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राज्यभर में बारिश का आंकड़ा 881.4 मि.मी. तक पहुँचा, बलरामपुर में सर्वाधिक वर्षा

छत्तीसगढ़ में अब तक 881.4 मि.मी. औसत बारिश, बलरामपुर सबसे आगे और बेमेतरा सबसे पीछे राज्यभर में बारिश का आंकड़ा 881.4 मि.मी. तक पहुँचा, बलरामपुर में सर्वाधिक वर्षा छत्तीसगढ़ में झमाझम: बलरामपुर में 1273.7 मि.मी. तो बेमेतरा में सबसे कम 430.9 मि.मी. बारिश दर्ज रायपुर छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 881.4 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1273.7 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 430.9 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।   रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 753.4 मि.मी., बलौदाबाजार में 618.8 मि.मी., गरियाबंद में 739.1 मि.मी., महासमुंद में 647.5 मि.मी. और धमतरी में 784.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 839.3 मि.मी., मुंगेली में 824.7 मि.मी., रायगढ़ में 1050.2 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 713.8 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1034.9 मि.मी., सक्ती में 913.2 मि.मी., कोरबा में 848.4 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 847.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 713.5 मि.मी., कबीरधाम में 623.8 मि.मी., राजनांदगांव में 787.7 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1129.2 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 657.2 मि.मी. और बालोद में 952.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 629.6 मि.मी., सूरजपुर में 960.2 मि.मी., जशपुर में 868.0 मि.मी., कोरिया में 982.6 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 881.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1259.6 मि.मी., कोंडागांव में 829.1 मि.मी., कांकेर में 1035.3 मि.मी., नारायणपुर में 1123.0 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1197.4 मि.मी., सुकमा में 955.7 मि.मी. और बीजापुर में 1180.9 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

रायपुर : नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर रोकथाम के लिए राज्य भर में कार्रवाई लगातार जारी

रायपुर दवाओं का दुरुपयोग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। औषधि विभाग एवं पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त कार्रवाई कर नशीली दवाओं के अवैध व्यापार पर सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। हाल ही में की गई कार्रवाइयों में कई स्थानों से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित औषधियां जब्त की गईं और आरोपियों को हिरासत में भी लिया गया।    हाल ही में पंडरिया जिला कबीरधाम में प्रतिबंधित औषधि की अवैध बिक्री की सूचना पर छापा मारकर इसकी 200 स्ट्रिप जब्त की गई। वहीं रायपुर में कोडीन फॉस्फेट युक्त औषधियों की अवैध बिक्री पर कार्रवाई करते हुए दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया और इनसे 120 नग औषधियां बरामद की गयी। दोनों मामलों में एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।        गरियाबंद जिले के कोपरा में चन्दन मेडिकल स्टोर पर छापा मारकर प्रतिबंधित नशीली दवाओं के क्रय विक्रय रिकॉर्ड में अनियमितता पायी गयी। इसके पश्चात दुकान संचालक के विरूद्ध औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 व नियमावली 1945 के प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जा रही है।      महासमुंद में नगर पालिका कार्यालय में मेडिकल संचालकों की बैठक आयोजित की गई। इसमें नशामुक्त महासमुंद अभियान पर चर्चा हुई और सभी दवा विक्रेताओं ने समाज को नशे की बुराई से बचाने के लिए सहयोग देने का आश्वासन दिया। बैठक में ये चर्चा की गयी कि नशे के आदि लोग अक्सर दवाइयों का गलत उपयोग करते हैं, जिससे अपराधों में वृद्धि होती है। सभी से अपील है कि नशीली दवाओं की अवैध बिक्री में किसी भी प्रकार से सहयोग न करें।         औषधि विभाग द्वारा  जागरूकता गतिविधियां भी लगातार संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में बेमेतरा जिला मुख्यालय स्थित टाउन हॉल में महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए आमजन को नशा पान से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया। इसके अतिरिक्त जिला कोंडागांव, जांजगीर-चाम्पा, बिलासपुर,  एवं राजनांदगांव मे भी औषधि निरीक्षकों द्वारा समाज में नशीली दवायों के दुष्प्रभावों के सम्बन्ध में जागरूकता लाने के उद्देश्य से शासकीय विद्यालयों में कार्यक्रम आयोजन किये गए व युवाओं को नशे की लत से दूर रहने के लिए शपथ दिलाई गयी।        एम्स रायपुर के सेंट्रल फार्मेसी स्टोर का राज्य औषधि नियंत्रण प्रशासन के अधिकारियों एवं केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के प्रतिनिधियों द्वारा,  सीडीएससीओ मुंबई से प्राप्त निर्देशों के अनुसार संयुक्त निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान हिंदुस्तान एंटीबायोटिक्स लिमिटेड,  पुणे की कुछ दवाइयों का विधिक सैंपल लिया गया। ये नमूने निर्धारित विधिक प्रक्रियाओं के अनुसार एकत्र किए गए हैं तथा परीक्षण एवं विश्लेषण हेतु अग्रेषित किए जाएंगे, ताकि दवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा एवं प्रभावकारिता सुनिश्चित की जा सके।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचे सीएम विष्णुदेव साय, हालात का लिया जायजा

