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लक्ष्मी राजवाड़े के खिलाफ साजिश? मंत्री और परिवार को खुलेआम धमकी

सूरजपुर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और उनके परिवार को चौराहे पर सार्वजनिक रूप से घोटाले में फंसाने के साथ जान से मारने की धमकी देना युवक को भारी पड़ गया. ग्रामीण की शिकायत पर आरोपी युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. दरअसल, कसकेला के रहने वाले रवि यादव ने भटगांव थाने में लिखित शिकायत दी थी कि गांव में रहने वाले रविन्द्र यादव ने मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े एवं उनके परिवार के घोटाले में फंसाने और सामने आने पर जान से मारने की धमकी दी है. भटगांव पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच की, जिसके बाद कार्रवाई करते आरोपी युवक को गिरफ्तार में किया है. मामले में पुलिस सौंपा गया शिकायत पत्र सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है.

जमीन खरीदी-बिक्री में अड़चन, 5 डिसमिल रजिस्ट्री पर रोक और ऑनलाइन सिस्टम बना मुसीबत

रायपुर प्रदेश में जब से 5 डिसमिल से कम की कृषि जमीन की रजिस्ट्री पर रोक लगी है, तब से मानों जमीन खरीदी-बिक्री पर लगाम सी लग गई है. रायपुर जिले की बात करें तो पहले रोज रजिस्ट्री 200 से अधिक होती थी, लेकिन अब आंकड़ा बमुश्किल 150 पार हो रहा है. उल्लेखनीय है कि अधिकांश लोग 1000 वर्गफीट, 1500 वर्गफीट, 2000 वर्गफीट के प्लाट खरीदते हैं, लेकिन 5 डिसमिल से कम की जमीन की रजिस्ट्री बंद हो जाने से लोग छोटे साइज के प्लाट नहीं खरीद पा रहे हैं. दूसरी ओर बिल्डरों के प्रोजेक्ट को फायदा मिल रहा है. रजिस्ट्री को सुविधाजनक बनाने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की गई हैं, लेकिन इससे भी लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है. सभी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने और अपॉइंटमेंट लेने के बाद भी रजिस्ट्री पूरी नहीं हो पा रही है. कार्यालय के कंप्यूटर ऑपरेटरों को भी उतनी जानकारी नहीं रहती है. कई मामले उप पंजीयकों के हस्ताक्षर नहीं होने के चलते रुक गए हैं. उप पंजीयकों के छुट्टी में चले जाने से रजिस्ट्री जारी नहीं हो पाती है. भले ऑनलाइन से प्रक्रिया पूरी हो जाए. हाउसिंग बोर्ड, आरडीए के मामले अटक रहे हाउसिंग बोर्ड और आरडीए से मकान, फ्लैट, जमीन खरीदने वालों की रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है. रजिस्ट्री कराने के लिए कई लोग चक्कर काट रहे है. दरअसल लोगों को फ्लैट, मकान और प्लाट बेचे गए हैं, वे हाउसिंग बोर्ड या आरडीए के नाम पर – नहीं चढ़े हैं. इस कारण उसकी र रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है. ऐसे सैकड़ों 1 मामले पेंडिंग है. इसका अब तक समाधान नहीं निकाल पाए हैं. अवैध प्लाटिंग पर लगी रोक छोटे प्लाट की रजिस्ट्री पर लगने से आम लोगों की परेशानी बढ़ी है, तो दूसरी ओर अवैध प्लाटिंग में कमी दिख रही है. हालांकि, अवैध प्लाटिंग बंद नहीं हुई है. शहर के पुराना धमतरी रोड, सरोना, विधानसभा, कचना, नवा रायपुर, मंदिरहसौद आदि इलाकों में अवैध प्लाटिंग का खेल चल रहा है. लगातार छुट्टियों का भी असर लगातार सरकारी छुट्टी का भी असर रजिस्ट्री पर पड़ा है. शनिवार-रविवार के अलावा बीच के अन्य दिनों में अवकाश होने से रजिस्ट्री प्रभावित हुई है. इस सप्ताह भी शुक्रवार, शनिवार और रविवार को अवकाश हो गया. इसके बाद पितृपक्ष शुरू हो जाएगा, तो उसमें भी जमीन की खरीदी-बिक्री प्रभावित रहेगी.

