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परसदा में भाजपा का स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया, गांव-गांव बस्ती चलो अभियान के तहत व्यापक जनसंपर्क

बिलासपुर. ग्राम परसदा में भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर “गांव-गांव बस्ती चलो अभियान” के तहत भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने गांव की बस्तियों में जाकर जनसंपर्क किया और संगठन की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया। कार्यक्रम की शुरुआत भाजपा का ध्वज फहराकर एवं पार्टी के महापुरुषों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर की गई। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने टोली बनाकर गांव की विभिन्न बस्तियों में भ्रमण किया और आम नागरिकों से मुलाकात कर उन्हें केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। अभियान के दौरान कार्यकर्ताओं ने बताया कि भाजपा का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की किरण पहुंचाना है। इसी सोच के साथ “गांव-गांव बस्ती चलो अभियान” चलाया जा रहा है, ताकि हर वर्ग तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचे और लोगों की समस्याओं का समाधान हो सके। इस अवसर पर वरिष्ठ नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा एक कार्यकर्ता आधारित संगठन है, जहां हर कार्यकर्ता की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को और मजबूत बनाने तथा आगामी समय में पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में युवाओं, एवं ग्रामीणों की उल्लेखनीय भागीदारी रही। पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह और उमंग का माहौल देखने को मिला। अंत में सभी कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर पार्टी की विचारधारा को आगे बढ़ाने और समाज सेवा के कार्यों में निरंतर सक्रिय रहने का संकल्प लिया। इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप जिला मीडिया प्रभारी कैलाश वस्त्रकार गनियारी मंडल उपाध्यक्ष जागेश्वर यादव महामंत्री मोहन पाटले सभापति अरुण सिंह चौहान सरपंच जगत राम साहू अमित कौशिक परमेश्वर त्रिभुवन यादव कमलेश यादव कौशिक संतोष कौशिक हनुमान केवट सुखराम कौशिक चमरा कौशिक आदि सभी भाजपा के कार्यकर्ता उपिस्थति रहे।

ग्रामीणों तक पहुंचा विकास: कोंडागांव में शिविर के जरिए योजनाओं का लाभ, कलेक्टर ने दिए निर्देश

