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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने श्रद्धेय शांताराम सर्राफ को अर्पित की श्रद्धांजलि

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित शांता राम सर्राफ जी की श्रद्धांजलि सभा में सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने शांता राम सर्राफ जी के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों को दुःख को  सहन करने की शक्ति प्रदान करे। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, उपमुख्यमंत्रीद्वय श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा, कैबिनेट मंत्री श्री केदार कश्यप, श्री लखनलाल देवांगन, श्री दयालदास बघेल, श्री श्याम बिहारी जायसवाल, श्री गजेन्द्र यादव, श्री टंकराम वर्मा, श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े सहित अन्य गणमान्यजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

‘एक पेड़ माँ के नाम 2.0’ अभियान के तहत सड़कों के किनारे और डिवाइडर्स पर पौधरोपण

रायपुर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) जहां एक ओर देश में सड़कों का जाल बिछा रहा है, वहीं दूसरी ओर राजमार्गों के किनारों और डिवाइडर्स पर पौधे लगाकर ग्रीन कॉरिडोर भी तैयार कर रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने 'एक पेड़ माँ के नाम 2.0' अभियान के तहत इस साल छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे और डिवाइडर्स पर दो लाख 71 हजार से ज्यादा पौधे लगाकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार के साथ-साथ प्राधिकरण उन्हें 'ग्रीन कॉरिडोर' में भी बदल रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में ‘एक पेड़ माँ के नाम 2.0’ अभियान छत्तीसगढ़ में हरियाली, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की नई दिशा दे रहा है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर दो लाख 71 हजार से अधिक पौधे रोपित होना इस बात का प्रमाण है कि सड़क निर्माण केवल विकास की आधारशिला नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वायु और हरित जीवन का भी संकल्प है। राष्ट्रीय राजमार्ग से छत्तीसगढ़ में नागरिकों को तरक्की की राह के साथ ही हरियाली की छांव भी मिल रही है। उन्होंने कहा कि ग्रीन कॉरिडोर का यह प्रयास छत्तीसगढ़ को न केवल यातायात सुविधा में बल्कि पर्यावरणीय संतुलन में भी देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करेगा। उल्लखेनीय है कि छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय राजमार्गों में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के महत्वाकांक्षी 'एक पेड़ माँ के नाम 2.0' अभियान के अंतर्गत इस साल निर्धारित लक्ष्य से अधिक वृक्षारोपण किया है। रायपुर-विशाखापट्टनम (NH-130CD) परियोजना में सर्वाधिक 97 हजार 145 पौधे लगाए गए हैं। इसके बाद महाराष्ट्र सीमा-दुर्ग-रायपुर-ओडिशा सीमा (NH-53) पर 46 हजार 141 पौधे, चांपा-कोरबा-कटघोरा (NH-149B) मार्ग पर 23 हजार 020 पौधे, बिलासपुर-कटघोरा (NH-130) मार्ग पर 16 हजार 847 पौधे, बिलासपुर-उरगा-पत्थलगांव (NH-130A) मार्ग पर 14 हजार 400 पौधे तथा सिमगा-रायपुर-धमतरी (NH-30) परियोजना में 5406 पौधे रोपे गए हैं।  राष्ट्रीय राजमार्गों के डिवाइडर्स पर मीडियन प्लांटेशन के रूप में पौधे लगाए गए हैं, जबकि किनारों पर एवेन्यू प्लांटेशन के रूप में पौधरोपण किया गया है। इनमें काफी संख्या में बड़े फलदार और छायादार वृक्ष भी शामिल हैं। नए इलाकों में पौधरोपण के साथ ही पिछले वर्षों में क्षतिग्रस्त हुए पौधों को बदलने के लिए 68 हजार 297 जगहों पर रिप्लांटेशन भी किया गया है। इस तरह चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक (15 सितम्बर 2025 तक) कुल दो लाख 71 हजार 253 पौधे राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगाए गए हैं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, रायपुर के क्षेत्रीय अधिकारी (Regional Officer) श्री प्रदीप कुमार लाल ने कहा कि ‘एक पेड़ माँ के नाम 2.0’ सिर्फ एक वृक्षारोपण अभियान नहीं है, बल्कि यह भविष्य की पीढ़ी के लिए एक निवेश है। हमारा उद्देश्य सिर्फ सड़कों का निर्माण करना नहीं, बल्कि एक स्वस्थ और सुन्दर पर्यावरण का भी निर्माण करना है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों में इस साल दो लाख दो हजार 959 नए पौधे लगाए गए हैं, जबकि 68 हजार 297 जगहों पर रिप्लांटेशन किया गया है। इस तरह छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय राजमार्गों पर इस साल (2025-26 में) अब तक कुल दो लाख 71 हजार 253 पौधे लगाए जा चुके हैं।