रायपुर रेलवे स्टेशन: पार्किंग ठेकेदार पर मेहरबान अफसर, बिना लाइसेंस फीस के चल रहा ठेका

रायपुर रायपुर रेलवे स्टेशन के गुढ़ियारी का नया पार्किंग ठेका हुआ है. लेकिन ठेका अलॉट होने और हेंडओवर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी ठेकेदार ने अब तक लाइसेंस फीस जमा नहीं की है. जबकि नियमों के मुताबिक पहले लाइसेंस फीस और एडवांस जमा किए जाने का प्रावधान है. सूत्रों के मुताबिक टेंडर नियमों में तीन महीने का एडवांस लाईसेंस फीस जमा किया जाना है, लेकिन बिना टेंडर फीस के रेलवे अधिकारियों ने पार्किंग हेंडओवर कर दी. नया पार्किंग ठेका अनुराग साहू विनायक इंटरप्राइजेस को अलॉट हुआ है. ठेकादर के मुताबिक उसका जीएसटी डीबार हो गया था, इसलिए उन्होंने लाईसेंस फीस जमा नहीं कराई है, ये लाईसेंस फीस कितनी है ये पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी गोपनीय है और वे नहीं दे सकते. रेलवे के सूत्र बताते है कि उक्त ठेकेदार द्वारा 4 लाख रूपए एडवांस जमा कराया गया है और सिर्फ उसी के आधार पर टेंडर शर्तों से बाहर जाकर रेलवे अफसर पार्किंग ठेकेदार पर मेहरबान नजर आ रहे है. इस संबंध में रेलवे अधिकारियों से उनका पक्ष लेने फोन किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका.   बता दें कि इससे पहले भी रेलवे का पार्किंग ठेका लेने के बाद ठेकेदार ने लाईसेंस फीस रेलवे की नहीं दी, जिससे रेलवे के राजस्व को नुकसान हो चुका है.

कर्मचारियों की पदोन्नति याचिकाएं खारिज, हाईकोर्ट का अहम फैसला

बिलासपुर सचिवालय सेवा भर्ती नियम 2012 में किए गए संशोधन को संवैधानिक मानते हुए कर्मचारियों की ओर से दाखिल सभी याचिकाओं को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि पदोन्नति कर्मचारियों का मौलिक अधिकार नहीं है, बल्कि यह केवल विचार किए जाने का अवसर है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल और न्यायमूर्ति संजय कुमार जायसवाल की डीबी में हुई। दरअसल, राज्य सरकार ने 14 जून 2021 को अधिसूचना जारी कर संयुक्त सचिव, उप सचिव, अवर सचिव और अनुभाग अधिकारी के पदों पर पदोन्नति के लिए स्नातक डिग्री अनिवार्य कर दी थी। इस संशोधन को मंत्रालय में कार्यरत अनुभाग अधिकारी, असिस्टेंट ग्रेड-1 समेत अन्य कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में यह कहते हुए चुनौती दी कि सेवा के अंतिम चरण में नियम बदलना अनुचित है। वे वर्षों से फीडर पदों पर काम कर रहे हैं, कई तो सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं। उनका तर्क था कि यह संशोधन संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन है और सरकार ने अतिरिक्त योग्यता अनिवार्य करने का कोई ठोस कारण नहीं बताया है। मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने जवाब में कहा कि उच्च पदों पर अधिक जिम्मेदारियां होती हैं, इसलिए स्नातक डिग्री जैसी न्यूनतम योग्यता जरूरी है। पदोन्नति कर्मचारियों का अधिकार नहीं है, बल्कि केवल नियमों के आधार पर अवसर है। नियमों में संशोधन करना उसका विशेषाधिकार है और यह न तो मनमाना है और न ही अवैध। कोर्ट ने सरकार के तर्कों से सहमति जताते हुए कहा कि किसी कर्मचारी की व्यक्तिगत कठिनाई से कोई कानून असंवैधानिक नहीं ठहराया जा सकता। पदोन्नति का कोई मौलिक अधिकार नहीं है। स्नातक डिग्री को अनिवार्य करने वाला संशोधन न भेदभावपूर्ण है और न ही संविधान का उल्लंघन।

