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रेत कारोबार में नई पहल: छत्तीसगढ़ के 6 जिलों की 18 खदानें ई-नीलामी के लिए खुलीं

रायपुर छत्तीसगढ़ में रेत खनन को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने नई पहल की है। खनिज साधन विभाग ने प्रदेश के 6 जिलों की 18 रेत खदानों के आवंटन के लिए ई-नीलामी (रिवर्स ऑक्शन) प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए निविदाएं 7 से 13 नवंबर तक खोली जाएंगी। खनिज साधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में अन्य जिलों की खदानों की नीलामी भी इसी प्रणाली से की जाएगी। विभागीय पोर्टल पर पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी ताकि इच्छुक पक्ष कहीं से भी भाग ले सकें। किन जिलों की खदानें शामिल ई-नीलामी के दायरे में आने वाली खदानों में रायपुर जिले की टीला, धमतरी की तेंदूकोन्हा और मुड़पार, महासमुंद की नर्रा और खेमड़ा, बालोद की नेवारीकला-01, नेवारीकला-02, अरौद, देवीनवागांव और पोड, बिलासपुर की जरगा/कोनचरा, कुकुर्दीकला-02 और निरतू, और रायगढ़ जिले की बरभौना, बायसी, कंचनपुर, लेबड़ा और पुसल्दा खदानें शामिल हैं। इन सभी के लिए उच्चतम निर्धारित मूल्य (सीलिंग प्राइज) तय किया जा चुका है। नई रेत नीति 2025 लागू राज्य सरकार ने हाल ही में नई रेत खनन नीति 2025 को मंजूरी दी है। इसके तहत अब सभी खदानों की नीलामी इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली से होगी। अवैध खनन पर रोक लगाने और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के सार्वजनिक उपक्रम एमएसटीसी के साथ एमओयू किया है। अधिकारियों के अनुसार, नई नीति से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और स्थानीय निकायों को राजस्व का बड़ा लाभ मिलेगा। वर्तमान स्थिति और आगामी योजना फिलहाल प्रदेश में 120 रेत खदानें संचालित हैं। इसके अलावा 100 से अधिक खदानों को चालू करने के लिए पर्यावरणीय मंजूरी का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है। आने वाले महीनों में लगभग 150 नई खदानों को भी रिवर्स आक्शन प्रणाली से आवंटित किया जाना है। राजस्व में बढ़ोतरी और पारदर्शिता की उम्मीद खनिज विभाग का दावा है कि ई-नीलामी से न केवल रेत की आपूर्ति व्यवस्थित होगी, बल्कि अवैध खनन पर भी प्रभावी रोक लगेगी। पारदर्शी प्रक्रिया से सरकार के साथ-साथ पंचायतों और नगरीय निकायों को भी राजस्व में वृद्धि होगी।