कोंडागांव/रायपुर. राज्य शासन के निर्देशानुसार विकासखण्डवार जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविरों का लगातार आयोजन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दूरस्थ अंचलों के गांवों तक पहुंचाया जा रहा है। इसी क्रम में बीते दिनों कोंडागांव जिले के केशकाल विकासखंड अंतर्गत जिले के सीमा पर स्थित ग्राम चुरेगांव में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों को शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। शिविर में कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना ने ग्रामीणों से आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याओं को गंभीरता के साथ सुना। इस दौरान कलेक्टर, जिला पंचायत सदस्य श्री कपिल नाग, जनपद सदस्य श्री घसियाराम सेठिया सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन कर प्राप्त आवेदनों को जानकारी ली और निराकरण हेतु निर्देशित किया। कलेक्टर ने कहा कि इन शिविरों का उद्देश्य शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाना है, ताकि ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान हेतु ब्लॉक या जिला मुख्यालय तक न आना पड़े। उन्होंने आश्वस्त किया कि शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों एवं समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाएगा। उन्होंने श्रम पंजीयन के लाभों की जानकारी देते हुए ग्रामीण महिलाओं को आजीविका संवर्धन हेतु ई-रिक्शा योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। साथ ही पशुपालन विभाग की योजनाओं से जुड़ने एवं विकसित भारत जीरामजी योजना के अंतर्गत शेड निर्माण का लाभ उठाने की अपील की। शिविर में ग्रामवासियों से विभिन्न मांगों और समस्याओं को लेकर कुल 84 आवेदन प्राप्त हुए। शिविर स्थल में समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को 04 ट्रायसायकल एवं 01 बैसाखी वितरित की गई। मुख्यमंत्री पेंशन सहायता योजना के अंतर्गत 03 हितग्राहियों को पेंशन स्वीकृत की गई। इसी प्रकार 13 आधार कार्ड, 7 जाति प्रमाण पत्र, श्रम विभाग द्वारा 11 श्रम कार्ड, खाद्य विभाग द्वारा 14 राशन कार्ड, उद्यान विभाग द्वारा 03 वर्मी बेड प्रदान किए गए। राजस्व विभाग द्वारा 15 किसान किताब, कृषि विभाग द्वारा 10 हितग्राहियों को रागी बीज वितरण और वन विभाग द्वारा राजमोहिनी देवी तेंदूपत्ता संग्राहक बीमा योजना के अंतर्गत ग्राम हिचका की श्रीमती सुनीता मंडावी को 02 लाख रुपए एवं ग्राम कावागांव की श्रीमती सुपोतिन कोर्राम को 30 हजार रुपए की सहायता राशि का चेक प्रदान किया गया। साथ ही वन विभाग द्वारा 200 पौधे का भी वितरण किया गया। कलेक्टर ने लिया मड़िया पेज का आनंद कभी लाल आतंक से प्रभावित रहे चुरेगांव जैसे अंदरूनी गांव में आयोजित इस शिविर के दौरान ग्रामीणों द्वारा पारंपरिक पेय ‘मड़िया पेज’ की व्यवस्था की गई थी। कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना ने ग्रामीण महिलाओं के बीच पहुंचकर मड़िया पेज का स्वाद लिया और उनकी सराहना की। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ अविनाश भोई, एसडीएम आकांक्षा नायक, तहसीलदार विजय मिश्रा, संतोष सिन्हा, जनपद पंचायत सीईओ अनुराग सिन्हा, सरपंच, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

POCSO केस में हाईकोर्ट का अहम निर्णय: ट्रायल कोर्ट का फैसला रद्द, आरोपी बरी

बिलासपुर. पॉक्सो एक्ट और अपहरण के मामले में दोषी ठहराए गए युवक को हाईकोर्ट ने बरी कर दिया है। मामले में चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने यह फैसला सुनाया। कबीरधाम निवासी दीपक वैष्णव पर आरोप था, कि उसने नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। ट्रायल कोर्ट (पॉक्सो कोर्ट, मुंगेली) ने आरोपी को आईपीसी की धारा 363, 366 और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत दोषी ठहराते हुए 20 साल तक की सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट ने पूरे मामले की गहन समीक्षा के बाद पाया कि, पीड़िता और आरोपी के बीच पहले से मोबाइल पर बातचीत होती थी। पीड़िता ने खुद स्वीकार किया कि वह आरोपी के साथ अपनी इच्छा से गई थी। दोनों ने कई शहरों (मुंगेली, रायपुर, हैदराबाद, विजयवाड़ा, अग्रपाली) की यात्रा साथ की। लगभग एक महीने तक दोनों साथ रहे और इस दौरान पीड़िता ने कहीं भी विरोध या शिकायत नहीं की। कोर्ट ने कहा कि यह परिस्थिति जबरदस्ती या प्रलोभन को साबित नहीं करती। मेडिकल जांच में शरीर पर किसी तरह की चोट नहीं मिली। एफएसएल रिपोर्ट भी नेगेटिव रही। यौन संबंध के संबंध में कोई ठोस चिकित्सीय प्रमाण नहीं मिला। इन तथ्यों ने अभियोजन पक्ष की कहानी को कमजोर कर दिया। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसले का हवाला देते हुए कहा कि, यदि लड़की खुद अपनी इच्छा से आरोपी के साथ जाती है और आरोपी द्वारा कोई प्रलोभन या दबाव साबित नहीं होता, तो इसे किडनैपिंग नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ साथ जाना अपराध नहीं है, जब तक यह साबित न हो कि आरोपी ने लड़की को गलत उद्देश्य से बहकाया या मजबूर किया। हालांकि, पीड़िता नाबालिग थी (करीब 15 साल 10 माह), लेकिन कोर्ट ने कहा कि, परिस्थितियों और सबूतों के आधार पर अभियोजन यह साबित नहीं कर पाया कि यह जबरन या शोषण का मामला था। पीड़िता के बयान और व्यवहार से स्वेच्छा स्पष्ट होती है। ऐसे में संदेह का लाभ आरोपी को दिया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने एस. वर्धराजन बनाम स्टेट ऑफ मद्रास और हालिया फैसले टिल्कू उर्फ तिलक सिंह बनाम स्टेट ऑफ उत्तराखंड का हवाला देते हुए कहा कि 16-18 वर्ष के बीच की उम्र में लड़की में सही-गलत समझने की क्षमता होती है। हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का फैसला रद्द करते हुए आरोपी दीपक वैष्णव सभी आरोपों से बरी कर दिया।

ट्रैफिक जाम से मिलेगी निजात: रायपुर में 11 KM रिंग रोड-5 निर्माण का प्लान तैयार

रायपुर. रायपुर में ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए करीब 11 किमी लंबा रिंग रोड- 5 बनाया जाएगा. इसके लिए शासन ने 694 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है. यह रिंग रोड चंदनीडीह से महादेवघाट होते हुए खारुन नदी के रास्ते पुराना धमतरी रोड के खिलोरा तक जाएगी. इस प्रोजेक्ट को दो चरणों में पूरा किया जाएगा. पहले चरण में चंदनीडीह से भाठागांव तक 7.5 किमी और दूसरे चरण में भाठागांव से खारुन नदी तक 3.5 किमी सड़क का चौड़ीकरण होगा. चंदनीडीह रेलवे क्रॉसिंग पर 110 करोड़ रुपए की लागत से ओवरब्रिज भी बनेगा. भविष्य में इसे फुंडहर चौक एक्सप्रेस-वे से जोड़ने की निगम की योजना है, जिससे एयरपोर्ट और नवा रायपुर कनेक्टिविटी बेहतर होगी. इसके करीब रोज एक लाख से अधिक लोगों को राहत मिलेगी, तो वहीं रिंग रोड-1 का भार कम हो जाएगा. सर्वे के बाद काम शुरू किया जाएगा पीडब्ल्यूडी सीई, पंकज कश्यप ने एक समाचार पत्र को बताया कि रिंग रोड-5 निर्माण के लिए बजट को मंजूरी मिल गई है, जिसके बाद सर्वे किया जा रहा है. सड़क को चंदनीडीह, महादेवघाट, साठागांव, काठाडीह होते हुए पुराना धमतरी रोड के खिलोरा क बनेगा. इसकी लंबाई करीब 11 किमी होगी. प्रोजेक्ट भू-अधिग्रहण भी शामिल है. बजट प्रस्ताव शासन को भेजा है. प्रोजेक्ट पर पीडब्ल्यूडी से होगी चर्चा वहीं रायपुर निगम आयुक्त विश्वदीप ने समाचार पत्र को बताया कि निगम ने अधोसंरचना मद में रिंग रोड-5 निर्माण के लिए प्रावधान किया है. पीडब्ल्यूडी को भी बजट में राशि की मंजूरी मिल चुकी है. शहर के बेहतर रोड इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए दोनों एजेंसियां मिलकर काम करेंगी. इस सड़क के जरिए दुर्ग की ओर से आने वाले लोगों को एयरपोर्ट तक सीधा और आसान रास्ता देने पर फोकस रहेगा. किन रूटों में मिलेगी राहत महादेवघाट और अमलेश्वर तक आसान पहुंच भाठागांव होकर शहर में वैकल्पिक एंट्री एक्सप्रेस-वे और एनएच-30 से सीधा जुड़ाव दुर्ग-भिलाई से एयरपोर्ट तक सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी भविष्य के ट्रैफिक के लिए जरूरी जानकार बताते हैं कि राजधानी में रिंग रोड-1 अब आउटर नहीं रह गया है, बल्कि शहर के बीच आ गया है. ऐसे में रिंग रोड-5 का निर्माण समय की मांग है. इसे बेहतर प्लानिंग के साथ बनाया जाना चाहिए. दुर्ग-भिलाई, राजनांदगांव और बिलासपुर से आने वाले लोगों को धमतरी रोड से जोड़ने के लिए निगम का प्लान उचित है. इसे सेजबहार- बोरियाकला से सीधे एयरपोर्ट से जोड़ना और अधिक प्रभावी होगा. एक्सप्रेस-वे की तरह करें विकसित वहीं, भविष्य में भारतमाला प्रोजेक्ट तैयार होने पर तेलीबांधा, आरंग और टाटीबंध पर ट्रैफिक दबाव कम होगा. ऐसे में रिंग रोड- 5 को एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेस-वे की तरह विकसित किया जाना चाहिए, ताकि दुर्ग, राजनांदगांव, बिलासपुर और धमतरी-जगदलपुर की ओर से आने वाले लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके. 23 किमी की दूरी करनी पड़ती है तय पुराना धमतरी रोड़ के खिलोरा से चंदनीडीह तक रिंग रोड से पहुंचने में करीब 23 किमी दूरी तय करनी पड़ती है. सेजबहार के बाद ट्रैफिक दबाव बढ़ने से संतोषी नगर चौक तक 30-40 मिनट लगते हैं. यहां जाम के बाद सरोना से आगे सीधा रास्ता मिल जाता है, फिर भी सफर में एक घंटे से ज्यादा समय लगता है.

