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आज से छत्तीसगढ़ में वोटर लिस्ट चेकिंग, BLOs घर-घर करेंगे सर्वे, 7 फरवरी को फाइनल लिस्ट

रायपुर  छत्तीसगढ़ के रायपुर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के तहत मंगलवार 4 नवंबर से घर-घर गणना चरण की शुरुआत होगी। इस प्रक्रिया में बीएलओ घर-घर जाकर मतदाता परिचय पत्र का सत्यापन करेंगे। प्रथम चरण के साथ आगे की प्रक्रियाओं को लेकर सोमवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी यशवंत कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि प्रथम चरण की प्रक्रिया जारी है। जिनका नाम साल 2003 के एसआईआर में है, उन्हें दस्तावेज देने की जरूरत नहीं है। केवल 5-6 प्रतिशत मतदाताओं को ही दस्तावेज देने की जरूरत होगी। उन्होंने बताया कि असुविधा होने पर बीएलओ मतदाता हेल्पलाइन नंबर 1950 पर कॉल रिक्वेस्ट के माध्यम से मदद ले सकते हैं। मतदाता सूची का मिलान 2003 के आधार पर उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में विगत एसआईआर की मतदाता सूची वर्ष 2003 को आधार मानकर मिलान किया गया है। बीएलओ ने वर्तमान में केवल अपने मतदान केंद्र के मतदाताओं का मिलान किया है, जो कि 71 प्रतिशत के करीब है। अधिकारियों ने बताया कि 2003 के बाद से आज पर्यंत कई मतदाता अन्यत्र शिट हुए हैं। मतदान केन्द्रों का परिसीमन भी हुआ है। एन्यूमरेशन फेज में बीएलओ द्वारा मतदाताओं के घर-घर सर्वे के दौरान यह मिलान प्रतिशत 10-15 प्रतिशत और बढ़ जाएगा। मतदाता सूची में लगभग 50 प्रतिशत महिलाएं हैं। वर्ष 2003 के एसआईआर के बाद विवाहित महिलाएं अपने तत्कालीन मतदान केंद्र से अन्यत्र स्थानांतरित हुई हैं। बीएलओ द्वारा घर-घर एन्यूमरेशन फेज में 15 से 20 प्रतिशत और महिला मतदाताओं का मिलान किया जा सकेगा। ऐसे में एसआईआर के दौरान आपको इन 11 दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी…     केंद्र या राज्य सरकार या पीएसयू के नियमित कर्मचारी या पेंशनभोगी को जारी किया गया कोई भी पहचान पत्र या पेंशन भुगतान आदेश     1 जुलाई, 1987 से पहले सरकार/स्थानीय प्राधिकरण/बैंक/डाकघर/एलआईसी/पीएसयू द्वारा जारी कोई भी पहचान पत्र, प्रमाण पत्र या दस्तावेज     जन्म प्रमाण पत्र     पासपोर्ट     मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय द्वारा जारी मैट्रिकुलेशन या शैक्षिक प्रमाण पत्र     स्थायी निवास प्रमाण पत्र     वन अधिकार प्रमाण पत्र     ओबीसी/एससी/एसटी या कोई भी जाति प्रमाण पत्र     राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर     राज्य या स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा तैयार किया गया परिवार रजिस्टर     सरकार द्वारा जारी कोई भी भूमि या मकान आवंटन प्रमाण पत्र कहां-कहां हो रहा एसआईआर?     अंडमान निकोबार द्वीपसमूह     छत्तीसगढ़     गोवा     गुजरात     केरल     लक्षद्वीप     मध्य प्रदेश     पुड्डचेरी     राजस्थान     तमिलनाडु     उत्तर प्रदेश     पश्चिम बंगाल एसआईआर का क्या है शेड्यूल?     गणना पत्रों की छपाई व बीएलओ को प्रशिक्षण- 28 अक्टूबर 2025 से तीन नवंबर 2025 तक।     घर-घर जाकर पुनरीक्षण का काम- चार नवंबर 2025 से चार दिसंबर 2025 तक।     मतदाता सूची के मसौदे का प्रकाशन- 09 दिसंबर 2025     दावे और आपत्तियों का समय-09 दिसंबर 2025 से 08 जनवरी 2026 तक।     दस्तावेजों की जांच के लिए नोटिस, सुनवाई, सत्यापन: 09 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक     अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन- 07 फरवरी 2026 एसआईआर क्यों जरूरी? आयोग ने इस दौरान बताया कि एसआइआर क्यों जरूरी है। आयोग के मुताबिक बदलते शहरीकरण में लोगों का तेजी से विस्थापन हो रहा है। यह इसकी एक बड़ी वजह है। दूसरा इसके चलते कई जगहों पर लोगों के मतदाता सूची में दो-दो जगह से नाम दर्ज है। तीसरा मतदाता सूची में मतदाताओं के मृत होने के बाद भी नामों का हटाया न जाना है। चौथी वजह देश के तमाम हिस्सों में गलत तरीके से घुसपैठ करके बड़ी संख्या में लोगों ने मतदाता सूची में गलत तरीके से नाम जुड़वा लिया है। एसआइआर के दौरान इन सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच हो सकेगी। राजनीति दलों से सहयोग की अपील सीईओ यशवंत कुमार ने राजनीतिक दलों से आग्रह किया है। उन्होंने पुनरीक्षण के दौरान अपने बूथ स्तरीय एजेंटों (बीएलओ) के माध्यम से निर्वाचन आयोग के कर्मचारियों को पूरा सहयोग देने की अपील की है, ताकि छूटे हुए पात्र नागरिकों के नाम सूची में जोड़े जा सकें और मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जा सकें। क्या-क्या कार्य होंगे घर-घर गणना चरण अवधि- 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक मसौदा सूची का प्रकाशन – 9 दिसंबर दावा-आपत्तियों की अवधि – 9 दिसंबर से 8 जनवरी 2026 तक नोटिस चरण (सुनवाई व सत्यापन)- 9 दिसंबर से 31 जनवरी 2026 तक अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन – 7 फरवरी 2026

