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गितिका चंदेल को मिली बड़ी जिम्मेदारी, महिला कांग्रेस की ब्लॉक अध्यक्ष नियुक्त

महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल: गितिका चंदेल बनीं महिला कांग्रेस की ब्लॉक अध्यक्ष संगठन को मजबूती, महिलाओं को नई पहचान दिलाने का लिया संकल्प मनेन्द्रगढ़/एमसीबी राजनीति के गलियारों में एक नई ऊर्जा और उम्मीद की किरण उस समय देखने को मिली, जब समर्पण, संघर्ष और सेवा की प्रतीक गितिका चंदेल को महिला कांग्रेस, मनेन्द्रगढ़ शहर की ब्लॉक अध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई। यह नियुक्ति केवल एक पद नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम के रूप में देखी जा रही है। नियुक्ति के बाद गितिका चंदेल ने भावुक शब्दों में अपने आभार को व्यक्त करते हुए कहा कि यह विश्वास उनके लिए सम्मान के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे इस दायित्व को पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ निभाएंगी। उन्होंने इस अवसर का श्रेय वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन और आशीर्वाद को देते हुए विशेष रूप से चरणदास महंत, ज्योत्सना महंत, फूलो देवी नेताम, विनय जायसवाल, रूमा चटर्जी, नीता डे और अनिल प्रजापति का उल्लेख किया। गितिका चंदेल ने कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य कांग्रेस की विचारधारा को हर घर तक पहुंचाना और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना है। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं को राजनीति और सामाजिक क्षेत्र में आगे लाने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि वे महिलाओं को उनके अधिकारों और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चलाएंगी। उन्होंने भावुकता से कहा, "यह पद मेरे लिए केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की हर उस महिला की उम्मीद है, जो अपने हक और सम्मान के लिए संघर्ष कर रही है। मैं उनकी आवाज बनकर कार्य करूंगी।" गितिका चंदेल ने शिक्षा, स्वास्थ्य, महंगाई, रोजगार और महिला सुरक्षा जैसे ज्वलंत मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे हर जरूरतमंद व्यक्ति की आवाज बनकर जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाएंगी। अंत में उन्होंने संगठन के कार्यकर्ताओं को कांग्रेस की असली ताकत बताते हुए कहा,"कार्यकर्ता ही संगठन की रीढ़ होते हैं। उनका विश्वास और सहयोग ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है, और मैं इस विश्वास पर खरा उतरने के लिए हरसंभव प्रयास करूंगी।" इस नियुक्ति से क्षेत्र में कांग्रेस संगठन को नई दिशा और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, वहीं महिलाओं में भी एक नया उत्साह और आत्मविश्वास देखने को मिल रहा है।

वर्ष 2024-25: जल जीवन मिशन के लिए राज्य सरकार ने जारी किए 3000 करोड़ रुपये अग्रिम

वर्ष 2024-25 में जल जीवन मिशन के कार्यों के लिए राज्य सरकार दे चुकी है 3000 करोड़ का अग्रिम राज्यांश रायपुर जल जीवन मिशन के कार्यों के लिए राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में ही राज्यांश की 3000 करोड़ रुपए की पूरी राशि अग्रिम के रूप में दे दी गई थी, जिसे उस वित्तीय वर्ष के दौरान मिशन के कार्यों के लिए व्यय किया गया था। भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, नई दिल्ली द्वारा 536 करोड़ 53 लाख रुपए प्रतिपूर्ति (Reimbursement) के रूप में जारी किए गए हैं।   ज्ञातव्य है कि केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन की अवधि को दिसंबर 2028 तक बढ़ा दिया है, जिसके तहत अब मिशन 2.0 के तहत काम जारी है l राज्य के ग्रामीण परिवारों को 'हर घर नल से जल' योजना के तहत पाइप के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने कार्य किए जा रहे हैं l

रोजाना चलाने की उठी मांग: चिरमिरी–रीवा एक्सप्रेस पर सांसद ज्योत्सना महंत का रेल मंत्री को पत्र

