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रायपुर : जालबांधा सहकारी समिति में नन्दलाल वर्मा ने 120 क्विंटल धान बेचा

रायपुर : जालबांधा सहकारी समिति में नन्दलाल वर्मा ने 120 क्विंटल धान बेचा ऑनलाइन टोकन व्यवस्था से प्रक्रिया हुई सुगम, मुख्यमंत्री का किसानों ने जताया आभार रायपुर खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत  खैरागढ़ जिले के जालबांधा सहकारी समिति में ग्राम बघमर्रा के किसान नन्दलाल वर्मा ने शुक्रवार को 120 क्विंटल धान का उपार्जन कराया। पूरी प्रक्रिया के दौरान पंजीयन, तौल तथा रिकॉर्ड प्रविष्टि व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई। धान तौल के बाद नन्दलाल वर्मा ने बताया कि ऑनलाइन टोकन व्यवस्था से प्रतीक्षा समय कम हुआ है, जिससे किसानों को बिना भीड़भाड़ के अपनी उपज जमा करने की सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष तौल एवं भंडारण कार्य तेज गति से हो रहे हैं तथा किसान निर्धारित समय पर टोकन के अनुसार पहुंचकर अपना धान आसानी से विक्रय कर पा रहे हैं। फसल कटाई के सीजन में समिति में लगातार धान की आवक बनी हुई है। पारदर्शी तोल-माप एवं भुगतान व्यवस्था को लेकर किसानों में संतोष और भरोसा देखा जा रहा है। इसी क्रम में नन्दलाल वर्मा ने उपार्जन प्रणाली को अधिक सरल व पारदर्शी बनाने हेतु राज्य सरकार एवं मुख्यमंत्री का धन्यवाद भी व्यक्त किया।

रायपुर : सरोवर निर्माण, सौंदर्यीकरण एवं मंगल भवन के लिए 90 लाख स्वीकृत

रायपुर : सरोवर निर्माण, सौंदर्यीकरण एवं मंगल भवन के लिए 90 लाख स्वीकृत उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा स्वीकृति आदेश जारी रायपुर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सारंगढ़ नगर पालिका में दो कार्यों के लिए 90 लाख रुपए की प्राविधिक स्वीकृति प्रदान की है। इनमें ऊपर घोघरा नाला के पास सरोवर निर्माण एवं सौंदर्यीकरण के लिए 60 लाख रुपए तथा काली मंदिर के पास मंगल भवन के निर्माण के लिए 30 लाख रुपए की राशि शामिल है। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने संचालनालय से इनकी मंजूरी के आदेश जारी कर दिए हैं। विभाग द्वारा चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रावधानित अधोसंरचना मद से ये कार्य स्वीकृत किए गए हैं। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने दोनों कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए समय-सीमा में काम पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से सतनामी विकास परिषद के प्रतिनिधिमंडल की सौजन्य भेंट

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से सतनामी विकास परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य भेंट गुरु घासीदास जयंती समारोह में शामिल होने का दिया आमंत्रण रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में सतनामी विकास परिषद, सारंगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान कौशल विकास मंत्री गुरु श्री खुशवंत साहेब भी उपस्थित थे। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को परम पूज्य बाबा गुरु घासीदास जी की 269वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित तीन दिवसीय जयंती गुरुपर्व–2025 में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने का आमंत्रण दिया। उन्होंने बताया कि 18, 19 और 20 दिसंबर को आयोजित होने जा रहे इस तीन दिवसीय महोत्सव में सतनामी समाज के श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होंगे। यह आयोजन समाज की आस्था, एकता और सांस्कृतिक धरोहर का भव्य उत्सव होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रतिनिधिमंडल के आग्रह को सहर्ष स्वीकार करते हुए कहा कि सतनामी समाज ने सदैव छत्तीसगढ़ की सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को समृद्ध किया है। उन्होंने कहा कि गुरु बाबा घासीदास जी के आदर्श—सत्य, अहिंसा और समानता—समाज को नैतिक शक्ति और सही दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि इस पावन उत्सव में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य और सम्मान की बात है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जयंती पर्व की सराहना करते हुए इसे समाज को एक सूत्र में जोड़ने वाला, प्रेरणादायी और मार्गदर्शक आयोजन बताया। प्रतिनिधिमंडल में विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाडा, पूर्व विधायक श्रीमती केराबाई मनहर सहित सतनामी विकास परिषद के अध्यक्ष श्री बी. डी. भारद्वाज, उपाध्यक्ष श्री रमेश अनंत, श्रीमती भानुप्रभा जोल्हे, श्री कृष्णा अजगले, श्री तेजेश्वर सिंह रात्रे और श्री रोहित महिलांग उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड: रायपुर समेत 4 शहरों में पारा 10°C से नीचे, शीतलहर का अलर्ट जारी

