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व्यावहारिक प्रशिक्षण से कार्यकुशलता में आएगा निखार, गांव में मिलेगा रोजगार- कलेक्टर

अम्बिकापुर ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार निर्मित करने की दिशा में सरगुजा जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। अंबिकापुर के दरिमा ग्राम पंचायत में जिला प्रशासन एवं सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) के संयुक्त तत्वावधान में 30 दिवसीय राजमिस्त्री प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस प्रशिक्षण में 16 महिलाओं को रानी मिस्त्री तथा 19 पुरुषों को राजमिस्त्री का हुनर सिखाया गया। कुल 35 प्रतिभागियों ने व्यावहारिक और तकनीकी ज्ञान अर्जित किया। आयोजित समापन समारोह में कलेक्टर श्री विलास भोसकर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ जिला पंचायत सीईओ श्री विनय कुमार, अग्रणी बैंक प्रबंधक श्री विकास यादव, सेंट्रल बैंक के रिजनल हेड श्री रणधीर सिंह, आरसेटी डायरेक्टर श्री श्याम किशोर गुप्ता, जनपद पंचायत सीईओ श्री राजेश सेंगर, साक्षर भारत जिला परियोजना अधिकारी श्री गिरीश गुप्ता और प्रशिक्षण समन्वयक सुश्री तमना निशा मौजूद रहीं। समापन समारोह में कलेक्टर श्री भोसकर ने प्रशिक्षार्थियों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनके अनुभव और सीखी गई तकनीकों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि व्यावहारिक प्रशिक्षण से कार्यकुशलता बेहतर होती है। इससे न केवल आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि काम की गुणवत्ता और गति भी सुधरती है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आपके पंचायत में सर्वाधिक आवास स्वीकृत हुए हैं। इन्हें समय पर पूरा करना अब आपकी जिम्मेदारी है। यह प्रशिक्षण आपको केवल श्रमिक नहीं, बल्कि कुशल मिस्त्री बनाता है। इस प्रशिक्षण से गांव में ही पर्याप्त काम और सम्मानजनक आमदनी का अवसर मिलेगा। प्रशिक्षणार्थियों ने बताया कि पहले वे सामान्य मजदूरी करते थे, लेकिन प्रशिक्षण के बाद उन्होंने नाप-जोख, ईंट की चिनाई, प्लास्टरिंग, लेवलिंग, लेआउट और भवन निर्माण की नई तकनीकें सीखीं। अब वे आत्मविश्वास के साथ स्वयं को कुशल राजमिस्त्री कह सकते हैं। समापन कार्यक्रम के अवसर पर सभी प्रतिभागियों को राजमिस्त्री के टूल किट भी वितरित किए गए। इनमें भवन निर्माण कार्य हेतु आवश्यक औजार शामिल थे। इस कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीण अब अपने सीखे हुए कौशल का उपयोग स्थानीय स्तर पर निर्माण कार्यों में करेंगे। इससे न केवल उन्हें रोजगार मिलेगा, बल्कि गांव की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी। जिला प्रशासन की इस पहल ग्रामीण आत्मनिर्भर और आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ेंगे।

लोगों को आवाजाही में हो रही दिक्कत के चलते कलेक्टर द्वारा एक ही दिन के भीतर मरम्मत करने के दिए गए थे निर्देश

