samacharsecretary.com

आदित्य नारायण बोले — जो मोबाइल से जीते, वो ज़िंदगी से हारते हैं

रायपुर बॉलीवुड गायक, टेलीविजन होस्ट और अभिनेता के रूप में पहचान बना चुके आदित्य नारायण का मानना है कि आज की पीढ़ी मोबाइल फोन और टैबलेट पर फालतू समय बिताकर जीवन को असफल बना रही है. समय रहते ईमानदारी से कड़ी मेहनत करें तो लक भी साथ देता है. आदित्य को सुपर-इंटेलिजेंट एआई से भविष्य में मानवता के लिए खतरा होने की आशंका है. ईश्वरीय शक्ति पर आदित्य का पूरा विश्वास है. उन्होंने ईश्वरीय शक्ति को सुपर पावर बताया, जो संसार को संचालित कर रही है. माता जानकी के मायके मिथिला के रहने वाले आदित्य ने बाल कलाकार के रूप में करियर की शुरुआत की और ‘छोटा बच्चा जान के…’ जैसे कई हिट गाने गाए हैं. आज वह बहुमुखी कलाकार के रूप में जाने जाते हैं, जो गायन के अलावा लोकप्रिय रियलिटी शो के होस्ट के रूप में भी सफल रहे हैं. छत्तीसगढ़ की रजत जयंती पर आयोजित राज्योत्सव में परफॉर्म करने राजधानी रायपुर पहुंचे गायक आदित्य नारायण ने प्रसिद्ध गायक पिता उदित नारायण और अपने बचपन से लेकर अभी तक चुनौतीभरी यात्रा का जिक्र किया. अभी तक 16 भाषाओं में गाना गा चुके आदित्य का मानना है कि कलाकार हो या कोई और सफल इंसान बनने के लिए दुनिया के मायाजाल से निकलकर लंबे समय तक की गई मेहनत ही आपको पहचान दिला सकती है. उन्होंने अपने पिता का जिक्र करते हुए कहा कि गायकी के क्षेत्र में उन्होंने 32 वर्षों तक तपस्या की, फिर जाकर 1981 में सफलता मिली. मेरा बैकग्राउंड भी गायकी से जुड़ा है, फिर भी आज तक हर मोड़ पर चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. इसलिए जरूरी है कि जिंदगी की हर एक सीढ़ी चढ़ने के लिए जीवनभर मेहनत करनी पड़ेगी और कोई शॉर्टकट रास्ता नहीं है. सोशल मीडिया एक ऐसा मंच बन गया है, जहां अपनी बातों को आसानी से रख सकते हैं. पैसा भी कमा सकते हैं, लेकिन सही मायने में मंच वही है, जहां ऑडियंस आपके लिए तालियां बजाएं. सोशल मीडिया पर 1 करोड़ फैन बनाना बड़ी बात नहीं है, लेकिन मंच पर खड़े होने के लिए एक कलाकार को वर्षों तपस्या और साधना करनी पड़ती है. इसलिए ऑडियंस ही असली पूंजी है. एआई से दुनिया को है खतरा आदित्य का कहना है कि एआई या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) से दुनिया को खतरा है. मनुष्यों ने मानव जैसी बुद्धि से काम करने के लिए मशीनों का आविष्कार किया, लेकिन आज एआई को लेकर चिंता जताई जा रही है. यदि सुपर-इंटेलिजेंट एआई मानव मूल्यों के साथ मेल नहीं खाया, तो यह मानवता के लिए एक अपरिवर्तनीय वैश्विक तबाही या यहां तक कि विलुप्त होने का कारण बन सकता है. छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक छटाओं ने किया आकर्षित, बनाएंगे म्यूजिक एल्बम माता कौशल्या धाम, बस्तर कलाकृति, जंगल सफारी और यहां की प्राकृतिक छटाओं ने आदित्य को अपनी ओर आकर्षित किया है. उनका कहना है कि छत्तीसगढ़ को दुनियाभर में पर्यटन स्थल के लिए पहचान दिलाने के लिए 2026 में म्यूजिक एल्बम बनाने का निर्णय लिया है.

