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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शिविर में उपस्थित लोगों को करेंगे संबोधित, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी होंगे शामिल

रायपुर बस्तर अंचल के दिव्यांगजनों एवं नक्सल आईईडी ब्लास्ट से प्रभावित जरूरतमंदों को सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दंतेवाड़ा जिले में 15 से 17 अक्टूबर 2026 तक विशाल निःशुल्क दिव्यांग सहायता एवं उपकरण वितरण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिला मुख्यालय दंतेवाड़ा स्थित पुलिस लाइन करली में आयोजित इस शिविर से केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह वर्चुअल माध्यम से जुड़ेंगे। इस दौरान वे शिविर में उपस्थित लोगों को संबोधित करने के साथ ही नक्सल हिंसा एवं आईईडी ब्लास्ट से प्रभावित पीड़ितों से संवाद करेंगे। शिविर में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री  विजय शर्मा भी शामिल होंगे। शिविर में दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप कृत्रिम हाथ-पैर, कैलिपर्स, ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र सहित विभिन्न सहायक उपकरण निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। शिविर का विशेष उद्देश्य बस्तर के दूरस्थ एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले दिव्यांगजनों तक आवश्यक सहायता पहुंचाना है। विशेष रूप से नक्सल हिंसा के कारण दिव्यांग हुए व्यक्तियों को कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराकर उनके दैनिक जीवन को सुगम बनाने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनने में सहयोग प्रदान करने पर जोर दिया जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह करेंगे नक्सल हिंसा पीड़ितों से संवाद केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह शिविर में वर्चुअल माध्यम से जुड़कर दिव्यांगजनों एवं उपस्थित लोगों को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर वे नक्सल हिंसा से प्रभावित व्यक्तियों से संवाद भी करेंगे और उनकी परिस्थितियों, समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी लेंगे। उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा भी शिविर में उपस्थित होकर दिव्यांगजनों एवं नक्सल हिंसा से प्रभावित हितग्राहियों का प्रोत्साहन करेंगे। तीन जिलों के दिव्यांगजन होंगे शामिल दंतेवाड़ा, बीजापुर एवं सुकमा जिलों में कुल 768 दिव्यांग हितग्राहियों को सहायक उपकरण वितरण के लिए चिन्हांकित किया गया है। उपकरण वितरण के लिए मांग अनुसार चिन्हांकित हितग्राहियों में दंतेवाड़ा जिले के 509, बीजापुर के 197 और सुकमा जिले के 62 दिव्यांगजन शामिल हैं। शिविर में दिव्यांगजनों की व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुरूप सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।  आईईडी ब्लास्ट से दिव्यांग हुए 30 हितग्राही होंगे लाभान्वित शिविर के लिए चिन्हांकित हितग्राहियों में नक्सल घटनाओं के दौरान आईईडी ब्लास्ट दुर्घटनाओं से दिव्यांग हुए 30 व्यक्ति भी शामिल होंगे। इन हितग्राहियों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नक्सल हिंसा से प्रभावित इन व्यक्तियों के लिए कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण मिलने से अब उनके दैनिक जीवन आसान हो जाएगा। इससे उन्हें चलने-फिरने, दैनिक कार्यों को पूरा करने तथा आजीविका संबंधी गतिविधियों में भागीदारी बढ़ाने में मदद मिलेगी। शिविर में दिव्यांगजनों की व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुरूप उपकरण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है, ताकि उन्हें दैनिक जीवन में अधिक सुविधा मिल सके। 15 अक्टूबर को सुकमा और बीजापुर, 16 अक्टूबर को दंतेवाड़ा के हितग्राही होंगे शामिल निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 15 अक्टूबर को सुकमा एवं बीजापुर जिलों के दिव्यांगजन तथा नक्सल हिंसा से प्रभावित हितग्राही शिविर में शामिल होंगे। वहीं 16 अक्टूबर को दंतेवाड़ा जिले के हितग्राहियों को शिविर में लाभान्वित करने की व्यवस्था की गई है। शिविर 17 अक्टूबर तक जारी रहेगा।

भारत-जिम्बाब्वे महिला टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को मिला आमंत्रण