पूर्व प्रांत प्रचारक श्रद्धेय शांताराम जी को मुख्यमंत्री साय ने दी अंतिम श्रद्धांजलि

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित जागृति मंडल, पंडरी पहुँचकर छत्तीसगढ़ के पूर्व प्रांत प्रचारक श्रद्धेय शांताराम जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री साय ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि श्रद्धेय शांताराम जी संघ के वरिष्ठ प्रचारक थे और उनका मेरे साथ गहरा आत्मीय संबंध रहा है। वे सदैव अभिभावक के समान स्नेह और मार्गदर्शन प्रदान करते रहे। उनका निधन संघ परिवार, समाज और प्रदेश के लिए ही नहीं, बल्कि मेरे लिए भी व्यक्तिगत क्षति है। मुख्यमंत्री साय ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा सभी शुभचिंतकों को यह गहन दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने श्रद्धेय शांताराम जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे हमारे लिए पिता तुल्य थे। उन्होंने मदकूदीप को पुनर्जीवित कर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया और अपनी विनम्रता तथा जीवन मूल्यों से सभी के आदर्श बने। संघ के वरिष्ठ प्रचारक के रूप में उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता और स्वयंसेवकों को परिवार मानकर निरंतर मार्गदर्शन किया। मुख्यमंत्री रहते हुए भी मुझे उनका स्नेह और आशीर्वाद मिलता रहा। उनके निधन से पूरा प्रदेश शोकाकुल है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा, गजेंद्र यादव, गुरु खुशवंत साहेब, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, राजनांदगांव सांसद संतोष पांडे, विधायक सर्वश्री अनुज शर्मा एवं मोतीलाल साहू, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, कृषि कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक एवं आमजन उपस्थित थे।

सरल और सहज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का दिखा अपनत्व, नन्हे इवान को गोद में लेकर किया दुलार

रायपुर, रायगढ़ के खरसिया पहुँचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सहजता, सरलता और अपनेपन ने आज सभी को गहरे तक प्रभावित किया। खरसिया हेलीपैड पर जब उनकी नज़र ढाई साल के इवान पर पड़ी तो वे बच्चे को दुलारे बिना नहीं रह सके। आत्मीय मुस्कान के साथ मुख्यमंत्री श्री साय ने नन्हे इवान को अपनी गोद में उठाया और बड़े स्नेह से दुलार किया। नर्सरी में पढ़ने वाला इवान अपने पिता के साथ बड़े उत्साह से हेलीपैड पर मुख्यमंत्री को देखने आया था। बच्चे को अचानक मुख्यमंत्री  साय की गोद में देखकर वहां मौजूद सभी लोग भावुक और आश्चर्यचकित रह गए। यह दृश्य मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की सहजता, आत्मीयता और संवेदनशील व्यवहार का सजीव उदाहरण बन गया। इसे देखकर लोगों के मन में यह भाव सहज ही उमड़ पड़ा कि मुख्यमंत्री के दिलो-दिमाग में केवल प्रदेश की प्रगति और जनकल्याण का ही संकल्प नहीं है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं के प्रति उनका गहरा अनुराग भी है। इवान के पिता  अमन गर्ग ने कहा कि अपने बेटे को मुख्यमंत्री की गोद में देखना उनके परिवार के लिए भावुक, अनमोल और अविस्मरणीय क्षण है। उन्होंने कहा कि यह स्मृति जीवन भर उनके साथ रहेगी।  गर्ग ने बताया कि इवान बड़े उत्साह से मुख्यमंत्री और हेलीकॉप्टर को देखने उनके साथ हेलीपैड आया था। मुख्यमंत्री की गोद में जाते ही उसकी खुशी दोगुनी हो गई। आज एक बार फिर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का अपनत्व और बच्चों के प्रति उनका अनुराग सबके सामने आया। उनके इस आत्मीय व्यवहार ने न केवल अमन गर्ग के परिवार का दिल जीत लिया, बल्कि वहां मौजूद सभी लोगों के हृदय में भी अमिट छाप छोड़ दी।

कारीगरों को मिलेगा नया बाजार, प्रदेश में बनेगा शिल्प ग्राम और शिल्प नगरी– मंत्री गजेंद्र यादव

रायपुर : ग्रामोद्योग से गाँव-गाँव में रोजगार का होगा विस्तार – मंत्री गजेंद्र यादव कारीगरों को मिलेगा नया बाजार, प्रदेश में बनेगा शिल्प ग्राम और शिल्प नगरी– मंत्री गजेंद्र यादव ग्रामोद्योग विभाग की समीक्षा बैठक : छोटे उद्योगों से बड़े रोजगार की ओर कदम रायपुर ग्रामोद्योग, स्कूल शिक्षा एवं विधि विधायी विभाग के मंत्री गजेंद्र यादव ने आज यहां न्यू सर्किट हाउस रायपुर के कॉन्फ्रेंस हॉल में ग्रामोद्योग विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में विभाग के अंतर्गत रेशम, हथकरघा, खादी, हस्तशिल्प एवं माटीकला बोर्ड की कार्यप्रगति का विस्तार से आकलन किया गया। मंत्री यादव ने बताया कि राज्य में लगभग 3.15 लाख हितग्राही ग्रामोद्योग के विभिन्न कुटीर उद्योगों से रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि जिलों और विकासखंडों में रीपा (RIPA) भवनों में ग्रामोद्योग की गतिविधियाँ संचालित कर अधिक से अधिक हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाए। बैठक में निर्णय लिया गया कि दोना–पत्तल, कांसा, गोबर से जैविक खाद, पपीता से गुलकंद, फर्नीचर जैसे छोटे उद्योगों की स्थापना कर हितग्राहियों को वित्तीय सहायता दी जाएगी, जिससे नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इसके अलावा राज्य शासन ने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि शासकीय विभागों में केवल राज्य के बुनकरों और कारीगरों द्वारा निर्मित सामग्री की ही आपूर्ति हो। साथ ही रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में शिल्प ग्राम एवं शिल्प नगरी के निर्माण की कार्ययोजना बनाई जाएगी, ताकि कारीगरों को बेहतर विपणन सुविधा मिले और राज्य की शिल्पकला को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जा सके। बैठक में सचिव सह संचालक ग्रामोद्योग श्याम धावड़े, प्रबंध संचालक हस्तशिल्प एवं माटीकला बोर्ड जे. पी. मौर्य, उप सचिव अर्न मरकाम, अपर संचालक रेशम डॉ. राजेश बघेल, संयुक्त संचालक हथकरघा अ. अयाज़ सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने गोंडी अनुवादक ऐप ‘आदि वाणी’ परियोजना की सफलता पर दी बधाई

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से यहाँ उनके निवास कार्यालय में ट्रिपल आई टी नया रायपुर के निदेशक प्रोफेसर ओमप्रकाश व्यास ने सौजन्य मुलाकात की।मुख्यमंत्री साय ने ‘आदि वाणी’ परियोजना के अंतर्गत गोंडी भाषा अनुवादक मोबाइल ऐप के सफल लॉन्च पर प्रोफेसर व्यास एवं उनकी टीम को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस ऐप के माध्यम से गोंडी बोलने वाले जनजातीय भाई-बहनों की आवाज़ राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचेगी। यह तकनीक उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने, शिक्षा तथा शासन-प्रशासन में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने का सशक्त माध्यम बनेगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ट्रिपल आई टी नया रायपुर भविष्य में भी इसी प्रकार के नवाचार और समाजोन्मुखी अनुसंधान से प्रदेश एवं देश का गौरव बढ़ाएगा। प्रोफेसर व्यास ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस परियोजना में गोंडी भाषा के लिए टेक्स्ट-टू-स्पीच एवं अनुवाद प्रणाली विकसित की गई है। इसके माध्यम से गोंडी से हिंदी और अंग्रेज़ी तथा इसके विपरीत अनुवाद संभव होगा। यह सुविधा अब मोबाइल ऐप के रूप में भी उपलब्ध है, जिससे आम नागरिक इसे आसानी से उपयोग कर सकेंगे। उन्होंने अवगत कराया कि इस परियोजना में ट्रिपल आई टी नया रायपुर के साथ-साथ आईआईटी दिल्ली, आईआईटी हैदराबाद और बिट्स पिलानी जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थान भी सहभागी हैं। ‘आदि वाणी’ परियोजना को भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा प्रायोजित किया गया है। प्रोफेसर व्यास ने बताया कि इस उपलब्धि से ट्रिपल आई टी नया रायपुर ने राष्ट्रीय पटल पर अपनी सार्थक उपस्थिति दर्ज कराई है। विशेष रूप से बस्तर अंचल के 30 लाख से अधिक गोंडी भाषी समुदाय को इस तकनीक से अपनी भाषा और संस्कृति की पहचान सुरक्षित करने और डिजिटल युग में अपनी आवाज़ को बुलंद करने का अवसर मिलेगा।

महतारी वंदन योजना के तहत 69 लाख से अधिक महिलाओं को 647 करोड़ से अधिक की राशि की गई अंतरित

रायपुर : महतारी वंदन योजना : माताओं-बहनों के सम्मान से ही छत्तीसगढ़ की समृद्धि संभव – मुख्यमंत्री साय महतारी वंदन योजना के तहत 69 लाख से अधिक महिलाओं को 647 करोड़ से अधिक की राशि की गई अंतरित अब तक कुल 12,376.19 करोड़ रुपये की राशि सीधे हितग्राहियों तक पहुँची, महिलाओं के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज रायगढ़ जिले के खरसिया में आयोजित भव्य कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना की 19वीं किस्त का भुगतान किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश की 69,15,994 महिलाओं के बैंक खातों में सीधे 1000-1000 रुपये की राशि अंतरित की। कुल 647.13 करोड़ रुपये की यह राशि एक क्लिक के माध्यम से हस्तांतरित की गई। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और उनके आत्मसम्मान को सशक्त करने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आर्थिक सहयोग न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएगा, बल्कि परिवार की आर्थिक मजबूती और सामाजिक सुरक्षा में भी सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने महिलाओं से संवाद करते हुए भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार हमेशा उनके साथ खड़ी है और उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कदम उठाती रहेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह योजना छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों के जीवन में आशा, विश्वास और नई प्रेरणा का संचार कर रही है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार महिलाओं की बेहतरी और समाज की उन्नति के लिए इसी प्रकार लगातार कार्य करती रहेगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 1 मार्च 2024 से प्रारंभ हुई इस योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 69 लाख पात्र महिलाओं को प्रतिमाह सीधे उनके बैंक खातों में आर्थिक सहायता दी जा रही है। आज की 19वीं किस्त सहित अब तक कुल 12,376.19 करोड़ रुपये की राशि हितग्राहियों तक पहुँचाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने, आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर करने और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने में अभूतपूर्व भूमिका निभा रही है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं को नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और सम्मान प्रदान कर रही है। यह उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है।  उन्होंने कहा कि योजना का प्रभाव न केवल महिलाओं तक सीमित है, बल्कि इससे पूरे परिवार को मजबूती मिल रही है और समाज में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है।राज्य सरकार ने घोषणा की है कि महिलाओं के विकास, सुरक्षा और स्वाभिमान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए महतारी वंदन योजना को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।  कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

महाराजा चक्रधर सिंह ने कला को दिलाई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान – मुख्यमंत्री साय