डीएवी स्कूलों के 97 प्राचार्य जुटे एक मंच पर, शिक्षा सुधार और नीति क्रियान्वयन पर मंथन

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न जिलों में संचालित 97 डीएवी विद्यालयों के प्राचार्यों की एक भव्य और महत्वपूर्ण बैठक डीएवी हुडको भिलाई, दुर्ग में संपन्न हुई. इस बैठक के मुख्य अतिथि जगदीश बर्मन, सीबीएसई, रायपुर छत्तीसगढ़ रहें. इस मीटिंग के अध्यक्षता छत्तीसगढ़ डी ए वी संस्थान प्रमुख, क्षेत्रीय अधिकारी प्रक्षेत्र ‘अ’ छत्तीसगढ़ प्रशान्त कुमार के सक्षम नेतृत्व एवं कुशल मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ. बैठक का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के “शैक्षणिक उन्नयन, परीक्षा की तैयारी, मानसिक सशक्तिकरण और उत्कृष्ट परिणाम” प्राप्ति के लिए सामूहिक रणनीति तैयार करना था. सीबीएसई छत्तीसगढ़ प्रमुख बर्मन ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में विद्यालयों की भूमिका केवल ज्ञान प्रदान करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए बल्कि विद्यार्थियों के “समग्र व्यक्तित्व विकास, अनुशासन, नैतिकता और नेतृत्व गुणों के निर्माण” में भी अत्यंत महत्वपूर्ण है. आगे कहा कि डीएवी संस्थान सदैव गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के लिए जाना जाता हैं, सभी प्राचार्यो को विद्यार्थियों के हित में और भी बेहतर कार्य करना होगा. उन्होंने यह भी कहा कि सभी विद्यालयों को एकजुट होकर की भावना के साथ कार्य करना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों के लिए शिक्षा का एक समान और सशक्त वातावरण तैयार हो, जिससे उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम को हासिल हो सके. बैठक में विभिन्न बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया, जिनमें –     विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण पर विशेष ध्यान.     परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता एवं सुधार.     शिक्षण पद्धतियों में नवीन तकनीकी प्रयोग.     सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों के समग्र विकास पर बल.     शिक्षकों के प्रशिक्षण और क्षमता विकास पर चर्चा शामिल रही     नई शिक्षा नीति का पालन बैठक के दौरान सभी प्राचार्यों ने अपने-अपने विद्यालयों के अनुभव साझा किए और विद्यार्थियों के प्रदर्शन में सुधार हेतु कई नवाचारों का सुझाव दिया. छत्तीसगढ़ डीएवी संस्थान क्षेत्रीय अधिकारी प्रक्षेत्र ‘अ’ छत्तीसगढ़ के सक्षम नेतृत्व में मेज़बान दल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और बैठक के सफल संचालन के लिए सहयोग प्रदान किया. जगदीश बर्मन ने अंत में सभी प्राचार्यों को संबोधित करते हुए कहा कि डीएवी विद्यालयों की सबसे बड़ी शक्ति उनका आपसी सहयोग और विद्यार्थियों के प्रति समर्पण है. यदि हम सभी एकजुट होकर एक ही उद्देश्य के साथ कार्य करें तो निश्चित ही हमारे विद्यार्थी आगामी परीक्षाओं में उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त करेंगे और छत्तीसगढ़ में डीएवी की शैक्षणिक छवि और भी सशक्त होगी. बैठक का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें सभी उपस्थित प्राचार्यों ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि वे विद्यार्थियों की शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुशासन और नैतिक मूल्यों की दिशा में एक साथ मिलकर कार्य करेंगे. डीएवी हुडको भिलाई दुर्ग द्वारा इस आयोजन को बड़ी सफलता के साथ संपन्न किया गया.

