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उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का बड़ा बयान, पापाराव के आत्मसमर्पण से नक्सलवाद पर लगा पूर्ण विराम

कवर्धा उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि नक्सली पापाराव के आत्मसमर्पण के साथ छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद खत्म हुआ. अब छत्तीसगढ़ में एक भी नक्सली नहीं बचा है. दरअसल, लाल आतंक का बड़ा चेहरा रहा पापा राव आज सरेंडर कर सकता है. सूत्रों के मुताबिक, अगले कुछ घंटों में उसके बीजापुर पहुंचने की संभावना है, जहां वह अपने 17 साथियों के साथ AK-47 समेत कई अत्याधुनिक हथियारों के साथ सरेंडर करेगा. उसके बाद उसे जगदलपुर ले जाया जाएगा, जहां वह बस्तर रेंज के आईजी पी. सुंदरराज के सामने औपचारिक रूप से आत्मसमर्पण करेगा. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, पापा राव को लेने के लिए पुलिस बल की टीम पहले ही इंद्रावती नेशनल पार्क क्षेत्र के एक गोपनीय ठिकाने के लिए रवाना हो चुकी है. लंबे समय से चल रही बातचीत के बाद अब उसके सरेंडर की स्थिति बनी है. करीब 25 लाख रुपये के इनामी पापा राव वेस्ट बस्तर डिवीजन का सचिव और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) का सदस्य रहा है. सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, बस्तर में नक्सली गतिविधियों की कमान लंबे समय तक उसी के हाथ में रही है. उसका नाम कई बड़े हमलों में सामने आ चुका है, जिनमें कुटरू-बेदरे रोड पर हुआ आईईडी ब्लास्ट भी शामिल है, जिसमें 8 जवान शहीद हुए थे. इस हमले का मास्टरमाइंड भी पापा राव को माना गया. इसके अलावा कई एंबुश और सुरक्षाबलों पर हमलों की रणनीति बनाने में उसकी अहम भूमिका रही है. पापा राव पीएलजीए (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी) का एक प्रमुख चेहरा माना जाता रहा है और संगठन के ऑपरेशनल से लेकर रणनीतिक फैसलों में उसकी सीधी भागीदारी रही. उसकी पत्नी उर्मिला भी पीएलजीए बटालियन की सदस्य थी, जो एक मुठभेड़ में मारी जा चुकी है.

