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स्टेडियम में होने जा रहा बड़ा बदलाव: CSCS डायरेक्टर ने बताए कायाकल्प के प्रमुख बिंदु

रायपुर छत्तीसगढ़ के क्रिकेट फैंस के लिए खुशखबरी है. राजधानी रायपुर अब जल्द ही टेस्ट क्रिकेट की दुनिया में अपनी दस्तक दे सकता है. राज्य सरकार ने नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम को 30 साल की लंबी लीज पर छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ को सौंप दिया है. साय कैबिनेट की बैठक में लिए गए इस फैसले ने रायपुर में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट का भविष्य तय कर दिया है. बता दें कि वनडे और टी-20 मैचों की सफल मेजबानी के बाद अब रायपुर का ये खूबसूरत स्टेडियम टेस्ट क्रिकेट के लिए तैयार हो रहा है. इस मैदान पर भारत बनाम दक्षिण अफ्रिका का वनडे मुकाबला खेला जाएगा. राज्य शासन से 30 साल की लीज मिलने के बाद छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (CSCS) ने स्टेडियम के कायाकल्प का पूरा खाका तैयार कर लिया है. अब तक संघ सिर्फ मैदान की देखरेख करता था, लेकिन अब पूरा स्टेडियम संघ के पास होने से यहां बड़े बदलावों की तैयारी है. मॉर्डन सुविधाएं जोड़ने की तैयारी छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (CSCS) के डायरेक्टर विजय शाह ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम रायपुर को लेकर कई सारी योजनाएं हमारे दिमाग में थी. हम जल्द ही बीसीसीआई के रोटेशन प्रणाली में शामिल हो जाएंगे, जिससे लगातार मैचों की अगुवाई का असवर मिलते रहेगा. उन्होंने बताया कि वह स्टेडियम को नए रूप में तैयार करना चाहते हैं. स्टेडियम के एक्टीरियर और इंटिरयर को आज के जमाने के अनुसार मॉडर्न टच देना चाहते हैं. आगे कहा कि स्टेडियम को बने लगभग 25 साल हो गए हैं. स्टेडियम में प्रैक्टिस विकेट्स, स्विमिंग पूल और जिम की कमी है, जिसे दूर करते हुए अंतराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं दी जाएंगी. छत्तीसगढ़ के युवाओं को मिलेगा बेहतर अवसर : मंत्री अरुण साव डिप्टी सीएम और खेल मंत्री अरुण साव ने कहा कि स्टेडियम को राज्य सरकार ने लीज में देने का निर्णय लिया है. लगातार बड़े मैच छत्तीसगढ़ में होंगे है. छत्तीसगढ़ के बड़े प्रतिभाओं को बड़ा अवसर मिलेगा. छत्तीसगढ़ के युवाओं में क्षमता है. आने वाले समय में खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिलेंगे.

जनसंपर्क विभाग द्वारा राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर विचार गोष्ठी का आयोजन