भूमि त्रिवेदी के सुरों की थिरकन, ऊषा बारले की पंडवानी का असर और सूफी संगीत की रूहानी महक

संगीत की सुरमयी शाम में झूम उठा राज्योत्सव मैदान  रायपुर छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या में सोमवार की रात संगीत, नृत्य और लोक संस्कृति का अनोखा संगम देखने को मिला। बॉलीवुड की ख्यातनाम पार्श्व गायिका भूमि त्रिवेदी ने अपनी मनमोहक आवाज़ से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने “ससुराल गेंदा फूल”, “सैय्यारा”, “राम चाहे लीला”, “झुमका गिरा रे” "जय-जय शिवशंकर-कांटा लगे न कंकड़", "होली खेले रघुवीरा", "रंग बरसे", "ये देश है वीर जवानों का".."डम-डम ढोल बाजे", "उड़ी-उड़ी जाएं" जैसे लोकप्रिय गीतों को अपने नए अंदाज़ में प्रस्तुत कर माहौल को जोश और उमंग से भर दिया। हिंदी, पंजाबी और राजस्थानी सहित अन्य राज्यों के भाषाओं के धुनों के साथ छत्तीसगढ़ी लोकसंगीत का ताना-बाना जोड़ते हुए उन्होंने युवाओं के दिलों में संगीत की हलचल मचा दी। दर्शकों की तालियों और नृत्य से पूरा प्रांगण गूंज उठा। पंडवानी की वीरता और सूफी संगीत की रूहानी छुअनपंडवानी की वीरता और सूफी संगीत की रूहानी छुअन छत्तीसगढ़ की गौरवगाथा को आगे बढ़ाते हुए पद्मश्री श्रीमती ऊषा बारले ने अपने तानपुरे की झंकार और अभिव्यक्तिपूर्ण मुद्राओं से महाभारत की वीरता को जीवंत कर दिया। उनकी प्रस्तुति ने श्रोताओं को भावविह्वल कर दिया और वे देर तक मंच से नज़रें नहीं हटा सके। उन्होंने महाभारत के चीरहरण की घटनाओं को मार्मिक और ह्रदयस्पर्शी ढंग से प्रस्तुत किया। इसके बाद सूफी पार्श्व गायक राकेश शर्मा और उनकी टीम ने “दमादम मस्त कलंदर”, “मौला मेरे मौला”, “चोला माटी के राम” जैसे गीतों से श्रोताओं को रूहानी सफर पर ले गए। उनकी साथी गायिका निशा शर्मा और कलाकारों ने भी अपने स्वर और लय से इस सूफियाना माहौल को और प्रगाढ़ बनाया। माटी की खुशबू और लोकनृत्य की छटामाटी की खुशबू और लोकनृत्य की छटा प्रादेशिक लोकमंच के कलाकार कुलेश्वर ताम्रकार ने नाचा के माध्यम से छत्तीसगढ़ की माटी में रची-बसी लोकसंस्कृति को मंच पर साकार किया। उनके प्रदर्शन ने परंपरा, ऊर्जा और रचनात्मकता का ऐसा संगम रचा कि दर्शक देर तक तालियां बजाते रहे और दर्शकदीर्घा में मुस्कान के साथ थिरकते रहे।

महादेव ऐप विवाद: रवि उप्पल गिरफ्तार होने के बाद भी UAE में सुरक्षित, भारत में चिंता

रायपुर महादेव ऑनलाइन बुक ऐप का को-फाउंडर रवि उप्पल को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आई है। सौरभ चंद्राकर के साथ मिलकर अवैध सट्टेबाजी के जरिए हजारों करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोपी रवि उप्पल गायब हो गया है। इंटरपोल रेड नोटिस के बाद दिसंबर 2023 में दुबई में गिरफ्तार किया गया उप्पल खाड़ी देश से किसी अज्ञात स्थान पर चला गया है। अधिकारियों ने हिन्दुस्तान टाइम्स को यह जानकारी दी है। यूएई अथॉरिटीज ने भारत को उसके 'एग्जिट रूट या गंतव्य' की जानकारी नहीं दी है, लेकिन प्रत्यर्पण प्रक्रिया को बंद करने की शुरुआत कर दी है। रवि उप्पल का भागना इस मामले की जांच कर रहीं एजेंसियों के लिए झटका है। ईडी, सीबीआई और छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए चिंता और चुनौती बढ़ गई है, जिन्हें आरोपियों को कानून के दायरे में लाकर ठगी के शिकार हुए लाखों लोगों को न्याय दिलाना है। दोनों देशों के बीच दोस्ताना संबंधों को देखते हुए भारतीय एजेंसियों को उम्मीद थी कि उप्पल और चंद्राकर को दुबई से प्रत्यर्पित किया जाएगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम सार्वजनिक नहीं किए जाने की शर्त पर बताया, 'हमें आधिकारिक चैनल के जरिए बताया गया है कि रवि उप्पल UAE को छोड़कर अज्ञात स्थान पर चला गया है। वहां किस रास्ते निकला या कहां गया, इसको लेकर दुबई ने कोई जानकारी नहीं दी है, जबकि उसके खिलाफ रेड नोटिस अभी भी एक्टिव है।' अधिकारी ने बताया कि यूएई ने प्रत्यर्पण प्रक्रिया को भी बंद करने की बात कही है। 50 से कम उम्र का उप्पल चंद्रकार के साथ 6000 करोड़ के फ्रॉड का आरोपी है। 2018 में दोनों ने मिलकर इस सट्टेबाजी ऐप की शुरुआत की थी। ईडी ने अपनी एक चार्जशीट में दावा किया कि सट्टेबाजी का यह साम्राज्य कम से कम 3,200 पैनल्स में अलग-अलग शहरों में संचालित होता था और प्रतिदिन करीब 240 करोड़ की कमाई थी। उप्पल और चंद्रकार ने दुबई में अपने करीब 3500 स्टाफ के लिए 20 बंगले रेंट पर लिए थे। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का नाम भी इस केस में आया है।

रायपुर में सीएम साय ने युवाओं को दी ट्रैफिक नियमों की सीख, बाइक चलाकर दिया संदेश

रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने स्वयं बाइक चलाकर युवाओं को दिया सुरक्षित ड्राइविंग का संदेश रजत जयंती वर्ष के अवसर पर रायपुर में होगा एमआरएफ नेशनल सुपरक्रॉस चैम्पियनशिप 2025 का भव्य आयोजन रायपुर रजत जयंती वर्ष के अवसर पर रायपुर में होगा एमआरएफ नेशनल सुपरक्रॉस चैम्पियनशिप 2025 का भव्य आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती वर्ष के अवसर पर राजधानी रायपुर का बूढ़ापारा आउटडोर स्टेडियम आगामी 8 और 9 नवम्बर को रफ्तार, रोमांच और युवाओं के उत्साह का मंच बनेगा। रजत जयंती समारोह की श्रृंखला में आयोजित यह विशेष कार्यक्रम छत्तीसगढ़ की नई ऊर्जा, नवाचार भावना और युवा सामर्थ्य का प्रतीक होगा। छत्तीसगढ़ मोटर स्पोर्ट्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित एमआरएफ नेशनल सुपरक्रॉस बाइक रेसिंग चैम्पियनशिप 2025 का यह भव्य आयोजन न केवल रोमांचक मोटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देगा, बल्कि युवाओं को सुरक्षित ड्राइविंग, हेलमेट पहनने और सड़क पर रेसिंग से बचने जैसे सामाजिक संदेश देने का भी माध्यम बनेगा। कार्यक्रम से पूर्व आज मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने स्वयं बाइक चलाकर युवाओं को “सेफ ड्राइविंग” का संदेश दिया। उन्होंने आगामी 8-9 नवंबर को आयोजित नेशनल सुपरक्रॉस बाइक रेसिंग चैंपियनशिप के सफल आयोजन के लिए अपनी  शुभकामनाएं देते हुए कहा, "युवाओं में अपार ऊर्जा है, और उस ऊर्जा को सही दिशा देना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।" मुख्यमंत्री  साय ने युवाओं को सेफ ड्राइविंग का संदेश देते हुए कहा कि जीवन अनमोल है इसीलिए दुपहिया चलाते समय हमेशा हेलमेट पहने और ट्रैफिक नियमों का पालन करें ।सड़क पर रेसिंग बिल्कुल ना करें। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि रजत जयंती वर्ष छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों का उत्सव मनाने के साथ ही नई पीढ़ी में अनुशासन, जिम्मेदारी और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने का भी अवसर है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ का युवा केवल गति से नहीं, बल्कि संयम और संकल्प से पहचाना जाए। छत्तीसगढ़ मोटर स्पोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष  उज्जवल दीपक ने बताया कि यह आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास है। उन्होंने कहा,"हम चाहते हैं कि रफ्तार जुनून बने, जोखिम नहीं — यही इस चैम्पियनशिप की असली सोच है।” इस आयोजन की सबसे खास बात यह है कि रेसिंग सड़क पर नहीं, बल्कि विशेष रूप से निर्मित सुरक्षित रेसिंग ट्रैक पर होगी, जहाँ सभी सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इस दो दिवसीय सुपरक्रॉस चैम्पियनशिप में देश के शीर्ष राइडर्स हिस्सा लेंगे। एमआरएफ के सहयोग से आयोजित यह प्रतियोगिता छत्तीसगढ़ को देश के मोटर स्पोर्ट्स मानचित्र पर एक नई और सम्मानजनक पहचान दिलाने जा रही है।

वित्त मंत्री चौधरी ने रायगढ़ में किया जिला स्तरीय राज्योत्सव का विधिवत शुभारंभ

रायपुर : राज्य निर्माण के बाद छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के पथ पर है अग्रसर-वित्त मंत्री  ओ.पी.चौधरी वित्त मंत्री  चौधरी ने रायगढ़ में किया जिला स्तरीय राज्योत्सव का विधिवत शुभारंभ शिक्षा, स्वास्थ्य सहित बुनियादी सुविधाओं में लगातार हो रहे विकास- वित्त मंत्री  चौधरी  वित्त मंत्री  चौधरी ने रायगढ़ में किया जिला स्तरीय राज्योत्सव का विधिवत शुभारंभ, रजत जयंती की दी बधाई स्कूली बच्चों ने दी मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के रजत जयंती वर्ष पर रायगढ़ जिला मुख्यालय स्थित शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी स्टेडियम में आयोजित राज्योत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश के वित्त मंत्री  ओ.पी.चौधरी ने भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने सभी को रजत जयंती की हार्दिक बधाई दी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त  मंत्री  चौधरी ने कहा कि यह हमारे प्रदेश के लिए गर्व और आत्मगौरव का क्षण है कि छत्तीसगढ़ ने अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। उन्होंने कहा कि इस राज्य की स्थापना का श्रेय श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की दूरदृष्टि और संकल्प को जाता है, जिनके प्रयासों से छत्तीसगढ़ एक समृद्ध और प्रगतिशील राज्य के रूप में उभर सका है। यह रजत जयंती वर्ष प्रदेश की विकास यात्रा का प्रतीक है। स्कूली बच्चों ने दी मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति वित्त मंत्री  चौधरी ने प्रदेशवासियों से विजन 2047 के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जब भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर है, तब छत्तीसगढ़ भी उसी संकल्प के साथ विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है।  चौधरी ने बताया कि विगत दिवस प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान सात घंटे प्रदेश में व्यतीत कर अनेक विकास कार्यों की सौगात दी, जो हमारे लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण से पहले छत्तीसगढ़ की स्थिति चुनौतीपूर्ण थी, हमारे लौह अयस्क और वन संपदा का लाभ हमें नहीं मिल पाता था। आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। राज्य निर्माण के बाद छत्तीसगढ़ ने शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और अधोसंरचना के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। वित्त मंत्री  चौधरी ने बताया कि जब छत्तीसगढ़ का गठन हुआ तब प्रदेश में एकमात्र शासकीय मेडिकल कालेल था, आज यह संख्या बढ़कर 14 हो चुकी है और जल्द ही 20 से अधिक होने जा रही है। एमबीबीएस सीटें 100 से बढ़कर 2000 तक पहुंचने वाली हैं। स्कूली बच्चों ने दी मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि आज प्रदेश में आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी, आईआईआईटी जैसे राष्ट्रीय स्तर के अनेक संस्थान संचालित हैं, जो छत्तीसगढ़ की शैक्षणिक प्रगति के प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में रायगढ़ जिला लगातार विकास की ओर अग्रसर है। रायगढ़ में उद्योग के साथ-साथ शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण प्रगति हो रही है। नालंदा परिसर का निर्माण लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। संस्कृत महाविद्यालय, नर्सिंग कॉलेज, उद्यानिकी महाविद्यालय और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण कार्य तेजी से चल रहे हैं। वित्त मंत्री  चौधरी ने बताया कि रायगढ़ में ऑक्सीजोन पार्क, एथलेटिक ट्रैक, स्विमिंग पूल, क्रिकेट व फुटबॉल ग्राउंड सहित नया स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाया जा रहा है। सड़क चौड़ीकरण एवं नगरीय विकास के कार्य भी तीव्र गति से प्रगति पर हैं। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष  दीपक सिदार, सभापति  डिग्रीलाल साहू, नगर पालिका अध्यक्ष सहित जनप्रतिनिधि, प्रशानिक अधिकारी कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।  स्कूली बच्चों ने दी सांस्कृतिक कार्यक्रम की मनमोहक प्रस्तुति राज्योत्सव समारोह के प्रथम दिन आज शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी स्टेडियम में स्कूली बच्चों ने शानदार मनमोहक प्रस्तुति दी। जिसमें मती सोमादास एवं ग्रुप द्वारा गणेश वंदना, डॉ.दीपिका सरकार एवं ग्रुप द्वारा शिव स्त्रोत नृत्य, कुमारी मानवी अग्रवाल द्वारा कथक, कार्मेल कन्या स्कूल के विद्यार्थियों ने मराठी लोकनृत्य सहित अन्य स्कूली बच्चों ने कार्यक्रम की प्रस्तुति दी।

रायपुर में छायाचित्र प्रदर्शनी ने खींचा जनसैलाब, कैबिनेट मंत्री और प्रतिनिधियों ने किया अवलोकन

रायपुर : छायाचित्र प्रदर्शनी ने लोगों को किया आकृष्ट,कैबिनेट मंत्री सहित जनप्रतिनिधियों ने किया अवलोकन व खिंचवाई सामूहिक फोटो रायपुर, छत्तीसगढ़ रजत जयंती राज्योत्सव का तीन दिवसीय जिला स्तरीय राज्योत्सव का आयोजन बलौदाबाजार 2 से 4 नवंबर 2025 तक पंडित चकरपाणी शुक्ल शासकीय हाई स्कूल मैदान में किया जा रहा हैं। इस अवसर पर जनसम्पर्क विभाग द्वारा 25 वर्षो की उपलब्धियों पर आधारित आकर्षक छायाचित्र प्रदर्शनी लगाई गई हैं। राज्योत्सव में आने वाले लोग छायाचित्र प्रदर्शनी की ओर बरबस ही खींचे चले आते हैं और  शौक से फोटो भी खिचवाते हैं। राज्योत्सव क़े शुभारम्भ अवसर पर जिले क़े प्रभारी व स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया एवं सामूहिक फोटो भी खिचवाई। छायाचित्र प्रदर्शनी में 25 वर्ष की प्रगति को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया हैं जिसमें किसानों क़ा सम्मान, ऊर्जा आत्मनिर्भरता, महिला सशक्तिकरण, आवास और सामाजिक सुरक्षा,सुगम आवागन,शिक्षा, स्वास्थ्य,रोजगार, उद्योग, मोदी की गारंटी अंतर्गत 18 लाख पीएम आवास की स्वीकृति, कृषक उन्नति योजना, रिक्त शासकीय पदों पर भर्ती, शक्तिपीठ परियोजना,तेन्दु पत्ता पारिश्रमिक दर वृद्धि,  प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना, नई रेल लाईन, ई -बस सेवा, आदि शामिल हैं। इसके साथ ही विभाग द्वारा प्रकाशित जानकारी से भरपूर पत्रिका, ब्रोशर, पम्पलेट का भी वितरण लोगों को किया जा रहा है। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा, डॉ सनम जांगड़े सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ की प्रगति पर डॉ. रमन सिंह का भरोसा, बोले – हम सबसे तेजी से विकास कर रहे हैं

रायपुर : छत्तीसगढ़ देश में सबसे तेजी से विकास करने वाला राज्य : विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज नवा रायपुर अटल नगर में चल रहे छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के तीसरे दिन के मुख्य अतिथि के रूप कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि राज्य निर्माण से पहले छत्तीसगढ़ पलायन, कुपोषण और पिछड़ेपन के लिए जाना जाता था। अब 25 वर्ष में छत्तीसगढ़ ने तेजी से विकास किया है और छत्तीसगढ़, देश का सबसे तेजी से विकास करने वाला राज्य बन गया है। उन्होंने इस अवसर पर पडवानी गायक पद्म उषा बारले, सूफी गायक  राकेश शर्मा, छत्तीसगढ़ गायक  कुलेश्वर ताम्रकर एवं पार्श्व गायक सु भूमि त्रिवेदी को सम्मानित किया। इस मौके पर राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा और विधायक धरसीवां  अनुज शर्मा भी शामिल रहे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने छत्तीसगढ़ राज्य निर्माता श्रद्धेय अटल जी का स्मरण करते हुए कहा कि अटल जी ने छत्तीसगढ़ की जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए छत्तीसगढ़ को पृथक से राज्य बनाया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में छत्तीसगढ़ देश का सबसे तेजी से विकास करने वाला राज्य बना है। आज छत्तीसगढ़ भारत के आधे राज्यों को चावल प्रदान करता है, देश में हर पांचवे सीमेंट की बोरी छत्तीसगढ़ की है, हर पांचवा छड़ छत्तीसगढ़ का है, छत्तीसगढ़ विद्युत उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है।   विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि अब बस्तर से सरगुजा तक सड़कों का जाल बिछ चुका है। राज्य में आईआईटी, आईआईएम, ट्रिपलआईटी, हिदायतुल्लाह लॉ यूनिवर्सिटी, एम्स, 15 मेडिकल कॉलेज, 84 नर्सिंग कॉलेज जैसी संस्थाएं खुल गयीं हैं। ये छत्तीसगढ़ की बदलती तस्वीर है। उन्होंने कहा कि आने वाला कल छत्तीसगढ़ का है छत्तीसगढ़ के युवाओं के संकल्प में वो ताकत है कि 2047 में जब भारत विकसित राष्ट्र बनेगा तब छत्तीसगढ़ देश के सबसे विकसित राज्यों में शीर्ष पर होगा।  राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा ने कहा कि राज्य का निर्माण जिन उद्देश्यों को लेकर किया गया था आज उसे पूरा करते हुए तीव्र गति से विकास कर रहा है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में इसके विकास की गति दुगुनी हो गयी है। विधायक  अनुज शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी संस्कृति और संसाधनों में देश में विशिष्ट स्थान रखता है। उन्होंने रजत महोत्सव पर राज्य के निर्माताओं को नमन भी किया। इस अवसर पर साहित्य अकादमी संस्कृति परिषद के अध्यक्ष  शशांक शर्मा, फिल्म विकास निगम अध्यक्ष सु मोना सेन,  तिमलेंदु शेखर  विक्रम सिसोदिया, संस्कृति विभाग के सचिव  रोहित यादव, संचालक संस्कृति विभाग  विवेक आचार्य सहित बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित थे।