चिरमिरी–रीवा एक्सप्रेस को प्रतिदिन चलाने की मांग तेज सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने रेल मंत्री को लिखा पत्र मनेन्द्रगढ़/एमसीबी क्षेत्र की जनता की लंबे समय से चली आ रही अहम मांग को गंभीरता से उठाते हुए कोरिया लोकसभा क्षेत्र की सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर चिरमिरी–रीवा एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 11751/11752) को प्रतिदिन संचालित करने की मांग की है। सांसद महंत ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि यह ट्रेन क्षेत्र के हजारों यात्रियों के लिए जीवनरेखा के समान है। कोविड-19 महामारी से पहले यह ट्रेन रोजाना चलती थी, जिससे आम नागरिकों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और व्यापारियों को बड़ी सुविधा मिलती थी। लेकिन वर्तमान में सीमित दिनों में संचालन होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से आग्रह किया कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इस ट्रेन को जल्द से जल्द प्रतिदिन चलाने के निर्देश दिए जाएं, ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके और आवागमन सुगम हो। जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने सांसद की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यह मांग पूरी तरह जनभावनाओं से जुड़ी है। वहीं, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मनेंद्रगढ़ शहर सौरव मिश्रा ने भी इसे आम जनता की आवाज बताते हुए कहा कि इस ट्रेन के नियमित संचालन से क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी।

हरी खाद से बदल रही खेती की तस्वीर: कम लागत, बेहतर मुनाफा और स्वस्थ मिट्टी’

रायपुर हरी खाद से बदल रही खेती की तस्वीर: कम लागत, बेहतर मुनाफा और स्वस्थ मिट्टी’ छत्तीसगढ़ में खेती की पारंपरिक तस्वीर तेजी से बदल रही है। रायगढ़ जिले में हरी खाद आधारित खेती किसानों के लिए एक प्रभावी और टिकाऊ विकल्प के रूप में उभर रही है। यह पद्धति जहां मिट्टी की उर्वरता को दीर्घकालिक रूप से मजबूत कर रही है, वहीं किसानों को कम लागत में बेहतर मुनाफा भी दिला रही है। लैलूंगा विकासखंड के प्रगतिशील किसान जतिराम भगत इस बदलाव की जीवंत मिसाल हैं। वे पिछले 22 वर्षों से जैविक और हरी खाद आधारित खेती कर रहे हैं। उनका कहना है कि शुरुआती दौर में उत्पादन थोड़ा कम लग सकता है, लेकिन समय के साथ मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होने पर उत्पादन स्थायी और बेहतर हो जाता है। उन्होंने इस वर्ष 2 एकड़ में विधि और लाइन कतार पद्धति से खेती कर प्रति एकड़ लगभग 15 क्विंटल धान और 9 क्विंटल चावल उत्पादन प्राप्त किया। उनकी लागत 15 से 20 हजार रुपये प्रति एकड़ रही, जबकि शुद्ध मुनाफा लगभग 80 हजार रुपये तक पहुंचा। कृषि विभाग के अनुसार खरीफ सीजन से पहले 15 मई के बाद हरी खाद की बुआई का उपयुक्त समय होता है। ढैंचा, सनई और मूंग जैसी फसलों को 45-50 दिन बाद खेत में मिलाने से मिट्टी में जैविक पोषक तत्वों की वृद्धि होती है और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होती है। लैलूंगा में हरी खाद का रुझान तेजी से बढ़ रहा है। विभाग ने इस वर्ष 2000 एकड़ में हरी खाद बुआई का लक्ष्य निर्धारित किया है। “यूरिया-डीएपी छोड़बो, हरी खाद बुआई करबो” जैसे संकल्प अब किसानों के बीच नई दिशा तय कर रहे हैं।  

