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रायपुर: छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की 85वीं बोर्ड बैठक संपन्न, विलंबित ब्याज और वॉटर चार्जेस पर 50% छूट”

रायपुर : छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की 85वीं बोर्ड बैठक सम्पन्न विलंबित ब्याज एवं वॉटर चार्जेस पर सरचार्ज में 50% छूट रायपुर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की 85वीं बोर्ड बैठक आज नवा रायपुर स्थित हाउसिंग बोर्ड मुख्यालय में अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में आमजन को राहत पहुंचाने वाले कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने बताया कि हाउसिंग बोर्ड की स्ववित्तीय एवं भाड़ाक्रय श्रेणी में मकान प्राप्त करने वाले अनेक हितग्राही लंबे समय से अपनी किश्तें निर्धारित समय पर जमा नहीं कर पा रहे थे, जिसके कारण उन पर विलंबित अवधि का भारी ब्याज लग रहा था। हितग्राहियों की लंबे समय से चल रही मांग को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने निर्णय लिया है कि यदि हितग्राही अपनी संपूर्ण बकाया राशि एकमुश्त जमा करते हैं तो उन्हें विलंबित अवधि के ब्याज में 50 प्रतिशत छूट प्रदान की जाएगी। यह निर्णय सीधे तौर पर हजारों हितग्राहियों को आर्थिक राहत देगा। उन्होंने बताया कि जलप्रदाय शुल्क (वॉटर चार्जेस) का भुगतान समय पर नहीं करने पर लगने वाला सरचार्ज भी हितग्राहियों के लिए परेशानी का कारण था। बोर्ड ने इस विषय पर भी बड़ा फैसला लेते हुए घोषणा की है कि हाउसिंग बोर्ड की संपत्तियों पर लंबित वॉटर चार्जेस को यदि हितग्राही एकमुश्त जमा करते हैं तो उन पर भारित सरचार्ज में 50 प्रतिशत छूट दी जाएगी। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि हाउसिंग बोर्ड द्वारा विक्रय/आबंटित संपत्तियों के विक्रय विलेख के निष्पादन के साथ ही हितग्राहियों को उनका भौतिक कब्जा प्रदान कर दिया जाएगा, जिससे प्रक्रिया और पारदर्शी एवं सरल हो जाएगी। बैठक में हाल ही में BTI ग्राउंड, शंकर नगर रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय आवास मेले की सफलता पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के नेतृत्व में आयोजित इस मेले में 2060 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया था। मेले के दौरान 1477 मकानों के विरुद्ध लगभग 3500 आवेदन प्राप्त हुए, जिनका कुल मूल्य करीब 303 करोड़ रुपए है। आवेदन संख्या पर्याप्त होने पर लगभग 11 योजनाओं के लिए 15 दिनों के भीतर निविदा आमंत्रित कर निर्माण कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद टेक्निकल यूनिवर्सिटी, भिलाई द्वारा प्रदेश में उत्कृष्ट निर्माण कार्य करने के लिए छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया है। बैठक में आयुक्त श्री अवनीश कुमार शरण, विशेष सचिव आवास एवं पर्यावरण विभाग श्री डी.एस. भारद्वाज, विशेष सचिव वित्त विभाग श्रीमती शीतल शाश्वत, लोक निर्माण विभाग के प्रतिनिधि श्री जी.आर. रावटे, हुडको के क्षेत्रीय प्रमुख श्री के. सुरेश कुमार, नगर एवं ग्राम निवेश आयुक्त सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल से छत्तीसगढ़ मखाना बोर्ड का हिस्सा, 40 प्रतिशत अनुदान पर मखाना खेती को बढ़ावा