दीदी के बखरी से बदल रही तस्वीर : कांकेर में महिला किसानों की आय में क्रान्तिकारी

रायपुर. कांकेर जिले में बिहान योजना के तहत महिलाओ के आजीविका मे वृद्धि हेतु सभी स्तर पर विभिन्न प्रयास किये जा रहे है । जिले में काफ़ी संख्या मे दीदीयां अपने जीवन स्तर मे  में सुधार के लिए आय मूलक गतिविधियों से जुड़ी हुई हैं ।अपनी आय दुगुनी करने के लिए एकीकृत क़ृषि के साथ अन्य लाइवलिहुड एक्टिविटी कर रही है इसमें अपने घर के बखरी (बाड़ी) में व्यावसायिक रूप से सब्जी -भाजी लगाकर उसको बाजार में बिक्री कर अपने आय मे वृद्धि कर रही है ,साथ मे  मछली पालन,मुर्गीपालन, बकरी पालन व वनोपज संग्रहण कर रही है। इस प्रकार से एकीकृत क़ृषि  जिले के चार विकासखंड_ नरहरपुर, कांकेर, भानुप्रतापपुर, चारामा में संचालित है, जिसमें प्रत्येक संकुल के चार गांव को लिया गया है। योजना का उद्देश्य महिला किसानों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है जिससे उनकी औसत आय प्रतिमाह बीस से पच्चीस हजार  तक पहुंच जाए। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरेश मंडावी के मार्गदर्शन में  यह योजना ज़िले में सुचारु रूप से संचालित हो रही है,यह  योजना "दीदी के बखरी" नाम से संचालित है । विकासखण्ड नरहरपुर में 1200, कांकेर में 790, चारामा में 734 एवं भानुप्रतापपुर में 640 इस प्रकार कुल 3364 महिला किसानों द्वारा सब्जी बाड़ी, पोषण वाटिका, मुर्गी पालन, वनोपज संग्रहण, मछली पालन इत्यादि गतिविधियां की जा रही हैं। वित्त वर्ष 2026-27 में 10,780 महिलाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है जिसमे उनका आवश्यक सहयोग करके उनके आय मे वृद्धि का प्रयास किया जायेगा । इनके लिए सभी क्लस्टर लेवल पर आजीविका सेवा केंद्र भी खोला जा रहा है जो दीदियों द्वारा ही संचालित होगा। इसके माध्यम से इनको उक्त गतिविधि के संचालन हेतु आवश्यक बीज, क़ृषि उपकरण, खाद आदि मुहैया कराया जायेगा।  जिला पंचायत सीईओ बने मंडावी ने गत दिनों नरहरपुर, चारामा, भानुप्रतापपुर, कांकेर की महिला किसानों से मिलकर उनके द्वारा किये जा रहे कार्यों की जानकारी ली। इसी क्रम में वे नरहरपुर विकासखंड के सुदूर ग्राम पंचायत रावस और बांस पत्तर पहुंचे जहाँ महिला किसान सुरेखा नेताम के द्वारा बनाये गए बखरी मे लगाए ग्राफ्टेड सब्जी_ भाजी और मुर्गी पालन के कार्य को देख कर  प्रसन्नता जाहिर की। उन्होंने ग्राम ठेमा की महिला किसान नामिका यादव के वनोपज और मुर्गी, मछली पालन के कार्य को देखकर काफ़ी सराहा। आज शनिवार को भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के ग्राम हाटकर्रा की महिला मोतिन दर्रो के बकरीपालन एवं मछली पालन  और सूरजमुखी की खेती के कार्य को देखकर प्रसंशा की। ग्राम धनेली की महिला जमुना कोर्राम से आजीविका डबरी से संबंधित जानकारी ली तथा कठोली की दीदी से चर्चा कर उन्होंने उनकी औसत मासिक आय की जानकारी लेते हुए उन्हें कार्य के प्रति प्रोत्साहित किया।   इस प्रकार कांकेर जिले में महिला आजीविका मे वृद्धि के लिए एकीकृत क़ृषि सबंधित "दीदी के बखरी "कार्य अन्य महिलाओ के लिए भी प्रेरणा  बन रहा है जिसे देखकर बाकी दीदीयां भी अपने जीवन स्तर मे सुधार लाने और आय बढ़ाने पर कार्य कर रही है।  