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज बस्तर दौरे पर हैं. उन्होंने बस्तर जिले के बाढ़ प्रभावित इलाके का हवाई निरीक्षण किया. उनके साथ मंत्री केदार कश्यप और मंत्री टंक राम वर्मा भी मौजूद रहे. निरीक्षण के बाद मुख्ममंत्री बस्तर, बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा के अधिकारियों के साथ बैठक कर बाढ़ प्रभावितों की सहायता के लिए अधिकारियों के समीक्षा करेंगे. बाढ़ से प्रभावितों के लिए प्रशासन ने स्थापित किए राहत शिविर प्रशासन ने बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर भी स्थापित किए हैं, जहां उन्हें भोजन और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. इसके अलावा डोनेशन के माध्यम से कपड़े इकट्ठा कर उनका वितरण किया जा रहा है. रोटरी क्लब के सदस्यों ने कपड़े वितरित किए, जबकि पिछले दिनों जनप्रतिनिधियों द्वारा भी राहत सामग्री प्रदान की गई. नीतीश वर्मा ने बताया कि लगभग 100 से अधिक परिवार प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 22 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि कई मकानों को आंशिक क्षति हुई है.

सलका जलाशय योजना के कार्यों के लिए 2.50 करोड़ रूपए स्वीकृत

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग द्वारा मनेन्द्रगढ़-भरतपुर-चिरमिरी जिले में खड़गंवा की सलका जलाशय योजना के कार्यों के लिए दो करोड़ 50 लाख 18 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्यों के पूर्ण होने पर योजना की रूपांकित सिंचाई क्षमता 297 हेक्टेयर में 145 हेक्टेयर की कमी की पूर्ति होगी तथा 10 हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई हो सकेगी। योजना से क्षेत्र के किसानों को कुल 307 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी।

