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ऑडिटोरियम, मुक्तिधाम और सड़कों के निर्माण से शहरी-ग्रामीण ढांचे को मिलेगी मजबूती

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज जशपुरनगर में पुलिस लाइन हेलीपैड के समीप कुल 19 करोड़ 51 लाख 78 हजार रुपए की लागत से 6 महत्वपूर्ण विकास कार्यों का भूमिपूजन कर क्षेत्र को विकास की नई सौगात दी। इस अवसर पर उन्होंने शहरी एवं ग्रामीण बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। मुख्यमंत्री  साय ने नगर पालिका जशपुर के वार्ड क्रमांक 18 भागलपुर में 35.46 लाख रुपए की लागत से मुक्तिधाम निर्माण कार्य तथा वार्ड क्रमांक 16 में 6.76 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक ऑडिटोरियम निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इन परियोजनाओं से शहरवासियों को बेहतर सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।  मुख्यमंत्री  साय ने जशपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन को सुगम एवं सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से चार प्रमुख सड़कों के निर्माण कार्यों का भी भूमिपूजन किया। इनमें 2.89 करोड़ रुपए लागत से चटकपुर-रेंगारबहार मार्ग, 3.01 करोड़ रुपए लागत से कुनकुरी-औंरीजोर-मतलूटोली-पटेल पारा मार्ग, 3.29 करोड़ रुपए लागत से रानीबंध-चिड़ाटांगर-उपरकछार मार्ग तथा 3.18 करोड़ रुपए लागत से धुरीअम्बा-कटुखोसा मार्ग का निर्माण शामिल है। इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के समग्र और संतुलित विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार और ग्रामीण अंचलों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन विकास कार्यों के पूर्ण होने से क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को नई दिशा और गति मिलेगी। इस अवसर पर विधायक मती गोमती साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष  अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष  यश प्रताप सिंह जूदेव सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लोकतंत्र सेनानी स्वर्गीय महावीर प्रसाद जैन को दी श्रद्धांजलि

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज जशपुरनगर के वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता एवं लोकतंत्र सेनानी स्वर्गीय  महावीर प्रसाद जैन के निवास पहुंचकर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने शोक संतप्त परिजनों से भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय  महावीर प्रसाद जैन का जीवन समाज सेवा और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण रहा है। उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा और समाज को प्रेरणा देता रहेगा। इस अवसर पर विधायक मती गोमती साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष  यश प्रताप सिंह जूदेव सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।

CM विष्णु देव साय बोले—सरहुल हमारी सांस्कृतिक पहचान, इसे सहेजना सबकी जिम्मेदारी

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज जशपुर के दीपू बगीचा में आयोजित पारंपरिक सरहुल महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने धरती माता, सूर्य देव एवं साल वृक्ष की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, उत्तम वर्षा और समृद्ध फसल की कामना की। सरहुल की पारंपरिक रस्म के तहत पूजा कराने वाले बैगा द्वारा मुख्यमंत्री के कान में सरई (साल) फूल खोंचकर शुभ आशीष प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री  साय ने जिलेवासियों को सरहुल उत्सव एवं हिंदू नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरहुल महोत्सव सदियों से प्रकृति, धरती और जीवन के संतुलन का प्रतीक रहा है। बैगा, पाहन एवं पुजारी द्वारा की जाने वाली पूजा-अर्चना केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और सामूहिक जीवन मूल्यों की अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि यह पर्व जनजातीय समाज की समृद्ध सभ्यता और संस्कृति का जीवंत प्रतीक है, जिसे सहेजकर रखना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की जनता से किए गए वादों को तेजी से पूरा कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से लाखों परिवारों को आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 25 किश्तों में 16 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि जारी किए जा चुके हैं, जिससे महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है। वहीं 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में प्रस्तुत धर्म स्वातंत्र्य विधेयक भी सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो अवैध धर्मांतरण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करेगा। उल्लेखनीय है कि सरहुल परब चैत्र माह में मनाया जाने वाला उरांव समुदाय का प्रमुख पर्व है, जो प्रकृति के नवजीवन और ऋतु परिवर्तन का प्रतीक है। इस पर्व में धरती माता और सूर्य देव के प्रतीकात्मक विवाह के साथ सामूहिक पूजा की जाती है। सरना स्थल पर पारंपरिक विधि से पूजा-अर्चना, प्रसाद वितरण और लोकनृत्य-गीतों के माध्यम से सामाजिक एकता और सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ किया जाता है। घर-घर सरई फूल और पवित्र जल का वितरण कर सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक वेशभूषा में सजी 100 से अधिक महिलाओं एवं युवतियों की टोली ने मनमोहक सरहुल नृत्य प्रस्तुत किया। मांदर की गूंजती थाप और उत्साह से भरे वातावरण ने पूरे परिसर को जनजातीय संस्कृति के रंग में रंग दिया, जहां जनसैलाब उमड़ पड़ा और उत्सव का उल्लास चरम पर रहा। इस अवसर पर अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष  सत्येंद्र सिंह, राष्ट्रीय महामंत्री  योगेश बापट, विधायक मती गोमती साय, नगर पालिका अध्यक्ष  अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  शौर्य प्रताप सिंह जूदेव सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