सुरक्षित सफर की दिशा में—परिवहन विभाग की नई पहल

रायपुर, छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर नवा रायपुर में आयोजित राज्योत्सव-2025 में परिवहन विभाग का स्टॉल लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। विभाग द्वारा यहाँ आम नागरिकों को सड़क सुरक्षा, आधुनिक परिवहन सेवाओं और तकनीकी नवाचारों की जानकारी सरल और रोचक तरीके से दी जा रही है। राज्योत्सव में आए आगंतुकों ने परिवहन विभाग के इस स्टॉल को शिक्षाप्रद और जागरूकता बढ़ाने वाला बताया। स्लॉट में आने वाले लोगों ने परिवहन विभाग द्वारा प्रदर्शित पहलुओं को सड़क सुरक्षा और आधुनिक परिवहन प्रणाली की दिशा में एक सराहनीय प्रयास बताया है। स्टॉल में बड़े एलईडी स्क्रीन के माध्यम से ’वाहन चलाने से पहले और वाहन चलाने के दौरान सुरक्षित व्यवहार’ पर आधारित वीडियो मॉड्यूल्स दिखाए जा रहे हैं। कुल 37 मिनट के 12 वीडियो मॉड्यूल्स के जरिए वाहन चालकों को व्यवहारिक ज्ञान प्रदान किया जा रहा है। ये सभी मॉड्यूल्स ’सारथी परिवहन प्लेटफार्म’ पर भी उपलब्ध हैं। स्टॉल में लगाए गए सिम्युलेटर के माध्यम से आगंतुक सुरक्षित वातावरण में वाहन चलाने का अभ्यास कर रहे हैं। यह सिम्युलेटर वाहन संचालन से पहले प्रशिक्षण का एक उपयोगी माध्यम साबित हो रहा है। परिवहन विभाग के स्टॉल में अंर्तविभागीय लीड एजेंसी सड़क सुरक्षा छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि स्टॉल में विभागीय कार्य में पारदर्शिता और आमजनों में जागरूकता लाने प्रमुखता से बस संगवारी ऐप, ड्राइविंग लाइसेंस एवं वाहन पंजीयन प्रमाणपत्र, हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट, परिवहन सुविधा केंद्र, इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग एंड रिसर्च सेंटर, राहवीर योजना, शासकीय ट्रॉमा सेंटर और धनरहित उपचार योजना की जानकारी भी दी जा रही है।

सुरक्षा में चूक: पुलिस को चकमा देकर फरार हुए दो आरोपी, बढ़ी सिरदर्दी

बिलासपुर शहर के चकरभाठा पुलिस को चकमा देकर दो आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने शनिवार को दो बदमाशों को प्रतिबंधात्मक धाराओं में गिरफ्तार किया था। पुलिस की टीम आरोपियों को लेकर मजिस्ट्रेट के कार्यालय पहुंची थी। तभी जवानों को चकमा देकर बदमाश भाग निकले। इसकी जानकारी मिलते ही जवान सकते में आ गए। जवानों ने आनन-फानन में इसकी जानकारी अधिकारियों को दी। इसके बाद पुलिस की टीम बदमाशों की तलाश में जुट गई है। चकरभाठा पुलिस ने क्षेत्र के तेलसरा गांव से दो बदमाशों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों को लेकर पुलिस की टीम मजिस्ट्रेट के कार्यालय पहुंची थी। शनिवार को कार्यालय में अधिकारी मौजूद नहीं थे। इसके चलते जवान अधिकारी का इंतजार कर रहे थे। इसी बीच बदमाशों ने मौके का फायदा उठाकर पुलिस के जवानों को चकमा देकर भाग निकले। फरार आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस इधर बदमाशों के भागने के बाद जवान सकते में आ गए। जवानों ने आनन-फानन में इसकी जानकारी अधिकारियों को दी। इसके बाद थाने से पुलिस बल मौके पर पहुंची। पुलिस की टीम ने आसपास में बदमाशों की तलाश की। साथ ही उनके ठिकानों पर दबिश दी। बदमाशों के स्वजन को भी घटना की जानकारी दी गई है। साथ ही उनके आने पर थाने में संपर्क करने की चेतावनी दी गई है। देर रात तक पुलिस की टीम बदमाशों को पकड़ नहीं पाई थी।

