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बच्चों का स्वर्णिम भविष्य शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर : बच्चों के भविष्य को स्वर्णिम बनाने की महती जिम्मेदारी शिक्षा विभाग पर – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के तहत शिक्षा विभाग की रणनीति पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक अंजोर विजन के लघु, मध्यम और दीर्घकालीन लक्ष्यों पर व्यापक एवं गहन विमर्श मुख्यमंत्री ने कहा — लक्ष्य बड़े हैं, इसलिए कार्ययोजना ठोस हो और क्रियान्वयन पूरी ईमानदारी से हो रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के तहत शिक्षा विभाग के लक्ष्यों की प्राप्ति को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में उन्होंने वर्ष 2030 तक के लघु अवधि, 2035 तक के मध्य अवधि तथा दीर्घकालीन लक्ष्यों पर विस्तृत चर्चा की और अधिकारियों को ठोस कार्ययोजना तैयार कर त्वरित एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विकसित भारत 2047 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, और इसी क्रम में ‘अंजोर विजन’ के माध्यम से विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन लक्ष्यों की प्राप्ति का सबसे सशक्त आधार शिक्षा है, क्योंकि दक्ष, कुशल और स्मार्ट बच्चे ही भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम होंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश में शिक्षकों की संख्या राष्ट्रीय औसत से बेहतर है और सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। बैठक के दौरान स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से समस्त जानकारी मुख्यमंत्री के साथ साझा की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यदि एक शिक्षक अपनी जिम्मेदारी को दृढ़ता से निभा ले, तो बच्चों के भविष्य को स्वर्णिम बनने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने शिक्षकों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने, प्रतिभाशाली शिक्षकों को नेतृत्व के अवसर प्रदान करने और बेहतर अकादमिक माहौल विकसित करने पर बल दिया। उन्होंने आंगनबाड़ी एवं बालवाड़ी के माध्यम से प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत करने तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ समन्वय को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए। बैठक में अंजोर विजन 2047 के अंतर्गत 1000 मॉडल स्कूलों की स्थापना, स्कूल कॉम्प्लेक्स प्रणाली, अंतर्राष्ट्रीय स्तर के स्कूलों की शुरुआत, एआई-आधारित मूल्यांकन प्रणाली, डिजिटल ऐप के माध्यम से व्यक्तिगत पाठ योजनाएं, शिक्षक प्रशिक्षण के उन्नयन तथा STEM शिक्षा के विस्तार जैसे प्रमुख लक्ष्यों की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने STEM शिक्षा को प्रोत्साहित करने हेतु साइंस सिटी की स्थापना, विज्ञान मेलों के आयोजन और एआई एवं रोबोटिक्स लैब प्रारंभ करने पर विशेष जोर दिया। बैठक में वर्ष 2035 तक ड्रॉपआउट दर को शून्य करने, राज्य स्तरीय ECCE समिति के गठन, शिक्षकों की भर्ती, मूल्यांकन केंद्रों को सुदृढ़ करने और आगामी तीन वर्षों के लक्ष्यों को निर्धारित कर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने संबंधी विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की कार्यप्रणाली — परीक्षार्थियों के डेटा संकलन, प्रश्नपत्र निर्माण, परीक्षा संचालन एवं मूल्यांकन — की समीक्षा की तथा हायर सेकेंडरी स्तर पर अतिरिक्त विषयों के विकल्प, प्रतियोगी परीक्षाओं पर आधारित प्रश्न बैंक, त्रुटिरहित मूल्यांकन व्यवस्था और गोपनीय प्रश्नपत्रों के परिवहन हेतु ट्रैकिंग सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए। बैठक में एनईपी 2020 के तहत नामांकन दर में हुई उल्लेखनीय वृद्धि, बालवाड़ी को स्कूली शिक्षा से जोड़ने, मातृभाषा-आधारित शिक्षण, ‘जादुई पिटारा’ एवं संवाद कार्यक्रम, इको क्लब की गतिविधियाँ, पीएम ई-विद्या के अंतर्गत डिजिटल प्रसारण तथा व्यावसायिक शिक्षा के विस्तार जैसी उपलब्धियाँ भी प्रस्तुत की गईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंजोर विजन 2047 के लक्ष्य छत्तीसगढ़ की आने वाली पीढ़ी को सशक्त, आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, मुख्य सचिव विकास शील, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की अध्यक्ष मती रेणु पिल्लै, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव मती शम्मी आबिदी, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव रजत कुमार सहित स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

राजभाषा दिवस पर भव्य समारोह: संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल बोले— जल्द ही आठवीं अनुसूची में शामिल होगी छत्तीसगढ़ी भाषा

रायपुर : छत्तीसगढ़ राजभाषा दिवस के अवसर पर संस्कृति विभाग के ऑडिटोरियम में भव्य समारोह आठवीं अनुसूची में छत्तीसगढ़ी भाषा जल्द ही शामिल होगी: संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल रायपुर छत्तीसगढ़ राजभाषा दिवस के अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में संस्कृति विभाग के अडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में रायपुर उत्तर विधायक पुरन्दर मिश्रा, धरसींवा विधायक अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सु मोना सेन, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, संचालक संस्कृति एवं राजभाषा विवेक आचार्य, छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग की सचिव डॉ. अभिलाषा बेहार उपस्थित रहीं। अतिथियों का स्वागत पारंपरिक छत्तीगढ़िया तरीके से खुमरी पहना कर किया गया। कार्यक्रम की सबसे विशेष बात यह रही कि सभी अतिथियों ने अपना उद्बोधन छत्तीसगढ़ी में दिया। छत्तीसगढ़ी में उद्बोधन देते हुए मंत्री अग्रवाल ने कहा कि आठवीं अनुसूची में छत्तीसगढ़ी को शामिल करने के लिए पूर्व में प्रयास हो चुके हैं तथा अब पूरी तैयारी के साथ केंद्र को प्रस्ताव भेजकर इसे जल्द पूरा किया जाएगा। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बोली जाने वाली छत्तीसगढ़ी की विविधता पर जोर देते हुए प्रसिद्ध कहावत ‘‘कोस-कोस पर पानी बदले, चार कोस पर बानी‘‘ का उल्लेख किया तथा सभी बोलियों को समाहित कर भाषा को समृद्ध बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने साहित्यकारों को उनके छत्तीसगढ़ी भाषा में योगदान के लिए बधाई दी तथा छत्तीसगढ़ी साहित्यकारों द्वारा लिखित पुस्तकों का विमोचन भी किया। मंत्री अग्रवाल ने संस्कृति विभाग परिसर में लगाई गई छत्तीसगढ़ी किताबों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा सेल्फी प्वाइंट पर अपनी सेल्फी भी ली। छह साहित्यकारों का सम्मान, 13 पुस्तकों का विमोचन कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी भाषा के प्रति योगदान हेतु पद्म धर्मपाल सैनी (जगदलपुर), सरला शर्मा (दुर्ग), एस.पी. जायसवाल (सरगुजा), हेमलाल साहू निर्माेही (दुर्ग), डॉ. प्रकाश पतंगीवार (रायपुर) तथा काशी साहू (बिलासपुर) को मुख्य अतिथियों ने छत्तीसगढ़ी भाषा एवं साहित्य में उनके योगदान हेतु सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी भाषा में लिखी पुस्तकों का विमोचन भी किया गया जिसमें ‘‘आठवीं अनुसूची में छत्तीसगढ़ी‘‘ प्रधान संपादक डॉ. अभिलाषा बेहार, संपादक डॉ. सुधीर शर्मा, ‘‘छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग प्रांतीय सम्मेलन 2024 की स्मारिका‘‘, सदाराम सिन्हा ‘स्नेही‘ कृत ‘‘सूरूज खड़े मुहाटी म‘‘, स्व. नोहरलाल साहू ‘अधमरहा‘ कृत ‘‘हाना के तराना‘‘, मकसूदन साहू कृत ‘‘बरीवाला‘‘, अरविंद मिश्र कृत ‘‘छत्तीसगढ़ी शब्द सामरथ‘‘, डॉ. राघवेन्द्र दुबे कृत ‘‘मोर छत्तीसगढ़ के माटी‘‘, डॉ. किशन टण्डन कृत ‘‘भुंइयां के भगवान‘‘, जमुना प्रसाद चौहान कृत ‘‘मया के खोंदरा‘‘, डॉ. नरेन्द्र वर्मा कृत ‘‘मैं बेटा किसान के‘‘, डॉ. विवेक तिवारी कृत ‘‘हमर परियावरन‘‘, स्व. भूषण लाल परगनिहा कृत ‘‘ गउ रामायन‘‘, विकास कश्यप कृत ‘‘एक दिया‘‘, बलराम मिर्झा कृत ‘‘मन चंगा तो कठौती में गंगा‘‘ और मती आशा झा कृत ‘‘मया भरे आंखी‘‘ प्रमुख हैं। कविता पाठ, गोष्ठी और प्रदर्शनी से सजा समारोह कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी किताबों की प्रदर्शनी, साहित्यकारों द्वारा कविता पाठ, आठवीं अनुसूची हेतु चर्चा गोष्ठी आयोजित हुई। छत्तीसगढ़ी साहित्यकारों ने कविता पाठ से अतिथियों को मंत्र मुग्ध कर दिया। यह समारोह छत्तीसगढ़ी भाषा के संवर्धन में मील का पत्थर साबित हुआ।

बच्चों के भविष्य को स्वर्णिम बनाने की महती जिम्मेदारी शिक्षा विभाग पर – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के तहत शिक्षा विभाग की रणनीति पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक अंजोर विजन के लघु, मध्यम और दीर्घकालीन लक्ष्यों पर व्यापक एवं गहन विमर्श मुख्यमंत्री ने कहा — लक्ष्य बड़े हैं, इसलिए कार्ययोजना ठोस हो और क्रियान्वयन पूरी ईमानदारी से हो रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के तहत शिक्षा विभाग के लक्ष्यों की प्राप्ति को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में उन्होंने वर्ष 2030 तक के लघु अवधि, 2035 तक के मध्य अवधि तथा दीर्घकालीन लक्ष्यों पर विस्तृत चर्चा की और अधिकारियों को ठोस कार्ययोजना तैयार कर त्वरित एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा विकसित भारत 2047 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, और इसी क्रम में ‘अंजोर विजन’ के माध्यम से विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन लक्ष्यों की प्राप्ति का सबसे सशक्त आधार शिक्षा है, क्योंकि दक्ष, कुशल और स्मार्ट बच्चे ही भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम होंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश में शिक्षकों की संख्या राष्ट्रीय औसत से बेहतर है और सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। बैठक के दौरान स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से समस्त जानकारी मुख्यमंत्री के साथ साझा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यदि एक शिक्षक अपनी जिम्मेदारी को दृढ़ता से निभा ले, तो बच्चों के भविष्य को स्वर्णिम बनने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने शिक्षकों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने, प्रतिभाशाली शिक्षकों को नेतृत्व के अवसर प्रदान करने और बेहतर अकादमिक माहौल विकसित करने पर बल दिया। उन्होंने आंगनबाड़ी एवं बालवाड़ी के माध्यम से प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत करने तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ समन्वय को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए। बैठक में अंजोर विजन 2047 के अंतर्गत 1000 मॉडल स्कूलों की स्थापना, स्कूल कॉम्प्लेक्स प्रणाली, अंतर्राष्ट्रीय स्तर के स्कूलों की शुरुआत, एआई-आधारित मूल्यांकन प्रणाली, डिजिटल ऐप के माध्यम से व्यक्तिगत पाठ योजनाएं, शिक्षक प्रशिक्षण के उन्नयन तथा STEM शिक्षा के विस्तार जैसे प्रमुख लक्ष्यों की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने STEM शिक्षा को प्रोत्साहित करने हेतु साइंस सिटी की स्थापना, विज्ञान मेलों के आयोजन और एआई एवं रोबोटिक्स लैब प्रारंभ करने पर विशेष जोर दिया। बैठक में वर्ष 2035 तक ड्रॉपआउट दर को शून्य करने, राज्य स्तरीय ECCE समिति के गठन, शिक्षकों की भर्ती, मूल्यांकन केंद्रों को सुदृढ़ करने और आगामी तीन वर्षों के लक्ष्यों को निर्धारित कर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने संबंधी विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की कार्यप्रणाली — परीक्षार्थियों के डेटा संकलन, प्रश्नपत्र निर्माण, परीक्षा संचालन एवं मूल्यांकन — की समीक्षा की तथा हायर सेकेंडरी स्तर पर अतिरिक्त विषयों के विकल्प, प्रतियोगी परीक्षाओं पर आधारित प्रश्न बैंक, त्रुटिरहित मूल्यांकन व्यवस्था और गोपनीय प्रश्नपत्रों के परिवहन हेतु ट्रैकिंग सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए। बैठक में एनईपी 2020 के तहत नामांकन दर में हुई उल्लेखनीय वृद्धि, बालवाड़ी को स्कूली शिक्षा से जोड़ने, मातृभाषा-आधारित शिक्षण, ‘जादुई पिटारा’ एवं संवाद कार्यक्रम, इको क्लब की गतिविधियाँ, पीएम ई-विद्या के अंतर्गत डिजिटल प्रसारण तथा व्यावसायिक शिक्षा के विस्तार जैसी उपलब्धियाँ भी प्रस्तुत की गईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंजोर विजन 2047 के लक्ष्य छत्तीसगढ़ की आने वाली पीढ़ी को सशक्त, आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, मुख्य सचिव श्री विकास शील, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की अध्यक्ष श्रीमती रेणु पिल्लै, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री रजत कुमार सहित स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

SIR डेडलाइन बढ़ाने की अपील: पीसीसी चीफ ने सरकार को लिखा पत्र, बताई लोगों की दिक्कतें

रायपुर छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में SIR की प्रक्रिया जारी है. इस महाभियान को पूरा करने के लिए एक महीने का लक्ष्य रखा गया, जो बेहद करीब नजर आ रहा है. डिजिटाइजेशन का कार्य भी धड़ल्ले से चल रहा है. इसी बीच आज PCC चीफ ने प्रेसवार्ता के दौरान SIR की अंतिम तिथि को बढ़ाने की मांग भी कर दी है. बता दें, छत्तीसगढ़ में SIR 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है. लेकिन अब अंतिम तारीख को कुछ ही दिन बाकी रह गए हैं. ऐसे में पीसीसी चीफ बैज ने कहा कि प्रदेश में BLO परेशान है. इतने दिनों में काम पूरा नहीं हुआ है. 6 दिनों में और क्या होगा. उन्होंने कहा कि 4 दिसंबर तक SIR करना संभव नहीं है. चुनाव आयोग को डेट आगे बढ़ाना चाहिए. हमारा कंट्रोल रूम का स्तर में बनाने का मकसद यही है, कि कोई व्यक्ति परेशान हैं तो वहां कॉल करके मदद ले सकते हैं. वहीं जमीन गाइडलाइन को लेकर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि जमीन गाइडलाइन को बढ़ा दी गई है. 10 गुना जमीन की रेट बढ़ा दी है. इससे छोटे लोगों को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. गरीब लोगों का घर-जमीन सपना रह गया है. उन्होंने कहा कि गाइडलाइंस सुधार नहीं हुआ, तो कांग्रेस पार्टी बड़ा आंदोलन करेगी.

जंगल-पहाड़ों के रास्तों से मतदाताओं तक पहुंच रही टीम, नारायणपुर में विशेष गहन पुनरीक्षण ने पकड़ी रफ्तार

रायपुर,  भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर पूरे प्रदेश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को नारायणपुर जिले में गति मिल रही है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी  के मार्गदर्शन में प्रशासनिक टीमें और बीएलओ जंगलों-पहाड़ों के बीच बसे दुर्गम इलाकों तक पहुंचकर मतदाता सूची अद्यतन कार्य को निरंतर अंजाम दे रहे हैं। लक्ष्य है—कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे। जिले में वर्तमान में कुल 92,637 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें से 77.25 प्रतिशत गणना पत्रक का डिजिटाइजेशन अब तक पूरा किया जा चुका है। प्रशासनिक टीमें त्रुटिरहित अद्यतन सुनिश्चित करने के लिए नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, गलतियों को सुधारने और मृत अथवा स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने के कार्य में पूरी गम्भीरता से जुटी हुई हैं। बीएलओ समरूलाल यादव की प्रेरक कहानी दुर्गम ग्राम गट्टाकाल से एक प्रेरक उदाहरण सामने आया है। मतदान केंद्र क्रमांक 09 के बीएलओ समरूलाल यादव को पुनरीक्षण कार्य के लिए पहाड़ी पगडंडियों पर मीलों पैदल चलना पड़ा। कई बार उन्हें बिना पुल वाले नदी-नालों को पार करना पड़ा, फिर भी वे लगातार घर-घर पहुंचकर मतदाताओं का सत्यापन करते रहे। इस मतदान केंद्र के 360 मतदाताओं में से 262 का पुनरीक्षण कार्य पूरा कर लिया गया है, जबकि शेष 98 मतदाताओं का कार्य भी तेजी से जारी है। समरूलाल यादव का कहना है कि कठिन रास्ते भी उन्हें लोकतंत्र को मजबूत करने के संकल्प से नहीं रोक पाते। 20 बीएलओ ने किया शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, जिले के 20 बीएलओ अपने-अपने क्षेत्रों में 100 प्रतिशत पुनरीक्षण कार्य पूरा कर चुके हैं। उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें कलेक्टर प्रतिष्ठा  द्वारा निरंतर प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जा रहा है। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में पहुंचकर मतदाताओं को जोड़ने का यह निरंतर प्रयास जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता, पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करता है।

बिलासपुर रेलवे स्टेशन: अवैध वेंडर्स पर कमर्शियल टीम की कार्रवाई, 29 गिरफ्तार

बिलासपुर बिलासपुर रेलवे स्टेशन में जहां 24 घंटे आरपीएफ कथित रूप से मुस्तैद रहती है, जोन ऑफिस होने के कारण आईजी, डीआईजी और कमांडेंट आना-जाना करते है वहां बड़ी संख्या में अवैध वेंडर्स बेखौफ होकर या यू कहें कि आरपीएफ की संरक्षण में निडर होकर चल रहे है, यही कारण है कि जिस रेलवे स्टेशन में आरपीएफ को अवैध वेंडर्स नजर नहीं आते उस समय कमर्शियल विभाग ने वहां 29 अवैध वेंडरों को पकड़कर कार्रवाई की.  बिलासपुर रेलवे स्टेशन में अवैध वेडिंग रुकने का नाम नहीं ले रही है. प्लेटफॉर्म पर ट्रेन रुकते ही बिना लाइसेंस वाले वेंडर कोच में चढ़कर खाद्य सामग्री बेचने लगते हैं, जबकि स्टॉल के वेंडर प्लेटफॉर्म पर ही घूमते रह जाते हैं. यह स्थिति रोज की हो गई है. स्टॉल संचालकों की शिकायत पर भी कोई सुनवाई नहीं होती. अवैध वेंडरों की वजह से यात्रियों की सुरक्षा तक खतरे में पड़ गई है. इसे देखते हुए गुरुवार को बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर अनधिकृत वेंडरों पर अंकुश लगाने के लिए मंडल वाणिज्य प्रबंधक एस. भारतीयन के नेतृत्व में वाणिज्य निरीक्षक, वाणिज्य पर्यवेक्षक और टीम ने औचक खानपान जांच अभियान चलाया. इसमें 29 अनधिकृत वेंडर्स को पकड़ा गया और उन पर 80,460 रुपए का जुर्माना लगाकर दंडात्मक कार्रवाई की गई. वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अनुराग कुमार सिंह ने कहा कि बिलासपुर मंडल यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए नियमित रूप से निगरानी अभियान चलाता रहेगा. अनियमितता और अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी.  

मुख्यमंत्री साय से बिहार के पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने की सौजन्य मुलाकात

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में बिहार के पथ निर्माण मंत्री श्री नितिन नवीन ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री  साय ने नितिन नवीन का आत्मीय स्वागत किया तथा उन्हें शॉल एवं प्रतीक चिन्ह नन्दी भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर विधायक किरण देव एवं छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह उपस्थित थे।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल होने के लिए मानसिक मजबूती जरूरी – सुश्री संजू देवी

रायपुर : छत्तीसगढ़ का गौरव है संजू, अपने खेल से राज्य को दिलाई अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा – श्री अरुण साव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल होने के लिए मानसिक मजबूती जरूरी – सुश्री संजू देवी उप मुख्यमंत्री श्री साव और अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी संजू ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस में कबड्डी विश्व कप में भारत के खिताबी सफर को किया साझा रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव और छत्तीसगढ़ की अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी सुश्री संजू देवी ने बांग्लादेश में आयोजित महिला कबड्डी विश्व कप में भारत के खिताबी जीत के सफर को साझा किया। इस विश्व कप में छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के छोटे से गांव केराकछार की 23 साल की सुश्री संजू देवी रावत को टूर्नामेंट का मोस्ट वेल्युबल प्लेयर चुना गया। फाइनल में भारत को मिले कुल 35 प्वाइंट्स में से 16 प्वाइंट्स अकेले संजू ने दिलाए। सेमी-फाइनल सहित अन्य मैचों में भी उन्होंने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से भारत को चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संजू की इस उपलब्धि के खास मायने हैं। वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाली राज्य की पहली कबड्डी खिलाड़ी हैं। कबड्डी विश्व कप के साथ ही उन्होंने इस साल मार्च में ईरान में आयोजित एशियन कबड्डी चैम्पियनशिप में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था और भारत को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।   छत्तीसगढ़ का गौरव है संजू, अपने खेल से राज्य को दिलाई अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा – श्री अरुण साव उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर स्थित अपने शासकीय निवास कार्यालय में आयोजित प्रेस-कॉन्फ्रेंस में बताया कि संजू देवी ने महिला कबड्डी विश्व कप में भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई। उन्होंने अपने उत्कृष्ट खेल कौशल से छत्तीसगढ़ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित किया है। वे छत्तीसगढ़ की ही नहीं, अपितु पूरे भारत की गौरव हैं। राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित बिलासपुर के बहतराई आवासीय बालिका कबड्डी अकादमी में प्रशिक्षण हासिल कर विश्व विजेता बनी संजू देशभर के लिए प्रेरणास्त्रोत बन गई है। वे वहां जुलाई-2023 से प्रशिक्षण ले रही हैं। अपनी लगन, कड़ी मेहनत और कबड्डी के प्रति जुनून से उन्होंने एक छोटे से गांव से निकलकर दो-दो अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भारत को चैंपियन बनाने में महती भूमिका निभाई है।  छत्तीसगढ़ का गौरव है संजू, अपने खेल से राज्य को दिलाई अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा – श्री अरुण साव उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बताया कि बहतराई के स्वर्गीय बी.आर. यादव राज्य प्रशिक्षण केंद्र में अभी कबड्डी में 38 बालिकाएं, हॉकी में 35 बालक और 38 बालिकाएं, तीरंदाजी में 14 बालक और 14 बालिकाएं तथा एथलेटिक्स में 12 बालक और 7 बालिकाएं प्रशिक्षण ले रही हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने तथा इनके प्रशिक्षण व आयोजनों के लिए जरूरी अधोसंरचनाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। खिलाड़ियों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। विगत 24 नवम्बर को बांग्लादेश में संपन्न हुई महिला विश्व कप कबड्डी की विजेता भारतीय टीम की सदस्य और टूर्नामेंट की मोस्ट वेल्युबल प्लेयर चुनी गई संजू देवी ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस में कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल होने के लिए मानसिक रूप से मजबूत होना जरूरी है। जब आप सभी बाधाओं से लड़कर पहली सीढ़ी पार करते हैं तभी दूसरी सीढ़ी पर चढ़ने का मौका मिलता है। संजू ने अपने गांव केराकछार से कबड्डी विश्व कप तक के सफर के बारे में बताया कि उन्होंने जनवरी-2024 में कोलकाता में आयोजित ईस्ट जोन इंटरयुनिवर्सिटी टूर्नामेंट में और जनवरी-2025 में भटिंडा में ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी टूर्नामेंट में बिलासपुर विश्वविद्यालय की ओर से तथा विशाखापट्टनम, तमिलनाडु, नागपुर, महासमुंद और भजियापार (महाराष्ट्र) के ऑल इंडिया टूर्नामेंट में राज्य की ओर से भागीदारी की है। संजू ने बताया कि पिछले साल छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ द्वारा आयोजित चयन स्पर्धा में अच्छे प्रदर्शन के फलस्वरूप इंडिया कैंप के लिए उनका चयन हुआ। इंडिया कैंप में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर ईरान में हुए एशियन कबड्डी चैम्पियनशिप के लिए उन्हें भारतीय टीम में स्थान मिला। इसमें लगातार अच्छे प्रदर्शन के कारण उन्हें महिला कबड्डी वर्ल्ड कप की टीम में भी शामिल किया गया। वे भारतीय टीम के लिए गांधी नगर और सोनीपत में आयोजित चार कैंपों में शामिल हो चुकी हैं। युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनूजा सलाम, उप संचालक श्रीमती रश्मि ठाकुर, छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ के अध्यक्ष श्री शशिकांत बघेल और संजू देवी के कोच श्री दिल कुमार राठौर भी प्रेस-कॉन्फ्रेंस में मौजूद थे।

विश्व कप स्टार संजू देवी को CM साय की बधाई—रायपुर में किया सम्मानित

रायपुर : मुख्यमंत्री  साय ने महिला कबड्डी विश्व कप की स्टार खिलाड़ी संजू देवी को दी बधाई रायपुर महिला कबड्डी विश्व कप की स्टार खिलाड़ी छत्तीसगढ़ निवासी संजू देवी ने विगत दिवस मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री  साय ने विश्व कप में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ और देश का नाम रोशन करने पर संजू देवी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि “आपने महिला सशक्तिकरण की एक नई मिसाल पेश की है। आपको देखकर प्रदेश की बेटियाँ खेल जगत में और अधिक उत्साह के साथ आगे बढ़ेंगी। यह उपलब्धि निस्संदेह आने वाली पीढ़ियों की खेल प्रतिभा को निखारने में प्रेरक साबित होगी।”मुलाकात के दौरान संजू देवी ने भी अपनी जीवन यात्रा, संघर्ष, और खेल से जुड़े अनुभव मुख्यमंत्री  साय के साथ साझा किए। उल्लेखनीय है कि महिला कबड्डी विश्व कप की स्टार खिलाड़ी संजू देवी कोरबा जिले के ग्राम केराकछार की निवासी हैं। उन्हें महिला कबड्डी विश्व कप में मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर का खिताब भी प्राप्त हुआ है। यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट 17 नवंबर से 24 नवंबर के मध्य बांग्लादेश की राजधानी ढाका में आयोजित किया गया था। मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ युवा आयोग के अध्यक्ष  विश्व विजय सिंह तोमर, छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ के प्रदेश अध्यक्ष  शशिकांत बघेल, कोषाध्यक्ष  सेवा राम साहू, पूर्व कोच  अनुज प्रताप सिंह, वर्तमान कोच  दिल कुमार राठौर सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।

जशपुर जिले में शिल्पकारों के लिए स्थापित होगा ग्लेज़िंग यूनिट: मुख्यमंत्री साय

कुम्हारों को 100 इलेक्ट्रॉनिक चाक का वितरण कुम्हार समाज के मंगल भवन के विस्तार के लिए 25 लाख रुपए की घोषणा  विष्णु महायज्ञ चक्र पूजा कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले के ग्राम नारायणपुर में कुम्हार समाज द्वारा आयोजित श्री विष्णु महायज्ञ एवं चक्र पूजा कार्यक्रम में शामिल हुए और पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने इस अवसर पर ग्राम गोरिया में माटी कला बोर्ड के माध्यम से कुम्हारों के लिए ग्लेज़िंग यूनिट स्थापित करने तथा कुम्हार समाज के मंगल भवन के विस्तार के लिए 25 लाख रुपए की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में सरगुजा संभाग के 100 कुम्हारों को इलेक्ट्रॉनिक चाक का भी वितरण किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कुम्हार समाज द्वारा आयोजित श्री विष्णु महायज्ञ का यह पवित्र आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उदाहरण है। चक्र पूजा केवल मिट्टी के चाक की आराधना नहीं, बल्कि सृष्टि के निर्माण, परिश्रम, रचनात्मकता और मानव जीवन की निरंतरता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कुम्हार समाज छत्तीसगढ़ी संस्कृति का अभिन्न अंग है। आप सभी मिट्टी की कला में सिद्धहस्त हैं। आपकी रचनात्मक मेहनत हमारे तीज-त्योहारों और धार्मिक अनुष्ठानों को जीवंत और पूर्णता प्रदान करती है। हमारी सरकार आपकी इस अनमोल विरासत के संरक्षण, संवर्धन और सशक्तिकरण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक चाक (इलेक्ट्रिक पॉटर व्हील) का वितरण किया जा रहा है, जिससे मेहनत कम होगी, उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और उत्पादों को बेहतर फिनिशिंग मिलेगी। इससे बाजार में ऊँचा मूल्य मिलेगा और वर्षभर स्थिर आमदनी सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि कारीगरों के प्रशिक्षण के लिए नई डिजाइन, आधुनिक तकनीक और उद्यमिता से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं। हमारी सरकार कुम्हारों को वित्तीय सहायता भी प्रदान कर रही है, जिससे आप नए उपकरण खरीदकर अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकें। मार्केटिंग के लिए मेलों, प्रदर्शनियों और ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म्स का उपयोग बढ़ाया जा रहा है, जिससे आपकी कला पूरे देश में ही नहीं, बल्कि विदेशों तक पहुँच सके। उन्होंने छत्तीसगढ़ की माटी कला को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की अपील की। कार्यक्रम में वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, विधायक गोमती साय और  रायमुनी भगत, पद्मश्री जागेश्वर यादव, माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष शंभूराम चक्रवर्ती, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका अध्यक्ष जशपुर अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका जशपुर उपाध्यक्ष  यश प्रताप सिंह जूदेव,  कृष्ण कुमार राय, विजय आदित्य प्रताप सिंह जूदेव सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक बंधु और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।