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कारीआम-बसंतपुर एवं गौरेला-वेंकटनगर मार्ग का सुधार कार्य तेज़, उपमुख्यमंत्री की घोषणा के बाद प्रशासन सक्रिय

रायपुर उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव की घोषणा के अनुरूप गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के कारीआम-बसंतपुर मार्ग, जो कि जिला मुख्यालय एवं बिलासपुर आवागमन का मुख्य मार्ग है और गौरेला-वेंकटनगर मार्ग मध्य प्रदेश की सीमा से लगा हुआ अंतरराज्यीय मार्ग है। दोनों मार्गों पर बी.टी. पेच रिपेयर का कार्य तेजी से चल रहा है। यह कार्य लोक निर्माण विभाग पेंड्रा संभाग पेंड्रारोड द्वारा किया जा रहा है।                       विभाग के कार्यपालन अभियंता ने बताया कि उक्त  दोनों मार्गों में यातायात घनत्व अधिक होने के कारण मार्ग जर्जर हो गया है। जिससे मार्ग में बार-बार डब्ल्यू.एम.एम. पेच से मरम्मत कार्य करना पड़ता है। वर्तमान में मार्ग की पूरी चौड़ाई में डब्ल्यू.एम.एम. 150 एम.एम. मोटाई, बी.एम. 50 एम.एम. मोटाई और एम.एस.एस. 20 एम.एम. मोटाई में पेच रिपेयर के अंतर्गत कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने ने बताया कि चिन्हाकित मार्गों का मरम्मत 31 दिसम्बर 2025 तक पूर्ण करने का लक्ष्य लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्धारित किया गया है। उल्लेखनीय है कि विभागीय मंत्री श्री अरुण साव ने 10 अक्टूबर 2025 को घोषणा की थी कि वर्षा ऋतु के पश्चात सड़कों के रख-रखाव एवं मरम्मत का कार्य शीघ्र ही तेजी से किया जाएगा।

जीवन अनमोल है – हेलमेट पहनें, जिम्मेदार बनें : मुख्यमंत्री साय

रायपुर : राष्ट्रीय सुपरक्रॉस बाइक रेसिंग चैंपियनशिप-2025 का रोमांच रायपुर में : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने बढ़ाया युवाओं का हौसला जीवन अनमोल है – हेलमेट पहनें, जिम्मेदार बनें : मुख्यमंत्री साय रजत जयंती समारोह की श्रृंखला में युवाओं के जोश और ऊर्जा का शानदार प्रदर्शन रायपुर राजधानी रायपुर के बूढ़ापारा आउटडोर स्टेडियम में आज रोमांच, ऊर्जा और साहस से भरपूर राष्ट्रीय सुपरक्रॉस बाइक रेसिंग चैंपियनशिप-2025 का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित  करते हुए कहा कि यह आयोजन खेल  युवा शक्ति, अनुशासन, साहस और जिम्मेदारी का उत्सव है। देशभर से आए 100 से अधिक प्रोफेशनल राइडर्स और हजारों दर्शकों की उपस्थिति ने इसे राष्ट्रीय स्तर का आकर्षण बना दिया है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि जैसे रजत जयंती महोत्सव के दौरान एयरोबेटिक शो ने आसमान में देशभक्ति का जोश जगाया, वैसे ही यह सुपरक्रॉस चैंपियनशिप ज़मीन पर युवाओं के जुनून को नई उड़ान दे रही है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह सिर्फ एक रेस नहीं, बल्कि अनुशासन, जिम्मेदारी और सुरक्षा का पाठ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन अनमोल है, इसलिए हमेशा हेलमेट पहनें, ट्रैफिक नियमों का पालन करें और जिम्मेदार नागरिक बनें। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार खेल अधोसंरचना, स्पोर्ट्स टूरिज़्म और मोटर स्पोर्ट्स जैसे नए क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए ठोस प्रयास कर रही है। छत्तीसगढ़ मोटर स्पोर्ट्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित यह चैंपियनशिप राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिला रही है और युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खोल रही है। मुख्यमंत्री  साय ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि वे सुरक्षित रेस करें, अपने कौशल का प्रदर्शन करें और दर्शक जिम्मेदारी के साथ इस खेल का आनंद लें। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मंत्री गुरु  खुशवंत साहेब, लोकसभा सांसद  बृजमोहन अग्रवाल, विधायक  अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ मोटर स्पोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष  उज्ज्वल दीपक, अन्य जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में दर्शकगण उपस्थित थे।

