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घना कोहरा और ठंड बढ़ने की चेतावनी, छत्तीसगढ़ के कई जिलों में सतर्कता

रायपुर छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड का सितम जारी है. राज्य के मध्य हिस्से में अगले दो दिन शीतलहर के हालात बनने और उत्तरी इलाके में सुबह के वक्त घना कोहरा रहने का अलर्ट मौसम विभाग द्वारा जारी किया गया है. वहीं अगले दो दिनों तक 6 जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा 7 जिलों में कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के अनुसार, सरगुजा संभाग के जिलों में कुछ स्थानों पर मध्यम से घना कोहरा छा सकता है. वहीं बिलासपुर संभाग के जिलों में भी एक-दो स्थानों पर कोहरे की स्थिति बनने की संभावना है. अगले दो दिनों तक तापमान में विशेष बदलाव के आसार नहीं हैं. इसके बाद 3 दिनों में 1-2 डिग्री सेल्सियस तापमान बढ़ सकता है. पिछले चौबीस घंटे में माना समेत कई इलाकों का तापमान एक बार फिर 10 डिग्री से नीचे जा चुका है. प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 30.0 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में दर्ज किया गया. वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया. 6 जिलों में शीतलहर का अलर्ट, 7 जिलों में छाए रहेगा कोहरा मौसम विभाग ने आगामी दो दिनों के लिए रायपुर, खैरागढ़- छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, कबीरधाम और बेमेतरा जिलों के एक दो पैकेट में शीतलहर चलने की संभावना जताई है. इसी तरह 21 दिसंबर तक गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी- भरतपुर, सूरजपुर, सरगुजा, जशपुर और बलरामपुर जिलों में मध्यम से घना कोहरा छाए रहने की संभावना जताई है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? राजधानी रायपुर में आज सुबह के वक्त कुहासा छाए रहने की संभावना जताई गई है. अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस के करीब रहने के आसार हैं.

बहादुर बच्चों के लिए बड़ा सम्मान: राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार, आवेदन की अंतिम तारीख आज

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा अदम्य साहस, शौर्य, वीरता और बुद्धिमत्ता का परिचय देने वाले बच्चों को सम्मानित करने के लिए प्रतिष्ठित राज्य वीरता पुरस्कार के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं. यह पुरस्कार उन बालक-बालिकाओं को समर्पित है, जिन्होंने किसी विशेष घटना में निःस्वार्थ भाव से किसी जीवन को बचाने या गंभीर क्षति से संरक्षित करने का साहसिक कार्य किया हो. पुरस्कार के लिए पात्रता में आवेदक की आयु 18 वर्ष से कम होना अनिवार्य है. घटना की अवधि 1 जनवरी 2025 से 15 दिसंबर 2025 के बीच की होनी चाहिए. चयनित बच्चों को 25,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि, मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा. इच्छुक अभ्यर्थी अपने आवेदन 20 दिसंबर 2025 तक संबंधित जिला महिला एवं बाल विकास कार्यालय में जमा कर सकते हैं. पुरस्कार से संबंधित विस्तृत जानकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.cgwcd.gov.in पर उपलब्ध है.

उप मुख्यमंत्री साव ने बघेल पर निशाना साधा, कहा- ऐसे लोग सवाल उठाएं तो…

रायपुर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए जाने पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने तंज कसते हुए कहा कि 5 साल तक कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ को भयभीत करके रखा था. ऐसे लोग सवाल उठाए तो अच्छा नहीं है. नशे-नक्सलवाद के खिलाफ लगातार कार्रवाई हुई है. घटना हो रही है, उस पर त्वरित कार्रवाई हो रही है. अपराधी कितना भी बड़ा बख्शा नहीं जा रहा है. भोपाल रवाना होने से पहले उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि शहरी आवास भारत सरकार की बैठक में शामिल होने जा रहा हूं. चार राज्यों के शहरी आवास मंत्रियों की बैठक है. केंद्र परिवर्तित योजना की समीक्षा होगी. वहीं नया रायपुर को तहसील बनाने की प्रस्ताव पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि नया रायपुर को तहसील बनाने के लिए सूचना का प्रकाशन हुआ है. लोगों से दावा-आपत्ति भी मंगाया गया है. बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में छत्तीसगढ़ की भागीदारी पर अरुण साव ने कहा कि पार्टी के संविधान में एक प्रक्रिया है. राष्ट्रीय परिषद के सदस्य मतदाता होते हैं. चुनाव के लिए विधिवत रूप से पूरी प्रक्रिया होगी. लोकतांत्रिक तरीके से पार्टी में चुनाव होता है.