जल जीवन मिशन के तहत शुरू हुई जल आपूर्ति, 52 किमी दूर स्थित गांव को मिली बड़ी राहत

रायपुर. छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर पर बसे नारायणपुर जिले के ओरछा ब्लॉक के सीमावर्ती ग्राम नेलांगुर में अब विकास की नई तस्वीर उभरने लगी है। महाराष्ट्र सीमा से लगे इस पूर्व अतिसंवेदनशील गांव में पहली बार घर-घर नल से पानी पहुंचना शुरू हुआ है, जिससे ग्रामीणों के जीवन में बड़ा बदलाव महसूस किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित होने के बाद अब विकास कार्यों ने भी गति पकड़ ली है। कलेक्टर नम्रता जैन ने बताया की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन के तहत इस दूरस्थ गांव में जल आपूर्ति व्यवस्था शुरू की गई है। सोलर पंप के माध्यम से जल स्रोत से पानी उठाकर पाइपलाइन के जरिए सीधे घरों तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे बिजली पर निर्भरता कम हुई है और निर्बाध जल आपूर्ति संभव हो सकी है। जिला मुख्यालय नारायणपुर से लगभग 52 किलोमीटर दूर स्थित नेलांगुर के ग्रामीण लंबे समय से पेयजल संकट झेल रहे थे, लेकिन अब उनकी समस्या का समाधान होने से ग्रामीणों के लिए यह पहल राहत भरी साबित हो रही है। विशेष रूप से महिलाओं को अब दूर-दूर तक पानी लाने की परेशानी से मुक्ति मिली है। गांव में जल आपूर्ति शुरू होने से लोगों के दैनिक जीवन में सहजता आई है और स्वच्छता के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है। नेलांगुर में जल जीवन मिशन का सफल क्रियान्वयन इस बात का प्रमाण है कि शासन की योजनाएं अब दूरस्थ और सीमावर्ती क्षेत्रों तक प्रभावी ढंग से पहुंच रही हैं। प्रशासन द्वारा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने तथा हर घर तक नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। नेलांगुर में सोलर पंप आधारित जल आपूर्ति की यह पहल न केवल बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह क्षेत्र में विश्वास और विकास की नई नींव भी रख रही है।