दंतेवाड़ा जिले में विगत सप्ताह अति वर्षा के कारण जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पुल-पुलियों जैसी आवागमन से जुड़ी अधोसंरचनाओं को भारी नुकसान पहुंचा था। इनमें अधिकतर पुल-पुलियों के ध्वस्त होने की घटनाएं दन्तेवाड़ा एवं गीदम विकासखण्ड के अन्तर्गत हुई। बारसूर नगर पंचायत क्षेत्र में भी पुल-पुलिया भी इससे प्रभावित हुए इनमें गणेष बहार नाला एवं मांडर नाला प्रमुख है। यातायात व्यवस्था को पुनः सुचारू संचालन के लिए कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत द्वारा इन क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों का निरीक्षण और इसके वैकल्पिक मरम्मत के लिए लगातार इन क्षेत्रों का मॉनिटरिंग किया जाता रहा। इस संबंध में उन्होंने पीडब्ल्यूडी एवं पीएमजीएसवाय के विभाग प्रमुखों को तात्कालिक मरम्मत कार्य करने के लिए स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए थे ताकि सड़क संपर्क मे किसी भी स्थिति में लंबे समय तक बाधित न हो। इस क्रम में उनके द्वारा दिनांक 30 अगस्त को अपने दौरे में गणेश बहार नाले पुल को पुनर्स्थापित करने हेतु पीडब्ल्यूडी विभाग को 24 घंटे के अंदर कार्य पूर्ण करने कहा था।    फलस्वरूप 31 अगस्त तक विभाग द्वारा आवाजाही हेतु वैकल्पिक मरम्मत कार्य पूर्ण कर लिया गया। जिसका कलेक्टर द्वारा स्थल निरीक्षण कर विभागीय अधिकारियों को क्षतिग्रस्त पुल में पर्याप्त मात्रा में मिट्टी एवं बोल्डर डालकर मजबूती देने हेतु दिशा निर्देश दिए गए। ताकि भारी वाहन भी सुरक्षित रूप से गुजर सकें। इसके साथ ही कलेक्टर ने देर शाम तक बारसूर से नारायणपुर जोड़ने वाले मांडर नाले एवं ग्राम बालपेट के क्षतिग्रस्त पुल के निर्माण कार्य का जायजा लेते हुए इसके भी मरम्मती कार्य को तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस दौरान पुलिस अधीक्षक श्री गौरव राय, जिला पंचायत सीईओ श्री जयंत नाहटा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री उदित पुष्कर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

एमसीबी : कलेक्टर ने दिए आदेश, जनदर्शन के आवेदनों का समय पर निराकरण जरूरी

एमसीबी कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने आज कलेक्ट्रेट कार्यालय में जनदर्शन के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं को सुना। जिले के ग्रामीणजन और नागरिकों ने जनदर्शन में अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं को सीधे कलेक्टर के समक्ष रखा। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को प्राप्त सभी आवेदनों को प्राथमिकता के साथ शीघ्रता से निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। जनदर्शन में आज कुल 16 आवेदन प्राप्त हुए। जनदर्शन में आवेदक किशोरी मिश्रा निवासी मनेन्द्रगढ़ कलेक्टर दर से वेतन भुगतान किये जाने के संबंध में, चिरौंजिया निवासी खोंगापानी दिये गये पैसा को वापस नहीं किये जाने के संबंध में, देवी प्रसाद निवासी मंगौरा भूमि के संबंध में, रिभान्शू निवासी हर्रा किसान आईडी दुरूस्त करने के संबंध में, समस्त ग्रामवासी केंवटी पृथक ग्राम सभा गठन के संबंध में, मनीष सिंह निवासी खोंगापानी पुनः गुणवत्तापूर्ण सी.सी.रोड निर्माण के संबंध में, उर्मिला जायसवाल निवासी मनेन्द्रगढ़ आंगनबाड़ी भवन निर्माण करवाये जाने के संबंध में, सुरजीत सिंह निवासी मनेन्द्रगढ़ सूचना के अधिकार के अधिनियम 2005 के साथ खिलवाड़ करने के संबंध में एवं निर्मित दुकानों के जांच में अनावश्यक देरी के संबंध में, रामकली निवासी चिरमिरी मुआवजा दिलाये जाने के संबंध में, रामदेव निवासी ठिहाई रिक्त कोटवार पद पर पदस्थापना के संबंध में, मुनौवर फारूक अंसारी निवासी मनेन्द्रगढ़ एसडीएम कार्यालय में पदस्थ शम्भू दयाल की शिकायत के संबंध में, हुकुमचन्द, इन्दर साय, कुंवार साय, लुन्दनराम निवासी पाराडोल भूमि के संबंध में, जग साय निवासी खैरबना पट्टा के भूमि में मेरा नाम दर्ज कराने के संबंध में, दीपक निवासी पसौरी प्रधानमंत्री आवास योजना में फर्जी सत्यापन किए जाने के संबंध में, शिकायत लेकर उपस्थित हुए थे। कलेक्टर ने प्राप्त सभी आवेदनों को पूरी गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को उचित कार्यवाही करते हुए त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए।