जगदलपुर : दशहरा पर्व में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए सम्पर्क नंबर जारी

जगदलपुर कलेक्टर श्री हरिस एस के मार्गदर्शन में प्रशासन द्वारा बस्तर दशहरा पर्व 2025 अन्तर्गत 02 से 07 अक्टूबर 2025 तक लालबाग मैदान में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाना प्रस्तावित है। उक्त कार्यक्रम में स्थानीय कलाकार की सहभागिता भी रहेगी, स्थानीय कलाकार जो हिस्सा लेना चाहते हंै वे  जिला पंचायत कार्यालय के जिला समन्वयक पीएमएवाय श्री बी. मनिहार मोबाईल नम्बर +91-70001-30317, प्रोग्रामर श्री शशांक नाग मोबाईल नम्बर +91-94790-22370 एवं मोहम्मद अनीस खान मोबाईल नम्बर . +91-70006-13041 से सम्पर्क कर सकते हंै। स्कूली बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम हेतु एपीसी शिक्षा विभाग श्री राकेश खापर्डे, मोबाईल नम्बर +91-94255-97331 से सम्पर्क कर सकते हैं। इच्छुक प्रतिभागी कार्यालयीन समय में 22 सितम्बर 2025 तक उपरोक्त दिये गए मोबाईल नम्बर पर सम्पर्क कर अपना पंजीयन करा सकते हैं।

हॉर्टिकल्चर विभाग की योजना से सरगुजा के किसान उत्साहित, 1 रुपए में तैयार करें सीड्स नर्सरी

सरगुजा  किसानों के लिए हॉर्टिकल्चर विभाग ने एक अच्छी योजना शुरू की है. किसान अब मात्र 1 रुपये में सब्जी के बीज का प्लांट तैयार करा सकते हैं. इसके लिए विभाग ने नई सीडलिंग यूनिट लगाई है. अब किसानों को अपनी मनपसंद कंपनी का बीज विभाग को देना होगा. उन बीजों को सीडलिंग यूनिट में तकनीक की मदद से डेवलप किया जाएगा. उन्नत किस्म के तैयार किए गए प्लांट फिर किसानों को दिए जाएंगे. किसान सीधे इन प्लांटों को अपने खेतो में लगा सकता है. उन्नत किस्म के प्लांट से फसल भी अच्छी होगी. किसानों का कहना है कि इस तकनीक और मदद से उनकी आधी परेशानी कम हो गई है. पहले वो बीज तो कभी प्लांट के लिए कई जिलों के चक्कर लगाते थे लेकिन अब उनको यही सुविधा उनके अपने शहर में उपलब्ध हो गई है. सरगुजा में बीज क्रांति: दरअसल, उपचारित प्लांट बाजार में 12 से 15 रुपए में मिलता है, क्योंकि प्राइवेट कंपनी एक बड़ी महंगी सिडलिंग यूनिट लगाकर प्लांट तैयार करते हैं, जिस कारण प्लांट की कीमत अधिक हो जाती है. लेकिन अब किसान अपना बीज हॉर्टिकल्चर विभाग को देकर उनकी यूनिट में प्लांट तैयार करा सकते हैं. प्रति प्लांट का एक रूपये किसानों को देना होगा. किसान अगर प्लांट खुद तैयार करते हैं तो उनके पास कोई ऐसी यूनिट नहीं होती है. कई बार मौसम या बीमारी के कारण प्लांट खराब हो जाते हैं, और किसानों को नुकसान हो जाता है.  हॉर्टिकल्चर विभाग बना किसानों के लिए मददगार: सिडलिंग यूनिट की प्रभारी चंद्रकांती पैकरा बताती हैं कि "बीज को ट्रे में रोपने के बाद उसको जर्मनेशन चेंबर में 12 दिन रखते हैं. फिर उसको हार्डलिंग चेंबर के रखकर तैयार करते हैं. इसके बाद वो बीज का प्लांट तैयार हो जाता है. मार्केट में पौधा महंगा मिलता है यहां पर उनको एक रूपये में तैयार होकर मिल जाता है. अगर किसान खुद से तैयार करते हैं तो सुविधा के अभाव में पौधे पूरे तैयार नहीं हो पाते हैं."