बाबा साहेब को श्रद्धांजलि: अंबेडकर जयंती पर 21 फीट ब्रॉन्ज प्रतिमा का होगा अनावरण, CM साय शामिल

रायपुर. भारत रत्न बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर की जयंती पर 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के घड़ी चौक के आगे अंबेडकर चौक पर स्थापित डॉ. भीमराव अंबेडकर की 21 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा का अनावरण करेंगे. संविधान निर्माता बाबा साहेब अंबेडकर के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने और लोगों को प्रेरित करने के लिए स्थापित की गई 21 फीट की इस प्रतिमा का वजन 4300 किलोग्राम है. इसको करीबन 35 लाख रुपए की लागत से बनाया गया है. यह प्रतिमा बाबा साहेब के प्रति सम्मान और सामाजिक समरसता का प्रतीक है. बताया जा रहा है कि अंबेडकर चौक के अलावा नवा रायपुर के विधानसभा परिसर में बाबा साहेब अंबेडकर की 25 फीट से अधिक ऊंची एक अन्य भव्य प्रतिमा स्थापित करने की योजना है.

देश ने खोई स्वर कोकिला Asha Bhosle: CM साय ने दी श्रद्धांजलि

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुप्रसिद्ध गायिका पद्म विभूषण आशा भोसले के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि आशा भोसले के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अपनी मधुर, विलक्षण और हृदयस्पर्शी आवाज़ से उन्होंने दशकों तक भारतीय संगीत को समृद्ध किया और करोड़ों हृदयों में अमिट स्थान बनाया। उनका यह अद्वितीय योगदान युगों-युगों तक अमर रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करता रहेगा। मुख्यमंत्री साय ने माँ वीणापाणि सरस्वती से प्रार्थना की है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों और उनके असंख्य प्रशंसकों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

झारखंड में बड़ी कार्रवाई: लंबे समय से फरार नक्सली मुन्ना आखिरकार दबोचा गया

बलरामपुर. 13 साल से फरार चल रहे नक्सली मुन्ना कोरवा को झारखंड से गिरफ्तार करने में पुलिस को सफलता मिली है. मुन्ना पर बंधक बनाकर मारपीट और हत्या की नियत से गोली चलाने का आरोप है. साल 2012 से वह जंगल में छिपकर पुलिस की आखों में धूल झोंक रहा था. जानकारी के मुताबिक, नक्सलियों ने लातेहार निवासी लखू यादव को ग्राम पुन्दाग में बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट की थी. नक्सली दस्ता के सदस्य इकबाल यादव के निर्देश पर लखू को जान से मारने के इरादे से गोली चलाई गई, लेकिन वह किसी तरह बचकर भाग निकला। घटना के संबंध में सामरीपीठ में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी. आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं 147, 148, 149, 342, 395, 307, 120बी भादवि एवं आर्म्स एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया था. जांच के दौरान सभी आरोपी भाग निकले थे. न्यायालय ने उनके खिलाफ स्थायी वारंट जारी किया था. मुखबीर से जानकारी मिली की वारंटी मुन्ना कोरवा झारखंड के तेहड़ी (भण्डरिया) में छिपा हो सकता है. इसके बाद एक विशेष टीम गठित कर झारखंड रवाना किया गया. पुलिस ने आरोपी को दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया. सामरीपाठ लाकर उसे कोर्ट में पेश किया गया.