शिव महापुराण कथा: जीवन को दिशा देने वाली -पंडित दुर्गेश महाराज

शिव महापुराण कथा: जीवन को दिशा देने वाली -पंडित दुर्गेश महाराज बिलासपुर राष्ट्रीय धर्माचार्य पंडित दुर्गेश शर्मा जी ने शिव महापुराण के महात्म्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिव महापुराण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नही बल्कि जीवन को सही दिशा देना वाली प्रेरणादायक मार्गदर्शिका है।इसमें आध्यात्मिक गहराई और जीवनउपयोगी संदेशों का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।भगवान शिव की महिमा,उनके स्वरूप, भक्ति, धर्म एवं मोक्ष प्राप्ति का मार्ग है।शिव महापुराण का श्रवण करने से मनुष्य के जीवन में सुख, शांति,समृद्धि एवं आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है। शिव महापुराण में मनुष्य को सत्य, धर्म, दया, करुणा, सेवा एवं परोपकार जैसे गुणों को अपनाने की शिक्षा दी गई है। यह ग्रंथ हमें सिखाता है कि भगवान शिव अत्यंत दयालु एवं कृपालु है और सच्चे मन से की गई भक्ति से वे शीघ्र प्रसन्न हो जाते है। पंडित दुर्गेश जी ने कथा प्रसंग में यह बताया कि जो व्यक्ति अपने जीवन में माता – पिता, गुरु एवं समाज के प्रति सम्मान रखता है, उनके जीवन की सभी बाधाएं दूर हो जाती है। शिव महापुराण का श्रवण करने से मनुष्य के मन में सकारात्मक विचार उत्पन्न होते है, पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। ग्राम हांफा में शिव महापुराण की कथा श्रीमती कृष्णा पाण्डेय द्वारा पंडित छेदीलाल पाण्डेय की पुण्य स्मृति में आयोजित किया गया है। मुख्य यजमान के रूप में श्रीमती मीना कृष्ण कुमार दुबे कथा श्रवण कर रहे है।आज के कथा में श्रोतागण डॉ महेंद्र दुबे, चंद्रकांत उपाध्याय, मनीराम यादव, शत्रुघ्न उपाध्याय, रामखिलावन कौशिक, कौशल पाण्डेय, गोविंद यादव, मुकेश दुबे, श्यामसुंदर तिवारी,दिनेश उपाध्याय, बृजभूषण श्रीवास, संतोष पाण्डेय, शिव श्रीवास, कविता दुबे, गौरी दुबे, आशा श्रीवास , चित्रा तिवारी, बंटी कौशिक सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।निकली आकर्षक झांकी- कथा प्रसंग के दौरान भगवान शिव की आकर्षक झाकी निकाली गई। नैनाभिराम झाकी की भक्तजनों ने आरती उतार कर पूजा अर्चना किया।

दूरस्थ गांवों तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाकर बदलाव ला रही हैं रिंगो कश्यप

रायपुर दूरस्थ गांवों तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाकर बदलाव ला रही हैं रिंगो कश्यप कोंडागांव जिले के मर्दापाल तहसील के अंतर्गत अंतिम छोर पर स्थित सुदूर ग्राम कुधुर, जो कभी माओवाद के प्रभाव के कारण विकास की मुख्यधारा से दूर था, आज परिवर्तन की नई कहानी लिख रहा है। जहां कभी ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं की राशि निकालने के लिए लगभग 20 किलोमीटर दूर मर्दापाल के बैंक तक जाना पड़ता था, वहीं अब गांव में ही बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।     यह परिवर्तन संभव हुआ है राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की पहल और बीसी सखी के रूप में कार्यरत  रिंगो कश्यप के प्रयासों से। ग्राम पंचायत कुधुर के गुमियापाल पारा की निवासी रिंगो कश्यप न केवल कुधुर, बल्कि तुमड़ीवाल और टेकापाल के ग्रामीणों को भी घर-घर बैंकिंग सेवाएं प्रदान कर रही हैं।     रिंगो कश्यप ने वर्ष 2020 में “मां पार्वती स्व सहायता समूह” से जुड़कर अपनी यात्रा शुरू की। इसके बाद वर्ष 2024 में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त कर उन्होंने बीसी सखी के रूप में कार्य प्रारंभ किया। आज उनके माध्यम से ग्रामीणों को महतारी वंदन योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी विभिन्न शासकीय योजनाओं की राशि गांव में ही आसानी से प्राप्त हो रही है। इसके साथ ही बिजली बिल भुगतान और अन्य वित्तीय लेनदेन भी सरल हो गए हैं।    अब तक रिंगो कश्यप द्वारा 355 से अधिक सफल लेनदेन किए जा चुके हैं, जिनकी कुल राशि 6 लाख 75 हजार रुपये से अधिक है। इस कार्य ने न केवल ग्रामीणों की समस्याओं को कम किया है, बल्कि रिंगो कश्यप के लिए भी स्व-रोजगार का सशक्त माध्यम बना है।     उन्होंने स्व-सहायता समूह से ऋण लेकर एक छोटा किराना दुकान भी शुरू किया है, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। वर्तमान में उन्हें प्रतिमाह लगभग 10 हजार रुपये की आय हो रही है, और भविष्य में वे अपने व्यवसाय को और विस्तार देना चाहती हैं।     रिंगो कश्यप जैसी महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से दूरस्थ क्षेत्रों में विकास को नई दिशा मिल रही है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से स्व-सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं, बल्कि समाज में अपनी एक नई पहचान भी स्थापित कर रही हैं।

