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रायपुर : बदली भीमा की जिंदगी आई खुशहाली प्रधानमंत्री आवास योजना से

रायपुर : बदली भीमा की जिंदगी आई खुशहाली प्रधानमंत्री आवास योजना से कच्चे घर से सम्मानपूर्ण जीवन तक की यात्रा रायपुर बदली भीमा की जिंदगी आई खुशहाली प्रधानमंत्री आवास योजना से भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसका लक्ष्य  ग्रामीण क्षेत्रों के उन सभी बेघर परिवारों और कच्चे-जीर्ण-शीर्ण घरों में रहने वाले परिवारों को बुनियादी सुविधाओं (बिजली, पानी, शौचालय) के साथ एक पक्का घर देना है, जिनके पास अपना घर नहीं है। जीवन में कठिनाइयाँ जब बड़े पहाड़ की तरह सामने खड़ी होती हैं, तब इंसान की हिम्मत और धैर्य की असली परीक्षा होती है। लेकिन यदि व्यक्ति हार न माने और सही दिशा में लगातार प्रयास करे, तो सफलता जरूर मिलती है। यही कहानी है ग्राम पंचायत अरनुपर, जनपद पंचायत कुआकोंडा दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिला के निवासी श्री भीमा कश्यप पिता श्री जोगा की, जिनके जीवन में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण ने आशा की नई किरण जगाई।           दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिले के घने जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों से घिरे गांव अरनुपर में भीमा अपने परिवार के साथ कई वर्षों से जर्जर कच्चे मकान में रह रहे थे। बरसात में छत से पानी टपकने का डर, सर्दी में टाट और प्लास्टिक लगाकर ठंड से बचना और गर्मी में टूटती दीवारों की परेशानी हमेशा बनी रहती थी। यह सब उनकी रोजमर्रा की मजबूरी बन चुका था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पक्का घर उनका अधूरा सपना बना हुआ था। लेकिन जब प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत उनके नाम आवास स्वीकृत हुआ, तो भीमा के जीवन में नई उम्मीद जागी। किस्तों की राशि मिलने के बाद उन्होंने स्वयं मेहनत कर धीरे-धीरे अपना पक्का घर बनाना शुरू किया। पहले मिट्टी और लकड़ी से गुजारा करने वाले भीमा के हाथों ने अब ईंट और सीमेंट से एक मजबूत घर तैयार किया। एक ऐसा घर जिसमें उनके पूरे परिवार के सुरक्षित भविष्य की नींव रखी गई।            आज भीमा और उनका परिवार नए, साफ-सुथरे और सुरक्षित पक्के घर में सम्मानपूर्वक जीवन जी रहा है। बच्चों के चेहरों पर खुशी की चमक और परिवार के मन में सुरक्षा का एहसास उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है। भीमा गर्व से कहते हैं कि पहले हर मौसम डर लेकर आता था, अब घर के अंदर सुकून है। बच्चों को पहली बार ऐसा घर मिला है जहाँ वे बिना डर पढ़-लिख सकते हैं। सरकार की इस योजना ने हमें नई जिंदगी दी है।         हाल ही में कलेक्टर अरनपुर के निरीक्षण पर पहुंचे। उन्होंने भीमा के नए बने आवास को देखा और घर की मजबूती, स्वच्छता और स्तर देखकर संतोष व्यक्त किया। निरीक्षण के दौरान श्री भीमा ने बताया कि उन्हें अंतिम किस्त प्राप्त होना अभी शेष है। इस पर कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि अंतिम किस्त जल्द ही प्रदान कर दी जाएगी। कलेक्टर ने यह भी पूछा कि क्या उन्हें नियमित रूप से राशन मिल रहा है, जिस पर भीमा ने बताया कि उन्हें समय पर सभी सामग्री प्राप्त हो रही है।         कलेक्टर ने भीमा के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि भीमा का प्रयास यह साबित करता है कि सरकारी योजनाओं का सही उपयोग जीवन बदल सकता है। उनका अनुभव गांव के अन्य परिवारों को भी प्रेरित करेगा। आज भीमा अपने नए घर के आंगन में खड़े होकर गर्व महसूस करते हैं। उनके लिए यह घर केवल ईंट और सीमेंट की दीवारें नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और नई शुरुआत का प्रतीक है, एक ऐसी शुरुआत जिसने उनके परिवार के जीवन में स्थायी खुशियाँ भर दी हैं।

रायपुर: 02 सालों में छत्तीसगढ़ ने बनाई नई पहचान, अब भारत का ग्रोथ इंजन बन गया राज्य”

रायपुर : राज्य सरकार के 02 वर्ष पर विशेष : छत्तीसगढ़ बना भारत का ग्रोथ इंजन    रायपुर विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य अनुरूप छत्तीसगढ़ में न केवल तेजी से अधोसंरचनाएं विकसित हो रही है, बल्कि सस्टेनबल डेवलपमेंट गोल के लक्ष्य को भी हासिल किया जा रहा है। विगत दो वर्षों में छत्तीसगढ़ भारत के विकास इंजन के रूप में भी तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। प्रदेश की नवीन औद्योगिक नीति में डिफेंस, आईटी, एआई, ग्रीन एनर्जी जैसे नए क्षेत्रों को विशेष पैकेज दिया जा रहा है। राज्य में अब तक 7.69 लाख रूपए के निवेश के प्रस्ताव मिल चुके हैं। राज्य में विकास, विश्वास और सुरक्षा का नया वातावरण बना है। राज्य की प्रगति में माओवाद आतंक हमेशा से ही बाधक रही है। अब यह बाधा दूर होने जा रही है। माओवाद अब अंतिम सांसें ले रहा है।  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सुशासन, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक सुदृढ़ एवं परिणाम आधारित बनाने के लिए सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया है। शासन व्यवस्था में अनुशासन और समयबद्धता सुनिश्चित करने हेतु 01 दिसम्बर 2025 से मंत्रालय महानदी भवन में अधिकारियों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू कर दी गई है, जिससे कार्य संस्कृति और जवाबदेही को नई पहचान मिल रही है। प्रदेश के लोकतांत्रिक इतिहास में एक अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण जुड़ा है नवा रायपुर अटल नगर में छत्तीसगढ़ के नए भव्य विधानसभा भवन का लोकार्पण प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा किया गया। यह विधानसभा भवन नई ऊर्जा, नई सोच और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प का प्रतीक है। पिछले 2 वर्षों में बस्तर और सरगुजा अंचल के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए वहां सड़क, रेल, स्वास्थ्य और संचार सहित कई नई परियोजनाएं भी शुरू की गई। नई औद्योगिक नीति में पर्यटन को उद्योग का दर्जा  दिया गया है। बस्तर में पर्यटन सुविधाओं को बढ़ाने का प्रयास किए जा रह हैं। इसके लिए नई होम स्टे पॉलिसी और इको टूरिज्म के लिए विशेष प्रावधान रखे है। बस्तर और सरगुजा अंचल में उद्योगों की स्थापना पर विशेष सुविधाएं, छूट और रियायतें दी जा रही है। इसके अलावा उद्योगों को विशेष पैकेज के अंतर्गत सस्ती जमीन उपलब्ध कराई जा रही है।  नियद नेल्ला नार योजना के अंतर्गत माओवाद आतंक से प्रभावित क्षेत्रों में स्थापित 69 सुरक्षा कैम्पों के माध्यम से मूलभूत सुविधाओं के साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। बस्तर की बदलती फिजा को सबके सामने लाने में बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे बड़े आयोजनों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बस्तर के युवा अब विकास से जुड़ना चाहते है, इसकी बानगी यहां चलाए जा रहे हैं। स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों में देखी जा सकती है। बस्तर की युवाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए और उन्हें रोजगार से जोड़ने के लिए पर्यटन ऑटोमोबाईल, पायलट, आईटी आदि क्षेत्रों में स्किल डेवलपमेंट के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है।  राज्य में सस्टेनबल डेवलपमेंट गोल को हासिल करने के लिए सामाजिक, आर्थिक गतिशीलता के लिए शुरू की गई कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत 40 लाख घरों में पीने का स्वच्छ जल मुहैया कराया जा रहा है। इसी प्रकार 26 लाख से अधिक परिवारों के लिए पीएम आवास स्वीकृत किए गए हैं। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने और समाज में उनकी भूमिका बढ़ाने के लिए महतारी वंदन योजना में 70 लाख से अधिक महिलाओं के बैंक खाते में एक-एक हजार रूपए की राशि दी जा रही है। इस योजना के अंतर्गत लगभग 14 हजार करोड़ रूपए की राशि जारी की जा चुकी है। आयुष्मान भारत योजना के दायरे में राज्य की 98 प्रतिशत आबादी को लाया जा चुका है।  छत्तीसगढ़ में धान की पैदावार और समर्थन मूल्य में खरीदी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मुख्य धुरी है। किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए मोदी की गारंटी के अंतर्गत किसानों को देश में सर्वाधिक धान का मूल्य दिया जा रहा है। राज्य के 2300 से अधिक धान उपार्जन केंद्रों में सफलतापूर्वक धान की खरीदी की जा रही है। किसानों से धान प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से तथा 3100 रूपए प्रति क्विंटल की कीमत दी जा रही है। किसान हितैषी फैसलों के फलस्वरूप छत्तीसगढ़ में किसानों के खाते में एक लाख करोड़ रूपए से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है। किसान इस राशि का खेती किसानी में भरपूर निवेश कर रहे हैं और इससे बाजार भी गुलजार हुए हैं जिससे शहरी अर्थव्यवस्था पर सीधा असर दिख रहा है। ट्रैक्टर आदि की बिक्री ने रिकार्ड आंकड़ा छू लिया है।  छगन लोन्हारे उप संचालक (जनसंपर्क) 

जगदलपुर : केंद्रीय गृह मंत्री के प्रवास के अवधि में नो ड्रोन फ्लाइंग जोन घोषित

जगदलपुर कार्यालय कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी  आदेश के तहत केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री, भारत सरकार   अमित शाह का  13 दिसंबर 2025 को बस्तर जिला प्रवास कार्यक्रम नियत है। बस्तर जिला प्रवास दौरान  केन्द्रीय गृह मंत्री, की सुरक्षा व्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुए सम्पूर्ण जगदलपुर शहर को समय दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक के लिए नो ड्रोन फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है।

एमसीबी में सघन कुष्ठ खोज अभियान, स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर कर रही हैं जांच

एमसीबी  राज्य में कुष्ठ रोग उन्मूलन के उद्देश्य से समुदाय में संक्रमण रोकथाम तथा संभावित रोगियों की प्रारंभिक पहचान को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा सघन प्रयास जारी हैं। प्रारंभिक अवस्था में रोगियों की पहचान और समय पर उपचार से न केवल कुष्ठ के प्रसार पर नियंत्रण संभव है, बल्कि इससे कुष्ठ से होने वाली विकलांगता को भी रोका जा सकता है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने 05 दिसंबर 2025 को समस्त खंड चिकित्सा अधिकारियों एवं बीपीएम की बैठक लेकर 08 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक सघन कुष्ठ खोज अभियान चलाने हेतु दिशा-निर्देश जारी किए। इसके अतिरिक्त कलेक्टर डी. राहुल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक आयोजित कर अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा सभी विभागों से आवश्यक सहयोग के निर्देश भी प्रदान किए गए। अभियान के अंतर्गत 08 दिसंबर से स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर पहुंचकर कुष्ठ रोग के लक्षणों की जांच एवं संभावित रोगियों की पहचान कर रही है। जिन व्यक्तियों में कुष्ठ के धनात्मक लक्षण पाए जाएंगे, उनका तत्काल उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। कलेक्टर डी. राहुल एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने आमजन से अपील की है कि वे अभियान में सहयोग करें, स्वास्थ्य टीम को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं तथा त्वचा पर किसी प्रकार के दाग, सुन्नपन या असामान्य लक्षण होने पर जांच अवश्य कराएं। यह अभियान समुदाय को स्वस्थ, सुरक्षित और कुष्ठ-मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