जल विभाग का ऐलान: दुर्ग में कल शाम से नहीं आएगा पानी, आज ही भर लें स्टोर

दुर्ग मंगलवार की शाम को शहर के आधे हिस्से में पानी की आपूर्ति नहीं होगी. क्योंकि मालवीय नगर चौक में मेन राइजिंग पाइपलाइन के बड़े लीकेज के लिए 24 एमएलडी इंटकवेल को शटडाउन में लिया गया है. रिपेयर के बाद बुधवार से जलापूर्ति सामान्य होने की उम्मीद है. मालवीय नगर चौक में दिस मेन राइजिंग पाइप लाइन जिसका डाया 600 एमएम हैं वह लंबे समय से लीकेज है. रिपेयर करने में हो रही देरी की वजह से लीकेज की साइज लगातार बढ़ती जा रही है. इस वजह से उस पाइपलाइन से जुड़े दो और पाइप से दूसरे इलाके की टंकियां भी नहीं भर पा रही है. जिसका असर घरों में की जाने वाली जलापूर्ति पर पड़ रहा है.  निगम प्रशासन ने 2 सितंबर को उसे रिपेयर करने का निर्णय लिया है. इसके लिए 24 एमएलडी से फिल्टर प्लांट तक पानी की सप्लाई बंद रखी जाएगी. इस वजह से पद्मनाभपुर, शक्ति नगर, हनुमान नगर, गिरधारी नगर, शंकर नगर, शनिचरी बाजार पानी टंकी से जुड़े एरिया में मंगलवार की सुबह तो नलों में पानी आएगा लेकिन शाम को जलापूर्ति नहीं होगी. जल विभाग की एमआईसी मेंबर लीना दिनेश देवांगन के मुताबिक प्रभावित इलाके के – लिए टैंकरों की व्यवस्था की गई है. बता दें कि बारिश के सीजन की शुरुआत से ही दुर्ग की जनता को अनेक बार लीकेज व अन्य दिक्कतों के कारण पेयजल की समस्या से जूझना पड़ रहा है.

छत्तीसगढ़ राज्य दंत सम्मेलन 2025 : रायपुर में तीन दिन तक चलेगी विशेषज्ञों की महागोष्ठी

रायपुर राजधानी में तीन दिवसीय बहुप्रतीक्षित छत्तीसगढ़ राज्य दंत सम्मेलन (CGSDC 2025) होने जा रहा है. यह सम्मेलन 12, 13 और 14 सितंबर को आयोजित होगा. राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन में देशभर से सैकड़ों दंत चिकित्सक शिरकत करेंगे. यह आयोजन दंत चिकित्सा क्षेत्र में ऐतिहासिक साबित होगा. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जासवाल की मौजूदगी में सम्मेलन का उद्घाटन होगा. इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त वक्ता एवं सेलिब्रिटी डेंटिस्ट डॉ. संदीश मायेकर, डॉ. चंद्रशेखर यवगल, सहित कई विशेषज्ञ दंत चिकित्सकों को स्माइल डिज़ाइनिंग, लेजर डेंटिस्ट्री और आधुनिक तकनीकों पर व्याख्यान देंगे. इनके विचार और अनुभव से दंत चिकित्सकों को नई दिशा मिलेगी. नवनिर्मित बालाजी डेंटल कॉलेज में 12 सितंबर को विशेष हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिससे प्रतिभागियों को आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा. इस आयोजन की बागडोर डॉ. वैभव तिवारी, डॉ. विवेक लाठ और उनकी टीम के हाथों में होगी, जो इसे सफल बनाने में निरंतर प्रयासरत हैं. वैज्ञानिक सत्रों, कौशल विकास कार्यशालाओं एवं नेटवर्किंग अवसरों से परिपूर्ण CGSDC 2025 न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे भारत के दंत चिकित्सा क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा.

रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 125वीं ‘मन की बात’ सुनी, मंत्री और नागरिक भी हुए शामिल

