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मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा: जनता की समस्याएँ सरकार की शीर्ष प्राथमिकता

रायपुर : शासन लोगों के द्वार : हर समस्या का समाधान सरकार की प्राथमिकता: मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े 971 आवेदन प्राप्त, जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में मिला जनसमर्थन रायपुर   महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि शासन और प्रशासन अब लोगों के घर तक पहुँचकर उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है। वे आज सूरजपुर जिले के ओड़गी जनपद अंतर्गत बिहारपुर के शासकीय महाविद्यालय मैदान में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर को संबोधित कर रही थीं। 971 आवेदन प्राप्त, जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में मिला जनसमर्थन मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार प्रदेश के प्रत्येक जिले में जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है ताकि जनता की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर त्वरित समाधान किया जा सके। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाएं तभी सफल होंगी जब आम नागरिकों को उनका सीधा लाभ मिलेगा। 971 आवेदन प्राप्त, जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में मिला जनसमर्थन कार्यक्रम में सूरजपुर कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन एवं जिला पंचायत सीईओ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। शिविर में कुल 971 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से कई समस्याओं का स्थल पर ही निराकरण किया गया। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त सभी शिकायतों पर प्राथमिकता से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और जनदर्शन पोर्टल के माध्यम से प्रत्येक आवेदन की स्थिति को अपडेट किया जाए।उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और किसी भी समस्या या योजना से वंचित रहने की स्थिति में अपनी शिकायत पंजीकृत अवश्य करें। शिविर के दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने हितग्राहियों को श्रवण यंत्र, वाकिंग स्टिक, एवं आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए बच्चों के वजन मापने की मशीनें वितरित कीं। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य सिर्फ योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि उनका लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुँचाना है।इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, जिला अधिकारीगण, और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

रायपुर: डेका ने जल संरक्षण और जैविक खेती की दिशा में कदम बढ़ाने का आह्वान किया

रायपुर : जल संरक्षण, प्राकृतिक और जैविक खेती की ओर बढ़ना आवश्यक :  डेका रायपुर प्राकृतिक और जैविक खेती आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। रासायनिक उर्वरकों का उपयोग केवल उतना ही होना चाहिए जितना बिल्कुल जरूरी हो। किसानों में इस बात की जागरूकता लाना समय की मांग है।  जल संरक्षण के लिएअभी प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में जल संकट और तेज़ी से बढ़ेगा। राज्यपाल  रमेन डेका ने आज प्राकृतिक खेती विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन कार्यक्रम में उक्त विचार व्यक्त किए। संगोष्ठी का आयोजन कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग तथा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर द्वारा किया गया जिसके उद्घाटन कार्यक्रम में  डेका मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि मंत्री  रामविचार नेताम ने की। राज्यपाल  डेका ने अपने संबोधन में कहा कि 1960 के दशक में जब देश खाद्यान्न संकट का सामना कर रहा था, तब हरित क्रांति ने बड़ी भूमिका निभाई। नए बीज, रासायनिक खाद, सिंचाई और मशीनों के उपयोग से उत्पादन में  वृद्धि हुई, जो  उस समय देश के लिए बड़ी उपलब्धि थी। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में अति हानिकारक होती है। आज रासायनिक खादों और माइक्रोप्लास्टिक का अत्यधिक उपयोग कई समस्याओं को जन्म दे रहा है। इसलिए जैविक और प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ना बेहद जरूरी है। इससे फसलों का मूल्य संवर्धन होगा और किसान बेहतर लाभ कमा सकेंगे। राज्यपाल ने कृषि के विद्यार्थियों से अपील की कि पढ़ाई पूरी करने के बाद वे जैविक खेती को अपनाएं, जिससे अन्य किसान भी प्रेरित होंगे। उन्होंने कहा कि आज के समय में जैविक खेती बड़ा व्यवसाय बन चुका है और इसे सही दिशा देने की आवश्यकता है। अपने संबोधन में  डेका ने छत्तीसगढ़ में जल दोहन की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राज्य में अच्छी वर्षा होने के बावजूद कई क्षेत्रों में पानी की कमी रहती है। वर्षा जल को संरक्षित करने के लिए डबरी निर्माण जैसे उपाय बढ़ाने होंगे। उन्होंने  कहा  कि पानी नहीं तो जीवन नहीं, इसलिए जल संरक्षण अनिवार्य है। संगोष्ठी में कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि आज सबसे बड़ी चुनौती यह है कि प्राकृतिक खेती को किस प्रकार व्यापक रूप से बढ़ावा दिया जाए। रासायनिक खादों के अत्यधिक उपयोग से धरती विषैली हो रही है और कई तरह की बीमारियाँ बढ़ रही हैं। आने वाली पीढ़ी के हित में समय रहते बदलाव करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार जैविक खेती को बढ़ाने के लिए मिशन मोड में कार्य कर रही है। कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव शहला निगार ने राज्य में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम में पद्म सु साबरमती सहित कई उत्कृष्ट किसानों को सम्मानित किया गया। इसके पूर्व राज्यपाल  डेका ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया जिसमें जैविक एवं प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों द्वारा उत्पादित सामग्रियों का प्रदर्शन किया गया था। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ बीज विकास निगम के अध्यक्ष  चंद्रहास चंद्राकर, छत्तीसगढ़ कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष  सुरेश चंद्रवंशी, कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक, विशेषज्ञ, किसान, कृषि सखियाँ तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।