रायपुर दिसंबर की दस्तक के साथ ही उत्तरी हवा ने रफ्तार पकड़ ली है और प्रदेश में शीत लहर का असर तेजी से बढ़ने लगा है। मौसम विभाग ने 8 दिसंबर की रात से 10 दिसंबर की सुबह तक छत्तीसगढ़ के कई जिलों में शीतलहर चलने की चेतावनी जारी की है। इधर, रायपुर में न्यूनतम पारा आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.5 डिग्री कम है। मैनपाट में रात का पारा 4°C से नीचे चला गया है और वहां ओस की बूंदें जमकर बर्फ में बदल गई हैं। अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 5°C, पेंड्रा में 8°C और जगदलपुर में 9.8°C दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे में सबसे अधिक तापमान 30.4°C रायपुर में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 5°C अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया। इन जिलों में अलर्ट जारी वहीं मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, मनेन्द्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर, कोरिया, सरगुजा, जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, कबीरधाम, मुंगेली, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, बेमेतरा, रायपुर, दुर्ग, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, बालोद और कोरबा जिलों के एक-दो हिस्सों में ठंड और ज्यादा तीखी रहेगी। मैदानी इलाके में हवा तेज मौसम विज्ञानियों के अनुसार प्रदेश में उत्तर-पूर्वी हवा सक्रिय है, जिससे रात का तापमान लगातार गिर रहा है। बीते 24 घंटों में कई जगह पारा सामान्य से 3 से 5 डिग्री नीचे दर्ज किया गया है। पर्वतीय और उत्तरी अंचलों में सुबह के समय कोहरा छाने और शाम ढलते ही गलन बढ़ने की संभावना जताई गई है। वहीं मैदानी जिलों जैसे रायपुर, दुर्ग और बेमेतरा में भी इसी अवधि में हवा की तीव्रता बढ़ने से ठिठुरन महसूस हो रही है। मौसम विभाग ने आमजन को जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है। बच्चों और बुजुर्गों को सुबह-शाम अनावश्यक बाहर न निकलने, दिन में भी हल्के ऊनी कपड़े पहनने और रात में घरों को गर्म रखने की सलाह दी गई है। किसान भाइयों से भी अपील की गई है कि वे फसलों पर पाला पड़ने से बचाव के उपाय करें। अगले दो दिनों तक मौसम में खास बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन हवा की नमी कम होने और तापमान गिरने से शीत लहर का असर और तेज हो सकता है। शीत लहर चलने की वजह उत्तर भारत में तापमान तेजी से गिरने के कारण वहां से आने वाली उत्तर-पूर्वी बर्फीली हवाएं छत्तीसगढ़ में पहुंचकर ठंड को अचानक बढ़ा रही हैं। रायपुर में नगर निगम ने कई जगहों पर अलाव का इंतजाम किया रायपुर में शीतलहर का असर बढ़ते ही नगर निगम ने आम लोगों को राहत देने के लिए शहर में अलाव जलाने की व्यवस्था शुरू कर दी है। निगम ने 12 से अधिक लोकेशन पर रातभर अलाव जलवाने के निर्देश दिए हैं, ताकि बेघर, राहगीरों और आम नागरिकों को ठंड से तुरंत राहत मिल सके। रायपुर नगर निगम की मेयर मीनल चौबे और कमिश्नर विश्वदीप के निर्देशों के बाद सभी जोन कमिश्नरों और जोन हेल्थ अधिकारियों से रात में फील्ड में रहने और अलाव के इंतजाम की निगरानी करने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने भी जारी की एडवाइजरी इस बीच स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी कर चेतावनी दी है कि अचानक तापमान में उतार-चढ़ाव से हाइपोथर्मिया, सर्दी-जुकाम और वायरल फीवर का खतरा बढ़ सकता है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि शीतलहर के दौरान, केवल आवश्यकता होने पर ही यात्रा करें और बाहर निकलते समय पूरी तरह गर्म कपड़े पहनें। डॉक्टर बोले- सतर्क रहना जरूरी डॉ जया बाजपेयी (MBBS DNB, मेडिसिन) बताया कि जिस तरह से तापमान बदल रहा है, बीमार होने का खतरा ज्यादा। खासकर ऐसे मौसम में मच्छर ज्यादा पनपते हैं, मलेरिया फैलने का खतरा ज्यादा है। ऐसे में बीमारी से बचने सतर्क रहना जरूरी है। डॉक्टर की सलाह है कि…     शाम के बाद घर और आसपास मच्छरदानी या मच्छर भगाने वाले कॉइल/लिक्विड का उपयोग करें।     स्लीपिंग नेट (Insecticide Treated Net – ITN) या लॉन्ग लास्टिंग मच्छरदानी (LLIN) का उपयोग रात में जरूर करें।     घर के दरवाजे-खिड़कियों पर जाली लगाएं ताकि मच्छर अंदर न आ सकें।  