तोखन साहू का बड़ा बयान: हिंसा से शांति की ओर बढ़ा असम, गौरेला में कही अहम बात

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही. केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू अपने गौरेला प्रवास के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने असम की राजनीति, हालिया चुनाव और राज्य में हुए विकास कार्यों को लेकर बड़ा बयान दिया। केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने कहा कि असम में मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में पिछले 10 वर्षों में अभूतपूर्व बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने पुराने दौर को याद करते हुए कहा कि एक समय था जब असम बम, बारूद और हिंसा की घटनाओं के लिए जाना जाता था, लेकिन आज राज्य में शांति, समृद्धि और विकास का माहौल है। उन्होंने आगे कहा कि डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा की लोकप्रियता इस बात का प्रमाण है कि जनता उनके काम से संतुष्ट है। मंत्री के मुताबिक, असम की जनता ने उन्हें तीसरी बार मुख्यमंत्री बनाने के लिए भारी संख्या में मतदान किया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा द्वारा मुख्यमंत्री पर लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए तोखन साहू ने कहा कि केवल राजनीतिक आरोप लगाने से कुछ सिद्ध नहीं होता। उन्होंने विश्वास जताया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) इस बार भी भारी बहुमत के साथ सरकार बनाएगा और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पिछली बार से अधिक सीटें जीतने में सफल रहेगी। गौरतलब है कि इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र से जुड़ी रेलवे समस्याओं को लेकर केंद्रीय मंत्री को ज्ञापन भी सौंपा, जिस पर उन्होंने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। साथ ही पेंड्रारोड रेलवे स्टेशन में यात्री सुविधाओं के विस्तार एवं नवीन रेल परियोजनाओं की स्वीकृति हेतु मांग पत्र स्थानीय रेल सलाहकार समिति द्वारा सौंपा गया। पेंड्रारोड रेलवे स्टेशन में यात्री सुविधाओं के लिए प्रमुख मांगें एवं सुझाव: 1– नवीन रेल लाइन का निर्माण (कनेक्टिविटी) पेंड्रारोड-अमरकंटक-डिंडोरी-जबलपुर एवं पेंड्रारोड-अमरकंटक-मंडला-सिवनी नई रेल लाइन के निर्माण की मांग की गई है। यह मार्ग मध्य भारत के आदिवासी अंचल के लिए जीवनरेखा साबित होगा। इससे अमरकंटक, सतपुड़ा पर्वतमाला, कान्हा एवं पेंच राष्ट्रीय उद्यान तथा अचानकमार-अमरकंटक बायोस्फीयर रिजर्व को सीधा रेल संपर्क मिलेगा, जिससे पर्यटन और रोजगार दोनों को बढ़ावा मिलेगा। 2 – फुट ओवरब्रिज (FOB) का निर्माण: स्टेशन के दोनों ओर बढ़ती आबादी को देखते हुए सुरक्षित आवागमन और प्लेटफार्मों के बीच सुगम संपर्क के लिए आधुनिक फुट ओवरब्रिज निर्माण की मांग की गई है। 3 – प्रमुख ट्रेनों का ठहराव (Stoppage) जबलपुर-संतरागाछी-जबलपुर एक्सप्रेस तथा रानी कमलापति-संतरागाछी-रानी कमलापति एक्सप्रेस का पेंड्रारोड स्टेशन पर ठहराव सुनिश्चित करने का सुझाव दिया गया है। 4 – नई मेमू (MEMU) ट्रेन का संचालन क्षेत्रीय व्यापारियों, कर्मचारियों और आम जनता की सुविधा के लिए संध्या काल में पेंड्रारोड से बिलासपुर के बीच नई मेमू लोकल ट्रेन चलाने की मांग की गई है। 5 – रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का निर्माण गौरेला-गोरखपुर-कटनी मार्ग पर रेलवे फाटक के पास बढ़ते यातायात और जाम की समस्या को देखते हुए रेलवे ओवरब्रिज (ROB) के शीघ्र निर्माण की मांग की गई है। इन सभी मांगों को लेकर केंद्रीय राज्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर जल्द ही समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।