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयास से छत्तीसगढ़ मखाना बोर्ड में शामिल प्रदेश में मखाना की खेती को मिलेगा प्रोत्साहन  मखाना की खेती पर 40 और प्रसंस्करण यूनिट लगाने पर 50 प्रतिशत अनुदान  रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों से प्रदेश में मखाना की खेती को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ को मखाना बोर्ड में शामिल किया गया है। इस ऐतिहासिक फैसले से राज्य में मखाना की खेती कर रहे किसानों को नई दिशा और मजबूती मिलेगी। गौरतलब है कि हाल ही में धमतरी जिले में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय  कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ में मखाना की खेती के प्रयासों को देखते हुए मखाना बोर्ड के गठन की घोषणा की है। राज्य में हो रहे मखाने के उत्कृष्ट उत्पादन पर केन्द्रीय मंत्री चौहान ने प्रसन्नता भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि मखाना बोर्ड के माध्यम से किसानों को वैज्ञानिक खेती, जल प्रबंधन, प्रसंस्करण तकनीक और बाजार तक पहुच में सहायता दी जाएगी। इसी तारतम्य में कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव श्रीमती शहला निगार की अध्यक्षता में आज मिशन फार इंटिग्रेटेड डेव्हलपमेंट आफ हार्टिकल्चर अंतर्गत राज्य स्तरीय कार्यकारी समिति की बैठक सम्पन्न हुई।  बैठक में संचालक उद्यानिकी लोकेश कुमार ने बताया कि भारत सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 से सेंट्रल सेक्टर स्कीम फॉर डेवलपमेंट ऑफ़ मखाना प्रांरभ किया गया है। इस योजना में शत प्रतिशत केन्द्रीय अनुदान दिये जाने का प्रावधान है। योजना के तहत वर्ष 2025-26 में आगामी 4 माह हेतु 180 लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की गयी है। योजना के तहत तालाब में मखाना की खेती करने वाले किसानों को राशि 1.79 लाख रूपए की इकाई लागत के विरुद्ध 40 प्रतिशत की राशि 72000 रूपए का अनुदान देने का प्रावधान है। इसी तरह स्वयं के खेत में मखाना उत्पादन करने वाले कृषकों को राशि 1.32 लाख रूपए की इकाई लागत के विरुद्ध 40 प्रतिशत की राशि 53000 रूपए का अनुदान देने का प्रावधान है। साथ ही नए तालाब के निर्माण पर राशि 7.00 लाख की इकाई लागत के विरुद्ध 40 प्रतिशत  राशि .2.80 लाख का अनुदान देने का प्रावधान है। मखाना के प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन हेतु माइक्रो लेवल मखाना प्रसंस्करण इकाई के स्थापना बाबत इकाई लागत राशि 10 लाख रूपए पर 35 प्रतिशत का अनुदान दिए जाने का प्रावधान किया गया है। इसी तरह एफपीओ हेतु स्माल लेवल मखाना प्रसंस्करण इकाई के स्थापना बाबत इकाई लागत राशि 39 लाख रूपए पर 50 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है तथा निजी क्षेत्र हेतु इकाई लागत राशि 39 लाख रूपए पर 35 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है। लार्ज लेवल मखाना प्रसंस्करण इकाई के स्थापना बाबत इकाई लागत राशि 07 करोड़ रूप्ए पर 35 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है। मखाना की खेती को बढ़ावा देने हेतु योजना के तहत किसानों को प्रशिक्षण देने के साथ ही एक्पोजर विजिट भी कराया जा रहा है। मखाना खेती को प्रेरित करने हेतु इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय तथा महात्मा गाँधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय द्वारा मखाने की उत्कृष्ट खेती का प्रदर्शन भी किया जा रहा है।   

अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज एमसी मैरी कॉम से छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव की मुलाकात