नई उड़ान, नया क्षितिज: छत्तीसगढ़ में महतारियों के सशक्तिकरण की प्रेरक कहानी

रायपुर : विशेष लेख : नई उड़ान, नया क्षितिज – छत्तीसगढ़ में महतारियों के सशक्तिकरण की कहानी रायपुर छत्तीसगढ़ अपने विकास-यात्रा के स्वर्णिम पड़ाव पर है। इस यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण आधार बनी हैं – राज्य की महिलाएँ, जिन्हें स्नेह व सम्मान से “महतारी” कहा जाता है।बीते वर्षों में छत्तीसगढ़ सरकार ने महिला सशक्तिकरण को केवल नीतिगत प्राथमिकता नहीं बनाया, बल्कि सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन की धुरी के रूप में स्थापित किया है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में आज महिलाएँ योजनाओं की लाभार्थी मात्र नहीं, परिवर्तन की वाहक बनकर उभरी हैं। राज्य में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए सरकार ने विविध योजनाएँ शुरू की हैं। सबसे उल्लेखनीय महतारी वंदन योजना है, जिसके तहत लगभग 70 लाख महिलाओं को अब तक 12,983 करोड़ रुपए की राशि वितरित की गई है। यह सहायता महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा ही नहीं, बल्कि परिवार व समाज में निर्णायक भूमिका निभाने की क्षमता भी प्रदान करती है। दीदी ई-रिक्शा योजना ने 12,000 महिलाओं को रोजगार के नए अवसर दिए। सक्षम योजना के तहत 32,000 महिलाओं को 3 प्रतिशत ब्याज पर 2 लाख रुपए तक व्यवसायिक ऋण दिया गया, जबकि महतारी शक्ति ऋण ने 50,000 महिलाओं को बिना जमानत ऋण प्रदान कर आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त किया। मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना से 1.15 लाख महिलाएँ घर-परिवार के साथ उत्पादन कार्य से जुड़कर सम्मानजनक आय अर्जित कर रही हैं। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय कोंडागांव की रतो बाई का जीवन कभी नक्सली भय से घिरा था। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से उन्हें 1.20 रुपए लाख और मनरेगा से 90 दिन का रोजगार मिला। आज वे पक्के घर में सुरक्षित जीवन जीती हैं और सब्ज़ी विक्रय के माध्यम से जीवन यापन करती हैं। उज्ज्वला, नल-जल जैसी सुविधाएँ उनके जीवन में प्रकाश भर रही हैं। दंतेवाड़ा जिले की गंगादेवी SHG की महिलाएँ आज टाटा मैजिक वाहन का संचालन कर 26,000 रुपए मासिक आय अर्जित कर रही हैं। यह उदाहरण बताता है कि ग्रामीण महिलाएँ अवसर मिलने पर कैसे नए व्यवसायों का संचालन कर सकती हैं। सरगुजा की मती श्यामा सिंह ने बिहान योजना के तहत 95,000 रुपए की सहायता से 30 सेंट्रिंग प्लेट से काम शुरू किया। आज उनके पास 152 प्लेट हैं तथा वे 50,000 रुपए प्रतिमाह कमाती हैं। कोरबा की मती मंझनीन बाई को DMF फंड से स्वास्थ्य केंद्र में नियुक्त होकर उन्हें 9,000 रुपए मासिक मानदेय मिलता है। यह न सिर्फ आर्थिक स्थिरता, बल्कि सामाजिक सम्मान भी देता है। कभी नक्सली हिंसा से भयभीत बस्तर आज नए परिदृश्य के साथ उभर रहा है। यह इलाका आत्मनिर्भरता, सम्मान और अवसरों की नई पहचान बन गया है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय कहते हैं कि “बस्तर का पुनर्निर्माण केवल सड़क या पुल बनाना नहीं, यह वहाँ के हर घर में विश्वास का दीप जलाने का संकल्प है।” केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 15,000 विशेष आवास स्वीकृत किए, जिनमें से 3,000 बस्तर, सुकमा, कांकेर, बीजापुर और दंतेवाड़ा में बन रहे हैं। अब तक 12,000 से अधिक लोग सुरक्षित आवास पा चुके हैं। छत्तीसगढ़ में महिला SHG की संख्या 2,80,362 है, जिनमें से लगभग 60,000 समूह बस्तर में सक्रिय हैं। वनोपज और हस्तशिल्प आधारित उद्यमों से करोड़ों का कारोबार हो रहा है। “लखपति महिला मिशन” के अंतर्गत 2,000 महिलाएँ सालाना 1 लाख रुपए से अधिक कमाती हैं। ‘जशप्योर’ और बस्तर बेंत उत्पाद राष्ट्रीय पहचान पा चुके हैं। महिलाएँ अब रोजगार पाने तक सीमित नहीं, बल्कि रोजगार-दाता भी बन रही हैं। स्वास्थ्य और सुविधा को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार की उज्ज्वला योजना के अंतर्गत स्वीकृत 25 लाख नए  LPG कनेक्शन में से 1.59 लाख कनेक्शन छत्तीसगढ़ को मिले, जिससे नियद नेल्लानार ग्रामों की महिलाएं भी लाभान्वित हो रही है। मुख्यमंत्री  साय कहते हैं -“स्वच्छ रसोई, स्वस्थ परिवार और सशक्त महिला – यही उज्ज्वला का सार है। छत्तीसगढ़ के 27 जिलों में सखी वन-स्टॉप सेंटर स्थापित हैं, महिला हेल्पलाइन – 181, डायल – 112, 24’7 कार्यरत हैं। नवाबिहान योजना से कानूनी व परामर्श सहायता दी जा रही है। शुचिता योजना से 3 लाख किशोरियाँ लाभान्वित हो रही हैं। 2,000 स्कूलों में नैपकिन वेंडिंग मशीन लगाई गई है। इन पहलों ने महिलाओं के मन में सुरक्षा और आत्मविश्वास की नई ऊर्जा भरी है। योजनाएँ महिलाओं को तकनीक-आधारित सशक्तिकरण की ओर ले जा रही हैं। ड्रोन दीदी योजना से महिलाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जशप्योर ब्रांड से लगभग 500 महिलाएँ, 10,000 रुपए प्रति माह कमा रही हैं। नवा रायपुर के यूनिटी मॉल में SHG उत्पादों को प्राथमिकता दी जा रही है। ये नारी शक्ति को स्थानीय से राष्ट्रीय बाज़ार तक पहुँचाने का मार्ग तैयार कर रही हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े कहती हैं कि “नया छत्तीसगढ़ वह होगा जहाँ भय नहीं, विश्वास होगा, जहाँ महिलाएँ आश्रित नहीं, सशक्त होंगी। ”आज छत्तीसगढ़ का हर गाँव, हर घर, हर परिवार में बदलाव की अग्नि प्रज्वलित है। जहाँ पहले भय था – वहाँ आज आत्मनिर्भरता है। जहाँ मजबूरी थी- वहाँ आज सम्मान है। छत्तीसगढ़ की महतारियाँ अब परिवर्तन की राह नहीं देख रहीं- वे स्वयं परिवर्तन की दिशा रच रही हैं।        डॉ. दानेश्वरी संभाकर       उप संचालक, जनसंपर्क विभाग           छत्तीसगढ़ सरकार

