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इलाज के दौरान कॉलेज छात्रा की मौत, बिलासपुर रेल दुर्घटना में अब तक 12 की जान गई

बिलासपुर बिलासपुर रेल हादसे में घायल हुई डीपी विप्र कॉलेज की छात्रा महविश परवीन की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. उसका अपोलो अस्पताल में इलाज चल रहा था. वह बिलासपुर के डीपी विप्र कॉलेज में बीएससी गणित की नियमित छात्रा थी. अब रेल हादसे में मौत की संख्या बढ़कर 12 हो चुकी है. जानकारी के मुताबिक, महविश अपने चचेरे भाई की शादी के लिए अपने घर जांजगीर गई हुई थी. 4 नवंबर को छात्रा कोरबा-बिलासपुर मेमू से बिलासपुर आ रही थी. मेमू ट्रेन लालखदान के बाद मालगाड़ी से टकरा गई. वह ट्रेन के महिला कोच में सवार थी. भीषण हादसे में उसके दोनों पैर लोहे के एंगल के नीचे दब गए थे. उसके पैर पर मल्टीपल फ्रैक्चर थे. झटका लगने से कॉलर बोन और पसली के चार हड्डियां भी फ्रैक्चर हुई थीं. हादसे के बाद तुरंत बाद उसे सिम्स अस्पताल लाया गया था, जहां से डॉक्टरों ने अपोलो रेफर कर दिया था. एक सप्ताह से डॉक्टर लगातार महविश का इलाज कर रहे थे.

छत्तीसगढ़िया स्वाद और संस्कृति की गूंज से भर गया एकता नगर, पर्यटन मंडल के स्टॉल का CM साय ने लिया जायजा

रायपुर   गुजरात के केवड़िया स्थित एकता नगर में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित भारत पर्व में छत्तीसगढ़ की झलक हर आगंतुक के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भारत पर्व का अवलोकन किया तथा छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण किया। उन्होंने पर्यटन मंडल के अधिकारियों से राज्य के प्रमुख पर्यटक स्थलों और योजनाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, परंपराएं और लोककला पूरे भारत में अपनी अनोखी पहचान रखती हैं। छत्तीसगढ़ अब तेजी से भारत के उभरते हुए पर्यटन केंद्र के रूप में पहचान बना रहा है।” छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजन खींच रहे हैं आगंतुकों का ध्यान, CM ने भी लिया व्यंजनों का स्वाद कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्टूडियो किचन में पर्यटन मंडल छत्तीसगढ़ द्वारा संचालित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, रायपुर की छात्राओं द्वारा तैयार पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया। अमारी का शरबत, करील के कबाब, चौसेला रोटी, बफौरी और फरा जैसे व्यंजनों ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध पाक-कला और संस्कृति की झलक पेश की। मुख्यमंत्री  साय ने आईएचएम रायपुर की छात्राओं की सराहना करते हुए कहा कि “ये छात्राएं छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर की संवाहक हैं, जो अपनी प्रतिभा से राज्य का गौरव बढ़ा रही हैं।” इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य एवं जीएम वेदव्रत सिरमौर भी उपस्थित थे। हस्तकला और लोकसंस्कृति पर गर्व मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंबिकापुर के बुनकरों द्वारा तैयार कोसा वस्त्रों की खरीदारी की और शिल्पियों से बातचीत की। उन्होंने भारत पर्व में प्रस्तुति देने आए छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक दल से भी मुलाकात कर उन्हें प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि “छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति, वेशभूषा और लोकनृत्य हमारी पहचान का अभिन्न हिस्सा हैं। हमारा उद्देश्य है कि इन परंपराओं को राष्ट्रीय मंच पर और सशक्त रूप से प्रस्तुत किया जाए।” भारत पर्व में छत्तीसगढ़ के लोकनृत्य, हस्तशिल्प, पारंपरिक खानपान और समृद्ध पर्यटन स्थलों की झलक देखने के लिए बड़ी संख्या में आगंतुक पहुंच रहे हैं और राज्य की सजीव संस्कृति से अभिभूत हो रहे हैं।

3 करोड़ नकदी के साथ दो गिरफ्तार, कार में कैश ले जा रहे थे रायपुर से नागपुर

बालोद बालोद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए महाराष्ट्र पासिंग हुंडई क्रेटा गाड़ी से तीन करोड़ रुपए कैश बरामद किया है. पुलिस मामले में गाड़ी में सवार दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. जानकारी के अनुसार, बालोद कोतवाली पुलिस ने जांच के दौरान थाना क्षेत्र अंतर्गत पकड़ीभाट गांव के पास महाराष्ट्र पासिंग क्रेटा (MH 04 MA 8035) को रोककर तलाशी ली, जिसमें गाड़ी में करीबन तीन करोड़ रुपए कैश बरामद किया. गाड़ी में सवार दो लोग रकम के संबंध में जानकारी देने में नाकामयाब रहे. मामला संदिग्ध देख पुलिस टीम गाड़ी को कोतवाली थाना लेकर पहुंची. थाने में दोनों गाड़ी सवार को हिरासत में लेकर रकम के संबंध में पूछताछ की जा रही है. प्रथम दृष्टया रकम हवाला का प्रतीत हो रहा है. जिसे रायपुर से एकत्रित कर नागपुर ले जाया जा रहा था.

राज्य में मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि: CGMSC ने तीन दवाओं को तीन वर्ष के लिए किया ब्लैकलिस्ट

रायपुर, छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (CGMSC) ने दवाओं की गुणवत्ता में कमी पर सख्त रुख अपनाते हुए तीन दवाओं को अमानक पाए जाने के बाद आगामी तीन वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है। यह कार्रवाई कॉरपोरेशन की “शून्य सहनशीलता नीति (Zero Tolerance Policy)” के तहत की गई है। कॉरपोरेशन के अनुसार, संबंधित आपूर्तिकर्ता अब ब्लैकलिस्टिंग अवधि समाप्त होने तक किसी भी नई निविदा में भाग लेने के लिए अयोग्य रहेंगे। ये दवाएं पाई गईं अमानक मेसर्स एजी पैरेंटेरल्स, विलेज गुग्गरवाला, बद्दी (हिमाचल प्रदेश) द्वारा आपूर्ति की गई — कैल्शियम (एलिमेंटल) विद विटामिन D3 टैबलेट्स, ऑर्निडाजोल टैबलेट्स ये सभी NABL मान्यता प्राप्त एवं सरकारी परीक्षण प्रयोगशालाओं में “अमानक (Not of Standard Quality – NSQ)” पाए गए। इसी तरह, मेसर्स डिवाइन लेबोरेट्रीज प्रा. लि., वडोदरा (गुजरात) द्वारा आपूर्ति की गई हेपारिन सोडियम 1000 IU/ml इंजेक्शन IP  भी NABL मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं एवं सेंट्रल ड्रग्स लेबोरेट्री (CDL), कोलकाता में परीक्षण के दौरान अमानक पाए गए। इन तीनों उत्पादों को निविदा शर्तों के अनुरूप तत्काल प्रभाव से तीन वर्षों की अवधि तक ब्लैकलिस्ट किया गया है। गुणवत्ता पर समझौता नहीं CGMSC ने कहा है कि उसकी गुणवत्ता आश्वासन एवं नियंत्रण नीति के अंतर्गत निरंतर मॉनिटरिंग, बैच-वार परीक्षण, पुनः परीक्षण और गुणवत्ता विचलन पर तत्काल कार्रवाई को प्राथमिकता दी जाती है। कॉरपोरेशन द्वारा सभी कार्रवाई CDSCO, ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 एवं नियम 1945 के प्रावधानों के अनुसार की जाती है ताकि केवल गुणवत्तायुक्त दवाएं ही मरीजों तक पहुँचें। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इस पर किसी भी स्तर पर कोई समझौता स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी दवा गुणवत्ता से जुड़ी किसी भी चूक पर कार्रवाई जारी रहेगी।

वन मंत्री कश्यप बोले — सुकमा में दूरस्थ नियद नेल्ला नार योजना सभी गांवों तक पहुँची, कोई पात्र हितग्राही न छूटे

रायपुर : सुकमा के दूरस्थ नियद नेल्ला नार योजना गांवों तक पहुंचे, कोई पात्र हितग्राही न छूटे : वन मंत्री  कश्यप मंत्री  कश्यप ने की विभागीय योजनाओं की समीक्षा रायपुर, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप ने आज  सुकमा जिले के कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक परिणाम धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए, जिससे प्रत्येक पात्र हितग्राही को योजनाओं का पूर्ण लाभ समय पर मिल सके। मंत्री  कश्यप ने कहा कि शासन की मंशा है कि ग्रामीण अंचलों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने सुकमा के दूरस्थ और अंदरूनी क्षेत्रों में शासकीय योजनाओं के सेचुरेशन (पूर्ण कवरेज) पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही योजना के लाभ से वंचित न रह जाए। मंत्री  कश्यप ने कहा कि प्रत्येक विभाग अपने कार्य की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें और योजनाओं की स्थिति का फीडबैक सीधे ग्रामीणों से प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि दूर गांव से अपनी समस्या लेकर आने वाले ग्रामीणों की समस्याओं का  उचित निराकरण सुनिश्चित किया जाए।  बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, एनआरएलएम, स्वच्छ भारत मिशन, लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, खाद्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, जल जीवन मिशन तथा माओवादी पीड़ित और आत्मसमर्पित माओवादी परिवारों के पुनर्वास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। मंत्री  कश्यप ने इन योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन हेतु दिशा-निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक के अंत में जिला पंचायत सीईओ  मुकुन्द ठाकुर ने मंत्री  कश्यप को मार्गदर्शन और सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। बैठक में महिला आयोग की सदस्य सु दीपिका सोरी, कलेक्टर  देवेश कुमार ध्रुव, एसपी  किरण चव्हाण, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि  धनीराम बारसे, नगर पालिका परिषद सुकमा अध्यक्ष  हुंगाराम मरकाम, जिला पंचायत सदस्य  कोरसा सन्नू,  हुंगाराम मरकाम सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा सभी विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।

उद्योग संगम में छत्तीसगढ़ का जलवा — चारों श्रेणियों में नंबर वन, विकास का प्रस्तुत किया नया मॉडल

रायपुर : चारों श्रेणियों में अव्वल रहा छत्तीसगढ़ — उद्योग संगम में दिखा सुधार और विकास का नया मॉडल DPIIT की BRAP रैंकिंग में ‘टॉप अचीवर’ बना छत्तीसगढ़, निवेशकों के लिए भरोसे का केंद्र बना राज्य रायपुर छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर देशभर में अपनी मजबूत पहचान दर्ज कराई है। उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (DPIIT), भारत सरकार द्वारा आयोजित ‘उद्योग संगम’ में राज्य को बिज़नेस रिफॉर्म एक्शन प्लान (BRAP) की चारों प्रमुख श्रेणियों में ‘टॉप अचीवर’ घोषित किया गया। यह उपलब्धि उस परिवर्तन यात्रा की गवाही है जो छत्तीसगढ़ ने बीते वर्षों में तय की है। कभी BRAP रैंकिंग में निचले पायदान पर रहने वाला यह राज्य आज गुजरात, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे औद्योगिक दिग्गजों के साथ कदम से कदम मिलाकर खड़ा है। सुशासन, पारदर्शिता और उद्योग-अनुकूल नीतियों के बल पर छत्तीसगढ़ ने खुद को सुधार और विकास का नया मॉडल बना दिया है। राज्य ने BRAP के तहत अब तक 434 सुधार लागू किए हैं — जो इज ऑफ डूइंग बिज़नेस  और इज ऑफ लिविंग को सशक्त बनाने की दिशा में उसके निरंतर प्रयासों को दर्शाते हैं। इन सुधारों में सबसे बड़ी पहल रही ‘जन विश्वास अधिनियम’, जिसके तहत छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य बना जिसने छोटे कारोबारी अपराधों को डीक्रिमिनलाइज कर दिया। इस कदम ने सरकार और उद्योग जगत के बीच भरोसे और सहयोग का नया पुल बनाया है। अब कारोबार में अनावश्यक डर या जटिलता की जगह पारदर्शिता और सहजता ने ले ली है। इसी कड़ी में राज्य ने भूमि अभिलेखों के स्वचालित म्यूटेशन की ऐतिहासिक शुरुआत की — यह कदम छत्तीसगढ़ को देश का पहला राज्य बनाता है जहाँ जमीन पंजीयन के साथ ही स्वामित्व का हस्तांतरण स्वतः हो जाता है। इससे न केवल प्रक्रियाएं सरल हुई हैं बल्कि लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने से भी मुक्ति मिली है। राज्य सरकार ने कई और सुधारों को धरातल पर उतारा है — जैसे दुकानों और प्रतिष्ठानों को 24×7 संचालन की अनुमति, फ्लैटेड इंडस्ट्री के लिए FAR में वृद्धि, भूमि उपयोगिता बढ़ाने हेतु सेटबैक में कमी, और फैक्ट्री लाइसेंस की वैधता 10 से बढ़ाकर 15 वर्ष करने के साथ ऑटो-रिन्यूअल सुविधा। इन सभी कदमों ने मिलकर राज्य में उद्योगों के लिए एक भरोसेमंद, स्थिर और पारदर्शी वातावरण तैयार किया है। इन उल्लेखनीय सुधारों के लिए छत्तीसगढ़ के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन और निवेश आयुक्त ऋतु  सेन (IAS) को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री  पीयूष गोयल ने सम्मानित किया। यह सम्मान इस बात का प्रतीक है कि छत्तीसगढ़ अब भारत के आर्थिक परिदृश्य में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। इन सुधारों का असर निवेश माहौल पर साफ दिख रहा है। बीते दस महीनों में ₹7.5 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जो यह साबित करते हैं कि निवेशक छत्तीसगढ़ की नीतियों, पारदर्शी प्रशासन और तेज़ निर्णय प्रणाली पर पूरा भरोसा करते हैं। यह सफलता छत्तीसगढ़ के लिए नए युग की शुरुआत है — ऐसा छत्तीसगढ़ जो विकास की दिशा तय कर रहा है, अवसरों को गढ़ रहा है और सबके लिए प्रगतिशील भविष्य की नींव रख रहा है। "छत्तीसगढ़ का ‘टॉप अचीवर’ बनना पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने उद्योग, सुशासन और पारदर्शिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। छत्तीसगढ़ ने निचले पायदान से उठकर देश के अग्रणी औद्योगिक राज्यों की पंक्ति में स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि सरकार की प्रतिबद्धता, प्रशासन की मेहनत और निवेशकों के भरोसे का परिणाम है।  छत्तीसगढ़ अब इज ऑफ डूइंग बिज़नेस  से आगे बढ़कर इज ऑफ लिविंग का भी प्रतीक बन चुका है – जहाँ सुधार, विश्वास और विकास एक साथ आगे बढ़ रहे हैं।" – मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय

छत्तीसगढ़-गुजरात रिश्तों में नई मजबूती — CM विष्णु देव साय का गुजरात दौरा बना विकास का सेतु

रायपुर : छत्तीसगढ़ और गुजरात के बीच विकास, तकनीक, संस्कृति और निवेश का नया अध्याय : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का गुजरात प्रवास रहा ऐतिहासिक और सार्थक गुजरात यात्रा में सहयोग, नवाचार और निवेश के नए आयाम खुले– भारत पर्व से इन्वेस्टर कनेक्ट तक छत्तीसगढ़ का बढ़ा गौरव रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का गुजरात प्रवास छत्तीसगढ़ के विकास, तकनीकी शिक्षा, सांस्कृतिक गौरव और औद्योगिक निवेश—चारों आयामों में उल्लेखनीय उपलब्धियों से परिपूर्ण रहा। इस यात्रा ने दोनों राज्यों के बीच विकास, सहयोग और साझेदारी के सेतु को और सुदृढ़ किया है। गांधीनगर में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से सौजन्य भेंट मुख्यमंत्री साय ने गांधीनगर में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से सौजन्य भेंट की। दोनों नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने में राज्यों की साझी भूमिका पर विचार-विमर्श किया। साय ने कहा कि भारत की शक्ति उसकी संघीय एकता में है, और गुजरात–छत्तीसगढ़ का सहयोग इस दिशा में मिसाल बनेगा। ‘बस्तर आर्ट’ और ‘बस्तर दशहरा’ की भेंट – संस्कृति के माध्यम से जुड़ाव मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री पटेल को बस्तर की लोककला और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत पर आधारित बस्तर आर्ट और “बस्तर दशहरा” की कॉफी टेबल बुक भेंट की। मुख्यमंत्री पटेल ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति की सराहना की और रजत जयंती वर्ष की शुभकामनाएँ दीं। यह सांस्कृतिक संवाद दोनों राज्यों के बीच भावनात्मक संबंधों को और सुदृढ़ करने वाला रहा। उद्योग, पर्यटन और सुशासन में सहयोग का रोडमैप तैयार बैठक में दोनों मुख्यमंत्रियों ने उद्योग, पर्यटन, तकनीकी शिक्षा और सुशासन के क्षेत्रों में साझा कार्ययोजना पर सहमति जताई। साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नीति अब ‘संपर्क से सहयोग और सहयोग से समृद्धि’ की दिशा में आगे बढ़ रही है। NAMTECH कॉलेज में तकनीकी शिक्षा का नया दृष्टिकोण गांधीनगर स्थित NAMTECH के भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री साय ने आधुनिक तकनीकी शिक्षा की नवीन पद्धतियों का अवलोकन किया। उन्होंने छात्रों और प्राध्यापकों से संवाद कर कॉलेज के नेटवर्क्ड मॉडल की जानकारी ली। छत्तीसगढ़ में हर वर्ष 10,000 युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में अब हर वर्ष 10,000 युवाओं को आधुनिक तकनीक, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आईटीआई कॉलेजों को आधुनिक रूप देकर छत्तीसगढ़ को टेक्नोलॉजी-ड्रिवन स्टेट बनाने का लक्ष्य है। गुजरात मॉडल से प्रेरित तकनीकी-औद्योगिक साझेदारी की शुरुआत NAMTECH कॉलेज प्रबंधन ने छत्तीसगढ़ में भी इसी तरह का नेटवर्क्ड कॉलेज मॉडल लागू करने की इच्छा जताई। मुख्यमंत्री ने इसे उद्योगोन्मुख शिक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम बताते हुए कहा कि “यह मॉडल हमारे युवाओं को रोजगार के साथ-साथ उद्यमिता की भावना से भी जोड़ेगा।” भारत पर्व में छत्तीसगढ़ की संस्कृति ने बिखेरा रंग मुख्यमंत्री साय ने केवड़िया स्थित एकता नगर में आयोजित भारत पर्व में शामिल होकर सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि भारत पर्व हमारी विविधता में एकता का उत्सव है, जहाँ हर राज्य की संस्कृति राष्ट्र की एकता को सशक्त करती है। ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह सरदार पटेल ने रियासतों को जोड़कर अखंड भारत बनाया, उसी तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को व्यवहारिक रूप दिया है। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को उन्होंने भारत की भावनात्मक एकता का जीवंत प्रतीक बताया। सांस्कृतिक दल से मुलाकात और प्रोत्साहन मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक दल से भेंट कर उन्हें शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि “हमारी संस्कृति हमारी पहचान है, और जब छत्तीसगढ़ का लोकनृत्य गुजरात की भूमि पर गूंजता है, तो यह केवल कला नहीं, बल्कि एकता की अनुभूति है।” इन्वेस्टर कनेक्ट: छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाएं अहमदाबाद में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने देश के शीर्ष उद्योगपतियों से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ को ₹33,321 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनसे 14,900 नए रोजगार सृजित होंगे। नई औद्योगिक नीति से निवेश के नए द्वार खुले मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के लागू होने के बाद से अब तक ₹7.83 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य ने पिछले 22 महीनों में 350 से अधिक सुधार किए हैं, जिससे उद्योग स्थापना और संचालन बेहद सरल हुआ है। ऊर्जा, खनिज और तकनीक के संगम से बनेगा विकसित छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात के पास उद्यम है तो छत्तीसगढ़ के पास ऊर्जा, खनिज और कुशल जनशक्ति है। उन्होंने कहा कि “दोनों राज्यों का मेल विकसित भारत के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा।” प्रमुख कंपनियों ने जताई गहरी रुचि इस कार्यक्रम में टोरेंट पावर, ओनिक्स थ्री एनर्सोल, लीजियम लाइफ साइंसेस, माला क्रिएशन, टोरेंट फार्मा, सफायर सेमीकॉम और मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल जैसी कंपनियों ने निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किए। यह निवेश न केवल औद्योगिक विकास, बल्कि स्वास्थ्य, फार्मा और हरित ऊर्जा के क्षेत्रों को भी गति देगा। नवा रायपुर बनेगा एआई और डेटा सेंटर हब मुख्यमंत्री ने बताया कि नवा रायपुर को आईटी और एआई डेटा सेंटर हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की कई कंपनियाँ यहाँ निवेश में रुचि दिखा रही हैं। पर्यटन को उद्योग का दर्जा देकर हॉस्पिटैलिटी और वेलनेस सेक्टर में भी नई संभावनाएँ खुली हैं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि “विकसित भारत 2047 का सपना तभी साकार होगा जब हमारे युवा नई तकनीक में दक्ष हों, हमारी संस्कृति विश्व मंच पर पहचानी जाए, और हमारे राज्य आपसी सहयोग से आगे बढ़ें। गुजरात यात्रा ने इन तीनों आयामों को एक सूत्र में जोड़ा है।" इस अवसर पर सीएसआईडीसी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव राहुल भगत, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

चारों श्रेणियों में अव्वल रहा छत्तीसगढ़ — उद्योग संगम में दिखा सुधार और विकास का नया मॉडल

DPIIT की BRAP रैंकिंग में ‘टॉप अचीवर’ बना छत्तीसगढ़, निवेशकों के लिए भरोसे का केंद्र बना राज्य रायपुर छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर देशभर में अपनी मजबूत पहचान दर्ज कराई है। उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (DPIIT), भारत सरकार द्वारा आयोजित ‘उद्योग संगम’ में राज्य को बिज़नेस रिफॉर्म एक्शन प्लान (BRAP) की चारों प्रमुख श्रेणियों में ‘टॉप अचीवर’ घोषित किया गया। यह उपलब्धि उस परिवर्तन यात्रा की गवाही है जो छत्तीसगढ़ ने बीते वर्षों में तय की है। कभी BRAP रैंकिंग में निचले पायदान पर रहने वाला यह राज्य आज गुजरात, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे औद्योगिक दिग्गजों के साथ कदम से कदम मिलाकर खड़ा है। सुशासन, पारदर्शिता और उद्योग-अनुकूल नीतियों के बल पर छत्तीसगढ़ ने खुद को सुधार और विकास का नया मॉडल बना दिया है। राज्य ने BRAP के तहत अब तक 434 सुधार लागू किए हैं — जो इज ऑफ डूइंग बिज़नेस  और इज ऑफ लिविंग को सशक्त बनाने की दिशा में उसके निरंतर प्रयासों को दर्शाते हैं। इन सुधारों में सबसे बड़ी पहल रही ‘जन विश्वास अधिनियम’, जिसके तहत छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य बना जिसने छोटे कारोबारी अपराधों को डीक्रिमिनलाइज कर दिया। इस कदम ने सरकार और उद्योग जगत के बीच भरोसे और सहयोग का नया पुल बनाया है। अब कारोबार में अनावश्यक डर या जटिलता की जगह पारदर्शिता और सहजता ने ले ली है। इसी कड़ी में राज्य ने भूमि अभिलेखों के स्वचालित म्यूटेशन की ऐतिहासिक शुरुआत की — यह कदम छत्तीसगढ़ को देश का पहला राज्य बनाता है जहाँ जमीन पंजीयन के साथ ही स्वामित्व का हस्तांतरण स्वतः हो जाता है। इससे न केवल प्रक्रियाएं सरल हुई हैं बल्कि लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने से भी मुक्ति मिली है। राज्य सरकार ने कई और सुधारों को धरातल पर उतारा है — जैसे दुकानों और प्रतिष्ठानों को 24×7 संचालन की अनुमति, फ्लैटेड इंडस्ट्री के लिए FAR में वृद्धि, भूमि उपयोगिता बढ़ाने हेतु सेटबैक में कमी, और फैक्ट्री लाइसेंस की वैधता 10 से बढ़ाकर 15 वर्ष करने के साथ ऑटो-रिन्यूअल सुविधा। इन सभी कदमों ने मिलकर राज्य में उद्योगों के लिए एक भरोसेमंद, स्थिर और पारदर्शी वातावरण तैयार किया है। इन उल्लेखनीय सुधारों के लिए छत्तीसगढ़ के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन और निवेश आयुक्त ऋतु  सेन (IAS) को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने सम्मानित किया। यह सम्मान इस बात का प्रतीक है कि छत्तीसगढ़ अब भारत के आर्थिक परिदृश्य में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। इन सुधारों का असर निवेश माहौल पर साफ दिख रहा है। बीते दस महीनों में ₹7.5 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जो यह साबित करते हैं कि निवेशक छत्तीसगढ़ की नीतियों, पारदर्शी प्रशासन और तेज़ निर्णय प्रणाली पर पूरा भरोसा करते हैं। यह सफलता छत्तीसगढ़ के लिए नए युग की शुरुआत है — ऐसा छत्तीसगढ़ जो विकास की दिशा तय कर रहा है, अवसरों को गढ़ रहा है और सबके लिए प्रगतिशील भविष्य की नींव रख रहा है।"छत्तीसगढ़ का ‘टॉप अचीवर’ बनना पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने उद्योग, सुशासन और पारदर्शिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। छत्तीसगढ़ ने निचले पायदान से उठकर देश के अग्रणी औद्योगिक राज्यों की पंक्ति में स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि सरकार की प्रतिबद्धता, प्रशासन की मेहनत और निवेशकों के भरोसे का परिणाम है।  छत्तीसगढ़ अब इज ऑफ डूइंग बिज़नेस  से आगे बढ़कर इज ऑफ लिविंग का भी प्रतीक बन चुका है – जहाँ सुधार, विश्वास और विकास एक साथ आगे बढ़ रहे हैं।" – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

छत्तीसगढ़िया स्वाद से महक उठा केवड़िया:एकता नगर में छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति की गूंज

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के स्टॉल का किया अवलोकन  रायपुर गुजरात के केवड़िया स्थित एकता नगर में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित भारत पर्व में छत्तीसगढ़ की झलक हर आगंतुक के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने भारत पर्व का अवलोकन किया तथा छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण किया। उन्होंने पर्यटन मंडल के अधिकारियों से राज्य के प्रमुख पर्यटक स्थलों और योजनाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, परंपराएं और लोककला पूरे भारत में अपनी अनोखी पहचान रखती हैं। छत्तीसगढ़ अब तेजी से भारत के उभरते हुए पर्यटन केंद्र के रूप में पहचान बना रहा है।” छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजन खींच रहे हैं आगंतुकों का ध्यान: मुख्यमंत्री ने भी लिया छत्तीसगढ़िया व्यंजनों का स्वाद कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्टूडियो किचन में पर्यटन मंडल छत्तीसगढ़ द्वारा संचालित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, रायपुर की छात्राओं द्वारा तैयार पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया। अमारी का शरबत, करील के कबाब, चौसेला रोटी, बफौरी और फरा जैसे व्यंजनों ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध पाक-कला और संस्कृति की झलक पेश की। मुख्यमंत्री श्री साय ने आईएचएम रायपुर की छात्राओं की सराहना करते हुए कहा कि “ये छात्राएं छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर की संवाहक हैं, जो अपनी प्रतिभा से राज्य का गौरव बढ़ा रही हैं।” इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य एवं जीएम श्री वेदव्रत सिरमौर भी उपस्थित थे। हस्तकला और लोकसंस्कृति पर गर्व मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अंबिकापुर के बुनकरों द्वारा तैयार कोसा वस्त्रों की खरीदारी की और शिल्पियों से बातचीत की। उन्होंने भारत पर्व में प्रस्तुति देने आए छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक दल से भी मुलाकात कर उन्हें प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि “छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति, वेशभूषा और लोकनृत्य हमारी पहचान का अभिन्न हिस्सा हैं। हमारा उद्देश्य है कि इन परंपराओं को राष्ट्रीय मंच पर और सशक्त रूप से प्रस्तुत किया जाए।” भारत पर्व में छत्तीसगढ़ के लोकनृत्य, हस्तशिल्प, पारंपरिक खानपान और समृद्ध पर्यटन स्थलों की झलक देखने के लिए बड़ी संख्या में आगंतुक पहुंच रहे हैं और राज्य की सजीव संस्कृति से अभिभूत हो रहे हैं।

सैन फ्रांसिस्को में भारतीय दूतावास ने मनाया छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस, NACHA बे एरिया चैप्टर भी शामिल

रायपुर : छत्तीसगढ़ की संस्कृति ने विदेश में बिखेरा रंग अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस समारोह में NACHA बे एरिया चैप्टर बना सहभागी प्रवासी छत्तीसगढ़वासी राज्य के सांस्कृतिक राजदूत, छत्तीसगढ़ की संस्कृति को विश्व में दे रहे पहचान – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय रायपुर अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को स्थित भारतीय दूतावास में छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस का उत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और लोक-कला ने विदेश की भूमि पर अपनी विशेष छाप छोड़ी। इस कार्यक्रम में NACHA (North America Chhattisgarh Association) के बे एरिया चैप्टर ने उल्लेखनीय भूमिका निभाई। उन्होंने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ राज्य को समर्पित एक आकर्षक स्टॉल लगाया, जिसमें राज्य के विशिष्ट उत्पादों, हस्तशिल्प, लोककला और पारंपरिक आभूषणों का सुंदर प्रदर्शन किया गया। इस स्टॉल के माध्यम से छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति और हस्तशिल्प की विविधता को प्रदर्शित किया गया, जिसे उपस्थित अतिथियों ने अत्यंत सराहा। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य का मनमोहक प्रदर्शन, जिसने वहां मौजूद भारतीय प्रवासी समुदाय और अन्य देशों के प्रतिनिधियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पारंपरिक छत्तीसगढ़ी वेशभूषा में प्रस्तुत यह लोकनृत्य न केवल मनोरंजन का माध्यम बना, बल्कि उसने छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की आत्मा को भी सजीव कर दिया। छत्तीसगढ़ की संस्कृति ने विदेश में बिखेरा रंग NACHA के सदस्यों ने बताया कि उनका उद्देश्य छत्तीसगढ़ की संस्कृति, भाषा और लोक परंपरा को विश्व के विभिन्न हिस्सों तक पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि प्रवासी छत्तीसगढ़वासी अपने मूल राज्य की पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। इस आयोजन ने उन्हें अपनी जड़ों से भावनात्मक रूप से जोड़ने का एक सशक्त अवसर प्रदान किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने NACHA बे एरिया चैप्टर के सभी सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि उनका यह प्रयास छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परंपराओं को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवासी छत्तीसगढ़वासी राज्य के “सांस्कृतिक राजदूत” हैं, जो अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए छत्तीसगढ़ की अस्मिता, संस्कृति और मूल्यों को पूरी दुनिया में  स्थापित कर रहे हैं।