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट: पति ने 2 साल तक खर्च नहीं दिया तो मुस्लिम महिला ले सकती है तलाक

 बिलासपुर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने मुस्लिम कानून के तहत दिए गए एक अहम फैसले में स्पष्ट किया है कि यदि पति लगातार दो वर्ष तक पत्नी को भरण-पोषण नहीं देता है, तो पत्नी को तलाक लेने का कानूनी अधिकार है। कोर्ट ने फैमिली कोर्ट द्वारा पारित तलाक की डिक्री को सही ठहराते हुए पति की याचिका खारिज कर दी। हालांकि, पत्नी द्वारा लगाए गए क्रूरता के आरोप को कोर्ट ने स्वीकार नहीं किया। यह मामला झारखंड के बोकारो जिले की एक मुस्लिम महिला से जुड़ा है, जिसका निकाह छत्तीसगढ़ निवासी व्यक्ति से 30 सितंबर 2015 को मुस्लिम रीति-रिवाज से हुआ था। निकाह के 15 दिन बाद ही दंपती के बीच विवाद शुरू हो गया। इसके बाद पत्नी मायके चली गई और तब से वहीं रह रही है। इस दौरान पति-पत्नी के बीच अलगाव बना रहा। पत्नी ने फैमिली कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि पति ने मई 2016 से अब तक उसे कोई भरण-पोषण नहीं दिया। मुस्लिम विवाह विच्छेद अधिनियम, 1939 की धारा 2(II) के तहत दो वर्ष तक भरण-पोषण न देना तलाक का वैध आधार है। फैमिली कोर्ट ने दस्तावेजों के आधार पर पत्नी की याचिका स्वीकार करते हुए तलाक की डिक्री पारित कर दी। इस फैसले को पति ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन डिवीजन बेंच ने तलाक के आधार को सही मानते हुए याचिका खारिज कर दी। भरण-पोषण न देना बना तलाक का आधार हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मुस्लिम कानून में पत्नी का भरण-पोषण पति की कानूनी जिम्मेदारी है। यदि पति लगातार दो वर्ष तक यह जिम्मेदारी नहीं निभाता, तो पत्नी को तलाक मांगने का अधिकार है, चाहे वह पति से अलग रह रही हो। कोर्ट ने पाया कि लगभग आठ वर्षों तक पति ने कोई भरण-पोषण नहीं दिया, जो कानूनन गंभीर चूक है। क्रूरता के आरोप से राहत कोर्ट ने यह भी कहा कि पत्नी द्वारा लगाए गए क्रूरता के आरोप पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव में साबित नहीं हो सके। इससे पहले ट्रायल कोर्ट भी पति और उसके स्वजन को आईपीसी की धारा 498ए सहित अन्य धाराओं में बरी कर चुका था। इसी आधार पर हाई कोर्ट ने क्रूरता के आरोप को खारिज करते हुए पति को इस बिंदु पर राहत दी, लेकिन तलाक की डिक्री को बरकरार रखा।

पारदर्शी धान खरीदी मॉडल: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में मजबूत हो रही किसानों की अर्थव्यवस्था

