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रायपुर नगर निगम ने डेयरी संचालक पर लगाया 10000 का ई-जुर्माना

रायपुर. आज रायपुर नगर पालिक निगम स्वास्थ्य विभाग को प्राप्त डेयरी में गन्दगी की जनशिकायत को तत्काल संज्ञान में लेते हुए नगर निगम आयुक्त विश्वदीप द्वारा दिए गए आदेशानुसार और नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ तृप्ति पाणीग्रही और नगर निगम जोन 5 के जोन आयुक्त खीरसागर नायक के निर्देशानुसार जोन 5 जोन स्वास्थ्य अधिकारी संदीप वर्मा के नेतृत्व में नगर निगम जोन 5 स्वास्थ्य विभाग के स्वच्छता निरीक्षक प्रेम मानिकपुरी दिलीप साहू की उपस्थिति में जोन 5:स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा जोन 5: क्षेत्र अंतर्गत भक्त माता कर्मा वार्ड 67 अंतर्गत भाठागांव क्षेत्र में आवासीय क्षेत्र में संचालित नीलकंड डेयरी का औचक निरीक्षण किया गया. औचक निरीक्षण के दौरान गन्दगी और प्रदूषण सहित डेयरी की भैंसों को सड़क पर छोड़े जाने से आए दिन सड़क दुर्घटनाओं के होने की जनशिकायत सही मिली. जोन स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा काऊकैचर वाहन और विशेष टीम की सहायता से भाठागांव सड़क मार्ग पर सम्बंधित डेयरी की 10 भैंसों की धरपकड़ कर उन्हें लाखेनगर कांजी हाउस भेज दिया. Also Read – भगवा कपड़े पहनकर साधु के भेष में संदिग्ध पुलिस के हत्थे चढ़े प्रकरण में रायपुर नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी और जोन 5 जोन कमिश्नर के निर्देश पर जोन स्वास्थ्य अधिकारी ने नीलकंड डेयरी भाठागांव के सम्बंधित संचालक पर तत्काल 10000 रूपये का ई जुर्माना किया और उन्हें आवासीय क्षेत्र से अपनी डेयरी स्वतः बन्द कर निगम क्षेत्र के बाहर शीघ्र शिफ्ट कर लेने नोटिस पुनः जारी करते हुए भविष्य के लिए कड़ी कार्यवाही नियमानुसार करने की चेतावनी दी. जुर्माना अदा करने के पश्चात नगर निगम जोन 5 स्वास्थ्य विभाग द्वारा सम्बंधित नीलकंठ डेयरी की भैंसों को भविष्य में सड़क मार्ग पर नहीं छोड़े जाने की कड़ी हिदायत देकर छोड़ा गया और प्राप्त जन शिकायत का जोन के स्तर पर त्वरित निदान किया गया. सड़क मार्ग पर दोबारा डेयरी की भैंसों को छोड़े जाने की स्थिति में रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 5 स्वास्थ्य विभाग अभियान चलाकर नियमानुसार कड़ी कार्यवाही करेगा.

छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड के साथ कोहरे का अलर्ट

रायपुर. छत्तीसगढ़ में ठंड का प्रकोप बढ़ते ही जा रहा है। प्रदेश की राजधानी रायपुर समेत अन्य कई इलाकों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। पेंड्रा और अंबिकापुर के साथ-साथ कई ऐसे जिले हैं जहां तापमान काफी कम है। लगातार पड़ रही कड़ाके की ठंड के बीच मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में तापमान में गिरावट आने की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने दुर्ग संभाग के कुछ जिलों और रायपुर संभाग के जिलों में शीतलहर चलने की संभवना जताई है। Also Read – ISRO ने रचा इतिहास: अन्वेषा सैटेलाइट लॉन्च किया, न चीन की चाल छिपेगी न पाकिस्तान की हरकतें मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में आने वाले कुछ दिनों तक कड़ाके की ठंड पड़ेगी। राजधानी रायपुर में सुबह से कड़ाके की ठंड पड़ने के साथ कोहरा छाए रहेगा। रायपुर के साथ-साथ नवा रायपुर में भी कोहरा छा रहा है। कोहरे के कारण दृश्यता काफी कम हो रही है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है। इस बार छत्तीसगढ़ में रिकॉर्ड तोड़ ठंड पड़ रही है। न्यायधानी बिलासपुर में पिछले 24 घंटो में अधिकतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया । वहीं अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान गिरकर 4.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस मौसम का अब तक का सबसे कम तापमान माना जा रहा है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, आने वाले दिनों में प्रदेश में ठंड का प्रभाव बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को सर्दी से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने, सुबह और शाम अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।

रायपुर के तेलीबांधा में गैंगवार में एक की हत्या

रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रविवार देर रात गैंगवार हुआ है। इस गैंगवार में एक युवक की मौत हो गई है और एक युवक गंभीर रूप से घायल हुआ है। घायल युवक को इलाज के लिए मेकाहारा अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। वहीं इस वारदात के बाद से ही गैंगवार को अंजाम देने वाले सभी आरोपी फरार हो गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। वहीं, अब रायपुर में हुए गैंगवार का CCTV फुटेज सामने आ गया है। इस फुटेज में आरोपी दोनों युवकों को दौड़ा दौड़ाकर चाकू मारते नजर आ रहे हैं। इस गैंगवार में आदित्य कुर्रे नामक युवक की मौत हो गई है और अभय सारथी नामक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है। घायल अभय का इलाज जारी है। इस वारदात के बाद स्थानीय रहवासियों में दहशत का माहौल है। Also Read – ISRO ने रचा इतिहास: अन्वेषा सैटेलाइट लॉन्च किया, न चीन की चाल छिपेगी न पाकिस्तान की हरकतें स्थानीय लोगों ने बताया कि, आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के पहले पूरे इलाके की लाइट बंद कर दी थी और उसके बाद पूरी प्लानिंग के तहत गैंगवार को अंजाम दिया। वारदात के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। तेलीबांधा पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। पुलिस की टीम आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

देश सेवा का जज्बा लिए सेना भर्ती में युवाओं ने दिखाया दम

धमतरी. जिला धमतरी में आयोजित प्रदेश स्तरीय अग्निवीर सेना भर्ती रैली के दूसरे दिन युवाओं में देश सेवा को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। छत्तीसगढ़ के पांच जिलों- बीजापुर, कांकेर, कोंडागांव, सुकमा एवं मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर से आए कुल 671 अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में भाग लिया। कड़ी प्रतिस्पर्धा और शारीरिक दृढ़ता के बीच 495 युवाओं ने दौड़ सफलतापूर्वक पास की। दौड़ में सफल अभ्यर्थियों को आगे शारीरिक दक्षता परीक्षण, दस्तावेज सत्यापन एवं मेडिकल जांच की प्रक्रिया से गुजरना होगा। जिला प्रशासन धमतरी एवं सेना भर्ती कार्यालय रायपुर के संयुक्त समन्वय से पूरी भर्ती प्रक्रिया सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं सुचारू रूप से संचालित की जा रही है। भर्ती स्थल पर सुरक्षा, यातायात, चिकित्सा, पेयजल एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है, जिससे अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भारतीय सेना की चयन प्रक्रिया पूर्णतः निष्पक्ष, पारदर्शी एवं केवल योग्यता के आधार पर होती है। युवाओं से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार के दलालों एवं बिचौलियों के बहकावे में न आएं और अपनी मेहनत व क्षमता पर भरोसा रखें। अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड में अंकित तिथि एवं समय पर इंडोर स्टेडियम के प्रवेश द्वार पर रिपोर्ट करना अनिवार्य होगा। भर्ती प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों को रैली एडमिट कार्ड के साथ 8वीं, 10वीं, 12वीं एवं स्नातक की अंकसूचियां, स्थानीय निवास एवं जाति प्रमाण पत्र, शपथ पत्र, एनसीसी/खेल/आईटीआई/ड्राइविंग लाइसेंस (यदि लागू हो), रिलेशनशिप सर्टिफिकेट तथा आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर साथ लाना होगा। अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देश पर जिला परिवहन विभाग द्वारा ऑटो एवं ई-रिक्शा के लिए प्रति सवारी दरें निर्धारित की गई हैं, ताकि राज्य के विभिन्न जिलों से आने वाले युवाओं को सुगम आवागमन मिल सके। जिला प्रशासन द्वारा भर्ती रैली के दौरान सुरक्षा, चिकित्सा, पेयजल, रात्रि में रुकने, परिवहन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। अभ्यर्थियों से पुनः अपील की गई है कि वे दलालों से सावधान रहें, क्योंकि भारतीय सेना की भर्ती प्रक्रिया पूर्णतः निष्पक्ष, पारदर्श

युवा संसद में डॉ. रमन सिंह बने अध्यक्ष और बच्चे बने सांसद, लोकहित के मुद्दों पर हुई चर्चा

रायपुर : लोकतंत्र की पाठशाला बना नेशनल रोवर – रेंजर जंबूरी युवा संसद में डॉ. रमन सिंह बने अध्यक्ष और बच्चे बने सांसद, लोकहित के मुद्दों पर हुई चर्चा यूथ पार्लियामेंट में दिखी भविष्य के नेतृत्व की सशक्त झलक रायपुर नेशनल रोवर – रेंजर जंबूरी का आयोजन पूरे उत्साह, अनुशासन और जीवंत सहभागिता के साथ बालोद जिले के ग्राम दुधली में सम्पन्न किया रहा है। आयोजन के तीसरे दिन जंबूरी परिसर लोकतांत्रिक चेतना का केंद्र बन गया, जब रोवर–रेंजरों एवं उपस्थित नागरिकों को लोकसभा की वास्तविक कार्यवाही का प्रत्यक्ष और व्यावहारिक अनुभव कराया गया। यूथ पार्लियामेंट के मंच पर रोवर–रेंजरों ने सांसदों की भूमिका निभाई वहीं विधानसभा के अध्यक्ष संसद के अध्यक्ष की भूमिका का निर्वहन किया। युवाओं ने जिस आत्मविश्वास, विषयगत समझ और मर्यादित संवाद शैली का प्रदर्शन किया, वह दर्शनीय था। यह मंच भावी जनप्रतिनिधियों को गढ़ने का सशक्त माध्यम गया था। लोकतंत्र की पाठशाला बना नेशनल रोवर – रेंजर जंबूरी अनुशासन और आत्मविश्वास की मिसाल बने रोवर–रेंजर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने की आयोजित युवा संसद की सराहना करते हुए कहा कि यूथ पार्लियामेंट के दौरान रोवर–रेंजरों जिस प्रकार आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ अपनी भूमिका को निभाया है, उससे देश के उज्ज्वल भविष्य की कल्पना साकार नजर आती है। आज के युवा कल के हमारे समाज के प्रतिनिधि हैं। इनके कंधों पर हमारी विरासतों को आगे ले जाने का जिम्मा है, जिसे वे बखूबी निभाएंगे इसका हम सभी को भरोसा है। उन्होंने सभी की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय परंपराओं और जिम्मेदार नागरिकता की मजबूत नींव पड़ती है। लोकतंत्र की पाठशाला बना नेशनल रोवर – रेंजर जंबूरी          इस अवसर पर स्कूली शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने भी युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आज के रोवर – रेंजर देश का आने वाला भविष्य है। भारतीय स्काउट गाइड के मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त डॉ. के. के. खंडेलवाल, राज्य मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह खालसा, जिला मुख्य आयुक्त राकेश यादव, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, रोवर–रेंजर, स्काउट–गाइड्स एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे। सीख, सेवा और साहस से भरा रहा तीसरा दिन      जंबूरी का तृतीय दिवस प्रतिभागियों के लिए विविध और प्रेरक गतिविधियों का आयोजन किया गया। जागरण और शारीरिक जांच के साथ फ्लैग सेरेमनी के साथ अनुशासन और एकता का संदेश दिया जाएगा। डॉग शो में कुत्तों की बेहतरीन कलात्मक प्रदर्शन के साथ मार्च पास्ट प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। स्वच्छ भारत अभियान से जुड़ी प्रतियोगिताओं में भी युवाओं ने बढ़ चढ़ कर भाग लेते हुए सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक किया।            आज जम्बूरी में आदिवासी संस्कृति परंपरा के साथ आधुनिकता की अनूठी प्रस्तुति दी गयी। आदिवासी वेशभूषा में पारंपरिक व्यंजनों के निर्माण के साथ लोकवाद्यों की भी प्रस्तुति की गई। आदिवासी नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच पारंपरिक भोजन के साथ ही हॉर्स राइडिंग, बाइक रेस और वाटर एक्टिविटी जैसी साहसिक गतिविधियां का भी प्रदर्शन किया गया।       युवाओं को आपदा प्रबंधन और ग्लोबल डेवलपमेंट विलेज से जुड़ी प्रतियोगिताओं के साथ वृक्षारोपण भी किया गया। कंटीजेंट लीडर मीटिंग, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, एच डब्लू बी रीयूनियन, नाइट हाईक तथा पायोनियरिंग प्रोजेक्ट प्रतियोगिताओं के भी आयोजित की जाएगी। एरिना में आयोजित इंटरनेशनल नाइट कार्यक्रम में विभिन्न संस्कृतियों की रंगारंग प्रस्तुतियां जंबूरी को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया जाएगा।