धान खरीदी 15 नवंबर से, टोकन जारी करने की तैयारी तेज़

धमतरी,  छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए समर्थन मूल्य पर धान खरीद की प्रक्रिया 15 नवंबर से प्रारंभ होने जा रही है। जिले के किसान इस तैयारी में जुट गए हैं। मौसम खुलते ही खेतों में कटाई का दौर तेज हो गया है और किसान खुले आसमान के नीचे फसल सुखाने में लगे हुए हैं, ताकि बिक्री के समय किसी प्रकार की नमी की समस्या न रहे। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की घोषणा के साथ ही प्रशासनिक तैयारियां भी अंतिम चरण में हैं। जिले में लगभग 100 खरीदी केंद्र बनाए गए हैं, जहां पंजीकृत किसानों से धान की खरीदी की जाएगी। किसानों के लिए टोकन जारी करने की प्रक्रिया इस सप्ताह से शुरू हो सकती है। हालांकि आधिकारिक घोषणा अभी शेष है, लेकिन प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार टोकन तुहर हाथ पोर्टल और मोबाइल एप के माध्यम से टोकन वितरण शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा विकसित ‘टोकन तुहर हाथ’ एंड्रॉइड एप के माध्यम से किसान अपनी सुविधा के अनुसार खरीदी केंद्र व तिथि का चयन कर सकेंगे। इस एप में पंजीकृत किसानों को उनकी भूमि, बैंक खाता, समिति की जानकारी और खरीदी की नवीनतम स्थिति से संबंधित सभी जानकारी उपलब्ध होगी। किसान इसे गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। जानकारी के अनुसार विभाग ने टोकन वितरण की श्रेणियां तय कर दी हैं। सीमांत कृषक (दो एकड़ तक) को अधिकतम एक टोकन, लघु कृषक (दो से 10 एकड़) को अधिकतम दो टोकन तथा दीर्घ कृषक (10 एकड़ से अधिक) को अधिकतम तीन टोकन जारी किए जाएंगे। नया टोकन रविवार से शुक्रवार सुबह साढ़े नौ बजे से शाम पांच बजे तक बनाया जा सकेगा। प्रत्येक ग्राम के लिए टोकन की मात्रा क्विंटल में दर्ज की जाएगी। टोकन जारी करने के लिए किसान का आधार सत्यापन और बैंक शाखा की पुष्टि अनिवार्य होगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन किसानों का बैंक विवरण सत्यापित नहीं होगा, उन्हें टोकन जारी नहीं किया जा सकेगा। धान खरीदी प्रारंभ होने की घोषणा के साथ ही किसानों में उत्साह का माहौल है। अधिकांश किसानों ने खेतों से फसल काटकर सुखाना शुरू कर दिया है। प्रशासन का दावा है कि इस बार खरीदी व्यवस्था को और पारदर्शी व सुचारू बनाने के लिए डिजिटल प्रक्रिया को मजबूत किया गया है।  

मौसम अलर्ट: छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में शीतलहर का असर, तापमान में भारी गिरावट की संभावना

रायपुर राज्य में ठंडी हवा का असर होने लगा है. उत्तरी सीमा के कुछ क्षेत्रों में तापमान में खासी गिरावट के बाद शीतलहर चलने की संभावना है. इधर पिछले चौबीस घंटे में शहर के न्यूनतम तापमान में दो डिग्री की कमी आई है. अगले दो से तीन दिन तक शहर में ठंड बढ़ने की संभावना बनी हुई है. पिछले चौबीस घंटे में राजद्य में सबसे कम तापमान 11 डिग्री के करीब अंबिकापुर का दर्ज किया गया. नवंबर के दूसरे सप्ताह में राज्य में ठंड की शुरुआत हो चुकी है. इस बार उत्तर-पूर्व से आने वाली शुष्क हवा के असर से  तापमान में गिरावट होने लगा है. इसके साथ वातावरण में मौजूद नमी में हुई गिरावट से मौसम रूखा होने लगा है. हवा की दिशा में बदलाव होने की वजह से न्यूनतम तापमान में आने वाली कमी से पिछले दो तीन दिन से बढ़ती ठंड महसूस हो रही है. पिछले चौबीस घंटे में तो राज्य के न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री की कमी आई है. अंबिकापुर का पारा जो 13 डिग्री से अधिक था वह गिरकर 11 डिग्री से नीचे चला गया. रायपुर का न्यूनतम तापमान 20 से 18 डिग्री के करीब पहुंचा गया. मौसम विभाग ने तापमान में आ रही गिरावट को ध्यान में रखते हुए अगले दो से तीन दिनों में राज्य की उत्तरी सीमा के कुछ क्षेत्रों में शीतलहर की संभावना जताई गई है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? राजधानी रायपुर में आज मौसम विभाग ने आसमान मुख्यत: साफ रहने की संभावना जताई है. अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रह सकता है.

