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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता विनोद कुमार शुक्ला के स्वास्थ्य लाभ की कामना की

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय राजधानी रायपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) पहुँचे और वहां उपचाररत भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ साहित्यकार  विनोद कुमार शुक्ला से मुलाकात कर  उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। मुख्यमंत्री  साय ने चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त की और बेहतर चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि  विनोद कुमार शुक्ल भारतीय साहित्य की अमूल्य धरोहर हैं। उनकी सृजनशीलता, संवेदना और सरल भाषा में गहन अनुभूतियों की अभिव्यक्ति देश और प्रदेश—दोनों को गौरवान्वित करती है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार  पंकज झा एवं छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष  शशांक शर्मा उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ का गर्व: हीराबाई झरेका बघेल को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दिया राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार

रायपुर  छत्तीसगढ़ की पारंपरिक धातुकला को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने वाली सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की प्रसिद्ध ढोकरा–बेलमेटल शिल्पकार श्रीमती हीराबाई झरेका बघेल को आज नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों की ओर से उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गर्व का क्षण है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह सम्मान केवल श्रीमती हीराबाई झरेका बघेल का नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के हर शिल्पकार का सम्मान है। हमारा राज्य अपनी कला, संस्कृति और हस्तशिल्प पर गर्व करता है। राज्य सरकार कला-संरक्षण, प्रशिक्षण, कौशल उन्नयन और बाजार विस्तार के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है, ताकि ग्रामीण व वनवासी क्षेत्रों की प्रतिभाएं लाभान्वित हों और विश्व मंच पर अपनी पहचान बना सकें। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ग्राम पंचायत बैगीनडीह जैसे वनांचल क्षेत्र से निकलकर अपनी विशिष्ट शिल्पकला के माध्यम से देशभर में छत्तीसगढ़ की पहचान को नई ऊँचाइयाँ देने वाली श्रीमती बघेल की उपलब्धि हमारे प्रदेश की समृद्ध लोककला, परंपरा और ग्रामीण प्रतिभा की अद्भुत चमक को राष्ट्रीय मंच पर पुनर्स्थापित करती है। ढोकरा कला सदियों पुरानी धरोहर है, और श्रीमती बघेल जैसी शिल्प कलाकार इन परंपराओं को आधुनिक समय के अनुरूप जीवंत बनाए रखने का कार्य कर रही हैं।