भीषण सड़क हादसा: बाइक टक्कर में एक की जान गई, तीन घायल

कवर्धा जिले में तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला, जब मोटरसाइकिलों में जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हुए। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई। जानकारी के अनुसार, यह हादसा कूकदूर थाना क्षेत्र के चितरहीन मंदिर मोड़ के पास हुआ है। मृतक की पहचान रामकुमार यादव, निवासी नागाडबरा के रूप में हुई है। घायलों में दो युवक मध्यप्रदेश के बजाग जिले के निवासी बताए गए हैं। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने मर्ग कायम कर मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए मर्च्यूरी भेज दिया है और मामले की जांच की जा रही है।

ईडी की बड़ी कार्रवाई: पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे की ₹61.20 करोड़ की संपत्ति जब्त

नई दिल्ली प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की चल रही जांच के तहत बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की ₹61.20 करोड़ की संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क कर ली है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत की गई है। धन शोधन के मामलों की जांच के तहत कार्रवाई ईडी के अनुसार, कुर्क की गई संपत्तियों में ₹59.96 करोड़ मूल्य की 364 आवासीय भूखंडों और कृषि भूमि के रूप में अचल संपत्तियां शामिल हैं। इसके अलावा, ₹1.24 करोड़ की चल संपत्तियां बैंक बैलेंस और सावधि जमा के रूप में पाई गई हैं। यह कदम छत्तीसगढ़ में कथित शराब घोटाले से जुड़े धन शोधन के मामलों की जांच के दौरान उठाया गया है। ईडी की कार्रवाई से राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। ईडी ने इन संपत्तियों को कुर्क किया     59.96 करोड़ रुपये मूल्य के 364 आवासीय भूखंडों और कृषि भूमि के रूप में अचल संपत्तियां     1.24 करोड़ रुपये मूल्य की बैंक बैलेंस और सावधि जमा के रूप में चल संपत्तियां।     अनुसूचित अपराधों के माध्यम से अर्जित 2500 करोड़ रुपये की अपराध आय (पीओसी)। ईडी ने बताया- चैतन्य बघेल शराब सिंडिकेट के शीर्ष पर थे ईडी के अनुसार पीएमएलए के तहत की गई जांच से पता चला है कि भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल शराब सिंडिकेट के शीर्ष पर तैनात थे। मुख्यमंत्री के पुत्र होने के नाते, उन्हें शराब सिंडिकेट का नियंत्रक और अंतिम अधिकारी बनाया गया था। वह सिंडिकेट की ओर से एकत्रित सभी अवैध धन का हिसाब रखते थे। ये धन (अपराध की आय या पीओसी) के संग्रह, चैनलाइजेशन और वितरण से संबंधित सभी बड़े फैसले उनके निर्देशों के तहत लिए जाते थे। चैतन्य बघेल को हुई अपराध की आय ईडी की जांच में यह पता चला कि चैतन्य बघेल के पास अपराध से हुई आय गई। इसे उन्होंने अपने रियल एस्टेट व्यवसाय के माध्यम से बढ़ाया और बेदाग संपत्ति के रूप में पेश किया। चैतन्य बघेल ने शराब घोटाले से प्राप्त पीओसी का उपयोग अपनी स्वामित्व वाली कंपनी मेसर्स बघेल डेवलपर्स के तहत अपनी रियल एस्टेट परियोजना विट्ठल ग्रीन के विकास के लिए किया। चैतन्य बघेल को ईडी ने 18 जुलाई 2025  को गिरफ्तार किया और वे वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं। इस मामले में पूर्व आबकारी मंत्री की हो चुकी है गिरफ्तारी इससे पहले, इस मामले में अनिल टुटेजा (पूर्व आईएएस), अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर, अरुण पति त्रिपाठी (आईटीएस) और कवासी लखमा (विधायक और छत्तीसगढ़ के तत्कालीन आबकारी मंत्री) को ईडी ने गिरफ्तार किया था। ईडी ने बताया कि 61.20 करोड़ रुपये की वर्तमान कुर्की, लगभग 215 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्तियों की पूर्व में की गई कुर्की का ही एक हिस्सा है। आगे की जांच जारी है।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया

जनदर्शन में वूमेन्स सेल्फ डिफेंस ऑर्गनाइजेशन के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात रायपुर, मुख्यमंत्री निवास में आज आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में वूमेन्स सेल्फ डिफेंस ऑर्गनाइजेशन छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपकर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कराटे, कुश्ती और ताइक्वांडो जैसे खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों के लिए स्वेच्छानुदान स्वीकृत करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने संगठन के पदाधिकारियों और खिलाड़ियों द्वारा रखे गए सुझावों और मांगों को ध्यानपूर्वक सुना। खिलाड़ियों ने बताया कि वे देश और विदेश में विभिन्न प्रतियोगिताओं में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं तथा आगे भी राज्य का नाम और ऊंचा करने के लिए निरंतर प्रशिक्षण और सहयोग की आवश्यकता है। खिलाड़ियों ने खेल उपकरण, प्रशिक्षण सुविधाओं और प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने खिलाड़ियों की भावनाओं की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं के सम्मान और प्रोत्साहन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों पर यथासंभव सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा और खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और भी बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

मुख्यमंत्री साय ने दिखाई संवेदना, जनदर्शन में श्रवण बाधित रमन को दी त्वरित मदद

रायपुर संवेदनशीलता और जनसेवा का एक और उदाहरण पेश करते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में रायपुर निवासी रमन निर्मलकर को श्रवण यंत्र प्रदान किया। मुख्यमंत्री की इस त्वरित पहल ने एक व्यक्ति की जिंदगी बदल दी रमन ने भावुक होकर कहा, “अब फिर से सुन पा रहा हूं।” ब्राह्मणपारा वार्ड निवासी रमन निर्मलकर लंबे समय से श्रवण समस्या से जूझ रहे थे। कुछ महीनों पहले उनकी सुनने की क्षमता पूरी तरह समाप्त हो गई थी। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे श्रवण यंत्र खरीदने में असमर्थ थे। ऐसे में जब वे मुख्यमंत्री जनदर्शन में पहुंचे और अपनी समस्या बताई, तो मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिना किसी देरी के तुरंत श्रवण यंत्र दिलाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री की पहल के बाद मौके पर ही उन्हें नया श्रवण यंत्र प्रदान किया गया। यंत्र लगाने के कुछ ही क्षण बाद रमन की आंखों में खुशी के आंसू झलक उठे। उन्होंने मुख्यमंत्री साय का आभार जताते हुए कहा, “मुख्यमंत्री जी ने मेरी परेशानी को दिल से समझा। आज मैं फिर से सुन पा रहा हूं, यह मेरे लिए नई जिंदगी की शुरुआत है। उनका दिल से धन्यवाद करता हूं।” गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा जनदर्शन में आमजन की समस्याओं पर तुरंत संज्ञान लेकर सहायता प्रदान करने की यह पहल जनकल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय क्षमता की सराहना की। अधिकारियों ने बताया कि जनदर्शन में आने वाले आम नागरिकों की समस्याओं को मुख्यमंत्री स्वयं सुनते हैं और संबंधित विभागों को तत्काल समाधान के निर्देश देते हैं।