रायपुर छत्तीसगढ़ के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। प्रदेश में पहली बार अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट मैच का आयोजन होने जा रहा है। भारत और जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीमों के बीच आयोजित होने वाले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले को लेकर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण अवसर बताया है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से आज महानदी मंत्रालय भवन में छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की और उन्हें भारत-जिम्बाब्वे महिला टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री  साय ने आमंत्रण स्वीकार करते हुए प्रदेश में पहली बार आयोजित होने जा रहे इस अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट मुकाबले के लिए क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों को बधाई दी और सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पहली बार अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट मैच का आयोजन होना प्रदेश की खेल यात्रा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। देश और दुनिया की श्रेष्ठ महिला क्रिकेट खिलाड़ियों को छत्तीसगढ़ की धरती पर खेलते देखना विशेष रूप से हमारी बेटियों और युवा महिला खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी अनुभव होगा। ऐसे आयोजनों से उनमें यह विश्वास और मजबूत होगा कि उचित अवसर, प्रशिक्षण और प्रोत्साहन मिलने पर वे भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकती हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि भारत-जिम्बाब्वे महिला टी-20 मुकाबले को लेकर प्रदेश की महिलाओं, युवाओं और खेलप्रेमियों में विशेष उत्साह रहेगा। उन्होंने इस ऐतिहासिक आयोजन में महिलाओं की अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महिला दर्शकों के लिए प्रवेश निःशुल्क रखने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री के इस सुझाव पर छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों ने सहमति व्यक्त की। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि खेलों में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है और हमारी बेटियां राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ा रही हैं। ऐसे में महिला खिलाड़ियों के मुकाबलों को देखने के लिए अधिक से अधिक महिलाओं और बालिकाओं को स्टेडियम तक लाना स्वयं में प्रेरणा का माध्यम बनेगा। जब हमारी बेटियां अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को मैदान पर आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धा के साथ खेलते देखेंगी, तो उनमें भी खेलों को अपने भविष्य और करियर के रूप में अपनाने का उत्साह बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ में खेलों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हमारा लक्ष्य केवल अच्छे खिलाड़ी तैयार करना ही नहीं, बल्कि प्रदेश में ऐसी मजबूत खेल संस्कृति विकसित करना है, जिसमें बच्चों और युवाओं को खेलों से जुड़ने के लिए परिवार और समाज से भी प्रोत्साहन मिले। बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। राज्य के गांवों, कस्बों, आदिवासी एवं दूरस्थ अंचलों से अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी सामने आ रहे हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि इन प्रतिभाओं को बेहतर खेल अधोसंरचना, प्रशिक्षण और आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हों। प्रदेश में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन से खिलाड़ियों को बड़े मुकाबलों और श्रेष्ठ खिलाड़ियों को करीब से देखने तथा उनसे प्रेरणा लेने का अवसर मिलता है। इससे प्रदेश में खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण और मजबूत होगा। मुख्यमंत्री  साय ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत और जिम्बाब्वे के बीच होने वाला यह अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट मुकाबला छत्तीसगढ़ में महिला क्रिकेट की लोकप्रियता को नई ऊंचाई देगा। इससे प्रदेश की उभरती महिला क्रिकेट प्रतिभाओं को नई प्रेरणा मिलेगी और भविष्य में छत्तीसगढ़ से भी अधिक संख्या में खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बनाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी के लिए तेजी से अपनी क्षमताओं का विस्तार कर रहा है। बेहतर खेल अधोसंरचना, खिलाड़ियों के लिए बढ़ती सुविधाएं और खेलों के प्रति युवाओं का उत्साह प्रदेश को खेलों के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने का आधार बन रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि आने वाले समय में विभिन्न खेलों की प्रतिष्ठित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का आयोजन छत्तीसगढ़ में हो और प्रदेश देश के प्रमुख खेल केंद्रों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए। मुख्यमंत्री  साय ने भारत और जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीमों को आगामी मुकाबले के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि खेल प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ अनुशासन, टीम भावना और आपसी सद्भाव का भी माध्यम हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों और खेलप्रेमियों से इस ऐतिहासिक मुकाबले को उत्सव की तरह मनाने और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने का आह्वान किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के अध्यक्ष  मोहन दास, डायरेक्टर  विजय शाह, पूर्व अध्यक्ष  मुकुल तिवारी, सचिव  विंटेश अग्रवाल,  जी. एस. मूर्ति,  विनय बजाज सहित संघ के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

30 लाख के अतिरिक्त कक्ष का किया भूमिपूजन, बाउंड्रीवॉल और बालिका शौचालय के लिए 20 लाख रुपए की घोषणा की