सरायपाली सीएचसी में सुरक्षित मातृत्व की ओर महत्वपूर्ण उपलब्धि तीसरा सफल सिजेरियन

रायपुर महासमुंद जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरायपाली में सुरक्षित मातृत्व सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। यहां चिकित्सकों की टीम ने सफलतापूर्वक तीसरा सिजेरियन (सी-सेक्शन) ऑपरेशन करते हुए 26 वर्षीय महिला नरगिस का सुरक्षित प्रसव कराया, जिसमें उन्होंने 3.2 किलोग्राम वजनी स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव ने इस सफलता पर चिकित्सा दल को बधाई देते हुए कहा कि राज्य शासन की प्राथमिकता सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करना एवं आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। सरायपाली सीएचसी इस दिशा में निरंतर उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। इस जटिल ऑपरेशन को डॉ. संजय अग्रवाल, डॉ. के. वी. किरण कुमार, डॉ. कुणाल नायक, स्टाफ नर्स प्रगति शर्मा एवं समीर पटेल की टीम ने कुशलतापूर्वक संपन्न किया। यह सफलता स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती गुणवत्ता, उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग और विशेषज्ञता को दर्शाती है। प्रसव के पश्चात जच्चा एवं शिशु दोनों स्वस्थ हैं और चिकित्सकीय निगरानी में सुरक्षित हैं। सरायपाली सीएचसी में मिल रही सुलभ एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से क्षेत्रीय नागरिकों में संतोष और विश्वास बढ़ा है।

देशभर के राइडर्स का जगदलपुर में जमावड़ा, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की पहल से बस्तर को मिली नई पहचान

रायपुर देशभर के राइडर्स का जगदलपुर में जमावड़ा, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की पहल से बस्तर को मिली नई पहचान बस्तर की धरती एक बार फिर रोमांच, ऊर्जा और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर नजर आई, जब बस्तर राइडर्स मीट 2026 का भव्य आयोजन गरुड़ा राइडर क्लब के तत्वावधान में किया गया। देश के विभिन्न राज्यों से आए बाइकर्स और एडवेंचर प्रेमियों ने इस आयोजन को यादगार बना दिया। देशभर के राइडर्स का जगदलपुर में जमावड़ा, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की पहल से बस्तर को मिली नई पहचान इस आयोजन में बाइक स्टंट्स, राइडिंग शो और एडवेंचर एक्टिविटीज ने युवाओं में जबरदस्त उत्साह भर दिया। राइडर्स ने अपनी बेहतरीन स्किल्स का प्रदर्शन करते हुए दर्शकों को रोमांचित कर दिया। जहां एक ओर एडवेंचर का जोश था, वहीं दूसरी ओर बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत भी पूरे शबाब पर दिखी। लोकनृत्य, संगीत और पारंपरिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। यह आयोजन आधुनिकता और परंपरा का बेहतरीन संगम बनकर उभरा। कार्यक्रम में उन प्रभावशाली व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने बस्तर की पहचान को सकारात्मक रूप से आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसमें इन्फ्लुएंसर्स, कलाकार, लेखक और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल रहे। इस आयोजन में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल  द्वारा होटल एम्बिशन में विशेष स्टॉल लगाया गया, जहां बस्तर के प्रमुख पर्यटन स्थलों, संस्कृति और स्थानीय उत्पादों की जानकारी दी गई। यह पहल राज्य सरकार की उस सोच को दर्शाती है, जिसके तहत स्थानीय पर्यटन को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार लगातार बस्तर जैसे आदिवासी अंचलों को विकास और पहचान दिलाने के लिए प्रयासरत है। इस प्रकार के आयोजन न केवल पर्यटन को बढ़ावा देते हैं, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार और अवसर भी प्रदान करते हैं। सरकार की योजनाओं और पर्यटन मंडल की सक्रिय भागीदारी से बस्तर आज एक उभरते पर्यटन एवं एडवेंचर हब के रूप में सामने आ रहा है। बस्तर अब केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही नहीं, बल्कि एडवेंचर और सांस्कृतिक पर्यटन के लिए भी तेजी से उभर रहा है।

पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के लिए लगाएं पौधे

रायपुर राज्यपाल  रमेन डेका ने रविवार को जिला पंचायत के सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों और जशपुर विकासखंड के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाने के लिए प्रोत्साहित किए एक पेड़ मां के नाम अभियान का बेहतर क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिले के संभावित टीबी मरीजों की जानकारी ली और मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी को मरीजों का बेहतर इलाज करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के स्तन कैंसर की भी विशेष जांच और इलाज की सुविधा उपलब्ध कराए जाए मरीजों को मेडिकल कॉलेज रायपुर अम्बिकापुर और एम्स रायपुर भेजकर ईलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। राज्यपाल  रमेन डेका ने सिकल सेल बीमारी और रेड क्रॉस सोसायटी की गतिविधियों की भी जानकारी ली ‌। उन्होंने कहा कि रेड क्रॉस सोसायटी विशेष पिछड़ी जनजाति बसाहटों और गांव गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए हैं। इस अवसर पर कलेक्टर  रोहित व्यास वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ.लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ  अभिषेक कुमार, वनमंडला अधिकारी  शशि कुमार और जिला स्तरीय और विकास खंड अधिकारी उपस्थित थे। उन्होंने विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा और बिरहोर परिवार के लिए प्रत्येक माह मेडिकल कैंप लगाकर स्वास्थ्य परीक्षण करने के लिए कहा है और उनके जीवन शैली में बदलाव लाने के लिए शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के निर्देश दिए हैं।  उन्होंने विशेष पिछड़ी जनजाति बसाहटों में शाम के समय विभिन्न गतिविधियों में शामिल करके उनका बौद्धिक और कौशल विकास करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिले में नावाचार को भी बढ़ावा देने के लिए कहा है और संरक्षित जनजाति परिवारों के लिए पायलेट प्रोजेक्ट चालू करने के निर्देश दिए हैं।   राज्यपाल  रमेन डेका ने बच्चों को नशापान से दूर रखने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने समीक्षा के दौरान जशपुर जिले की लखपति दीदी मती लालमणि प्रजापति को सम्मानित करने की बात कही उन्होंने कहा लखपति दीदी ने बढ़िया काम किया है उन्हें राजभवन में सम्मानित किया जाएगा। राज्यपाल  रमेन डेका ने जशपुर जिले के स्व सहायता समूह की महिलाओं का आत्मनिर्भर बनाने के लिए और हस्तकला में पारंगत बनाने के लिए समूहों की दीदियों को आसाम और उड़ीसा राज्य भेजने के निर्देश दिए है‌ ताकि समूह की महिलाएं बाजार की मांग के अनुसार नया डिजाइन के साड़ी,साल और अन्य सामग्री तैयार कर सके।  रमेन डेका ने जल संरक्षण और संवर्धन के लिए बेहतर कार्य करने के निर्देश दिए हैं। छोटे और बड़े किसानों के खेतों में डबरी निर्माण और पुराने कुआं का जिर्णोद्धार करने के निर्देश दिए हैं। योग को बढ़ावा देने के लिए नियमित अभ्यास को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं। समीक्षा के दौरान उन्होंने वरिष्ठ नागरिक और 75 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजनों का आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए कहा है।   किसानों का आर्थिक विकास हो इसके लिए खेती के आधुनिक तकनीक की जानकारी देने के लिए कहा है। किसानों को वरमी कम्पोस्ट खाद और आर्गेनिक खेती के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। समीक्षा बैठक में कलेक्टर रोहित व्यास ने जानकारी देते हुए बताया कि जल संरक्षण संवर्धन के तहत रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, अमृत सरोवर,सोकपिट और मैजिक पिट बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को जैविक खेती के प्रति प्रेरित किया जा रहा है। स्वच्छता को बढ़ावा दिया जा रहा है गांव में सेग्रेशन शेड एवं डोर टू डोर कचरा कलेक्शन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। जिले के सभी विकास खंड में 100 दिवसीय निक्षय निरामय अभियान चलाया जा रहा है। जिला मुख्यालय में जिला ग्रंथालय संचालित किया जा रहा है प्रातः 6 बजे से रात 11 बजे तक संचालित होता है जहां बच्चों की सुविधा के लिए निःशुल्क वाई फाई की सुविधा दी गई है। जिला ग्रंथालय में 6425 पुस्तकें उपलब्ध है। कलेक्टर ने बताया कि जिले में विज्ञान और प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए आगामी 7 अप्रैल से अन्वेषण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। जशपुर जिले के विघार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान और इसरो की उपलब्धियों से परिचित कराने के लिए स्पेस ऑन व्हील्स अन्वेषण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।  

अप्राकृतिक कृत्य के प्रयास में मासूम की हत्या, कोरबा में दिल दहला देने वाला मामला

कोरबा ग्राम पंचायत डोंगानाला के आश्रित ग्राम गणेशपुर में दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। नशे में धुत एक युवक ने सात साल के मासूम की हत्या कर दी। आरोपित ने बच्चे को बहला-फुसलाकर सुनसान इलाके में ले जाकर अप्राकृतिक कृत्य करने की कोशिश की। बच्चे के विरोध करने पर पत्थर से सिर पर वार कर उसकी जान ले ली। तालाब से घर नहीं लौटा आयान, स्वजनों की बढ़ी चिंता पाली थाना अंतर्गत ग्राम गणेशपुर निवासी शिवकुमार खुरसेंगा का सात साल का बेटा आयान दो अप्रैल की दोपहर अपने साथियों के साथ गांव के तालाब में नहाने गया था। रोज की तरह अन्य बच्चे साथ गए थे, लेकिन नहाने के बाद बाकी बच्चे घर लौट आए, जबकि आयान वापस नहीं पहुंचा। देर शाम तक उसके घर नहीं आने पर स्वजन चिंतित हो उठे। आसपास और रिश्तेदारों के यहां तलाश की गई, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। इसी बीच स्वजन को जानकारी मिली कि आयान को गांव में ही रहने वाले रंजीत कुमार 19 वर्ष के साथ अंतिम बार देखा गया था। पुलिस की सख्ती के बाद खुला राज इसके बाद परिवार ने पुलिस को सूचना दी। इसके साथ ही दूसरे दिन भी लगातार खोजबीन जारी रही, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। स्थिति गंभीर होने पर गांव में बैठक बुलाई गई, जिसमें ग्रामीणों और स्वजन ने मिलकर जानकारी जुटाने की कोशिश की। बैठक के दौरान शक के आधार पर रंजीत से पूछताछ की गई, लेकिन वह लगातार गोलमोल जवाब देता रहा। इससे ग्रामीणों का संदेह और गहरा गया। मामले की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी नागेश तिवारी मौके पर पहुंचे और युवक से सख्ती से पूछताछ की, तब पुलिस के दबाव में आरोपित टूट गया और उसने वारदात कबूल कर ली। अप्राकृतिक कृत्य का विरोध करने पर पत्थर से सिर कुचला आरोपित रंजीत ने बताया कि वह नशे की हालत में तालाब पहुंचा था। वहीं उसकी नजर आयान पर पड़ी और वह उसे बहला-फुसलाकर सुनसान जगह पर ले गया। वहां उसने बच्चे के साथ अप्राकृतिक कृत्य करने की कोशिश की। विरोध करते हुए बच्चा चिल्लाने लगा, इससे घबराकर उसने (रंजीत) पास पड़े पत्थर से उसके सिर पर कई बार वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से मौके पर ही बच्चे की मौत हो गई। घटना के बाद शव को पड़ोसी गांव करतली के एक खेत में बने करीब 12 फीट गहरे कुएं में फेंक दिया और वापस गांव लौट आया। पुलिस ने आरोपित की निशानदेही पर कुएं से बच्चे का शव बरामद कर लिया। मामले में आरोपित के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। नशे में आ जाती है दबी हुई विकृति बाहर गणेशपुर की घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है। मनोविज्ञान के जानकार मानते हैं कि नशे की हालत में व्यक्ति का नियंत्रण कम हो जाता है और दबे हुए विकृत व्यवहार सामने आ सकते हैं। इस तरह की घटनाएं अकसर अचानक नहीं होतीं, बल्कि मानसिक असंतुलन, सामाजिक नियंत्रण की कमी और नशे की आदत का संयुक्त परिणाम होती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, गांव और कस्बों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। बच्चों को यह सिखाना जरूरी है कि वे किसी भी व्यक्ति के साथ अकेले न जाएं, चाहे वह परिचित ही क्यों न हो। वहीं अभिभावकों को भी बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने और देर होने पर तुरंत सतर्क होने की सलाह दी जाती है।