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युवाओं के भविष्य से जुड़ा हेल्थ मॉडल: नवा रायपुर को सेंट्रल इंडिया का हेल्थकेयर हब बनाएंगे मुख्यमंत्री साय

रायपुर. नवा रायपुर को देश के प्रमुख हेल्थकेयर हब के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की उपस्थिति में नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में देश के प्रतिष्ठित बॉम्बे हॉस्पिटल एंड मेडिकल रिसर्च सेंटर और नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के मध्य 15 एकड़ भूमि के लीज एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता नवा रायपुर में प्रस्तावित मेडिसिटी के विकास को नई गति देगा। यह परियोजना न केवल राज्य के हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करेगी, बल्कि निवेश के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की तेज़ और भरोसेमंद प्रशासनिक कार्यप्रणाली का भी उदाहरण बनेगी। राज्य सरकार द्वारा 24 सितंबर 2025 को निवेश आमंत्रण जारी किए जाने के बाद मात्र चार माह के भीतर भूमि चिन्हांकन, आवश्यक स्वीकृतियां और रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर ली गई, जो अपने आप में एक नया बेंचमार्क है। नवा रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा आबंटित 15 एकड़ भूमि पर बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट द्वारा लगभग ₹680 करोड़ की लागत से 300 बिस्तरों का अत्याधुनिक मल्टी सुपर-स्पेशलिटी हॉस्पिटल स्थापित किया जाएगा। यह अस्पताल ट्रस्ट का देश में चौथा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल होगा। इससे पूर्व मुंबई, इंदौर और जयपुर में ट्रस्ट के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। बॉम्बे हॉस्पिटल के माध्यम से कार्डियक साइंसेज, कैंसर उपचार, न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, क्रिटिकल केयर, ऑर्गन ट्रांसप्लांट सहित कई उन्नत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी। इसके प्रारंभ होने से छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों के मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मुंबई या दिल्ली जैसे महानगरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। इस परियोजना से 500 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है, जिनमें डॉक्टर, सर्जन, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और मेडिकल टेक्नीशियन शामिल होंगे। इसके साथ ही हेल्थकेयर सप्लाई चेन, सेवाओं और सहयोगी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अप्रत्यक्ष रोजगार भी उत्पन्न होंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को उल्लेखनीय प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि बॉम्बे हॉस्पिटल की स्थापना से नवा रायपुर में मेडिसिटी का सपना साकार होने की दिशा में निर्णायक कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के नागरिकों को अपने ही राज्य में विश्वस्तरीय सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के निरंतर विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। बॉम्बे हॉस्पिटल जैसे प्रतिष्ठित संस्थान का नवा रायपुर में निवेश करना राज्य की नीतिगत स्थिरता, तेज़ निर्णय क्षमता और निवेशक-अनुकूल वातावरण पर विश्वास का प्रमाण है। यह परियोजना छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024–30 के अंतर्गत स्वास्थ्य जैसे रणनीतिक क्षेत्रों को दिए जा रहे विशेष प्रोत्साहनों और समयबद्ध क्रियान्वयन का प्रत्यक्ष परिणाम है। इससे नवा रायपुर को सेंट्रल इंडिया के प्रमुख हेल्थकेयर डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने में सहायता मिलेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध सिंह, उद्योग विभाग के सचिव  रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव  अंकित आनंद, नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के सीईओ  चंदन कुमार, बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट के ट्रस्टी एवं चेयरमैन  भरत तापड़िया, सचिव  श्याम जी सहित ट्रस्ट एवं शासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मीडिया मामलों पर सीएम साय को सलाह देंगे आर. कृष्णा दास

रायपुर वरिष्ठ पत्रकार आर. कृष्णा दास को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का सलाहकार नियुक्त किया गया है. सलाहकार के रूप में वे मुख्यमंत्री को मीडिया एवं अन्य विषयों पर परामर्श देंगे. सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश में बताया गया कि सलाहकार के पद पर कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त होगा. इसके साथ उन्हें राज्य शासन के विशेष सचिव के समकक्ष अन्य सुविधाएं प्राप्त होगी. कृष्ण दास ‘बिजनेस स्टैंडर्ड’ के छत्तीसगढ़ प्रमुख के रूप में लंबे समय से कार्यरत रहे हैं.