रायपुर विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने और उच्च शिक्षा के लिए अधोसंरचना मजबूत करने की दिशा में उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा ने आज कबीरधाम जिले के शासकीय गजानंद माधव मुक्तिबोध महाविद्यालय, सहसपुर लोहारा में 30 लाख रुपए की लागत से बनने वाले अतिरिक्त कक्ष का भूमिपूजन किया। इस दौरान उन्होंने महाविद्यालय में 15 लाख रुपए की लागत से बाउंड्रीवॉल तथा 5 लाख रुपए की लागत से बालिका शौचालय निर्माण कराने की घोषणा की। महाविद्यालय में आयोजित युवा शक्ति संवाद कार्यक्रम में उन्होंने विद्यार्थियों से सीधा संवाद कर उन्हें अनुशासन, मेहनत और आधुनिक तकनीक के उपयोग से भविष्य संवारने के लिए प्रेरित किया। अनुशासन और मेहनत से बनाएं भविष्य– उप मुख्यमंत्री  शर्मा    उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने युवा शक्ति संवाद में विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि युवा अपने लक्ष्य तय करें, अनुशासन में रहें और परिणाम की चिंता छोड़ मेहनत पर ध्यान दें। आधुनिक तकनीक सीखें, लेकिन उसके अधीन न हों। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉलेज करियर बनाने का महत्वपूर्ण केंद्र है। विद्यार्थियों को अनुशासन, मेहनत और स्पष्ट लक्ष्य के साथ आगे बढ़ना चाहिए।  शर्मा ने बताया कि कवर्धा क्षेत्र के स्कूलों में डिजिटल बोर्ड लगाए जा रहे हैं। अब महाविद्यालयों में भी डिजिटल बोर्ड के माध्यम से पीएससी, एसएससी और यूपीएससी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाएगा। आधुनिक शिक्षा के साथ अपना ज्ञान और कौशल बढ़ाना जरूरी   तकनीक और नवाचार पर बात करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के युवाओं को आधुनिक एआई टूल्स जैसे चैटजीपीटी, क्लॉड, परप्लेक्सिटी और सोशल मीडिया की तकनीकी समझ होनी चाहिए। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे इन तकनीकों का सही उपयोग कर इनका मास्टर बनें, न कि तकनीक को खुद का मास्टर बनने दें। आधुनिक तकनीक की समझ के साथ अपना ज्ञान और कौशल बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मेहनत और तैयारी हमारे हाथ में हैं, इसलिए परिणाम की चिंता करने के बजाय प्रयासों पर ध्यान देना चाहिए। निरंतर अभ्यास, अनुशासन और धैर्य से ही सफलता का रास्ता बनता है। उन्होंने महाविद्यालय को विद्यार्थियों का अपना संस्थान बताते हुए कहा कि जिस तरह दीपावली पर हम अपने घर को संवारते हैं, उसी तरह विद्यार्थियों और शिक्षकों को मिलकर कॉलेज को बेहतर बनाने में योगदान देना चाहिए।    उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म में आने और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि अनुशासन जीवन में आगे बढ़ने की मजबूत नींव है। उन्होंने प्राचार्य और प्राध्यापकों की सराहना करते हुए विद्यार्थियों से नियमित पढ़ाई करने, अपनी रूचि पहचानने और लक्ष्य हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू, नगरपालिका कवर्धा के अध्यक्ष  चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी, साकम्बरी बोर्ड के सदस्य  संतोष पटेल जी,  लाला राम साहू, जनपद पंचायत लोहारा की अध्यक्ष मती दुर्गा ठाकुर, नगरपालिका लोहारा की अध्यक्ष मती सरिता मिश्रा, जिला पंचायत सभापति  मनीराम साहू, नगरपालिका लोहारा के उपाध्यक्ष  हेमंत साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि, महाविद्यालय के प्राचार्य, प्राध्यापक, कर्मचारी और विद्यार्थी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में 27 को जुटेगी साय कैबिनेट, धान खरीदी और अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर नजर

रायपुर. छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 27 अक्टूबर को साय कैबिनेट की अहम बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक मंत्रालय महानदी भवन में होगी, जिसमें कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के साथ फैसले लिए जा सकते हैं। बैठक में धान खरीदी को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा होने की संभावना है। धान खरीदी का सीजन नजदीक आने के साथ ही किसानों और कृषि से जुड़े मुद्दे अहम हो गए हैं। ऐसे में कैबिनेट की इस बैठक पर किसानों सहित प्रदेशभर की नजरें टिकी रहेंगी। इसके अलावा बैठक में राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं, प्रशासनिक विषयों और जनहित से जुड़े अन्य प्रस्तावों पर भी विचार किया जा सकता है। धान खरीदी को मंजूरी खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी और कस्टम मिलिंग नीति को मंजूरी दिए जाने की संभावना है। इसके अलावा गन्ना किसानों से गन्ने की खरीदी की दर और प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने से जुड़े प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल हो सकते हैं। कैबिनेट बैठक में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन नीति और कस्टम मिलिंग नीति के अनुमोदन की संभावना है। इस साल प्रदेश में धान खरीदी का काम 15 नवंबर के बाद शुरू किए जाने के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि, धान खरीदी की शुरुआत और इससे जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर अंतिम स्थिति कैबिनेट के निर्णय के बाद स्पष्ट होगी। गन्ना किसानों के लिए ₹425 प्रति क्विंटल की दर पर फैसला संभव बैठक में शक्कर कारखानों के माध्यम से प्रदेश के गन्ना किसानों से ₹425 प्रति क्विंटल की दर से गन्ना खरीदी किए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल सकती है। इस प्रस्ताव पर कैबिनेट का निर्णय गन्ना किसानों और शक्कर कारखानों से जुड़ी आगामी व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण होगा। औद्योगिक विकास और रोजगार को बढ़ावा देने पर जोर राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मौजूदा नीति में संशोधन से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा हो सकती है। इसके साथ ही विभिन्न विभागों के अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी के लिए कैबिनेट के सामने रखा जा सकता है। कैबिनेट के फैसलों पर रहेगी नजर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में कृषि, गन्ना खरीदी और औद्योगिक विकास से जुड़े मुद्दे प्रमुख रह सकते हैं। धान खरीदी नीति, गन्ने की दर और अन्य प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा।

सेवा संकल्प अभियान के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सेवा का शुभारंभ, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रति जताया आभा

रायपुर महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े की पहल पर सूरजपुर जिले के भटगांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम लटोरी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) 108 एंबुलेंस की सुविधा मिली है। मंत्री  राजवाड़े ने आज सेवा संकल्प अभियान के तहत हरी झंडी दिखाकर एंबुलेंस को रवाना किया। स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल की घोषणा के महज 12 घंटे के भीतर एंबुलेंस लटोरी पहुंच गई। इस अवसर पर मंत्री  राजवाड़े ने कहा कि जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सुशासन सरकार की प्राथमिकता है। हमारा निरंतर प्रयास है कि ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों में भी स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित हो और जरूरतमंदों को समय पर उपचार मिल सके। लटोरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ALS एंबुलेंस की सुविधा से गंभीर मरीजों और दुर्घटना पीड़ितों को आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। मंत्री  राजवाड़े ने एंबुलेंस की मांग पर त्वरित पहल कर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस सुविधा से लटोरी सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को लाभ होगा और जरूरत पड़ने पर मरीजों को बेहतर उपचार के लिए उच्च स्वास्थ्य संस्थानों तक सुरक्षित पहुंचाने में सहायता मिलेगी। उल्लेखनीय है कि 13 अक्टूबर को सूरजपुर जिले में इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंत्री  राजवाड़े ने स्वास्थ्य मंत्री  जायसवाल से लटोरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए ALS एंबुलेंस उपलब्ध कराने का आग्रह किया था। स्वास्थ्य मंत्री ने तत्काल एंबुलेंस उपलब्ध कराने की घोषणा की और घोषणा के 12 घंटे के भीतर एंबुलेंस लटोरी पहुंच गई। कार्यक्रम में इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन  बाबूलाल अग्रवाल,  नूतन विश्वास, महेश्वर पैकरा,   बीना गुप्ता,  ठाकुर सिंह पैकरा,  सुमित्रा राजवाड़े, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह सहित जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

कोदो-कुटकी से रागी और मक्का तक, उपार्जन व्यवस्था को लेकर मुख्य सचिव ने की समीक्षा

रायपुर. मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में कोदो, कुटकी, रागी तथा मक्का के उपार्जन एवं फसल विविधीकरण, किसानों को प्रोत्साहित करने सहित अन्य आवश्यक विषयों पर चर्चा हुई। बैठक में इन कृषि उत्पादों की आवश्यकता, उपार्जन तथा मिलेटस के उपयोग के संबंध में चर्चा हुई। इसके तहत स्कूलों में मध्यांह भोजन और महिला एवं बाल विकास के पोषक आहार कार्यक्रमों में आंगनबाड़ियों के माध्यम में वितरित करने के संबंध में विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में मुख्यमंत्री एवं ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, कृषि एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी सहित अन्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

छत्तीसगढ़ में ‘सौराष्ट्र’ रियल एस्टेट परियोजना पर कार्रवाई, CGRERA ने निरस्त किया पंजीयन

रायपुर. छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (CGRERA) ने रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता, नियमों का पालन और घर एवं भूखंड खरीदारों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। प्राधिकरण ने बिलासपुर जिले में स्थित रियल एस्टेट परियोजना ‘सौराष्ट्र’ की स्वीकृत विकास अनुज्ञा निरस्त होने के बाद परियोजना का रेरा पंजीयन भी निरस्त कर दिया है। यह कार्रवाई प्राधिकरण द्वारा स्वतः संज्ञान लेकर की गई है। प्राधिकरण से प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रमोटर नमन गोयल द्वारा विकसित की जा रही ‘सौराष्ट्र’ परियोजना बिलासपुर जिले के अग्रय नगर, वार्ड क्रमांक 12, खसरा नंबर 1551 में स्थित है। यह परियोजना CGRERA में पंजीयन क्रमांक PCGRERA161025001981 के अंतर्गत पंजीकृत थी। परियोजना को संचालनालय, नगर तथा ग्राम निवेश, छत्तीसगढ़ द्वारा छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम, 1984 के नियम 25 के अंतर्गत विकास अनुज्ञा प्रदान की गई थी। संबंधित सक्षम प्राधिकारी द्वारा परियोजना की स्वीकृत विकास अनुमति निरस्त किए जाने के बाद CGRERA ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वतः संज्ञान लिया और नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ की। प्रकरण की समीक्षा के उपरांत प्राधिकरण ने 05 अक्टूबर 2026 को पारित आदेश में स्पष्ट किया कि सक्षम प्राधिकारी द्वारा विकास अनुज्ञा निरस्त किए जाने के कारण परियोजना का रेरा पंजीयन जारी रखना उचित नहीं है। इसी आधार पर प्राधिकरण ने ‘सौराष्ट्र’ परियोजना का पंजीयन निरस्त करने का निर्णय लिया। CGRERA की यह कार्रवाई स्पष्ट करती है कि रियल एस्टेट परियोजनाओं के संचालन में वैधानिक अनुमतियों और निर्धारित नियमों का पालन अत्यंत आवश्यक है। परियोजनाओं के पंजीयन के साथ-साथ उनकी विकास अनुमतियों की वैधता भी महत्वपूर्ण है। प्राधिकरण द्वारा इस प्रकार के मामलों में कार्रवाई से रियल एस्टेट क्षेत्र में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के प्रयासों को मजबूती मिल रही है। भूखंड या मकान खरीदने से पहले जांच जरूरी छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण ने आम नागरिकों, भूखंड खरीदारों एवं संभावित निवेशकों से अपील की है कि किसी भी रियल एस्टेट परियोजना में निवेश करने अथवा भूखंड, मकान या फ्लैट खरीदने से पहले संबंधित परियोजना के रेरा पंजीयन की वर्तमान स्थिति, स्वीकृत विकास अनुमति तथा अन्य आवश्यक अनुमतियों की जांच अवश्य करें। प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि पूर्व में पंजीकृत परियोजनाओं के संबंध में भी उनकी वर्तमान पंजीयन स्थिति का सत्यापन करना आवश्यक है, ताकि नागरिक किसी प्रकार की अनियमितता या संभावित आर्थिक जोखिम से बच सकें। नागरिक रेरा पंजीकृत परियोजनाओं की जानकारी एवं पंजीयन की वर्तमान स्थिति का सत्यापन CGRERA की आधिकारिक वेबसाइट https://rera.cgstate.gov.in/ के माध्यम से कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए प्राधिकरण के दूरभाष क्रमांक 0771-4918927 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

CM विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुकमा की पहल को बड़ी उपलब्धि, नागरिक सेवाएं पहुंचाने के प्रयासों को मिली नई पहचान