सूरजपुर के नन्हे वैज्ञानिकों की बड़ी उपलब्धि: चार मॉडल राज्य स्तरीय प्रदर्शनी के लिए चुने गए

विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत विषय पर आधारित है यह कार्यक्रम रायपुर, राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद नई दिल्ली के आदेशानुसार प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी बच्चों के लिए जोन स्तरीय राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी, पश्चिम भारत विज्ञान मेला एवं विज्ञान नाटिका प्रतियोगिताओं का आयोजन शा.बहु.उ.मा.वि. अंबिकापुर जिला सरगुजा में संपन्न हुआ। इस प्रतियोगिता में सूरजपुर जिले के चार विद्यार्थियों का बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में राज्य स्तर के लिए चयन हुआ है। इस वर्ष छत्तीसगढ़ के 9 जोन के प्रतिभागियों का राज्य स्तरीय कार्यक्रम जशपुर जिले के स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय जयपुर में 12 सितंबर 2025 से 15 सितंबर 2025 तक आयोजन किया गया। इस वर्ष कार्यक्रम का विषय विकसित और आत्मनिर्भर भारत है, जिसके अंतर्गत सात उप विषय सतत कृषि, अपशिष्ट प्रबंधन और प्लास्टिक के विकल्प, हरित ऊर्जा, उभरती हुई प्रौद्योगिकी, मनोरंजक गणितीय मॉडलिंग, स्वास्थ्य और स्वच्छता एवं जल संरक्षण और प्रबंधन है। इस प्रतियोगिता में शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रामानुजनगर के छात्र अविनाश सिंह (कक्षा 12वीं) और शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कारवां की छात्रा गीता सिंह (कक्षा 12वीं) का स्वास्थ्य और स्वच्छता पर प्रादर्श बनाने के लिए, नवल साय (कक्षा 10वीं) का सतत कृषि के लिए प्रादर्श बनाने एवं सेजेस जयनगर के छात्र मोहम्मद आसिफ अंसारी (कक्षा 8वीं) का उभरती हुई प्रौद्योगिकी के लिए प्रादर्श बनाकर प्रस्तुति दी गई। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के छात्रों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नए विचारों को तलाशने और विकसित करने के लिए प्रेरित करना है। यह मेला विकसित भारत तथा आत्मनिर्भर भारत जैसे विषयों पर केंद्रित है जिसका लक्ष्य विद्यार्थियों के रचनात्मक सोच, संचार कौशल और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना है।

सफल ऑपरेशन: सुरक्षाबलों ने कुख्यात माओवादी दंपती सहित 6 नक्सलियों को मार गिराया, 27 लाख का इनाम था घोषित