रायपुर, छत्तीसगढ़ सरकार की किसान हितैषी नीतियों का जीवंत प्रमाण जीपीएम जिले के उपार्जन केंद्र गौरेला में दिखाई दे रहा है, जहां समर्थन मूल्य पर धान खरीदी सुचारू और पारदर्शी ढंग से चल रही है। ग्राम नेवसा मदरवानी के किसान जगन्नाथ यादव ने इस व्यवस्था की खुलकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व में लागू की गई यह पारदर्शी नीति न केवल किसानों को उनकी मेहनत का सही फल दे रही है, बल्कि उन्हें वास्तविक खुशहाली की राह पर ले जा रही है। किसान जगन्नाथ यादव ने विस्तार से बताया कि राज्य सरकार द्वारा निर्धारित 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी हो रही है, जो किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का बड़ा माध्यम बन गई है। प्रति एकड़ औसतन 21 क्विंटल धान उत्पादन से किसानों को पर्याप्त आय सुनिश्चित हो रही है। इस वर्ष उन्होंने अपनी 4 एकड़ 46 डिसमिल भूमि में धान की खेती की और प्रथम टोकन के तहत 50 क्विंटल धान उपार्जन केंद्र गौरेला लेकर आए हैं। यादव ने कहा कि ‘‘टोकन तुहर हाथ‘‘ ऐप की बदौलत घर बैठे टोकन प्राप्त हो जाने से उन्हे बहुत सहुलियत हो रही है, जिससे उपार्जन केंद्रों के चक्कर लगाने की जरूरत ही नहीं पड़ती। इससे समय, श्रम और ईंधन की बचत हो रही है। पूरी खरीदी प्रक्रिया अत्यंत सहज और त्रुटिरहित है। न तो कोई गड़बड़ी, न देरी और न ही तनाव का नामोनिशान। त्वरित भुगतान और पूर्ण पारदर्शिता ने किसानों का सरकार पर विश्वास और दृढ़ कर दिया है। जगन्नाथ यादव सहित क्षेत्र के अन्य किसान इस व्यवस्था से उत्साहित हैं। छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल किसान कल्याण की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है, जो न केवल धान खरीदी को पारदर्शी बना रही है, बल्कि किसानों को आत्मनिर्भरता की ओर प्रेरित कर रही है। जिले के अन्य उपार्जन केंद्रों पर भी यही उत्साह देखने को मिल रहा है, जहां हजारों किसान लाभ उठा रहे हैं।

कोर्ट ने सौम्या चौरसिया को भेजा 14 दिन की रिमांड, 2500 करोड़ के शराब घोटाले का आरोप