विश्वसनीयता मीडिया की सबसे बड़ी ताकत रायपुर राष्ट्रीय प्रेस दिवस के मौके पर आज जनसंपर्क संचालनालय में  विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस विचार गोष्ठी में संपादकों, वरिष्ठ पत्रकारों और जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने अपने विचार व्यक्त किए। वरिष्ठ संपादक जयप्रकाश मिश्रा ने कहा कि कुछ लोग अपने हितों को सुरक्षित रखने के लिए भ्रामक सूचनाओं को आगे बढ़ाने के लिए एक साथ एक ही तरह की भ्रामक सामग्री को भेजते हैं, जिससे उसका एल्गोरिदम बढ़ जाता है और पाठक भ्रमित होकर उसे सच मान बैठता है। उन्होंने दिल्ली मेट्रो का उदाहरण देते हुए कहा कि श्रीधरन जी जब भी मेट्रो में किसी तरह की रूकावट आती थी तब तुरंत ही सूचना प्रचार माध्यमों में समाचार जारी कर तकनीकी त्रुटि को ठीक करने में लगने वाला संभावित समय भी बता देते थे। जब सही और गुणवत्तापूर्ण सूचनाएं आगे बढ़ती हैं तो भ्रामक सूचनाएं ठहर नहीं पाती।  संपादक श्री रवि भोई ने कहा कि खबरों की सच्चाई अहम है इससे समझौता नहीं करना चाहिए। भले ही समय लगता हो लेकिन पुष्टि के पश्चात ही खबरे प्रसारित करना चाहिए। संपादक श्री एएन द्विवेदी ने कहा कि सूचनाओं की गुणवत्ता और उनके प्रसारण से पड़ने वाले प्रभाव के आधार पर बेहद गंभीरता बरतते हुए इन्हें जनसामान्य को प्रेषित किया जाना चाहिए। इसमें छोटी चूक भी बड़ी दुर्घटना का रूप ले लेती है। वरिष्ठ पत्रकार श्री अशोक साहू ने कहा कि पत्रकारिता में विश्वसनीयता के मानदंडों पर यदि काम किया जाए तो किसी तरह की भ्रामक सूचना जाने की आशंका नहीं रहती।  अपर संचालक श्री उमेश मिश्रा ने कहा कि मीडिया की विश्वसनीयता लोकतंत्र का आधार स्तंभ है, इसे किसी भी कीमत पर बनाए रखना जरूरी है। मीडिया को तकनीकी बदलाव के चलते तेजी से फैलती गलत सूचनाओं पर अपनी जिम्मेदारी के साथ-साथ सतर्कता बरतनी होगी।  अपर संचालक श्री आलोक देव ने कहा कि मीडिया की सबसे बड़ी ताकत है उसकी विश्वसनीयता। मीडिया सिर्फ खबरे नहीं देता, प्रेस मार्गदर्शन करता है, संदेह दूर करता है और विश्वास का निर्माण करता है। उप संचालक श्री सौरभ शर्मा ने कहा कि आज का दौर एआई का है ऐसे समय में गलत सूचनाओं का एल्गोरिथम बढ़ने से व्यापक रूप से हमारे बीच पहुंचता है। हमें ऐसी सूचनाओं को जांच-परख कर ही प्रसारित करना चाहिए। कार्यक्रम में अरविन्द मिश्रा सहित अनेक लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनसंपर्क विभाग के अधिकारी और मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।