नवा रायपुर  नवा रायपुर अटल नगर निवास कार्यालय में 6 बार के विश्व चैंपियन एवं ओलंपिक पदक विजेता, पदम् विभूषण से सम्मानित अंतरराष्ट्रीय महिला मुक्केबाज एमसी मैरी कॉम जी से छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव से सौजन्य भेंट हुई । इस दौरान उनकी मुलाकात में बस्तर ओलंपिक के आयोजन पर सकारात्मक चर्चा हुई, और अनुभव साझा किए गए । साथ ही छत्तीसगढ़ के युवाओं के खेल में सुधार के लिए हर संभव मदद की बात भी की गई ।   मैरी कॉम जी ने बस्तर ओलंपिक के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि दूरस्थ गांवों से पहुंचे युवाओं को देख उनकी पुरानी यादें ताजा हो गई। सरकार खेल को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। आगामी समय में प्रदेश को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मेडल जरूर मिलेगा।

रायपुर : आत्मनिर्भरता, खुशहाली और ग्रामीण प्रेरणा की अद्भुत मिसाल

रायपुर : आत्मनिर्भरता, खुशहाली और ग्रामीण प्रेरणा की अद्भुत मिसाल मनरेगा की डबरी से बदली रमेश की जिंदगी सब्जी उत्पादन और मछली पालन से आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर, गांव के लिए बने प्रेरणास्रोत रायपुर महात्मा गांधी नरेगा के डबरी निर्माण ने ग्राम पंचायत रेगड़ा के पट्टाधारी किसान रमेश के जीवन में नई आशाएं जगाई है। सिंचाई, मछली पालन और सब्जी उत्पादन से उनकी आय बढ़ी। पानी की कमी से जूझता जीवन अब खुशहाली में बदल रहा है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।           रायगढ़ जिले के ग्राम पंचायत रेगड़ा के वन अधिकार पट्टाधारी किसान रमेश के जीवन में मनरेगा के तहत निर्मित डबरी ने वह बदलाव लाया जिसकी उन्हें वर्षों से तलाश थी। पहले रमेश की खेती पूरी तरह वर्षा पर आधारित थी, जिससे उत्पादन सीमित होता था और आय भी अनिश्चित रहती थी। कठिन परिश्रम करने के बावजूद परिवार की आजीविका पर हमेशा संकट बना रहता था। परंतु मनरेगा के माध्यम से उनके खेत में कराए गए डबरी निर्माण कार्य ने उनकी जिंदगी की दिशा ही बदल दी। कठिन मिट्टी और चट्टानों से भरे क्षेत्र में डबरी बनाना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन तकनीकी सहायक, रोजगार सहायक और मेट के मार्गदर्शन में कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया गया। इस प्रक्रिया में 652 मानव दिवस सृजित हुए, जिससे ग्रामीणों को तात्कालिक रोजगार और आय का अवसर मिला। डबरी निर्माण से स्थायी आजीविका स्रोत       डबरी निर्माण के बाद रमेश के खेत में वर्षभर सिंचाई उपलब्ध हो गई। इसका प्रत्यक्ष लाभ उन्हें खेती में मिला। अब उनके खेत में धान, मूंगफली, तरबूज, केला तथा विविध सब्जियों का उत्पादन होने लगा है। इससे न केवल उनके कृषि उत्पादन में वृद्धि हुई, बल्कि अतिरिक्त आय का मार्ग भी खुला। साथ ही डबरी में मछली पालन की शुरुआत ने उन्हें एक और स्थायी आजीविका स्रोत प्रदान किया। डबरी निर्माण से खुशहाली और आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़ रहा है रमेश     मनरेगा के प्रभावी क्रियान्वयन ने यह सिद्ध कर दिया कि यदि सरकारी योजनाओं को ईमानदारी और सही दिशा में लागू किया जाए, तो ग्रामीण जीवन में स्थायी बदलाव संभव है। आज रमेश का परिवार आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रहा है और उनकी तरक्की की कहानी पूरे गांव के लिए प्रेरणा बन चुकी है। ग्राम पंचायत रेगड़ा में निर्मित यह डबरी आज रोजगार, विकास और समृद्धि का नया प्रतीक है। रमेश गर्व से कहते हैं “डबरी ने हमारे जीवन में स्थायी खुशहाली और आत्मनिर्भरता की नई राह खोल दी है।”