बीजापुर मंगलवार को नेशनल पार्क के जंगलों में हुए मुठभेड़ में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। सुरक्षाबलों ने 27 लाख रुपये के इनामी 6 कुख्यात माओवादियों को मार गिराया है। वहीं घटना स्थल से भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक और माओवादी सामग्री बरामद हुई है। इस नक्सल ऑपरेशन में मोस्ट वांटेड DVCM कन्ना और पापाराव की पत्नी उर्मिला के आतंक का अध्याय अब समाप्त हो गया है। जानकारी के अनुसार, DKSZCM पापाराव, मद्देड़ एरिया कमेटी इंचार्ज DVCM कन्ना ऊर्फ बुचन्ना, DVCM उर्मिला, DVCM मोहन कड़ती और पश्चिम बस्तर डिवीजन के 50-60 माओवादियों की मौजूदगी की सूचना पर डीआरजी बीजापुर, डीआरजी दंतेवाड़ा और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। यह मुठभेड़ कांदुलनार-कचलारम और गुज्जाकोंटा के जंगलों में हुई, जो सुबह 10 बजे से शुरू हुई और करीब शाम तक चली। बीजापुर पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव ने बताया कि नेशनल पार्क क्षेत्र के कांदुलनार, कचलारम एवं गुज्जाकोंटा के जंगलों में SZCM पापाराव, मड्डेड़ एरिया कमेटी के इंचार्ज DVCM कन्ना ऊर्फ बुचन्ना, डीवीसीएम उर्मिला, DVCM मोहन कड़ती और पश्चिम बस्तर डिवीजन के 50-60 माओवादियों की मौजूदगी की सूचना पर सर्च अभियान शुरू किया गया। इस अभियान के दौरान 11 नवंबर 2025 की सुबह 10 बजे से डीआरजी बीजापुर, डीआरजी दंतेवाड़ा एवं एसटीएफ की संयुक्त टीमों और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर फायरिंग जारी रही। सर्च ऑपरेशन के दौरान मुठभेड़ स्थल से 6 माओवादियों के शव, ऑटोमैटिक हथियार (इंसास, 9एमएम कार्बाइन, .303 राइफल सहित), विस्फोटक सामग्री एवं माओवादी साहित्य बरामद हुआ। आज बीजापुर जिला मुख्यालय में पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुंदरराज पी., पुलिस उप महानिरीक्षक दंतेवाड़ा रेंज कमलोचन कश्यप, पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेंद्र कुमार यादव, पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा गौरव राय, पुलिस अधीक्षक एसटीएफ स्मृतिक राजनाला एवं उप महानिरीक्षक केआरपीएफ ऑप्स राकेश चौधरी ने नेशनल पार्क एरिया में संचालित अभियान और मुठभेड़ के संबंध में जानकारी दी। मुठभेड़ में बरामद शव की पहचान DVCM कन्ना उर्फ बुचन्ना – उम्र 35 वर्ष, गुडडीपाल थाना, मोदकपाल जिला बीजापुर। मद्देड़ एरिया कमेटी का प्रभारी। इनाम 8 लाख रुपये। कई नक्सली वारदातों का मास्टरमाइंड, जिसमें ग्रामीणों की हत्या, IED ब्लास्ट, आगजनी, डकैती, मोबाइल टावर जलाना और शिक्षादूतों का अपहरण शामिल है।     DVCM कन्ना उर्फ बुचन्ना, उम्र 35 वर्ष, निवासी गुडडीपाल, थाना मोदकपाल, जिला बीजापुर। पदनाम: डीव्हीसीएम, प्रभारी मद्देड़ एरिया कमेटी। इसपर 8 लाख रुपये का इनाम घोषित था। कन्ना उर्फ बुचन्ना माओवादियों के बड़े कैडर में शामिल था और कई नक्सली वारदातों का मास्टरमाइंड रहा। पिछले एक दशक में उसने पुलिस, आम नागरिक और विकास कार्यों को निशाना बनाने वाली कई घटनाओं को अंजाम दिया। उसके खिलाफ बीजापुर जिले के विभिन्न थानों में 42 आपराधिक मामले और 18 स्थायी वारंट लंबित हैं। DVCM कन्ना ऊर्फ बुचन्ना ऊर्फ बुचन्ना कुड़ियम के खिलाफ दर्ज प्रमुख घटनाएं कैंप अटैक – जुलाई 2008 में कोंगुपल्ली पुलिस पोस्ट और जनवरी 2016 में नुकनपाल कैम्प हमला में शामिल, जो सुरक्षाबलों की तत्परता से असफल रही। ग्रामीणों की