राज्य में अवैध परिवहन किए जा रहे 19 हजार 320 क्विंटल धान जब्त

मार्कफेड ने जारी किए 1 से 16 नवंबर तक के आंकड़े रायपुर छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी प्रारम्भ होने के पूर्व से ही प्रदेश में अवैध परिवहन से आने वाले धान की कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पिछले एक नवंबर से 16 नवंबर तक लगभग 19 हजार 320 क्विंटल धान जब्त किया गया है। इस बार मार्कफेड द्वारा राज्य में अवैध परिवहन के जरिए अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ आने वाले धान को रोकने के लिए राज्य के सीमावर्ती जिलों में चेकपोस्ट और कलेक्टर की अध्यक्षता में टॉस्कफोर्स भी बनाए गए हैं। इसके साथ ही मार्कफेड में स्थापित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था की सतत् निगरानी की जा रही है।  मार्कफेड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले एक नवंबर से 16 नवंबर के अवधि में सीमावर्ती विभिन्न जिलों से छत्तीसगढ़ राज्य में अवैध परिवहन के माध्यम से आने वाले धान में सर्वाधिक महासमुंद जिले में 4266 क्विंटल धान जब्त किया गया है। इसी प्रकार बलरामपुर जिले में 4139 क्विंटल, सूरजपुर जिले में 1750 क्विंटल, रायगढ़ जिले में 1201 क्विंटल, जशपुर जिले में 1157 क्विंटल, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में 967 क्विंटल, कोण्डागांव जिले में 869 क्विंटल, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 687 क्विंटल, राजनांदगांव 607 क्विंटल, मुंगेली में 490 क्विंटल, बलौदाबाजार में 386 क्विंटल, बिलासपुर में 273 क्विंटल, कोरिया में 253 क्विंटल, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 250 क्विंटल, सरगुजा में 240 क्विंटल, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 228 क्विंटल, दंतेवाड़ा में 220 क्विंटल, बस्तर जिले में 218 क्विंटल, सक्ती में 137 क्विंटल, सुकमा में 130 क्विंटल, बालोद में 123 क्विंटल, गरियाबंद में 122 क्विंटल, जांजगीर-चांपा में 119 क्विंटल, कवर्धा में 90 क्विंटल, कोरबा में 85 क्विंटल, रायपुर में 84 क्विंटल, धमतरी में 72 क्विंटल, नारायणपुर में 53 क्विंटल, दुर्ग में 38 क्विंटल, बेमेतरा में 32 क्विंटल, मोहला-मानपुर-चौकी में 27 क्विंटल धान जब्त किए गए हैं।  उल्लेखनीय है कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के पूर्व प्रदेश में अवैध धान परिवहन और संग्रहण पर सख्त निगरानी जारी रखते हुए आज दो महत्वपूर्ण कार्रवाईयाँ की गईं। मार्कफेड के इंटीग्रेटेड कंट्रोल सिस्टम से प्राप्त 600 बैग (231.5 क्विंटल) अवैध धान संबंधी अलर्ट पर तत्काल कार्रवाई करते हुए कोंडागांव जिले की टीम ने मौके पर पहुंचकर धान जप्त किया। सीमावर्ती जिलों में निगरानी बढ़ाए जाने और त्वरित अलर्ट-रिस्पॉन्स सिस्टम की बदौलत अन्य राज्यों से धान की अवैध आमद को रोकने में प्रभावी सफलता मिल रही है। इसी क्रम में, रात्री गश्त के दौरान ग्राम त्रिशूली, थाना सनवाल क्षेत्र में अशोक सिंह पिता रामचरित्र के घर के बाहर बने शेड में दो अलग-अलग स्थानों पर कुल 222 कट्टा धान पाया गया। विवाद की स्थिति को देखते हुए दिन में पुनः तहसीलदार रामचंद्रपुरपुर, थाना प्रभारी सनवाल, महिला पुलिस, तथा मंडी कर्मचारियों की मौजूदगी में विस्तृत जांच की गई और धान की विधिवत जप्ती की कार्रवाई पूरी की गई। शासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता और अवैध गतिविधि को हर स्तर पर जीरो टॉलरेंस के साथ रोका जाएगा। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मार्कफेड द्वारा धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए एकीकृत कंट्रोल सेंटर के माध्यम से रियल-टाइम निगरानी की जा रही है। साथ ही अवैध परिवहन के माध्यम से राज्य में आने वाले धान को रोकने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन द्वारा सतत् निगरानी रखी जा रही है।

खरीदी केंद्रों पर बारदाने जलने की घटनाएँ बढ़ीं: करोड़ों का नुकसान, कारणों पर उठ रहे सवाल

जांजगीर-चांपा/कवर्धा छत्तीसगढ़ में धान खरीदी जारी है, इसी बीच दो अलग-अलग जिलों से बारदाना में आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं। लगातार चल रही खरीदी व्यवस्था के बीच हुई इन घटनाओं से हलचल मचा दी है। वहीं इस घटनाक्रम पर कांग्रेसी विधायक ब्यास कश्यप ने सरकार पर निशाना साधा है। 40 गठान बारदाना जलकर राख पहली घटना जांजगीर-चांपा जिले की पामगढ़ थाना क्षेत्र के लगरा सेवा सहकारी समिति की है। यहां धान खरीदी केंद्र के सामने चबूतरे में रखे 40 गठान नए बारदाने में अचानक आग लग गई। आग लगने के कारण बारदाना जलकर राख हो गया और करीब 20 लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। बताया जा रहा है कि बारदाना को एक दिन पहले ही प्राधिकृत अधिकारी द्वारा खाली कराया गया था। फिलहाल, आग लगने का कारण अभी पता नहीं चल सका है। विधायक ब्यास कश्यप ने साधा निशाना आगजनी की इस घटना पर कांग्रेसी विधायक ब्यास कश्यप ने निशाना साधते हुए कहा कि सरकार की धान खरीदी के लिए कोई तैयारी नहीं है। उन्होंने कहा कि जब धान खरीदी केंद्र के अधिकारी-कर्मचारी आंदोलन में हैं, तो खाली केंद्रों में बारदाना खुले में नहीं छोड़ना चाहिए था। आग लगी है या लगाई गई है, इसकी जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। अभी तो बारदाने में आग की घटना शुरू हुई है, आगे और बहुत कुछ होगा। 500 धान बोरे जले दूसरी घटना कवर्धा जिले के पंडरिया क्षेत्र के कुंआमालगी गांव में हुई, जहां बारदाने में रखे लगभग 500 धान बोरों में आग लग गई। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने एकजुट होकर आग पर काबू पाने की कोशिश की और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इस आगजनी की घटना में करीब 5 लाख रुपये का बारदाना जलकर नष्ट हो गया है। यहां भी आग लगने का कारण अज्ञात है। बता दें कि छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू हो चुकी है। पहले दिन प्रदेश भर के 195 उपार्जन केंद्रों में किसानों से 19,464 क्विंटल धान का उपार्जन किया गया।