कलेक्टर ने पुस्तक दान रथ को दिखाई हरी झंडी

रायपुर कलेक्टर ने पुस्तक दान रथ को दिखाई हरी झंडी बस्तर जिले में शिक्षा और ज्ञान की नई अलख जगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा एक अत्यंत सराहनीय और अनूठी पहल की शुरुआत की गई है। कलेक्टर  आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में पूरे जिले में पुस्तक दान अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया है। जिसका मुख्य लक्ष्य घरों की अलमारियों में रखी पुरानी और उपयोगी किताबों को उन जरूरतमंद हाथों तक पहुँचाना है जो संसाधनों के अभाव में ज्ञान की मुख्यधारा से दूर रह जाते हैं। इस पुनीत कार्य के लिए जिला प्रशासन ने समस्त आम जनता, जनप्रतिनिधियों, शासकीय अधिकारियों और विद्यार्थियों से एक भावुक अपील की है कि वे अपनी पुरानी ज्ञानवर्धक पुस्तकें, महापुरुषों की प्रेरणादायक जीवनियाँ और सामान्य ज्ञान की किताबें दान कर किसी विद्यार्थी के जीवन की दिशा बदलने में सहभागी बनें। प्रशासन का मानना है कि यह अभियान न केवल पुरानी किताबों को नया जीवन देगा, बल्कि समाज में दान की एक नई और बौद्धिक संस्कृति को भी विकसित करेगा। कलेक्टर ने पुस्तक दान रथ को दिखाई हरी झंडी       इस महाभियान को सुव्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए प्रशासन द्वारा एक विशेष पुस्तक दान रथ तैयार किया गया है, जिसे कलेक्टर  आकाश छिकारा ने कलेक्ट्रेट परिसर में हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अभियान के पहले ही दिन उत्साह का माहौल देखा गया और शहर के पावर हाउस चैक, डोंगरीपारा, कोहकापाल, धरमपुरा और नया बस स्टैंड जैसे प्रमुख क्षेत्रों से होते हुए सिटी कोतवाली तक लोगों ने बढ़-चढ़कर अपनी पुस्तकें दान कीं। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी  बीआर बघेल और आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त  गणेश राम सोरी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे, जिन्होंने खुद भी इस मुहिम में योगदान दिया।         सिलसिलेवार तरीके से यह अभियान अगले सात दिनों तक बस्तर के कोने-कोने में पहुँचेगा, जिसके तहत 20 मार्च को तोकापाल के एर्राकोट और करंजी क्षेत्रों में, 21 मार्च को बास्तानार और किलेपाल में तथा 22 मार्च को दरभा और तीरथगढ़ के अंचलों में यह रथ भ्रमण करेगा। इसी क्रम में 23 मार्च को बकावण्ड, 24 मार्च को लोहण्डीगुड़ा और अंतिम दिन 25 मार्च को बस्तर विकासखंड के भानपुरी और केशरपाल जैसे क्षेत्रों में सघन रूप से पुस्तकें संग्रहित की जाएंगी। एकत्रित की गई इन बहुमूल्य पुस्तकों को जिला ग्रंथालय एवं विकासखंड स्तर के पुस्तकालयों में पूरी संजीदगी के साथ संरक्षित किया जाएगा, ताकि वे जिज्ञासु पाठकों और जरूरतमंद विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने के काम आ सकें। इसके सफल क्रियान्वयन के लिए सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

छत्तीसगढ़ विधानसभा से पारित हुआ नगर एवं ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक 2026