कलेक्टर का बड़ा आदेश: शीतलहर के चलते स्कूलों का समय बदला, जानें नया शेड्यूल

जांजगीर-चाम्पा  कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने जिले में पड़ रहे अत्याधिक ठंड और शीतलहर के कारण छात्रहित को ध्यान में रखते हुए जिले में संचालित  समस्त शासकीय, अशासकीय, अनुदान प्राप्त एवं अन्य विद्यालयों का संचालन समय परिवर्तित किया है जो 11 दिसंबर 2025 से आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा।        आदेशानुसार दो पाली में संचालित होने वाली शालाओं के लिए प्रथम पाली में संचालित शालाओं का संचालन समय सोमवार से शुक्रवार प्रातः 08 बजे से 12 बजे तक, शनिवार को दोपहर 12.15 से 4.15 बजे तक, द्वितीय पाली में संचालित होने वाले शालाओं का संचालन समय सोमवार से शुक्रवार तक दोपहर 12.15 बजे से 04.15 बजे तक एवं शनिवार प्रातः 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार एक पाली में संचालित होने वाली शालाओं का संचालन सोमवार से शुक्रवार सुबह 10 बजे से 04 बजे तक एवं शनिवार प्रातः 08 बजे से 12 बजे तक निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही परीक्षाएँ पूर्ववत निर्धारित समय अनुसार ही संचालित की जाएगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा: नक्सलवाद उन्मूलन में छत्तीसगढ़ ने रचा नया इतिहास