 रायपुर शराब घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री की उपसचिव रही सौम्या चौरसिया को 14 दिन के लिए न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। ईडी ने उन्हें 16 दिसंबर को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद तीन दिन की रिमांड के बाद शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया। सौम्या के बयान के बाद ईओडब्ल्यू के केस में बंद पूर्व आबकारी आयुक्त निलंबित आईएएस निरंजन दास को ईडी ने गिरफ्तार किया है। सौम्या चौरसिया पर 115.5 करोड़ की अवैध कमाई का आरोप ईडी की जांच में राजफाश हुआ है कि सौम्या चौरसिया को लगभग 115.5 करोड़ रुपये की अवैध राशि प्राप्त हुई। एजेंसी का दावा है कि डिजिटल साक्ष्य, जब्त दस्तावेज और लिखित बयानों से यह साबित होता है कि सौम्या चौरसिया शराब सिंडिकेट की सक्रिय सदस्य थीं। ईडी के अनुसार, डिजिटल सबूत यह दर्शाते हैं कि सौम्या चौरसिया इस पूरे शराब घोटाले में मुख्य समन्वयक की भूमिका में थीं। वे शराब सिंडिकेट के प्रमुख सदस्यों अनिल टुटेजा, चैतन्य बघेल के बीच बिचौलिया बनकर अवैध धन के सृजन और उसके मनी लांड्रिंग में अहम भूमिका निभा रही थीं। आबकारी विभाग में पोस्टिंग में भी भूमिका जांच में सामने आया है कि सौम्या चौरसिया ने शराब सिंडिकेट की शुरुआती संरचना तैयार करने में भी मदद की। बरामद चैट्स से राजफाश हुआ है कि उन्होंने अरुण पति त्रिपाठी और निरंजन दास को आबकारी विभाग में महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त कराने में सहायता की, जिससे पूरे अवैध नेटवर्क को मजबूती मिली। 2500 करोड़ से अधिक का शराब घोटाला ईडी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह जांच एसीबी/ईओडब्ल्यू रायपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। जांच में सामने आया है कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के कारण राज्य सरकार को भारी राजस्व नुकसान हुआ और इस घोटाले से 2500 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध आय उत्पन्न हुई। इनकी हो चुकी है गिरफ्तारी- – अनिल टुटेजा (पूर्व आइएएस) – अरविंद सिंह, कारोबारी – त्रिलोक सिंह ढिल्लन, कारोबारी – अनवर ढेबर, कारोबारी – अरुण पति त्रिपाठी (आइएएस) – कवासी लखमा (विधायक एवं तत्कालीन आबकारी मंत्री) – चैतन्य बघेल (पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र) 4364 करोड़ के घोटाले में एजेंसी कर रही है जांच- – 500 करोड़ के अवैध कोल लेवी केस में ईडी ने गिरफ्तार किया। – 540 करोड़ के कोल लेवी केस में ईओडब्ल्यू ने गिरफ्तार किया। – 575 करोड़ के डीएमएफ घोटाला में ईओडब्ल्यू ने गिरफ्तार किया। – 49 करोड़ के आय से अधिक संपत्ति में ईओडब्ल्यू ने गिरफ्तार किया। – 3200 करोड़ के शराब घोटाले में ईडी ने अब फिर गिरफ्तार।

हाईकोर्ट की चेतावनी के बाद प्रशासन ने अवैध ढाबे पर चलाया बुलडोजर

मुंगेली बिलासपुर–रायपुर नेशनल हाईवे पर मुंगेली जिले में सरगांव के समीप संचालित अवैध ढाबे के विरुद्ध प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की गई. आमजन की सुरक्षा एवं सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई की गई है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, शासकीय भूमि पर अवैध निर्माण कर वहां पर बरमदेव ढाबा का संचालन किया जा रहा था. न्यायालय तहसीलदार सरगांव के द्वारा अवैध अतिक्रमण हटाने का आदेश पारित किया गया था बेजा कब्जा नहीं हटाने के कारण ढाबा संचालक के विरुद्ध बेदखली नोटिस जारी किया गया था. नोटिस जारी करने के उपरांत भी ढाबा नहीं हटाए जाने पर प्रशासन द्वारा यह कार्रवाई की गई है. उल्लेखनीय है कि बिलासपुर–रायपुर नेशनल हाईवे के किनारे सरगांव क्षेत्र में ढाबा एवं शराब दुकान के संचालन से सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए उच्च न्यायालय ने भी संज्ञान लिया. इसके पश्चात प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पथरिया एसडीएम रेखा चंद्रा, तहसीलदार अतुल वैष्णव एवं राजस्व अमले की उपस्थिति में मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में भी इस प्रकार के अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जाएंगे.इसके साथ ही दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु संबंधित सड़क मार्ग पर ब्लैक स्पॉट का चिन्हांकन, रंबल स्ट्रिप, रोड डिमार्केशन,हाई रेजोल्यूशन कैमरा सहित अन्य आवश्यक यातायात सुरक्षा व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई हैं.