गौरेला-पेंड्रा- मरवाही में धान खरीदी शुरू, पहले दिन 506.80 क्विंटल की आवक

गौरेला पेंड्रा मरवाही, खरीफ विपरण वर्ष 2025- 26 में समर्थन मूल्य पर किसानों से धान खरीदी का कार्य 15 नवंबर से पूरे प्रदेश में प्रारंभ हो गया है। धान खरीदी के पहले दिन जीपीएम जिले में दो धान खरीदी केंद्रों में आठ किसानों द्वारा कुल 506.80 क्विंटल धान बेचा गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार धान खरीदी केंद्र निमधा में किसान प्रकाश चंद्र जायसवाल ने 87.20 क्विंटल धान का विक्रय किया। इसी तरह धान उपार्जन केंद्र धनौली में सात किसानों द्वारा 419.60 क्विंटल धान का विक्रय किया गया। राज्य के किसानों से धान की नगद व लिंकिंग में खरीदी 31 जनवरी 2026 तक किया जाएगा।

अमीन भर्ती परीक्षा—सूरजपुर में अभ्यर्थियों हेतु महत्वपूर्ण दिशानिर्देश जारी

07 दिसम्बर को आयोजित होगी परीक्षा सूरजपुर, छत्तीसगढ़ व्यवसायिक परीक्षा मंडल द्वारा जल संसाधन विभाग अंतर्गत अमीन पद हेतु आगामी माह 7 दिसंबर 2025 को आयोजित होने वाले भर्ती परीक्षा परीक्षा में अधिक संख्या में परीक्षार्थियों की उपस्थिति को देखते हुए शासन एवं प्रशासन ने परीक्षा को सुचारू, सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जारी निर्देश में परीक्षार्थियों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा के एक दिन पूर्व ही अपने निर्धारित परीक्षा केंद्र का अवलोकन कर लें, जिससे परीक्षा दिवस पर किसी प्रकार की असुविधा न हो। परीक्षा प्रारंभ होने के कम से कम दो घंटे पूर्व केंद्र पर पहुँचना अनिवार्य किया गया है, ताकि फ्रिस्किंग एवं पहचान पत्र से सत्यापन में समय लगने पर भी किसी को परेशानी न हो। परीक्षा का मुख्य द्वार प्रातः 11:30 बजे बंद कर दिया जाएगा। इसके साथ ही ड्रेस कोड का विशेष ध्यान रखने के भी निर्देश जारी किए गए हैं। अभ्यर्थियों को हल्के रंग के आधी बाँह वाले कपड़े पहनकर आने हेतु कहा गया है। काला, मैरून, जामुनी, गहरा नीला, बैंगनी आदि रंगों के कपड़े प्रतिबंधित रहेंगे। केवल बिना पॉकेट वाले साधारण स्वेटर की अनुमति होगी। धार्मिक या सांस्कृतिक परिधान वाले अभ्यर्थियों को अतिरिक्त सुरक्षा जाँच के लिए समय से पहले उपस्थित होना होगा। परीक्षा केंद्र में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, पर्स, बेल्ट, आभूषण, घड़ी आदि पूर्णतः वर्जित रहेंगे। अभ्यर्थी केवल काले या नीले बॉल प्वाइंट पेन लेकर ही प्रवेश कर सकेंगे। प्रशासन के स्पष्ट निर्देश है कि परीक्षा में किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि या नकल पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी और अभ्यर्थिता तुरंत समाप्त कर दी जाएगी। परीक्षा की सफलता सुनिश्चित करने हेतु सभी विभाग सतर्क मोड में हैं और अभ्यर्थियों से निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