रायपुर : नक्सलवाद उन्मूलन में छत्तीसगढ़ ने रचा नया इतिहास: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने  राजनांदगांव में आयोजित  प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के कार्यकाल के दो वर्ष राज्य के इतिहास में निर्णायक मोड़ साबित हुए हैं।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि  प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह द्वारा निर्धारित लक्ष्य—“31 मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद का पूर्ण उन्मूलन”—की दिशा में छत्तीसगढ़ तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है और यह अब अंतिम सांसें गिन रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि पिछले दो वर्षों में सुरक्षा बलों ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। 500 से अधिक माओवादी मुठभेड़ों में न्यूट्रलाइज हुए, जबकि 4,000 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण या गिरफ्तारी दी, जो नक्सलवाद के कमजोर पड़ने का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के पराक्रम से बस्तर में दशकों से जमी हिंसा के विरुद्ध निर्णायक बढ़त मिली है। उन्होंने राज्य सरकार की नई पुनर्वास नीति की भी विस्तृत जानकारी दी। इसके तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 15,000 प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति, 3 वर्षों तक 10,000 रुपये मासिक वित्तीय सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण और रोजगार-संबंधी कार्यक्रम शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि "गोलीबारी की भाषा छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ना" अब बस्तर में हकीकत बन रहा है। पंडुम कैफ़े जैसे नवाचार आज सामाजिक परिवर्तन का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर में तेजी से सुरक्षा कैंप खुलने और प्रशासन की पहुंच बढ़ने के साथ ही 400 से अधिक गाँव पुनः आबाद हो चुके हैं। नियद नेल्ला नार  योजना के माध्यम से इन क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएँ और शिक्षा जैसी बुनियादी सेवाएँ पहुँच रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा—“जहाँ कभी गोलीबारी की आवाज आती थी, आज वहाँ स्कूल की घंटियाँ बज रही हैं। कई गाँवों में वर्षों बाद ध्वजारोहण हुआ, चुनाव में लोग निर्भीक होकर भाग ले रहे हैं और राशन-कार्ड से लेकर मोबाइल नेटवर्क तक की सुविधाएँ अब सुगमता से उपलब्ध हो रही हैं।” मुख्यमंत्री  साय ने बस्तर को भविष्य के विकास का बड़ा केंद्र बताते हुए कहा कि कृषि, सिंचाई, वन-उत्पाद, पशुपालन और छोटे उद्योगों के लिए अभूतपूर्व संभावनाएँ बन रही हैं। उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति (2024–30) में नक्सल-प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। वनोपज आधारित वैल्यू एडिशन, प्रसंस्करण और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देकर स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्थायी आय से जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिए जाने से बस्तर अब वैश्विक नक्शे पर तेजी से पहचान बना रहा है। कुटुमसर गुफा, झरने, अबूझमाड़ के जंगल और जनजातीय सांस्कृतिक धरोहर विश्व आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। होम-स्टे मॉडल तेजी से फल-फूल रहा है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहा है। अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद उन्मूलन की यह ऐतिहासिक प्रगति राज्य के शहीद जवानों, सुरक्षा बलों के अथक परिश्रम और जनता के विश्वास की जीत है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री  अमित शाह के संकल्प के अनुरूप बस्तर नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास की मुख्यधारा में शामिल होगा।

मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा: समन्वित प्रयासों से बालोद में सफल होगा प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी

रायपुर : समन्वित प्रयासों से बालोद में सफल होगा प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी- मंत्री श्री गजेन्द्र यादव स्कूली शिक्षा मंत्री ने संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक में दिए आवश्यक निर्देश  रायपुर स्कूली शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि सभी विभागों एवं अधिकारी-कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों से बालोद जिले में प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी 2026 का आयोजन सफलतापूर्वक किया जाएगा। मंत्री श्री यादव आज संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जंबूरी के सफल आयोजन हेतु आयोजित समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग को स्पष्ट दायित्व सौंपे गए हैं और सभी अधिकारी पूर्णनिष्ठा के साथ अपने कार्यों का क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे।  सभी विभागों को सौंपे गए दायित्व, तैयारियों की विस्तृत समीक्षा  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के विशेष प्रयासों से बालोद जिले को यह राष्ट्रीय आयोजन मेजबानी का अवसर प्राप्त हुआ है, जो पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है। शिक्षा मंत्री श्री यादव ने सभी विभाग प्रमुखों से क्रमवार चर्चा कर की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा तैयारियों की समीक्षा भी की। बैठक में इन सभी व्यवस्थाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई और शेष कार्यों को समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।  जिला प्रशासन ने दिया सफल आयोजन का आश्वासन  बैठक के दौरान कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने मंत्री श्री यादव को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन की टीम अपने दायित्वों का सर्वाेत्तम निर्वहन करते हुए राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी 2026 का सफल और व्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित करेगी। समीक्षा बैठक में जंबूरी डायरेक्टर श्री अमर क्षेत्री, भारत स्काउट गाइड छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त श्री इंद्रजीत सिंह खालसा, डीपीआई डायरेक्टर श्री ऋतुराज रघुवंशी, पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, जिला मुख्य आयुक्त श्री राकेश यादव, राज्य एथलेटिक्स संघ के उपाध्यक्ष श्री सौरभ लुनिया, तथा अन्य अनेक जनप्रतिनिधि व अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नगर पंचायत पिपरिया को दी साढ़े 5 करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों की सौगात

रायपुर : निर्माण कार्यों से शिक्षा, बुनियादी ढांचा और सामुदायिक विकास को मिलेगी गति– उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने नगर पंचायत पिपरिया को दी साढ़े 5 करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों की सौगात उपमुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों का किया भूमिपूजन और लोकार्पण रायपुर उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने आज नगर पंचायत पिपरिया को विकास की नई दिशा देते हुए कुल साढ़े 5 करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों की सौगात दी। पीएम स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल, पिपरिया परिसर में आयोजित कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने विधिपूर्वक पूजा-अर्चना कर विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया।  उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्रों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करना हमारी प्राथमिकता है। शिक्षा, बुनियादी ढांचा और सामुदायिक विकास तीनों को गति देने के लिए ये कार्य मील का पत्थर साबित होंगे। इन परियोजनाओं के साथ पिपरिया में शिक्षा, सार्वजनिक सुविधाओं और नगरीय विकास के क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव की शुरुआत हो चुकी है। यह सौगात पिपरिया के आने वाले वर्षों को नई रफ्तार देने वाली साबित होगी। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी, नगर पंचायत पिपरिया अध्यक्ष  घुरवाराम साहू जिला पंचायत सदस्य डॉक्टर वीरेंद्र साहू,  मुकेश अग्रवाल,  निर्मल द्विवेदी, पार्षद कमल कांत नाविक,  सोम पटेल सहित जनप्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि गणमान्य नागरिक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।  पिपरिया में साढ़े 5 करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने पिपरिया में साढ़े 5 करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। उन्होंने 1 करोड़ 60 लाख 92 हजार रूपए की लागत से पीएम  स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल, 14 लाख 83 हजार रुपए की लागत से सामुदायिक भवन, 10 लाख रुपए की लागत से जायसवाल सामुदायिक भवन, 3 करोड़ 31 लाख 90 हजार रुपए की लागत से विभिन्न स्थानों में चौरिया, घड़ी व अन्य चौक निर्माण – सौंदर्यीकरण, हाईमास्ट लाईट, आरसीसी नाली, सीसी रोड, बाउंड्री वाल, व्यायामशाला, सामुदायिक भवन एवं पाथवे निर्माण, 19 लाख रुपए की लागत से स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में रासायनिक, प्री-विज्ञान व भौतिक प्रयोगशाला और 20 लाख रुपए की लागत से नवीन खाद्य गोदाम निर्माण का भूमिपूजन किया। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि यह सभी परियोजनाएँ पिपरिया को आधुनिक शिक्षा, बेहतर बुनियादी सुविधाओं और सुदृढ़ नगरीय विकास की दिशा में नई गति देंगी। सरकार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए कर रही निरंतर कार्य उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि सरकार ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पिपरिया में साढ़े 5 करोड़ रुपए की बड़ी राशि से एक साथ  विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिपरिया अस्पताल का उन्नयन हो चुका है, वहीं सीएचसी निर्माण के लिए स्वीकृति जारी कर दी गई है। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार हेतु एंबुलेंस की सुविधा प्रदान की गई है तथा अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन की शुरुआत भी की गई है। उन्होंने बताया कि आईटीआई के लिए पौने 3 करोड़ रुपए और अनुसूचित जाति छात्रावास निर्माण के लिए 1.5 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं, जिससे युवाओं और विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा। पीएम  स्कूल उन्नयन के लिए 1.60 करोड़ रुपए का भूमिपूजन, प्रतिभा को मिलेगा आधुनिक शिक्षण मंच कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने पिपरिया स्थित स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल के परिसर में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि पीएम  स्कूलों के उन्नयन के लिए 1 करोड़ 60 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं, जो प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने स्कूल में संचालित स्मार्ट क्लास की व्यवस्था और विद्यार्थियों से इसकी उपयोगिता की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कवर्धा विधानसभा के 50 स्कूलों में स्मार्ट क्लास स्थापित किए जा रहे हैं। इस अवसर पर उन्होंने थ्री-डी तकनीक के माध्यम से विज्ञान विषय को पढ़ाने के अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों के बच्चे अत्यंत प्रतिभावान होते हैं और आज हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई सरकार बनने के बाद नगर विकास कार्यों को नई गति मिली है और पिपरिया में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से आने वाले वर्षों में व्यापक परिवर्तन देखने को मिलेगा। स्वास्थ सुविधा में हो रहा तेजी से विस्तार उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि कवर्धा को मेडिकल कॉलेज की एक बड़ी सौगात मिली और निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ होगा। मेडिकल कॉलेज में 50 सीटों हेतु तैयारी की जा रही है और 60 पदों की स्वीकृति भी प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए पिपरिया एवं तरेगांव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हेतु 52–52 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है। बच्चों के लिए 50-सीटर क्रिटिकल केयर अस्पताल, जिला अस्पताल की क्षमता 100 से बढ़ाकर 220 बिस्तर, तथा सीटी स्कैन सेवा प्रारंभ की गई है। बोडला में सोनोग्राफी सेवा आरंभ की गई है। पिपरिया सहित दो स्थानों पर एंबुलेंस की सुविधा भी प्रारंभ की गई है। नया बस स्टैंड एवं मेडिकल कॉलेज को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए घोटिया रोड सहित गौरव पथ के दोनों मार्गों का उन्नयन किया जा रहा है। जनसहभागिता से स्वच्छ और समृद्ध जिला का होगा  निर्माण उपमुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य एवं युवा कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। भोरमदेव विद्यापीठ निःशुल्क कोचिंग सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। साढ़े 4 करोड़ रुपये की लागत से नालंदा परिसर का भूमिपूजन किया गया है। कवर्धा के प्राचीन बूढ़ा महादेव परिसर में कांवरिया श्रद्धालुओं हेतु सुविधाओं के निर्माण का कार्य किया जाएगा। भोरमदेव पर्यटन क्षेत्र के उन्नयन हेतु 146 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि कवर्धा विधानसभा में विकास कार्यों की गति निरंतर तेज हो रही है। रायपुर–बिलासपुर–राजनांदगांव मार्ग को फोरलेन में विकसित करते हुए कवर्धा प्रवेश मार्ग को उच्च स्तरीय स्वरूप देने के लिए 54 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र के सभी हिस्सों में संतुलित एवं व्यापक विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। स्वच्छता के क्षेत्र में जनसहयोग आवश्यक है। प्रत्येक वार्ड और हर गली को स्वच्छ बनाने के लिए जनजागरण तथा सामुदायिक सहयोग अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को निर्देशित किया … Read more