धर्मांतरण पर गृह मंत्री विजय शर्मा का अपडेट: संशोधन के बाद आएगा नया कानून

कांकेर छत्तीसगढ़ के आमाबेड़ा में धर्मांतरण को लेकर गंभीर और तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है. इस मामले पर गृह मंत्री विजय शर्मा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि समाज के बड़े हिस्से में इस बात को लेकर नाराजगी है. भ्रमित करके लोगों का धर्मांतरण कराया जाता है. अचानक समाज का व्यक्ति अलग हो जाता है. ऐसी ही स्थिति कांकेर के आमाबेड़ा में हुई थी. अंतिम निष्कर्ष पर जाने की जरूरत है. वहां गंभीर और संघर्ष की स्थिति थी. कांकेर जिले में वर्तमान में सब ठीक है पर बड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी. समाज में बड़ा आक्रोश भी दिखा है. बता दें, कांकेर जिले के बड़े तेवड़ा गांव में धर्मांतरित व्यक्ति के शव दफन को लेकर भारी बवाल मचा हुआ है. आक्रोशित भीड़ ने चर्च में तोड़फोड़ करते हुए आग लगा दी. इसके अलावा सरपंच के घर में भी तोड़फोड़ की. इस दौरान आदिवासी और ईसाई समाज के बीच हिंसक झड़प हुई. स्थिति को नियंत्रित करने के दौरान झड़प में अंतागढ़ एडिशनल एसपी आशीष बंसोड़ गंभीर रूप से घायल हो गया. पुलिस ने लाठीचार्ज कर स्थिति को नियंत्रित किया। गांव में अब भी भारी तनाव का माहौल है. वहीं भारी विरोध के बीच प्रशासन ने शव को कब्र से निकालकर बाहर भेज दिया है. धर्म स्वतंत्रता अधिनियम पर विपक्ष के आरोपों पर जवाब धर्म स्वतंत्रता अधिनियम को लेकर विपक्ष के आरोपों पर गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि धर्म स्वतंत्रता अधिनियम के तहत अभी बिल आना था, शुद्धिकरण और संशोधन के लिए उसे रोका गया है. कांग्रेस को नारायणपुर का विषय भी याद होगा, आज वही क्षेत्र है, वही स्थिति है. यह समाज की चिंता का विषय है, इस पर राजनीति नहीं करनी चाहिए. स्पष्टता के साथ कहना चाहिए कि धर्मांतरण बंद हो. नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई तेज नशीले पदार्थों के खिलाफ चल रही कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री ने कहा कि नए साल से पहले प्रदेश में लगातार सख्त अभियान चलाया जा रहा है. राजधानी में हाल ही में करीब 80 लाख रुपये मूल्य की कोकीन जब्त की गई है. उन्होंने बताया कि एनडीपीएस एक्ट के तहत छत्तीसगढ़ में अभूतपूर्व कार्य हुआ है. उन्होंने आगे कहा कि एंड टू एंड इन्वेस्टिगेशन के लिए हमने काम किया है. पेडलर से लेकर कंज्यूमर सप्लायर तक पूरा चैन का इन्वेस्टिगेट किया जाएग। कांग्रेस के टैलेंट हंट पर कटाक्ष कांग्रेस द्वारा टैलेंट हंट के माध्यम से नए प्रवक्ता तलाशने को लेकर भी डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने तंज कसा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस कहीं से भी प्रवक्ता ले आए, लेकिन भाजपा प्रवक्ताओं के सामने नहीं टिक पाएंगे. उन्होंने आगे कहा कि राजनीति साधना जैसी है. लोगों के बीच और पहले से काम करने वालों का अनुभव अलग होता है. कहीं से भी किसी को अचानक ले आना ठीक नहीं है. जनता के बीच काम करके आएंगे तो अनुभव होगा. बीजेपी में मेहनत करके लोग शामिल होते हैं. बीजेपी में परिवार की राजनीति नहीं हैं. बीजेपी में इटली से भी आकर किसी को पार्टी का अध्यक्ष नहीं बनाते.

महत्वपूर्ण निर्णय: पत्नी का तलाक का हक सुरक्षित, मायके में रहने से प्रभावित नहीं होगा

बिलासपुर हाईकोर्ट ने मुस्लिम विवाह कानून से जुड़े एक मामले में अहम फैसला दिया है. कोर्ट ने साफ कहा है कि यदि पति लगातार दो वर्षों तक पत्नी का भरण-पोषण नहीं करता है, तो पत्नी को तलाक का अधिकार मिलेगा, भले ही वह अपने मायके में ही क्यों न रह रही हो. हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने यह टिप्पणी करते हुए फैमिली कोर्ट के तलाक आदेश को आंशिक रूप से सही ठहराया है. दरअसल, यह मामला कोरिया जिले के मनेंद्रगढ़ का है, जहां 30 सितंबर 2015 को मुस्लिम रीति-रिवाज से शादी हुई थी. विवाह के बाद पत्नी केवल 15 दिन ससुराल में रही और पारिवारिक विवाद के चलते मई 2016 से मायके में रहने लगी. पत्नी का आरोप था कि पति ने उसके नाम की 10 लाख रुपए की एफडी तुड़वाने का दबाव बनाया, जिसके बाद उसने घरेलू हिंसा, 498-ए और भरण-पोषण से जुड़े मामले दर्ज कराए फैमिली कोर्ट ने इन तथ्यों के आधार पर विवाह विच्छेद का आदेश दिया था. हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि मुस्लिम विवाह विच्छेद अधिनियम, 1939 की धारा 2(ii) में कहीं भी यह शर्त नहीं है कि पत्नी पति के साथ ही रह रही हो. कोर्ट ने रिकॉर्ड के आधार पर माना कि वर्ष 2016 से करीब आठ वर्षों तक पत्नी को कोई भरण-पोषण नहीं दिया गया, जो तलाक के लिए पर्याप्त आधार है. हालांकि, कोर्ट ने फैमिली कोर्ट के उस निष्कर्ष को पलट दिया जिसमें पति पर पत्नी की संपत्ति हड़पने या उसके कानूनी अधिकारों में बाधा डालने का आरोप स्वीकार किया गया था. हाईकोर्ट ने कहा कि केवल एफडी तुड़वाने की मांग का आरोप पर्याप्त नहीं है, जब तक यह साबित न हो कि वास्तव में पत्नी की संपत्ति का दुरुपयोग किया गया. अंत में हाईकोर्ट ने भरण-पोषण न देने के आधार पर तलाक के आदेश को बरकरार रखते हुए संदेश दिया कि मुस्लिम महिलाओं के भरण-पोषण के अधिकारों की अनदेखी नहीं की जा सकती.