गौरवपूर्ण उपलब्धि में छत्तीसगढ़ की प्रतिभाशाली बेटी आकांक्षा सत्यवंशी का योगदान राज्य के लिए गर्व की बात : मुख्यमंत्री साय

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम को विश्वविजेता बनने की ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह विजय न केवल पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है, बल्कि छत्तीसगढ़ के लिए भी अत्यंत विशेष महत्व रखती है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस गौरवपूर्ण उपलब्धि में छत्तीसगढ़ की प्रतिभाशाली बेटी आकांक्षा सत्यवंशी का योगदान राज्य के लिए गर्व की बात है। कवर्धा जिले की आकांक्षा सत्यवंशी ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम में बतौर फिजियोथैरेपिस्ट और स्पोर्ट्स साइंस एक्सपर्ट खिलाड़ियों की फिटनेस, रिकवरी और प्रदर्शन को सर्वोच्च स्तर पर बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि आकांक्षा सत्यवंशी इससे पहले छत्तीसगढ़ महिला क्रिकेट टीम और अंडर-19 भारतीय महिला क्रिकेट टीम से भी जुड़ी रही हैं। खिलाड़ियों की फिटनेस के प्रति उनका समर्पण, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और उत्कृष्ट पेशेवर दक्षता इस ऐतिहासिक जीत में उनके महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित करती है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आकांक्षा सत्यवंशी जैसी प्रतिभाशाली बेटियाँ आज छत्तीसगढ़ का नाम पूरे देश और दुनिया में रोशन कर रही हैं। उन्होंने आकांक्षा को राज्य की ओर से हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उनकी यह उपलब्धि प्रदेश की युवतियों को अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा — “यह जीत नारी शक्ति, परिश्रम और आत्मविश्वास की जीत है। हमें गर्व है कि इस गौरवमयी पल में छत्तीसगढ़ की बेटी ने भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है।” मुख्यमंत्री श्री साय ने आकांक्षा सत्यवंशी को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि उनकी सफलता नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

छत्तीसगढ़ टेकस्टार्ट 2025 : नवाचार और निवेश का नया अध्याय

4 नवम्बर को होगा आयोजन – स्टार्टअप्स और निवेशकों के लिए बड़ा अवसर रायपुर, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, छत्तीसगढ़ द्वारा 4 नवम्बर को छत्तीसगढ़ टेकस्टार्ट 2025 का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन राज्य के स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी क्षेत्र को नई दिशा देने के साथ-साथ उसे राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने का प्रयास है। छत्तीसगढ़ टेकस्टार्ट 2025 में निवेशक, उद्योग जगत के विशेषज्ञ और युवा उद्यमी एक ही मंच पर जुटेंगे। आयोजन का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ को आईटी, आईटीईएस और तकनीकी उद्यमिता का अग्रणी केंद्र बनाना है। यह आयोजन नए निवेश को गति देगा, स्टार्टअप्स और उद्योग जगत के बीच साझेदारी के अवसर बढ़ाएगा, तथा डिजिटल प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में राज्य की उभरती क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करेगा। आयोजन में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) और MeitY स्टार्टअप हब जैसे राष्ट्रीय संस्थान भी भाग लेंगे। कार्यक्रम में नई तकनीक, नवाचार नीतियों और वैश्विक सहयोग के अवसरों पर चर्चा की जाएगी। राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024–30 के तहत स्टार्टअप्स और आईटी/आईटीईएस निवेशकों के लिए सीड फंडिंग, संचालन सहायता और इनक्यूबेशन सपोर्ट जैसे अनेक प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। इस अवसर पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ साझेदारी समझौते भी किए जाएंगे ताकि छत्तीसगढ़ के स्टार्टअप्स को मार्गदर्शन, नवाचार और वैश्विक बाजारों तक पहुँच प्राप्त हो सके। छत्तीसगढ़ टेकस्टार्ट 2025 राज्य को मध्य भारत का प्रमुख नवाचार और तकनीकी केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह आयोजन राज्य में एक मजबूत, नवाचार-प्रेरित और वैश्विक स्तर पर जुड़ा हुआ स्टार्टअप वातावरण तैयार करेगा। “4 नवम्बर को आयोजित होने जा रहा ‘छत्तीसगढ़ टेकस्टार्ट 2025’ राज्य में नवाचार, प्रौद्योगिकी और उद्यमिता के नए युग की शुरुआत करेगा। यह आयोजन न केवल छत्तीसगढ़ के युवाओं में स्टार्टअप संस्कृति और तकनीकी उद्यमिता को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि राज्य को ‘न्यू इंडिया’ के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन मिशन में एक प्रमुख भागीदार के रूप में स्थापित करेगा। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ अभियानों की भावना के अनुरूप है, जो आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में नवाचार और कौशल को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं। छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य है कि हर युवा विचार एक अवसर बने, और हर नवाचार राज्य की प्रगति में योगदान दे।”- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

