनकी निर्णय लेने की क्षमता भी मजबूत होती है। खेती, पशुपालन और स्थानीय उत्पादों से आजीविका के नए अवसर बिहान मिशन का उद्देश्य महिलाओं को केवल स्व-सहायता समूहों से जोड़ना नहीं, बल्कि उन्हें स्थायी आजीविका और आयवर्धक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करना भी है। ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि आधारित गतिविधियां, सब्जी उत्पादन, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण, स्थानीय उत्पादों का निर्माण और विपणन जैसे अनेक क्षेत्रों में स्वरोजगार की व्यापक संभावनाएं हैं। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को उनकी रुचि, स्थानीय संसाधनों और उपलब्ध अवसरों के अनुरूप आजीविका गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा सकता है। सामूहिक प्रयासों से उत्पादन, संसाधनों के बेहतर उपयोग और उत्पादों के विपणन की संभावनाएं बढ़ती हैं। स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों का विस्तार ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने के साथ गांवों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाने में सहायक हो सकता है। आर्थिक सशक्तिकरण के साथ सामाजिक बदलाव का भी माध्यम बना बिहान बिहान मिशन ग्रामीण महिलाओं के जीवन में आर्थिक बदलाव के साथ सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। स्व-सहायता समूह महिलाओं को अपनी बात रखने, सामूहिक निर्णय लेने और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने का अवसर प्रदान करते हैं। समूहों के माध्यम से महिलाओं में नेतृत्व क्षमता, आपसी सहयोग और आत्मविश्वास विकसित करने की दिशा में सकारात्मक वातावरण तैयार हो रहा है। सामूहिक संगठन महिलाओं को यह विश्वास दिलाता है कि छोटे-छोटे प्रयास भी मिलकर बड़े बदलाव का आधार बन सकते हैं। समूहों से जुड़कर महिलाएं एक-दूसरे के अनुभवों से सीखती हैं और आर्थिक चुनौतियों का सामना करने के लिए सामूहिक प्रयास कर सकती हैं। इससे परिवार और समाज में महिलाओं की भूमिका को नई पहचान मिलने के साथ सामाजिक विकास में उनकी भागीदारी बढ़ने की संभावनाएं भी मजबूत होती हैं। महिलाओं की सामूहिक शक्ति से मजबूत हो रही ग्रामीण अर्थव्यवस्था किसी भी क्षेत्र के समग्र विकास में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। जब महिलाएं आर्थिक रूप से सक्षम होती हैं, तो उसका सकारात्मक प्रभाव परिवार की शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और जीवन स्तर पर भी पड़ता है। बिहान मिशन इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर उनकी क्षमताओं को आर्थिक अवसरों में बदलने का माध्यम बन रहा है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में … Read more