5 तारीख को एयर शो: ट्रैफिक और फ्लाइट पर असर, जानिए आपका नया रूट प्लान

रायपुर राज्य स्थापना के 25 साल पूरे होने पर राज्योत्सव के अंतिम दिन 5 नवंबर को नवा रायपुर में एयर शो का आयोजन किया जा रहा है. सेंध तालाब के ऊपर एयरफोर्स की सूर्य किरण एरोबेटिक टीम एयर शो करेगी. सुबह 10 से 12 बजे के मध्य एक-एक घंटे का कार्यक्रम होगा. पहले वायुसेना के चुनिंदा लड़ाके हेलीकॉप्टर पर करतब दिखाएंगे. जवानों द्वारा 8 हजार फीट की ऊंचाई से पैरा जंपिंग की जाएगी. इसके बाद एयरोबेटिक शो होगा. सेंध तालाब के आसपास एक लाख दर्शकों के लिए तैयारियां की जा रही है. 4-5 को डिले हो सकती है आधा दर्जन से ज्यादा फ्लाइट- पांच नवंबर के एयर शो के लिए चार नवंबर को रिहर्सल किया जाएगा. इसलिए दोनों दिन सुबह 10 से दोपहर 12 बजे के मध्य की आधा दर्जन फ्लाइट डिले होने की आशंका है. हालांकि अभी इसकी अधिकृत जानकारी नहीं दी गई है. दो नवंबर को एयरफोर्स की तकनीकी टीम पहुंची और एयरपोर्ट का निरीक्षण किया गया. जहां से नौ विमान और दो हेलीकॉप्टर एयर शो के लिए उड़ान भरेंगे. तकनीकी जांच की वजह से पांच फ्लाइट्स की आवाजाही पर असर पड़ा. लखनऊ रायपुर की फ्लाइट सवा नौ के बजाय एक घंटे पहले सवा आठ बजे पहुंची. हैदराबाद, भुवनेश्वर और दिल्ली की दो फ्लाइटें भी प्रभावित हुई. एयर शो करने वाले बेड़े में नौ एयरक्राफ्ट और दो हेलीकॉप्टर शामिल हैं. वीवीआईपी, वीआईपी एवं आम नागरिकों के लिए अलग-अलग रूट आयोजन में शामिल होने सेंध तालाब क्षेत्र में पहुंचने के लिए तीन रूट तय किए गए हैं. पहला रूट वीवीआईपी, दूसरा रूट वीआईपी और तीसरा रूट आम नागरिकों के लिए होगा. वीवीआईपी जैनम तिराहा, विमानतल तिराहा से सत्य साईं हॉस्पिटल के सामने से कार्यक्रम स्थल सेंध जलाशय पहुंचेंगे. वीआईपी को माना विमानतल एवं सेरीखेड़ी ओवरब्रिज की ओर से विमानतल तिराहा, स्टेडियम तिराहा से दाहिने मुड़कर, कोटराभाठा कबीर चौक से सेक्टर 12 सेक्टर 9-सेक्टर 4 होते हुए सेंध जलाशय पहुंचना होगा और पार्किंग व्यवस्था क्रिकेट स्टेडियम के आसपास की की गई है. आम दर्शकों के लिए माना विमानतल एवं सेरीखेड़ी ओवरब्रिज की ओर से विमानतल तिराहा, स्टेडियम तिराहा, सेक्टर 12 सेक्टर 9 सेक्टर 4 से अविनाश उपवन मैदान पार्किंग तक पहुंचना होगा. इसी तरह अभनपुर की ओर से आने वाले मॉटफोर्ट स्कूल तिराहा ऊपरवारा चौक, पंडित दीनदयाल उपाध्याय चौक, कबीर चौक सेक्टर 12 सेक्टर 9 सेक्टर 4 से दाहिने मुड़कर अविनाश उपवन पार्किंग तक पहुंचेंगे. मंदिर हसौद एवं आरंग की ओर से जाने वाले नवागांव स्टेडियम टर्निंग से नवागांव रेलवे क्रॉसिंग होते हुए परसदा एवं कोसा मैदान में पहुंचकर वाहन पार्क करेंगे. चार को रिहर्सल भी देख पाएंगे लोग एरोबेटिक टीम और लड़ाके 4 नवंबर को रिहर्सल करेंगे. इस रिहर्सल को भी आम लोग सेंध तालाब के आसपास से देख पाएंगे. जिला प्रशासन के मुताबिक वायुसेना की विश्व प्रसिद्ध सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम अपने अद्भुत हवाई करतबों से दर्शकों को रोमांच, गर्व, उत्साह और देशभक्ति से भर देगी. 4-5 को डिले हो सकती है आधा दर्जन से ज्यादा फ्लाइट पांच नवंबर के एयर शो के लिए चार नवंबर को रिहर्सल किया जाएगा. इसलिए दोनों दिन सुबह 10 से दोपहर 12 बजे के मध्य की आधा दर्जन फ्लाइट डिले होने की आशंका है. हालांकि अभी इसकी अधिकृत जानकारी नहीं दी गई है. दो नवंबर को एयरफोर्स की तकनीकी टीम पहुंची और एयरपोर्ट का निरीक्षण किया गया. जहां से नौ विमान और दो हेलीकॉप्टर एयर शो के लिए उड़ान भरेंगे. तकनीकी जांच की वजह से पांच फ्लाइट्स की आवाजाही पर असर पड़ा. लखनऊ-रायपुर की फ्लाइट सवा नौ के बजाय एक घंटे पहले सवा आठ बजे पहुंची. हैदराबाद, भुवनेश्वर और दिल्ली की दो फ्लाइटें भी प्रभावित हुई. एयर शो करने वाले बेड़े में नौ एयरक्राफ्ट और दो हेलीकॉप्टर शामिल हैं.