रायपुर : प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना ने बदली किसानों की किस्मत

रायपुर  प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY)  2025-26 से शुरू की गई, जिसका लक्ष्य 100 कम प्रदर्शन वाले कृषि जिलों में 1.7 करोड़ किसानों की आय और कृषि उत्पादकता बढ़ाना है, जिसके लिए 11 मंत्रालयों की 36 योजनाओं को समन्वित किया गया है। इसे सिंचाई, भंडारण, आसान ऋण तथा फसल विविधीकरण पर ध्यान केंद्रित किया गया है, ताकि किसानों को आत्मनिर्भर बनाया जा सके किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी            खेती-किसानी आधारित जिले जशपुर में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY) किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की कृषि-उन्मुख नीतियों और प्रदेश में योजनाओं की तेज गति से क्रियान्वयन के कारण किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर बीज, सिंचाई सहायता और कृषि विभाग के निरंतर मार्गदर्शन का व्यापक लाभ मिल रहा है। इससे किसान अब कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं। जिले के बगीचा विकासखंड के किसान श्री सुधीर लकड़ा (उरांव) इस योजना के प्रत्यक्ष लाभार्थी के रूप में सामने आए हैं। उत्पादकता में हुआ सुधार           श्री सुधीर लकड़ा के पास कुल 3.400 हेक्टेयर भूमि है, जिसमें उन्हें समय-समय पर शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला है। आत्मा योजना के तहत ग्रीष्मकालीन मक्का कार्यक्रम, डीएमएफ मद से ट्रैक्टर और कृषि यंत्रों की उपलब्धता तथा सौर सुजला योजना के अंतर्गत सोलर सिंचाई सुविधा ने उनकी खेती को सुगम और कम लागत वाला बनाया है। कृषि विभाग के सहयोग से उन्हें खेती के आधुनिक तौर-तरीकों को अपनाने का अवसर मिला, जिससे उनकी उत्पादकता में सुधार हुआ। किसान की आय में हुई बढ़ोत्तरी           प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत स्थानीय कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा उन्हें धान के स्थान पर प्री-बीज ग्रेड मक्का की खेती करने की सलाह दी गई। विभाग द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराए गए 08 किलोग्राम मक्का बीज से उन्होंने 0.400 हेक्टेयर क्षेत्र में फसल लगाई। उचित देखरेख, पोषक तत्व खाद, दवाइयों और तकनीकी मार्गदर्शन के परिणामस्वरूप उन्हें लगभग 10 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ, जिससे उनकी कुल आय करीब 15,000 रुपये तक पहुँची। कृषि में आधुनिक तकनीक के उपयोग को  मिल रहा बढ़ावा         (PMDDKY)योजना के माध्यम से क्षेत्र में फसल उत्पादन में वृद्धि, सिंचाई सुविधाओं में सुधार, भंडारण क्षमता विकास तथा कृषि में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा मिल रहा है। यह योजना अनाज, दलहन, तिलहन में आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के साथ ही मशीनीकरण, जैविक खेती और किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। फसल की गुणवत्ता सुधारने में मदद           श्री सुधीर लकड़ा बताते हैं कि इस योजना ने उनकी खेती का स्वरूप बदल दिया है। विभाग से प्राप्त प्रशिक्षण, उन्नत बीज और समय पर सलाह ने उनकी फसल की गुणवत्ता सुधारने में मदद की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई यह किसान-हितैषी योजना और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र को मिल रहा समर्थन उनकी आमदनी बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित हुआ है। कृषि आधारित रोजगार से जोड़ने पर भी विशेष ज़ोर           प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का उद्देश्य कृषि क्षेत्र को आधुनिक और सशक्त बनाते हुए किसानों की आय को वर्ष 2030 तक दोगुना करना है। योजना के तहत गुणवत्तापूर्ण बीज और तकनीक के माध्यम से उत्पादन में 20-30 प्रतिशत की बढ़ोतरी, अनाज-दलहन- तिलहन में आत्मनिर्भरता, ड्रिप/स्प्रिंकलर सिंचाई से मानसून पर निर्भरता में कमी, कटाई के बाद होने वाले नुकसान को 5 प्रतिशत तक घटाने हेतु भंडारण क्षमता का विस्तार, जैविक कृषि और मशीनीकरण को बढ़ावा देने जैसे कदम शामिल हैं। साथ ही महिलाओं और युवाओं को डेयरी, मत्स्य पालन और मुर्गी पालन जैसी गतिविधियों में सहयोग देकर उन्हें कृषि आधारित रोजगार से जोड़ने पर भी विशेष ज़ोर दिया गया है।