हत्या – पुलिस मुखबिरी के संदेह में 20 से ज्यादा ग्रामीणों की हत्या में शामिल, जिनमें वर्ष 2016 में ग्राम पंचायत चिन्नाकोडेपाल के उपसरपंच की हत्या भी शामिल है। IED ब्लास्ट – कुल छह आईईडी विस्फोटों का मुख्य योजनाकार था । नवंबर 2017 में थाना भद्रकाली क्षेत्र में हुए एक विस्फोट में आरक्षक संतोष यादव शहीद हुए थे। आगजनी – फरवरी 2018 में कांकेर रोडवेज़ की यात्री बस सहित चार वाहनों को आग लगाने की घटनाओं का मास्टरमाइंड था। डकैती – दिसंबर 2024 में थाना फरसेगढ़ क्षेत्र के ग्राम गुज्जाकोंटा में डकैती की वारदात को अंजाम दिया। मोबाइल टावर जलाना – चिन्नाकवाली (अप्रैल 2025), आदेड़ (मई 2024) और कांदुलनार (जून 2025) में संचार टावर जलाने की घटनाओं का संचालन किया, ताकि जनता के संपर्क तंत्र को बाधित किया जा सके। शिक्षादूतों का अपहरण और हत्या – वर्ष 2025 में नेशनल पार्क एरिया में पील्लूर एवं टेकामेटा के दो शिक्षादूतो का अपहरण कर हत्या करने की घटना में शामिल था। कन्ना उर्फ बुचन्ना की मौत से क्षेत्र में फैले आतंक का लंबा अध्याय समाप्त हुआ। घटनास्थल से बरामद दस्तावेज़ और डिजिटल सामग्री से पता चलता है कि उसका अर्बन नेटवर्क से गहरा संबंध था। पुलिस अब इस नेटवर्क के तार खंगालने में जुटी है।     DVCM उर्मिला, पत्नी पापाराव (DKSZCM), निवासी चिंतलनार, जिला सुकमा। पदनाम: सचिव, पामेड़ एरिया कमेटी। इसपर 8 लाख रुपये का इनाम था। उर्मिला मोस्ट वांटेड माओवादी कैडर थी और पापाराव की पत्नी थी। वह पामेड़ एरिया कमेटी की सचिव थी और संगठन की सबसे हिंसक एरिया कमेटियों में सक्रिय रही। उसने माओवादी विचारधारा का प्रचार-प्रसार किया और PLGA बटालियन की रसद व्यवस्था संभाली। उसकी मौत से पामेड़ एरिया कमेटी और संगठन की आपूर्ति व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ा।     ACM जगत तामो उर्फ मोटू, निवासी फुल्लोड़, थाना जांगला, जिला बीजापुर। पदनाम: एसीएम, मद्देड़ एरिया कमेटी। 5 लाख रुपये का इनाम था।     PM देवे, निवासी मीनागट्टा, थाना पामेड़, जिला बीजापुर। पदनाम: पार्टी सदस्य, पामेड़ एरिया कमेटी। 2 लाख रुपये का इनाम।     PM भगत, निवासी भैरमगढ़, जिला बीजापुर। पदनाम: पार्टी सदस्य, मद्देड़ एरिया कमेटी। 2 लाख रुपये का इनाम ।     PM मंगली ओयाम, निवासी पेद्दोजोजेर, थाना गंगालूर, जिला बीजापुर। पदनाम: पार्टी सदस्य। 2 लाख रुपये का इनाम। मुठभेड़ स्थल से बरामद सामग्री     2 नग इंसास रायफल,05 मैग्जीन, 68 कारतूस     1 नग 9mm काबाईन, 03 मैग्जीन, 22 कारतूस     1 नग .303 रायफल, 01 मैग्जीन 13 कारतूस     1 नग Single Shot Rifle,     1 नग 12 बोर बंदूक, 08 कारतूस     रेडियो, स्केनर, मल्टीमीटर, हेण्ड ग्रेनेड,सेफ्टी फ्यूज, माओवादी साहित्य, पोच, माओवादी वर्दी, मेडिकल सामग्री एवं अन्य सामग्री जनवरी 2024 से अब तक कुल 202 माओवादी ढेर पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव ने बताया कि वर्ष 2025 में जिले में हुए अलग-अलग मुठभेड़ों में 144 माओवादी को मार गिराने में सुरक्षा बलों को सफलता मिली है । वही अलग अलग थाना क्षेत्रों में चलाये गये अभियान में 499 माओवादी गिरफ्तार हुए एवं 560 माओवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया । जनवरी 2024 से अब तक जिले में चलाए गए माओवादी विरोधी अभियान में कुल 202 माओवादी मारे गए, 1002 माओवादी गिरफ्तार हुए और 749 माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हुए।