अम्बिकापुर : रेस्टोरेंट की बिरयानी में निकला कॉकरोच मामला, खाद्य एवं औषधि विभाग ने की कार्यवाही

अम्बिकापुर होटल ग्रांड बसंत रेस्टोरेंट में परोसी गई बिरयानी की गुणवत्ता को लेकर उपभोक्ता द्वारा की गई शिकायत के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने कार्रवाई की है। गुतुरमा, सीतापुर निवासी उपभोक्ता अमित गुप्ता ने 1 सितंबर को सोशल मीडिया (व्हाट्सअप और फेसबुक) पर एक वीडियो साझा कर आरोप लगाया कि रेस्टोरेंट में परोसी गई वेज बिरयानी में मरा हुआ कॉकरोच निकला। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने रेस्टोरेंट का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान तैयार वेज बिरयानी एवं वेज करी के नमूने विधिवत जप्त कर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, रायपुर भेजे गए हैं। प्रयोगशाला रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 एवं नियम 2011 के तहत आगे की कार्यवाही की जाएगी। इसके अलावा, टीम ने पाया कि रसोईघर में कीट प्रबंधन, पानी परीक्षण, कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाण पत्र एवं व्यक्तिगत स्वच्छता संबंधी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। इस पर रेस्टोरेंट प्रबंधन को इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किया गया है। नोटिस के जवाब और रिपोर्ट के आधार पर विभाग आगे की कानूनी कार्यवाही करेगा।

अंबिकापुर : कलेक्टर की साप्ताहिक बैठक, हड़ताल पर सख्ती और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा

अम्बिकापुर कलेक्टर विलास भोसकर की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे हड़तालों पर गंभीरता से चर्चा हुई। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि शासन के आदेशानुसार हड़ताल अवधि का कार्यालय  में अनुपस्थित रहने वाले अधिकारी-कर्मचारियों का वेतन काटा जाएगा और नियमानुसार कठोर कार्रवाई भी की जाएगी। कलेक्टर ने पीजी पोर्टल, सीएम जनदर्शन एवं अटल मॉनिटरिंग पोर्टल में प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पीएम जनमन योजना के अंतर्गत बन रहे प्रधानमंत्री आवास, पीएम ग्राम सड़क एवं निर्माण कार्यों को समयसीमा में पूर्ण करने पर जोर दिया। साथ ही, एग्रीस्टैक पंजीयन और पीएम आवास में प्रगति लाने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने फील्ड विजिट एवं सतत मॉनिटरिंग के माध्यम से शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में गति लाने को निर्देशित किया। ,वहीं कलेक्टर ने आगामी छत्तीसगढ़ रजत जयंती कार्यक्रमों के अंतर्गत विभागवार गतिविधियों को निर्धारित तिथि अनुसार बेहतर ढंग से आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त, आदि कर्मयोगी अभियान के तहत अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने और कार्य योजना को प्रभावशाली रूप से क्रियान्वित करने को निर्देशित किया। उन्होंने फसलों के डिजिटल क्रॉप सर्वे में प्रगति लाने और विभागीय लंबित प्रकरणों का शीघ्र व नियमानुसार निराकरण करने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल, अपर कलेक्टर सुनील नायक, राम सिंह ठाकुर, अमृत लाल ध्रुव, निगम कमिश्नर डी. एन. कश्यप, सर्व एसडीएम सहित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भोपालपटनम से आए परिवार को दिया संपूर्ण इलाज का भरोसा