जबरन धर्मांतरण पर रोक के लिए लगाए होर्डिंग्स को अदालत की हरी झंडी, पादरियों के प्रवेश बैन पर राहत नहीं

बिलासपुर कांकेर जिले के कई गांवों में पादरियों और धर्मांतरित ईसाइयों के प्रवेश पर बैन के खिलाफ लगाई गई जनहित याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि प्रलोभन या गुमराह कर जबरन धर्मांतरण को रोकने के लिए होर्डिंग्स लगाना असंवैधानिक नहीं है। ऐसा लगता है कि ये होर्डिंग्स संबंधित ग्राम सभाओं ने स्थानीय जनजातियों और सांस्कृतिक विरासत के हितों की रक्षा के लिए एक एहतियाती उपाय के रूप में लगाए हैं। डिवीजन बेंच ने याचिकाकर्ताओं को पेसा नियम 2022 के तहत ग्राम सभा और संबंधित अधिकारी के पास जाने का निर्देश दिया है। मामले में चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई। बता दें कि कांकेर के रहने वाले दिग्बल टांडी और जगदलपुर के रहने वाले नरेंद्र भवानी ने हाईकोर्ट में अलग-अलग जनहित याचिकाएं लगाई थी। याचिका में बताया गया कि जिले के कुदाल, परवी, बांसला, घोटा, घोटिया, मुसुरपुट्टा और सुलंगी जैसे गांवों में ग्राम पंचायतों ने पेसा एक्ट का हवाला देकर होर्डिंग्स लगाए हैं। जिसमें लिखा है कि गांव पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में आता है और ग्राम सभा संस्कृति की रक्षा के लिए पादरियों और धर्मांतरितों को धार्मिक कार्यक्रम या धर्मांतरण के लिए प्रवेश की अनुमति नहीं है। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि ग्राम पंचायतों ने पेसा एक्ट का हवाला देकर होर्डिंग्स लगाए हैं, जो संविधान के अनुच्छेद 19(1)(डी) और 25 का उल्लंघन हैं। उनका यह भी आरोप है कि राज्य सरकार के 14 अगस्त 2025 के सर्कुलर से प्रेरित होकर ये होर्डिंग्स लगाए गए हैं। जवाब में राज्य सरकार ने कहा, कि याचिकाएं सिर्फ आशंका पर आधारित हैं। राज्य सरकार के सर्कुलर में कहीं भी धार्मिक नफरत फैलाने या होर्डिंग्स लगाने का निर्देश नहीं है। यह सर्कुलर केवल अनुसूचित जनजातियों की पारंपरिक संस्कृति की रक्षा के लिए है। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि होर्डिंग्स जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए हैं, यह सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी है।