माटी के लाल की चमक अब दिखेगी आसमान में — ‘सूर्यकिरण’ बनेगा छत्तीसगढ़ का गौरव

नवा रायपुर नवा रायपुर के नीले आसमान में मंगलवार दोपहर जब नौ हॉक जेट त्रिशूल बनाकर उड़ान भरेंगे तो सबसे आगे कॉकपिट में बैठा पायलट कोई शहर का अमीरजादा नहीं, महासमुंद के अर्जुनी गांव का किसान-पुत्र गौरव पटेल होगा. 32 साल का यह जांबाज पायलट छत्तीसगढ़ के रजत जयंती समारोह में Suryakiran Aerobatic Team के लीड विंगमैन के तौर पर शौर्य बिखेरेगा गौरव कहते है कि कभी पांचवीं क्लास में दादा श्याम कुमार पटेल के NCC बैज को छूते वक्त थी. “सर, सपना था कि एक दिन अपनी धरती के ऊपर फाइटर जेट उड़ाऊं. 5 नवंबर को वो सपना सच हो रहा है.” उनकी आवाज में अभी भी गांव की मिट्टी की सोंधी खुशबू घुली हुई है. पिता कमल किशोर पटेल आज भी सुबह चार बजे खेत पर धान की नर्सरी देखते हैं. मां घर संभालती हैं. 90 साल के दादाजी कहते हैं, “मैंने गौरव को सिर्फ एक बात सिखाई – देश से बड़ा कुछ नहीं.” उसी एक बात ने पिथौरा के प्राइमरी स्कूल से NDA, फिर Air Force Academy तक का सफर तय कर दिया. 2013 में हैदराबाद से विंग्स लगे तो गांव में ढोल बजे थे. आज जब गौरव थाईलैंड, UAE, श्रीलंका और UK में 700+ air-shows कर चुका है, तब भी गांव की गलियों में लोग उसे “कमल किशोर का लाल” ही कहते हैं.  4 नवंबर को दोपहर 3 बजे से 3:30 तक सेन्ध झील के ऊपर Rehearsal होगा. 5 नवंबर को ठीक 11 बजे Main show शुरू होगा. गौरव पटेल Journey कैसी रही? Class 5 – Sainik School Rewa 2009 – NDA written + SSB crack 2013 – Air Force Academy Hyderabad 11 साल, 1,800 flying hours, 7 countries

सरकारी अस्पतालों में घटिया दवाइयों का मामला: मंत्री जायसवाल ने दिए जांच के आदेश

रायपुर सरकारी अस्पतालों में अमानक दवाइयां मिलने के मामले पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि पिछले 5 सालों में CGMSC के सिस्टम में जंग लग गया था, उन सभी बीमारियों को हमने ठीक करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि कोई भी जांच या कार्रवाई होती है, तो हम उसे जनता के सामने रखते हैं। जो भी गलत पाया जा रहा है, उस पर हम कार्रवाई कर रहे हैं। अमानक दवाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बता दें कि हाल ही में छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSC) ने दवाओं की गुणवत्ता को लेकर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। रायपुर स्थित ड्रग वेयरहाउस ने सभी प्रमुख शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों को निर्देश दिया है कि “ऑफ्लॉक्सासिन ऑर्निडाजोल टैबलेट ” के एक विशेष बैच का उपयोग तत्काल प्रभाव से रोक दिया जाए। कांग्रेस के हस्ताक्षर अभियान पर बयान वोट चोरी के खिलाफ कांग्रेस के 20 लाख लोगों के हस्ताक्षर अभियान पर बयान देते हुए मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि राज्य की आबादी का 10 प्रतिशत भी हस्ताक्षर नहीं हुआ है। कितने हस्ताक्षर बैठकर किए गए, यह जांच का विषय है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश की जनता ने कांग्रेस को नकार दिया है।