गाईडलाइन दरों को लेकर फैल रहे भ्रम पर राज्य सरकार ने दी व्यापक स्पष्टता

कांकेर सहित पूरे प्रदेश में सरल, वैज्ञानिक और पारदर्शी प्रणाली लागू रायपुर वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड छत्तीसगढ़ द्वारा स्वीकृत नई गाईडलाइन दरों को लेकर आमजन के बीच उत्पन्न हो रहे भ्रम को दूर करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने विस्तृत जानकारी जारी की है। शासन ने स्पष्ट किया है कि नई गाईडलाइन दरें न केवल अधिक सरल और वैज्ञानिक हैं, बल्कि इनके माध्यम से पुराने वर्षों से चली आ रही विसंगतियों का समाधान भी किया गया है। सरकार ने बताया कि कुछ स्थानों पर यह गलत भ्रम फैलाया जा रहा है कि गाईडलाइन दरों में अत्यधिक वृद्धि की गई है या दस्तावेज पंजीयन प्रक्रिया बाधित हो गई है, जबकि वास्तविक स्थिति यह है कि नवीन गाईडलाइन 20 नवंबर 2025 से प्रभावी हो चुकी है और इस अवधि में कांकेर जिले में लगभग 98 दस्तावेजों का पंजीयन सुचारू रूप से किया जा चुका है। जिले के सभी उप-पंजीयक कार्यालयों में पूर्ववत नियमित रूप से पंजीयन का कार्य जारी है। नगरीय क्षेत्रों में व्यापक सरलीकरण पूर्व में एक ही वार्ड में कई कंडिकाओं के कारण समान भौगोलिक और व्यावसायिक स्थिति होने के बावजूद दरों में अंतर पाया जाता था, जिससे नागरिकों में असंतोष था। नवीन सर्वे, भौतिक सत्यापन तथा युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के बाद इन कंडिकाओं को कम किया गया है और दरों को समान किया गया है। कांकेर नगर पालिका के 21 वार्डों में पहले 56 कंडिकाएं थीं, जिन्हें घटाकर 26 कर दिया गया है। इसी प्रकार नगर पंचायत चारामा, नरहरपुर, भानुप्रतापपुर, अंतागढ़ और पंखाजूर की कुल 253 कंडिकाओं को कम कर 105 किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे गाईडलाइन अब अधिक पारदर्शी और वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित हो गई है। दर वृद्धि संबंधी भ्रांति का समाधान राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में अंतिम बार गाईडलाइन दरों का पुनरीक्षण वर्ष 2019-20 में किया गया था। छह वर्षों बाद किए जा रहे इस पुनरीक्षण में नगरीय क्षेत्रों में मात्र 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। यह वृद्धि स्वाभाविक और तार्किक है। यदि दरों को हर वर्ष बढ़ाया जाता, तो वर्तमान दरें कहीं अधिक होतीं। अतः अत्यधिक वृद्धि की बात निराधार है। ई-पंजीयन प्रणाली पूरी तरह सुचारू कुछ लोगों द्वारा यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि नई गाईडलाइन ऑनलाईन अपडेट न होने से दस्तावेज पंजीयन ठप हो गया है, जबकि तथ्य यह है कि जिले के सभी उप-पंजीयक कार्यालयों में पंजीयन का कार्य निर्बाध रूप से चल रहा है और किसी भी प्रकार की व्यवधान की स्थिति नहीं है। दर पुनरीक्षित न होने से होने वाली समस्याओं का उल्लेख सरकार ने कहा है कि पुरानी गाईडलाइन दरें जारी रहने से काले धन के लेनदेन को प्रोत्साहन मिलता है। कई बार वास्तविक सौदा मूल्य अधिक होने के बावजूद पंजीयन पुरानी गाईडलाइन दरों पर किया जाता है, जिसके कारण अंतर की राशि काला धन बनती है और बाद में विवाद की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है। इसी प्रकार पुरानी दरों के कारण संपत्तियों का मूल्यांकन कम होता है, जिससे खरीदारों को ऋण पात्रता भी कम मिलती है। मुआवजे के निर्धारण में भी विसंगतियां सामने आती हैं। सरकारी अधिग्रहण की स्थिति में पुराने दरों के आधार पर मुआवजा तय होने से भूमि मालिकों, विशेषकर किसानों को उनकी संपत्ति का उचित मूल्य नहीं मिल पाता। इसलिए नई गाईडलाइन दरें अधिक युक्तियुक्त और वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप हैं। आमजन से अपील राज्य शासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह या भ्रम में न आएं। गाईडलाइन दरों से संबंधित किसी भी सूचना या शंका के निराकरण के लिए नागरिक अपने निकटस्थ पंजीयन कार्यालय में संपर्क कर वास्तविक और प्रमाणिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। नई गाईडलाइन दरों को प्रदेश में रियल एस्टेट लेनदेन को पारदर्शी बनाने, टैक्स चोरी रोकने और जमीन संबंधी मूल्यांकन को अधिक विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सूरजपुर : कलेक्ट्रेट में 01 जनवरी से बायोमेट्रिक डिवाइस से अधिकारियों, कर्मचारियों का लगेगा अटेंडेंस

सूरजपुर : कलेक्ट्रेट में 01 जनवरी से बायोमेट्रिक डिवाइस से अधिकारियों, कर्मचारियों का लगेगा अटेंडेंस समय-सीमा की बैठक में आधार-सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली के क्रियान्वयन के संबंध में कलेक्टर ने दिये आवश्यक दिशा-निर्देश सूरजपुर शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि 01 जनवरी 2026 से  कलेक्टोरेट में आधार-सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली प्रारम्भ किया जाना है। आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (AEBAS) के सुव्यवस्थित क्रियान्वयन हेतु उन्होंने उपस्थित जिला स्तरीय अधिकारियों को उनके अधीनस्थ अधिकारी व कर्मचारीगण का रजिस्ट्रेशन ऑफिशल वेबसाइट  https://chhattisgarh.attendance.gov.in  मंव  सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये। उन्होंने सभी का पंजीयन 01 जनवरी से पूर्व कराने के निर्देश दिए ताकि सभी आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली का हिस्सा बन सके। कलेक्टर ने कहा गुड गवर्नेंस के तहत वर्किंग कल्चर दरूस्त करने हेतु यह निर्णय लिया गया है।जिसका अनुपालन हम सभी को सुनिश्चित करना है और समय पर सभी को अपनी उपस्थिति दर्ज करानी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि  बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम का रेगुलर मॉनिटरिंग किया जायेगा इसलिये समस्त अधिकारी व कर्मचारी ऑफिस आने पर व जाने के समय बायोमेट्रिक अटेंडेंस लगाना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें। विदित हो कि शुरुआत में आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली संयुक्त जिला कार्यालय में संचालित समस्त विभाग में लागू होगी, जो कि निकट भविष्य में ही समस्त सरकारी संस्थाओं में लागू की जायेगी।                  इसके साथ ही उन्होंने बैठक में उपस्थित सभी निर्माण विभाग को जून तक युद्धस्तर पर निर्माण संबंधित कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।       बैठक में डीएफओ श्री डी पी साहु, जिला पंचायत सीईओ श्री विजेन्द्र पाटले, अपर कलेक्टर श्री जगन्नाथ वर्मा, संयुक्त कलेक्टर श्री पुष्पेंद्र शर्मा, सर्व एसडीएम व अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