रायपुर : डबरी निर्माण से ग्रामीण आजीविका को मिल रही नई दिशा

रायपुर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनती जा रही है। इसी कड़ी में डबरी निर्माण कार्य न सिर्फ ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध करा रहा है, बल्कि उनकी आजीविका का सशक्त जरिया भी बन रहा है। वर्तमान में जल संरक्षण एवं संवर्धन को बढ़ावा देते हुए  कोंडागांव जिले में डबरी निर्माण पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीण परिवार कई तरह से लाभान्वित हो रहे हैं। डबरी निर्माण से जल भराव की सुविधा बढ़ती है, जिससे वर्षभर कृषि कार्य, सब्जी उत्पादन, मत्स्य पालन और बतख पालन जैसे आयमूलक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है। यह स्थानीय स्तर पर जल संचयन को मजबूत करता है और ग्रामीणों को अतिरिक्त आजीविका स्रोत प्रदान करता है। मनरेगा के तहत नवीन डबरी निर्माण ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव एवं मांग के आधार पर स्वीकृत किए जा रहे हैं। निर्माण से पूर्व वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप भूमि की जांच की जा रही है, ताकि निर्माण उपरांत पानी का पर्याप्त भराव सुनिश्चित हो सके। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अविनाश भोई ने जानकारी दी कि जिले में इस वर्ष अब तक कुल 384 डबरियों की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि प्रति ग्राम पंचायत 5 से 10 डबरी निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जो मांग एवं उपलब्ध स्थल के आधार पर स्वीकृत किए जाएंगे। इस पहल से ग्रामीणों की आय में वृद्धि होगी तथा “मोर गाँव-मोर पानी” महाभियान का उद्देश्य भी पूरा होगा।