कलेक्टर का दौरा: निमधा आदिवासी छात्रावास में व्यवस्थाओं का लिया जायज़ा

गौरेला पेंड्रा मरवाही, कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने शनिवार को समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के शुभारंभ करने के दौरान आदिवासी बालक छात्रावास निमधा का निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों की उपस्थिति, भोजन, नाश्ता, अध्ययन-अध्यापन और ठंडक के मौसम को देखते हुए गर्म कपड़ों की व्यवस्था आदि की जानकारी ली। उन्होंने छात्रावास अधीक्षक जो मूल रूप से शिक्षक हैं, को अधीक्षकीय कार्य के अलावा अपने समबद्ध स्कूल में प्रतिदिन दो क्लास लेने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने छात्रावासी बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, खानपान एवं साफ सफाई पर विशेष ध्यान देने कहा। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री मुकेश रावटे भी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ के विकास की खुलकर तारीफ: प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री साय की भूमिका बताई अहम

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, हमारे जनजातीय समाज के विष्णु देव साय राज्य का कायाकल्प कर रहे हैं. यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की तारीफ करते हुए कही. गुजरात के नर्मदा में भगवान बिरसामुंडा की जयंती पर आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘आज देश की राष्ट्रपति एक आदिवासी महिला हैं. इसी तरह BJP-NDA ने हमेशा आदिवासी समाज के होनहार साथियों को शीर्ष पदों पर पहुंचाने का प्रयास किया है. आज छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, हमारे जनजातीय समाज के विष्णु देव साय राज्य का कायाकल्प कर रहे हैं.’ गुजरात के आदिवासी जिलों को दी सौगात इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के आदिवासी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए 14 आदिवासी जिलों के लिए 250 बसों को हरी झंडी दिखाई. इस दौरान उन्होंने कहा, ‘मां नर्मदा की यह पावन धरती आज एक और ऐतिहासिक आयोजन की साक्षी बन रही है. अभी 31 अक्टूबर को हमने यहां सरदार पटेल की 150वीं जयंती मनाई थी.’ उन्होंने कहा कि हमारी एकता और विविधता को सेलिब्रेट करने के लिए भारत पर्व शुरू हुआ और आज भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के इस भव्य आयोजन के साथ हम भारत पर्व की पूर्णता के साक्षी बन रहे हैं. मैं इस पावन अवसर पर भगवान बिरसा मुंडा को प्रणाम करता हूं.