‘सुकमा कनेक्ट 2.0’ को मिली राष्ट्रीय पहचान, देश के 14 चयनित प्रस्तावों में शामिल मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में अंतिम छोर तक नागरिक सेवाएं पहुंचाने की पहल को मिली नई गति 24 घंटे बहुभाषी कॉल सेंटर और मोबाइल सेवा वैन से घर के करीब मिलेंगी नागरिक सुविधाएं सेवा संकल्प अभियान की भावना के अनुरूप दूरस्थ वनांचलों तक पहुंचेगा प्रशासन, परियोजना के लिए 1.17 करोड़ रुपए मंजूर रायपुर,  छत्तीसगढ़ के दूरस्थ वनांचलों तक शासन की योजनाओं और नागरिक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। सुकमा जिले की अभिनव पहल ‘सुकमा कनेक्ट 2.0’ को भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग ने ‘स्टेट कोलैबोरेशन इनिशिएटिव’ के तहत देश के 14 चयनित प्रस्तावों में शामिल करते हुए 1.17 करोड़ रुपए की वित्तीय मंजूरी दी है। प्रशासन द्वारा समन्वय केंद्र सेवा का विस्तार करते हुए प्रस्ताव “सुकमा कनेक्ट (सीएमसीसी) 2.0” प्रस्तुत किया गया था।सेवा संकल्प अभियान की भावना के अनुरूप अंतिम छोर तक शासकीय सेवाएं पहुंचाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल है। इसके तहत अब दूरस्थ गांवों के ग्रामीणों को मोबाइल सेवा वैन और चौबीसों घंटे संचालित बहुभाषी कॉल सेंटर के माध्यम से नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।               मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार दूरस्थ और आदिवासी अंचलों में शासकीय सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर विशेष जोर दे रही है। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से भी नागरिकों को योजनाओं का लाभ दिलाने और उनकी समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी दिशा में ‘सुकमा कनेक्ट 2.0’ तकनीक और प्रशासनिक समन्वय के जरिए ग्रामीणों को जरूरी सेवाएं उनके गांवों के करीब उपलब्ध कराने का माध्यम बनेगा। 40 हजार से अधिक फोन कॉल, हजारों नागरिकों तक पहुंची सेवाएं              सुकमा जिले में मार्च 2026 से संचालित केंद्रीकृत निगरानी एवं नियंत्रण केंद्र (सीएमसीसी 1.0) के माध्यम से अब तक 40 हजार से अधिक फोन कॉल किए गए हैं। इस पहल के तहत 10 हजार 78 आयुष्मान कार्ड और 11 हजार 103 नए मतदाता पहचान पत्र बनाए गए हैं। इसके अलावा 5 हजार 788 आधार नामांकन और 27 हजार 391 बायोमेट्रिक अपडेट किए गए हैं। आजीविका संवर्धन के लिए 452 महिला स्व-सहायता समूहों का गठन कर 4 हजार 745 परिवारों को आजीविका से जोड़ा गया है। स्थानीय बोलियों में मिलेगी सहायता, गांव-गांव पहुंचेंगी मोबाइल सेवा वैन             ‘सुकमा कनेक्ट 2.0’ के तहत स्थानीय बोलियों में चौबीसों घंटे सहायता उपलब्ध कराने के लिए बहुभाषी कॉल सेंटर स्थापित किया जाएगा। दो मोबाइल सेवा वैन दूरस्थ गांवों में पहुंचकर आधार सहित अन्य नागरिक सेवाएं उपलब्ध कराएंगी। इससे अंदरूनी क्षेत्रों के ग्रामीणों को जरूरी सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय करने की परेशानी कम होगी। 198 आवासीय विद्यालयों और आश्रमों में होगी डिजिटल निगरानी             परियोजना के तहत शिक्षा व्यवस्था की निगरानी को भी सुदृढ़ किया जाएगा। जिले के 198 आवासीय विद्यालयों एवं आश्रमों में डिजिटल उपस्थिति प्रणाली लागू की जाएगी। साथ ही शाला से बाहर बच्चों की पहचान और निगरानी के लिए विशेष व्यवस्था विकसित की जाएगी, ताकि उन्हें दोबारा शिक्षा से जोड़ा जा सके। नागरिक सेवाओं, शासकीय योजनाओं और शिक्षा संबंधी गतिविधियों की एकीकृत निगरानी के लिए कलेक्टर स्तर पर डिजिटल डैशबोर्ड भी तैयार किया जाएगा। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन और सेवाओं की उपलब्धता की निगरानी एक ही मंच से हो सकेगी। यह पहल सुकमा में दूरस्थ आदिवासी अंचलों में “टेक्नोलॉजी-इनेबल्ड लास्ट-माइल गवर्नेंस“ का उदाहरण सामने लेकर आएगी। जिले में कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशन और जिला सीईओ श्री मुकुन्द ठाकुर के मार्गदर्शन में मार्च 2026 से सीएमसीसी 1.0 (केंद्रीय निगरानी एवं नियंत्रण केंद्र)  का सफलता पूर्वक संचालन किया जा रहा है।