अगले 48 घंटे ठिठुरन भरे: छत्तीसगढ़ के कई जिलों में कड़ाके की ठंड का अलर्ट

रायपुर बीते दो दिन से माना और नवा रायपुर का इलाका कड़ाके की ठंड के साथ शीतलहर की चपेट में है. यहां रात और दिन के तापमान में 20 डिग्री का अंतर है. माना एयरपोर्ट के आसपास के इलाके में अंबिकापुर जैसी ठंड पड़ रही है. दोनों शहरों का न्यूनतम तापमान सामान्य से 5-6 डिग्री नीचे जा चुका है. दिसंबर के दूसरे सप्ताह में भी मामूली उतार-चढ़ाव के बीच ठंड का प्रभाव बढ़ने की संभावना है. अगले दो दिन यानी सोमवार और मंगलवार को रायपुर जिले के साथ दर्जनभर क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड पड़ने की संभावना है. पिछले तीन चार दिनों से राज्य में बढ़ती ठंड का प्रभाव रहा है और राज्य के सीमावर्ती इलाकों में तो ठंड चरम पर है. वहां मैनपाट सहित आसपास के इलाकों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है. सुबह के वक्त पेड़ों की पत्तियों में ओस जमने जैसी स्थिति बन रही है. अंबिकापुर का तापमान 5.2 डिग्री तक पहुंचा है, जो सामान्य से 4.6 डिग्री सेल्सियस कम है. इसी तरह की स्थिति राजधानी रायपुर से करीब 10 किमी दूर माना एयरपोर्ट और उससे लगे नवा रायपुर की है. वहां भी पिछले तीन दिनों से शीतलहर जैसे हालात बने हुए हैं. वहां रात का तापमान 8 डिग्री तक पहुंचा है, जो सामान्य से 5.7 डिग्री कम है. वहां दिन और रात के तापमान में 20 डिग्री का अंतर है, जो कड़ाके की ठंड की तरफ इशारा कर रहा है. इन इलाकों में शीतलहर का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक रायपुर के अलावा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, सरगुजा, जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, कबीरधाम, मुंगेली, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, बेमेतरा, दुर्ग, मोहला-मानपुर, अंबागढ़ चौकी, बालोद और कोरबा में शीतलहर जैसी स्थिति बन सकती है.

रायपुर में ऑडिट पखवाड़ा: राज्यपाल रमेन डेका ने कैग की सर्वोच्च भूमिका पर की चर्चा

रायपुर : लोकतांत्रिक ढांचे में कैग की सर्वाेच्च भूमिका – रमेन डेका राज्यपाल  रमेन डेका ऑडिट पखवाड़ा के समापन समारोह में शामिल हुए राज्यपाल रायपुर महालेखाकार कार्यालय के आवासीय परिसर स्थित सामुदायिक भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि  डेका ने अपने उद्बोधन में कहा कि लेखा परीक्षा केवल सरकारी व्यय और राजस्व की जांच तक सीमित नहीं है, यह प्रशासनिक पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन, और जनसेवा में उत्तरदायित्व का एक सशक्त माध्यम है। हमारे लोकतांत्रिक ढांचे मेें भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की सर्वाेच्च भूमिका है।  ऑडिट पखवाड़ा के समापन समारोह में शामिल हुए राज्यपाल लेखा परीक्षा को संवैधानिक प्राधिकरण का दर्जा राज्यपाल  रमेन डेका आज प्रधान महालेखाकार कार्यालय में ऑडिट पखवाड़ा 2025 के समापन समारोह में शामिल हुए। लेखा परीक्षा दिवस के अवसर पर 20 नवम्बर से 8 दिसंबर 2025 तक यह सप्ताह आयोजित किया गया।  राज्यपाल  डेका ने कहा कि भारतीय लेखा एवं लेखा परीक्षा विभाग का इतिहास गौरवशाली रहा है। इसकी नीव ब्रिटिश शासन के दौरान 1858 में प्रारंभ हुई लेखा परीक्षा व्यवस्था से जुड़ी हुई है। स्वतंत्रता के बाद हमारे संविधान निर्माताओं ने इस संस्था की महत्ता को समझते हुए इसे संवैधानिक प्राधिकरण का दर्जा प्रदान किया।  कैग की भूमिका प्रशासनिक सुधार, नवाचार एवं पारदर्शिता को प्रोत्साहित करना है  ऑडिट पखवाड़ा के समापन समारोह में शामिल हुए राज्यपाल  डेका ने कहा कि तेजी से बढ़ते डिजिटल प्रशासन के दौर में कैग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। यह संस्था केवल कमियों को उजागर नहीं करती, बल्कि प्रशासनिक सुधार, नवाचार एवं पारदर्शिता को प्रोत्साहित करती है।  यह न केवल सरकारी कार्यों में वित्तीय अनुशासन लाने का कार्य करता है, बल्कि भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को रोकने का महत्वपूर्ण दायित्व भी निभाता है। इस विभाग के अधिकारियों की निष्पक्षता और कर्मठता ने इसे एक सशक्त संस्थान के रूप में स्थापित किया है। अधिकारियों की मेहनत और ईमानदारी से जनता का भरोसा मजबूत होगा राज्यपाल ने  विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे इस प्रतिष्ठित संस्था की परंपराओं को बनाए रखते हुए निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। उनकी मेहनत और ईमानदारी से ही जनता का भरोसा और मजबूत होगा। जीवन में एक कार्य ऐसा करें जिसमें लेने का नहीं बल्कि देने का हो, जिससे हमारा देश 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करेगा।           कार्यक्रम में स्वागत भाषण प्रधान महालेखाकार  यशवंत कुमार ने दिया। कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन महालेखाकार (लेखा परीक्षा)  मोहम्मद फैजान ने किया। इस अवसर पर राज्यपाल  डेका ने सामुदायिक भवन परिसर में वृक्षारोपण किया। कार्यक्रम में महालेखाकार कार्यालय के सभी अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।