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का संकल्प – समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित छत्तीसगढ़ महाराजा चक्रधर सिंह ने कला को दिलाई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान – मुख्यमंत्री साय रायगढ़ में चक्रधर समारोह के समापन कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का संकल्प – समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित छत्तीसगढ़मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का संकल्प – समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायगढ़ में चक्रधर समारोह के समापन कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि महाराजा चक्रधर सिंह ने संगीत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रायगढ़ में कला और संस्कृति के प्रति अलग ही प्रेम है। इस प्रेम को स्थायी बनाए रखने की दिशा में यहाँ कला और संगीत महाविद्यालय खोलने की घोषणा विगत वर्ष की गई थी। उन्होंने बताया कि इसके लिए बजट का प्रावधान कर दिया गया है और महाविद्यालय हेतु स्थान का चयन भी हो चुका है। कुछ माह के पश्चात यह महाविद्यालय अस्तित्व में आ जाएगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने विगत 20 माह में अनेक योजनाएँ बनाई हैं और उन्हें जन-जन तक पहुँचाकर लोगों को लाभान्वित किया है। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जो गारंटी दी थी, उसे हमारी सरकार ने अल्प समय में ही पूरा किया है और 2047 तक के लिए छत्तीसगढ़ का विज़न डॉक्यूमेंट तैयार किया है।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  छत्तीसगढ़ की माताओं और बहनों को महतारी वंदन योजना से लाभान्वित करते हुए हर माह उनके खाते में एक एक हजार रुपये की राशि डाली जा रही है। इससे राज्य की लगभग 70 लाख महिलाएँ लाभान्वित हो रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि हमारी सरकार ने नई उद्योग नीति लागू कर राज्य में लाखों-करोड़ों रुपये का निवेश आकर्षित किया है और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के बेटे-बेटियों को रोजगार देने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने राज्य में संस्कृति और आस्था की पहचान राजिम कुंभ को भी भव्य रूप देने की बात कही। *मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित अन्य अतिथियों ने पद्मगायक कैलाश खेर के गीतों का उठाया आनंद* मुख्यमंत्री साय सहित अन्य अतिथियों ने चक्रधर समारोह के समापन समारोह में आज के प्रमुख आकर्षण, प्रख्यात गायक पद्मकैलाश खेर की प्रस्तुतियों का आम दर्शकों के साथ आनंद लिया। *महाराजा चक्रधर सिंह पर विशेष आवरण का किया विमोचन* मुख्यमंत्री साय और अन्य अतिथियों ने मंच से डाक विभाग द्वारा महाराजा चक्रधर सिंह पर जारी विशेष आवरण का विमोचन किया। उन्होंने सुग्घर छत्तीसगढ़ की परिकल्पना पर आधारित रायगढ़ नगर पालिक निगम के शुभंकर अप्पू राजा को भी लॉन्च  किया। मंच पर कथक प्रस्तुत करने वाली विख्यात कलाकार पद्मडॉ. नलिनी, डॉ. कमलिनी अस्ताना एवं उनकी टीम को सम्मानित भी किया गया। *छत्तीसगढ़ की पहचान है कला और संस्कृति : उपमुख्यमंत्री अरुण साव* समारोह में विशिष्ट अतिथि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान प्रारंभ से ही कला और संस्कृति की रही है। महाराजा चक्रधर सिंह ने यहाँ की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया। उन्होंने मंच से अपनी कला का प्रदर्शन करने वाले सभी कलाकारों को बधाई और शुभकामनाएँ दीं। *कला और संस्कृति की नगरी है रायगढ़ : वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी* चक्रधर समारोह के समापन अवसर पर उपस्थित हजारों की भीड़ को कला-प्रेमियों की पहचान बताते हुए स्थानीय विधायक एवं वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि रायगढ़ कला और संस्कृति की नगरी है। राजा चक्रधर सिंह ने कथक नृत्य और अन्य सांस्कृतिक विरासतों को आगे बढ़ाने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। हम सभी रायगढ़ के विकास को लेकर निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने रायगढ़ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्रशिक्षण केंद्र के शुभारंभ और उससे होने वाली जॉब गारंटी का भी उल्लेख किया। साथ ही नालंदा परिसर की स्थापना के साथ आईआईटी, नीट, लॉ यूनिवर्सिटी सहित प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश हेतु अवसर उपलब्ध कराने की बात कही। वित्त मंत्री चौधरी ने छत्तीसगढ़ के विकास में अनेक प्रोजेक्ट संचालित होने की जानकारी दी। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि यह समारोह महाराजा चक्रधर सिंह के योगदान को समर्पित है। उन्होंने संगीत की खोती हुई विरासत को सहेजने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए कार्य किया और संगीत के गौरव को पुनर्स्थापित किया। उन्होंने सभी कलाकारों का आभार भी जताया। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया, बिलासपुर संभाग आयुक्त सुनील जैन, आईजी संजीव शुक्ला, सीसीएफ प्रभात मिश्रा, कलेक्टर एवं एसपी सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।