“बच्चे नींव हैं” जो इतने valuable है वो vulnerable क्यों:- डॉ वर्णिका शर्मा

रायपुर  राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा बच्चों के अधिकारों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर राज्यस्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने कार्यशाला का उद्घाटन किया। इस एक दिवसीय कार्यशाला को दो सत्रों में आयोजित किया गया, जिसमें प्रथम सत्र राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से आईं शाइस्ता शाह ने लिया व द्वितीय सत्र कमिश्नरेट रायपुर के संजीव शुक्ला ने लिया, जिसमें सभी जिलों से जिला शिक्षा अधिकारी, जिला बाल कल्याण अधिकारी, बाल गृह अधीक्षक, SJPU (Special Juvenile Police Unit) शामिल हुए। स्वागत उद्बोधन सचिव प्रतीक खरे ने दिया। आयोग अध्यक्षा डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि केवल चिंता या चिंतन नहीं होगा, बल्कि मंथन होगा और आप सभी को इस मंथन को सार्थक करना है। बच्चे जो राष्ट्र का भविष्य हैं, जो राष्ट्र की नींव हैं। सोचिए, जो इतने Valuable हैं, वे vulnerable क्यों हैं। उन्होंने कहा कि हमें इस दिशा में गंभीरता से सोचने की आवश्यकता है, ताकि यह नींव कमजोर न पड़े। अपने 19 जिलों के दौरे का उल्लेख करते हुए उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता पर भी जोर देते हुए कहा कि हम अक्सर कहते हैं कि बच्चे राष्ट्र की नींव हैं, लेकिन छोटी-छोटी जिम्मेदारियों से हम बचते हैं। बच्चों से अपराध नहीं होता, बल्कि उनसे गलतियां होती हैं। बाल गृह एवं बालिका गृह में रह रहे CNCP बच्चों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि बाल गृह विकल्प नहीं, बल्कि उनका घर है, इसलिए उनके साथ परिवार जैसा व्यवहार किया जाना चाहिए। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने कहा कि हम बच्चों को ऊंचाइयों पर पहुंचते देखना चाहते हैं, लेकिन उन्हें सही दिशा देना भी उतना ही आवश्यक है। यह कार्यशाला बच्चों के भविष्य को सही दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि जब तक हम दूसरों के बच्चों को अपने बच्चों की तरह नहीं देखेंगे, तब तक समग्र विकास संभव नहीं है। कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के प्रतिनिधि द्वारा शालाओं में बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण तथा NCPCR के पॉक्सो ट्रैकिंग पोर्टल पर विस्तार से जानकारी दी गई। किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 2(14), 2(9), धारा 77 एवं 78 के तहत बच्चों में मादक द्रव्यों के प्रयोग एवं उनके व्यापार से उन्मूलन पर चर्चा की गई। संयुक्त कार्य योजना, एनसीपीसीआर की गाइडलाइन तथा छत्तीसगढ़ में नशामुक्ति केंद्रों की स्थापना की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया, जिसमें राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, पुलिस मुख्यालय, मिशन वात्सल्य एवं समाज कल्याण विभाग के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसके साथ ही सत्र में रायपुर कमिश्नर संजीव शुक्ला ने बच्चों से जुड़े विभिन्न मामलों को समझाते हुए Law and Force Department की संवेदनशील भूमिका पर बल दिया। बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने के लिए शपथ भी ली और छत्तीसगढ़ में बाल तस्करी के परिदृश्य एवं उसके उन्मूलन के लिए आवश्यक सुझावों पर चर्चा भी की गई।किशोर न्याय अधिनियम की धारा 46 सहपठित नियम 25 के अंतर्गत प्रदेश में पश्चातवर्ती देखभाल (After Care) के प्रयासों पर चर्चा की गई तथा जिलेवार एवं बाल गृहवार कार्ययोजना तैयार करने पर विचार किया गया।  इस अवसर पर माननीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी रजवाड़े, बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्षा डॉ. वर्णिका शर्मा, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से मती शाइस्ता शाह, रायपुर कमिश्नर संजीव शुक्ला, SJPU हेड रश्मीत कौर, एडिशनल कमिश्नर पुलिस रायपुर कांबले, आयोग सचिव प्रतीक खरे सहित सभी जिलों के SJPU, DEO, DCPO एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न विभागों के समन्वय से बच्चों के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करना एवं उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करना रहा।

कलेक्टर ने जनदर्शन सुनी आमलोगों की समस्याएं संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्यवाही के निर्देश

बिलासपुर जिला कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में आज कलेक्टर  संजय अग्रवाल ने भी लोगों की समस्याएं सुनी। शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आए सैकड़ों लोगों ने कलेक्टर से मिलकर निजी एवं सामुदायिक शिकायत संबंधी आवेदन दिया। कलेक्टर ने अधिकांश मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान नगर निगम कमिश्नर  प्रकाश कुमार सर्वे एवं जिला पंचायत सीईओ  संदीप अग्रवाल ने भी लोगों की समस्याएं सुनी।          जनदर्शन में ग्राम कछार के सुरेश कुमार बंजारे ने आवेदन देकर बताया कि गांव के ही राधेश्याम द्वारा घर के सामने गली में दीवार खड़ी कर रास्ता संकीर्ण कर दिया गया है, जिससे आवागमन के लिए काफी परेशानी हो रही है। कलेक्टर ने एसडीओ को प्रकरण भेजते हुए परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। बिलासपुर की उत्तरा यादव के द्वारा विधवा पेंशन का लाभ दिलाने की मांग कलेक्टर के समक्ष रखी गई। इस संबंध में संयुक्त संचालक समाज कल्याण विभाग को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। ग्राम जरोंधा निवासी परमानंद कौशिक ने कलेक्टर से मुलाकात कर आवेदन दिया कि उनकी निजी भूमि पर गांव के ही गोपाल मेहर द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर दीवार खड़ी कर दी गई है और रास्ते में कीचड़युक्त पानी बहाकर आवागमन में बाधा उत्पन्न कर रहा है। इससे खेती-किसानी के कार्यों में भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पहले भी शिकायत की जा चुकी है और न्यायालय से कब्जा हटाने का आदेश भी मिला था, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने प्रशासन से पुनः हस्तक्षेप कर अवैध कब्जा हटाने की मांग की है। देवरीखुर्द निवासी पुरुषोत्तम दास ने प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के तहत स्वामित्व कार्ड जारी करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि वे पिछले 50 वर्षों से निवास कर रहे हैं और उनकी पत्नी के नाम पर पट्टा भी है, लेकिन अब तक उन्हें स्वामित्व कार्ड नहीं मिला है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र कार्ड जारी करने की अपील की है ताकि उन्हें अपने अधिकारों का लाभ मिल सके। कलेक्टर ने एसडीओ मस्तुरी को मामले पर उचित कार्यवाही के निर्देश दिए।           सकरी तहसील अंतर्गत ग्राम चिचिरदा निवासी धनीराम कौशि ने कलेक्टर को दिए आवेदन में बताया कि उन्होंने अपनी भूमि के सीमांकन के लिए आवेदन किया था। तहसीलदार द्वारा राजस्व निरीक्षक को सीमांकन करने का आदेश भी जारी किया गया, लेकिन आज तक सीमांकन नहीं किया गया है। इससे उन्हें लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कलेक्टर ने एसडीओ तखतपुर को प्रकरण की जांच कर निराकरण करने के निर्देश दिए है। बिल्हा ब्लॉक के ग्राम नगपुरा निवासी रूचि नेताम ने बताया कि उन्होंने जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए वर्ष 2024-25 में आवेदन किया था। काफी समय बीत जाने के बाद भी प्रमाण पत्र जारी नहीं हुआ। दस्तावेज की कमी के अभाव में उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारी को मामले को सौंपा। 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कल लगभग 5 लाख भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को 500 करोड़ रुपये की सौगात देंगे

