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नक्सलियों के IED हमले में STF जवान घायल, रायपुर में इलाज जारी

बीजापुर नक्सल प्रभावित जिले बीजापुर में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच चल रहे संघर्ष के बीच सोमवार को एक बार फिर नक्सलियों की कायराना हरकत सामने आई है। भोपालपट्टनम थाना क्षेत्र के अंतर्गत एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) की टीम एरिया डोमिनेशन पर निकली थी। इसी दौरान नक्सलियों द्वारा लगाए गए प्रेशर IED में जबरदस्त विस्फोट हो गया, जिसकी चपेट में आने से एक STF जवान घायल हो गया। सूत्रों के अनुसार, घायल जवान को तत्काल मौके से निकालकर प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी कैंप लाया गया, जहाँ प्रारंभिक इलाज के बाद उसे बेहतर उपचार हेतु चॉपर के माध्यम से रायपुर के हायर सेंटर भेजा गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रविन्द्र मीना ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि घायल जवान की स्थिति अब सामान्य है और वह खतरे से बाहर है। घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां आसपास के इलाकों में नक्सलियों की गतिविधियों का पता लगाने में जुटी हुई हैं।

जंगलों से लेकर सात फेरों तक: आत्मसमर्पित नक्सली ने पुलिस थाना में किया विवाह

पखांजुर छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल से एक ऐसी खबर आई है जो उम्मीद, बदलाव और नई शुरुआत की मिसाल पेश करती है. कभी जंगलों में बंदूक थामे घूमने वाले नक्सली अब समाज की मुख्यधारा में लौट आए हैं, और अब उन्हीं हाथों में मेहंदी और रिश्तों की डोर सजी है. कांकेर जिले का पखांजुर थाना परिसर रविवार को एक अनोखे और प्रेरणादायक विवाह का साक्षी बना. यहां आत्मसमर्पित नक्सली सागर हिरदो और सचिला मांडवी ने एक-दूसरे का हाथ थामकर नई जिंदगी की शुरुआत की. फूलों से सजे मंडप में मंत्रोच्चार के बीच दोनों ने सात फेरे लिए और जीवनभर साथ निभाने का वादा किया. थाना परिसर में हुआ यह विवाह किसी फिल्मी दृश्य से कम नहीं था. जहां कभी बंदूक और हिंसा का साया था, वहां अब प्रेम, शांति और विश्वास का संदेश गूंज रहा था. पुलिस अधिकारी, ग्रामीण और समाज के लोग इस नए जीवन की शुरुआत के गवाह बने. जानकारी के अनुसार, सागर हिरदो वर्ष 2014 में नक्सल संगठन से जुड़ा था और दिसंबर 2024 में पखांजुर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया. वहीं, सचिला मांडवी ने वर्ष 2020 में नक्सल संगठन का दामन छोड़ा और उसी वर्ष पुलिस के समक्ष सरेंडर किया. आत्मसमर्पण के बाद दोनों पुनर्वास योजना के तहत समाज की मुख्यधारा में शामिल हुए. इसी दौरान दोनों की पहचान हुई और यह रिश्ता विवाह के रूप में परिणित हुआ. इस सकारात्मक पहल में पखांजुर थाना प्रभारी लक्ष्मण केवट और गोण्डाहुर थाना प्रभारी रामचंद्र साहू की अहम भूमिका रही, जिन्होंने समाज में लौटे इन युवाओं को नई शुरुआत के लिए प्रेरित किया. कभी जिन हाथों में बंदूक थी, अब उनमें मेहंदी सजी है. जंगलों की राह छोड़ अब ये जोड़ा समाज की नई राह पर बढ़ चला है. इस जोड़े ने यह साबित कर दिया है कि नक्सलियों के लिए भी हिंसा की अंधेरी राह से नए जीवन का सूरज निकल सकता है, अगर वे मुख्यधारा से जुड़ जाएं. यह विवाह सिर्फ एक रिश्ता नहीं, बल्कि शांति, विश्वास और प्रेम से भरे नए बस्तर की तस्वीर है.

मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में दूसरे दिन की बैठक शुरू, महिला और बालिका से जुड़े अपराधों में तत्परता पर जोर

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्टर-एसपी की बैठक शुरू हो गई है. आज बैठक का दूसरा दिन है. बैठक में प्रदेश की कानून व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है. नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन को लेकर चर्चा जारी है. वहीं जिलों के परफॉर्मेंस पर भी व्यापक समीक्षा हो रही है. कलेक्टर-एसपी की बैठक में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिला और बालिका से जुड़े आपराधिक मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई हो. साथ ही इन अपराधों से जुड़े मामलों में निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत चालान हो. साइबर क्राइमों की समीक्षा बैठक में साइबर क्राइम और इससे जुड़े आपराधिक गतिविधियों की गहन समीक्षा की जा रही है. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि साइबर अपराध के रोज तरीके बदलते है, इसलिए लोगों को जानकारी दी जाए. अंतर्विभागीय समन्वय के साथ लगातार साइबर जागरूकता अभियान चलाने के लिए विशेष पहल हो. साथ ही उन्होंने कहा कि साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर का व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार होना चाहिए. वहीं सीएम ने बताया कि रेंज लेवल में वर्तमान में 5 साइबर थाने संचालित हो रहे हैं, शीघ्र ही 9 थानों का संचालन होगा. इस बैठक में गृह मंत्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सहित रेंज आईजी, कलेक्टर, एसपी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित है.

कार्यक्रम के बाद बवाल: सपना चौधरी के इवेंट में मारपीट और तोड़फोड़, मामला दर्ज

कोरबा छत्तीसगढ़ के कोरबा में हरियाणवी डांसर सपना चौधरी के कार्यक्रम में विवाद हो गया. आरोप है कि कुछ लोगों ने जश्न रिसॉर्ट में तोड़फोड़ की और सपना चौधरी की टीम के साथ मारपीट भी की. इस मामले में सपना चौधरी की टीम और रिसॉर्ट के मालिक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के बाद जब रात में सपना चौधरी अपने कमरे में सो रही थी तब बाहर कुछ लोगों ने कमरे का दरवाजा तोड़ने का प्रयास किया। गाली गलौज करने के साथ गोली मारने की धमकी दी। सपना चौधरी के मुताबिक उनकी टीम के साथ झगड़ा और मारपीट भी की गई और लोगों को उकसाया भी गया. 10 हजार लूटने और CCTV कैमरा का डीवीअर ले जाने का भी आरोप इस मामले में जश्न रिसोर्ट के मालिक करणदीप ने अमित,अनिल,युगल और सुजल के विरुद्ध कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. आरोप है इन चार लोगों ने सपना चौधरी के लोगों से कार्यक्रम के लिए ज्यादा पैसा लेने का आरोप लगाते हुए गाली गलौज कर मारपीट की और जब इन्हें मना किया गया तो जश्न रिसोर्ट में तोड़फोड़ और मारपीट की. साथ ही सीसीटीवी कैमरा का डीवीअर अपने साथ ले गए और 10000 रुपए भी लूट लिए। दोनों पक्षों की शिकायत पर मामला दर्ज, जांच जारी : सीएसपी रिसोर्ट मालिक ने सात लाख रुपए का नुकसान होने की बात कही है. इस मामले में कोरबा सीएसपी भूषण एक्का ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है. मामले की जांच की जा रही है.

रायपुर: उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नगरीय प्रशासन की योजनाओं और प्रगति की समीक्षा की