प्रदेश के युवाओं को बड़ा झटका: छत्तीसगढ़ में आबकारी विभाग की सब-इंस्पेक्टर नियुक्ति रद्द

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के युवाओं को बड़ा झटका दिया है। राज्य सरकार ने आबकारी विभाग में उपनिरीक्षक पदों पर की जाने वाली नियुक्तियों के आदेश को रद्द करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में विभागीय स्तर पर आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया गया है। हालांकि, आदेश में नियुक्ति निरस्त करने के पीछे की ठोस वजहों का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है, जिससे चयनित अभ्यर्थियों में असमंजस और नाराजगी का माहौल बन गया है। तकनीकी कारणों का हवाला, लेकिन वजह स्पष्ट नहीं जारी पत्र में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षा-2024 की चयन सूची के अनुसार अनुशंसित आबकारी उप निरीक्षक पदों पर कार्यालयीन आदेश से जारी नियुक्ति को “तकनीकी कारणों” के चलते निरस्त किया जाता है। हालांकि, इन तकनीकी कारणों की विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। इसी वजह से चयनित उम्मीदवारों के साथ-साथ विपक्षी दल भी सरकार की मंशा पर सवाल खड़े कर रहे हैं। 85 चयनित अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग (CGPSC) द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षा 2024 के माध्यम से आबकारी विभाग में कुल 85 अभ्यर्थियों का चयन किया गया था। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नए साल की शुरुआत में अभ्यर्थियों के शारीरिक मापदंडों की जांच, प्रमाण पत्र सत्यापन और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया प्रस्तावित थी। लेकिन नियुक्ति आदेश निरस्त होने से अब इन सभी युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है। युवाओं में नाराजगी, सरकार से स्पष्टीकरण की मांग नियुक्ति रद्द होने की खबर सामने आते ही चयनित अभ्यर्थियों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। कई उम्मीदवारों ने सरकार से तत्काल स्पष्ट कारण बताने और जल्द समाधान निकालने की मांग की है। अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबी परीक्षा प्रक्रिया पूरी करने के बाद इस तरह का फैसला न केवल मानसिक आघात पहुंचाने वाला है, बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय भी है। अब सभी की नजरें सरकार के अगले कदम और संभावित स्पष्टीकरण पर टिकी हुई हैं।

धर्मांतरण को लेकर लोगों के साथ मारपीट कर गांव से भगाया

नारायणपुर. अबूझमाड़ क्षेत्र में ओरछा ब्लॉक के ईकनार गांव में धर्मांतरण को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि कुछ ग्रामीणों ने गांव में मतांतरित दो परिवारों के 16 लोगों के साथ मारपीट कर उन्हें गांव से भगा दिया गया। इतना ही नहीं, पीड़ित परिवारों के घर तोड़ दिए गए। साथ ही राशन सामग्री और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को आग के हवाले कर दिया। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। बता दें कि इससे पहले आमाबेड़ा गांव में भी इसी तरह की घटना सामने आई थी और अब ईकनार गांव में सनसनी फैला दी है। मारपीट में घायल परिवार के सदस्य किसी तरह जान बचाकर ओरछा ब्लॉक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां उनका इलाज जारी है। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है। घटना की सूचना मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस हरकत में आ गई है। गांव में सुरक्षा बलों की तैनाती की जा रही है और हालात पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल मौके पर तनाव बरकरार है। 

गणतंत्र दिवस के दिन शुष्क दिवस पर शराब दुकानें रहेंगी बंद

कोरिया. गणतंत्र दिवस के अवसर पर 26 जनवरी 2026 को कोरिया, रायपुर जिले सहित प्रदेशभर में शुष्क दिवस रहेगा। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट चंदन संजय त्रिपाठी ने छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह आदेश जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार 26 जनवरी 2026 (सोमवार) को जिले की समस्त देशी, विदेशी एवं कम्पोजिट मदिरा की फुटकर दुकानें, एफ.एल.3(ग) पर्यटन बार, एफ.एल.4 (क) व्यवसायिक क्लब तथा सभी अहाते पूर्णतः बंद रहेंगे। यह आदेश आबकारी आयुक्त, छत्तीसगढ़ रायपुर के निर्देशों के परिपालन में जारी किया गया है। जिला प्रशासन ने संबंधित संचालकों एवं अनुज्ञापत्र धारकों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उल्लंघन की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