कल्चुरी कलार समाज के सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री

रतनपुर में 100 बिस्तर अस्पताल एवं 1 करोड़ रुपए की लागत से सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बिलासपुर जिले के रतनपुर में आयोजित कल्चुरी कलार समाज के महासम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने भगवान सहस्रबाहु एवं बहादुर कलारीन दाई की पूजा-अर्चना कर विशाल सम्मेलन का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धार्मिक नगरी रतनपुर के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार की प्रसाद योजना के अंतर्गत 200 करोड़ रुपए की कार्ययोजना स्वीकृति के लिए भेजी गई है, जिसकी जल्द स्वीकृति की संभावना है। उन्होंने रतनपुर में 100 बिस्तर वाले अस्पताल की स्थापना तथा कल्चुरी समाज के सामुदायिक भवन के निर्माण हेतु 1 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने की। इस अवसर पर संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, विधायक श्री धरमलाल कौशिक, श्री अमर अग्रवाल, श्री सुशांत शुक्ला, श्री अटल श्रीवास्तव, श्रीमती संगीता सिन्हा, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र सवन्नी, योग आयोग के अध्यक्ष श्री रूपनारायण सिन्हा, एवं महापौर श्रीमती पूजा विधानी विशेष रूप से उपस्थित थीं। मुख्य अतिथि की आसंदी से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कल्चुरी राजवंश ने रतनपुर सहित देश के अनेक हिस्सों में लगभग 1200 वर्षों तक शासन किया। उनके शासनकाल में प्रजा सुखी और देश समृद्ध था। उन्होंने कहा कि मां महामाया की कृपा से छत्तीसगढ़ में तीव्र गति से विकास हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारा छत्तीसगढ़ देश के मध्य में स्थित एक समृद्ध राज्य है, जो खनिज, वन एवं जल संसाधनों से परिपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रदेशवासियों को साथ लेकर राज्य को और अधिक प्रगति के मार्ग पर ले जाएगी। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार को मात्र 22 माह हुए हैं, और इतनी कम अवधि में भी मोदी की गारंटी के रूप में किए गए लगभग सभी बड़े वादे पूरे किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश को नया और शक्तिशाली भारत बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि किसानों से किए गए वादे के अनुरूप सरकार 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी कर रही है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत राज्य की लगभग 70 लाख महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपए की राशि प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सल समस्या से पूरी तरह मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। इस दिशा में कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। नक्सल प्रभावित ग्रामों में विकास कार्यों को तीव्र गति से प्रारंभ किया गया है। पिछले कुछ महीनों में बस्तर के अनेक ग्रामों को पुनः विकास की मुख्यधारा से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई उद्योग नीति को देशभर में सराहना मिली है। अब तक 7.5 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और सेमीकंडक्टर उद्योगों की स्थापना का कार्य आरंभ हो चुका है। नई नीति में रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी गई है, और अधिक रोजगार देने वाले उद्योगों को विशेष रियायतें दी जा रही हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी नागरिकों से इन नीतियों का लाभ उठाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार ने विजन डॉक्यूमेंट-2047 जारी किया है। इसमें निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी आवश्यक है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि रतनपुर कल्चुरी शासन का प्रमुख केंद्र रहा है। लगभग 1200 वर्षों तक देश के विभिन्न भागों में कल्चुरियों ने शासन किया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार में विकास कार्यों की गति अत्यंत तीव्र है। श्री जायसवाल ने कहा कि कल्चुरी समाज के पूर्वजों द्वारा किए गए जनहितकारी कार्यों को राज्य सरकार आगे बढ़ा रही है। कल्चुरियों ने अपने काल में तालाब, सड़कें और सिंचाई परियोजनाएं बनवाई थीं — आज की सरकार भी उन्हीं परंपराओं को प्राथमिकता से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने नवा रायपुर में एक चौक का नाम भगवान सहस्रबाहु के नाम पर रखने के लिए मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति सामाजिक समरसता की प्रतीक है और सभी समाजों के ईष्टदेवों के प्रति समान आदर का भाव रखती है। कार्यक्रम में कल्चुरी कलार समाज के मोहित जायसवाल ने स्वागत भाषण दिया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मां महामाया मंदिर में की विधिवत पूजा-अर्चना महासम्मेलन में शामिल होने से पूर्व मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मां महामाया मंदिर में दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना और आरती की। उन्होंने छत्तीसगढ़ की खुशहाली और समृद्धि की कामना करते हुए मां महामाया का आशीर्वाद लिया।

पुराने नियमों को बदला गया: संपत्ति के लिए नई गाइडलाइन लागू

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने संपत्तियों के गाइडलाइन निर्धारण संबंधी नियमों में बड़ा सुधार करते हुए नए नियम जारी किए हैं. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर जमीन गाइडलाइन मूल्य निर्धारण में बड़ा बदलाव किया गया है. इससे रजिस्ट्री की प्रक्रिया अब आसान होगी. वहीं, भ्रम, विसंगतियां व अतिरिक्त शुल्क भी समाप्त होंगे, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी. पंजीयन मंत्री ओपी चौधरी ने विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया था कि जमीन के गाइडलाइन मूल्य निर्धारण संबंधी वर्तमान नियम अत्यंत जटिल तथा विरोधाभासी हैं तथा सामान्यजन की समझ से बाहर हैं. इसके कारण आम लोगों को तरह-तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इन नियमों को सरल, संक्षिप्त तथा व्यक्तिनिरपेक्ष बनाया जाए. बताया गया है कि गाइडलाइन दरों की गणना इन नियमों के अनुसार की जाती है, जैसे मुख्य  मार्ग की दूरी क्या होगी, कौन से तल में होने पर कितना वैल्यूएशन होगा, किन-किन परिस्थितियों में कितने कितने मूल्य बढ़ेंगे आदि. इन नियमों के आधार पर जमीन की रजिस्ट्री के समय बाजार मूल्य का आकलन किया जाता है. गाइडलाइन दरों के निर्धारण संबंधी ये नियम वर्ष 2000 से बने हुए थे तथा इनमें कोई परिवर्तन या संशोधन नहीं हुआ था. बताया गया है कि गाइडलाइन दरों की गणना इन नियमों के अनुसार की जाती है, जैसे मुख्य मार्ग की दूरी क्या होगी, कौन से तल में होने पर कितना वैल्यूएशन होगा, किन-किन परिस्थितियों में कितने कितने मूल्य बढ़ेंगे आदि. इन नियमों के आधार पर जमीन की रजिस्ट्री के समय बाजार मूल्य का आकलन किया जाता है. गाइडलाइन दरों के निर्धारण संबंधी ये नियम वर्ष 2000 से बने हुए थे तथा इनमें कोई परिवर्तन या संशोधन नहीं हुआ था. वर्तमान नियमों में कई विसंगतियां थीं, जिसके कारण संपत्ति के बाजार मूल्य की वास्तविक और तार्किक रूप से गणना नहीं हो पाती थी. जैसे मुख्य मार्ग के आधार पर गाइडलाइन दरों की गणना का प्रावधान था, लेकिन इस पूरी गाइडलाइन में कहीं भी मुख्य मार्ग को परिभाषित नहीं किया गया था. मुख्यमंत्री व पंजीयन मंत्री के निर्देश पर गाइडलाइन संबंधी नियमों के पुनरीक्षण के लिए उद्देश्य निर्धारित किया गया था कि इन नियमों को सरल व संक्षिप्त और जनहितैषी बनाया जाए. साथ ही इसमें मानवीय हस्तक्षेप को कम करते हुए प्रक्रिया को सॉफ्टवेयर द्वारा स्वमेव लागू होने लायक प्रावधान तैयार किए जाएं. इन उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए बनाए गए नए जारी बाजार मूल्य गणना संबंधी उपबंध 2025 में कई मुख्य प्रावधान किए गए हैं. पूर्व प्रचलित उपबंध में 77 प्रकार के निर्धारण प्रावधान थे, जिन्हें घटाकर अब गणना संबंधी केवल 14 प्रावधान रखे गए हैं, जिन्हें समझना आम जनता के लिए बेहद आसान होगा. पूर्व उपबंध में नगरीय निकायों तथा इनमें कृषि, नजूल, डायवर्टेड- प्रत्येक अलग-अलग प्रकार की भूमि के लिए अलग-अलग प्रकार की गणना के प्रावधान थे. अब इन्हें युक्तिसंगत बनाते हुए एक ही प्रकार का प्रावधान किया गया है. सभी वर्ग के नगरों व भूमि के लिए अब हेक्टेयर दर की सीमा 0.14 हेक्टेयर कर दी गई है. निर्मित संरचनाओं के लिए केवल 8 दरें रखी गई हैं. कृषि, डायवर्टेड, नजूल एवं आबादी भूमि के लिए अब एक समान मूल्यांकन मानक लागू होगा, जिससे डायवर्टेड व नजूल भूमि होने मात्र से संपत्ति के बाजार मूल्य नहीं बढ़ेंगे तथा भ्रम व त्रुटियों की संभावना समाप्त होगी. दो फसली भूमि होने पर 25 प्रतिशत वृद्धि, गैर परंपरागत फसलों पर 25 प्रतिशत वृद्धि, नलकूप ट्यूबवेल होने पर उसकी अलग कीमत, बाउंड्रीवाल व फ्लिंट होने पर उसकी अलग कीमत वृद्धि करने जैसे प्रावधानों को हटा दिया गया है. इसका प्रत्यक्ष लाभ आम जनता को होगा. नए नियम में यह प्रावधान किया गया है कि जब कोई नया मोहल्ला, कॉलोनी या परियोजना विकसित हो तो उसके लिए विशेष रूप से गाइडलाइन दर का निर्धारण किया जाएगा. जमीन की सरकारी कीमतों में वृद्धि का प्रस्ताव लटका प्रदेश में अचल संपत्ति व जमीन की नई कलेक्टर गाइडलाइन दरें बढ़ाने का प्रस्ताव फिलहाल लटक गया है. पंजीयन विभाग ने 8 महीने पहले जमीन की गाइडलाइन दर में वृद्धि करने की प्रक्रिया शुरू की थी, वह लटकी हुई है. जबकि अचल संपत्ति व जमीन की कलेक्टर गाइडलाइन दर तैयार करने के लिए सर्वे हो चुका है. जिला समितियों द्वारा गाइडलाइन दर में डेढ़ से दो गुना तक वृद्धि प्रस्तावित है. निर्णय नहीं होने के कारण वर्तमान में 7 साल पुरानी गाइडलाइन दरें ही लागू हैं.

छत्तीसगढ़ में जैव ईंधन के उत्पादन में 3,500 करोड़ रुपये का हो रहा निवेश

सीबीडीए द्वारा बायोफ्यूल एक्सपो तथा सेमीनार का आयोजन रायपुर, छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण द्वारा राजधानी रायपुर में बायोफ्यूल एण्ड बायो एनर्जी एक्सपो का आयोजन 7 से 9 नवंबर तक स्थानीय श्रीराम बिजेनस पार्क में किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल रोडमैप विजन 2024-29 पर आयोजित सेमीनार में बायोफ्यूल तकनीक पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण के सीईओ श्री सुमित सरकार ने छत्तीसगढ़ की जैव ईंधन रोडमैप की चर्चा करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य को बायोफ्यूल के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की पहल की जा रही है।  सीईओ श्री सुमित सरकार ने बताया कि छत्तीसगढ़ में निजी कंपनियों ने छत्तीसगढ़ औद्योगिक नीति 2024-2030 के अनुरूप, लगभग 3,500 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। गेल और बीपीसीएल जैसी ओजीएमसी ने विभिन्न यूएलबी में 8 एमएसडब्ल्यू/बायोमास आधारित संपीड़ित बायोगैस संयंत्र स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ओएनजीसी ग्रीन और एचपीसीएल ग्रीन वर्तमान में सीबीजी उत्पादन इकाइयाँ स्थापित करने के लिए विभिन्न स्थानों का सर्वेक्षण कर रही हैं।  राज्य में चावल, मक्का और चने के अवशेषों का उपयोग करके बायोएथेनॉल और कम्प्रेस्ड बायोगैस बनाने के लिए फीडस्टॉक-आधारित परीक्षण किया जा रहा हैं। इसके साथ ही कृषि अपशिष्ट को सब्सट्रेट के रूप में उपयोग करके एंजाइम उत्पादन परीक्षण और नए माइक्रोबियल स्ट्रेन का संवर्धन हो रहा है। उन्होंने बताया कि बायो-विमानन ईंधन के क्षेत्र में सीबीडीए अब बायोमास-आधारित हाइड्रोजन के उत्पादन की तैयारी कर रहा है, जिसका उपयोग बाद में हाइड्रोप्रोसेस्ड एस्टर और फैटी एसिड तकनीक के माध्यम से एसएएफ उत्पादन के लिए किया जाएगा। छत्तीसगढ़ में अधिशेष चावल को प्राथमिक फीडस्टॉक के रूप में उपयोग करके बायोएथेनॉल उत्पादन के लिए पहले ही एक मानक संचालन प्रक्रिया विकसित कर ली है। हाल ही में, राष्ट्रीय शर्करा संस्थान (एनएसआई), कानपुर के सहयोग से, सीबीडीए बायोफ्यूल कॉम्प्लेक्स स्थल, ग्राम गोढ़ी, जिला दुर्ग में एक वैकल्पिक फीडस्टॉक स्थापित करने के लिए चुकंदर की खेती पर परीक्षण शुरू किया है। अगला कदम इथेनॉल उत्पादन के लिए इसकी क्षमता का परीक्षण करना है, जिससे भारत के 20 प्रतिशत मिश्रण लक्ष्य और उससे आगे की उपलब्धि में सहायता मिलेगी, जिससे इस पहल की निरंतर सफलता सुनिश्चित होगी। इस सेमीनार में गैल के सीजीएम श्री मोहम्मद नजीब कुरैशी और डीजीएम जितेन्द्र पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन के पाइप लाईन नेटवर्क के बारे में जानकारी दी। बीपीसीएल के डीजीएम श्री संजय ठाकुर ने छत्तीसगढ़ में कम्प्रेस बायोगैस की संभावनाओं के बारे में प्रस्तुतीकरण दिया। इसी प्रकार रिलायंस इंडस्ट्रीज के डीजीएम श्री सुशील वर्मा ने धान से कम्प्रेस बायोगैस उत्पादन के बारे में जानकारी दी।   