छत्तीसगढ़ विधानसभा से पारित हुआ नगर एवं ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक 2026  छत्तीसगढ़ में सुनियोजित शहरी विकास को मिलेगी नई दिशा -वित्त मंत्री ओपी चौधरी रायपुर छत्तीसगढ़ में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और सुव्यवस्थित विकास की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक 2026 को विधानसभा ने ध्वनिमत से पारित कर दिया। इस संशोधन का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में अनियंत्रित विस्तार और अवैध प्लॉटिंग पर नियंत्रण स्थापित करते हुए योजनाबद्ध विकास को गति देना है। सदन में चर्चा के दौरान वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि वर्तमान में नगर विकास योजनाएं तैयार करने और उनके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी मुख्यतः रायपुर विकास प्राधिकरण और नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण जैसे प्राधिकरणों पर निर्भर है। हालांकि, राज्य गठन के बाद विभिन्न कारणों से ऐसी योजनाओं की संख्या अपेक्षाकृत कम रही, जिससे कई शहरों में अव्यवस्थित विकास और अवैध प्लॉटिंग की समस्या बढ़ी है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में विभिन्न एजेंसियों की भागीदारी से नगर विकास योजनाओं के बेहतर परिणाम सामने आए हैं। विशेष रूप से अहमदाबाद में रिंग रोड जैसी प्रमुख परियोजनाएं योजनाबद्ध तरीके से विकसित की गई हैं। वित्त मंत्री चौधरी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में भी रायपुर मास्टर प्लान के अंतर्गत एम.आर.-43 मार्ग का निर्माण नगर विकास योजना के माध्यम से किया जा रहा है, जो इस प्रणाली की उपयोगिता को दर्शाता है। संशोधन के तहत छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा-38 में बदलाव किया गया है। इसके अनुसार अब नगर विकास योजनाएं तैयार करने के लिए अधिकृत एजेंसियों के दायरे का विस्तार किया जाएगा। नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकरणों के अलावा राज्य शासन के अभिकरणों और सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियों को भी इस कार्य के लिए अधिकृत किया जा सकेगा। इस बदलाव के बाद छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल और छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम जैसे संस्थान भी नगर विकास योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन में भागीदारी निभा सकेंगे। इससे योजनाओं की संख्या में वृद्धि होने के साथ-साथ औद्योगिक और आवासीय विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि इस विधेयक का मूल उद्देश्य राज्य में सुनियोजित शहरी विकास को बढ़ावा देना, अवैध प्लॉटिंग पर अंकुश लगाना और उद्योग व आवास के लिए व्यवस्थित भूखंडों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह संशोधन छत्तीसगढ़ के शहरी परिदृश्य को अधिक सुव्यवस्थित और विकासोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगा।

डॉ. शिबानी के सपनों को मिली प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना से स्वावलंबन की उड़ान

रायपुर आज के बदलते दौर में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। बस्तर जिले की डॉ. शिबानी रानी सारंगी ऐसी ही एक प्रेरणादायक शख्सियत बनकर उभरी हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प से न केवल अपने डॉक्टर बनने के सपने को पूरा किया, बल्कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना का लाभ उठाकर उद्यमिता के क्षेत्र में भी कदम रखा है।         बचपन से ही समाज सेवा का जज्बा रखने वाली डॉ. शिबानी ने कड़ी मेहनत से डेंटल सर्जरी की डिग्री प्राप्त की और ओरल व मैक्सिलोफेशियल सर्जरी में विशेषज्ञता हासिल की, लेकिन पढ़ाई पूरी करने के बाद स्वयं का क्लिनिक स्थापित करना उनके लिए एक बड़ी आर्थिक चुनौती थी।         इस मुश्किल घड़ी में डॉ. शिबानी को एक मित्र के माध्यम से जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र जगदलपुर द्वारा संचालित प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की जानकारी मिली। उन्होंने तत्काल कार्यालय जाकर ऋण प्रक्रिया को समझा और पंजाब नेशनल बैंक की डिमरापाल शाखा में अपना आवेदन प्रेषित किया। योजना के तहत उन्हें 8 लाख 56 हजार 900 रुपए की ऋण राशि स्वीकृत हुई, जिससे उनके सपनों को धरातल पर आने का रास्ता मिल गया। शासन की ओर से उन्हें 2 लाख 25 हजार 500 रुपए की सब्सिडी (अनुदान) भी प्राप्त हुई, जिससे उनका वित्तीय बोझ काफी कम हो गया।         वर्ष 2024 में जगदलपुर के कोठारी कॉम्प्लेक्स स्थित राम पोलिक्लिनिक में अपने डेंटल क्लिनिक की शुरुआत कर डॉ. शिबानी ने एक सफल चिकित्सक के साथ ही व्यवसायी के रूप में अपनी पहचान बनाई है। आज उनके क्लिनिक में बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं और उनका सालाना टर्नओवर 3 से 4 लाख रुपए तक पहुंच गया है। विशेष बात यह है कि उन्होंने न केवल खुद को स्थापित किया, बल्कि अपने साथ दो अन्य महिलाओं को भी रोजगार प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया है। डॉ. शिबानी की यह सफलता सिद्ध करती है कि यदि मन में मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास हो, तो सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के सहयोग से किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