कवर्धा में धान उपार्जन की शुरुआत: पहले दिन 306.8 क्विंटल की खरीदी

सुचारू धान खरीदी के लिए शासन ने लगाया एस्मा, तीन समिति प्रबंधक बर्खास्त 108 समितियों में अधिकारियों को प्रभार कलेक्टर गोपाल वर्मा के निर्देश पर सभी धान खरीदी केंद्र में बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित कवर्धा, कबीरधाम ज़िले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए धान उपार्जन कार्य का शुभारंभ आज विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया गया। उपार्जन के पहले दिन जिले में 306.8 क्विंटल धान की खरीदी संपन्न हुई। जिले के सभी धान खरीदी केन्द्रों में नाप-तौल की व्यवस्था, कांटा–बांट, पर्याप्त बारदाना, ड्रेनेज सिस्टम सहित आवश्यक सुविधाएँ सुनिश्चित की गई हैं, जिससे किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के कर्मचारियों की हड़ताल के कारण उपार्जन कार्य प्रभावित न हो, यह देखते हुए कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा द्वारा विशेष पहल की गई है। उन्होंने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अन्य विभागों के अधिकारियों को समिति प्रबंधक का प्रभार सौंपा, ताकि धान खरीदी की प्रक्रिया सुचारू, पारदर्शी और समयबद्ध रूप से चलती रहे। इस व्यवस्था से किसानों को किसी भी प्रकार की बाधा के बिना अपनी उपज बेचने में सुविधा मिल रही है और जिले में धान उपार्जन कार्य सुचारू रूप से संचालित हो रहा है।        कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने बताया कि कबीरधाम जिले की सभी 108 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों एवं उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी कार्य के संचालन के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को प्रभार सौंपा गया है। इनमें ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, पटवारी, उप अभियंता, सहायक कार्यक्रम समन्वयक, करारोपण अधिकारी, बीपीएम, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, विकास विस्तार अधिकारी, मत्स्य निरीक्षक सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जिले के किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां की गई हैं। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र में अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। तीन समिति प्रबंधक बर्खास्त प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादा ज़िन्दा, सल्फी और सहसपुर लोहारा द्वारा 14 नवंबर 2025 को जारी आदेश में तीन सहकारी समिति प्रबंधक जिंदा श्री घनश्याम चन्द्रवंशी, सहसपुर लोहारा श्री गंगादास मानिकपुरी और चिल्फी श्री मनोज चन्द्राकर को अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतने पर सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है।जारी आदेश के अनुसार संबंधित कर्मचारी को पूर्व में कार्यालयीन पत्र के माध्यम से तत्काल कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था, परंतु निर्धारित तिथि तक वह उपस्थित नहीं हुआ। इसके पश्चात अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत उसे कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था। कर्मचारी द्वारा न तो कार्यालय में उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण दिया गया और न ही कारण बताओ नोटिस का जवाब प्रस्तुत किया गया। इससे समिति के धान उपार्जन कार्य, ऋण वितरण, खाद एवं बीज वितरण जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियाँ प्रभावित हुईं और किसानों को असुविधाओं का सामना करना पड़ा। इस गंभीर कदाचार को ध्यान में रखते हुए बोर्ड की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए कि सेवा नियमों की कंडिका 16 के तहत लोकहित में व्यापक कार्य में बाधा डालने के कारण सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त किया गया शासन ने लगाया एस्मा, अनुपस्थिति पर सख्त कार्रवाई तय छत्तीसगढ़ सरकार ने धान खरीदी कार्य को किसी भी परिस्थिति में बाधित न होने देने के लिए बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। धान खरीदी केंद्रों में कार्यरत सहकारी समितियों के कर्मचारियों की हड़ताल को देखते हुए सरकार ने एस्मा लागू कर दिया है। धान उपार्जन जैसे महत्वपूर्ण दायित्व को रोकना या प्रभावित करना किसानों के हितों पर सीधा असर डालता है। इसलिए इस हड़ताल को अवैध मानते हुए सभी कर्मचारियों को तत्काल कार्य पर लौटने के निर्देश जारी किए गए हैं। स्पष्ट किया है कि यदि हड़ताल पर गए कर्मचारी सोमवार तक अपनी ड्यूटी पर वापस नहीं लौटते, तो उनके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर मुख्यमंत्री साय ने दी शुभकामनाएँ

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस 16 नवंबर के अवसर पर मीडिया जगत से जुड़े सभी लोगों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता हमारे लोकतंत्र की विशेषता और आधारशिला है। निष्पक्ष प्रेस और निर्भीक पत्रकारिता स्वस्थ लोकतंत्र के लिए आवश्यक है। मीडिया नागरिकों को उनके अधिकार और दायित्व के प्रति सचेत कर देशहित व लोकहित के प्रति जागरूक करता  है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि भारतीय प्रेस दिवस भारत जैसे जीवंत लोकतंत्र में स्वतंत्र और निष्पक्ष प्रेस के महत्व और योगदान को याद करने का दिन है।   मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर आशा व्यक्त करते हुए कहा कि मीडिया अपनी प्रखरता, संवेदनशीलता और सत्यनिष्ठा के साथ लोकतंत्र के पथ को और अधिक प्रकाशमान करता रहेगा।