पुनर्वास की नई मिसाल, मुख्यधारा में लौटे 30 युवाओं ने पूरा किया राजमिस्त्री प्रशिक्षण

रायपुर : जिन हाथों में कभी बंदूक थीं, वही हाथ अब बनाएँगे गरीबों का आशियाना जिन हाथों में कभी बंदूक थीं पुनर्वास की नई मिसाल, मुख्यधारा में लौटे 30 युवाओं ने पूरा किया राजमिस्त्री प्रशिक्षण रायपुर: जिन हाथों में कभी बंदूक थी, अब वही हाथ बनाएंगे गरीबों का आशियाना" रायपुर बस्तर संभाग के दुर्गम माड़ क्षेत्रों में कभी बंदूक थामे भय और हिंसा का पर्याय बने युवक अब समाज निर्माण की नई इबारत लिख रहे हैं। शासन की सतत पहल और पुनर्वास के प्रयासों के चलते नक्सलवाद का रास्ता छोड़कर भटके युवा अब मुख्यधारा में लौट रहे हैं। ऐसे ही बीजापुर के 30 युवाओं ने राजमिस्त्री प्रशिक्षण  द्वारा भवन निर्माण की कला को सफलतापूर्वक सीख लिया है। यह परिवर्तन न केवल क्षेत्र में शांति का संकेत है, बल्कि आत्मनिर्भरता और उम्मीद की नयी शुरुआत भी है। अब गरीबों के लिए बनेंगे आशियाने बनाएंगे युवा        राजमिस्त्री कौशल हासिल करने के बाद ये युवा अब अपने हुनर का उपयोग जरूरतमंद और गरीब परिवारों के लिए सुरक्षित आवास निर्माण में करेंगे। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माणाधीन आवासों में भी ये प्रशिक्षित युवा योगदान देंगे, जिससे जिले में आवास निर्माण की गति और गुणवत्ता दोनों सुधरेंगी। नींव से लेकर फिनिशिंग तक निर्माण का युवाओं को मिला प्रशिक्षण        प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को नींव एवं दीवार निर्माण,प्लास्टरिंग,माप-जोख,निर्माण में सुरक्षा मानक,आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक उपयोग जैसे महत्वपूर्ण कौशल सिखाए गए। सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण पूर्ण होने पर प्रमाणपत्र भी प्रदान किया जाएगा, जिससे वे भविष्य में सरकारी एवं निजी निर्माण कार्यों में रोजगार पा सकें। उत्साह से भरे युवा अब समाज में हो रहे शामिल         इस संबंध में आर-सेटी प्रशिक्षकों ने बताया कि इन युवाओं ने सीखने और काम करने में अद्भुत उत्साह दिखाया। यह परिवर्तन प्रेरणादायक है। जो युवा कभी समाज से दूर थे, वे अब समाज को संवारने का कार्य कर रहे हैं बस्तर में पुनर्वास मॉडल की नई कहानी         यह पहल जिले में लौट रहे युवाओं के सफल पुनर्वास का सशक्त उदाहरण है, जहाँ कौशल विकास के साथ-साथ उन्हें सम्मानजनक आजीविका का अवसर दिया जा रहा है। इन युवाओं का यह बदलाव आने वाली पीढ़ियों के लिए भी मार्गदर्शक है कि हिंसा नहीं, कौशल और विकास ही प्रगति का रास्ता है।

रायपुर : साकरीबेड़ा एनीकट निर्माण कार्य के लिए तीन करोड़ रूपए से अधिक की राशि स्वीकृत

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा नारायणपुर जिले के विकासखण्ड-नारायणपुर के साकरीबेड़ा एनीकट निर्माण कार्य के लिए तीन करोड़ 5 लाख 41 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण होने के उपरांत जल संवर्धन, निस्तारी, पेयजल एवं किसानों के द्वारा स्वयं के साधन से 60 हेक्टेयर खरीफ क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो जाएगा। योजना के निर्माण कार्य कराने जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से मुख्य अभियंता जल संसाधन विभाग जगदलपुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।

