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झारखंड के रामगढ़ में हाथियों की मुसीबत, कुएं में गिरने के बाद वन विभाग की राहत कार्य में जुटी टीम

रामगढ़,  झारखंड के रामगढ़ जिले के गोला वन क्षेत्र के परसाडीह जंगल में गुरुवार को दो हाथी 25 फीट गहरे कुएं में गिर गए। इनमें एक वयस्क और दूसरा शिशु है। दोनों जीवित हैं और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए वन विभाग ने बड़ा रेस्क्यू अभियान शुरू किया है। अधिकारियों ने बताया कि कुएं में पानी कम होने से दोनों की जान बच गई। जेसीबी और अन्य उपकरणों की मदद से बचाव कार्य किया जा रहा है। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे कुएं के आसपास भीड़ न लगाएं और हाथियों से दूरी बनाए रखें ताकि रेस्क्यू अभियान में कोई बाधा न आए। ग्रामीणों ने बताया कि यह कुआं परसाडीह गांव निवासी दीनाराम मांझी की जमीन पर मनरेगा योजना के तहत खोदा गया था। कुएं के चारों ओर घनी झाड़ियां होने के कारण हाथियों को इसका अंदाजा नहीं हुआ और वे सीधे उसमें गिर गए। ग्रामीणों का कहना है कि कुआं खुले में है और इसके चारों ओर कोई सुरक्षा दीवार नहीं है। इसी कारण यह कुआं नजर नहीं आया और हाथियों के गिरने की घटना हुई। विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस इलाके में लगभग 42 हाथियों का झुंड विचरण कर रहा है। कुछ दिन पहले हेसापोड़ा जंगल में हाथियों के झुंड में तीन बच्चों के जन्म की जानकारी सामने आई थी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि जंगल किनारे खोदे गए ऐसे सभी कुओं को सुरक्षित किया जाए। उनका कहना है कि अगर इन कुओं को चारों ओर से ढकने या घेरने की व्यवस्था नहीं की गई, तो भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा हो सकती हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि खुले कुएं वन्यजीवों के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। गोला वन क्षेत्र इन दिनों हाथियों की गतिविधियों के कारण लगातार चर्चा में है। हाथियों की लगातार आवाजाही से ग्रामीणों में दहशत और उत्सुकता दोनों बनी हुई है। वन विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी है।  

कोरोना काल के कर्ज़ पर रोक! कोयला पर कंपनसेशन सेस खत्म होने पर वित्त मंत्री ने किया ऐलान

रायपुर GST 2.O में कोयले पर कंपनसेशन सेस खत्म हो गया है. इस पर वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि कोयला खनन रॉयल्टी से अब छत्तीसगढ़ को सीधा फायदा होगा. कोरोना काल में लिया कर्ज सेस से चुकाया जा रहा था, अब जीएसटी में सेस के मर्ज होने से राहत मिलेगी. कोयला खपत पर 50% हिस्सा छत्तीसगढ़ को और 50% केंद्र को मिलेगा. वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने जीएसटी चोरी पर गुटखा कारोबारी पर कार्रवाई को लेकर कहा कि ऑर्गनाइज टैक्स चोरी के मामले में हमारी सरकार सख्त है. छोटे-मोटे मामले में हमारा रवैया सहयोगात्मक है. अगर कोई अधिकारी-कर्मचारी भी गड़बड़ी करता है, तो उस पर भी कार्रवाई होगी. वहीं विपक्ष के जीएसटी रिफॉर्म के बावजूद कई सामानों के दाम पहले की तरह ही होने के आरोपों पर वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी रिफॉर्म से बहुत फायदा है. लगातार बड़े कदम उठाये जा रहे हैं. विपक्ष जीएसटी काउंसिल के भीतर दर कम करने का विरोध करती थी, राज्यों के रेवेन्यू पर हाय तौबा मचाते हैं, और बाहर में दाम कम नहीं हुआ, ऐसा कहकर कांग्रेस लोगों को बरगलाती है.

बस्तर में नक्सलियों की धरती पर बदलाव की बयार, CM साय बोले – 2026 तक खत्म करेंगे नक्सलवाद

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार की नवीन आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025 और नियद नेल्ला नार योजना ने दंतेवाड़ा सहित पूरे बस्तर अंचल में नया विश्वास जगाया है। माओवादी हिंसा के झूठे नारों से भटके लोग अब विकास और शांति की राह चुन रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर संभाग में चलाए जा रहे पूना मारगेम अभियान तथा दंतेवाड़ा जिले में चलाए जा रहे लोन वर्राटू अभियान से प्रभावित होकर हाल ही में 71 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें 30 नक्सलियों पर 50 हजार से 8 लाख रुपये तक का कुल 64 लाख रुपये का इनाम घोषित था। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में आत्मसमर्पण हमारी नीतियों की प्रभावशीलता और जन-विश्वास का प्रत्यक्ष प्रमाण है। Cm  साय ने कहा कि आत्मसमर्पित नक्सलियों को बेहतर जीवन की शुरुआत के लिए 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि के चेक प्रदान किए गए हैं। साथ ही उन्हें नक्सल उन्मूलन नीति के तहत सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और भरोसेमंद वातावरण के कारण अब तक 1770 से अधिक माओवादी मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं। डबल इंजन की सरकार का संकल्प है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा और आत्मसमर्पित साथियों को सम्मानजनक पुनर्वास एवं बेहतर जीवन उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही  मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बस्तर बदल रहा है और नक्सलवाद का अंधियारा छंट रहा है। यह परिवर्तन बस्तर के उज्ज्वल भविष्य और शांति की ओर बढ़ते कदमों का सशक्त संकेत है।

सड़क हादसा: बस पलटने से 4 साल की बच्ची की मौत, यात्रियों में हड़कंप

धमतरी छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में आज दोपहर यात्री बस पलटने से घटना स्थल पर अफरा-तफरी मच गई. इस हादसे में 4 साल की बच्ची रागिनी निषाद की मौत हो गई. वहीं 6 यात्री घायल हुए हैं. यह हादसा नगरी-सिहावा रोड पर हुआ. घटना की सूचना पर केरेगांव पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया. जानकारी के अनुसार, डीआरडी कंपनी की बस धमतरी से नगरी जा रही थी. इस दौरान केरेगांव थाना क्षेत्र के खड़ादाह गांव के पास स्टेट हाइवे पर बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई. स्थानीय नागरिकों ने घायल यात्रियों को बस से बाहर निकाला. घायलों में टीकाराम साहू (58) और उनकी पत्नी कुमारी बाई (54) शामिल हैं, जो ग्राम बेलौदी के निवासी हैं. उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. परिवार में पसरा मातम इसके अलावा 108 एंबुलेंस से ग्राम बासनवाही की कलेसिया निषाद और बच्ची रागिनी निषाद को भी अस्पताल लाया गया. डॉक्टरों ने जांच के बाद रागिनी को मृत घोषित कर दिया. कलेसिया निषाद ने बताया कि वह अछोटा गांव में अपने रिश्तेदार के यहां गई थी और अपनी नातिन के साथ घर लौट रही थी. बच्ची की मौत से परिवार में मातम पसर गया है. केरेगांव पुलिस घटना की जांच कर रही है.

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से बदल रही जिंदगी

मदनपुर की मंजू थोरिया हर महीने कर रही हजारों की बचत छह महीने से बिजली बिल आ रहा ऋणात्मक, आत्मनिर्भरता की ओर कदम रायपुर, खरसिया विकासखंड के मदनपुर गांव की मंजू थोरिया कभी हर महीने 2,500 से 3,000 रुपये तक का भारी-भरकम बिजली बिल चुकाने को मजबूर थीं। यह खर्च उनके परिवार के घरेलू बजट पर गहरा असर डालता था। लेकिन प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से जुडऩे के बाद उनकी जिंदगी ने नई दिशा पकड़ ली है। अब मंजू थोरिया को न केवल बिजली बिल भरने से मुक्ति मिली है, बल्कि पिछले छह महीनों से उनका बिजली बिल ऋणात्मक आ रहा है। यह इसलिए संभव हो पाया क्योंकि उनके घर की छत पर लगाए गए सोलर पैनलों से उत्पन्न अतिरिक्त बिजली सीधे ग्रिड में जुड़ रही है। इस योजना के तहत मंजू को रूफटॉप सोलर लगाने के लिए मिलने वाली सब्सिडी भी मात्र सात दिनों के भीतर ही मिल गई। इससे शुरुआती लागत का बोझ काफी कम हो गया और परिवार को आर्थिक राहत मिली। मंजू के पति श्री रश्मिरंजन बताते हैं कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने हमें असली राहत दी है। अब हमें बिजली बिल की चिंता नहीं रहती बल्कि बचत भी हो रही है और घर की आमदनी पर सकारात्मक असर पड़ रहा है। यह योजना केवल उपभोक्ताओं को बिजली बिल से राहत ही नहीं दे रही, बल्कि देश को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ी पहल साबित हो रही है। योजना की विशेषताएं सरकार सौर ऊर्जा को अपनाने के लिए उपभोक्ताओं को भारी सब्सिडी उपलब्ध करा रही है। 1 किलोवॉट क्षमता पर 45 हजार रुपए, 2 किलोवॉट क्षमता पर 90 हजार रुपए और 3 किलोवॉट क्षमता पर 01 लाख 8 हजार की सब्सिडी दे रही है। इसके अलावा, उपभोक्ताओं को बैंक ऋण की सुविधा भी दी जा रही है। इस योजना के तहत आवेदन के लिए भारत की नागरिकता, छत पर सौर पैनल लगाने के लिए पर्याप्त जगह और वैध बिजली कनेक्शन होना चाहिए। आवेदन https://pmsuryaghar.gov.in पोर्टल पर, पीएम सूर्य घर मोबाइल ऐप से, या सीएसपीडीसीएल की वेबसाइट और मोर बिजली ऐप के माध्यम से किया जा सकता है। सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 1912 पर भी कॉल किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना: उजाला फैलाने के साथ आत्मनिर्भरता की राह दिखा रहे हैं भात्रा

बिजली उपभोक्ता से उत्पादक बने, ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़   रायपुर, भारत के विकास की राह अब सूरज की रोशनी से रोशन हो रही है। इसी दिशा में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ने ऊर्जा आत्मनिर्भरता की नई परिभाषा गढ़ी है। यह योजना केवल बिजली बचत का उपाय नहीं, बल्कि हर घर को भविष्य की ऊर्जा क्रांति से जोड़ने वाला सेतु है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में शुरू हुई यह पहल नागरिकों को उपभोक्ता से उत्पादक बना रही है। अब हर छत सिर्फ छत नहीं, बल्कि ऊर्जा का स्रोत है। यही कारण है कि सूर्यघर योजना आज स्वच्छ ऊर्जा, आत्मनिर्भरता और सतत विकास का सबसे मजबूत आधार स्तंभ बन चुकी है। कोरबा जिले के खरमोरा निवासी श्री दीपक किशोर भात्रा, जो पेशे से व्यापारी हैं, ने अपने घर की छत पर तीन किलोवाट का सोलर पैनल लगवाया है। उन्हें इस योजना की जानकारी अपने परिचितों से मिली, योजना का लाभ सुनते ही उन्होंने बिना देर किए आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन किया। आवेदन के तुरंत बाद ही विशेषज्ञ टीम ने उनके घर पर सोलर पैनल स्थापित कर दिया। आवेदन के कुछ ही दिनों में उनके खाते में केंद्र सरकार की ओर से रूपये 78 हजार की सब्सिडी सीधे जमा हो गई। इससे उन्हें आर्थिक बोझ महसूस नहीं हुआ। अब उनके घर के सभी उपकरण बिना किसी रुकावट के आसानी से चलते हैं। श्री भात्रा बताते हैं कि सोलर पैनल की कुल लागत लगभग रूपये 2 लाख 10 हजार आई, लेकिन सरकार की सब्सिडी मिलने से उनका वास्तविक निवेश बेहद कम रह गया। उनका कहना है कि आज जहाँ अधिकांश लोग कोयले और अन्य पारंपरिक साधनों पर निर्भर हैं, वहीं सूर्यघर योजना एक क्रांतिकारी पहल है। यह योजना हर घर में बिजली की  आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है और साथ ही बचत का अवसर भी प्रदान कर रही है। केवल एक बार का निवेश जीवनभर के उजाले और आत्मनिर्भरता का आशीर्वाद लेकर आता है। इसके साथ ही उन्होंने अपने परिचितों और आसपास के लोगों को भी इस योजना का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया, ताकि वे भी आत्मनिर्भर बन सकें। श्री भात्रा ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह पहल वास्तव में आम लोगों के जीवन में रोशनी और समृद्धि लेकर आई है। छत्तीसगढ़ जैसे ऊर्जा-समृद्ध राज्य में इस योजना का क्रियान्वयन विशेष महत्व रखता है। अब तक राज्य मुख्य रूप से कोयला और पारंपरिक स्रोतों से बिजली उत्पादन पर निर्भर रहा है, लेकिन सूर्यघर योजना के माध्यम से यहाँ के लोग स्वच्छ ऊर्जा अपनाने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से उपयोगी है बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए विकास का मार्ग भी प्रशस्त कर रही है। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना का असर केवल घरेलू जीवन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को भी मज़बूत कर रही है।

फारूक हत्याकांड में आरोपियों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, उम्रकैद से हुई कम

बिलासपुर रायपुर के बहुचर्चित फारूक खान हत्याकांड में हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने तीनों आरोपियों की उम्रकैद की सजा घटाकर 10-10 साल कर दी है। कोर्ट ने माना कि यह हत्या अचानक हुए झगड़े में गुस्से का नतीजा था, इसमें पहले से कोई साजिश या योजना नहीं थी। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की खंडपीठ में हुई। दरअसल, 14 फरवरी 2022 की रात रायपुर के बैजनाथपारा में एक शादी समारोह में डीजे पर डांस को लेकर बहस शुरू हुई। आपसी विवाद बढ़ा तो गुस्से में राजा उर्फ अहमद रजा ने जेब से चाकू निकाला और फारूक खान के सीने पर वार कर दिया। फारूक को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने राजा के साथ उसके साथियों मोहम्मद इश्तेखार और मोहम्मद शाहिद को गिरफ्तार किया। ट्रायल कोर्ट ने फरवरी 2024 में राजा को हत्या (धारा 302) और दोनों साथियों को हत्या में सहभागिता (302/34) में उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट में बचाव पक्ष ने कहा कि यह घटना अचानक हुई, कोई पूर्व नियोजित साजिश नहीं थी। मेडिकल रिपोर्ट से भी साफ है कि एक ही चाकू का वार हुआ। राज्य पक्ष ने सजा बरकरार रखने की मांग की, लेकिन कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि मामला आईपीसी की धारा 300 के अपवाद 4 के तहत आता है, यानी अचानक हुए झगड़े में हत्या हुई है। इस मामले में आरोपी राजा को 302 में उम्रकैद, इश्तेखार और शाहिद को 302/34 में उम्रकैद की सजा दी गई थी। वहीं हाईकोर्ट ने तीनों आरोपियो को धारा 304 (भाग-1) यानी गैरइरादतन हत्या में 10-10 साल कठोर कैद और 500-500 रुपये का जुर्माना लगाया है। आर्म्स एक्ट में एक साल की सजा पहले जैसी रहेगी और सारी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। कोर्ट ने कहा कि शादी में अचानक शुरू हुए विवाद में कोई पूर्व योजना या हथियारबंद साजिश नहीं दिखती। यह हत्या नहीं बल्कि कुलपेबल होमिसाइड है, इसलिए सजा में राहत दी जाती है।

कटघोरा में गोलियों की ताबड़तोड़, लोगों में दहशत; एक आरोपी गिरफ्तार

कोरबा कोरबा जिले के कटघोरा थाना क्षेत्र के कसनिया गांव में फायरिंग का मामला सामने आया है। हमलावर ने घर और दुकान पर गोली चलाई। इस घटना में मौके पर एक कारतूस गिरा मिला। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने घटनास्थल का दौरा किया और मामले की जांच शुरू कर दी है। एक आरोपी को हिरासत में लिया गया है, और पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। अभी तक घटना का कारण अज्ञात है। मकान मालिक वसीम मेमन ने बताया कि वह घर के अंदर था इस दौरान दो गोली चलने की आवाज आई, उसे अनहोनी होने की आशंका हुई और वह घर से बाहर निकाला। गोली की आवाज सुनकर हड़कंप मच गया। एक गोली घर के शटर पर लगी। वहीं, दूसरी गली अंदर के मुख्य द्वार पर लगी। गोली चलाने वाले दो लोग थे जो बाइक पर सवार होकर आए हुए थे। वसीम मेमन ने बताया कि उसके छोटे भाई का कोर्ट में मामला चल रहा है। इसके बाद से विवाद की स्थिति बनी हुई है आशंका जताई जा रही है कि उसे ही जुड़े कुछ लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया होगा। घटना की सूचना मिलते ही कोरबा एसपी सिद्धार्थ तिवारी मौके पर पहुंचे और पुलिस के अधिकारी भी उपस्थित रहे। फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम को भी बुलाया गया। पुलिस की तत्परता से एक आरोपी को हिरासत में दिया गया है, उससे पूछताछ की जा रही है।

छत्तीसगढ़ की बेटी दिव्या ने एशियन बास्केटबॉल चैंपियनशिप में रचा इतिहास

महासमुंद छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले की होनहार बेटी दिव्या रंगारी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है। दिव्या व उनकी टीम ने मलेशिया में आयोजित अंडर-16 एशियन वूमेन्स बास्केटबॉल चैंपियनशिप 2025 में भारत का परचम लहराया है। चैपियनशिप में दिव्या और उसकी टीम ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए शानदार खेल का प्रदर्शन किया और इस टूर्नामेंट में 8 साल बाद भारत की वापसी कराते हुए गोल्ड मेडल हासिल किया। यह पल दिव्या और उनकी टीम के लिए गौरव का पल था, जो भारत के लिए खेल रही थी। 13 से 19 सितम्बर तक मलेशिया में आयोजित इस टूर्नामेंट में 8 देशों के साथ भारत का मुकाबला हुआ। दिव्या और उसकी टीम ने पूरे दमखम के साथ खेलकर भारत को विजयी दिलाई। भारत की ओर से खेलने वाली खिलाड़ियों में महासमुंद की दिव्या रंगारी छत्तीसगढ़ की मात्र अकेली खिलाड़ी थी। FIFA बास्केटबॉल टूर्नामेंट चैंपियनशिप में भारत को गोल्ड मेडल दिलाने के बाद महासमुंद लौटी दिव्या का भव्य स्वागत हुआ। पूरे शहरवासी, खेल प्रेमी, जनप्रतिनिधि, समाज सेवी और विभिन्न समुदाय के लोगों ने उनका जगह-जगह भव्य स्वागत किया। रास्तेभर गाजे- बाजे की आवाज और आतिशबाजी के साथ भारत माता की जय के नारे गूंजती रही। किसी भी परिस्थिति में घबराएं नहीं, डटकर मुकाबला करें : दिव्या लोगों ने फूल माला और मिठाई के साथ दिव्या का स्वागत किया। सभी ने दिव्या से मुलाकात कर उसके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए शुभकामनाएं दी। इस दौरान दिव्या ने कठिनाइयों में पीछे हट जाने वाले खिलाड़ियों को संदेश देते हुए कहा कि हर परिस्थितियों में घबराकर मैदान छोड़ने की जरूरत नहीं है बल्कि वहां डटे रहकर मुकाबला करने से ही जीत मिलती है। दिव्या ने अपने इस सफलता का श्रेय अपने कोच, अपने माता-पिता और बास्केटबॉल संघ के सदस्यों को दिया है। उनके परिजन भी दिव्या की इस सफलता पर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। पिता ने कहा – बेटी ने दिलाई पहचान दिव्या के पिता का कहना है कि जो लोग मुझे जानते नहीं थे, वे आज मुझे अपनी बेटी के नाम से पहचानने लगे हैं। एक पिता के लिए इससे बड़ी बात और क्या हो सकती है। बास्केटबॉल संघ ने भी दिव्या के इस सफलता पर खुशी जाहिर की और आने वाले समय में हर खिलाड़ी के लिए एक बेहतर प्लेटफॉर्म तैयार करने की बात कही।