बीजापुर में इंद्रावती नदी पर नाव पलटने से परिवार के 4 लोग लापता

बीजापुर. बीजापुर में इंद्रावती नदी में डोंगी पलटने से एक ही परिवार के 4 लोग तेज बहाव में बह गए। लापता लोगों में दो महिलाएं और दो बच्चों शामिल हैं। डोंगी में कुल छह लोग सवार थे, जिनमें से दो को स्थानीय लोगों ने बचा लिया। यह घटना शाम करीब 5 बजे उसपरी झिल्ली घाट पर हुई। सभी पीड़ित इंद्रावती नदी पार स्थित बोड़गा गांव के निवासी थे। वे बाजार से अपने घर लौट रहे थे, तभी डोंगी अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे यह हादसा हुआ। तहसीलदार सूर्यकांत ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि राजस्व और स्वास्थ्य विभाग की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गई थीं। नगर सेना (होमगार्ड) को भी सूचित कर दिया गया है। नगर सेना की टीम आज सुबह मोटर बोट की सहायता से लापता लोगों की तलाश शुरू कर दी है। इंद्रावती नदी के पार स्थित दर्जनों गांवों के निवासियों के लिए पीडीएस राशन लाने या बाजार आने-जाने के लिए डोंगी ही एकमात्र साधन है। इस नदी के घाटों पर डोंगी पलटने से हर साल कई लोगों की जान चली जाती है।

राजनांदगांव में 31 तक नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के कारण 14 यात्री ट्रेनें रद्द

राजनांदगांव. राजनांदगांव नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के कारण 24 से 31 जनवरी तक कई यात्री ट्रेनें कैंसिल रहेगी। राजनांदगांव-कलमना तीसरी रेल लाइन को तुमसर यार्ड से जोड़ने कार्य चलेगा। इस कारण कई ट्रेनें कैंसिल रहेगी तो वहीं कुछ देरी से रवाना होगी और गंतव्य से पहले समाप्त होगी। ऐसे में दुर्ग से नागपुर के बीच रेल यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। सप्ताहभर रेल यात्रियों को अपनी यात्रा पूरी करने दूसरे विकल्पों का सहारा लेना पड़ेगा। वहीं जो ट्रेनें चलेगी उसमें दबाव बढ़ने के कारण यात्रियों को कष्टदायक यात्रा करनी पड़ सकती है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर रेल मंडल में राजनांदगांव-कलमना तीसरी रेल लाइन परियोजना अंतर्गत अधोसंरचना विकास कार्य प्रगति पर है। यह परियोजना भविष्य में यात्री सुविधाओं के विस्तार, नई ट्रेनों के परिचालन तथा ट्रेनों की समय बद्धता बढ़ाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इसी क्रम में तुमसर रोड यार्ड पर राजनांदगांव-नागपुर तीसरी लाइन परियोजना से संबंधित नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य किया जाएगा। इस कार्य के कारण 24 से 31 जनवरी तक कुछ यात्री गाड़ियों के परिचालन पर प्रभाव पड़ेगा। जिससे यात्रियों की परेशानी और बढ़ सकती है। दुर्ग से गोंदिया और इतवारी तक इन ट्रेनों को किया रद्द रेलवे ने 24 से 31 जनवरी तक गाड़ी संख्या 58817 तुमसर रोड-तिरोडी पैसेंजर, 58816 तिरोडी-तुमसर रोड पैसेंजर, 58815 इतवारी-तिरोडी पैसेंजर, 58818 तिरोडी-तुमसर रोड पैसेंजर, 68715 बालाघाट- इतवारी तिरोडी मेमू, 68714 इतवारी- बालाघाट मेमू कैंसिल रहेगी। 28 से 31 जनवरी तक 68741 दुर्ग-गोंदिया मेमू, 68743 गोंदिया-इतवारी मेमू, 68744 इतवारी- गोंदिया मेमू, 68742 गोंदिया-दुर्ग मेमू, 68711 डोंगरगढ़- गोंदिया मेमू, 68713 गोंदिया- इतवारी मेमू, 68716 इतवारी- गोंदिया मेमू, 68712 गोंदिया-डोंगरगढ़ मेमू को कैंसिल किया गया है।

रायपुर पुलिस कमिश्नर की दौड़ में रामगोपाल गर्ग सबसे आगे

रायपुर. विष्णुदेव साय सरकार ने रायपुर में पुलिस कमिश्नर बिठाने का फैसला कर लिया था और आज शाम को राजपत्र में अधिसूचना जारी होने के बाद सेटअप के हिसाब से आईपीएस अफसरों की कुर्सी तय करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि यह लिस्ट थोड़ी लंबी हो सकती है, क्योंकि पुलिस कमिश्नर के साथ कुंछ जिले के आईजी और पुलिस अधीक्षक भी प्रभावित हो सकते हैं। पुलिस कमिश्नर के रूप में दुर्ग आईजी रामगोपाल गर्ग का नाम सबसे आगे है। सटीक अनुमान गर्ग पर भी लगाया नहीं जा सकता क्योंकि अमरेश मिश्रा तेज तर्रार अफसर माने जाते है, उनकी पुलिसिंग करने की तारीफ शासन द्वारा भी की जा चुकी है। अगर इनका आदेश जारी हुआ तो दुर्ग आईजी बदलना तय माना जा रहा है। इनके अलावा भी एकाध आईजी प्रभावित हो सकते हैं। बहरहाल, जिस रेंज के आईजी को कमिश्नर बनाया जाएगा, वहां नए आईजी की पोस्टिंग की जाएगी। पुलिस कमिश्नर के बाद सबसे ज्यादा चर्चा रायपुर ग्रामीण एसपी की तैनाती की हो रही है। इसके लिए अटकल लगाई जा रही है कि किसी प्रमोटिव आईपीएस अफसर को यह जिम्मेदारी दी जा सकती है, यह अफसर डीआईजी स्तर का होगा। रायपुर पुलिस जोन में आईजी रहेंगे और वर्तमान आईजी अमरेश मिश्रा को ही यह प्रभार दिया जाएगा। ग्रामीण रेंज में रायपुर ग्रामीण, बलौदाबाजार, धमतरी, महासमुंद और गरियाबंद जिले रहेंगे। याने अमरेश मिश्रा के प्रभार में पांच जिले यथावत रहेंगे।

अंगदान को मिले राजकीय सम्मान की मांग: डॉ. रमन सिंह ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र”

अंगदान को मिले राजकीय सम्मान” विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र मृत्योपरांत अंगदान को बढ़ावा देने से चिकित्सीय क्षेत्र और मानवता का उत्थान संभव : विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह का मुख्यमंत्री से राजकीय सम्मान देने का आग्रह रायपुर,  छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने राज्य में अंगदान को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और मानवीय पहल करते हुए माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर यह आग्रह किया है कि मृत्योपरांत अंगदान करने वाले व्यक्तियों को “राजकीय सम्मान” प्रदान करने की नीति पर गंभीरता से विचार किया जाए। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने पत्र में श्री सुरेश खांडवे (अध्यक्ष सर्वधर्म सेवा संस्था, भिलाई) की माँग को आगे बढ़ाते हुए उल्लेख किया है कि देश में अंगदान की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। वर्तमान में प्रति 10 लाख जनसंख्या पर मात्र 0.34 प्रतिशत लोग ही अंगदान कर रहे हैं, जबकि आँख, किडनी, लीवर जैसे महत्वपूर्ण अंगों की अनुपलब्धता के कारण हर वर्ष लाखों लोगों की असमय मृत्यु हो जाती है। यदि अंगदान को सामाजिक सम्मान और सरकारी मान्यता मिले, तो इस संकट को काफी हद तक कम किया जा सकता है। डॉ. रमन सिंह ने पत्र में यह भी लिखा है कि छत्तीसगढ़ राज्य अंगदान के मामले में देश के कई अन्य राज्यों की तुलना में पीछे है, जबकि तमिलनाडु और कर्नाटक जैसे राज्यों ने अंगदाताओं को राजकीय सम्मान देने की घोषणा कर उल्लेखनीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। इन राज्यों में इस निर्णय के बाद अंगदान के प्रति जनजागरूकता और सहभागिता में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। विधानसभा अध्यक्ष ने अपने पत्र में यह भी बताया कि सर्वधर्म सेवा संस्था, (छ.ग.) के अध्यक्ष श्री सुरेश खांडे द्वारा राज्य में मृत्योपरांत अंगदान करने वालों को राजकीय सम्मान दिए जाने की मांग की गई है, जिसे जनहित में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया है। डॉ. रमन सिंह ने माननीय मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि जनहित को सर्वोपरि रखते हुए इस विषय पर सकारात्मक निर्णय लिया जाए तथा संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश देकर उपयुक्त कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, ताकि छत्तीसगढ़ में अंगदान को सामाजिक स्वीकृति, सम्मान और प्रेरणा मिल सके।

मुख्यमंत्री साय शहीद शिरोमणि गैंदसिंह के 201वें शहादत दिवस एवं श्रद्धांजलि सभा कार्यक्रम में हुए शामिल

शहीद गैंदसिंह के नाम पर चौक, मूर्ति स्थापना और सामाजिक केंद्रों की घोषणा रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज के तत्वावधान में साइंस कॉलेज ग्राउंड रायपुर में आयोजित शहीद शिरोमणि गैंदसिंह के 201वें शहादत दिवस एवं श्रद्धांजलि सभा कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने महान जनजातीय नायक एवं स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत शहीद गैंदसिंह का पुण्य स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने शहीद गैंदसिंह के सम्मान में नया रायपुर में चौक के नामकरण एवं मूर्ति स्थापना, चंगोराभाटा स्थित समाज के सामुदायिक भवन के जीर्णोद्धार, तथा बालोद जिले के देवरी, कांकेर जिले के मरकाटोला, दानीटोला, नगरी, डोंगरगांव एवं बस्तर जिले के भानपुरी तथा करूटोला में हल्बा समाज के सामाजिक केंद्रों के निर्माण हेतु प्रत्येक स्थान के लिए 10-10 लाख रुपये प्रदान किए जाने की घोषणा की। इसके साथ ही ग्राम कितूर में रंगमंच निर्माण तथा चपका बस्तर में श्रीराम मंदिर के जीर्णोद्धार की भी घोषणा मुख्यमंत्री द्वारा की गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि जनजातीय समाज का इतिहास अत्यंत गौरवशाली और समृद्ध रहा है। उन्होंने कहा कि देश में स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत भले ही वर्ष 1857 से मानी जाती है, किंतु उससे बहुत पहले ही छत्तीसगढ़ की धरती पर जनजातीय क्रांतियों की गूंज सुनाई देने लगी थी। महान क्रांतिकारी शहीद गैंदसिंह अंग्रेजी हुकूमत से संघर्ष करते हुए वर्ष 1825 में शहीद हुए, और उस कालखंड में भी आदिवासी समाज ने आजादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में एक-दो नहीं बल्कि कुल 14 जनजातीय क्रांतियां हुईं, जिन्होंने अंग्रेजों की सत्ता की नींव हिला दी। यह धरती शहीद वीर नारायण सिंह, शहीद गैंदसिंह और वीर गुण्डाधुर जैसे महान जननायकों की भूमि रही है। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यवश इन वीरों और जनजातीय नायकों को लंबे समय तक इतिहास के पन्नों में उचित स्थान नहीं मिला। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनजातीय नायकों के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हुई 14 जनजातीय क्रांतियों पर आधारित ट्राइबल म्यूजियम नया रायपुर में निर्मित किया गया है, जिसका लोकार्पण स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया। इस संग्रहालय में इन सभी क्रांतियों का सचित्र विवरण एवं गहन जानकारी प्रस्तुत की गई है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि सभी लोग इस म्यूजियम का अवश्य अवलोकन करें, ताकि छत्तीसगढ़ की बलिदानी धरती में जनजातीय नायकों के योगदान को भली-भांति समझा जा सके। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज देश के सर्वोच्च पद पर जनजातीय समाज की बेटी राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू आसीन हैं और छत्तीसगढ़ प्रदेश का नेतृत्व भी जनजातीय समाज के बेटे के हाथों में है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिए। उनके नेतृत्व में जनजातीय कार्य मंत्रालय का गठन किया गया, जो आज हजारों करोड़ रुपये के बजट के साथ जनजातीय समाज के विकास को नई दिशा दे रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय ऐतिहासिक है। धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना एवं प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से जनजातीय समाज के कल्याण की नई इबारत लिखी जा रही है। जनजातीय बहुल क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का कार्य राज्य सरकार द्वारा प्राथमिकता से किया जा रहा है। इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान भी प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे पुरखों ने शिक्षा को विकास का मूलमंत्र बताया है। शिक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय प्रगति की है और आज प्रदेश में आईआईएम, आईआईटी और एम्स जैसे राष्ट्रीय स्तर के संस्थान संचालित हो रहे हैं। उन्होंने समाज के प्रबुद्धजनों से शिक्षा को बढ़ावा देने, शासन की योजनाओं की जानकारी समाज तक पहुंचाने तथा युवाओं को अपने अधिकारों और लक्ष्यों के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अंचल में नक्सलवाद लंबे समय तक विकास में सबसे बड़ी बाधा रहा है, किंतु डबल इंजन सरकार के संकल्प और हमारे सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से इस बाधा को दूर किया जा रहा है। वर्षों से विकास से वंचित इस अंचल में अब विकास की नई धारा प्रवाहित हो रही है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि शहीद गैंदसिंह छत्तीसगढ़ के पहले वीर शहीद जननायक थे, जिन्होंने वर्ष 1824-25 में अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध संघर्ष का बिगुल फूंका। उन्होंने अंग्रेजों द्वारा संसाधनों की लूट और आदिवासियों के शोषण के खिलाफ साहसिक संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के जनजातीय नायकों का योगदान अतुलनीय रहा है। कार्यक्रम में अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज के केंद्रीय अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र माहला, महामंत्री गिरवर सिंह ठाकुर, महेश गागड़ा सहित समाज के अनेक गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।