CM विष्णु देव साय की बड़ी सौगात, जशपुरनगर में ₹11.83 करोड़ से बनेगा हाईटेक बस स्टैंड

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की बड़ी सौगात, जशपुरनगर में 11.83 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा हाईटेक बस स्टैंड लगभग 3 एकड़ में विकसित होगा आधुनिक बस टर्मिनल, एक साथ 35 से 40 बसों के ठहराव की होगी व्यवस्था प्रतिदिन 5 हजार से अधिक यात्रियों को मिलेगा लाभ, वेटिंग हॉल, लिफ्ट, टिकट काउंटर और डिजिटल सूचना स्क्रीन सहित होंगी आधुनिक सुविधाएं कुनकुरी और पत्थलगांव में भी आधुनिक बस स्टैंड को स्वीकृति, बंदरचुआ और दुलदुला में निर्माण कार्य जारी रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में यात्री सुविधाओं के विस्तार और सार्वजनिक परिवहन अधोसंरचना को मजबूत बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल की गई है। मुख्यमंत्री साय की पहल पर जिला मुख्यालय जशपुरनगर में 11 करोड़ 83 लाख 62 हजार रुपये की लागत से हाईटेक बस स्टैंड का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए स्वीकृति प्रदान कर दी गई है और वर्तमान में टेंडर प्रक्रिया जारी है। लगभग तीन एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाला यह आधुनिक बस टर्मिनल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ शहर की परिवहन व्यवस्था को नया स्वरूप देगा। लंबे समय से आधुनिक बस स्टैंड की प्रतीक्षा कर रहे जिलेवासियों के लिए यह परियोजना महत्वपूर्ण सौगात साबित होगी। लगभग तीन एकड़ में बनेगा हाईटेक बस स्टैंड, 40 बसों तक के ठहराव की होगी सुविधा जशपुरनगर के वार्ड क्रमांक 8 स्थित पुराने मवेशी बाजार परिसर में हाईटेक बस स्टैंड का निर्माण प्रस्तावित है। लगभग तीन एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाले इस आधुनिक बस टर्मिनल में एक साथ 35 से 40 बसों के खड़े होने की व्यवस्था होगी। इससे बसों के आवागमन और ठहराव को व्यवस्थित करने के साथ यात्रियों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। जशपुर जिला मुख्यालय का बस स्टैंड जिले के प्रमुख परिवहन केंद्रों में शामिल है। यहां प्रतिदिन 100 से अधिक बसों का आवागमन होता है और पांच हजार से अधिक यात्री सफर करते हैं। यहां से जिले के विभिन्न ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के अलावा पड़ोसी राज्यों झारखंड, ओडिशा, बिहार और पश्चिम बंगाल सहित अन्य स्थानों के लिए बस सेवाएं संचालित होती हैं। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए आधुनिक सुविधाओं से युक्त बस स्टैंड की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। नए बस स्टैंड के निर्माण से इस आवश्यकता की पूर्ति होगी। वेटिंग हॉल, लिफ्ट और डिजिटल सूचना स्क्रीन सहित मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं प्रस्तावित हाईटेक बस स्टैंड को यात्रियों की सुविधा और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जाएगा। यहां आधुनिक यात्री प्रतीक्षालय, सुव्यवस्थित वेटिंग हॉल, टिकट काउंटर, लिफ्ट और आधुनिक शौचालय सहित विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यात्रियों को बसों के आगमन और प्रस्थान की जानकारी आसानी से मिल सके, इसके लिए डिजिटल सूचना स्क्रीन लगाने की भी योजना है। बस स्टैंड परिसर में 40 दुकानों का निर्माण भी प्रस्तावित है। इससे यात्रियों को आवश्यक वस्तुएं और सेवाएं एक ही परिसर में उपलब्ध हो सकेंगी। साथ ही स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और रोजगार के नए अवसर सृजित होने की संभावना है। आधुनिक सुविधाओं से युक्त इस बस टर्मिनल से विशेष रूप से महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों को सहूलियत होगी। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच आवागमन होगा अधिक सुगम जशपुरनगर जिला मुख्यालय होने के कारण आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार, रोजगार और शासकीय कार्यों के लिए यहां पहुंचते हैं। आधुनिक बस स्टैंड के निर्माण से इन यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधाएं मिलेंगी। बसों के व्यवस्थित ठहराव और संचालन से शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने में भी मदद मिलेगी। नए बस टर्मिनल के विकसित होने से जशपुरनगर की परिवहन अधोसंरचना मजबूत होगी और जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के बीच संपर्क को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही पड़ोसी राज्यों से आने-जाने वाले यात्रियों को भी आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा। कुनकुरी और पत्थलगांव में भी बनेंगे आधुनिक बस स्टैंड मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले के विभिन्न नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। जशपुरनगर के साथ कुनकुरी और पत्थलगांव में भी अत्याधुनिक बस स्टैंड निर्माण की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इसी क्रम में बंदरचुआ और दुलदुला में एक-एक करोड़ रुपये की लागत से बस स्टैंड का निर्माण कार्य किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से जिले में यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था अधिक सुदृढ़ होगी। जशपुरनगर में प्रस्तावित हाईटेक बस स्टैंड सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में विकसित की जा रही परिवहन अधोसंरचना से आने वाले समय में यात्री सुविधाओं का विस्तार होगा तथा स्थानीय व्यापार, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने नागरिकों से की मुलाकात, समस्याओं के निराकरण के लिए अधिकारियों को दिए निर्देश

पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में नागरिकों से की आत्मीय भेंट-मुलाकात आमजन की समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना, निराकरण के लिए अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश रायपुर,  प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने आज नवा रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों से आत्मीय भेंट-मुलाकात कर उनकी समस्याओं, सुझावों एवं जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना तथा संबंधित अधिकारियों को उनके निराकरण के लिए आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता और आमजन की समस्याओं का समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान राज्य सरकार की प्राथमिकता है। जनता से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी आवश्यकताओं और अपेक्षाओं को समझना ही जनहितकारी कार्यों को बेहतर ढंग से आगे बढ़ाने का सशक्त माध्यम है। मंत्री अग्रवाल ने नागरिकों से चर्चा करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि का सबसे महत्वपूर्ण दायित्व जनता की समस्याओं को समझना और उनके समाधान के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य करना है। आमजन की अपेक्षाओं के अनुरूप विकास और जनकल्याण के कार्यों को गति देना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जनता से निरंतर संपर्क और संवाद बनाए रखने से न केवल उनकी समस्याओं की वास्तविक स्थिति का पता चलता है, बल्कि शासन की योजनाओं और व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी प्राप्त होते हैं। जनसमस्याओं के निराकरण में संवेदनशीलता और तत्परता आवश्यक मंत्री अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार जनकल्याण, सुशासन और पारदर्शी प्रशासन की भावना के साथ कार्य कर रही है। सरकार का प्रयास है कि आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े तथा उनकी शिकायतों और आवेदनों पर संवेदनशीलता के साथ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित हो। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि नागरिकों द्वारा प्रस्तुत समस्याओं और जनहित से जुड़े विषयों पर गंभीरतापूर्वक ध्यान देते हुए नियमानुसार आवश्यक पहल की जाए। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं का समाधान केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि जनसेवा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जनता का विश्वास और सहभागिता ही विकास की सबसे बड़ी शक्ति पर्यटन मंत्री अग्रवाल ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का विश्वास और सहभागिता विकास की सबसे बड़ी शक्ति है। नागरिकों से मिलने वाले सुझाव शासन की कार्यप्रणाली को अधिक जनोन्मुखी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के बीच नियमित संवाद से समस्याओं की पहचान और उनके समाधान की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों का वास्तविक उद्देश्य आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। इसके लिए आवश्यक है कि जनप्रतिनिधि जनता के बीच रहकर उनकी आवश्यकताओं और अपेक्षाओं को समझें तथा संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर समाधान की दिशा में कार्य करें। आमजन से निरंतर संवाद और जनसेवा का संकल्प मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि जनसामान्य की समस्याओं का निराकरण और उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि जनता से मिलने वाला स्नेह, विश्वास और सुझाव जनसेवा के दायित्वों को और अधिक समर्पण के साथ निभाने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि निरंतर जनसंवाद, संवेदनशील प्रशासन और जनभागीदारी के माध्यम से जनहित के कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सकेगा। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए उनके प्रयास निरंतर जारी रहेंगे तथा जनता की सेवा और प्रदेश के विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सदैव बनी रहेगी।