रायपुर : बुजुर्गों को अब पेंशन राशि सीधे आश्रम में ही उपलब्ध होगी

रायपुर : बुजुर्गों को अब पेंशन राशि सीधे आश्रम में ही उपलब्ध होगी आशा निकेतन के बुजुर्गों के लिए बड़ी राहत रायपुर वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानजनक और सहज जीवन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से समाज कल्याण विभाग ने एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील पहल की है। वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन के लिए अब वरिष्ठ नागरिकों को बैंक तक जाने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि सीएससी प्रबंधक आश्रम आकर उन्हे पेंशन की राशि का भुगतान करेंगें। रायगढ़ जिले के राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित पेंशन योजनाओं का लाभ आशा निकेतन वृद्धाश्रम, कौहाकुण्डा में निवासरत पात्र बुजुर्गों को नियमित रूप से मिलता है, लेकिन पेंशन राशि प्राप्त करने के लिए उन्हें अब तक बैंक जाकर लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता था। बढ़ती उम्र, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ और आवागमन की कठिनाइयाँ इस प्रक्रिया को और अधिक चुनौतीपूर्ण बना रही थीं। सीएससी प्रबंधक द्वारा आधार आधारित भुगतान व्यवस्था            वरिष्ठ नागरिकों के इन कठिनाइयों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर रायगढ़ के मार्गदर्शन में समाज कल्याण विभाग ने तत्काल पहल करते हुए सीएससी प्रबंधक को निर्देशित कर पत्र जारी किया कि प्रतिमाह 10 तारीख तक आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से ही वृद्धाश्रम परिसर में पेंशन राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। निर्देश मिलते ही सीएससी प्रबंधक एवं संबंधित वीएलई द्वारा आधार आधारित भुगतान व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू कर दिया गया है।   आश्रम परिसर में ही उपलब्ध करा दी जाएगी पेंशन की राशि          नई व्यवस्था लागू होने के साथ ही अब वृद्धाश्रम के वरिष्ठ नागरिकों को पेंशन निकालने के लिए बैंक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। हर माह निर्धारित तिथि पर पेंशन राशि सीधे आश्रम परिसर में ही उपलब्ध करा दी जाएगी। यह व्यवस्था न केवल समय और ऊर्जा की बचत करेगी, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों की गरिमा और सुरक्षा को भी प्राथमिकता देगी। समाज कल्याण विभाग के उप संचालक श्री शिवशंकर पांडे ने बताया कि विभाग का उद्देश्य वरिष्ठजनों को सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सरल, सुरक्षित और बिना किसी परेशानी के उपलब्ध कराना है। पेंशन भुगतान की यह नई व्यवस्था उसी दिशा में उठाया गया एक प्रभावी कदम है, जो बुजुर्गों के जीवन में राहत और सकारात्मक बदलाव सुनिश्चित होगी।

नक्सलवाद मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प तेजी से हो रहा साकार: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

सुकमा में 10 माओवादी कैडरों ने किया आत्मसमर्पण, पुनर्वास से पुनर्जीवन की नई शुरुआत रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज सुकमा जिले में “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” कार्यक्रम के तहत दरभा डिवीजन कमेटी सहित विभिन्न नक्सली संगठनों से जुड़े 10 माओवादी कैडरों के आत्मसमर्पण को ऐतिहासिक और सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक बताया। उल्लेखनीय है कि इनमें 6 महिला माओवादी भी शामिल हैं, जिन पर कुल 33 लाख रुपये का इनाम घोषित था। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि नक्सलवाद मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प अब केवल लक्ष्य नहीं, बल्कि तेजी से साकार होती वास्तविकता बन रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के सशक्त नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई अब अपने निर्णायक मोड़ पर है। मुख्यमंत्री  श्री साय ने कहा कि यह आत्मसमर्पण इस बात का प्रमाण है कि बस्तर में अब हिंसा, भय और भटकाव की विचारधारा कमजोर पड़ रही है, जबकि विकास, विश्वास और संवाद की राह मजबूत हो रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हिंसा के रास्ते पर न वर्तमान सुरक्षित होता है और न ही भविष्य। छत्तीसगढ़ सरकार की विशेष पुनर्वास नीति आत्मसमर्पण करने वालों को सम्मान, सुरक्षा, आजीविका और समाज में पुनर्स्थापना की ठोस गारंटी देती है। मुख्यधारा में लौटकर ये लोग अपने परिवारों के साथ एक स्थायी, सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत कर सकते हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य पूरी तरह स्पष्ट है— छत्तीसगढ़ को पूर्णतः नक्सलवाद मुक्त बनाना और बस्तर को विकास, विश्वास और अवसरों की नई पहचान देना। मुख्यमंत्री श्री साय ने आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों के निर्णय का स्वागत करते हुए अन्य भटके युवाओं से भी अपील की कि वे हिंसा का मार्ग छोड़कर लोकतांत्रिक व्यवस्था और विकास की मुख्यधारा से जुड़ें। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार के समन्वित प्रयासों से सुरक्षा बलों की सशक्त कार्रवाई, विकास योजनाओं का विस्तार और पुनर्वास आधारित मानवीय दृष्टिकोण—तीनों मिलकर बस्तर में परिवर्तन की नई कहानी लिख रहे हैं।