रायपुर : रोजगार दिवस से बदली तस्वीर — 107 पंचायतों में मनरेगा जानकारी अब QR कोड पर

रायपुर : रोजगार दिवस से बदली तस्वीर — 107 पंचायतों में मनरेगा जानकारी अब QR कोड पर छुईखदान में हर माह 07 तारीख को रोजगार दिवस, आजीविका डबरी से आय बढ़ाने की पहल ग्रामीणों को डिजिटल रूप से सशक्त कर रहा रोजगार दिवस — जियोफेंसिंग व e-KYC पर जोर रायपुर  खैरागढ़ जिले के छुईखदान विकासखंड की सभी 107 ग्राम पंचायतों में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्देशानुसार प्रत्येक माह की 07 तारीख को मनरेगा आधारित रोजगार दिवस का आयोजन किया जा रहा है। वनांचल से मैदानी पंचायतों तक आयोजित हो रहे इन शिविरों में मनरेगा से जुड़े दिशा-निर्देशों, प्रक्रियाओं और अधिकारों की विस्तृत जानकारी ग्रामीणों तथा जॉब कार्डधारियों को दी जा रही है। रोजगार सहायक मौके पर ही मनरेगा में संधारित सात रजिस्टर व वर्क/केस फाइल प्रस्तुत करते हैं, साथ ही जॉब कार्ड प्रविष्टियों को अद्यतन कर यह सुनिश्चित किया जाता है कि प्रत्येक श्रमिक तक तथ्यात्मक एवं पारदर्शी जानकारी पहुंचे। ग्रामीणों को नए परिवारों का पंजीयन, जॉब कार्ड में सदस्यों के नाम जोड़ने, अपूर्ण आवासों की पूर्णता, मातृत्व भत्ता, क्षतिपूर्ति सहित विभिन्न लाभों के बारे में भी स्पष्ट रूप से बताया जा रहा है। इस वर्ष रोजगार दिवस की विशेष पहल के रूप में QR कोड आधारित सूचना प्रणाली को जोड़ा गया है। अब कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल से QR कोड स्कैन कर मनरेगा योजना से संबंधित संपूर्ण जानकारी—जैसे पिछले वर्षों के श्रमिक बजट, स्वीकृत कार्य, लागत, व्यय और प्रगति—एक ही स्थान पर देख सकता है। यह व्यवस्था न केवल जानकारी को सुलभ बना रही है, बल्कि योजना क्रियान्वयन में पारदर्शिता भी दृढ़ कर रही है। रोजगार दिवस के माध्यम से ग्रामीणों को केवल जानकारी ही नहीं दी जा रही, बल्कि उन्हें आजीविका उन्नयन की दिशा में भी प्रेरित किया जा रहा है। प्रोजेक्ट उन्नति 2.0 के तहत राज मिस्त्री सहित तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किए जा रहे हैं ताकि ग्रामीण आत्मनिर्भर बनें और मनरेगा श्रमिक से कुशल श्रमिक बनने की दिशा में आगे बढ़ सकें। इसके साथ ही बड़ी संख्या में आजीविका डबरी निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिससे किसान मछली पालन और पूरक कृषि गतिविधियों से अतिरिक्त आय अर्जित कर सकें। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए श्रमिक बजट का निर्माण युक्तधारा के माध्यम से किया जा चुका है। परिसंपत्तियों के जियो टैगिंग कार्य को अब जियोफेंसिंग तकनीक के जरिए लागू किया जाएगा, साथ ही e-KYC के महत्व की विस्तृत जानकारी भी ग्रामीणों को दी गई है। नियमित रूप से आयोजित हो रहा यह रोजगार दिवस ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ाने, उन्हें योजनाओं से सीधे जोड़ने और सतत आर्थिक मजबूती की दिशा में एक प्रभावी मॉडल के रूप में उभर रहा है।