रायुपर दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य के भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को आर्थिक रूप से संबल बनाने के लिए शुरू की गई एक प्रमुख योजना है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के भूमिहीन कृषि श्रमिकों को सशक्त बनाना है। इस योजना से सर्वाधिक रायपुर जिला के 53 हजार 338 भूमिहीन कृषि मजदूर शामिल हैं। सरकार ने इन्हें मुख्यधारा से जोड़कर यह संदेश दिया है कि 'अंत्योदय' की कतार में खड़ा आखिरी पंक्ति के व्यक्ति भी शासन की प्राथमिकता में सबसे ऊपर है।         दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजनाके तहत 4.95 लाख से अधिक पात्र परिवारों के लिए राज्य सरकार की ओर से 495 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है। भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रूपए की वित्तीय सहायता सीधे हितग्राही के बैंक खाते में दी जाती है। 25 मार्च 2026 को बलौदाबाजार से जब मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय राशि अंतरित करेंगे, तो वह छत्तीसगढ़ के न्याय और सुशासन की गूंज होगी। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना ने यह साबित कर दिया है कि जब सरकार की नीयत साफ और नीति स्पष्ट हो, तो विकास की किरण हर झोपड़ी तक पहुंचती है।           दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की घोषणा के अनुरूप भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हज़ार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। संकल्प बजट 2026-27 में 600 करोड़ रूपए का प्रावधान के साथ भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को आर्थिक सुरक्षा का सशक्त संबल मिलेगा। यह सहायता सीधे जरूरतमंदों तक पहुँचकर उन्हें स्थिरता, सम्मान और आत्मविश्वास प्रदान करेगी। सशक्त श्रमिकों के माध्यम से सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य सुनिश्चित करना छत्तीसगढ़ सरकार का संकल्प है।           दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत रायपुर जिला के सर्वाधिक 53 हजार 338 भूमिहीन कृषि मजदूर, बिलासपुर जिला के 39 हजार 401 भूमिहीन कृषि मजदूर, महसमुंद जिला के 37 हजार 11 भूमिहीन कृषि  मजदूरों को लाभ मिलेगा, जिनका ई केवायसी हो चुका है।       मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना को शुरू करने के पीछे हमारा उद्देश्य भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के शुद्ध आय में वृद्धि कर उन्हें आर्थिक रूप से संबल प्रदान करना है। इस योजना में भूमिहीन कृषि मजदूरों के साथ वनोपज संग्राहक भूमिहीन परिवार, चरवाहा, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई, धोबी आदि पौनी-पसारी व्यवस्था से संबद्ध भूमिहीन परिवार भी शामिल हैं। इनके अलावा अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासियों के देवस्थल में पूजा करने वाले पुजारी, बैगा, गुनिया, माँझी परिवारों को भी शामिल किया गया है। लाभार्थी सूची में 22,028 बैगा और गुनिया परिवार भी शामिल हैं, जो राज्य की सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासत के रक्षक हैं। सरकार का प्राथमिक लक्ष्य इन परिवारों को सालाना एक निश्चित आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि वे अपनी बुनियादी जरूरतों, जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक आवश्यकताओं को बिना किसी कर्ज के पूरा कर सकें। इन्हें पूर्व में दी जाने वाली 7,000 रुपये की राशि को बढ़ाकर अब 10,000 रुपये प्रति वर्ष कर दिया गया है, जो सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचती है।