राज्य युवा महोत्सव को लेकर उत्साह, डिप्टी सीएम अरुण साव ने पोस्टर किया लॉन्च

14 विधाओं में दिखाएंगे अपनी प्रतिभा, विजेता प्रतिभागियों को राष्ट्रीय युवा महोत्सव में भाग लेने का मिलेगा मौका प्रेस-कॉन्फ्रेंस में महोत्सव के दौरान होने वाले प्रतियोगिताओं और कार्यक्रमों की दी जानकारी रायपुर, न्यायधानी बिलासपुर में आगामी 23 दिसम्बर से 25 दिसम्बर तक आयोजित राज्य युवा महोत्सव-2025 में 3100 युवा भागीदारी करेंगे। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा राज्य खेल प्रशिक्षण केंद्र बहतराई में इसका आयोजन किया जा रहा है। इसमें जिला स्तरीय युवा उत्सव के विजेता प्रतिभागी 14 विधाओं में अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। राज्य युवा महोत्सव के विजेता प्रतिभागी अगले वर्ष होने वाले राष्ट्रीय युवा महोत्सव में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेंगे। 23 दिसम्बर को महोत्सव के उद्घाटन समारोह में छत्तीसगढ़ की मेजबानी में होने वाले प्रथम खेलो इण्डिया ट्रायबल गेम्स की लॉन्चिंग सेरेमनी भी होगी। तीन दिवसीय इस आयोजन के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक एवं मंचीय कार्यक्रम भी होंगे। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने आज प्रेस-कॉन्फ्रेंस में राज्य युवा महोत्सव के दौरान होने वाले प्रतियोगिताओं और कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने अपने नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में आयोजित प्रेस-कॉन्फ्रेंस में महोत्सव के पोस्टर का विमोचन किया। राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार और संचालक तनूजा सलाम भी प्रेस-कॉन्फ्रेंस में मौजूद थीं। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस में बताया कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ने, उनकी प्रतिभा को निखारने तथा राष्ट्रीय स्तर पर उनके प्रतिभा के प्रदर्शन के लिए मंच प्रदान करने राष्ट्रीय युवा महोत्सव-2026 के तारतम्य में खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा जिला एवं राज्य स्तर पर युवा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। राज्य के सभी जिलों में युवा महोत्सव का जिला स्तरीय आयोजन 24 नवम्बर से 15 दिसम्बर तक किया गया था। जिला स्तर पर 14 विभिन्न विधाओं के विजेता प्रतिभागी राज्य स्तरीय युवा महोत्सव में हिस्सेदारी करेंगे। राज्य युवा महोत्सव में 14 विधाओं में प्रतियोगिताएं होंगी, जिनमें 8 दलीय विधाएं और 6 एकल विधाएं शामिल हैं। दलीय विधाओं में लोकनृत्य, पंथी नृत्य, राउत नाचा, सुआ नृत्य, करमा नृत्य, लोकगीत, रॉक बैंड और एकांकी की प्रतियोगिताएं होंगी। वहीं एकल विधाओं में वाद-विवाद, कहानी लेखन, चित्रकला, कविता लेखन, नवाचार (साइंस मेला) और पारंपरिक वेशभूषा शामिल हैं। राज्य युवा महोत्सव में दलीय विधाओं में प्रथम स्थान हासिल करने वाले प्रतिभागियों को 20 हजार रुपए, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वालों को 15 हजार रुपए एवं तृतीय स्थान पर रहने वाले प्रतिभागियों को 10 हजार रुपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी। एकल विधाओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को क्रमशः 5 हजार रुपए, 3 हजार रुपए एवं 2 हजार रुपए प्रदान किए जाएंगे। महोत्सव में भाग लेने वाले हर प्रतिभागी को एक-एक हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। राज्य युवा महोत्सव में सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं की 5 विधाओं लोकनृत्य, लोकगीत, वाद-विवाद, चित्रकला और कविता लेखन के विजेता प्रतिभागी नई दिल्ली में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय युवा उत्सव-2026 में भागीदरी करेंगे।   राज्य युवा महोत्सव के दौरान प्रसिद्ध कलाकारों के गायन, बैण्ड परफॉर्मेंस, कवि सम्मेलन जैसे विविध आयोजन भी होंगे। 23 दिसम्बर को उद्घाटन समारोह के दिन राज्य खेल प्रशिक्षण केन्द्र बहतराई में शाम 5 बजे से रात्रि 8 बजे तक आरूग बैण्ड (श्री अनुज शर्मा) की प्रस्तुति तथा नारायणपुर के प्रसिद्ध मल्लखंब का प्रदर्शन किया जाएगा। 23 दिसम्बर को ही बिलासपुर पुलिस ग्राउंण्ड में रात साढ़े 8 बजे से कवि सम्मेलन होगा, जिसमें प्रसिद्ध कवि डॉ. कुमार विश्वास एवं अन्य कवि कविता पाठ करेंगे। राज्य युवा महोत्सव के दूसरे दिन 24 दिसम्बर को राज्य खेल प्रशिक्षण केन्द्र बहतराई में शाम 6 बजे से काफिला बैण्ड एवं स्वप्निल लाइव बैण्ड की प्रस्तुति होगी। अंतिम दिन 25 दिसम्बर को शाम 6 बजे से सुश्री आरू साहू तथा दायरा (बस्तर) बैण्ड की प्रस्तुति होगी। समापन समारोह में विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित किए जाएंगे। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की उप संचालक श्रीमती रश्मि ठाकुर और कई विभागीय अधिकारी भी प्रेस-कॉन्फ्रेंस में उपस्थित थे।