स्कूलों के सतत् निरीक्षण पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने दिया जोर

रायपुर : स्कूलों के प्रति प्रेम करने वाले समर्पित शिक्षकों की जरूरत, संसाधनों की कोई कमी नहीं – गजेंद्र यादव स्कूलों के सतत् निरीक्षण पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने दिया जोर शाला निरीक्षण के लिए विभाग द्वारा निर्मित ऐप को लांच किया बिलासपुर संभाग के शिक्षा अधिकारियों की बैठक लेकर की समीक्षा शिक्षा गुणवत्ता, समयबद्धता और परिणाम आधारित कार्य हमारी प्राथमिकता – मंत्री गजेंद्र यादव रायपुर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा है कि राज्य में शिक्षक एवं शैक्षणिक संसाधनों की कोई कमी नहीं है। जरूरत अपने स्कूल के प्रति प्रेम ओर समर्पण करने वाले और पढ़ाई में रूचि दिखाने वाले समर्पित शिक्षकों की है। राज्य सरकार अच्छे शिक्षकों को जहां पुरस्कृत करेगी वहीं लापरवाह शिक्षकों को सजा देने में भी कोई कोताही नहीं बरतेगी। यादव आज जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में स्कूल शिक्षा विभाग की संभाग स्तरीय बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। यादव ने इस अवसर पर स्कूलों के निरीक्षण हेतु जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के उपयोग के लिए तैयार ऐप को भी लांच किया। स्कूलों के सतत् निरीक्षण पर स्कूल शिक्षा मंत्री ने दिया जोर मंत्री यादव नेे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए स्कूलों के निरंतर निरीक्षण पर जोर दिया। यादव ने जिला शिक्षा अधिकारी से लेकर संकुल समन्वयक तक निरंतर स्कूलों का दौरा करने के निर्देश दिए। बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परेदशी, समग्र शिक्षा की एमडी डॉ. प्रियंका शुक्ला, डीपीआई ऋतुराज रघुवंशी सहित संभाग के सभी आठों जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी, डीएमसी, बीईओ, बीआरसी शामिल थे। स्कूलों के सतत् निरीक्षण पर स्कूल शिक्षा मंत्री ने दिया जोर तीन वर्षीय समग्र कार्ययोजना बनाने के निर्देश मंत्री यादव ने सभी जिलों को अगले तीन वर्षों के लिए एक समग्र कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय अधोसंरचना के मजबूत विकास, शैक्षणिक माहौल के संवर्धन और शिक्षण गुणवत्ता में ठोस सुधार को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बच्चों की बेहतर शिक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी और दीर्घकालिक योजनाएँ ही स्थायी सुधार की नींव बनेंगी। स्कूलों के सतत् निरीक्षण पर स्कूल शिक्षा मंत्री ने दिया जोर ऑनलाइन बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य शिक्षा मंत्री यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी शिक्षक एवं कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य की जाए। उन्होंने बताया कि समय पर उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए विभाग द्वारा कड़ी निगरानी रखी जा रही है। साथ ही डीईओ, बीईओ और बीआरसी अधिकारियों को विद्यालयों के नियमित निरीक्षण, दौरा चार्ट तैयार करने और उसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि शैक्षणिक गतिविधियों में सुधार हो सके। शैक्षणिक परिणाम सुधार हेतु लक्ष्य निर्धारित वार्षिक परीक्षा परिणामों की समीक्षा करते हुए मंत्री यादव ने कक्षा 10 वीं का परिणाम 85 प्रतिशत तथा 12 वीं का परिणाम 90 प्रतिशत लाने का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने कहा कि लक्ष्य केवल उत्तीर्ण तक सीमित नहीं रहे बल्कि विद्यार्थियों को उच्च श्रेणी में उत्तीर्ण कराना है। उन्होंने सभी जिलों को मासिक परीक्षा की सतत निगरानी, ब्लूप्रिंट आधारित अध्ययन, उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग और कुशल शिक्षकों द्वारा गुणवत्तापूर्ण अध्यापन सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कमजोर बच्चों को चिन्हित कर उनके लिए अतिरिक्त कक्षाएं आयोजित करने को कहा है। बेसिक लर्निंग पर विशेष फोकस मंत्री ने कक्षा 3 से 5 तक के विद्यार्थियों के लिए धारा- प्रवाह हिंदी पढ़ने को बढ़ावा देने हेतु विशेष योजना तैयार करने को कहा। साथ ही माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक स्तर पर विद्यार्थियों की बेसिक गणित और अंग्रेजी दक्षता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों के अपार आईडी को 100 प्रतिशत पूरा करने पर भी जोर दिया। उन्होंने स्कूलों की यू-डाइस को भी अपडेट करने के निर्देश दिए। बिलासपुर और सक्ति जिले में अपार आईडी के निर्माण की कम प्रगति पर नाराजगी जाहिर की और इसमें अगले एक सप्ताह में सुधार लाने के कड़े निर्देश दिए। ड्रॉपआउट रोकने को सर्वाेच्च प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की बात कही और समुदाय व पालकों के साथ नियमित संवाद को भी आवश्यक बताया। सेवानिवृत्त शिक्षकों के लंबित स्वत्व देयकों का त्वरित निराकरण करें बैठक में मंत्री यादव ने निर्देश दिए कि सेवानिवृत्ति के दिन ही शिक्षकों की सेवा पुस्तिका, पासबुक और स्वत्वों का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को इस कार्य को अत्यंत गंभीरता से लेने के लिए कहा, ताकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। अधोसंरचना एवं मॉडल स्कूल विकास कार्यों की गति तेज करने के निर्देश मंत्री ने भवनविहीन विद्यालयों के अधोसंरचना कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने तथा इस वर्ष मॉडल स्कूलों के चयन की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने बीईओ के लिए लक्ष्य आधारित गोपनीय प्रतिवेदन प्रणाली लागू करने की बात कही। पीएम विद्यालयों की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रगतिरत कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। इन विद्यालयों को उत्कृष्ट शिक्षण के आदर्श मॉडल के रूप में विकसित करने प्रयास किया जाए। पंचायतों को दें स्कूल मरम्मत का जिम्मा मंत्री यादव ने स्कूल मरम्मत के छोटे-छोटे काम स्थानीय ग्राम पंचायतों के माध्यम से कराने को कहा है। उन्होंने कहा कि स्कूल में आमतौर पर शौचालय निर्माण, शौचालय मरम्मत, पोताई, बिजली, पानी के काम होते है। देखा गया है कि अन्य एजेंसियों के माध्यम से कार्य कराने पर काफी विलंब होता है। पंचायतों के माध्यम से काम होने से स्थानीय समुदाय का इसमें लगाव भी होता है और बहुत सारी समस्याएं अपने आप ठीक हो जाती है। उन्होंने 31 जनवरी तक शौचालय संबंधी सभी काम पूर्ण कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।

रायपुर: नवसंकल्प ने फिर रचा इतिहास, जशपुर जिले के 63 होनहारों का छत्तीसगढ़ पुलिस में चयन

रायपुर : नवसंकल्प ने फिर लिखा इतिहास-जशपुर जिले के 63 होनहारों का छत्तीसगढ़ पुलिस में चयन सीएम  विष्णुदेव साय के गृह जिले की प्रतिभा ने बजाया सफलता का बिगुल डीएमएफ मद से संचालित संस्था बनी युवाओं की सबसे बड़ी ताकत रायपुर नवसंकल्प के 63 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का छत्तीसगढ़ पुलिस कांस्टेबल परीक्षा में चयन हुआ है। यह उपलब्धि केवल एक संख्या नहीं, बल्कि जशपुर की मिट्टी, मेहनत, संघर्ष और नवसंकल्प की विशिष्ट शिक्षण परंपरा का उज्ज्वल परिणाम है।  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के गृह जिले जशपुर में डीएमएफ मद से संचालित नवसंकल्प शिक्षण संस्थान ने एक बार फिर अभूतपूर्व सफलता अर्जित करते हुए जिले का नाम पूरे प्रदेश में रोशन किया है।  डीएमएफ मद से संचालित संस्था बनी युवाओं की सबसे बड़ी ताकत        कलेक्टर जशपुर, जिला पंचायत सीईओ तथा एसएसपी ने कांस्टेबल परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि युवाओं की लगन और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण का प्रमाण है। एसएसपी द्वारा विद्यार्थियों के लिए बेहतर शारीरिक प्रशिक्षण व्यवस्था कराई गई थी, जिसका लाभ चयन प्रक्रिया में स्पष्ट रूप से दिखा। भारी संख्या में युवाओं का चयन जशपुर जिले के लिए गर्व का अद्वितीय क्षण है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने इस संस्थान की नींव केंद्रीय मंत्री रहते हुए रखी थी, जो आज जिले के युवाओं के लिए एक वरदान बन चुका है। नवसंकल्प ने केवल प्रतियोगी तैयारी ही नहीं करवाई, बल्कि अनुशासन, लक्ष्य, वातावरण और संकल्प देकर युवाओं में नई ऊर्जा भरी। इन सफल उम्मीदवारों में कई अत्यंत गरीब परिवारों से आते हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बीच संघर्ष करते हुए यह उपलब्धि हासिल की। नवसंकल्प ने उनके सपनों को दिशा दी, पंख दिए और जशपुर का नाम एक बार फिर प्रदेश में गौरव के साथ ऊँचा कर दिया।     नवसंकल्प की प्राचार्या एवं जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि कुल तीन बैचों में 150 युवाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया था। इनमें से 45 युवा पहले ही नगर सैनिक में चयनित हो चुके हैं तथा इस बार 63 युवाओं ने पुलिस कांस्टेबल पद पर चयन पाकर जशपुर को गौरवान्वित किया है। चयन दो चरणों-100 अंकों की शारीरिक दक्षता परीक्षा और 100 अंकों की लिखित परीक्षा, कुल 200 अंकों की मेरिट के आधार पर हुआ। प्रशिक्षण के दौरान सहायक कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी समय-समय पर पहुंचकर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते रहे। नवसंकल्प के पूर्व प्राचार्य ने भी अपने कार्यकाल में छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया और चयनित विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं।        नवसंकल्प के कोर मेम्बर तथा संकल्प के प्राचार्य द्वारा नियमित प्रेरणा कक्षाएं लेकर छात्रों में उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ाया गया। छात्रों को दैनिक शारीरिक प्रशिक्षण कराया गया, जिससे परीक्षाओं में उन्हें विशेष लाभ मिला। वहीं समन्वयक सहित अनेको प्रबुद्धजनों ने भी छात्रों को मार्गदर्शन देते हुए सफलता की बधाई दी है।

आयुर्वेद सिर्फ विषय नहीं, यह जीवन जीने की कला: श्याम बिहारी जायसवाल

रायपुर : सेवा भाव से बनाइए लोगों के बीच अपनी साख: स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल आयुर्वेद सिर्फ विषय नहीं, यह जीवन जीने की कला:  श्याम बिहारी जायसवाल रायपुर "आयुर्वेद की विधा विश्व की सबसे पुरानी विधा है और आयुर्वेद पद्धति में सभी रोगों की दवा मौजूद है, यही वजह है कि इसका जिक्र वेदों और पुराणों में भी है। आप सभी ऐसा सेवा भाव दिखाइए की लोगों के बीच आपकी स्वाभाविक साख बने क्योंकि आयुर्वेद सिर्फ एक विषय नहीं है बल्कि यह जीवन जीने की कला भी है।" यह बातें स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने आज राजधारी रायपुर के शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय में आयुर्वेद चिकित्सा की पढ़ाई कर रहे छात्रों से कहा। उन्होंने कहा कि आप सभी भविष्य के चिकित्सक हैं इसलिए ऐसा इलाज करिएगा की लोग आयुर्वेद के प्रति आकर्षित हों और खुद आपके पास चलकर आएं।  इस दौरान आयुर्वेद चिकित्सा की पढ़ाई कर रहे स्नातक और स्नातकोत्तर के छात्रों ने स्वास्थ्य मंत्री से खुलकर चर्चा भी की और अपनी मांगों को भी रखा। उनकी बातें सुनकर स्वास्थ्य मंत्री ने आयुर्वेद महाविद्यालय में शिक्षा के स्तर को और बेहतर करने तथा संसाधनों को लगातार बेहतर करते रहने का आश्वासन दिया।   श्याम बिहारी जायसवाल ने इस दौरान आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय का भ्रमण भी किया और विभिन्न विषयों के प्रयोगशालाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि चिकित्सा छात्रों के लिए प्रयोगशाला रीढ की हड्डी के समान है जिसकी वजह से आपका पूरा ज्ञान निखरकर सामने आता है।  इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के सचिव  अमित कटारिया, आयुष विभाग की संचालक सु संतन देवी जांगड़े , महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पी.के. जोशी समेत आयुष विभाग के अधिकारी तथा महाविद्यालय के अध्यापक उपस्थित थे।

रायपुर: मंत्री राजेश अग्रवाल ने जीपीएम जिले में पुलिस चौंकी कोडगार और सिवनी का विधिवत शुभारंभ किया

रायपुर : पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने जीपीएम जिले में पुलिस चौंकी कोडगार और सिवनी का किया विधिवत शुभारंभ रायपुर जीपीएम जिले के प्रभारी और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने जिला प्रवास के दौरान पुलिस चौंकी कोडगार और पुलिस चौंकी सिवनी का विधिवत उद्घाटन किया। उन्होंने कोडगार चौंकी में पहला रोजनामचा लिखकर इसकी औपचारिक शुरुआत की, जिससे इस क्षेत्र में कानून व्यवस्था मजबूत करने का नया युग शुरू हो गया है। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि इस दूरस्थ वनांचल क्षेत्र में पुलिस चौंकी स्थापित होने से स्थानीय जनता की सुरक्षा व्यवस्था काफी सशक्त और सुव्यवस्थित होगी। इससे क्षेत्रवासियों को पुलिस सहायता जल्दी एवं आसानी से उपलब्ध हो सकेगी, जिससे जनजीवन में सुधार होगा। उन्होंने लोगों से गुजारिश की कि वे छोटी-मोटी विवादों और आपसी मतभेदों को आपसी समझौते से सुलझाएं और पुलिस को ऐसे मामलो में शामिल करने से बचें, क्योंकि इससे सामाजिक सौहार्द बरकरार रहेगा। मंत्री  अग्रवाल ने पुलिस चौंकी की इस सौगात के लिए क्षेत्रवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी और आश्वासन दिया कि सरकार की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना है। इस अवसर पर विधायक  प्रणव कुमार मरपच्ची, जिला पंचायत अध्यक्ष सु समीरा पैकरा एवं कलेक्टर मती लीना कमलेश मंडावी ने भी इस दूरस्थ क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही पुलिस सुविधा की मांग पूरी होने पर क्षेत्रवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि अब क्षेत्र में कानून व्यवस्था और बेहतर होगा। पुलिस अधीक्षक  एस आर भगत ने इस मौके पर विस्तार से पुलिस चौंकियों के सेटअप, ग्रामों की संख्या तथा चौंकी क्षेत्र की सीमा के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए राज्य शासन द्वारा पुलिस चौंकियों की स्थापना कराई गई है, जो क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाएंगी। इस कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेंद्र बहादुर सिंह, नगर पालिका परिषद गौरेला के अध्यक्ष  मुकेश दुबे, जिला पंचायत सदस्य मती राजमति भानू और  पवन पैकरा, सरपंच मती फूलकुंवर, अनेक गणमान्य नागरिक एवं जिला प्रशासन तथा पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौजूद थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  ओम चंदेल ने आभार व्यक्त किया।