पंडित दीनदयाल जी की 109 वीं जयंती पर माल्यार्पण,पुष्पांजलि सभा का आयोजन

रायपुर  जवाहर नगर मंडल द्वारा 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की 109 वीं जयंती मंडल के वार्डो में बूथ स्तर पर मनाई गई। इस अवसर पर आज सुबह 10 बजे तात्यापारा वार्ड क्र 36 स्थित श्री दुलार धर्म शाला बढ़ई पारा मुख्य मार्ग पर पंडित दीनदयाल जी की छायाचित्र के समक्ष माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि का कार्यक्रम रखा गया था। जिसमें जवाहर मंडल के पदाधिकारी,कार्यकर्ता गण,एवं वार्ड वासी शामिल होकर सभी ने पंडित दीनदयाल उपाध्यक्ष जी को याद कर पुष्पांजलि अर्पित की। जयंती के अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता पूर्व साभापति,लौह शिल्पकला बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा ने अपने संबोधन में बताया कि पंडित दीनदयाल का मूल मंत्र कार्यकर्ताओं का सम्मान था। पंडित दीनदयाल उपाध्याय एकात्मक मानववाद के संस्थापक थे। जनसंघ की संस्थापक सदस्य में एक थे। वह जनसंघ के महासचिव और अध्यक्ष भी बनाए गए। तात्यापारा वार्ड की पार्षद एवं जोन 7 की अध्यक्ष श्रीमती श्वेता विश्वकर्मा द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के छाया चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की। आज के कार्यक्रम में विशेष रूप से लौह शिल्पकार मंडल के अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा, तात्यापारा वार्ड की पार्षद एवं जोन 7 की अध्यक्ष श्रीमती श्वेता विश्वकर्मा,इंदिरा गांधीं वार्ड के पार्षद एवं mic सदस्य श्री अवतार सिंह बागल,पूर्व जिला अध्यक्ष श्री राजेश पांडे, जवाहर नगर मंडल अध्यक्ष श्री संदीप जंघेल,भाजपा जिला से असगर अली,मनोज विश्वकर्मा मंडल महामंत्री श्री रमेश शर्मा,गीता रेड्डी,रिखी राम श्रीवास,कान्हा सिंह ठाकुर,सूरज शर्मा,शंकर शर्मा,नीलू तलमेल,दिनेश अग्रवाल,संतोष निहाल,राहुल विश्वकर्मा,पूनम सोनी,प्रियंका साहू,सरोज गुरुगोसाई,विजय सोनी,दीप लक्ष्मी साहू,कुशल गेडेकर,मीडिया प्रभारी प्रणीत जैन के साथ दर्जनों मोहल्ला वासी और भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे।