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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संभाग स्तरीय बस्तर ओलम्पिक का किया विधिवत शुभारंभ

रायपुर : आपका मुख्यमंत्री आपके समाज के बीच का है, आपका भाई है….आप आगे बढ़ें, सरकार हर कदम पर आपके साथ खड़ी है – मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संभाग स्तरीय बस्तर ओलम्पिक का किया विधिवत शुभारंभ बस्तर संभाग के सातों जिलों और नुवाबाट के खिलाड़ियों ने आकर्षक मार्चपास्ट प्रस्तुत कर दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध बस्तर अब शांति, समरसता और समृद्धि की ओर अग्रसर-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर आपका मुख्यमंत्री आपके समाज के बीच का है, आपका भाई है….आप आगे बढ़ें, सरकार हर कदम पर आपके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बस्तर ओलिंपिक 2025 के तहत संभाग स्तरीय प्रतियोगिता के शुभारंभ के अवसर पर संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने आज जगदलपुर के स्थानीय इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम में संभाग स्तरीय बस्तर ओलिंपिक का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने समूचे बस्तर संभाग के खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस दौरान बस्तर संभाग के सभी सातों जिलों के खिलाड़ियों ने आकर्षक मार्चपास्ट प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार बस्तर के गांव-गांव तक विकास की धारा पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, जिसके परिणामस्वरूप बस्तर अब शांति, समरसता और समृद्धि की ओर निरंतर अग्रसर हो रहा है और प्रदेश तथा देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर के युवाओं ने बड़ी संख्या में इस महती आयोजन में भाग लेकर इसे सफल और ऐतिहासिक बनाया है। सबसे अधिक हर्ष की बात यह है कि बस्तर ओलम्पिक में नुवाबाट के प्रतिभागियों ने भी उत्साहपूर्वक शामिल होकर इसे एक विशेष आयाम प्रदान किया है। बड़ी संख्या में बेटियों और बहनों की सहभागिता यह प्रमाणित करती है कि बस्तर में महिला सशक्तिकरण नई दिशा ले रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार बस्तर के युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें विकास में सहभागी बनाने के लिए कटिबद्ध है। यही कारण है कि बस्तर के युवा लोकतंत्र में आस्था एवं विश्वास के साथ आगे आ रहे हैं और विकास यात्रा में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर ओलम्पिक खेल प्रतियोगिता के विजेता आने वाले समय में खिलाड़ियों के लिए रोल मॉडल बनेंगे। सरकार बस्तर के युवाओं को बेहतर अवसर एवं प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करेगी। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय ओलम्पिक स्पर्धाओं में गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीतकर आने वाले खिलाड़ियों को क्रमशः तीन-तीन करोड़, दो करोड़ तथा एक करोड़ रुपए की सम्मान निधि प्रदान की जाएगी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि बस्तर ओलम्पिक न केवल युवाओं को खेल के माध्यम से आगे बढ़ाने की पहल है, बल्कि उन्हें विकास की मुख्यधारा में सम्मिलित करने का माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि बस्तर में खेल अधोसंरचना को और मजबूत किया जाएगा, जिससे खिलाड़ियों को उचित मंच मिल सके। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि खेल जितना सिखाता है, उतना ही हार से सीखकर आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देता है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि बस्तर ओलम्पिक युवाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का सकारात्मक प्रयास है। उन्होंने कहा कि सरकार बस्तर के अंदरूनी इलाकों के युवाओं को अधिक अवसर देकर उन्हें प्रोत्साहित कर रही है और भविष्य में यह पहल और अधिक सशक्त रूप में जारी रहेगी। इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप और ओलम्पिक में ब्रॉन्ज मेडल सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में पदक विजेता खिलाड़ी पद्म एम.सी. मेरीकॉम ने भी उपस्थित होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और शुभकामनाएँ दीं। संचालक, खेल एवं युवा कल्याण, सु तनुजा सलाम ने स्वागत उद्बोधन में अवगत कराया कि बस्तर ओलम्पिक की संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर और बस्तर जिले के साथ ही नुवा बाट के करीब तीन हजार पाँच सौ खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह बस्तर के लिए गौरव का क्षण है और बस्तर के उज्ज्वल भविष्य के लिए राज्य सरकार द्वारा लिया गया यह निर्णय अत्यंत सराहनीय है। बस्तर ओलम्पिक में तीन स्तर की प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि गत वर्ष के 1,65,000 प्रतिभागियों की तुलना में इस वर्ष 3,92,000 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीयन कराया है, जिनमें 2,27,000 से अधिक महिला प्रतिभागी शामिल हैं – यह बस्तर में परिवर्तन की नई बयार है। कार्यक्रम की शुरुआत खिलाड़ियों द्वारा मशाल प्रज्ज्वलन और आतिशबाजी के साथ हुई। इसके बाद रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के तहत माता रूकमणी कन्या आश्रम तथा अन्य विद्यालयों की छात्राओं द्वारा मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी गईं। इस अवसर पर विधायक चित्रकोट विनायक गोयल, विधायक दंतेवाड़ा चैतराम अटामी, राष्ट्रीय खिलाड़ी किरण पिस्दा एवं खुशबू नाग, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, जिलों के नोडल अधिकारी, खेल अधिकारी, प्रशिक्षक एवं बड़ी संख्या में खेलप्रेमी व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। पूवर्ती के खिलाड़ी विजय डोडी और ओरछा सलोनी बनीं मशालवाहक बस्तर ओलम्पिक 2025 की संभाग स्तरीय प्रतियोगिता का शुभारंभ आज अत्यंत गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ। कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, मंत्रीगण तथा बॉक्सर पद्म मेरी कॉम द्वारा किया गया। हजारों दर्शकों की उपस्थिति में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर ओलम्पिक की मशाल प्रज्ज्वलित की। इसके बाद यह गौरवशाली मशाल सुकमा जिले के सुदूर अंचल पूवर्ती के प्रतिभावान खिलाड़ी विजय डोडी और नारायणपुर जिले के ओरछा ब्लॉक की निवासी सलोनी कवाची को सौंपा गया। कबड्डी खिलाड़ी विजय डोडी और खो-खो खिलाड़ी सलोनी कवाची ने पूरे उत्साह, ऊर्जा और गौरव के साथ ग्राउंड की परिक्रमा करते हुए मशाल को मुख्य प्रज्वलन स्थल तक पहुंचाया। यह क्षण सुकमा और नारायणपुर जिलों के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण और भावनात्मक था – जब माओवाद-प्रभावित एवं दूरस्थ क्षेत्रों के खिलाड़ी आत्मविश्वास के साथ हजारों दर्शकों के सामने दौड़ रहे थे। दर्शकों का उत्साह भी इस दौरान चरम पर पहुंच गया। संभागभर से पहुंचे हजारों खिलाड़ियों और दर्शकों ने इस ऐतिहासिक क्षण का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। बस्तर ओलम्पिक के इस भव्य उद्घाटन ने एक बार फिर सिद्ध किया कि बस्तर की माटी में असीम खेल प्रतिभाएं जन्म ले रही हैं और राज्य सरकार तथा प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से इन प्रतिभाओं को राष्ट्रीय … Read more

मुख्यमंत्री हसौद में 251 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में हुए शामिल

रायपुर : गायत्री मंत्र मानव जीवन को ऊर्जावान और संस्कारित बनाते हैं : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री हसौद में 251 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में हुए शामिल मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत 140 नवविवाहित जोड़ों को दिया आशीर्वाद रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय  सक्ती जिले के ग्राम हसौद में आयोजित भव्य 251 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने इस आयोजन को आध्यात्मिक एकता, सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक गौरव का अद्भुत संगम बताया। उन्होंने कहा कि “मां महामाया की पावन भूमि हसौद में 251 कुंडों में एक साथ सम्पन्न हो रहा यह महायज्ञ छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक परंपरा को नई ऊंचाई देता है।” मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति को विश्व पटल पर नई पहचान मिली है। उन्होंने कहा—“500 वर्षों के बाद अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ, काशी विश्वनाथ धाम का कायाकल्प हुआ। छत्तीसगढ़ तो स्वयं भगवान राम का ननिहाल है—माता कौशल्या की पावन भूमि है।” उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा सभी वर्गों की उन्नति और कल्याण के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। रामलला दर्शन योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि इसके माध्यम से अब तक 38 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने अयोध्या में प्रभु रामलला का दर्शन किया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गायत्री मंत्र के 24 अक्षर 24 सिद्धियों और शक्तियों के प्रतीक हैं, जो मानव जीवन को ऊर्जा, सदाचार और आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करते हैं। कार्यक्रम के दौरान देव संस्कृति विश्वविद्यालय, शांतिकुंज हरिद्वार के कुलपति डॉ. चिन्मय पण्डया ने मुख्यमंत्री का सम्मान करते हुए उन्हें अभिनंदन पत्र भेंट किया। इस अवसर पर कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। साथ ही देशभर से आए अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। 140 नवविवाहित जोड़ों को दिया आशीर्वाद – कन्या विवाह योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि प्रदान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत हसौद में परिणय-सूत्र में बंधने वाले 140 नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएँ और आशीर्वाद दिया। जैतखाम में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हसौद प्रवास के दौरान जैतखाम पहुँचकर विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति, कल्याण एवं निरंतर प्रगति की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी के सत्य, अहिंसा, समानता, सामाजिक समरसता तथा ‘मनखे-मनखे एक समान’ के संदेश हमें समाज में सद्भाव और एकता का मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने जनसमूह से आह्वान किया कि इन आदर्शों को आत्मसात कर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय योगदान दें।

रायपुर: उद्योग मंत्री ने ऑक्सीजोन परियोजना के विकास कार्यों का शुभारंभ किया

रायपुर : उद्योग मंत्री ने किया ऑक्सीजोन विकास कार्याे का लोकार्पण पोड़ीबहार में 03 विकास कार्याे के भूमिपूजन सहित कुल 179 लाख रूपए के विकास कार्याे की दी सौगात  रायपुर प्रदेश के उद्योग, वाणिज्य, श्रम, आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन ने नगर पालिक निगम केारबा के वार्ड क्र. 32 पोड़ीबहार बांसबाड़ी उद्यान में ऑक्सीजोन विकास कार्यों का लोकार्पण किया, वहीं पोड़ीबहार बस्ती के विभिन्न स्थानों में किए जाने वाले 03 विकास कार्येा का भूमिपूजन भी उनके हाथों किया गया। लोकार्पण भूमिपूजन कार्यक्रम की अध्यक्षता महापौर मती संजूदेवी राजपूत के द्वारा की गई, वहीं कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के रूप में सभापति  नूतन सिंह ठाकुर सहित निगम की मेयर इन काउंसिल के सदस्यगण, पार्षदगण आदि की गरिमामयी उपस्थिति रही।  उद्योग मंत्री ने किया ऑक्सीजोन विकास कार्याे का लोकार्पण     नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा पोड़ीबहार मुक्तिधाम के सामने स्थित बांसबाड़ी उद्यान में एन.सी.ए.पी. मद से ऑक्सीजोन का निर्माण 01 करोड़ 60 लाख 11 हजार रूपये की लागत से किया गया है, जिसका लोकार्पण आज उद्योग मंत्री के हाथों किया गया। इसी प्रकार निगम द्वारा वार्ड क्र. 32 पोड़ीबहार में मंदिर के समीप प्रभारी मंत्री मद से 07 लाख रूपये की लागत से आर.सी.सी. छत का निर्माण, वार्ड क्र. 32 पोड़ीबहार अंतर्गत महालक्ष्मी इंटरप्राईजेेस से सुरेशचंद मंगल के घर तक जिला खनिज न्यास मद से 06 लाख रूपये की लागत से सी.सी.रोड व नाली का निर्माण तथा वार्ड क्र. 32 अंतर्गत यादव के घर से सी.पी.पटेल घर तक जिला खनिज न्यास मद से 06 लाख रूपये की लागत से सी.सी. रोड नाली का निर्माण किया जाना हैं, जिनका भूमिपूजन भी केबिनेट मंत्री  देवांगन के करकमलों से किया गया। मंत्री  देवांगन ने इन विकास कार्याे का विधिवत भूमिपूजन किया तथा शीघ्र कार्य प्रारंभ कर पूरी गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्य कराते हुए समय-सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए है।     उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में राज्य सरकार राज्य के सर्वागीण विकास के लिए दृढ़ संकल्पित है, विकास के सभी क्षेत्रों में हमारे छत्तीसगढ़ का तेजी से विकास हो रहा है, विगत दो वर्षाे के दौरान पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य करते हुए राज्य सरकार ने एक जनहितैषी सरकार की छबि अंकित की है। उन्होने कहा कि जहॉं तक कोरबा के विकास का प्रश्न है तो कोरबा का तेजी से विकास हो रहा है, यहॉं की बरसों पुरानी समस्याएं दूर हो रही हैं तथा कोरबा के विकास के लिए धनराशि की केाई कमी भविष्य में भी नहीं होने दी जाएगी, यह मैं आश्वस्त करता हूॅं। इस मौके पर मंत्री  देवांगन ने महापौर मती राजपूत के आग्रह पर उक्त ऑक्सीजोन बांसबाड़ी के बाउण्ड्रीवाल निर्माण की घोषणा की।      इस अवसर पर महापौर मती संजूदेवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि कोरबा की देवतुल्य जनता की समस्याओं को दूर करना, उन्हें समस्त मौलिक सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है, मेरा सौभाग्य है कि हमें प्रदेश के मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय, नगरीय प्रशासन मंत्री  अरूण साव एवं कोरबा के विधायक व प्रदेश के उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन का लगातार मार्गदर्शन, सहयोग व आशीर्वाद कोरबा के विकास के लिए मुझे प्राप्त हो रहा है। निर्माण कार्याे हेतु धनराशि की कोई कमी नहीं हो रही है तथा हम निर्माण कार्याे से संबंधित जो भी मांग उनकेे सामने रखते हैं, वह प्राथमिकता के साथ पूरी होती है।  

रायपुर: विशेष लेख – उद्योगों के लिए अनुकूल नीति से राज्य में 7.69 लाख करोड़ का निवेश

रायपुर : विशेष लेख : उद्योग हितैषी नीति से राज्य में 7.69 लाख करोड़ रूपए के निवेश रायपुर विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को साधने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर प्रदेश में नई औद्योगिक नीति (2024-30) लागु की गई है। राज्य की उद्योग हितैषी नीति के फैसले निवेशक छत्तीसगढ़ में उद्योग-धंधा स्थापित करने की दिशा में आकर्षित हो रहे हैं। प्रदेश में 01 जनवरी 2024 से अक्टूबर 2025 तक 2415 उद्योग स्थापित हुए जिनके द्वारा लगभग 18058.34 करोड़ का निवेश किया गया एवं लगभग 42 हजार 500 रोजगार सृजित हुए। 01 जनवरी 2024 से अक्टूबर 2025 तक उद्योगों को 1000 करोड़ से अधिक अनुदान का वितरण किया गया। निवेश प्रोत्साहन नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 को 1 नवंबर 2024 से प्रभावी किया गया है। पहली बार नीति को रोज़गार उन्मुख बनाया गया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन की पहल पर प्रशिक्षण सब्सिडी ईपीएफ प्रतिपूर्ति तथा 1000 से अधिक रोजगार देने वाली इकाइयों के लिए कस्टमाइज़्ड पैकेज की व्यवस्था की गई है। राज्य में श्रम-प्रधान उद्योगों को आकर्षित करने हेतु 27 मई 2025 को की गई संशोधन के माध्यम से रोज़गार सृजन सब्सिडी एवं एम्प्लॉयमेंट मल्टिप्लायर का प्रावधान किया गया है। सेवा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने हेतु औद्योगिक विकास नीति के तहत पात्र सेवा क्षेत्रों की सूची को बढ़ाकर 43 किया गया है। पहली बार पर्यटन एवं स्वास्थ्य सेवाओं को औद्योगिक विकास नीति में शामिल किया गया है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और खेल प्रशिक्षण को बढ़ावा देने हेतु 27 मई 2025 के संशोधन द्वारा निजी विद्यालय निजी शीर्ष 100 एवं विदेशी विश्वविद्यालय तथा निजी आवासीय खेल अकादमियों को औद्योगिक विकास नीति में सम्मिलित किया गया है। नीति के प्रचार-प्रसार व निवेश आकर्षित करने हेतु रायपुर, दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु ओसाका, जगदलपुर एवं अहमदाबाद में इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन प्रयासों के चलते राज्य को लगभग 7.69 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें स्टील पावर, सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल, आईटी, बीपीओ लीन एनर्जी आदि क्षेत्र शामिल हैं। नवा रायपुर में राज्य में देश का प्रथम एआई डाटा सेन्टर तथा सेमीकंडक्टर निर्माण हेतु रु 11.000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं इनकी स्थापना की जा रही है। ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस अनुपालनों को कम करने पर ध्यान केंद्रित करते हुए, राज्य ने अनुपालन बोझ को घटाने की पहल की है। इसके तहत 1167 जटिल अनुपालनों की पहचान की गई, 231 प्रावधानों को अपराध मुक्त (decriminalize) किया गयाए 369 प्रक्रियाओं-प्रक्रियाओं को डिजिटल किया गया, 194 प्रावधानों-प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया, तथा 14 प्रावधानों में अनावश्यकता (redundancy) को समाप्त किया गया। कुल 716 व्यवसाय केंद्रित अनुपालनों में से 117 प्रावधानों को अपराधमुक्त किया गया, 231 प्रक्रियाएँ प्रक्रियाओं को डिजिटल किया गया, 153 प्रावधानों प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया और 14 प्रावधानों में अनावश्यकता कम की गई। इसके अलावा कुल 451 नागरिक केंद्रित अनुपालनों को सुव्यवस्थित किया गया है, जिनमें से 114 प्रावधानों को अपराधमुक्त 138 प्रक्रियाओं प्रक्रियाओं को डिजिटल, तथा 41 प्रावधानों प्रक्रियाओं को सरल किया गया है। इन सभी पहलों का उद्देश्य राज्य में व्यवसायों के लिए एक अनुकूल और सहज वातावरण तैयार करना है ताकि उद्योग और व्यापार क्षेत्र और अधिक विकसित हो सके। बिज़नेस रिफॉर्म एक्शन प्लान के तहत विभिन्न विभागों के नियम और प्रक्रियाएँ सरल की गईं। महिलाओं को सुरक्षित तरीके से 24×7 कार्य की अनुमति देने हेतु संबंधित नियमों में संशोधन किए गए। राज्य में 435 बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान को क्रियान्वयित किया गया है। बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान के अंतर्गतराज्य 4 श्रेणियों में टॉप अचीवर बना। 82 जिला स्तरीय सुधारों की पहचान की गई, जिनमें से 124 सुधार लागू किए जा चुके हैं नई सिंगल विंडो प्रणाली भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के आधार पर विकसित की गई है। नया पोर्टल 1 जुलाई 2025 को लॉन्च किया गया। राज्य के विभिन्न अधिनियमों में छोटे अपराधों को अपराध मुक्त (decriminalize) करने हेतु विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ जनविश्वास प्रावधानों में संशोधन अधिनियम 2025 मानसून सत्र में विधानसभा द्वारा पारित किया गया। अधिनियम के माध्यम से 8 अधिनियमों के अंतर्गत 163 प्रावधानों को गई अपराधिकृत किया गया। जनविश्वास अधिनियम पारित करने वाला देश में दूसरा राज्य बना। औद्योगिक भूमि आवंटन को अधिक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाने हेतु छत्तीसगढ़ भूमि आवंटन नियमों में संशोधन किया गया है। अब औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि आबंटन फर्स्ट-कम-फर्स्ट-सर्व की जगह ई-टेंडरिंग के माध्यम से किया जा रहा है। औद्योगिक अधोसंरचना पिछले एक वर्ष में 7 औद्योगिक पार्क स्थापित किए गए तथा 7 अन्य स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना प्रक्रिया में हैं। विगत दो वर्षों में औद्योगिक लैंड बैंक हेतु कुल 05 जिलों में कुल रकबा 255.725 हेक्टेयर भूमि का आधिपत्य विभाग को प्राप्त हुआ है। औद्योगिक लैंड बैंक हेतु कुल 08 जिलों में कुल रकबा 940.65 हेक्टेयर नैशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड हेतु 02 जिलों में कुल रकबा 172.112 हेक्टेयर भूमि का चिन्हांकन किया गया है तथा हेल्थ एण्ड वेलनेस हेतु 07 जिलों में कुल रकबा 82.000 हेक्टेयर शासकीय भूमि का चिन्हांकन किया गया है। एक्सपोर्ट फ़ैसिलिटेशन काउंसिल सरकारी खरीद को पारदर्शी और किफायती बनाने हेतु राज्य सरकार द्वारा जीईएम पोर्टल अपनाया गया है। सीएसआईडीसी के माध्यम से जीईएम टीम द्वारा जिलेवार और विभागवार प्रशिक्षण आयोजित किए जा रहे हैं। राज्य के निर्यात को बढ़ावा देने हेतु आईआईएफटी कोलकाता के साथ एमओयू कर राज्य स्तर पर एक्सपोर्ट फ़ैसिलिटेशन काउंसिल स्थापित की गई है। साथ ही निर्यात संवर्धन हेतु प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट निर्यात आयुक्त कार्यालय में नियुक्त की गई है। छगनलाल लोन्हारे, उप संचालक (जनसंपर्क)

उद्योग मंत्री देवांगन ने किया स्वच्छता दीदियों को 80 नग ई-रिक्शों का वितरण

रायपुर : डोर-टू-डोर अपशिष्ट संग्रहण कार्य में ई-रिक्शों के उपयोग से स्वच्छता दीदियों को होगी श्रम व समय की बचत : उद्योग मंत्री  देवांगन उद्योग मंत्री  देवांगन ने किया स्वच्छता दीदियों को 80 नग ई-रिक्शों का वितरण  मंत्री  देवांगन ने हर की स्वच्छता में स्वच्छता दीदियों की महती भूमिका को किया रेखांकित, दी अपनी शुभकामनाएं रायपुर प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन ने  कोरबा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि शहर की स्वच्छता में हमारी स्वच्छता दीदियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, अतः हम सबका यह सदैव प्रयास होना चाहिए कि उन्हें उनके कार्य संपादन हेतु आवश्यक सुविधाएं सहज रूप से मुहैया हों, उन्होंने कहा कि मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि हमारी स्वच्छता दीदियों को आज 80 नग ई-रिक्शा प्राप्त हो रहे हैं तथा डोर-टू-डोर अपशिष्ट संग्रहण के कार्य में इन ई-रिक्शों के उपयोग से स्वच्छता दीदियों के श्रम व समय की बचत होगी तथा कम परिश्रम व कम समय में वे अपना कार्य पूरा कर सकेंगी।      इस आशय के उद्गार उद्योग मंत्री  लखनलाल देवंागन ने नगर पालिक निगम कोरबा की स्वच्छता दीदियों को ई-रिक्शों के वितरण कार्यक्रम में कहीं। नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा शहर की साफ-सफाई व्यवस्था को और अधिक मजबूती देने की दिशा में ठोस कार्यवाही करते हुए डोर-टू-डोर अपशिष्ट संग्रहण हेतु जिला खनिज न्यास मद से स्वीकृत व 02 करोड़ 84 लाख रूपये की लागत से 80 नग ई-रिक्शा का क्रय किया गया है तथा इन्हें अपने स्वच्छता संसाधन बेडे में शामिल किया जाना हैं। आज उद्योग मंत्री  देवांगन ने इन सभी 80 ई-रिक्शा का वितरण स्वच्छता दीदियों को किया एवं उन्हें अपनी शुभकामनाएं दी।      उद्योग मंत्री  देवांगन ने स्वच्छता दीदियों को संबोधित करते हुए आगे कहा कि आपके परिश्रम व कार्यनिष्ठा से कोरबा की स्वच्छता को मजबूत आधार मिल रहा है तथा आपकी बदौलत ही कोरबा देश में स्वच्छता के क्षेत्र में 08वें स्थान पर पहुंचा है, अब आगे बढ़ने की बारी है, स्वच्छ सर्वेक्षण में कोरबा देश में नम्बर 01 पर आए, मैं इस हेतु अपनी शुभकामनाएं देता हूॅं।      कार्यक्रम की अध्यक्षता महापौर मती संजूदेवी राजपूत के द्वारा की गई, वहीं कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के रूप में सभापति  नूतन सिंह ठाकुर, आयुक्त  आशुतोष पाण्डेय सहित निगम की मेयर इन काउंसिल के सदस्यगण, पार्षदगण आदि की गरिमामयी उपस्थिति रही। उद्योग मंत्री  देवांगन ने इस मौके पर दिए गए अपने उद्बोधन में आगे कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने देश मंे स्वच्छ भारत मिशन संचालन कर स्वच्छता व साफ-सफाई के महत्व को हम सबके सामने रखा, इससे स्वच्छता के प्रति व्यापक जनजागरूकता आई तथा आमजन स्वच्छता के प्रति जागरूक हुए। उन्होने कहा के देश के करोड़ों परिवारों में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शौचालयों का निर्माण हुआ तथा स्वच्छता के क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव आए।      इस मौके पर महापौर मती संजूदेवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमारी स्वच्छता दीदियों की मेहनत की बदौलत हमारे कोरबा को राष्ट्रीय स्तर पर गौरव प्राप्त हुआ है तथा विगत स्वच्छ सर्वेक्षण में वह देश में 08वें नम्बर पर पहुंचा, हमें विश्वास है कि आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण में हम देश में नम्बर 01 पर पहुंचेंगे। निगम क्षेत्र के देवतुल्य नागरिकबंधुओं को साफ-सफाई, सड़क रोशनी, पेयजल आपूर्ति, सड़क नाली आदि की बेहतर सुविधाएं प्राप्त हों तथा इन मूलभूत सुविधाओं के लिए उन्हे अनावश्यक परेशानी न उठानी पडे़। 

रायपुर: शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने चयनित अग्निवीरों और अभ्यर्थियों को किया सम्मानित

रायपुर : चयनित अग्निवीरों एवं अभ्यर्थियों का शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने किया सम्मान रायपुर भारतीय थल सेना में अग्निवीर भर्ती 2024-25 की ऑनलाइन लिखित परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए रविशंकर स्टेडियम, दुर्ग में आयोजित शारीरिक दक्षता प्रशिक्षण शिविर में चयनित अभ्यर्थियों का सम्मान आज स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री  गजेन्द्र यादव द्वारा उनके सेवा सदन निवास में किया गया। इस अवसर पर मंत्री  यादव ने युवाओं को अनुशासन तथा परिश्रम को जीवन का आधार बताते हुए भविष्य में प्रशिक्षण से संबंधित हर संभव सहयोग देने का आश्वासन प्रदान किया। 29 अभ्यर्थी अग्निवीर हेतु हुए चयनित           एनआईएस कोच  विनोद नायर एवं पीटीआई  बालकदास डहरे के मार्गदर्शन में आयोजित प्रशिक्षण शिविर के परिणामस्वरूप कुल 29 अभ्यर्थियों का चयन हुआ। इनमें 19 अभ्यर्थी अग्निवीर के रूप में भारतीय थल सेना में चयनित हुए, जबकि 1-1 अभ्यर्थी भारतीय नौसेना एवं भारतीय वायुसेना में सफल हुए। इसके अतिरिक्त 8 अभ्यर्थियों ने छत्तीसगढ़ पुलिस में चयनित होकर जिले का गौरव बढ़ाया है। प्रशिक्षणार्थियों के इस सामूहिक सफलता प्रदर्शन ने जिले में युवाओं में नई ऊर्जा एवं आत्मविश्वास का संचार किया है। नया दो माह का प्रशिक्षण शिविर जारी         जिला प्रशासन एवं जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र के उपसंचालक  व्ही. के. केडिया के निर्देशन में इस वर्ष भी 1 नवम्बर से 31 दिसम्बर 2025 तक दो माह का अग्निवीर शारीरिक दक्षता प्रशिक्षण शिविर संचालित किया जा रहा है। इस शिविर में 50 लिखित परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को प्रतिदिन एनआईएस कोच एवं अनुभवी पीटीआई के निर्देशन में कठोर एवं नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे उन्हें आगामी चयन प्रक्रियाओं के लिए शारीरिक एवं मानसिक रूप से और अधिक सक्षम बनाया जा सके। कार्यक्रम में युवाओं का उत्साहपूर्ण सम्मान            अग्निवीर प्रशिक्षण प्राप्त कर लौटे तथा छत्तीसगढ़ पुलिस में हाल ही में चयनित युवाओं का अग्निवीर प्रशिक्षणार्थियों द्वारा बड़े उत्साह के साथ फूल मालाओं से स्वागत किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में शिवदयाल धृतलहरे, हर्ष साहू, मीन निषाद, नीरज देशमुख, राहुल, तुषार, निखिल, रविकिशोर, खोमेश, अमित, यश, युवराज सहित कई युवाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिनके सहयोग से कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। सम्मानित अभ्यर्थियों के नाम            अग्निवीर प्रशिक्षण पूरा कर चयनित हुए अभ्यर्थियों में करण पटेल, इंद्र कुमार, गजेन्द्र ठाकुर, सुनील साहू, लोकेन्द्र, मनीष साहू, तामेश्वर, योगेन्द्र कुमार साहू, लक्ष्मीकांत पारकर, डामेश यादव, मोनेश निषाद, शुभम साहू (भारतीय नौसेना)शामिल हैं। इसी प्रकार शुभम, विवेक कुमार, गौरव कुमार साहू, प्रभात साहू, विकास मिश्रा, पल्लव साहू, टिशू यादव, नयन निषाद, तुषार कुमार एवं स्वप्रिल दुबे (भारतीय वायुसेना) शामिल हैं। वहीं छत्तीसगढ़ पुलिस में चयनित अभ्यर्थियों में संजय निषाद, लिलेश साहू, जनकलाल, लोमश साहू, निशा ठाकुर, नेहा साहू, खिलेश्वर पटेल एवं ललिता यदु के नाम प्रमुख हैं।

रायपुर में शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय की 24वीं बैठक, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने की अध्यक्षता

रायपुर : स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय रायपुर के स्वशासी कार्यकारिणी समिति की 24 वीं बैठक संपन्न रायपुर शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय रायपुर के स्वशासी कार्यकारिणी समिति की 24 वीं बैठक आज स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में महाविद्यालय में आयोजित की गई। आज की बैठक में संस्था के छात्र – छात्राओं से जुड़े विभिन्न सुविधाओं की स्वीकृति प्रदान की गई।  बैठक में महाविद्यालय के कक्षाओं को वातानुकूलित करने, फर्नीचर की खरीदी तथा विभिन्न प्रयोगशालाओं में माड्यूलर लैब लगाने की स्वीकृति दी गई। इसके अलावा  छात्रों के शैक्षणिक भ्रमण के लिए एक बस खरीदने तथा पुस्तकालय को स्मार्ट बनाने आर‌एफ‌आईडी सिस्टम लगाने की भी स्वीकृति प्रदान की गई है।  बैठक में महाविद्यालय के विभिन्न भवनों का नामकरण आयुर्वेद के आचार्यों के नाम पर करने की सहमति देते हुए चिकित्सालय में 200 किलोवाट के डीजल जेनरेटर सेट लगाने की भी स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने इस अवसर पर कहा कि चिकित्सा छात्रों के लिए महाविद्यालय चिकित्सालय हेतु आवश्यक मशीनो एवं उपकरणों सहित अन्य जरूरी संसाधन मुहैया कराने के लिए वो तत्पर  हैं और उनकी बेहतर शिक्षा के लिए मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय भी प्रतिबद्ध हैं। बैठक में  विभागीय सचिव  अमित कटारिया, संचालक आयुष सु संतन जांगड़े,  प्राचार्य डॉ. प्रवीण जोशी, रजिस्ट्रार डॉ. संजय शुक्ला सहित अन्य अधिकारी गण उपस्थित थे।

रायपुर साहित्य उत्सव 2026: आयोजन के लिए नौ सदस्यीय सलाहकार समिति गठित

नवा रायपुर में 23 से 25 जनवरी तक होगा साहित्य उत्सव रायपुर अगले वर्ष 23 दिसंबर से नवा रायपुर में होने वाले रायपुर साहित्य उत्सव के लिए राज्य शासन ने सलाहकार समिति का गठन कर दिया है। इस समिति में नौ सदस्य बनाए गए हैं। समिति में सदस्य के रूप में श्री अनंत विजय, डॉ. सुशील त्रिवेदी, श्री सतीश कुमार पंडा, श्रीमती जयमति कश्यप, श्री संजीव कुमार सिन्हा, श्री शंशाक शर्मा, श्री पंकज कुमार झा और श्री विवेक आचार्य को भी शामिल किया गया है। समिति रायपुर साहित्य उत्सव के सफल और प्रभावी आयोजन के लिए विशेष सलाह देगी। इसके साथ ही साहित्यकारों के चयन और आयोजन के विषयों पर भी आयोजकों को सहयोग करेगी। जनसंपर्क संचालनालय के आयुक्त डॉ. रवि मित्तल समिति के सदस्य सचिव होंगे। उल्लेखनीय है कि नए वर्ष की शुरुआत के साथ आगामी महीने रायपुर साहित्य उत्सव का आयोजन नवा रायपुर में 23 से 25 जनवरी तक होगा, जिसमें देश भर से 100 से अधिक प्रतिष्ठित साहित्यकार शामिल होंगे। राज्य स्थापना के रजत वर्ष पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा इस आयोजन की परिकल्पना की गई थी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संकल्पना पर आधारित इस आयोजन की व्यापक कार्ययोजना मात्र दो माह में तैयार की गई है। यह तीन दिवसीय महोत्सव 23, 24 एवं 25 जनवरी 2026 को जनजातीय संग्रहालय के समीप आयोजित होगा। इस उत्सव में कुल 11 सत्र शामिल होंगे। इनमें 5 समानांतर सत्र, 4 सामूहिक सत्र, और 3 संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें साहित्यकारों एवं प्रतिभागियों के बीच सीधा संवाद और विचार-विमर्श होगा।

धमतरी में रिकॉर्ड रफ्तार से धान खरीदी, किसानों को 409 करोड़ का हुआ भुगतान

रायपुर खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत धमतरी जिले में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन एवं कस्टम मिलिंग कार्य तेजी और पारदर्शिता के साथ जारी है। प्रशासन की सतत मॉनिटरिंग और व्यवस्थित व्यवस्था के कारण किसानों को सुगम, पारदर्शी और त्वरित सेवाएँ मिल रही हैं। जिले में 10 दिसंबर तक 1,72,568.60 मी.टन धान खरीदा गया है, जिसके एवज में किसानों को 409.32 करोड़ रुपये का त्वरित भुगतान किया गया है। कुल 37,084 किसानों द्वारा धान विक्रय किए जाने से कृषि समुदाय को मजबूत आर्थिक संबल मिला है। कस्टम मिलिंग में भी तेज प्रगति कस्टम मिलिंग हेतु 5,52,336 मी.टन धान की अनुमति प्रदान की गई है, जिनमें से 4,54,272 मी.टन का अनुबंध मिलर्स से किया जा चुका है। अब तक 19,611 मी.टन धान का डी.ओ. जारी होने के साथ समितियों से 7,966 मी.टन धान का उठाव भी पूर्ण किया गया है। समितियों में 1,64,602.60 मी.टन धान शेष है, जिसके त्वरित उठाव के निर्देश दिए गए हैं। टोकन सिस्टम से पारदर्शी खरीदी टोकन आधारित व्यवस्था ने खरीदी प्रक्रिया को अधिक सुचारू बनाया है। 10 दिसंबर तक 17,134 टोकन जारी किए गए, जिनसे 1,34,59.92 क्विंटल धान का उपार्जन दर्ज हुआ। इसी अवधि में 3,133 कृषकों ने 86.53 हेक्टेयर रकबे से धान बेचा है। लंबित आवेदन केवल 7 हैं, जिनका शीघ्र निराकरण किया जा रहा है। अवैध परिवहन पर सख्ती प्रशासन द्वारा अवैध धान परिवहन के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है। अब तक 3,652.40 क्विंटल धान एवं 02 वाहन जप्त किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 28 लाख रुपये आँकी गई है। फोटो अपलोड एवं सत्यापन 99.68% पूर्ण धान बेचने वाले 3,133 किसानों में से 3,123 किसानों ने फोटो अपलोड कर दिया है, जो 99.68 प्रतिशत उपलब्धि दर्शाता है। कृषक श्रेणीवार प्रगति जिले में सीमांत, लघु और दीर्घ श्रेणी सहित 37,084 किसानों ने धान बेचा है। पंजीकृत 74,611 किसानों में से 18,768 किसानों ने अब तक विक्रय किया है। शेष किसानों को निर्धारित तारीखों के अनुसार टोकन के माध्यम से बुलाया जाएगा। कमांड सेंटर से की जा रही है सतत निगरानी कलेक्टर के निर्देशन में कमांड सेंटर द्वारा धान उपार्जन, रकबा समर्पण, शिकायत निवारण और फोटो सत्यापन की निरंतर समीक्षा की जा रही है। प्रशासन का लक्ष्य है कि प्रत्येक पात्र किसान को समय पर टोकन उपलब्ध कराया जाए, खरीदी बिना किसी बाधा के हो और भुगतान शीघ्र किसानों के खातों में पहुँचे। धमतरी जिले में धान खरीदी कार्य पूरी तरह पारदर्शी, व्यवस्थित और किसानहित में निर्बाध रूप से प्रगति पर है।

ग्राफ्टेड बैंगन से बदली खेती की तस्वीर – खरसिया के किसान मुरलीधर साहू ने

राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना ने दी नई दिशा, कम लागत में लाखों की आय का रास्ता खुला आधुनिक तकनीक व उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन से 80 क्विंटल से बढ़कर 170 क्विंटल तक पहुँची उपज रायपुर  ग्राफ्टेड बैंगन एक ऐसा पौधा है जो दो अलग-अलग पौधों के हिस्सों को जोड़कर बनाया जाता है, एक मजबूत जड़ वाला पौधा (रूटस्टॉक) और एक उच्च गुणवत्ता वाला फल देने वाला पौधा (स्कायन)। इस तकनीक से बैंगन की पैदावार बढ़ती है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होती है, और मिट्टी से जुड़ी समस्याएं कम होती हैं। रायगढ़ जिले के विकासखण्ड खरसिया के ग्राम करूमौहा के किसान श्री मुरलीधर साहू आज आसपास के किसानों के लिए प्रेरणा बने हुए हैं। कभी परंपरागत धान की खेती करने वाले श्री साहू को लागत अधिक और लाभ कम होने के कारण खेती में संतुष्टि नहीं थी। इसी बीच उन्होंने उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। यही मार्गदर्शन उनके कृषि जीवन में बड़ा बदलाव साबित हुआ। कम लागत में उत्पादन में बड़ा इजाफा उद्यानिकी विभाग द्वारा समय-समय पर दी गई तकनीकी सलाह, प्रशिक्षण एवं प्रेरणा से उनका रूझान पारंपरिक खेती से बदलकर उद्यानिकी फसलों की ओर बढ़ा। विभाग की अनुशंसा पर उन्होंने अपनी एक हेक्टेयर भूमि में ग्राफ्टेड बैंगन फसल का रोपण किया। जैविक खाद और जैविक दवाओं के प्रयोग से लागत भी कम रही और उत्पादन क्षमता में बड़ा इजाफा देखने को मिला।    आधुनिक तकनीक से तीन गुना लाभ  राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत उन्हें 20 हजार रुपए का अनुदान भी मिला। इससे आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था हुई और खेती की दिशा व दशा दोनों बदली। पहले जहां उपज 80 से 85 क्विटंल उत्पादन होता था वहीं आधुनिक तकनीक अपनाने के बाद उपज बढ़कर 150 से 70 क्विंटल तक पहुँच गई। बाजार भाव अच्छा मिलने पर कुल आय 4.5 लाख रुपए और कुल लाभ लगभग 3 लाख रुपए तक पहुँच गया, जो पहले की तुलना में तीन गुना है। जैविक पद्धति और कम लागत में अधिक उत्पादन मुरलीधर साहू की सफलता को देखकर आसपास के ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों के किसान भी उद्यानिकी फसलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। आधुनिक कृषि तकनीक, जैविक पद्धति और कम लागत में अधिक उत्पादन का संदेश दूर-दूर तक फैल रहा है। उनकी यह सफलता कहानी बताती है कि सही मार्गदर्शन, आधुनिक तकनीक और योजनाओं का लाभ लेकर किसान आज आर्थिक रूप से मजबूती की दिशा में बड़े कदम उठा सकते हैं। एक हेक्टेयर से बनी मिसाल”, ग्राफ्टेड बैंगन ने बदली आर्थिक स्थिति खरसिया के किसान मुरलीधर साहू ने एक हेक्टेयर में ग्राफ्टेड बैंगन की आधुनिक खेती अपनाकर उत्पादन को लगभग दोगुना कर दिया। जैविक विधियों, विभागीय मार्गदर्शन और बागवानी मिशन से प्राप्त अनुदान के सहारे उन्हें इस सीजन में करीब 3 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ। इस उपलब्धि ने क्षेत्र के किसानों में नई ऊर्जा और उम्मीद जगाई है।