रायपुर : उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी सुचारू रूप से जारी

रायपुर : उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी सुचारू रूप से जारी जशपुर जिले में अब तक 3,924 किसानों से 25,384.12 मीट्रिक टन धान की खरीदी रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया सुचारू, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से जारी है। इसी क्रम में जशपुर जिले में 8 दिसंबर तक कुल 3,924 किसानों से 25,384.12 मीट्रिक टन धान उपार्जित किया गया है। किसानों को धान का मूल्य चुकाने हेतु 60.86 करोड़ रुपये से अधिक राशि का भुगतान किया जा चुका है तथा शेष राशि का बैंक खातों में हस्तांतरण लगातार जारी है। जिले की 24 समितियों के 46 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी कार्य निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार नियमित रूप से संचालित हो रहा है। पूरी प्रक्रिया को सरल, सुगम और पारदर्शी बनाने के लिए केंद्रों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। उपार्जन केंद्रों में टोकन प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीनें, नमी मापक उपकरण, तथा अन्य तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो। इसके साथ ही किसानों के बैठने, पेयजल, बारदाने की पर्याप्त उपलब्धता एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की भी जिला प्रशासन द्वारा नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। किसानों ने राज्य सरकार द्वारा लागू की गई ऑनलाइन तुंहर टोकन ऐप को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा है कि इससे टोकन प्राप्त करने, निर्धारित तिथि पर केंद्र पहुंचने और धान बेचने की प्रक्रिया सुचारू हुई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की किसान हितैषी नीतियों के अनुरूप प्रदेश में प्रति एकड़ 21 क्विंटल समर्थन मूल्य और कृषि उन्नति योजना के तहत 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की जा रही है। किसानों का कहना है कि राज्य सरकार के इन प्रयासों से उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल रहा है और कृषि कार्य अधिक लाभकारी हुआ है।

रायपुर : अवैध खनन और परिवहन पर जिला प्रशासन की सख्त कार्रवाई, 5 वाहन जब्त

रायपुर जांजगीर-चांपा जिले में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देशन में खनिज विभाग और उड़नदस्ता दल ने बम्हनीडीह, पुछेली, बिर्रा, कनस्दा, हथनेवरा और पीथमपुर क्षेत्रों में औचक निरीक्षण अभियान चलाया। अभियान के दौरान अवैध परिवहन में संलिप्त पाँच वाहन—ग्राम पुछेली से एक ट्रैक्टर, पीथमपुर से एक हाईवा, कनस्दा से एक ट्रैक्टर तथा बम्हनीडीह क्षेत्र से दो हाईवा—जप्त किए गए। सभी वाहनों को पुलिस रक्षित केंद्रों और संबंधित थानों में सुरक्षा के लिए रखा गया है। जिला खनिज अधिकारी श्री अनिल कुमार साहू ने जानकारी दी कि जिले में अब तक अवैध गतिविधियों के विरुद्ध कुल 76 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इनमें 66 अवैध परिवहन, 6 अवैध उत्खनन और 4 अवैध भंडारण के मामले शामिल हैं। इन मामलों में कुल 24,65,550 रुपये की शास्ति राशि वसूलकर खनिज मद में जमा की गई है। अवैध खनन में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध खनन एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 से 23(ख) के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला खनिज अधिकारी ने बताया कि जब्त वाहनों के चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुनरावृत्ति होने पर संबंधित मामलों में न्यायालयीन परिवाद दर्ज किए जाएंगे। कलेक्टर के निर्देश पर जिले में अवैध खनन रोकथाम के लिए खनिज अमला और जिला स्तरीय टास्क फोर्स द्वारा लगातार गश्त व जांच की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ में नया इतिहास: रविवार से शुरू होगा विधानसभा का शीतकालीन सत्र

रायपुर  छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र इस बार खास होने वाला है, क्योंकि यह पहली बार नवा रायपुर में बनी नई विधानसभा बिल्डिंग में हो रहा है। यह सेशन चार दिनों तक चलेगा, 14 दिसंबर से 17 दिसंबर तक। इस दौरान कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। इस दिन को यादगार बनाने के लिए सत्र की शुरुआत इसी दिन से करने का निर्णय लिया गया है। पहले दिन नहीं होगा प्रश्नकाल, ‘विजन 2047’ पर होगी विस्तृत चर्चा इस चार दिवसीय सत्र के पहले दिन प्रश्नकाल नहीं होगा। इसके बजाय राज्य सरकार की दीर्घकालिक विकास रणनीति ‘छत्तीसगढ़ विजन 2047’ पर विस्तृत चर्चा करेगी। इस चर्चा के दौरान राज्य के अगले 25 वर्षों की नीतियों का रोडमैप प्रस्तुत किया जाएगा। यह सरकार की कार्ययोजना और रणनीति पर केंद्रित होगा। कुल 628 प्रश्न लगाए गए, 15 को अनुपूरक बजट विधायकों ने इस सत्र के लिए कुल 628 प्रश्न लगाए हैं, जिनमें 333 तारांकित और 295 अतारांकित प्रश्न शामिल हैं। ये सवाल मुख्य रूप से कानून-व्यवस्था, धान खरीदी में दिक्कतें, खराब सड़कें, और राशन वितरण जैसे ज्वलंत मुद्दों से जुड़े हैं। सत्र के दूसरे दिन सोमवार 15 दिसंबर को राज्य सरकार अनुपूरक बजट पेश करेगी। ये महत्वपूर्ण विधेयक भी सदन में पेश किए जाएंगे इसके अलावा निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक, छत्तीसगढ़ भंडार क्रय नियम 2002 में संशोधन और दुकान पंजीयन को श्रम विभाग के अधीन लाने जैसे महत्वपूर्ण विधेयक भी सदन में पेश किए जाएंगे। नौ दिसंबर से नए भवन में विधायकों के ध्यानाकर्षण और स्थगन प्रस्ताव स्वीकार करने हर सदस्य रोज अधिकतम दो ध्यानाकर्षण और एक स्थगन प्रस्ताव दे सकेगा। पूरे सत्र के लिए अधिकतम छह ध्यानाकर्षण और तीन स्थगन प्रस्तावों की सीमा तय की गई है। पहले दिन होगी 'छत्तीसगढ़ विज़न 2047' पर विशेष चर्चा 14 दिसंबर को सत्र का पहला दिन होगा, और इस दिन प्रश्नकाल नहीं होगा। इसकी जगह राज्य सरकार के दीर्घकालिक विकास रोडमैप ‘छत्तीसगढ़ विज़न 2047’ पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। इसके बाद सोमवार से बुधवार तक सामान्य कार्यवाही चलेगी, जिसमें प्रश्नकाल और अन्य विधायी कार्य शामिल रहेंगे। 15 दिसंबर को आएगा अनुपूरक बजट, नए में शिफ्टिंग पूरी चार दिवसीय सत्र के पहले दिन प्रश्नकाल नहीं होगा। वहीं, दूसरे दिन सोमवार, 15 दिसंबर को राज्य सरकार अनुपूरक बजट प्रस्तुत करने की तैयारी में है। इस दौरान निजी विवि संशोधन विधेयक, छत्तीसगढ़ भण्डार क्रय नियम, 2002 में किए गए संशोधन और दुकानों का पंजीयन श्रम विभाग में करने संबंधित विधेयक भी लाया जाएगा। वहीं, दूसरी ओर पुराने विधानसभा भवन से सभी विभागों के सामान की शिफ्टिंग पूरी हो चुकी है। दो दिसंबर से शिफ्टिंग शुरू हुई थी, जिसे शनिवार शाम तक पूरा कर लिया गया। बताया गया है कि एक-दो दिन में ही नए भवन में विधानसभा सचिवालय और स्टाफ का कामकाज शुरू हो जाएगा। अब सभी प्रकार के पत्राचार नए भवन से ही किए जाएंगे। विधायकों द्वारा प्रश्न लगाए जा चुके हैं, ध्यानाकर्षण अब नए भवन में ही जाकर देना होगा। धर्मांतरण संशोधन विधेयक भी संभावित बताया गया है कि इस नई विधानसभा के पहले सत्र को यादगार बनाने के लिए धर्मांतरण संशोधन विधेयक लाने की संभावना है। प्रदेश में धर्मांतरण की लगातार शिकायतें और कार्रवाई की जा रही है। इसे देखते हुए राज्य सरकार यह विधेयक लाने की तैयारी में है ताकि प्रदेश में अवैध तरीके से कराए जा रहे धर्मांतरण पर रोक लगाई जा सके। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कुछ दिन पहले ही संशोधन विधेयक लाने के संकेत दे चुके हैं। 9 दिसंबर से जमा कर सकेंगे नोटिस सदस्य 9 दिसंबर से और बैठक वाले दिन सुबह 8 बजे तक- ध्यानाकर्षण सूचनाएं, स्थगन प्रस्ताव, नियम 267 क के तहत नोटिस, नए विधानसभा भवन में जमा कर सकेंगे। नियम के अनुसार हर सदस्य को अनुमति होगी: रोज 2 ध्यानाकर्षण नोटिस रोज 1 स्थगन प्रस्ताव पूरे सत्र (3 कार्यदिवस) में अधिकतम 6 ध्यानाकर्षण अधिकतम 3 स्थगन प्रस्ताव देने की अनुमति होगी। पुराने विधानसभा भवन से शिफ्टिंग जारी नए भवन में आने वाले सत्र के लिए तेज़ी से तैयारियां की जा रही हैं। फ़ाइलें, फ़र्नीचर, रिकॉर्ड और दूसरा ज़रूरी सामान पुरानी विधानसभा बिल्डिंग से नई बिल्डिंग में शिफ़्ट किया जा रहा है। लक्ष्य है कि 10 दिसंबर तक पूरा रिलोकेशन प्रोसेस पूरा हो जाए। सभी डिपार्टमेंट्स को निर्देश दिया गया है कि वे ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स को तय कमरों में सावधानी से जमा करें ताकि सेशन शुरू होने से पहले सब कुछ ऑर्गनाइज़ हो जाए।