वन विभाग की सख्ती से खुला बड़ा गिरोह, तेंदुए की खाल के साथ 9 गिरफ्तार

रायपुर, वन्यजीव संरक्षण को लेकर राज्य में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन एवं प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में 19 मार्च 2026 को केशकाल वनमंडल और राज्य स्तरीय उड़नदस्ता दल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए तेंदुए की खाल की तस्करी में शामिल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया।           वन्य जीव संरक्षण का अर्थ जंगली जानवरों, पक्षियों और उनके प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा करना है, ताकि जैव विविधता बनी रहे और पारिस्थितिक संतुलन न बिगड़े। भारत में वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत अवैध शिकार, व्यापार और आवास विनाश को रोकना और वन्य प्रजातियों की रक्षा करना अनिवार्य है। यह पारिस्थितिक तंत्र के लचीलेपन और भावी पीढ़ियों के लिए प्रकृति के संरक्षण हेतु महत्वपूर्ण है।          यह कार्रवाई मुखबिर की सूचना के आधार पर की गई। वन विभाग की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया, जिसमें एक कर्मचारी ने खरीदार बनकर तस्करों से संपर्क किया। जैसे ही आरोपी मोटरसाइकिल और एक वाहन में तेंदुए की खाल लेकर रसगांव-बड़ेडोंगर मार्ग स्थित ग्राम बैलगांव पहुंचे, टीम ने उन्हें घेरकर पकड़ लिया। मौके से 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि तेंदुए का शिकार लगभग 7 महीने पहले अवैध हथियार (भरमार बंदूक) से किया गया था। आरोपियों की निशानदेही पर मुख्य आरोपी को अगले दिन नारायणपुर जिले के ग्राम बोरावण्ड से गिरफ्तार किया गया तथा शिकार में प्रयुक्त बंदूक भी जब्त की गई। बरामद तेंदुए की खाल की लंबाई 195 सेंटीमीटर और चौड़ाई 45 सेंटीमीटर पाई गई।          वनमंडलाधिकारी दिव्या गौतम के निर्देशन में आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 (संशोधित 2022) के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपी कोंडागांव, दंतेवाड़ा, बस्तर और नारायणपुर जिलों के निवासी हैं। इस अभियान में राज्य स्तरीय टीम के अधिकारियों एवं वन विभाग के कर्मचारियों की सक्रिय भूमिका रही। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के शिकार और अवैध व्यापार को रोकने के लिए आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। राज्य शासन की वन एवं वन्यजीव संरक्षण संबंधी योजनाओं के तहत जैव विविधता संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

प्रशासन का बड़ा एक्शन: मेडिकल कॉलेज भूमि से हटाए गए कब्जे, अतिक्रमणकारियों ने किया हंगामा और पथराव

अंबिकापुर शहर के गंगापुर में मेडिकल कॉलेज के लिए आवंटित 7 एकड़ जमीन पर लंबे समय से अवैध कब्जे के खिलाफ जिला प्रशासन ने आज सुबह सख्त कार्रवाई की। इस दौरान 37 कब्जाधारियों के मकानों को बुलडोजर से ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के समय कुछ अतिक्रमणकारियों ने विरोध किया और प्रशासनिक अमले पर पथराव भी किया, जिससे मौके पर कुछ समय के लिये तनाव की स्थिति बन गई थी, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रित किया। जानकारी के अनुसार, जमीन पर लंबे समय से मकान बनाया था। कई बार नोटिस देने के बावजूद कब्जा हटाने में विफल रहने पर प्रशासन ने यह कार्रवाई की। मौके पर एसडीएम फागेश सिन्हा, तहसीलदार उमेश बाज और एएसपी अमोलक सिंह के नेतृत्व में प्रशासनिक और पुलिस टीम मौजूद रही। नगर निगम की टीम बुलडोजर के साथ पहुंची और पहले कार्रवाई से पहले लोगों को अपना सामान हटाने का समय दिया गया, जिसके बाद मकानों को ध्वस्त करना शुरू किया गया। प्रशासन ने बताया कि कब्जाधारियों को पहले भी बेदखली नोटिस जारी किए गए थे और मामला हाई कोर्ट तक गया था। अदालत से राहत न मिलने के बाद 2025 में फिर से बेदखली आदेश जारी किया गया। एसडीएम फागेश सिन्हा ने बताया कि कब्जाधारियों ने वन अधिकार पट्टे के फर्जी दस्तावेज पेश किए थे। जांच में कलेक्टर और डीएफओ के हस्ताक्षर फर्जी पाए गए। इस मामले में अलग से एफआईआर दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।