रायपुर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 125वीं कड़ी का सीधा प्रसारण आज नवा रायपुर स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद उद्योग एवं व्यापार परिसर के कन्वेंशन सेंटर में हुआ। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, उद्योग मंत्री लखन देवांगन, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक इंद्र कुमार साहू तथा छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधिगण और नागरिक उपस्थित थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'मन की बात' रेडियो कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदाओं की घड़ी में देशवासियों द्वारा एक-दूसरे की सहायता करना भारत की असली ताकत है। उन्होंने कहा कि विपत्ति के समय जो सहयोग और एकजुटता दिखाई देती है, वही भारत की संस्कृति और सामूहिक चेतना को परिभाषित करती है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में खेलों को न केवल स्वास्थ्य बल्कि आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का भी आधार बताया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि खेलकूद में सक्रिय भागीदारी कर अपने जीवन और देश दोनों को ऊर्जावान बनाएं. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि ‘मन की बात’ हर माह प्रदेशवासियों को नई ऊर्जा और प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 'मन की बात' रेडियो कार्यक्रम समाज के सभी वर्गों में सकारात्मक सोच और राष्ट्रीय चेतना को प्रबल करता है। मुख्यमंत्री ने हाल ही में अपने जापान और दक्षिण कोरिया प्रवास का उल्लेख करते हुए बताया कि कौशल विकास, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े क्षेत्रों में हुए सहयोग और निवेश से राज्य के युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे और छत्तीसगढ़ में कौशल विकास और रोजगार का नया अध्याय शुरू होगा। राज्य की रजत जयंती वर्ष का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण तभी संभव है जब प्रत्येक नागरिक अपनी भूमिका ईमानदारी से निभाए। उन्होंने कहा कि सरकार और जनता के साझा प्रयासों से राज्य को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का संदेश हर नागरिक के लिए प्रेरणास्रोत है। हमें सामूहिक जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ते हुए छत्तीसगढ़ को विकास और सुशासन की नई ऊँचाइयों पर ले जाना है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि सभी मिलकर एक समृद्ध और स्वच्छ छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय योगदान दें।

पशु चिकित्सा शिविर में मवेशियों का लम्फी रोग से बचाव, हुआ मुफ्त टीकाकरण

रायपुर, पशु चिकित्सा विभाग द्वारा पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन कर पशुधन को लम्फी बीमारी से बचाव हेतु टीकाकरण किया गया। शिविर में पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और  एवं 120 लम्फी बीमारी से बचाव हेतु टीकाकरण किया गया।  इसके साथ ही 30 पशुओं को कृमिनाशक दवापान, एक पशु में कृत्रिम गर्भाधान तथा 11 पशुओं हेतु औषधि वितरण किया गया।           कलेक्टर बलौदाबाजार-भाटापारा के निर्देशानुसार उप संचालक पशु चिकित्सा सेवायें के मार्गदर्शन में विकासखंड बलौदाबाजार के ग्राम सरखोर के गौठान में पशुओं हेतु शिविर आयोजन किया गया। शिविर में मोबाईल वेटेरिनरी यूनिट से डॉ. नेहा यादव, श्री जानू जांगडे एवं पशु चिकित्सालय-अहिल्दा से डॉ. संतोष पुरेना, श्री हेमंत विश्वकर्मा ने पशुओं का स्वास्थ्य जांच किया गया। उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं ने बताया कि पशु चिकित्सालय अहिल्दा की टीम के द्वारा विगत दिनों ग्राम सरखोर के गौठान में रखे गये पशुओं का स्वास्थ्य जांच नियमित रूप से किया जा रहा है।गौठान में लगभग 160 पशु रखा जा रहा है, जिसके लिये ग्राम पंचायत द्वारा 04 पशु चरवाहा रखे गये हैं। चरवाहे  द्वारा प्रतिदिन पशुओ को 5-6 घंटा चराया जाता है।        गौठान में चारा-पानी की व्यवस्था भी पंचायत द्वारा की गई है। इसके साथ ही तहसीलदार लवन ने भी गोठान का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने सरपंच एवं चरवाहों से पूछताछ कर आवश्यक व्यवस्था गौठान में रखे जाने वाले मवेशियों के लिए चारे-पानी की व्यवस्था करने निर्देशित किया गया। पशु चिकित्सा शिविर में सरपंच के साथ-साथ पशु चिकित्सा विभाग द्वारा पशु चिकित्सकों और ग्राम के पशु चरवाहो का भी विशेष सहयोग रहा।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और राष्ट्रीय चेयरमैन प्रदीप मित्तल ने किया 27 हस्तियों का सम्मान

रायपुर   सागर टीएमटी के सौजन्य से आयोजित नवम अग्र अलंकरण समारोह का आयोजन गरिमामय वातावरण में किया गया. यह प्रतिष्ठित समारोह हर वर्ष समाज के प्रख्यात व्यक्तित्वों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित करने के लिए आयोजित किया जाता है. संयोजिका अनीता अशोक अग्रवाल एवं हेमलता बंसल ने बताया कि इस आयोजन में 65 परिवारों ने सहभागिता की थी. कार्यक्रम के प्रथम सत्र में मुख्य अतिथि प्रदीप मित्तल राष्ट्रीय चेयरमैन और प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. अशोक अग्रवाल ने महाराजा अग्रसेन के तेल क्षेत्र पर पुष्पांजलि अर्पित की. सप्त ऋषियों की कथा के साथ शाम 4 बजे इस कार्यक्रम का समापन भोजन भंडारे के साथ संपन्न हुआ. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. रमन सिंह (विधानसभा अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ शासन) ने कार्यक्रम के मुख्य अतिथि की आसंदी से अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि, देश के आर्थिक विकास में, अर्थव्यवस्था में विश्व में चौथे स्थान पर, अगर भारत का स्थान है, तो उसमें अग्रवाल समाज का महत्वपूर्ण योगदान है. समाज ने अपनी प्रतिभाओं का सम्मान कर इस कदम को और आगे बढ़ाया है. राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप मित्तल ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि, अग्रवाल समाज सदैव से सर्वहारा वर्ग के लिए कार्य करते आया है, स्कूल, कॉलेज, हॉस्पिटल, सेवा के जितने भी प्रकल्प हैं वे सभी सर्वहारा वर्ग की सुविधाओं के लिए हैं, सेवा की अलख जगाने वाला हमारा समाज है. कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में गौरीशंकर अग्रवाल (पूर्व विधानसभा अध्यक्ष), संपत अग्रवाल (विधायक, बसना विधानसभा क्षेत्र), सियाराम अग्रवाल (राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, प्रांतीय अध्यक्ष, डॉ. अशोक अग्रवाल, साथ ही राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के कई गणमान्य अतिथि भी इस समारोह में उपस्थित रहे, महेन्द्र सक्सरिया (संरक्षक) अशोक मोदी (राज्य चेयरमैन) नेतराम अग्रवाल (संरक्षक) राजेन्द्र अग्रवाल, प्रांतीय कार्यकारी अध्यक्ष उपस्थित रहे. दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ. यह समारोह लगातार 9वें वर्ष सफलतापूर्वक आयोजित किया गया. अग्र अलंकरण का विशेष उद्देश्य महाराजा अग्रसेन जी के 18 गोत्रों की गौरवशाली परंपरा को स्मरण कर समाज के 18 श्रेष्ठ विभूतियों को प्रत्येक वर्ष सम्मानित करना है. इस वर्ष भी कुल 27 विशिष्ट व्यक्तित्वों को उनके सामाजिक, शैक्षणिक, व्यावसायिक, साहित्यिक, खेल, प्रशासनिक (IAS, IPS, CA, CS आदि) एवं परोपकारी कार्यों के लिए अलंकृत किया गया. प्रत्येक पुरस्कार किसी न किसी समाजसेवी परिवार द्वारा अपने परिजनों की स्मृति में प्रायोजित किया गया. पुरस्कार स्वरूप सभी सम्मानित विभूतियों को अग्रसेन माला, प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिह्न और 11,000 रुपए की सम्मान राशि भेंट की गई. प्रमुख अलंकरण अग्र दीप सम्मान अग्र गौरव सम्मान, अग्र शिरोमणि सम्मान, अग्र दानी सम्मान, अग्र मित्र सम्मान, अग्र भूषण सम्मान, अग्र सम्मान, अग्र धनवंतरी सम्मान समेत अनेक अन्य अलंकरण दिया गया. इनमें पराक्रम, समाजसेवा, व्यापार, शिक्षा, खेलकूद और विशेष उपलब्धियों के लिए पुरस्कृत किया गया. मुख्य अतिथि के रूप से डॉ. रमन हुए शामिल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि, “महाराजा अग्रसेन की परंपरा हमें समाज में समानता, सहयोग और सेवा की प्रेरणा देती है. आज यहां सम्मानित विभूतियां केवल अग्रवाल समाज ही नहीं बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और भारतवर्ष का गौरव हैं.” पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने कहा कि, “अग्र अलंकरण समारोह समाज की जड़ों को मजबूत करने वाला एक प्रयास है. यह कार्यक्रम युवा पीढ़ी को प्रेरणा देने वाला है. राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप मित्तल ने कहा, “अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन को गर्व है कि छत्तीसगढ़ की धरा पर इतना भव्य आयोजन लगातार नौ वर्षों से सफलतापूर्वक हो रहा है. यह पूरे देश के लिए एक आदर्श है.” डॉ. अशोक अग्रवाल (राज्य अध्यक्ष, छ.ग. प्रांतीय अग्रवाल संगठन) ने कहा कि “यह अलंकरण केवल एक सम्मान नहीं बल्कि समाज की सामूहिक चेतना और संस्कृति की पहचान है.” रायपुर जिला अग्रवाल संगठन एवं रायपुर जिला महिला अग्रवाल संगठन के आतिथ्य में यह पूरा कार्यक्रम संपन्न हुआ अग्र अलंकरण की संयोजिका डॉक्टर अनीता मोहनलाल अग्रवाल, सहसंयोजक पंकज अग्रवाल डॉक्टर निर्मल अग्रवाल ने पूरे आयोजन की रूपरेखा रखी, प्रांतीय महामंत्री संजय अग्रवाल ने मंच संचालन किया. रायपुर जिला अग्रवाल संगठन के अध्यक्ष हरिकेश पालीवाल सचिव गोविंद अग्रवाल, महिला संगठन की अध्यक्ष मती प्रियंका अग्रवाल, संरक्षिका अनीता अग्रवाल, सचिन सारिका खेतान कोषाध्यक्ष संतोष दिनोदिया शाहिद उनकी पूरी टीम ने प्रदेश के दूरस्थ स्थानों सेआए हुए सभी संगठन के पदाधिकारी का अग्रवाल समाज के अध्यक्षों का शानदार स्वागत किया, सभी ने इस आयोजन की भूरि भूरि प्रशंसा की. सभी ने कहा कि अग्र अलंकरण समारोह ने अग्रवाल समाज की गौरवशाली परंपराओं को पुनः जीवंत किया. समारोह का समापन करते हुए आभार प्रदर्शन सुनील अग्रवाल बॉबी ने समाज की एकता एवं प्रगति के संकल्प के साथ किया.