केवल 5-6 प्रतिशत मतदाताओं को ही दस्तावेज देने की जरूरत : CEO यशवंत

 रायपुर छत्तीसगढ़ में विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत कल यानी 4 नवंबर से घर-घर गणना चरण की शुरुआत होगी. इस प्रक्रिया में बीएलओ घर-घर जाकर मतदाता परिचय पत्र का सत्यापन करेंगे. प्रथम चरण के साथ आगे की प्रकियाओं को लेकर सोमवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी यशवंत कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी साझा की है. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी यशवंत कुमार ने छत्तीसगढ़ में एसआईआर को लेकर जानकारी दी कि प्रथम चरण की प्रक्रिया जारी है. जिनका नाम साल 2003 के एसआईआर में है, उन्हें दस्तावेज देने की जरूरत नहीं है. केवल 5-6 प्रतिशत मतदाताओं को ही दस्तावेज देने की जरूरत होगी. उन्होंने बताया कि असुविधा होने पर बीएलओ मतदाता हेल्पलाइन नंबर 1950 पर कॉल रिक्वेस्ट के माध्यम से मदद ले सकते हैं.   SIR से संबंधित महत्वपूर्ण तिथियां     मुद्रण एवं प्रशिक्षण कार्य – 28 अक्टूबर 2025 से 3 नवंबर 2025 तक     घर घर गणना चरण अवधि (घर-घर जाकर सत्यापन) कार्य – 4 नवंबर 2025 से 4 दिसंबर 2025 तक     मसौदा मतदाता सूची का प्रकाशन – 9 दिसंबर 2025     दावे और आपत्तियों की अवधि – 9 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 तक     नोटिस चरण (सुनवाई और सत्यापन) – 9 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक     अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन – 7 फरवरी 2026 उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ में विगत एसआईआर की मतदाता सूची वर्ष 2003 को आधार मानकर मिलान किया गया है. बीएलओ ने वर्तमान में केवल अपने मतदान केंद्र के मतदाताओं का मिलान किया है, जो कि 71 प्रतिशत के करीब है. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय, छत्तीसगढ़ के अधिकारियों ने बताया कि 2003 के बाद से आज पर्यंत कई मतदाता अन्यत्र शिफ्ट हुए हैं. मतदान केन्द्रों का परिसीमन भी हुआ है. एन्यूमरेशन फेज में बीएलओ द्वारा मतदाताओं के घर-घर सर्वे के दौरान यह मिलान प्रतिशत 10-15 प्रतिशत और बढ़ जाएगा. मतदाता सूची में लगभग 50 प्रतिशत महिलाएं हैं. वर्ष 2003 के एसआईआर के बाद विवाहित महिलाएं अपने तत्कालीन मतदान केंद्र से अन्यत्र स्थानांतरित हुई हैं.  बीएलओ द्वारा घर-घर एन्यूमरेशन फेज में 15 से 20 प्रतिशत और महिला मतदाताओं का मिलान किया जा सकेगा. इस प्रकार मिलान का कुल प्रतिशत 71 प्रतिशत से बढ़कर 94-95 प्रतिशत हो जाएगा. केवल शेष बचे मतदाताओं से ही दस्तावेज लेने की आवश्यकता होगी. भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर के दौरान विभिन्न नवाचारों के माध्यम से मतदाताओं को सुविधा प्रदान करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है. किसी भी प्रकार की असुविधा होने पर मतदाता हेल्पलाइन नंबर 1950 पर संपर्क किया जा सकता है. बीएलओ कॉल रिक्वेस्ट के माध्यम से मतदाता सूची से संबंधित सहायता प्राप्त कर पाएंगे. सीईओ यशवंत कुमार ने राजनीतिक दलों से आग्रह किया. उन्होंने पुनरीक्षण के दौरान अपने बूथ स्तरीय एजेंटों (BLAs) के माध्यम से निर्वाचन आयोग के कर्मचारियों को पूरा सहयोग देने की अपील की. ताकि छूटे हुए पात्र नागरिकों के नाम सूची में जोड़े जा सकें और मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जा सकें. राजनीति दलों से सहयोग की अपील सीईओ यशवंत कुमार ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य में सहयोग करें. उन्होंने अपने बूथ स्तरीय एजेंटों (BLAs) के माध्यम से निर्वाचन आयोग के कर्मचारियों को सहयोग देने की अपील की, जिससे छूटे हुए पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में जोड़े जा सकें. साथ ही मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जा सकें.