रायपुर: कवर्धा में उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं के लिए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने चिकित्सकों का किया आभार व्यक्त

रायपुर : कवर्धा में उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं के लिए चिकित्सकों का आभार – उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा उपमुख्यमंत्री ने चिकित्सकों का सम्मान कर साथ किया रात्रि भोज जिले के सुदूर वनांचलों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों की सेवा करने वाले चिकित्सकों को भी किया सम्मानित रायपुर कवर्धा में स्वास्थ्य सुविधाओं को उत्कृष्ट बनाने के लिए अपना योगदान देने वाले चिकित्सकों के सम्मान में समारोह का आयोजन उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर कवर्धा के जिला अस्पताल एवं निजी अस्पतालों के चिकित्सक उपस्थित रहे। उपमुख्यमंत्री ने सभी के साथ इस समारोह में शामिल हुए और सभी को साल फल भेंट कर सम्मानित कर सभी के साथ रात्रि भोज किया। उन्होंने सभी से कवर्धा में चिकित्सा सेवाओं को और बेहतर बनाने पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने जिले के सुदूर वनांचलों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों की सेवा करने वाले चिकित्सकों को विशेष रूप से सम्मानित किया।        उन्होंने सभी को चिकित्सकों से कवर्धा में उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं के लिए चिकित्सकों का आभार व्यक्त किया और कहा कि चिकित्सक आधे भगवान होते हैं किसी भी आपात स्थिति में लोगों की जान बचाने का कार्य करते हैं, यह काम सेवा भावना से ही किया जा सकता है। यहां कवर्धा के स्थानीय चिकित्सकों के साथ बाहर से आये चिकित्सकों ने भी कवर्धा को अपना कर यहां के लोगों की पूरे मन से सेवा की है जिसके लिए पूरा कवर्धा आपका आभारी है।         उन्होंने बताया कि कवर्धा स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए 50 बिस्तरीय मातृत्व एवं शिशु अस्पताल हेतु 40 पद की स्वीकृति, जिला अस्पताल कबीरधाम में 16.63 करोड़ की लागत से क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक, सिटी स्कैन, अत्याधुनिक इंट्रीगेटेड पब्लिक हेल्थ लैब, ओटी एवं हमर लैब में पॉवर बैकअप प्रणाली, जिला चिकित्सालय कबीरधाम की क्षमता 100 बिस्तर बढ़ाकर 220 बिस्तर करने एवं इसके लिए 258 नवीन पदों को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पिपरिया एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रेंगाखार को एम्बुलेंस, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बोड़ला में सोनोग्राफी मशीन प्रदान किया गया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बोड़ला में रहने हेतु शासकीय आवास, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पिपरिया एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सहसपुर लोहारा में पब्लिक हेल्थ यूनिट का शुभारंभ किया गया है।उपस्वास्थ्य केन्द्र राजा नवागाँव को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में उन्नयन एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तरेगाँव को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में उन्नयन किया गया। सबसे अहम 318.27 करोड़ रूपए की लागत से मेडिकल कॉलेज निर्माण की स्वीकृति मिली है जिससे अब कवर्धा मेडिकल हब बनने जा रहा है। यहां महानगरों जैसी सुविधाएं प्राप्त हो सकेंगी।        उपमुख्यमंत्री ने सभी चिकित्सकों को बताया कि आगामी 11 दिसम्बर को मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के द्वारा कवर्धा मेडिकल कॉलेज की प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा पूजित आधार शिला का शिलान्यास किया जाएगा। इस ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बनने के लिए उन्होंने सभी को आमंत्रित किया।

पं. धीरेंद्र शास्त्री की हनुमंत कथा भिलाई में पहली बार, 25 से 29 दिसंबर तक होगी कथा, तीसरे दिन विशेष दिव्य दरबार

भिलाई   इस्पात नगरी भिलाई पहली बार सनातन धर्म के ध्वजवाहक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दिव्य आगमन की साक्षी बनने जा रही है। 25 से 29 दिसंबर 2025 तक जयंती स्टेडियम के समीप ग्राउंड, भिलाई में दिव्य श्री हनुमंत कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है, जिसमें पंडित शास्त्री प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक श्रद्धालुओं को कथा का रसपान कराएंगे। जिसे लेकर श्री हनुमंत कथा के आयोजक एवं छत्तीसगढ़ स्वादी ग्राम उद्योग आयोग के अध्यक्ष राकेश पाण्डेय द्वारा भिलाई के निजी होटल में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि कथा के अंतर्गत 27 दिसंबर को विशेष दिव्य दरबार का आयोजन होगा, जिसमें पंडित शास्त्री श्रद्धालुओं की पर्ची निकालकर समस्याओं के समाधान हेतु मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। 5 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना: आयोजन को लेकर बड़े पैमाने पर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. प्रतिदिन लगभग पांच लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. इसी को ध्यान में रखते हुए विशाल डोम और पंडालों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो.  राकेश पाण्डेय ने आगे कहा कि सेवा समर्पण समिति, दुर्ग द्वारा आयोजित इस भव्य कथा के लिए तैयारिया प्रारंभ हो गयी है, कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राकेश पाण्डेय, आयोजन समिति के अध्यक्ष पंडित वीरेन्द्र प्रसाद शुक्ला के साथ अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं समाजसेवी आयोजन के सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को लेकर कार्यरत हैं। इस भव्य आयोजन के लिए दुर्ग-भिलाई ही नहीं, बल्कि देश एवं पूरे छत्तीसगढ़ से हजारों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है। राकेश पाण्डेय ने आगे कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सेवा समर्पण समिति द्वारा विशाल एवं सुव्यवस्थित व्यवस्थाएँ की जा रही है-अधिक से अधिक श्रद्धालुओं की क्षमता वाला भव्य डोमशेड सुव्यवस्थित वाहन पार्किंग की व्यवस्था की आएगी ताकि आवागमन बाधित न हो सके। मेडिकल कैंप समेत बुजुर्गों के लिए भी कई सुविधा: आयोजक राकेश पांडेय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के अलावा पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में भक्तों के आने की उम्मीद है. बुजुर्ग श्रद्धालुओं को पार्किंग स्थल से ई–रिक्शा के माध्यम से कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाने की सुविधा रहेगी. साथ ही स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मेडिकल कैंप और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं. राकेश पाण्डेय ने आगे कहा कि प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं हेतु निःशुल्क भोजन, पेयजल एवं शौचालय की पर्याप्त व्यवस्था, सुरक्षा हेतु पूरे स्थल पर बेरीकेटिंग कथास्थल के समीप व्यवसाइयों को रियायती दरों पर स्टॉल आवंटित किए जाएंगे, जिसमें खाद्य सामग्री एवं धार्मिक वस्तुएँ उपलब्ध रहेंगी। समिति यह भी सुनिश्चित करेगी कि किसी भी श्रद्धालु से बाजार दर से अधिक राशि न ली जाए। इस आयोजन में साहू समाज, यादव समाज, सिख समाज, अग्रवाल समाज, माहेश्वरी समाज, चंद्राकार समाज, देवांगन समाज, पूज्य सिंधी पंचायत चैंबर ऑफ कॉमर्स विभिन्न व्यापारिक संगठन सहित विभिन्न सामाजिक एवं समाजसेवी संस्थाओं का सक्रिय सहयोग प्राप्त हो रहा है। राकेश पांडेय ने कहा कि भिलाई के पावन धरा पर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी के आगमन का यह पल हम सभी के लिए सौभाग्यशाली है। राकेश पाण्डेय ने आगे कहा कि देश एवं प्रदेश वासियों से दिव्य श्री हनुमंत कथा में अत्यधिक संख्या में पहुंचकर पुण्य लाभ अर्जित कर जीवन को सार्थक बनाने की अपील की है। आयोजित प्रेस वार्ता में सेवा समर्पण समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र शुक्ला, पदम श्री अवार्ड से सम्मानित सतनामी समाज से उषा बारले, लोधी समाज से सुरेंद्र कौशिक, देवांगन समाज से पुरुषोत्तम देवांगन, कुर्मी समाज से चंद्रिका चंद्राकर, साहू समाज से खिलावन साहू, राजपूत समाज से सत्येंद्र सिंह, ताम्रकार समाज से नटवर ताम्रकार उपस्थित रहे। 5 दिन चलने वाले कथा की तैयारी शुरू सेवा समर्पण समिति यह आयोजन करा रही है। 8 दिसंबर को छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त राकेश पांडेय ने तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पांच दिवसीय कथा में रोजाना लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है, जिसके लिए बड़े स्तर पर व्यवस्थाएं शुरू कर दी गई हैं। श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए विशाल डोमशेड, सुव्यवस्थित बैठने की व्यवस्था और पर्याप्त पार्किंग बनाई जा रही है। 27 दिसंबर को होगा विशेष दिव्य दरबार कथा के तीसरे दिन 27 दिसंबर को पंडित धीरेंद्र शास्त्री दिव्य दरबार लगाएंगे। इसमें वे श्रद्धालुओं की पर्ची निकालकर समस्याओं का समाधान और मार्गदर्शन देंगे। इस दिन भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए विशेष सुरक्षा और प्रबंधन की तैयारी की जा रही है। समिति के सदस्यों ने कहा कि भिलाई की पावन धरती पहली बार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी के दिव्य आगमन की साक्षी बनेगी। यह आयोजन धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से ऐतिहासिक साबित होगा। उन्होंने प्रदेशवासियों से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा का लाभ लेने की अपील की। बुजुर्गों के लिए ई-रिक्शा सुविधा, मेडिकल कैंप भी रहेगा समिति के मुताबिक, छत्तीसगढ़ ही नहीं, पड़ोसी राज्यों से भी भक्तों के आने की उम्मीद है। बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं को पार्किंग से कार्यक्रम स्थल तक ई-रिक्शा से निशुल्क परिवहन सुविधा दी जाएगी। वहीं पूरे आयोजन स्थल पर स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए मेडिकल कैंप, प्राथमिक उपचार केंद्र और सुरक्षा प्रबंधन तैनात रहेगा। आयोजन समिति की ओर से रोजाना हजारों श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क महाभंडारे की व्यवस्था की जा रही है। पेयजल, शौचालय, सुरक्षा बैरिकेडिंग और भीड़ नियंत्रण के लिए अलग–अलग टीमें काम कर रही हैं। सामाजिक संगठनों का सहयोग इस आयोजन में साहू समाज, यादव समाज, अग्रवाल समाज, माहेश्वरी समाज, सिख समाज, ताम्रकार समाज, देवांगन समाज, चंद्राकर समाज, पूज्य सिंधी पंचायत, चैंबर ऑफ कॉमर्स सहित अनेक सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों का सहयोग मिल रहा है। पत्रकार वार्ता में सेवा समर्पण समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र शुक्ला, पद्मश्री उषा बारले, सुरेंद्र कौशिक, पुरुषोत्तम देवांगन, चंद्रिका चंद्राकर, खिलावन साहू और सत्येंद्र सिंह सहित कई प्रतिनिधि उपस्थित रहे।