राज्योत्सव का उप मुख्यमंत्री साव ने ने धूमधाम से किया शुभारंभ

विभागीय स्टॉलों का अवलोकन भी किया रायपुर, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर में आयोजित जिला स्तरीय राज्योत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने राज्योत्सव स्थल पर लगाए गए विभिन्न विभागों के स्टालों का भी अवलोकन किया। उन्होंने आमचो बस्तर हाट कियोस्क का उद्घाटन कर कलागुड़ी कैटलॉक का विमोचन किया। विभागीय स्टॉलों का अवलोकन भी किया उप मुख्यमंत्री साव ने शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि दंतेश्वरी मैय्या की पवित्र धरा में जिला स्तरीय राज्योत्सव का शुभारंभ किया जा रहा है। हमारा छत्तीसगढ़ अब 25 बरस का हो गया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेयी के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य ने 25 वर्ष में सभी क्षेत्रों में विकास किया है। शिक्षा, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना सहित सभी क्षेत्रों में विकास हुआ है जिनकी बदौलत देश में राज्य ने नई पहचान बनाई है। तेज गति से विकास के साथ ही बड़े-बड़े उद्योगों के लिए निवेश हो रहे हैं। विभागीय स्टॉलों का अवलोकन भी किया साव ने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों को सुरक्षा बलों और पुलिस के द्वारा नक्सल मुक्त किया जा रहा है। नक्सलियों के कब्जे वाले क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति दी गई है। बस्तर अब देश और दुनिया में अपनी उत्कृष्ट कला, संस्कृति, हस्तशिल्प और पर्यटन के लिए जाना जा रहा है। पूरे राज्य में रजत महोत्सव भव्य तरीके से मनाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ लंबी उड़ान के लिए तैयार है। हम सभी को इसे हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए काम करना है। विभागीय स्टॉलों का अवलोकन भी किया शुभारंभ कार्यक्रम को बस्तर जिला पंचायत की अध्यक्ष वेदवती कश्यप, उपाध्यक्ष  बलदेव मंडावी और जगदलपुर नगर निगम के सभापति ने भी संबोधित कर सभी को राज्योत्सव की बधाई और शुभकामनाएँ दीं। संभागायुक्त डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी., कलेक्टर हरीश एस. और जिला पंचायत के सीईओ प्रतीक जैन सहित जनप्रतिनिधि, पार्षदगण और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

नक्सल विरोधी अभियान में सफलता, पुलिस ने जंगलों से मिला विस्फोटकों का बड़ा जखीरा

गरियाबंद नक्सलवाद के खिलाफ पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने 3 अलग-अलग जंगल क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखी गई विस्फोटक सामग्री का बड़ा जखीरा बरामद किया है. जानकारी के अनुसार, शोभा और जुगाड़ थाना क्षेत्र के जंगलों में पुलिस टीम को सायबिनकछार, कोदोमाली और भूतबेड़ा के जंगलों में छिपाई गई नक्सली सामग्री मिली. बरामद सामान में 4 नग कुकर बम, इलेक्ट्रिक वायर, फटाका एवं राशन सामग्री शामिल है. पुलिस का मानना है कि यह सामान नक्सलियों ने सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से जंगलों में डंप किया था. समय रहते बरामदगी होने से बड़ी वारदात टल गई. एसपी निखिल राखेचा ने पूरे मामले की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि नक्सलियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और सुरक्षा बलों की सर्चिंग अभियान आगे भी जारी रहेगा.

भक्ति और संवाद का मिलन: रामनामी समाज ने प्रधानमंत्री मोदी से की आत्मीय मुलाकात

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया पर साझा किया यह भावनात्मक पल रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रामनामी समाज के बीच आत्मीय संवाद का एक वीडियो देश में तेजी से वायरल हुआ है । इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे भावनात्मक और प्रेरणादायी पल बताया है । छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित रजत महोत्सव के दौरान एक हृदयस्पर्शी दृश्य उस समय देखने को मिला, जब रामनाम में लीन जीवन जीने वाले रामनामी समाज के प्रतिनिधियों ने माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आत्मीय भेंट की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि प्रधानमंत्री जी के रायपुर प्रवास से कुछ ही घंटे पहले मंत्रालय में रामनामी समुदाय के प्रतिनिधियों से उनकी भेंट हुई थी। उन्होंने प्रधानमंत्री जी से मिलने की अपनी प्रबल इच्छा व्यक्त की थी, जिसके अनुरूप इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जब रजत महोत्सव के दौरान रामनामी समुदाय के ये श्रद्धालु प्रधानमंत्री मोदी से मिले, तब उन्होंने बड़े आदर और प्रेम से प्रधानमंत्री जी को अपने पारंपरिक मोर मुकुट से मुख्य मंच पर अलंकृत करने की अभिलाषा प्रकट की। प्रधानमंत्री मोदी ने जिस सहजता, स्नेह और आत्मीय भाव से उनके इस अनुरोध को स्वीकार किया, वह क्षण वहां उपस्थित सभी लोगों के लिए अत्यंत भावनात्मक और प्रेरणादायी बन गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रामनाम ही जिनका धर्म, रामभक्ति ही जिनका कर्म – ऐसे अद्भुत और राममय रामनामी समाज के सदस्यों के तन पर अंकित ‘राम’ केवल एक नाम नहीं, बल्कि समर्पण, तपस्या और अटूट आस्था का प्रतीक है। यह समुदाय अपने तन, मन और जीवन को प्रभु श्रीराम के चरणों में अर्पित कर देता है — यही उनकी जीवन साधना है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की इस आत्मीयता में भक्ति और कर्म का अद्वितीय संगम झलकता है। यह दृश्य इस सत्य को पुष्ट करता है कि रामभक्ति केवल पूजा नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पवित्र साधना है, जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आचरण और जीवन मूल्यों से सार्थक किया है।  

रामभद्राचार्य का बयान: भारत में रहना है तो बोलना होगा ‘जय श्री राम’

रायपुर  छत्तीसगढ़ के पेंड्रा में हो रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने एक बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा, "अगर भारत में रहना है तो जय श्री राम कहना होगा." उन्होंने आगे कहा कि जो लोग सनातन धर्म के खिलाफ हैं, वे भारत में नहीं टिक पाएंगे. आस्तिक बनकर रहो, नहीं तो बच नहीं पाओगे. वे श्री राम के विरोध को लेकर भी इमोशनल दिखे. उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के स्वर्गीय पिता नंदकुमार बघेल का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी श्रीराम की निंदा ने उन्हें दुखी किया था. वहीं उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पत्नी कौशल्या साय की भी तारीफ की. छत्तीसगढ़ में रामभद्राचार्य का तीखा बयान दरअसल, पेंड्रा में आयोजित श्रीमद्भागवत महाकथा में वक्ता जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि अगर भारत में रहना है तो जय श्री राम बोलना होगा. सनातन से बगावत करके कोई भारत में नहीं रह सकता. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता नंदकुमार बघेल का जिक्र करते हुए जगद्गुरु ने कहा कि वे अब जीवित नहीं हैं, लेकिन जब उन्होंने श्री राम की आलोचना की थी, तो उन्हें बहुत दुख हुआ था. उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु दे साय की पत्नी कौशल्या साय की तारीफ करते हुए कहा कि आदिवासी इलाके में पैदा होने के बावजूद उनके संस्कार बहुत अच्छे हैं. 'गली के कुत्ते भी नहीं पूछेंगे' श्रीमद्भागवत कथा में जब भगवान कृष्ण के वंश और द्वारिका के अंत का प्रसंग आया तो स्वामी रामभद्राचार्य जी ने कथा के दौरान एक बड़ी बात कही जिसमें उन्होंने कहा कि भारत में रहना है तो आस्तिक बने रहो वरना मर जाओ, सनातन धर्म से बगावत करके कोई भारत में नहीं रह सकता. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के दिवंगत पिता नंदकुमार बघेल को याद करते हुए उन्होंने कहा कि जब बड़े लोगों से जुड़े लोग सनातन धर्म की आलोचना करते हैं तो बहुत पीड़ा होती है. हालांकि वे अब नहीं रहे. उन्होंने राम जी की आलोचना की, उन्होंने अपने ही भतीजे की आलोचना की. क्या राम जी की आलोचना करके कोई यहां रह पाएगा. भारत में रहना है तो जय श्री राम बोलना होगा. यहां जय श्री राम न कहने वालों को जनता ऐसे भगाएगी कि गली के कुत्ते भी नहीं पूछेंगे. 

छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक: रायपुर स्टेशन पर बजा राज्य गीत

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आज 1 नवंबर को रायपुर रेलवे स्टेशन राज्य गीत ‘अरपा-पैरी के धार’ से गूंज उठा. प्लेटफॉर्म्स पर बैठे यात्रियों के चेहरों पर राज्यगीत की धुन सुनते ही खुशी की चमक दिखाई दी. इस दौरान कुछ यात्रियों ने रेलवे स्टेशन का वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा किया है. बता दें, छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना को आज 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं. इसलिए छत्तीसगढ़ इस साल अपना रजत जयंति वर्ष मना रहा है. इस अवसर पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्योत्सव कार्यक्रम और छत्तीसगढ़ के नए विधानसभा भवन के उद्घाटन करने समेत कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होने पहुंचे हैं. प्रदेश भर से बड़ी संख्या में लोग नवा रायपुर में आयोजित राज्योत्व कार्यक्रम में शामिल होंगे और राज्य गठन का उत्सव मनाएंगे. छठ गीत बजने पर उठे थे सवाल छठ महापर्व पर छत्तीसगढ़ के रेलवे स्टेशनों पर छठ गीत भी बजाए गए थे, जिसे लेकर छत्तीसगढ़वासियों ने सवाल उठाए थे. प्रदेशवासियों का कहना था कि “छठ छत्तीसगढ़ का पर्व नहीं है. दूसरे राज्य का पर्व है. अब-तक रेलवे स्टेशनों पर छत्तीसगढ़ के गीत नहीं बजाए गए, लेकिन छठ गीत बजाया गया.” आज छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर रेलवे स्टेशन पर राज्य गीत सुनकर लोगों में उत्साह देखने को मिला. कई लोगों ने साथ-साथ गाया “जय हो जय हो… छत्तीसगढ़ मईया….”  

छत्तीसगढ़ में पीएम मोदी का बड़ा कदम: 14,260 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ

रायपुर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के मौके पर रजत महोत्सव का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत माता, मां दंतेश्वरी, मां बम्लेश्वरी और छत्तीसगढ़ महतारी की जयकारों के साथ भाषण की शुरुआत की। PM मोदी ने कहा कि छत्तीसगढ़ के कोने-कोने से आए हुए सभी मेरे प्यारे भाई और बहनों छत्तीसगढ़ के जम्मो भाई-बहनी, लइका, सियानों को हाथ जोड़ कर जय जोहर। आज छत्तीसगढ़ राज्य अपन गठन के 25 साल पूरा कर लिया है।  25 साल में सफर का साक्षी रहा हूं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा मैंने भाजपा के कार्यकर्ता के रूप में छत्तीसगढ़ राज्य गठन से पहले का दौर भी देखा है। बीते 25 साल में सफर का साक्षी भी रहा हूं। इसलिए इस गौरवशाली पल का हिस्सा बनना मेरे लिए भी अद्भुत अनुभूति है। 25 साल की यात्रा हमने पूरी की है। 25 साल का कालखंड पूरा हुआ है। आज अगले 25 साल के नए युग का सूर्योदय हो रहा है। 40,000 किलोमीटर तक पहुंचा सड़कों का जाल- पीएम मोदी प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्ष 2000 के बाद छत्तीसगढ़ में एक पूरी पीढ़ी बदल गई है, जिसने 2000 से पहले का दौर नहीं देखा। जब राज्य बना था, तब गांवों तक पहुंचना मुश्किल था। गांवों में सड़कें नहीं थीं। आज छत्तीसगढ़ के गांवों में सड़कों का जाल 40,000 किलोमीटर तक पहुंच गया है। क्या मेरा एक काम करेंगे आप लोग… इस दौरान PM ने जनता से पूछा क्या मेरा एक काम करेंगे आप लोग, सब लोग बताइए। अपना फोन निकालिए और फ्लैश जलाइए। ये अगले 25 साल के सूर्योदय का उदय हो गया है। आपकी हथेली में नए सपनों का सूरज उग गया है। मोदी ने कहा कि नई रोशनी नजर आ रही है। यही रोशनी आपकी भाग्य का निर्माण करने वाली है। साथियों 25 साल पहले अटल जी की सरकार ने छत्तीसगढ़ को आपको सौंपा था।  छत्तीसगढ़ विकास की नई बुलंदी छूएगा- पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 25 साल पहले अटल जी की सरकार ने आपके सपनों का छत्तीसगढ़ आपको सौंपा था, साथ ही ये संकल्प भी लिया था कि छत्तीसगढ़ विकास की नई बुलंदी छूएगा। छत्तीसगढ़ आज विकास के पथ पर तेज़ गति से आगे बढ़ रहा है।  आज छत्तीसगढ़ को लोकतंत्र का नया मंदिर मिला- पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज ही  छत्तीसगढ़ को लोकतंत्र का नया मंदिर और नया विधानसभा भवन मिला है। यहां आने से पहले भी मुझे आदिवासी संग्रहालय के लोकार्पण करने का अवसर मिला। इस मंच से भी लगभग 14 हजार करोड़ रुपए की योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। इन विकास कार्यों के लिए आप सभी को बहुत बहुत बधाई देता हूं। आज अगले 25 साल के नए युग का सूर्योदय हो रहा है- पीएम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि 25 साल की यात्रा हमने पूरी की है। 25 साल का कालखंड पूरा हुआ है। आज अगले 25 साल के नए युग का सूर्योदय हो रहा है। राज्य गठन से पहले का दौर भी देखा है- पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैंने भाजपा के कार्यकर्ता के रूप में छत्तीसगढ़ राज्य गठन से पहले का दौर भी देखा है। बीते 25 साल में सफर का साक्षी भी रहा हूं। इसलिए इस गौरवशाली पल का हिस्सा बनना मेरे लिए भी अद्भुत अनुभूति है। पीएम मोदी ने किया कई योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सड़क, उद्योग, स्वास्थ्य सेवा और ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों से जुड़ी 14,260 करोड़ रुपये से अधिक की विकासात्मक और परिवर्तनकारी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।  छत्तीसगढ़ आज विकास के पथ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 25 साल पहले अटल की सरकार ने आपके सपनों का छत्तीसगढ़ आपको सौंपा था, साथ ही ये संकल्प भी लिया था कि छत्तीसगढ़ विकास की नई बुलंदी छूएगा। छत्तीसगढ़ आज विकास के पथ पर तेज़ गति से आगे बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ के आप सभी भाइयों-बहनों ने मिलकर अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं। जो बीज 25 साल पहले बोया गया था। आज यह विकास का वृक्ष बन गया है। आज भी छत्तीसगढ़ को लोकतंत्र का नया मंदिर, नई विधानसभा मिल रही है। PM मोदी ने सोनिया को सौंपी आवास की चाबी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के मौके पर PM आवास योजना के हितग्राहियों को चाबियां सौंपी। PM मोदी ने धमतरी की सोनिया से बातचीत भी की। पीएम मोदी ने किया कई योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सड़क, उद्योग, स्वास्थ्य सेवा और ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों से जुड़ी 14,260 करोड़ रुपये से अधिक की विकासात्मक और परिवर्तनकारी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। CM साय बोले- PM मोदी प्रदेश को संवार रहे हैं CM विष्णुदेव साय ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ को बनाया। अब वर्तमान प्रधानमंत्री मोदी प्रदेश को संवार रहे हैं। CM विष्णुदेव साय ने कहा कि पहले पीएम मोदी प्रदेश के कोने-कोने में घूम चुके हैं। 14 हजार करोड़ के विकास कार्यों की घोषणा करेंगे। इसके पहले बिलासपुर में 35 हजार करोड़ के विकास कार्यों की घोषणा की थी। पीएम मोदी ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर अटल नगर में एक प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसके साथ ही मोदी ने नवा रायपुर अटल नगर में शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया। नवा रायपुर को बनाएंगे प्रदेश की पहली सोलर-सिटी बता दें कि PM मोदी ने नवा रायपुर को प्रदेश की पहली सोलर-सिटी बनाने की बात भी कही। PM ने कहा- प्रधानमंत्री बनने के बाद, जब भी मैं दुनिया के विभिन्न देशों में गया हूं, मुझे हर जगह ब्रम्ह कुमारिस के लोग मिले हैं। इससे मुझे न केवल अपनेपन का अहसास होता है, बल्कि शक्ति का भी अनुभव होता है। मैं शक्ति का पुजारी हूं और यह अनुभव मेरे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। सत्य साईं अस्पताल में 2500 बच्चों से मिले PM मोदी इससे पहले पीएम मोदी एयरपोर्ट से निकलकर सत्य साईं हॉस्पिटल पहुंचे। इस दौरान रास्तेभर स्कूली छात्र और स्थानीय लोगों उनके स्वागत में खड़े रहे। पीएम मोदी सत्य साईं हॉस्पिटल पहुंचें और “दिल की बात” कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान राज्यपाल रमेन डेका, पूर्व क्रिकेटर … Read more