रायपुर : उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने नगरीय प्रशासन विभाग के कार्यों की समीक्षा की सभी निकायों में दीपावली के पूर्व वेतन भुगतान सुनिश्चित करने के दिए निर्देश मंत्रालय, संचालनालय और सूडा की टीम को समयबद्ध कार्य करते हुए लेट-लतीफी से बचने को कहा रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री  अरुण साव ने नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने दीपावली के पहले सभी नगरीय निकायों में कर्मचारियों को वेतन का भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के मंत्रालय, संचालनालय और सूडा की टीम को बेहतर समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से कार्य करते हुए लेट-लतीफी से बचने को कहा। उन्होंने कहा कि सभी कार्य तय समय-सीमा में पूर्ण गुणवत्ता के साथ धरातल पर नजर आने चाहिए। नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. और संयुक्त सचिव डॉ. रेणुका वास्तव भी समीक्षा बैठक में शामिल हुईं। उप मुख्यमंत्री  साव ने नगरीय निकायों में विकास कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेते हुए समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने गोधाम योजना के क्रियान्वयन के लिए कार्ययोजना को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए हरित आवरण बढ़ाने हेतु एक समग्र कार्ययोजना तैयार कर प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने इसके लिए राज्य प्रवर्तित योजना के अंतर्गत राशि आबंटित करने के निर्देश दिए। उन्होंने इसकी प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए राज्य स्तर पर नोडल अधिकारी भी नियुक्त करने को कहा। समीक्षा बैठक में नगरीय निकायों के लंबित विद्युत देयकों की समीक्षा की गई।  साव ने एनर्जी बिल ऑडिट की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेते हुए प्राप्त सुझावों के त्वरित क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने सरचार्ज एवं अतिरिक्त भार से होने वाले आर्थिक नुकसान को रोकने के लिए निकायों के सीएमओ, लेखापाल व अभियंताओं के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने के निर्देश दिए।  साव ने बैठक में नवगठित नगरीय निकायों को आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के लिए अधोसंरचना मद, चुंगी कर अथवा अन्य स्रोतों से राशि स्वीकृत कर कार्य कराने की कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने नवीन निकायों को शीघ्र आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  साव ने नालंदा परिसरों, अटल परिसरों तथा बजट में शामिल अन्य योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों को सर्वांगीण विकास के लिए सरकार द्वारा भरपूर राशि प्रदान की जा रही है, अतः सभी अधिकारी योजनाओं का त्वरित क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, ताकि नागरिकों को इनका शीघ्र लाभ मिल सके। बैठक में नगरीय निकायों के अधिकारियों-कर्मचारियों की पदोन्नति, रिक्त पदों पर भर्ती, वर्गीकरण तथा सेट-अप रिवीजन पर भी विस्तृत चर्चा हुई। उप अभियंताओं की भर्ती हेतु वित्त विभाग से समन्वय कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए।  साव ने चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत 21 नगरीय निकायों की जलप्रदाय योजनाओं एवं एसटीपी निर्माण की प्रगति की समीक्षा करते हुए डीपीआर एवं आरएफपी कार्य शीघ्र पूर्ण करने को कहा। उन्होंने मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत चल रहे कार्यों की निकायवार समीक्षा कर जिला कलेक्टरों के माध्यम से निर्माण में आ रही बाधाएं दूर कर कार्य समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए। उप मुख्यमंत्री ने नगरीय निकायों की चल-अचल संपत्ति, मशीनरी, वाहनों आदि की ऑडिट कर अद्यतन स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने व्यावसायिक परिसरों एवं दुकानों के नियमानुसार सुचारू संचालन के लिए आवश्यक कार्यवाही करने को कहा। उन्होंने मुक्तिधामों को समुचित सुविधाओं से सुसज्जित करने के लिए शवदाह हेतु शेड, प्रतीक्षालय, पेयजल, गार्ड कक्ष, बाउंड्रीवाल आदि निर्माण के लिए सूडा की राज्य प्रवर्तित योजना से राशि आबंटित करने के निर्देश दिए। राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) के सीईओ  शशांक पाण्डेय, अतिरिक्त सीईओ  दुष्यंत कुमार रायस्त, उप सचिव डॉ. ऋतु वर्मा, अपर संचालक  पुलक भट्टाचार्य और मुख्य अभियंता  राजेश शर्मा भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

रायपुर: 48 लाख रुपये की विकास योजनाओं का शुभारंभ, वनमंत्री ने किया भूमिपूजन

रायपुर : वनमंत्री ने 48 लाख रुपए से अधिक के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन हर गांव में दिखेगा विकास का नया रूप: मंत्री  केदार कश्यप रायपुर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप ने आज बस्तर विकासखंड के ग्राम चमिया में 48 लाख रुपए से अधिक की लागत वाले विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। यह कार्य ग्रामीण इलाकों में सुविधाओं के विस्तार और अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए किए जा रहे हैं। वन मंत्री  कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार हर गाँव तक विकास पहुँचाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सुशासन की सरकार में मातृशक्ति को विशेष सम्मान मिला है।  मंत्री  कश्यप ने कहा कि ग्राम पंचायत चमिया में 30 लाख रुपए की लागत से ‘महतारी सदन’ का निर्माण किया जाएगा। यह भवन महिलाओं के लिए सशक्तिकरण का केंद्र बनेगा, जहाँ स्व-सहायता समूहों की महिलाएँ प्रशिक्षण प्राप्त करेंगी और रोजगार के नए अवसर पाएंगी। इसके अलावा, ग्राम बड़े अलनार में 6.10 लाख रुपए की लागत से पुलिया निर्माण और छोटे अलनार में 12.40 लाख रुपए की लागत से उचित मूल्य दुकान भवन का निर्माण किया जाएगा। मंत्री  कश्यप ने कहा कि महतारी सदन केवल एक भवन नहीं, बल्कि महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का प्रतीक है। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे इन कार्यों की गुणवत्ता और समय पर पूर्णता सुनिश्चित करने में सहयोग दें। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य  निर्देश दिवान, अन्य जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव की विद्यार्थियों से मुलाकात, सफलता के लिए अनुशासन और लगन पर दिया जोर

रायपुर प्रदेश के शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधि विधायी मंत्री  गजेन्द्र यादव आज अपने अछोटी प्रवास के दौरान मुड़पार गांव में विद्यालय जा रहे विद्यार्थियों से अनौपचारिक रूप से मिले। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों से आत्मीय संवाद किया और उनके शैक्षणिक अनुभवों, पढ़ाई की स्थिति तथा भविष्य की योजनाओं के बारे में विस्तारपूर्वक चर्चा की। मंत्री  यादव ने बच्चों की जिज्ञासापूर्ण बातें सुनीं और उन्हें जीवन में अनुशासन, मेहनत एवं लगन को अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में अनुशासन सफलता की पहली सीढ़ी है। जो विद्यार्थी अपने समय का सदुपयोग करते हैं, वही आगे चलकर समाज और देश की उन्नति में योगदान देते हैं।  यादव ने आगे कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा उत्तीर्ण करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह चरित्र निर्माण, आत्मविश्वास और समाज सेवा की भावना को भी विकसित करती है। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे अपने शिक्षकों का सम्मान करें, नियमित अध्ययन करें और अपने सपनों को साकार करने के लिए सदैव प्रयासरत रहें। इस दौरान मंत्री ने विद्यालयों की शिक्षकीय व्यवस्था, अध्ययन की स्थिति और विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति की जानकारी भी ली। उन्होंने क्षेत्र के शिक्षकों और अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए मिलकर कार्य करें, ताकि ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थी भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित न रहें। मंत्री  यादव ने मुड़पार के विद्यार्थियों में पढ़ाई के प्रति गंभीरता, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच देखकर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि हर बच्चे को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिले। इसके लिए सरकार निरंतर विद्यालयों की बुनियादी सुविधाओं, शिक्षकों की उपलब्धता और डिजिटल संसाधनों के विस्तार पर कार्य कर रही है। मुलाकात के अंत में मंत्री  यादव ने सभी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और कहा कि वे निडर होकर अपने सपनों का पीछा करें। उन्होंने कहा कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को ऊँचा उठाने के लिए सरकार निरंतर योजनाएँ बना रही है और उनके सफल क्रियान्वयन हेतु समाज के सहयोग की भी आवश्यकता है। उन्होंने कहा हर विद्यार्थी अपने जीवन में एक उद्देश्य निर्धारित करे और उसे प्राप्त करने के लिए ईमानदारी से प्रयत्न करे। यही सच्ची शिक्षा है।

धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू: कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में तैयारियों को लेकर दिए गए निर्देश

रायपुर : कलेक्टर कॉन्फ्रेंस 2025 : 15 नवंबर से होगी धान खरीदी, कलेक्टरों को धान खरीदी की तैयारियां करने के निर्देश रायपुर धान खरीदी में अनियमितता पाए जाने पर  कलेक्टर होंगे जिम्मेदार प्रभारी सचिवों को जिलों में धान खरीदी की पैनी निगरानी करने के निर्देश संवेदनशील केंद्रों की गहन निगरानी करने के निर्देश पूरी पारदर्शिता और सुगमता के साथ हो धान खरीदी की पुख्ता व्यवस्था इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से बढ़ेगी चौकसी अंतरराज्यीय सीमावर्ती क्षेत्रों में करें विशेष निगरानी विशेष पिछड़ी जनजातियों के किसानों के पंजीयन की हो सुगम व्यवस्था कलेक्टरों को विशेष शिविरों के माध्यम से शत प्रतिशत पंजीयन करने के निर्देश प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में न छूटें कोई पात्र किसान योजना का लाभ दिलाने समय सीमा निर्धारित कर काम करें कलेक्टर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के क्रियान्वयन की कमिश्नर करें समीक्षा बस्तर और सरगुजा संभाग में संवेदनशीलता के साथ विशेष फोकस करें अधिकारी

प्रदेश में अब तक 1210.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज, सामान्य से अधिक बारिश

रायपुर, छत्तीसगढ़ में अब तक 1210.4 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बस्तर जिले में सर्वाधिक 1633.3 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 554.0 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है। रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 1159.6 मि.मी., बलौदाबाजार में 1004.8 मि.मी., गरियाबंद में 1233.9 मि.मी., महासमुंद में 1065.1 मि.मी. और धमतरी में 1149.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 1205.1 मि.मी., मुंगेली में 1183.0 मि.मी., रायगढ़ में 1396.7 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 1116.1 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1413.5 मि.मी., सक्ती में 1274.2 मि.मी., कोरबा में 1179.3 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 1112.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 948.2 मि.मी., कबीरधाम में 892.0 मि.मी., राजनांदगांव में 1012.5 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1462.0 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 919.1 मि.मी. और बालोद में 1317.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 799.0 मि.मी., सूरजपुर में 1183.2 मि.मी., बलरामपुर में 1579.6 मि.मी., जशपुर में 1105.3 मि.मी., कोरिया में 1253.4 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1138.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बस्तर संभाग में कोंडागांव जिले में 1213.5 मि.मी., कांकेर में 1421.6 मि.मी., नारायणपुर में 1472.6 मि.मी., दंतेवाड़ा जिले में 1622.4 मि.मी., सुकमा जिले में 1306.9 मि.मी. और बीजापुर जिले में 1615.0 मि.मी. की औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

रायपुर में ट्रैफिक से राहत का रोडमैप: पाँच मुख्य सड़कों को 6 और 8 लेन तक किया जाएगा चौड़ा

रायपुर छत्तीसगढ़ की राजधानी में सिक्स लेन सिर्फ रायपुर से सिगमा तक है. बाकी राजधानी को जोड़ने वाली ज्यादातर सड़कें 4 लेन है. इसलिए राजधानी को रफ्तार देने के लिए करीब 5 सिक्स लेन और आठ लेन सड़क बनेगी, इसमें रायपुर-विशाखापट्टनम, रायपुर- लखनादौन, रायपुर – बलौदाबाजार, दुर्ग-आरंग बाइपास सिक्स लेन और सिगमा से बिलासपुर सड़क 8 लेन चौड़ी होगी. ये सड़कें न केवल यात्रियों की दूरी कम करेंगी, बल्कि समय, ईंधन और ट्रैफिक जाम से भी निजात दिलाएंगी. छत्तीसगढ़ में इन सड़कों के प्रोजेक्ट्स पर काम तेजी से चल रहा है. ये प्रोजेक्ट राज्य की परिवहन व्यवस्था में बड़ा परिवर्तन लाएंगे. राजधानी से जुड़े होने के कारण उक्त प्रोजेक्ट पूरे होने पर यात्री सुविधा के साथ माल ढुलाई आसान होगी. सड़क विस्तार से कारोबार बढ़ेगा. रायपुर से सारंगढ़ 186 किमी लंबी फोरलेन रायपुर से सारंगढ़ तक की 186 किलोमीटर लंबी सड़क को फोरलेन किया जा रहा है. इसमें रायपुर से धनेली 0 प्वाइंट से 53.1 किमी तक प्रथम चरण में, फिर 85.6 किमी तक दूसरे चरण में और अंत में 186 किमी तक तीसरे चरण में काम किया जाएगा. एनएच ने इस सड़क के एलाइन्मेंट की जानकारी जिला प्रशासन को सौंप दी है. लगभग 35 गांवों की जमीन पर पहले लगी खरीदी-बिक्री की रोक हटा ली गई है. एनएचएआई की टीम ने भूमि अभिलेखों का मिलान भी पूरा कर लिया है. अध्ययन में यह पाया गया कि अधिकतर भूमि पहले से ही नेशनल हाईवे की है, इसलिए मात्र 10% भूमि ही अधिग्रहित की जानी है. डीपीआर लगभग तैयार है और जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है. यह फोरलेन रायपुर से बलौदाबाजार होते हुए सारंगढ़ जाएगी. इससे न केवल ट्रैफिक का दबाव कम होगा, बल्कि व्यापार, उद्योग और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए यह एक नई लाइफलाइन बनेगा. इसका निर्माण दो चरणों में होगा. पहले चरण में ग्राम धनेली (रायपुर) से और वहां से ग्राम बिनौरी तक 72 किमी बनाई जाएगी. रायपुर – लखनादौन ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे रायपुर से लखनादौन (मध्यप्रदेश) तक करीब 300 किमी लंबे छह लेन ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे की योजना पर भी काम तेजी से चल रहा है. यह सड़क बालाघाट, सिवनी, छपारा और लखनादौन होते हुए रायपुर को जोड़ेगी और करीब 12 जिलों को इससे फायदा होगा. इस परियोजना की लागत करीब 15,000 करोड़ रुपए आंकी गई है. एनएचएआई ने इसके लिए तीन संभावित रूटों का सर्वे शुरू कर दिया है. इनमें से एक रूट कान्हा और पेंच नेशनल पार्क के पास से होकर गुजरता है, जिससे पर्यावरणीय बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं. रायपुर-बिलासपुर मार्ग 8 लेन रायपुर से बिलासपुर तक नेशनल हाईवे का नए सिरे से चौड़ीकरण होगा. एनएचएआई ने इसकी चौड़ाई बढ़ाकर 8 लेन करने जा रहा है. विभाग ने डीपीआर के लिए टेंडर डाक्यूमेंट्स बनाकर दिल्ली मुख्यालय भेज दिया है. रायपुर से सिमगा तक 8 लेन और सिमगा से बिलासपुर तक सिक्स लेन सड़क बनाई जाएगी. अभी ये सड़क रायपुर से सिमगा तक 6 लेन और सिमगा से बिलासपुर तक 4 लेन है. इसी सड़क को रायपुर से बिलासपुर तक 8 लेन बनाने की योजना पर काम हो रहा है. अफसरों का कहना है कि अगले वित्त वर्ष तक टेंडर जारी कर काम शुरू कर दिया जाएगा. मुंबई-कोलकाता लिंक : दुर्ग – रायपुर होते हुए आरंग तक निर्माण भारतमाला परियोजना के तहत दुर्ग से आरंग के बीच 92.5 किमी लंबे सिक्स लेन इकॉनोमिक कॉरिडोर का भी निर्माण चल रहा है. यह राजनांदगांव, दुर्ग, पाटन, अभनपुर और आरंग तहसीलों से होकर गुजरेगा. यह दुर्ग से रायपुर होते हुए नई राजधानी तक जाने के मौजूदा 70-75 किलोमीटर के सफर को घटाकर 55 किलोमीटर कर देगा. इससे 20 किलोमीटर दूरी घटेगी, बल्कि समय और ईंधन की भी बचत होगी. यह कॉरिडोर मुंबई-कोलकाता आर्थिक कॉरिडोर में शामिल होगा. यह 6 लेन प्रोजेक्ट है. इसकी अनुमानित लागत 2297 करोड़ रुपए है.