रायपुर: तनाव मुक्त होकर स्वस्थ मन से पढ़ाई करें – वित्तमंत्री श्री ओ.पी. चौधरी का संदेश

रायपुर : तनाव मुक्त होकर स्वस्थ मन से पढ़ाई करें – वित्तमंत्री श्री ओ.पी.चौधरी परीक्षा तैयारी पर दिए महत्वपूर्ण टिप्स कक्षा 10 वीं-12 वीं के विद्यार्थियों से किया संवाद शासकीय हाई स्कूल झलमला में स्मार्ट क्लासरूम का किया लोकार्पण रायपुर रायगढ़ विधायक एवं वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि विद्यार्थी तनाव मुक्त होकर स्वस्थ मन से पढ़ाई करें। उन्होंने कहा कि “परीक्षा कभी भी जीवन से बड़ी नहीं होती, इसलिए घबराएं नहीं, बल्कि सही समय पर मेहनत शुरू करें। वित्त मंत्री ने रायगढ जिले के पुसौर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम झलमला स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में कक्षा 10 वीं और 12 वीं के “बच्चों से चर्चा 2025” कार्यक्रम में संवाद कर रहे थे। इस अवसर पर श्री चौधरी ने विद्यालय में अत्याधुनिक स्मार्ट क्लासरूम का उद्घाटन कर विद्यार्थियों को तकनीकी व नवीन शिक्षण संसाधनों का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। परीक्षा तैयारी पर दिए महत्वपूर्ण टिप्स कक्षा 10 वीं-12 वीं के विद्यार्थियों से किया संवाद विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान आत्मविश्वास और अनुशासन की दी सलाह            वित्त मंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि दिसंबर से परीक्षा तक के आगामी तीन महीने सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि नियमित रूप से प्रतिदिन 7 से 8 घंटे पढ़ाई करें और छुट्टी के दिनों में 10 घंटे अध्ययन का लक्ष्य रखें। उन्होंने कहा कि एक भी दिन खराब नहीं करना है। यदि आप आने वाले तीन महीनों तक ईमानदारी और संकल्प के साथ पढ़ाई करेंगे तो बेहतर तैयारी और उत्कृष्ट परिणाम निश्चित हैं। उन्होंने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी। सफलता का मूल मंत्र अनुशासन, निरंतर प्रयास और सकारात्मक सोच             वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे प्रतिभा से भरपूर होते हैं। उन्हें केवल बेहतर मार्गदर्शन, संसाधन और सुरक्षित वातावरण की जरूरत है। उन्होंने शिक्षकों व अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों की रुचि और क्षमता के अनुसार अवसर प्रदान करें। वित्त मंत्री ने सफलता के लिए अनुशासन, निरंतर प्रयास और सकारात्मक सोच को मूल मंत्र बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं।  मेधावी छात्रों को एक लाख का पुरस्कार          वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य की मेरिट सूची में यदि जिले का कोई विद्यार्थी स्थान प्राप्त करता है, तो उसे एक लाख रुपए पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। उन्होनं कहा कि आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ और बेहतर भविष्य देना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। कार्यक्रम में पूर्व विधायक श्री विजय अग्रवाल, श्री उमेश अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य बृजेश गुप्ता, जनपद अध्यक्ष पुसौर श्रीमती हेमलता चौहान, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती भाग्यवती नायक, सीईओ जिला पंचायत श्री अभिजीत बबन पठारे, एसडीएम रायगढ़ श्री महेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, छात्र एवं शिक्षक उपस्थित रहे।

रायपुर: वित्तमंत्री चौधरी ने किया स्मार्ट क्लासरूम और आधुनिक लाइब्रेरी का लोकार्पण

रायपुर : वित्तमंत्री श्री चौधरी ने स्मार्ट क्लासरूम एवं आधुनिक लाइब्रेरी का किया लोकार्पण रायगढ़ शिक्षा के उन्नयन की दिशा में सशक्त कदम रायपुर, वित्तमंत्री चौधरी ने  कहा कि स्मार्ट क्लासरूम और आधुनिक लाइब्रेरी शिक्षा के भविष्य हैं, जहाँ स्मार्ट क्लासरूम इंटरैक्टिव व्हाइटबोर्ड, प्रोजेक्टर और डिजिटल कंटेंट का उपयोग करके सीखने को दिलचस्प बनाते हैं। वहीं आधुनिक लाइब्रेरी किताबों के साथ-साथ ई-बुक्स, डेटाबेस और हाई-स्पीड इंटरनेट जैसी डिजिटल सुविधाओं से लैस ज्ञान केंद्र बन गए हैं, जो छात्रों को 21 वीं सदी के कौशल और व्यक्तिगत सीखने के अनुभव प्रदान करते हैं।  वित्तमंत्री श्री चौधरी ने स्मार्ट क्लासरूम एवं आधुनिक लाइब्रेरी का किया लोकार्पण विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक युक्त शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराना है           केवड़ाबाड़ी स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में शुक्रवार को आयोजित “स्मार्ट स्कूल हैंडओवर सेरेमनी” में वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी ने नव-निर्मित आधुनिक लाइब्रेरी एवं स्मार्ट क्लासरूम का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि रायगढ़ जिले में शिक्षा अधोसंरचना के उन्नयन को सरकार प्राथमिकता दे रही है, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर, आधुनिक और तकनीक-सक्षम शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। वित्तमंत्री श्री चौधरी ने स्मार्ट क्लासरूम एवं आधुनिक लाइब्रेरी का किया लोकार्पण विद्यार्थियों की अध्ययन-अभिरुचि में होगी वृद्धि           जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. राव ने बताया कि नई लाइब्रेरी में विषयवार पुस्तकों, संदर्भ सामग्री और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु समृद्ध साहित्य उपलब्ध कराया गया है, जिससे विद्यार्थियों की अध्ययन-अभिरुचि में वृद्धि होगी और उन्हें उच्चस्तरीय ज्ञान-संसाधन स्कूल परिसर में ही सुलभ हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि स्मार्ट क्लासरूम में स्थापित इंटरैक्टिव स्क्रीन, डिजिटल मॉड्यूल, प्रोजेक्टर एवं हाई-स्पीड इंटरनेट विद्यार्थियों को कठिन विषयों को दृश्यात्मक माध्यमों से समझने में अत्यधिक सहायक सिद्ध होंगे। डिजिटल माध्यम से अध्यापन अधिक रोचक हो गया          नई सुविधाओं को लेकर विद्यार्थियों में उत्साह देखा गया। छात्रों ने बताया कि डिजिटल माध्यम से अध्यापन अब अधिक रोचक हो गया है और जटिल अध्याय भी एनिमेशन, ग्राफिक्स और वीडियो लेक्चर के माध्यम से तेजी से समझ आ रहे हैं। इससे न केवल अध्ययन क्षमता में सुधार होगा बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। कार्यक्रम के पश्चात वित्त मंत्री श्री चौधरी ने विद्यालय परिसर का निरीक्षण कर विकास कार्यों की सराहना की तथा भविष्य में भी शिक्षा से जुड़े संसाधनों को मजबूत करने हेतु आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया।          कार्यक्रम में महापौर श्री जीवर्धन चौहान, जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. के. व्ही. राव, विभागीय अधिकारी, शिक्षक-कर्मचारी एवं अभिभावक उपस्थित थे। केवड़ाबाड़ी विद्यालय में आयोजित यह कार्यक्रम जिले में शिक्षा उन्नयन और तकनीकी नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।