रायपुर: अमृत सरोवर बना आर्थिक उन्नति का जरिया, 650 महिलाओं को मिला रोजगार

रायपुर दुर्ग जिले के ग्राम पंचायत बोरिंदा में निर्मित अमृत सरोवर अब सिर्फ जल संरक्षण का साधन नहीं रहा, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के लिए सशक्त आजीविका का केंद्र बन चुका है। इस तालाब के माध्यम से “शीतल स्वास्थ्य समूह” की 12 महिला सदस्य संगठित होकर मछली पालन कर रही हैं। मनरेगा योजना के अंतर्गत बना यह अमृत सरोवर अब ग्रामीणों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सफल उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। तालाब में अब तक 1,00,000 से अधिक मछलियों (बीज) का संचयन किया गया है और नियमित उचित आहार फीड व बीज की व्यवस्था की जा रही है ताकि उत्पादन बढ़े और मछलियों की सेहत बनी रहे। शीतल स्वास्थ्य समूह की महिलाएं ने बताया कि यह काम उन्हें नियमित आमदनी देने की संभावनाएँ दिखा रहा है। उनकी योजना अब इस गतिविधि को व्यवसायिक स्तर तक ले जाने की है, जिससे भविष्य में और अधिक लाभ मिल सके। मुख्य कार्यपालन अधिकारी  बजरंग दुबे ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अमृत सरोवर केवल जल संरक्षण का माध्यम नहीं है, बल्कि महिला सशक्तिकरण और आजीविका संवर्धन का भी एक सशक्त स्रोत बन सकता है। बोरिंदा की महिलाओं ने यह साबित कर दिया है कि यदि सही संसाधन व समर्थन हो, तो ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार की संभावनाएँ बहुत अधिक हैं। इस तालाब के किनारों पर लगभग 10-15 एकड़ क्षेत्र में किसानों को सिंचाई की सुविधा मिल रही है जिससे खरीफ एवं रबी दोनों में फसल उत्पादन में वृद्धि हुई है। तालाब में 10,000 घन मीटर पानी का भंडारण संभव है। इसके अलावा तालाब के किनारे आम, बरगद, पीपल, नीम, बादाम, अशोक जैसे लगभग 60 पौधे रोपित किए गए हैं, जिससे हरियाली बढ़ी है और पर्यावरण को भी लाभ मिला है। जिले में अब तक कुल 123 अमृत सरोवरों का निर्माण हो चुका है, जिनमें से 65 सरोवरों में महिलाओं द्वारा आजीविका गतिविधियाँ शुरू हुई हैं। प्रत्येक समूह में लगभग 10 10 महिलाएँ सक्रिय हैं, जिससे कुल मिलाकर लगभग 650 महिलाएँ इन तालाबों से मछली पालन के माध्यम से लाभ उठा रही हैं। तालाबों के किनारे मछली सुखाने के लिए चबूतरे बनाए गए हैं, जिससे मछली प्रसंस्करण और विपणन में सुविधा हो रही है। ग्रामवासियों द्वारा किए जा रहे मछली पालन से न केवल स्थानीय लोगों को रोजगार मिल रहा है, बल्कि ग्राम पंचायत की आय में भी वृद्धि हो रही है। यह पहल ग्राम के बेरोजगार युवाओं के लिए एक सकारात्मक उदाहरण बन गई है।

प्रधानमंत्री के 75वें जन्मदिवस पर छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक उपलब्धि, सूरजपुर जिले की 75 ग्राम पंचायतें हुईं बाल विवाह मुक्त

रायपुर प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के 75वें जन्मदिवस पर छत्तीसगढ़ ने सामाजिक सुधार की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। सूरजपुर जिले की 75 ग्राम पंचायतों को “बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत” घोषित किया गया है। विगत दो वर्षों में इन पंचायतों में बाल विवाह का एक भी प्रकरण दर्ज न होने के आधार पर यह मान्यता प्रदान की गई। इस उपलब्धि के पीछे राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े की सतत पहल, सक्रिय मार्गदर्शन और नेतृत्व को निर्णायक माना जा रहा है।उनके नेतृत्व में विभाग ने गाँव-गाँव तक जागरूकता अभियान चलाया, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और पंचायत प्रतिनिधियों को सक्रिय किया तथा समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित की। मती राजवाड़े ने कहा, कि सूरजपुर जिले की यह पहल केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा का कार्य करेगी। प्रधानमंत्री जी के अमृत महोत्सव वर्ष में यह उपलब्धि समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक सशक्त संदेश है। सामुदायिक भागीदारी की सराहना जिला प्रशासन ने इस पहल की सफलता में महिला एवं बाल विकास विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय समुदाय की संयुक्त भूमिका की सराहना की। सभी के सामूहिक प्रयास से यह सुनिश्चित हुआ कि शिक्षा और जागरूकता को प्राथमिकता मिले और कोई भी बाल विवाह न हो। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में 10 मार्च 2024 को “बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान” की शुरुआत हुई थी। यह अभियान यूनिसेफ के सहयोग से और मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है।राज्य सरकार ने बाल विवाह उन्मूलन को सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में रखा है और विभाग लगातार जनजागरूकता, निगरानी और सामाजिक सहभागिता को मजबूत कर रहा है। सूरजपुर की इस सफलता से प्रेरित होकर अब छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में भी पंचायतों और नगरीय निकायों को “बाल विवाह मुक्त” घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। जिन जिलों में विगत दो वर्षों में बाल विवाह का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है, वहां शीघ्र ही प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे।

रायपुर : स्ट्रीट लाइट पोल्स के विस्तार के लिए 1.35 करोड़ रुपए मंजूर

रायपुर राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने मुंगेली जिले के सरगांव नगर पंचायत के विभिन्न वार्डों में स्ट्रीट लाइट पोल्स के विस्तार के लिए एक करोड़ 35 लाख 41 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने इसकी मंजूरी के आदेश जारी कर दिए हैं। विभाग द्वारा चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में अधोसंरचना मद से यह राशि स्वीकृत की गई है।  

बिलासपुर: बर्थडे सेलिब्रेशन के लिए निकले रईसजादों का हाईवे पर हंगामा, स्टंट करते बनाए वीडियो, NH पर लगा जाम

बिलासपुर  छत्तीसगढ़ के बिलासपुर-मस्तूरी नेशनल हाईवे पर फिर रसूखदारों ने गाड़ियों का काफिला निकालकर जाम लगा दिया। शहर की सड़कों पर 15-20 कारों का काफिला एक साथ निकला। जिसमें करीब 18 लड़के सवार थे। ये सभी मस्तूरी में किसी कारोबारी के फॉर्म हाउस में बर्थडे पार्टी मनाने जा रहे थे।  मामला मस्तूरी थाना क्षेत्र का है। बदमाशों ने ना केवल सड़कों पर जाम लगाया बल्कि रील बनाने के लिए स्टंटबाजी भी की। इसका वीडियो भी सामने आया है, जिसमें लड़के चलती कार की खिड़की पर बैठकर फोन चलाते दिखे। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने सभी 18 बदमाशों को पकड़ लिया है। कार की विंडो पर बैठकर स्टंटबाजी, लगा जाम इस दौरान शहर के बदमाश युवक नेशनल हाईवे पर अलग-अलग 15-20 कारों में सवार थे, विंडो पर बैठकर मस्ती कर रहे थे। युवकों ने रील्स बनाने के लिए फिल्मी स्टाइल पर नेशनल हाईवे पर कारों का काफिला लगाकर स्टंटबाजी भी की। बर्थडे पार्टी में शामिल होने जा रहे थे सभी बताया जा रहा है कि मस्तूरी क्षेत्र में एक जमीन कारोबारी का फार्म हाउस है, जहां बुधवार की रात बर्थ-डे सेलिब्रेशन किया जा रहा था। इस आयोजन में शहर के युवाओं को बुलाया गया था। फार्म में DJ लगाकर शराब और कबाब के साथ युवक मस्ती कर रहे थे। वहीं, पार्टी में शामिल होने के लिए शहर के रसूखदार युवक नेशनल हाईवे पर कारों का काफिला लगाकर सड़क जाम कर दिए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की बदमाशों के इस काफिले से नेशनल हाईवे जाम हो गया था। पीछे चल रही गाड़ियों के कुछ लोगों ने वीडियो बनाकर पुलिस को सूचना दे दी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। सभी गाड़ियों को जब्त कर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। 18 युवकों के खिलाफ होगी कार्रवाई पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी कार को जब्त कर 18 युवकों को गिरफ्तार किया गया। एडिशनल एसपी अर्चना झा ने बताया कि पुलिस ने सभी कार को जब्त किया है। साथ ही कार सवार 18 युवकों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई है।

रायपुर : प्रदेश में अब तक 1033.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

रायपुर छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 1033.0 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1469.5 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 494.6 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है। रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 900.0 मि.मी., बलौदाबाजार में 752.5 मि.मी., गरियाबंद में 904.6 मि.मी., महासमुंद में 733.3 मि.मी. और धमतरी में 933.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 1083.9 मि.मी., मुंगेली में 1047.9 मि.मी., रायगढ़ में 1257.4 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 901.8 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1234.0 मि.मी., सक्ती में 1125.7 मि.मी., कोरबा में 1053.5 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 1004.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 796.1 मि.मी., कबीरधाम में 751.5 मि.मी., राजनांदगांव में 870.7 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1242.8 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 753.6 मि.मी. और बालोद में 1080.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 733.8 मि.मी., सूरजपुर में 1099.0 मि.मी जशपुर में 1011.1 मि.मी., कोरिया में 1168.2 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1052.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1406.6 कोंडागांव जिले में 954.7 मि.मी., कांकेर में 1149.3 मि.मी., नारायणपुर में 1239.6 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1379.3 मि.मी., सुकमा में 1088.9 मि.मी. और बीजापुर में 1415.7 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

e-KYC अनिवार्य: 30 सितंबर डेडलाइन, छत्तीसगढ़ में कर्मचारियों की सैलरी रुकने का खतरा

रायपुर  प्रदेश के विभिन्न शासकीय विभागों में कार्यरत 60 प्रतिशत से अधिक कर्मचारियों ने अब तक केवायसी (नो योर कस्टमर) अपडेट नहीं कराया है। वित्त विभाग ने इस संबंध में सख्त रुख अपनाते हुए अंतिम तिथि 30 सितंबर निर्धारित की है। तय समय-सीमा में अपडेट नहीं कराने पर संबंधित कर्मचारियों की सैलरी रुक सकती है। वित्त विभाग की ओर से सभी विभाग प्रमुखों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों की केवायसी अपडेट कराकर उसकी जानकारी समय पर संबंधित ट्रेजरी कार्यालय को भेजें। साथ ही सभी कर्मचारियों से समय रहते केवायसी प्रक्रिया पूरी कराने की अपील की गई है, ताकि सैलरी भुगतान में किसी प्रकार की बाधा न आए। गौरतलब है कि केवायसी अपडेट करने के लिए कर्मचारियों को पहले 24 अप्रैल तक का समय दिया गया था। इसके बाद कोष एवं लेखा संचालनालय ने 15 दिन की अतिरिक्त मोहलत भी दी थी। बावजूद इसके अब तक सिर्फ 35 से 40 प्रतिशत कर्मचारियों ने ही प्रक्रिया पूरी की है। वित्त विभाग के अधिकारियों का कहना है कि समय रहते केवायसी नहीं कराए जाने पर संबंधित कर्मियों के वेतन भुगतान में रुकावट आ सकती है। सभी विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे इस कार्य को प्राथमिकता से पूर्ण कराएं। प्रदेश के सभी जिलों में बनेगा मॉडल स्कूल प्रदेश के सभी जिलों में माडल स्कूल बनेगा। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने जिला शिक्षा अधिकारियों से 19 दिन के भीतर सूची मंगाई है। गुरुवार को मंत्रालय में मंत्री यादव ने समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी जिलों में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने माडल स्कूल स्थापित किए जाएंगे। माडल स्कूल स्थापित करने योग्य स्कूलों की जानकारी 10 दिन में संचालनालय को प्रस्तुत की जाए। शिक्षा मंत्री ने कहा डीएवी, इग्नाइट और पीएमश्री विद्यालयों को माडल स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव रेणु जी पिल्ले, स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, संचालक लोक शिक्षण ऋतुराज रघुवंशी एवं प्रबंध संचालक समग्र शिक्षा संजीव झा प्रमुख रूप से उपस्थित थे।