पीएम मोदी ने ली तीजन बाई की तबीयत की जानकारी, जिला प्रशासन ने तुरंत की कार्रवाई

रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज छत्तीसगढ़ के दौरे पर थे। राज्य स्थापना दिवस के मौके पर पीएम मोदी छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंचे थे। इस दौरान पीएम मोदी ने पद्म विभूषण से सम्मानित प्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई के बारे में पूछा, तो पूरा प्रशासन हरकत में आ गया। जिला कलेक्टर समेत स्वास्थ्य अधिकारियों की एक टीम फौरन तीजन बाई के घर पहुंची और उनके स्वास्थ्य की जांच की गई। सभी अधिकारी लगभग आधे घंटे तक तीजन बाई के घर पर मौजूद रहे। काफी समय से बीमार हैं तीजन बाई दरअसल 2024 में तीजन बाई के तबीयत अचानक खराब हो गई थी। उनका बीपी काफी बढ़ गया था और वो बिस्तर से उठ भी नहीं पा रही थीं। यही नहीं, वो कई लोगों को पहचानने में भी असमर्थ थीं। सितंबर 2024 में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तीजन बाई के स्वास्थ्य पर चिंता व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन को बेहतर उपचार और उनके देखभाल की जिम्मेदारी सौंपी थी। सीएम ने दिया थे आदेश सीएम के आदेश के बाद चिकित्सकों की एक टीम समय-समय पर तीजन बाई के आवास पर भेजी जाती थी और उनकी सेहत की लगातार निगरानी की जा रही थी। वहीं, जब आज पीएम मोदी ने उनका जिक्र किया, तो जिला कलेक्टर अभिजीत सिंह समेत मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मनोज दानी समेत कई अधिकारी तीजन बाई के आवास पर पहुंच गए। तीजन बाई का घर गनियारी गांव में है। पीएम मोदी के पूछने के बाद ही प्रशासन की पूरी टीम तीजन बाई के घर पर पहुंची और आधे घंटे तक उनका चेकअप हुआ। इस दौरान दौरान तीजन बाई के परिवार के भी सभी सदस्य मौक पर मौजूद थे। परिवार के सदस्यों के मुताबिक तीजन बाई ठीक से कुछ बोल या बता नहीं पा रही हैं।