इसी प्रकार आरईवीवाय के इन्वारमेंटल साल्यूशन प्रा.लि. के फाउंडर डायरेक्टर डॉ. वनिता प्रसाद ने बायोगेस प्लांट के संचालन, एट्रीएम इनोवेशन प्रा.लि. पुणे के डायरेक्टर श्री राजेश दाते ने एनोरोबिक काम्पोस्टिंग सिस्टम, इंग्रोटेक एक्वा इंजीनियर्स प्रा.लि. संबलपुर के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री सुकांत कुमार मेहेर ने एसटीपी प्लांट से कम्प्रेस बायोगैस की उत्पादन की संभावनाओं और एईसी एग्रीटेक प्रा.लि. के सीईओ श्री जितेन्द्र नारायण ने कम्प्रेस बायोगैस पॉलिसी, प्रोक्योरमेंट और प्राइसिंग के बारे में जानकारी दी।

स्वास्थ्य विभाग पर सवाल: नसबंदी ऑपरेशन के दौरान दो महिलाओं की हालत गंभीर

दुर्ग दुर्ग जिला अस्पताल में शनिवार को नसबंदी के दौरान दो महिलाओं की मौत हो जाने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह हादसा सर्जरी के दौरान दी गई किसी दवा के रिएक्शन से हुआ। फिलहाल दवा के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। जानकारी के पूजा यादव (27), निवासी बजरंग नगर दुर्ग, नसबंदी ऑपरेशन के लिए जिला अस्पताल पहुंची थी। ऑपरेशन के दौरान उसे अचानक झटके आने लगे और शरीर में अकड़न महसूस हुई। हालत बिगड़ने पर उसे आईसीयू में भर्ती किया गया, जहां कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई।   वहीं सिकोला भाटा निवासी किरण यादव (30) ने उसी दिन सुबह सिजेरियन ऑपरेशन के जरिए बच्चे को जन्म दिया था। इसके बाद जब उसकी नसबंदी की जा रही थी, तभी उसे भी झटके आने लगे और शाम तक उसने भी दम तोड़ दिया। परिजनों ने बताया कि किरण पूरी तरह स्वस्थ थी और अचानक उसकी तबीयत बिगड़ना सभी के लिए सदमे जैसा था। पूजा यादव के दो छोटे बच्चे हैं, जबकि किरण यादव का नवजात शिशु है। दवाओं पर संदेह सिविल सर्जन डॉ. आशीषन मिंज के अनुसार पूजा यादव को नसबंदी के दौरान बुपीवाकेन 3 एमएल, मिडान 1 एमजी, और 2 आरएल (रिंगर लैक्टेट) दिया गया था। वहीं किरण यादव को बुपीवाकेन 2.2 एमएल, ऑक्सीटोसीन 10 आईयू, 2 आरएल और 1 डीएनएस दिया गया था। आंशका कि इन दवाओं में से किसी एक के रिएक्शन से दोनों की तबीयत बिगड़ी। नौ सर्जरी हुईं, दो में हादसा शनिवार को मदर-चाइल्ड यूनिट में कुल नौ सर्जरी की गई। इनमें पूजा की केवल नसबंदी थी, जबकि किरण की सिजेरियन के साथ नसबंदी की गई। बाकी सात महिलाओं की सर्जरी सामान्य रही। ऑपरेशन टीम में डॉ. उज्जवला देवांगन, डॉ. विनीता ध्रुवे, डॉ. रिंपल (स्त्री रोग विशेषज्ञ) और डॉ. पूजा वर्मा (एनेस्थेटिस्ट) शामिल थी। दवा का सैंपल लेकर जांच को भेजा सिविल सर्जन डॉ. मिंज ने बताया कि सर्जरी के दौरान दोनों महिलाओं को झटके और अकड़न की शिकायत हुई थी। उन्हें तत्काल आईसीयू में भर्ती कर उपचार दिया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। घटना के बाद उपयोग की गई दवाओं के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं, ताकि सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।