पेंटर शिवकुमार निराला ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को भेंट किया विशिष्ट ‘राजनीतिक मानचित्र’

मुख्यमंत्री ने की सराहना, रचनात्मक प्रतिभा का किया सम्मान रायपुर, मुख्यमंत्री निवास में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिले के ग्राम चकरदा निवासी पेंटर श्री शिवकुमार निराला ने अनूठा ‘राजनीतिक मानचित्र’ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को भेंट किया। उनकी इस अद्वितीय कला प्रस्तुति ने कार्यक्रम का विशेष आकर्षण बढ़ा दिया। श्री निराला द्वारा तैयार यह सचित्र मानचित्र छत्तीसगढ़ की सम्पूर्ण राजनीतिक यात्रा का विस्तृत और कलात्मक दस्तावेज है। इसमें राज्य के लोकसभा एवं विधानसभा सदस्यों, मंत्रिमंडल की रूपरेखा, संसदीय क्षेत्रवार विवरण तथा वर्ष 1998 से अब तक हुए सभी लोकसभा और विधानसभा चुनावों का तुलनात्मक विश्लेषण सुव्यवस्थित रूप से दर्शाया गया है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में जीत के अंतर, राजनीतिक दलवार जनप्रतिनिधियों का क्रम तथा सीटों के ऐतिहासिक बदलाव को भी कलात्मक शैली में शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस रचनात्मक मानचित्र की सराहना करते हुए कहा कि “श्री शिवकुमार निराला ने आंकड़ों और तथ्यों को इतनी सहज, सुंदर और विश्लेषणात्मक शैली में प्रस्तुत किया है कि यह कला-कृति राजनीति के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और आम नागरिकों—सभी के लिए उपयोगी दस्तावेज बन जाती है।” मुख्यमंत्री ने उनकी प्रतिभा को सम्मानित करते हुए उन्हें पुरस्कृत भी किया।

छत्तीसगढ़ में नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलता: सुरक्षाबलों ने 6 नक्सलियों को किया ढेर, एक पर था 8 लाख का इनाम

रायपुर बीजापुर जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र में छत्तीसगढ़ पुलिस, जिला रिज़र्व गार्ड (DRG) और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की संयुक्त कार्रवाई में मुठभेड़ के दौरान छह नक्सली न्यूट्रलाइज किए गए। इसमें ₹8 लाख का इनामी कन्ना ऊर्फ बुचन्ना भी शामिल है, जो लंबे समय से इस क्षेत्र में हिंसा, भय और नक्सल गतिविधियों को संचालित कर रहा था। सुरक्षाबलों को मिली बड़ी सफलता पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरी सराहना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुरक्षाबलों की इस सफलता की सराहना करते हुए एक्स पर लिखा – बीजापुर जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र में छत्तीसगढ़ पुलिस, डीआरजी और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई के दौरान छह माओवादी न्यूट्रलाइज हुए हैं। इसमें आठ लाख रुपये का इनामी कन्ना ऊर्फ बुचन्ना भी शामिल है। जिसके न्यूट्रलाइज होने से इस क्षेत्र में फैले माओवादी आतंक के एक लंबे अध्याय का अंत हुआ है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुरक्षाबलों की इस सफलता की सराहना करते हुए एक्स पर लिखा – यह उपलब्धि पुलिस बलों के उत्कृष्ट समन्वय, साहस और सटीक रणनीति का परिणाम है। लाल आतंक के समूल नाश की दिशा में यह कार्रवाई एक निर्णायक पड़ाव है। उन्होंने कहा- छत्तीसगढ़ सरकार, यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी के नेतृत्व में, 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन के संकल्प के साथ इस मिशन को पूरे समर्पण और प्रतिबद्धता से आगे बढ़ा रही है। राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियां एकजुट होकर इस लड़ाई को निर्णायक अंत तक ले जाएंगी।