धधकी राइस मिल, आग बुझाने के लिए टीम और ग्रामीणों की कड़ी मशक्कत

कवर्धा जिले के हरिनछपरा स्थित जनता राइस मिल में आज अचानक भीषण आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची फ़ायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू कर दिए है। स्थानीय लोग भी घटना स्थल पर जुटकर आग पर नियंत्रण पाने में मदद कर रहे है। घटना का एक वीडियों भी सामने आया है जो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आग की वजह का अभी पता नहीं चल सका है और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। मौके पर फ़ायर ब्रिगेड की टीम और स्थानीय लोगों का प्रयास जारी है और वे आग को पूरी तरह से बुझाने में जुटे हुए हैं। प्रशासन ने भी सुरक्षा के मद्देनज़र आसपास के इलाके को खाली कराने की तैयारी शुरू कर दी है। यह घटना व्यापारिक क्षेत्र और स्थानीय लोगों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है, और अधिकारियों ने कहा है कि जल्द ही आग लगने के कारणों का पता लगाया जाएगा।

सीएम विष्णुदेव साय का नुआपाड़ा दौरा, पत्नी कौशल्या साय व विधायक पुरंदर मिश्रा रहे साथ

नुआपाड़ा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज धार्मिक यात्रा पर ओडिशा के नुआपाड़ा जिले में स्थित कोमना के वैष्णो देवी मंदिर पहुंचे। वहां उन्होंने विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की और मंदिर परिसर का अवलोकन किया। मंदिर पहुंचने पर मुख्यमंत्री का स्थानीय श्रद्धालुओं और मंदिर प्रबंधन ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान उनके साथ पत्नी कौशल्या साय और विधायक पुरंदर मिश्रा भी मौजूद थे।

कॉन्स्टेबल भर्ती: खाली पद वेटिंग लिस्ट से भरने की योजना, हाईकोर्ट ने जॉइनिंग के बाद पद भरने का दिया निर्देश

बिलासपुर  छत्तीसगढ़ में कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा से जुड़े विवाद पर हाईकोर्ट ने अभ्यर्थियों को बड़ी राहत देते हुए अहम फैसला सुनाया है। जस्टिस पीपी साहू ने स्पष्ट किया है कि सूची जारी होने के बाद भी अगर पद खाली रहते हैं, तो उन्हें वेटिंग लिस्ट (प्रतीक्षा सूची) के अभ्यर्थियों से भरा जाएगा। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि सबसे पहले चयन सूची में शामिल उम्मीदवारों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाए और उनकी जॉइनिंग सुनिश्चित की जाए। इसके बाद कुछ पद खाली रह जाते हैं तो उन पदों को वेटिंग लिस्ट के अभ्यर्थियों को मौका देकर भरा जाए। बता दें कि एक ही कैंडिडेट का कई-जिलों में सिलेक्शन हो गया था। दरअसल कॉन्स्टेबल भर्ती के खिलाफ हाईकोर्ट में अलग-अलग दर्जनों याचिकाएं दायर की गई है, जिसमें बताया गया कि पुलिस विभाग में करीब 5967 पदों के लिए भर्ती निकली थी। एक से अधिक जिलों में आवेदन की अनुमति होने के कारण कई अभ्यर्थी कई जगह चयनित हो गए। इस वजह से कई योग्य उम्मीदवार मेरिट सूची से बाहर रह गए। विभाग ने जिलेवार वेटिंग लिस्ट जारी नहीं किया है, जिसके कारण पद खाली होने के बाद भी वेटिंग लिस्ट जारी नहीं होने के कारण उम्मीदवारों को चयन से वंचित होना पड़ेगा। चयन सूची में गड़बड़ी के आरोप याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि कई जिलों में चयन सूची में भी गड़बड़ी की गई है। अभ्यर्थियों से कम नंबर पाने वालों का नाम चयन सूची में शामिल है, जबकि अधिक नंबर पाने वालों का नाम कट गया है। उनका यह भी तर्क था कि एक ही अभ्यर्थी के कई जिलों की चयन सूची में शामिल होने के कारण वास्तविक रूप से बड़ी संख्या में पद खाली रह जाएंगे, जबकि विभाग ने सभी पद भरने का दावा किया था। राज्य का जवाब- जॉइनिंग के बाद ही स्पष्ट होंगे रिक्त पद दूसरी तरफ राज्य सरकार की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया कि चयन सूची मैरिट के आधार पर जिला स्तर पर तैयार की गई है और एक से अधिक जिलों में चयन होना विज्ञापन की शर्तों के अनुरूप है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि वास्तविक स्थिति तब सामने आएगी, जब चयनित अभ्यर्थी किसी एक स्थान पर ज्वॉइन करेंगे। ऐसे में जिन अन्य स्थानों पर वे चयनित हैं, वहां पद स्वतः थाली हो जाएंगे। हाईकोर्ट बोला- वेटिंग लिस्ट से भरे जाएं खाली पद हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद कहा कि यह स्पष्ट है कि केवल चयन सूची से सभी पद नहीं भर पाएंगे। ऐसे में राज्य शासन को आदेश दिया जाता है कि पहले चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति और जॉइनिंग की प्रक्रिया पूरी करे। इसके बाद जो पद खाली रह जाते हैं, उन्हें नियमानुसार प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थियों से भरा जाए। इस आदेश के साथ ही हाईकोर्ट ने याचिकाओं को खारिज कर दिया है।