रेत कारोबार में नई पहल: छत्तीसगढ़ के 6 जिलों की 18 खदानें ई-नीलामी के लिए खुलीं

रायपुर छत्तीसगढ़ में रेत खनन को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने नई पहल की है। खनिज साधन विभाग ने प्रदेश के 6 जिलों की 18 रेत खदानों के आवंटन के लिए ई-नीलामी (रिवर्स ऑक्शन) प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए निविदाएं 7 से 13 नवंबर तक खोली जाएंगी। खनिज साधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में अन्य जिलों की खदानों की नीलामी भी इसी प्रणाली से की जाएगी। विभागीय पोर्टल पर पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी ताकि इच्छुक पक्ष कहीं से भी भाग ले सकें। किन जिलों की खदानें शामिल ई-नीलामी के दायरे में आने वाली खदानों में रायपुर जिले की टीला, धमतरी की तेंदूकोन्हा और मुड़पार, महासमुंद की नर्रा और खेमड़ा, बालोद की नेवारीकला-01, नेवारीकला-02, अरौद, देवीनवागांव और पोड, बिलासपुर की जरगा/कोनचरा, कुकुर्दीकला-02 और निरतू, और रायगढ़ जिले की बरभौना, बायसी, कंचनपुर, लेबड़ा और पुसल्दा खदानें शामिल हैं। इन सभी के लिए उच्चतम निर्धारित मूल्य (सीलिंग प्राइज) तय किया जा चुका है। नई रेत नीति 2025 लागू राज्य सरकार ने हाल ही में नई रेत खनन नीति 2025 को मंजूरी दी है। इसके तहत अब सभी खदानों की नीलामी इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली से होगी। अवैध खनन पर रोक लगाने और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के सार्वजनिक उपक्रम एमएसटीसी के साथ एमओयू किया है। अधिकारियों के अनुसार, नई नीति से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और स्थानीय निकायों को राजस्व का बड़ा लाभ मिलेगा। वर्तमान स्थिति और आगामी योजना फिलहाल प्रदेश में 120 रेत खदानें संचालित हैं। इसके अलावा 100 से अधिक खदानों को चालू करने के लिए पर्यावरणीय मंजूरी का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है। आने वाले महीनों में लगभग 150 नई खदानों को भी रिवर्स आक्शन प्रणाली से आवंटित किया जाना है। राजस्व में बढ़ोतरी और पारदर्शिता की उम्मीद खनिज विभाग का दावा है कि ई-नीलामी से न केवल रेत की आपूर्ति व्यवस्थित होगी, बल्कि अवैध खनन पर भी प्रभावी रोक लगेगी। पारदर्शी प्रक्रिया से सरकार के साथ-साथ पंचायतों और नगरीय निकायों को भी राजस्व में वृद्धि होगी।

सुरक्षित सफर की दिशा में—परिवहन विभाग की नई पहल

रायपुर, छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर नवा रायपुर में आयोजित राज्योत्सव-2025 में परिवहन विभाग का स्टॉल लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। विभाग द्वारा यहाँ आम नागरिकों को सड़क सुरक्षा, आधुनिक परिवहन सेवाओं और तकनीकी नवाचारों की जानकारी सरल और रोचक तरीके से दी जा रही है। राज्योत्सव में आए आगंतुकों ने परिवहन विभाग के इस स्टॉल को शिक्षाप्रद और जागरूकता बढ़ाने वाला बताया। स्लॉट में आने वाले लोगों ने परिवहन विभाग द्वारा प्रदर्शित पहलुओं को सड़क सुरक्षा और आधुनिक परिवहन प्रणाली की दिशा में एक सराहनीय प्रयास बताया है। स्टॉल में बड़े एलईडी स्क्रीन के माध्यम से ’वाहन चलाने से पहले और वाहन चलाने के दौरान सुरक्षित व्यवहार’ पर आधारित वीडियो मॉड्यूल्स दिखाए जा रहे हैं। कुल 37 मिनट के 12 वीडियो मॉड्यूल्स के जरिए वाहन चालकों को व्यवहारिक ज्ञान प्रदान किया जा रहा है। ये सभी मॉड्यूल्स ’सारथी परिवहन प्लेटफार्म’ पर भी उपलब्ध हैं। स्टॉल में लगाए गए सिम्युलेटर के माध्यम से आगंतुक सुरक्षित वातावरण में वाहन चलाने का अभ्यास कर रहे हैं। यह सिम्युलेटर वाहन संचालन से पहले प्रशिक्षण का एक उपयोगी माध्यम साबित हो रहा है। परिवहन विभाग के स्टॉल में अंर्तविभागीय लीड एजेंसी सड़क सुरक्षा छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि स्टॉल में विभागीय कार्य में पारदर्शिता और आमजनों में जागरूकता लाने प्रमुखता से बस संगवारी ऐप, ड्राइविंग लाइसेंस एवं वाहन पंजीयन प्रमाणपत्र, हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट, परिवहन सुविधा केंद्र, इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग एंड रिसर्च सेंटर, राहवीर योजना, शासकीय ट्रॉमा सेंटर और धनरहित उपचार योजना की जानकारी भी दी जा रही है।

सुरक्षा में चूक: पुलिस को चकमा देकर फरार हुए दो आरोपी, बढ़ी सिरदर्दी

बिलासपुर शहर के चकरभाठा पुलिस को चकमा देकर दो आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने शनिवार को दो बदमाशों को प्रतिबंधात्मक धाराओं में गिरफ्तार किया था। पुलिस की टीम आरोपियों को लेकर मजिस्ट्रेट के कार्यालय पहुंची थी। तभी जवानों को चकमा देकर बदमाश भाग निकले। इसकी जानकारी मिलते ही जवान सकते में आ गए। जवानों ने आनन-फानन में इसकी जानकारी अधिकारियों को दी। इसके बाद पुलिस की टीम बदमाशों की तलाश में जुट गई है। चकरभाठा पुलिस ने क्षेत्र के तेलसरा गांव से दो बदमाशों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों को लेकर पुलिस की टीम मजिस्ट्रेट के कार्यालय पहुंची थी। शनिवार को कार्यालय में अधिकारी मौजूद नहीं थे। इसके चलते जवान अधिकारी का इंतजार कर रहे थे। इसी बीच बदमाशों ने मौके का फायदा उठाकर पुलिस के जवानों को चकमा देकर भाग निकले। फरार आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस इधर बदमाशों के भागने के बाद जवान सकते में आ गए। जवानों ने आनन-फानन में इसकी जानकारी अधिकारियों को दी। इसके बाद थाने से पुलिस बल मौके पर पहुंची। पुलिस की टीम ने आसपास में बदमाशों की तलाश की। साथ ही उनके ठिकानों पर दबिश दी। बदमाशों के स्वजन को भी घटना की जानकारी दी गई है। साथ ही उनके आने पर थाने में संपर्क करने की चेतावनी दी गई है। देर रात तक पुलिस की टीम बदमाशों को पकड़ नहीं पाई थी।