राइस मिलों से 1.77 करोड़ का अवैध धान जब्त

धमतरी. जिले में धान खरीदी और कस्टम मिलिंग व्यवस्था को पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देश पर आज जिले के सभी अनुविभागों में राइस मिलों की सघन जांच एवं भौतिक सत्यापन अभियान चलाया गया। यह कार्रवाई संबंधित अनुविभागों के एसडीएम के नेतृत्व में राजस्व एवं मंडी विभाग की संयुक्त जांच टीमों द्वारा की गई। इस विशेष अभियान के तहत धमतरी, नगरी और कुरूद अनुविभागों में संचालित कई राइस मिलों पर एक साथ छापामार कार्रवाई की गई। जांच के दौरान मिलों में उपलब्ध धान के भौतिक स्टॉक और अभिलेखों का मिलान किया गया, जिसमें गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। धमतरी अनुविभाग में कविता राइस मिल एवं अजय ट्रेडिंग कंपनी (देमार), नगरी अनुविभाग में एस.के. फूड्स एवं ए.एस.डब्ल्यू. राइस मिल, जबकि कुरूद अनुविभाग में श्री लक्ष्मी राइस मिल की गहन जांच की गई। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि कुछ मिलर्स द्वारा निर्धारित नियमों और मापदंडों का उल्लंघन करते हुए अवैध रूप से भारी मात्रा में धान का भंडारण किया गया है, वहीं एक राइस मिल में बड़े पैमाने पर धान की गंभीर कमी पाई गई। मिल-वार जांच में कविता राइस मिल में 250 क्विंटल, अजय ट्रेडिंग कंपनी देमार में 105 क्विंटल, एस.के. फूड्स में 76 क्विंटल तथा ए.एस.डब्ल्यू. राइस मिल में 72 क्विंटल अतिरिक्त धान पाया गया। वहीं कुरूद अनुविभाग की श्री लक्ष्मी राइस मिल में 6989 क्विंटल धान की भारी कमी दर्ज की गई, जो कस्टम मिलिंग व्यवस्था में बड़ी लापरवाही और संभावित गड़बड़ी की ओर इशारा करती है। इन सभी मामलों में मंडी अधिनियम एवं संबंधित नियमों के तहत अवैध और अनियमित धान को जब्त कर लिया गया है। जब्त किए गए एवं अनियमित पाए गए धान का कुल अनुमानित मूल्य ₹1,77,42,963 (एक करोड़ सतहत्तर लाख बयालीस हजार नौ सौ तिरसठ रुपए) आंका गया है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने इस कार्रवाई को शासन की शून्य सहिष्णुता नीति का स्पष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी और कस्टम मिलिंग जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं किसानों की आजीविका से सीधे जुड़ी हैं, इसलिए इनमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कलेक्टर ने जिले के सभी राइस मिल संचालकों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि वे शासन के नियमों का ईमानदारी से पालन करें और प्रशासन के साथ सकारात्मक सहयोग करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में भी अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो कस्टम मिलिंग कंडिका के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई, लाइसेंस निरस्तीकरण और आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जा सकते हैं। जिला प्रशासन ने यह भी संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में सतत निगरानी, औचक निरीक्षण और विशेष जांच अभियान जारी रहेंगे, ताकि धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे और किसानों के हितों की पूरी तरह रक्षा की जा सके।

छत्तीसगढ़ में फिल्म सिटी का सपना होगा साकार, 21 को CM साय करेंगे भूमिपूजन

रायपुर छत्तीसगढ़ में जल्द ही प्रस्तावित ‘चित्रोत्पला फिल्म सिटी’ का काम शुरू होने जा रहा है. इसका निर्माण नवा रायपुर अटल नगर के माना-तूता में राज्योत्सव स्थल के पास लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में होगा है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 21 जनवरी को निर्माण कार्य का भूमिपूजन करेंगे. इसके बाद निर्माण काम में तेजी आएगी. मुंबई की इंद्रदीप इन्फ्रा इंडिया लिमिटेड कंपनी पीपीपी मॉडल पर फिल्म सिटी का निर्माण करेगी. फिल्म सिटी में लगभग 400-500 करोड़ रुपए निवेश संभावित छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल और कंपनी के बीच अनुबंध भी हो चुका है. कंपनी द्वारा 250 करोड़ और केंद्र सरकार द्वारा 150 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. वहीं, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा फिल्म सिटी के लिए जमीन उपलब्ध कराई जा रही है. पर्यटन मंडल के मुताबिक फिल्म सिटी में पीपीपी मॉडल पर निजी कंपनी को स्टूडियो और अन्य अधोसंरचना निर्माण के लिए भूमि आवंटित की गई है. फिल्म सिटी में लगभग 400-500 करोड़ रुपए निवेश संभावित है. फिल्म मेकिंग की अपार संभावना नवा रायपुर में फिल्म सिटी निर्माण से फिल्म मेकिंग और फिल्म टूरिज्म के लिए अपार संभावनाओं के द्वार खुलेंगे. फिल्म सिटी बनने से आसपास बसाहट, निवेश और अन्य व्यवसायिक गतिविधियों के साथ ही छत्तीसगढ़ी फिल्मों, नाटकों और पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा. गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में फिल्म सिटी निर्माण और पर्यटन विकास के लिए राज्य शासन के प्रस्ताव पर केंद्र ने 150 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की है. यहां अधोसंरचना, इंडोर ये सुविधाएं रहेंगी. प्री और पोस्ट प्रोडक्शन के लिए बनेंगे भवन फिल्म सिटी में फिल्म निर्माण और शूटिंग के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी. यहां कई अस्थायी और स्थायी सेट्स बनाए जाएंगे. इनमें स्कूल-कॉलेज, अस्पताल, जेल, फूड कोर्ट और रेस्टोरेंट आदि शामिल हैं. तालाब, उद्यान, नदी, पर्वत, सहित अन्य लोकेशन विकसित किए जाएंगे. शूटिंग के दौरान फिल्म निर्माताओं और कलाकारों के ठहरने के लिए आवास की व्यवस्था होगी. इसके अलावा स्टूडियो, प्री प्रोडक्शन और पोस्ट प्रोडक्शन के लिए भी भवन बनेंगे. 21 जनवरी को भूमिपूजन प्रस्तावित छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने बताया कि नवा रायपुर में फिल्म सिटी निर्माण के लिए टेंडर फाइनल हो चुका है. फिल्म सिटी के निर्माण कार्य का विधिवत भूमिपूजन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के हाथों 21 जनवरी को किया जाना प्रस्तावित है. आउटडोर शूटिंग, कन्वेंशन सेंटर आदि का निर्माण भी किया जाएगा.