न्याय से वंचित ‘छत्तीसगढ़ की निर्भया’: हाई कोर्ट ने आरोपी की रिहाई पर जताई नाराज़गी

बिलासपुर चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा एवं जस्टिस बीडी गुरु की डीबी ने एक जघन्य यौन और हत्या के अपराध में आरोपी को पाक्सो एक्ट में बरी करने और शासन की ओर से अपील नहीं किए जाने के मामले में गंभीर टिप्पणी की है। कोर्टने टिप्पणी में कहा है कि इस बैकग्राउंड में हम यह नोट करने के लिए मजबूर हैं कि ट्रायल कोर्ट ने भारी मेडिकल और परिस्थितिजन्य सबूतों के बावजूद अपीलकर्ता को आइपीसी की धारा 363, 364, 376(3) के साथ पाक्सो एक्ट की धारा 4 और 6 के तहत गंभीर आरोपों से बरी करके गलती की है। यह वाकई दुर्भाग्यपूण है। हाई कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा, राज्य की अपील की अनुपस्थिति मेडिकल सबूतों की गंभीरता या बच्चे के खिलाफ किए गए अपराध की गंभीरता को कम नहीं करती है। रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री से इसमें कोई संदेह नहीं रह जाता है कि पीड़ित का अपहरण किया गया था। सबसे बर्बर तरीके से यौन उत्पीड़न किया गया था और उसके बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को ठहराया गलत संबंधित प्रविधानों के तहत दोषसिद्धि न देना उन मामलों में सबूतों की गलत समझ को दर्शाता है। ऐसे मामले में जहां पीड़िता का रेप किया गया हो और उसे मार दिया गया हो, अगर ट्रायल कोर्ट को पीड़िता पर सेक्शुअल असाल्ट के पक्के सबूत मिलते हैं तो वह दुष्कर्म होने की बात को नज़रअंदाज नहीं कर सकता। ट्रायल कोर्ट आरोपी को सिर्फ हत्या के लिए दोषी नहीं ठहरा सकता। यह है मामला जांजगीर-चांपा जिले के जैजैपुर थाना क्षेत्र निवासी नवीं कक्षा की छात्रा 28 फरवरी 2022 की रात को सोई थी। मां की रात को नींद खुली तो देखा कि बेटी बिस्तर में नहीं है। पिता ने एक मार्च 2022 को जैजैपुर थाना में रिपोर्ट लिखाई कि उसकी नाबालिग बेटी को किसी ने अपहरण कर लिया है। तीन मार्च 2022 को उसकी लाश गांव के तालाब में मिली। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया एवं गांव में कैंप कर पूछताछ की। ग्रामीणों से पूछताछ में पुलिस को आरोपी के संबंध में सुराग मिला। पुलिस ने आरोपी जवाहर को गिरफ्तार कर जेल दाखिल किया। सक्ती न्यायालय ने आरोपी को धारा 302 और 201 के अंतर्गत अपराध के लिए दोषी ठहराया है। हाई कोर्ट ने आरोपी की अपील खारिज करते हुए उसे नाबालिग से बर्बर तरीके से यौन अपराध कर हत्या के मामले में पाक्सो एक्ट के तहत सजा नहीं सुनने पर उक्त टिप्पणी की है। लिखवाया सुसाइड नोट नाबालिग से लिखवाया सुसाइड नोट जांच के दौरान यह पता चला कि मृतक और आरोपी लगभग आठ महीने से प्रेम प्रसंग में थे। मृतक ने कथित तौर पर कहा कि वह उसके बिना नहीं रह सकती और मर जाएगी, तो आरोपी ने उसे 28 फरवरी को अपने घर बुलाया जब वहां कोई नहीं था। उसने कथित तौर पर उसे मारने की साजिश रची और उससे एक सुसाइड नोट लिखने को कहा, यह कहते हुए कि वे दोनों भाग जाएंगे और आत्महत्या कर लेंगे। 28 फरवरी की रात एक बजे आरोपी पीड़िता अपनी बाइक से तालाब के पास ले गया। जहां उसने नाबालिग की हत्या कर दी। हत्या से पहले किया दुष्कर्म मौत से पहले आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती यौन हमला किया गया था। डॉक्टरों ने साफ तौर पर राय दी है कि पीड़ित के प्राइवेट पार्ट्स पर गंभीर चोटें आई थीं। खून भी बह रहा था।

बिना e-KYC नहीं मिलेगी ‘महतारी वंदन’ की अगली किस्त, जानिए कहां और कैसे करें प्रक्रिया पूरी

बिलासपुर राज्य सरकार की महत्वकांक्षी महतारी वंदन योजना के अंतर्गत राज्य में पात्र महिलाओं को हर महीने 1 हजार रुपये मिलते हैं। लेकिन इस योजना की लाभार्थी महिलाओं को मिलने वाला पैसा बंद हो सकता है, क्योंकि प्रदेश में 4.18 लाख महिलाओं ने अपना ई-केवाईसी नहीं कराया है। यदि उन्होंने जल्द ही अपना केवाईसी नहीं कराया, तो योजना की 20वीं किस्त उनके खाते में नहीं आएगी। बता दें कि प्रदेश के सभी जिलों में ऐसी बहुत महिलाएं हैं, जिन्होंने अबतक अपना केवाईसी नहीं कराया है। बिलासपुर जिले में भी महतारी वंदन योजना से लाभांवित लगभग 10 हजार महिलाओ ने अपना ई केवायसी नहीं करवाया है। यदि उन्होंने जल्द ही अपना केवाईसी नहीं कराया, तो उन्हें महतारी वंदन योजना की 20वीं किस्त से वंचित होना पड़ सकता हैं। राज्य शासन ने निर्देश जारी कर जिन महिलाओं का आधार एक्सपायरी हो चुका है, उनका आधार अपडेट करवा कर ई केवायसी करने का आदेश दिया हैं। ऐसा न करने पर उन्हें योजना के तहत मिलने वाली 1,000 मासिक किस्त से वंचित होना पड़ सकता है। ई-केवाईसी कराना आवश्यक जिले में महतारी वंदन योजना के 4 लाख 20 हजार महिला हितग्राहियों को योजना का लाभ मिल रहा हैं। योजना के तहत दस हजार महिलाएं ऐसी हैं, जिनका आधार कार्ड विवरण अपडेट नहीं हुआ है या एक्सपायर हो चुका है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह समस्या मुख्य रूप से आधार कार्ड के हर दस साल में अपडेट होने की अनिवार्यता के कारण उत्पन्न हुई है। आधार कार्ड के नियमित अपडेट का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हितग्राही वास्तव में जीवित है या नहीं, उसने अपना निवास स्थान मकान, जिला या राज्य तो नहीं बदल लिया है, या उसके विवरण में कोई अन्य महत्वपूर्ण बदलाव तो नहीं हुआ है।अधिकारी इसे एक प्रकार का जीवन प्रमाण बताते हैं, जो सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और सही लाभार्थी तक लाभ पहुंचाने के लिए आवश्यक है। आंगनबाड़ी केंद्र जाकर जल्द कराएं केवाईसी जिन 10 हजार महिलाओं का केवाईसी अपडेट नहीं है, उन्हें तुरंत अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र, महिला एवं बाल विकास कार्यालय में जाकर प्रक्रिया पूरी करवानी होगी। विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन महिलाओं का आधार विवरण अमान्य पाया जाएगा, उनका भुगतान अस्थायी रूप से रोक दिया जाएगा। महतारी वंदन योजना क्या हैं महतारी वंदन योजना की मुख्य उद्देश्य राज्य की विवाहित महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना हैं। पात्र विवाहित महिलाओं को प्रति माह 1,000 की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से प्रदान की जाती है। यह राशि महिलाओं को उनके स्वास्थ्य, पोषण और घरेलू जरूरतों को पूरा करने में सहयोग करती है।