‘जीवन का अद्भुत अनुभव है कैलाश यात्रा’ – विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह का बड़ा बयान

रायपुर  लंबे इंतजार के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू होने जा रही है। इसको लेकर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि “देश और दुनिया भर से लोग मानसरोवर यात्रा पर जाते हैं। जिस स्थान पर भगवान शिव के दर्शन हों, वहां जाना जीवन का अद्भुत अनुभव है। कठिन यात्रा के बाद भी लोग वहां जाते हैं, मेरी शुभकामनाएं।” 2020 में लगा था प्रतिबंध दरअसल, भारत-चीन सीमा पर तनाव के कारण साल 2020 में चीन सरकार ने कैलाश मानसरोवर यात्रा पर रोक लगा दी थी। अब पांच साल बाद 2025 की गर्मियों में यह यात्रा दोबारा शुरू की गई है। क्यों खास है कैलाश मानसरोवर हिंदू धर्म में कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील का अत्यधिक धार्मिक महत्व माना जाता है। समुद्र तल से करीब 6,657 मीटर की ऊंचाई पर स्थित कैलाश पर्वत के दोनों ओर दो पवित्र झीलें हैं, जहां पहुंचना श्रद्धालुओं के लिए एक आध्यात्मिक और जीवनभर याद रहने वाला अनुभव माना जाता है।