लखपति दीदी राशोबाई ने मेहनत और समूह सहयोग से कायम की आत्मनिर्भरता की मिसाल

रायपुर. जहाँ चाह वहां राह इस उक्ति को चरितार्थ कर दिखाया है,कोंडागांव जिले के विकासखंड फरसगांव अंतर्गत ग्राम पंचायत बानगांव की रहने वाली श्रीमती राशोबाई मरकाम ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के अंतर्गत स्व सहायता समूह से जुड़कर न केवल अपने जीवन को नई दिशा दी, बल्कि आत्मनिर्भरता की मिसाल भी कायम की है। राशोबाई आज विभिन्न आजीविका गतिविधियां शुरूकर 01 लाख रूपए से अधिक की आमदनी प्राप्त कर रही हैं। जय माता दी स्व सहायता समूह की सदस्य राशोबाई स्व सहायता समूह से जुड़ने से पहले कृषि मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करती थीं और घर के कार्यों तक ही सीमित थी। आय के सीमित साधन होने के कारण परिवार की वार्षिक आय केवल 48 हजार रुपये थी, जिससे दैनिक जरूरतों को पूरा करना काफी मुश्किल होता था और परिवार का पालन पोषण बेहतर ढंग से नहीं हो पाता था। स्व सहायता समूह से जुड़ने के पश्चात उन्हें समूह के माध्यम से आरएफ अनुदान राशि 15 हजार रुपये और सीआईएफ ऋण राशि 60 हजार रुपये प्राप्त हुई। इस सहयोग से उन्होंने कृषि कार्य के साथ-साथ किराना दुकान संचालन एवं मछली पालन जैसी विभिन्न आजीविका गतिविधियां शुरू कीं। जिला प्रशासन की एनआरएलएम टीम के मार्गदर्शन से उनका आत्मविश्वास बढ़ा और उक्त आजीविका गतिविधियों के सफल संचालन से आज श्रीमती राशोबाई मरकाम की वार्षिक आय बढ़कर लगभग 1 लाख 67 हजार रुपये हो गई है। वर्तमान में वे पूर्व की तुलना में दोगुना आय अर्जित कर रही हैं। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है तथा जीवन स्तर में सुखद बदलाव आया है। आज श्रीमती राशोबाई मरकाम ने अपनी मेहनत, लगन और समूह के सहयोग से न केवल आत्मनिर्भर हुई हैं, बल्कि अपने परिवार के लिए एक मजबूत आर्थिक सहारा भी बनी है। उन्होंने शासन की योजनाओं से मिली सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि एनआरएलएम ‘बिहान’ योजना के अंतर्गत स्व सहायता समूहों एवं टीम के सतत प्रयासों से ग्रामीण महिलाओं को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं “लखपति दीदी” बनकर आत्मसम्मान के साथ जीवन यापन कर सकें।

शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मनाया विश्व हिंदी दिवस

सूरजपुर. शासकीय रेवती रमण मिश्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय सूरजपुर में विगत दिवस विश्व हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने राष्ट्रीय हिंदी दिवस एवं अंतर्राष्ट्रीय हिंदी दिवस के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार पर विशेष बल दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एच.एन. दुबे उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में हिंदी भाषा की वैश्विक स्तर पर बढ़ती लोकप्रियता और इसके महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में सहायक प्राध्यापक हिंदी श्री बुधलाल साहू, अतिरिक्त शिक्षक डॉ. श्रीकांत यादव, डॉ. विनोद साहू ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वरिष्ठ छात्रा रोशनी यादव ने छात्रों के दृष्टिकोण से हिंदी के महत्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम में एम.ए. हिंदी प्रथम सेमेस्टर के सभी विद्यार्थी उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने हिंदी भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

ऑयल पाम की खेती में अतिरिक्त अनुदान से किसानों की बढ़ेगी आय

रायपुर. खाद्य तेलों में आत्मनिर्भर बनाने तथा किसानों की आय में दीर्घकालीन और स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा संयुक्त रूप से नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल-ऑयल पाम योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत ऑयल पाम की खेती को प्रोत्साहित करने हेतु केंद्र सरकार के अनुदान के अतिरिक्त राज्य शासन द्वारा विभिन्न घटकों में टॉप-अप अनुदान प्रदान किया जा रहा है, जिससे किसानों को आर्थिक संबल मिल सके। सहायक संचालक उद्यानिकी मुंगेली ने बताया कि ऑयल पाम की खेती में प्रारंभिक लागत अधिक होने तथा 03 से 04 वर्षों की गेस्टेशन अवधि को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन द्वारा विशेष सहायता का प्रावधान किया गया है। केंद्र सरकार द्वारा देय न्यूनतम 1.30 लाख प्रति हेक्टेयर अनुदान के अतिरिक्त राज्य शासन किसानों को टॉप-अप अनुदान प्रदान कर रहा है, ताकि अधिक से अधिक कृषक इस फसल की ओर आकर्षित हों। ऑयल पाम एक दीर्घकालीन, कम श्रम वाली और उच्च उत्पादकता वाली फसल है। इसमें रोग प्रकोप की संभावना अत्यंत कम होती है। एक बार रोपण के पश्चात चौथे वर्ष से उत्पादन प्रारंभ हो जाता है और यह फसल 25 से 30 वर्षों तक निरंतर उपज देती है। पारंपरिक तिलहन फसलों की तुलना में ऑयल पाम प्रति हेक्टेयर 4 से 6 गुना अधिक तेल उत्पादन क्षमता रखती है, जिससे किसानों को स्थायी एवं सुनिश्चित आय का लाभ प्राप्त होता है। विभिन्न मदों में अतिरिक्त अनुदान राज्य शासन द्वारा ऑयल पाम रोपण करने वाले पात्र किसानों को निम्नानुसार अतिरिक्त अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है, इनमें रखरखाव मद में पूर्व निर्धारित 05 हजार 250 प्रति हेक्टेयर की 01 हजार 500 रूपए की वृद्धि कर कुल 06 हजार 750 रूपए प्रति हेक्टेयर, अंतरवर्तीय फसलों हेतु वृद्धि के साथ कुल 10 हजार 250 रूपए प्रति हेक्टेयर, ड्रिप सिंचाई प्रणाली अपनाने वाले किसानों को 08 हजार 635 रूपए की अतिरिक्त सहायता सहित कुल 22 हजार 765 रूपए प्रति हेक्टेयर, रोपित पौधों एवं अंतरवर्तीय फसलों को जानवरों से बचाने हेतु फेंसिंग के लिए 54 हजार 485 रूपए प्रति हेक्टेयर का अनुदान उपलब्ध कराया जाता है। इस प्रकार राज्य शासन द्वारा रखरखाव, फेंसिंग, अंतरवर्तीय फसल एवं ड्रिप सिंचाई मद में कुल 69 हजार 620 रूपए तक का अतिरिक्त अनुदान ऑयल पाम रोपण करने वाले किसानों को प्रदान किया जा रहा है। यह अनुदान केवल उन्हीं कृषकों को देय होगा, जो योजना के अंतर्गत ऑयल पाम का रोपण करेंगे। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया एवं तकनीकी मार्गदर्शन के लिए किसान उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों अथवा अधिकृत प्रतिनिधि कंपनियों से संपर्क कर सकते हैं। ऑयल पाम की खेती न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाएगी, बल्कि देश को खाद्य तेलों में आत्मनिर्भर बनाने के राष्ट्रीय संकल्प को भी मजबूती प्रदान करेगी।