छत्तीसगढ़ में गर्मी का कहर, अगले 3 दिन में पारा 2 से 4 डिग्री तक चढ़ेगा, राजनांदगांव सबसे गर्म

रायपुर  छत्तीसगढ़ में मौसम अब धीरे-धीरे गर्मी की ओर बढ़ता नजर आ रहा है. प्रदेश में फिलहाल मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है और अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया है. हालांकि मौसम विभाग के अनुसार आने वाले तीन दिनों में तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी का असर महसूस होने लगेगा. इसके बाद कुछ दिनों तक तापमान में विशेष बदलाव नहीं होगा और मौसम शुष्क ही बना रहेगा. अभी कैसा है प्रदेश का मौसम प्रदेश में वर्तमान में मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है और कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई है. अधिकतम तापमान सामान्य से थोड़ा कम होने के कारण दिन में हल्की राहत महसूस हो रही है, लेकिन आने वाले दिनों में इसमें बदलाव होगा. तापमान में होगी बढ़ोतरी मौसम विभाग के मुताबिक अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि होने की संभावना है. इसके बाद तापमान स्थिर रहेगा और किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं. कहां कितना तापमान दर्ज हुआ प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 37.5°C राजनांदगांव में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 13.0°C अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया. इससे साफ है कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान में अंतर बना हुआ है. वर्षा और चेतावनी की स्थिति प्रदेश में कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई है और मौसम विभाग ने किसी प्रकार की चेतावनी भी जारी नहीं की है. आने वाले दिनों में भी मौसम शुष्क बने रहने की संभावना है. रायपुर का मौसम अपडेट राजधानी रायपुर में 24 मार्च को आकाश मुख्यतः साफ रहने की संभावना है. यहां अधिकतम तापमान 36°C और न्यूनतम तापमान 21°C के आसपास रहने का अनुमान है, जिससे दिन में गर्मी और रात में हल्की ठंडक महसूस हो सकती है. कोंडागांव में देखने को मिला शिमला-मनाली जैसा नजारा इससे पहले शनिवार को कोंडागांव जिले में शिमला-मनाली जैसा नजारा दिखा। जिले में जमकर ओले गिरे। बड़ेराजपुर विकासखंड के टेवंसा, छोटेराजपुर, पाडोकी और बड़ेराजपुर गांवों के खेतों में बर्फ की मोटी चादर बिछ गई। ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ है। वहीं, जशपुर जिले के दुलदुला में बिजली गिरने से मजदूर सनऊ राम (51) की मौत हो गई, जबकि 25 वर्षीय रेखा घायल हो गईं। दूसरी ओर रायगढ़ में बिलासपुर जलाशय का गेट टूटने से पानी NH और पास के खेतों में फैल गया।