सफाई व्यवस्था में लापरवाही पर एक्शन: रामकृष्ण हॉस्पिटल के ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज

रायपुर. राजधानी के रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में हुए दर्दनाक हादसे में तीन सफाई कर्मचारियों की मौत के मामले में पुलिस ने घटना के 24 घंटे बाद एफआईआर दर्ज की। टिकरापारा थाना क्षेत्र में दर्ज की गई FIR में सफाई ठेकेदार किशन सोनी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस बीच राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हरदीप सिंह गिल बीती रात रायपुर पहुंचे और आज सुबह उन्होंने पीड़ित परिजनों से मुलाकात की। बता दें कि हरदीप सिंह गिल ने राजधानी रायपुर के संतोषी नगर स्थित BSUP कॉलोनी, सिमरन सिटी में मृतक कर्मचारियों के परिवारजनों से बातचीत की और घटना की पीड़ा को समझा। उन्होंने कहा, “परिवार के साथ आज मुलाकात की है। यह बहुत दुख की घड़ी है। मैंने उनकी पूरी बातें सुनी कि आखिर यह हादसा कैसे हुआ।” घटना स्थल का भी जायजा लिया गया और अस्पताल के डॉक्टरों से मुलाकात कर आवश्यक जानकारी एकत्र की गई। हरदीप सिंह ने कहा, “घटना स्थल पर हमने जांच की और पाया कि वहां कई खामियां हैं। रात में अस्पताल ने सफाई की अनुमति क्यों दी, यह जांच का विषय है। यदि इन कर्मचारियों को काम करवाना था तो नगर निगम को सूचित किया जाना चाहिए था। जो भी इसमें दोषी ठहराया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” हरदीप सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार, हादसे में मृत कर्मचारियों के परिवार को तुरंत 30 लाख रुपए का मुआवजा दिया गया है। इसके अलावा, मृतक कर्मचारियों की नौकरी और पुनर्वास के लिए जो भी सरकारी जिम्मेदारी होगी, उसे पूरी तरह निर्वहन किया जाएगा। हरदीप सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि इस मामले में और कोई शिकायत सामने आती है, तो राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग निष्पक्ष जांच और कार्रवाई करेगा।

लैंगिक उत्पीड़न अंतर्गत कार्यशाला 23 मार्च को

बिलासपुर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा महिलाओं का कार्यस्थल लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम 2013 अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन 23 मार्च को सवेरे 11 बजे से जल संसाधन विभाग के प्रार्थना सभा भवन में किया जाएगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने कार्यालय, निजी संस्थान एवं प्रतिष्ठान में गठित आंतरिक शिकायत समिति के अध्यक्ष एवं 1 सदस्य को कार्यशाला में उपस्थित होने कहा है।  

वित्त मंत्री चौधरी द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल (संशोधन) विधेयक 2026, विधानसभा से पारित

वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल (संशोधन) विधेयक 2026 विधानसभा से पारित   आवास और अधोसंरचना विकास को मिलेगी नई गति रायपुर  राज्य में आवासीय और शहरी अधोसंरचना विकास को व्यापक स्वरूप देने के उद्देश्य से वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अधिनियम, 1972 (संशोधन) विधेयक 2026 को विधानसभा में ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। यह संशोधन मंडल की भूमिका को विस्तार देते हुए उसे एक आधुनिक और बहुआयामी इंफ्रास्ट्रक्चर एजेंसी के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सदन में जानकारी देते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल का गठन मूलतः मध्यप्रदेश गृह निर्माण मंडल अधिनियम, 1972 के तहत किया गया था। राज्य गठन के बाद यह संस्था प्रदेश में आवासीय योजनाओं, नगरीय अधोसंरचना और किफायती आवास उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में मंडल द्वारा लगभग 3,050 करोड़ रुपये की लागत से 78 नई परियोजनाएं शुरू की गई हैं। राज्य शासन द्वारा 735 करोड़ रुपये का ऋण भुगतान कर मंडल को ऋणमुक्त किया गया है। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY 2.0) के अंतर्गत 2,000 ईडब्ल्यूएस आवासों के निर्माण को स्वीकृति मिली है। मंत्री चौधरी ने बताया कि 650 करोड़ रुपये से अधिक की 6 रिडेवलपमेंट परियोजनाओं की डीपीआर तैयार हो चुकी है। नवंबर 2025 में आयोजित राज्य स्तरीय आवास मेले में 2,060 करोड़ रुपये की 56 नई परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया, जिसमें 2,517 संपत्तियों की बुकिंग और 1,477 का आवंटन किया जा चुका है। वर्तमान में मंडल छत्तीसगढ़ के 33 में से 27 जिलों में सक्रिय है और प्रक्रियात्मक सुधारों के माध्यम से रजिस्ट्री के साथ भौतिक कब्जा सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके अलावा, 858 करोड़ रुपये की लागत से 146 विकासखंडों में शासकीय आवासों का निर्माण कर मंडल ने अपनी तकनीकी क्षमता भी सिद्ध की है। उन्होंने कहा कि रायपुर, नवा रायपुर, भिलाई-दुर्ग और राजनांदगांव को एकीकृत कर एक शहरी कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें गृह निर्माण मंडल की भूमिका अहम होगी। संशोधन के तहत मंडल को केवल आवास निर्माण तक सीमित न रखते हुए टाउन प्लानिंग स्कीम, पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP), जॉइंट वेंचर, रिडेवलपमेंट, स्लम पुनर्विकास और मिश्रित भूमि उपयोग जैसी आधुनिक विकास अवधारणाओं को लागू करने की अनुमति दी गई है। अंत में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि यह संशोधन गृह निर्माण मंडल को एक सशक्त, सक्षम और बहुआयामी संस्था के रूप में स्थापित करेगा। इससे राज्य में सुनियोजित, टिकाऊ और समावेशी शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा तथा आम नागरिकों को बेहतर आवास और आधुनिक अधोसंरचना सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

झारखंड सूचना विभाग की टीम ने छत्तीसगढ़ संवाद से ली ‘रोजगार और नियोजन’ की जानकारी

झारखंड के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की टीम ने छत्तीसगढ़ संवाद द्वारा प्रकाशित ‘रोजगार और नियोजन’ की ली जानकारी रायपुर युवाओं को रोजगार संबंधी जानकारी सुलभ कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। आज झारखंड के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की टीम ने छत्तीसगढ जनसंपर्क की सहयोगी संस्था छत्तीसगढ़ संवाद द्वारा प्रकाशित लोकप्रिय पत्रिका ‘रोजगार और नियोजन’ का अवलोकन कर जानकारी ली। टीम को साप्ताहिक पत्रिकारोजगार और नियोजन पत्रिका के संबंध में सहायक संपादक श्रीमती गीतांजली  नेताम ने रोजगार और नियोजन पत्रिका  की पाठ्य सामग्री, स्वरूप और युवाओं के लिए उपयोगी जानकारी दी।           झारखंड की टीम ने रोजगार और नियोजन पत्रिका की सराहना की l टीम में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग झारखंड के डिप्टी डायरेक्टर आनंद कुमार, विभाग की प्रतिनिधि श्रीमती सुनीता धान  तथा विधि सलाहकार अमन कुमार शामिल रहे।         झारखण्ड की टीम के अधिकारियों ने बताया कि झारखंड के युवाओं को भी इसी प्रकार की विश्वसनीय और संगठित रोजगार संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य में ‘रोजगार और नियोजन’ जैसी पत्रिका प्रकाशित करने की योजना पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए वे इस प्रकाशन की प्रति लेकर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी प्रस्तुत करेंगे। टीम के सदस्यों ने कहा कि इस प्रकार की पत्रिका प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है, क्योंकि इसमें सरकारी नौकरियों, योजनाओं और कैरियर मार्गदर्शन से जुड़ी जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध होती है।           इस पहल को लेकर टीम ने उम्मीद जताई जा रही है कि यदि यह योजना साकार होती है, तो झारखंड के हजारों युवाओं को रोजगार संबंधी सटीक और समय पर जानकारी मिल सकेगी, जिससे उनके भविष्य निर्माण में सकारात्मक योगदान मिलेगा। झारखण्ड की टीम के छत्तीसगढ संवाद भ्रमण के अवसर पर रोजगार और नियोजन से  संबद्ध अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे l