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4,000 KM की चैलेंजिंग राइड: छत्तीसगढ़ के तीन युवाओं ने 16 दिनों में बनाया नया रिकॉर्ड

रायपुर युवा एवं खेल मंत्रालय और फिट इंडिया मूवमेंट के तहत आयोजित 17 दिवसीय साइक्लिंग एक्सपीडिशन में छत्तीसगढ़ के तीन युवा साइकिलिस्टों ने जबरदस्त हौसला दिखाते हुए कश्मीर से कन्याकुमारी तक की लगभग 4,000 किलोमीटर की यात्रा सिर्फ 16 दिन में पूरी कर ली। तय समय से 1 दिन पहले लक्ष्य हासिल कर इन युवाओं ने अपनी प्रतिबद्धता और मजबूत इच्छाशक्ति का परिचय दिया है। यह यात्रा एक राष्ट्र, एक संकल्प का संदेश लेकर की गई थी। इस साइक्लिंग एक्सपीडिशन में शामिल छत्तीसगढ़ के तीन साइकिलिस्ट स्वर पटेल, संजय कुमार मंगराज और श्रीराम पटेल रायपुर एयरपोर्ट पहुंचे तो उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। चुनौतियां थीं कठिन, लेकिन हौसला था मजबूत यात्रा के दौरान चुनौतियां कम नहीं थीं, लेकिन तीनों युवाओं का हौसला हर मुश्किल पर भारी पड़ा। उन्हें हर दिन 12-15 घंटे लगातार साइकिल चलानी पड़ी और प्रतिदिन 250-300 किलोमीटर की दूरी तय की। कई बार ऐसा भी हुआ कि लगातार 12 घंटे तक तेज बारिश में ही साइकिल चलानी पड़ी। रास्ते में ठंड, गर्मी, बारिश और तेज हवाओं जैसी प्राकृतिक मुश्किलों ने कई बार उनकी रफ्तार रोकने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। गुजरात नाके पर दुर्घटना भी हुई, बावजूद इसके टीम ने अपनी एकजुटता और साथ बनाए रखा और सभी साथी एक-दूसरे का हौसला बढ़ाते हुए आखिरकार मंज़िल तक पहुंच गए।

पुलिस विभाग में बड़ी कार्रवाई, लापरवाही के आरोप में तीन आरक्षक बर्खास्त

 कवर्धा ड्यूटी के दौरान शराब सेवन, अनुशासनहीनता और लापरवाही के मामलों में एसपी धर्मेन्द्र सिंह ने तीन आरक्षकों को विभाग से बर्खास्त कर दिया है। इस कार्रवाई से पुलिस विभाग में हड़कम मच गया है। एएसपी पंकज पटेल ने बताया, जांच में आरक्षक अनिल मिरज के खिलाफ 334 दिन की अनाधिकृत अनुपस्थिति, 22 पूर्व दंड और कर्तव्यच्युति प्रमाणित हुई। आरक्षक आदित्य तिवारी बंदी पेशी जैसी महत्वपूर्ण ड्यूटी के दौरान नशे में सोते मिले और 91 दिन गैरहाजिर रहे। वहीं चालक आरक्षक राजेश उपाध्याय पुलिस अधीक्षक कार्यालय में नशे की हालत में पकड़े गए। तीनों के निरंतर कदाचार व सुधार न दिखाने की वजह से तीनों आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से सेवा से पृथक किया गया।

संविधान दिवस पर CM विष्णुदेव साय ने बाबासाहेब अंबेडकर को किया नमन

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित अंबेडकर चौक में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें सादर नमन किया। डॉ. अंबेडकर के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे केवल भारतीय संविधान के शिल्पकार ही नहीं, बल्कि समानता, न्याय और सामाजिक समरसता के अटूट स्तंभ भी रहे हैं। इस अवसर पर विधायक राजेश मूणत, विधायक पुरंदर मिश्रा, महापौर मीनल चौबे सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण और बड़ी संख्या में उपस्थित आमजन ने संविधान दिवस पर डॉ. अंबेडकर के अप्रतिम योगदान को याद किया तथा संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। मुख्यमंत्री  साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमारा संविधान देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों का मूल आधार है। डॉ. अंबेडकर ने दूरदर्शिता और गहन अध्ययन के साथ संविधान के प्रारूप निर्माण में योगदान दिया है। भारत का संविधान न केवल हमारे अधिकारों की रक्षा करता है, बल्कि नागरिक कर्तव्यों के प्रति हमें जागरूक भी करता है।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनसमूह ने भी विविधता में एकता की भारतीय परंपरा को आगे बढ़ाने तथा संवैधानिक मूल्यों को जीवन में उतारने का संकल्प लिया।

खैरागढ़ में नक्सलियों का सरेंडर, रोहिणी और धनुष हथियार रहित होंगे

खैरागढ़  जिले में आज एक महत्वपूर्ण सुरक्षा विकास होने जा रहा है। बीजापुर इलाके से जुड़े नक्सली दंपत्ति रोहिणी और धनुष आज खैरागढ़ में बिना हथियारों के आत्मसमर्पण करने जा रहे हैं। यह कदम सरकार की पुनर्वास एवं मुख्यधारा में लौटने की नीति से प्रभावित होकर उठाया गया है। दोनों के सरेंडर को सुरक्षा एजेंसियाँ बड़ी उपलब्धि मान रही हैं। नक्सली दंपति का सरेंडर क्यों अहम है? सूत्रों के अनुसार रोहिणी और धनुष पिछले लंबे समय से संगठन से दूरी बनाना चाहते थे। लगातार अभियान, सुरक्षा बलों का दबाव और पुनर्वास नीति की सुविधाओं ने उन्हें आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया। जानकारों का कहना है कि दोनों दंपति नक्सली संगठन के सक्रिय कैडर में शामिल थे। कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उनकी भूमिका रही है। बिना हथियार आत्मसमर्पण करना इस बात का संकेत है कि वे पूरी तरह मुख्यधारा में लौटने को तैयार हैं। शाम 5 बजे खैरागढ़ एसपी की प्रेस वार्ता खैरागढ़ जिले के पुलिस अधीक्षक लक्स शर्मा (SP) आज शाम 5 बजे प्रेस वार्ता करेंगे। इस दौरान दंपति के आत्मसमर्पण की आधिकारिक जानकारी,उनके पुराने रिकॉर्ड,और पुनर्वास योजना से जुड़ीजानकारीसाझा की जाएगी।  पुलिस विभाग का मानना है कि यह आत्मसमर्पण भविष्य में अन्य नक्सली सदस्यों को भी मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित करेगा।

छत्तीसगढ़ को मिले 6800 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव, उद्योग और पर्यटन को मिलेगा बूस्ट

रायपुर : छत्तीसगढ़ देश का सबसे भरोसेमंद और तेज़ी से उभरता औद्योगिक गंतव्य- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ देश का सबसे भरोसेमंद और तेज़ी से उभरता औद्योगिक गंतव्य- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ को मिले 6800 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव, उद्योग और पर्यटन को मिलेगा बूस्ट दिल्ली में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में 3,000 से ज्यादा रोजगार का खुला रास्ता रायपुर, राजधानी दिल्ली आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ को अभूतपूर्व निवेश प्रस्ताव मिले। स्टील, ऊर्जा और पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख कंपनियों ने राज्य में उद्योग स्थापित करने, क्षमता विस्तार, होटल निर्माण और वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट के लिए रुचि दिखाई। कार्यक्रम में शामिल कंपनियों ने कुल 6321.25 करोड़ के औद्योगिक निवेश और 505 करोड़ का पर्यटन निवेश का प्रस्ताव दिया है। इन परियोजनाओं से आगामी वर्षों में 3,000 से अधिक रोजगार अवसर सृजित होने की उम्मीद है। इस निवेश प्रस्ताव के साथ अब तक छत्तीसगढ़ को कुल 7.90 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। दिल्ली स्थित होटल द ललित में आज आयोजित कार्यक्रम में स्टील और टूरिज़्म सेक्टर को केंद्र में रखते हुए नए निवेश अवसरों पर फोकस किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने उद्योग जगत के प्रमुख निवेशकों, विशेषज्ञों और उद्योग प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की एवं स्टील और टूरिज़्म सेक्टर की कई कंपनियों को निवेश प्रस्ताव पत्र सौंपे। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन, भारत सरकार के केमिकल और उर्वरक मंत्रालय के सचिव अमित अग्रवाल, इस्पात मंत्रालय के सचिव संदीप पौंडरिक भी उपस्थित रहे।  मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों को निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ आज देश के सबसे भरोसेमंद, स्थिर और तेज़ी से उभरते हुए औद्योगिक गंतव्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि राज्य में ऊर्जा, खनिज, सक्षम मानव संसाधन और निवेशक-हितैषी नीति का ऐसा संयोजन मौजूद है, जो किसी भी उद्योग के लिए अत्यंत उपयुक्त वातावरण तैयार करता है। उन्होंने बताया कि सिंगल विंडो सिस्टम के तहत अनुमतियाँ अब पहले की तुलना में अधिक तेज़ी और पारदर्शिता के साथ जारी हो रही हैं। छत्तीसगढ़ में उद्योग लगाना आज पहले से कहीं अधिक आसान हो गया है। राज्य में कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट, टिन, लिथियम जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की उपस्थिति बड़े औद्योगिक और विनिर्माण क्षेत्र के लिए वरदान है। उन्होंने कहा कि हाल ही में आयोजित 'एनर्जी समिट' में राज्य को साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और कई परियोजनाओं में कार्य प्रारंभ भी हो चुका है। मुख्यमंत्री साय ने स्टील सेक्टर का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ देश का स्टील हब है, जहां भिलाई स्टील प्लांट, नगरनार स्टील प्लांट और एमएसएमई आधारित स्टील इकाइयां राज्य की औद्योगिक पहचान को मजबूती प्रदान कर रही हैं। उन्होंने कहा भिलाई स्टील प्लांट पिछले 70 वर्षों से देश की औद्योगिक प्रगति का स्तंभ रहा है और इसकी उपस्थिति ने स्टील आधारित उद्योगों का प्राकृतिक इकोसिस्टम तैयार किया है। ग्रीन स्टील और नवीकरणीय ऊर्जा पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा निर्धारित नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य राज्य के लिए नए अवसर लेकर आया है और छत्तीसगढ़ इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। टूरिज़्म सेक्टर पर बात करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर आज बहुत बदल रहा है। नक्सल हिंसा में कमी आई है, सड़कें, इंटरनेट और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर हुई है। उन्होंने कहा कि बस्तर अब निवेश और पर्यटन दोनों का नया केंद्र बन रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि 26 मार्च 2026 तक बस्तर पूरी तरह नक्सल-मुक्त हो जाए। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है और राज्य सरकार होम-स्टे नीति, ट्राइबल टूरिज्म व सस्टेनेबल टूरिज्म पर फोकस कर रही है।  इस अवसर पर सीएसआईडीसी के अध्यक्ष  राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष  नीलू शर्मा, मुख्य सचिव  विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध सिंह, पर्यटन विभाग के सचिव  रोहित यादव, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव  रजत कुमार, संचालक  प्रभात मलिक, सीएसआईडीसी के महाप्रबंधक  विश्वेश कुमार, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के संचालक  विवेक आचार्य, इन्वेस्टमेंट कमिश्नर मती ऋतु सेन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। छत्तीसगढ़ को मिले प्रमुख निवेश प्रस्ताव –    ग्रीन एनर्जी इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने कचरे से बिजली उत्पादन करने वाले 50 मेगावॉट के वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट की स्थापना के लिए ₹3,769 करोड़ का निवेश प्रस्तावित किया है, जिससे 150 लोगों को रोजगार मिलेगा। यह प्रोजेक्ट छत्तीसगढ़ में कचरा प्रबंधन और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। –    आरती कोटेड स्टील द्वारा 315 करोड़ निवेश प्रस्ताव दिया गया है, एवं 550 रोजगार सृजन की संभावना है।  –    एसडीआरएम मेटैलिक्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा स्टील प्लांट एवं पावर यूनिट के लिए ₹195.75 करोड़ का निवेश प्रस्ताव दिया है, जिससे रोजगार 492 रोजगार सृजन की संभावना है।  –    आरएसएलडी बायोफ्यूल प्राइवेट लिमिटेड, चंडीगढ़ द्वारा इथेनॉल प्लांट हेतु ₹200 करोड़ का निवेश प्रस्ताव दिया है, एवं 213 रोजगार सृजन की संभावना है।  –    जे.के. लक्ष्मी सीमेंट, राजस्थान द्वारा क्षमता विस्तार हेतु 1816.5 करोड़ से अधिक निवेश प्रस्ताव, 110 रोजगार सृजन  –    अरमानी ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज़, रायपुर द्वारा मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक उपकरण निर्माण हेतु ₹25 करोड़ का प्रस्ताव, जिससे 200 युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा। पर्यटन क्षेत्र में मिले 505 करोड़ के निवेश प्रस्ताव –    मार्स विवान प्राइवेट लिमिटेड, रायपुर द्वारा 217 कमरों वाले होटल के लिए ₹220 करोड़ निवेश इससे 522 लोगों को रोजगार प्राप्त होगी।  –    हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट, तेलंगाना द्वारा वेलनेस रिसॉर्ट एवं शिक्षा केंद्र हेतु ₹200 करोड़ निवेश –    विद्या इन, जशपुर द्वारा 52 कमरों के होटल हेतु ₹25 करोड़ निवेश –    पीएसए रिज़ॉर्ट, जगदलपुर द्वारा 150 कमरों के एडवेंचर होटल एवं रिसॉर्ट हेतु ₹60 करोड़ निवेश, जिससे बस्तर में पर्यटन गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी। इससे 200 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

संघर्ष, मेहनत और आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी – पद्म आनंद कुमार

रायपुऱ : कठिनाइयां ही इंसान को मजबूत बनाती हैं: वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी संघर्ष, मेहनत और आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी – पद्म आनंद कुमार वित्त मंत्री ने की 66 विद्यार्थियों को 5-5 हजार रुपये स्वेच्छानुदान देने की घोषणा मेरिट सूची में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को मिलेगा 1-1 लाख रुपये शिक्षा सहायता पद्म  आनंद कुमार ने विद्यार्थियों को दिए सफलता के टिप्स रायपुऱ युवाओं के उज्ज्वल भविष्य, प्रेरणा और सुनियोजित कैरियर निर्माण के उद्देश्य से प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक  ओ.पी. चौधरी के विशेष पहल पर आज रायगढ जिले के पुसौर में भव्य कैरियर मार्गदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश के प्रसिद्ध शिक्षाविद तथा सुपर-30 के संस्थापक पद्म  आनंद कुमार ने विद्यार्थियों को सफलता के मंत्र दिए। कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री ने 66 चयनित विद्यार्थियों को 5-5 हजार रुपये स्वेच्छानुदान प्रदान करने की घोषणा की। इसके साथ ही कहा कि आगामी वर्ष कक्षा 10 वीं एवं 12 वीं की मेरिट सूचियों में स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को 1-1 लाख रुपये शिक्षा सहायता दिया जाएगा। कठिनाइयाँ ही इंसान को मजबूत बनाती हैं कार्यक्रम में सर्वप्रथम वित्त मंत्री  ओ.पी.चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की मंशानुरूप सरकार युवाओं के भविष्य निर्माण हेतु निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि जीवन में बड़ी सफलता के लिए स्पष्ट लक्ष्य, सही मार्गदर्शन और कड़ी मेहनत अत्यंत आवश्यक हैं। कठिनाइयाँ ही इंसान को मजबूत बनाती हैं। उन्होंने अपने छात्र जीवन के संघर्षों तथा सरकारी स्कूल से कलेक्टर और मंत्री बनने की प्रेरक यात्रा साझा करते हुए कहा कि मेहनत, निर्णय शक्ति और समय के सही उपयोग से कोई लक्ष्य असंभव नहीं। उन्होंने बताया कि केवल डिग्री को महत्व देना पर्याप्त नहीं, बल्कि लक्ष्य आधारित पढ़ाई, दृढ़ संकल्प और परिस्थितियों को स्वीकार कर आगे बढ़ना ही सफलता का मूल मंत्र है। उन्होंने विराट कोहली के कठिन समय में अद्भुत समर्पण का उदाहरण देकर समझाया कि कठिनाइयाँ जीवन में ऊँची छलांग लगाने की तैयारी करवाती हैं।  चौधरी ने युवाओं को सलाह दी कि अपनी क्षमता को पहचानें और उसके अनुसार करियर चुनें। योजना बनाकर, धैर्य और परिश्रम के साथ लक्ष्य की ओर बढ़ें।  साधारण शुरुआत असाधारण सफलता का आधार बनती है   छात्रों को संबोधित करते हुए पद्म आनंद कुमार ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में धैर्य और आत्मविश्वास बनाए रखने वाला व्यक्ति जीवन में अवश्य सफल होता है। उन्होंने अपने संघर्षपूर्ण जीवन की प्रेरक यात्रा साझा करते हुए बताया कि पिता के निधन के बाद उन्हें आर्थिक तंगी से जूझना पड़ा, पापड़ बेचने पड़े और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में चयन होने के बावजूद वे आर्थिक परिस्थितियों के कारण नहीं जा सके। उन्होंने कहा कि सुविधाओं का अभाव सफलता में बाधा नहीं, बल्कि संघर्ष करने की प्रेरणा है। जो भी काम करो, उसे सर्वश्रेष्ठ तरीके से करो, मेहनत में कमी मत आने दो। उन्होंने सुपर-30 के विद्यार्थियों अभिषेक राज, शशि नारायण और निधि झा जैसी सफल प्रेरक कहानियाँ उदाहरण स्वरूप साझा कीं। उन्होंने कहा कि अवसरों की कमी का रोना न रोएँ, बल्कि अवसर स्वयं बनाएँ। संघर्षों को सफलता की सीढ़ी बनाएँ। अंत में उन्होंने कहा कि जीवन में बड़ा बनने के लिए जन्म से नहीं, कर्म और संकल्प से पहचान बनती है। कोई भी साधारण शुरुआत असाधारण सफलता का आधार बन सकती है। कार्यक्रम में विभिन्न कक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का मंच पर सम्मान किया गया। पुसौर और खरसिया विकासखण्ड के बच्चों ने पहली बार सुपर-30 के संस्थापक पद्म आनंद कुमार को देखा और उनकी बातों को तन्मयता से सुना। उनके प्रेरक विचारों के दौरान सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। बड़ी संख्या में उपस्थित विद्यार्थियों ने कार्यक्रम से प्रेरणा प्राप्त की। कार्यक्रम में नगर निगम महापौर  जीवर्धन चौहान, नगर पंचायत पुसौर के अध्यक्ष मती मानी मोहित सतपथी, जनपद पंचायत अध्यक्ष मती हेमलता चौहान,  उमेश अग्रवाल, मती लक्ष्मी जीवन पटेल,  बृजेश गुप्ता,  जैमिनी गुप्ता,  संदीप पंडा,  प्रवीण द्विवेदी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थीगण उपस्थित रहे। प्रशासनिक अधिकारियों में कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी, पुलिस अधीक्षक  दिव्यांग पटेल, जिला पंचायत सीईओ  अभिजीत बबन पठारे, एसडीएम  महेश शर्मा सहित अधिकारी उपस्थित रहे।

तीन दिवसीय आवास मेला में 188 करोड़ रूपये की 879 आवासों की हुई बुकिंग

रायपुर : राज्य स्तरीय आवास मेला–2025 में बंपर हुई बुकिंग तीन दिवसीय आवास मेला में 188 करोड़ रूपये की 879 आवासों की हुई बुकिंग 1% बुकिंग ऑफर अब 30 नवंबर तक, 26 नवंबर को भी जारी रहेगी स्पॉट बुकिंग सुविधा रायपुर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय आवास मेला 2025 नागरिकों के लिए किसी बड़े उत्सव से कम साबित नहीं हुआ। इस आवास मेले का शुभारंभ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने गत दिवस किया था। इस दौरान उन्होंने कहा  था कि हाउसिंग बोर्ड द्वारा राज्यभर के विभिन्न आवासीय विकल्पों को एक छत के नीचे उपलब्ध कराना ऐतिहासिक कदम है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने इसे मुख्यमंत्री की ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि भविष्य में उन्हें “आवास वाले बाबा” के नाम से जाना जाएगा। पिछले एक वर्ष में ऐतिहासिक बिक्री—आवास मंत्री ओ.पी. चौधरी आवास एवं पर्यावरण मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने बताया कि शासन के नीतिगत निर्णयों के कारण हाउसिंग बोर्ड ने केवल एक वर्ष में 700 करोड़ रुपये की संपत्ति बेचकर इतिहास रच दिया है, जो पिछले पाँच वर्षों के मुकाबले कई गुना अधिक है। उन्होंने बताया कि नई नीति के तहत प्रोजेक्ट तभी शुरू होंगे जब तीन माह में 10 प्रतिशत बुकिंग या एकमुश्त 60 प्रतिशत बुकिंग प्राप्त होगी। मेला परिसर पहले दिन से ही हजारों लोगों की भीड़ से गुलजार रहा। विभिन्न जिलों के किफायती और प्रीमियम आवासीय परियोजनाओं की जानकारी लेने और ऑन-द-स्पॉट बुकिंग कराने लोगों का उत्साह लगातार बना रहा। मेले की सबसे बड़ी आकर्षण रही केवल 1% राशि पर बुकिंग करने की सुविधा, तत्काल बैंक लोन उपलब्धता और प्रतिदिन आयोजित होने वाले लकी ड्रॉ। इन आकर्षक ऑफर्स ने न सिर्फ खरीदारों में उत्साह बढ़ाया बल्कि बुकिंग के रिकॉर्ड भी तोड़ दिए। तीन दिनों में 879 आवासों की बंपर बुकिंग तीन दिवसीय मेले में 188 करोड़ रुपये के 879 आवासों की ऑन-द-स्पॉट बुकिंग हुई, जो हाउसिंग बोर्ड की अब तक की सबसे सफल उपलब्धियों में से एक है। तीसरे दिन 25 नवंबर को तो मेला अपने चरम पर पहुंच गया। रायगढ़, जशपुर, कोरबा, कांकेर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और जगदलपुर जैसी जगहों के प्रोजेक्ट्स में भारी बुकिंग दर्ज की गई। रायपुर और नवा रायपुर के प्रमुख प्रोजेक्ट—कबीर नगर, भुरकोनी, बोरियाकला, पिरदा, सेजबहार, नरदहा और अटल नगर सेक्टर-12 फेस-2 सहित मुख्यमंत्री–प्रधानमंत्री आवास योजना के आवासों में भी जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिली। समापन अवसर पर कृषि मंत्री ने की सराहना मेले के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित कृषि मंत्री  रामविचार नेताम ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड का यह प्रयास नागरिकों के सपनों को साकार करने का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। मंडल अध्यक्ष  अनुराग सिंह देव ने बताया कि हाउसिंग बोर्ड की 2060 करोड़ रुपये की नई आवासीय परियोजनाएँ राज्य में आवास विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी। उन्होंने कहा कि 26 नवंबर को भी मेला स्थल पर संपत्तियों की जानकारी और स्पॉट बुकिंग सुविधा जारी रहेगी। साथ ही गोंडवाना राष्ट्रीय आजीविका एवं सांस्कृतिक कला महोत्सव 2025 (बीटीआई ग्राउंड, रायपुर) में भी 14 दिसंबर तक हाउसिंग बोर्ड का विशेष स्टॉल संचालित होगा l उन्होंने यह भी घोषणा की कि भारी मांग को देखते हुए 1% बुकिंग ऑफर को 30 नवंबर तक बढ़ा दिया गया है। हाउसिंग बोर्ड आयुक्त  अवनीश कुमार शरण ने बताया कि आवंटी पोर्टल और चैटबॉट के माध्यम से प्रक्रियाओं को और पारदर्शी, सरल एवं तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले तीन वर्षों में 26 जिलों में 55 नई परियोजनाएं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरी की जाएंगी,जिससे राज्य में आवास उपलब्धता और बढ़ेगी। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां मेले के तीसरे दिन इंडियन रोलर बैंड और गायक–अभिनेता सुनील तिवारी की मंच प्रस्तुति ने दर्शकों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। दूसरे दिन कलिंगा बैंड और लोकगायिका आरू साहू की प्रस्तुति ने आकर्षण बढ़ाया। उद्घाटन दिवस पर खैरागढ़ यूनिवर्सिटी के छात्रों और बॉलीवुड गायक विनोद राठौर की परफॉरमेंस ने उद्घाटन समारोह को यादगार बना दिया। लकी ड्रॉ ने बढ़ाया उत्साह मेले में प्रतिदिन टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, मिक्सर–ग्राइंडर, प्रेस जैसे पुरस्कार प्रदान किए गए। जबकि बंपर पुरस्कार में मारुति स्विफ्ट कार, होंडा शाइन बाइक एवं होंडा एक्टिवा शामिल रहे। पहले दिन 55 नई परियोजनाओं का शुभारंभ प्रदेश के 22 जिलों में 2060 करोड़ रुपये की 55 नई परियोजनाओं का शुभारंभ, आवंटी पोर्टल एवं व्हाट्सएप चैटबॉट का लॉन्च, लाभार्थियों को मकानों की चाबियों एवं फ्रीहोल्ड सर्टिफिकेट वितरण जैसे कार्यक्रमों ने पहले दिन ही मेले को खास बना दिया।

रायपुर: शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मैनपुर क्षेत्र के स्कूलों का किया आकस्मिक निरीक्षण

रायपुर : शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मैनपुर क्षेत्र के विद्यालयों का किया औचक निरीक्षण रायपुर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने गरियाबंद जिले के मैनपुर क्षेत्र के विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। उनका यह दौरा केवल प्रशासनिक समीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने स्वयं बच्चों, शिक्षकों और ग्रामीणों से बातचीत कर वास्तविक स्थिति को समझने का प्रयास किया। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने शिक्षण प्रक्रिया, विद्यार्थियों की स्थिति और स्कूल व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया। प्राथमिक शाला धवलपुर में शिक्षण गतिविधियों की समीक्षा          शिक्षा मंत्री सबसे पहले प्राथमिक शाला धवलपुर पहुँचे, जहाँ उन्होंने विद्यालय की सभी गतिविधियों का विस्तार से अवलोकन किया। उन्होंने शिक्षकों की उपस्थिति रजिस्टर की जाँच की और नियमितता एवं समयपालन पर जोर दिया। मंत्री ने मध्याह्न भोजन योजना की गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था की जानकारी ली तथा यह सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी बच्चा पाठ्यपुस्तकों और गणवेश जैसी आवश्यक सामग्री से वंचित न रहे। बच्चों से बातचीत के दौरान उन्होंने उनके पसंदीदा विषय, पढ़ाई में आने वाली कठिनाइयों और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में पूछा तथा उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। अधोसंरचना और अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्यों का भी लिया जायजा        इसके बाद श्री यादव हायर सेकेंडरी स्कूल धवलपुर पहुँचे। यहाँ उन्होंने सभी कक्षाओं का निरीक्षण कर विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता, विशेषकर विज्ञान और गणित जैसे प्रमुख विषयों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने शिक्षकों से बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी संबंधी योजनाओं की जानकारी ली और समय पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने निर्देश दिए। मंत्री ने अधोसंरचना विकास और अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्यों का भी जायजा लिया तथा निर्माण की गुणवत्ता और समय-सीमा का पालन अनिवार्य रूप से करने पर जोर दिया। साथ ही शिक्षकों के ऑनलाइन अवकाश प्रबंधन की भी जाँच की ताकि शिक्षण कार्य सुचारू रूप से चलता रहे। विद्यार्थियों की सहभागिता और सुझाव           निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला। कई छात्रों ने अपनी समस्याएँ और सुझाव मंत्री के समक्ष रखे। शिक्षा मंत्री ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और कहा कि सरकार बच्चों की शिक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है तथा शिक्षा व्यवस्था में निरंतर सुधार किए जा रहे हैं। छात्राओं से मुलाकात-मांगों पर दिया आश्वासन          शिक्षा मंत्री ने स्कूल से लौट रही हायर सेकेंडरी स्कूल मैनपुर की छात्राओं से भी बातचीत की। छात्राओं ने स्कूल भवन एवं विज्ञान विषय के शिक्षकों की आवश्यकता बताई। इस पर मंत्री श्री यादव ने उनकी माँगों को जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया। निरीक्षण से बढ़ा विश्वास         शिक्षा मंत्री के औचक निरीक्षण से छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों में सरकार के प्रति विश्वास और उत्साह और अधिक बढ़ा है। यह निरीक्षण शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है। 6245

गांव-गांव तक विकास पहुँचाना सरकार की पहली प्राथमिकता– उप मुख्यमंत्री शर्मा

रायपुर : उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने 1.98 करोड़ रूपए के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन गांव-गांव तक विकास पहुँचाना सरकार की पहली प्राथमिकता– उप मुख्यमंत्री  शर्मा पुल–पुलिया और सड़क निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों का होगा विकास– उप मुख्यमंत्री  शर्मा रायपुर कवर्धा विधानसभा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर सक्रिय रहते हुए छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा द्वारा विकास कार्यों को लगातार स्वीकृति दिलाकर उन्हें धरातल पर उतारा जा रहा है। इसी कड़ी में अपने कबीरधाम प्रवास के दौरान उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने सहसपुर लोहारा विकासखंड के अंतर्गत ग्राम सारी एवं ग्राम चंदैनी में कुल 1 करोड़ 98 लाख 91 हजार रूपए की लागत से सड़क, नाली एवं पुल-पुलिया निर्माण कार्यों का विधिवत पूजा-अर्चना कर भूमिपूजन किया। ग्राम आगमन पर उपमुख्यमंत्री  शर्मा का ग्रामीणों द्वारा पारंपरिक रूप से उत्साह और उल्लास के साथ राउत नाचा एवं डंडा नृत्य से उनका आत्मीय स्वागत किया गया।           उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने ग्राम सारी में 1 करोड़ 65 लाख 59 हजार रुपये की लागत से खड़ौदा से सारी मार्ग पर पुल-पुलिया सहित 1.5 किलोमीटर लंबी मार्ग के निर्माण कार्य और ग्राम चंदैनी में ग्राम गौरवपथ योजना अंतर्गत 33 लाख 32 हजार रुपये की लागत से सीसी सड़क सह नाली निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया। इन कार्यों के पूर्ण होने से क्षेत्रीय ग्रामीणों को आवागमन की बेहतर सुविधा, जल निकासी की समस्या से निजात के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं तक पहुँच सुगम होगी और क्षेत्र के सामाजिक व आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।        उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि कवर्धा विधानसभा का समग्र विकास उनकी प्राथमिकता है और सड़क, पुल-पुलिया, नाली, पेयजल, विद्युत, शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को हर गांव तक पहुंचाना राज्य सरकार का दृढ़ संकल्प है। मुख्यमंत्री गौरवपथ योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़कर विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है, जिससे आने वाले समय में क्षेत्र के हर गांव में प्रगति और समृद्धि की नई तस्वीर देखने को मिलेगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण सामग्री के साथ समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं, ताकि आम जनता को शीघ्र लाभ प्राप्त हो सके। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू,  रवि राजपुत,  रूपेन्द्र जायसवाल सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, युवा, ग्रामीण उपस्थित थे।       कार्यक्रम के उपरांत उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने सहजता और आत्मीयता का परिचय देते हुए ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों की प्रगति की विस्तारपूर्वक जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद करते हुए गांव की बुनियादी समस्याओं, आवश्यकताओं एवं अपेक्षाओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए।       इस अवसर पर ग्रामीणों ने क्षेत्र में हो रहे निरंतर विकास कार्यों की प्रशंसा करते हुए उपमुख्यमंत्री  शर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि उनके नेतृत्व में कवर्धा विधानसभा क्षेत्र तेजी से विकास की नई राह पर अग्रसर हो रहा है। ग्रामीणों ने उनके सरल, सहज एवं जनसरोकारों से जुड़े व्यक्तित्व की सराहना भी की।

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से की सौजन्य भेंट

रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने केंद्रीय रेल मंत्री  अश्विनी वैष्णव से की सौजन्य मुलाकात छत्तीसगढ़ में रेल सुविधाओं के विस्तार, नए प्रोजेक्ट्स की प्रगति और प्रगतिरत परियोजनाओं पर हुई विस्तृत चर्चा रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री  अश्विनी वैष्णव से सौजन्य भेंट कर छत्तीसगढ़ में रेल सुविधाओं के विस्तार, नए प्रोजेक्ट्स की प्रगति और चल रही परियोजनाओं के शीघ्र पूर्ण करने से संबंधित विषयों पर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री ने आग्रह किया कि राज्य में स्वीकृत सभी परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से आगे बढ़ाया जाए, ताकि नागरिकों, उद्योगों और व्यापार जगत को बेहतर, तेज़ और सुरक्षित परिवहन सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें। रेल मंत्री  वैष्णव ने मुख्यमंत्री द्वारा उठाए गए बिंदुओं का स्वागत करते हुए कहा कि रेलवे मंत्रालय छत्तीसगढ़ में कनेक्टिविटी को और अधिक मजबूत बनाने के लिए क्रियाशील है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, सचिव  राहुल भगत एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव  रजत कुमार उपस्थित थे। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेल विकास अभूतपूर्व गति से हो रहा है और डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से प्रदेश का रेल नेटवर्क एक नए स्वर्णिम युग में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने बताया कि रायपुर–जबलपुर एक्सप्रेस की शुरुआत से पर्यटन, व्यापार और शिक्षा को नई ऊर्जा प्राप्त हुई है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 2014 से 2030 के बीच राज्य में रेल लाइन का विस्तार दोगुना होने जा रहा है, जबकि 1853 से 2014 तक मात्र 1100 किलोमीटर का विस्तार हो सका था। पिछले दस वर्षों में राज्य के रेल बजट में 22 गुना वृद्धि और वर्ष 2025–26 में 6,925 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक आवंटन प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हुए इस परिवर्तन का सशक्त प्रमाण है। राज्य में 47,447 करोड़ रुपये से अधिक की कई प्रमुख रेल परियोजनाएँ तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं। खरसिया–नवा रायपुर–परमालकसा, गेवरा–पेंड्रा, रावघाट–जगदलपुर, खरसिया–धरमजयगढ़ तथा बिलासपुर–झारसुगुड़ा चौथी लाइन जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएँ छत्तीसगढ़ की रेल कनेक्टिविटी को नई ऊँचाई प्रदान करेंगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग सहित प्रदेश के 32 रेलवे स्टेशनों का आधुनिक पुनर्विकास भी तीव्र गति से जारी है, जिससे यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और रेल मंत्री  अश्विनी वैष्णव के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से छत्तीसगढ़ आने वाले वर्षों में देश के सबसे महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर वाले राज्यों में शामिल होगा और कनेक्टिविटी का यह विस्तार प्रदेश की औद्योगिक, आर्थिक, सामाजिक और पर्यटन क्षमता को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।