रायपुर : 'पापा, मैं ठीक हो जाऊंगी ना?' – दिल की बीमारी से जूझ रही मासूम शांभवी गुरला का सवाल   स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भोपालपटनम से आए परिवार को दिया संपूर्ण इलाज का भरोसा रायपुर के एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट में होगा रियूमेटिक हार्ट डिजीज (आरएचडी) का इलाज रायपुर, रायपुर के एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट में होगा रियूमेटिक हार्ट डिजीज (आरएचडी) का इलाज बीजापुर जिले भोपालपटनम ब्लॉक के वरदली गांव की 7वीं कक्षा में पढ़ने वाली 11 वर्षीय शांभवी गुरला की मासूम आंखों में एक ही सवाल था— “पापा, मुझे क्या हुआ है, मैं ठीक हो जाऊंगी ना?” खेती-किसानी कर परिवार का गुजारा करने वाले उसके पिता इस सवाल पर अक्सर चुप हो जाते थे। तीन महीने पहले जिला अस्पताल बीजापुर में जब डॉक्टरों ने बताया कि शांभवी को रियूमेटिक हार्ट डिजीज (RHD) है, तो पिता के पांव तले जमीन खिसक गई। डॉक्टरों ने रायपुर में इलाज कराने की बात कही, लेकिन परिवार को लगा कि रायपुर में इलाज में तो बहुत ज्यादा खर्च लगता होगा, ये सोच कर परिवार की उम्मीदें टूटने लगीं। घर में हर रोज यही चर्चा होती—“अब क्या होगा? हम अपनी बेटी का इलाज कैसे कराएंगे?” मां रोती और शांभवी को सीने से लगाकर कहती—“बेटा, सब ठीक होगा।” लेकिन उसके पिता की आंखों में चिंता साफ झलकती थी। आखिरकार उन्होंने हिम्मत जुटाई और बेटी को लेकर सीधे स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के पास पहुंचे। स्वास्थ्य मंत्री ने बच्ची से मुलाकात की और तुरंत ही रायपुर के एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट में डॉ. स्मित श्रीवास्तव से बात की। स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देश दिया कि इलाज तुरंत शुरू किया जाए। खर्च की चिंता मत करें, सरकार पूरी जिम्मेदारी लेगी।” स्वास्थ्य मंत्री की यह बात सुनते ही शांभवी की मां की आंखों से आंसू बह निकले। उन्होंने कांपती आवाज़ में कहा— “मंत्री जी, आप हमारी बेटी को नया जीवन दे रहे हैं। आप हमारे लिए किसी डाक्टर से कम नहीं।” स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर शांभवी को इलाज के लिए एसीआई रायपुर में लाया गया है। यहां डॉक्टरों की टीम उसकी जांच करेगी और उसका इलाज शुरू करेगी। गौरतलब है कि सरकार का यह कदम सिर्फ एक बच्ची के लिए नहीं, बल्कि राज्य के हर एक गरीब परिवार के लिए भरोसे का संदेश है। अब माता पिता के चेहरे पर खुशी के भाव देखकर आज शांभवी भी मुस्कुरा रही है और पिता से बार-बार पूछती है— “पापा, मैं जल्दी खेल पाऊंगी ना?” और इस बार पिता की आंखों में आंसू नहीं, बल्कि उम्मीद की चमक है।

6th नेशनल थाई बॉक्सिंग चैंपियन शीप 2025 में छत्तीसगढ़ ने दूसरा स्थान हासिल किया

रायपुर  थाई बॉक्सिंग इंडिया 6th नेशनल थाई बॉक्सिंग चैंपियन शीप 2025 का आयोजन थाई बॉक्सिंग एसोसिएशन उत्तरप्रदेश द्वारा 29 अगस्त से 31अगस्त को बनारस में किया गया। इसमें पूरे देश भर से 22 राज्यों ने प्रतिनिधित्व कर  बनारस में अपना तीनों कैटेगरी सब जूनियर, जूनियर और सीनियर कैटेगरी खेल में अपना जौहर सभी राज्यों द्वारा किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य से भी सभी जिलों से अपने स्कूलों से बच्चों को प्रतिनिधित्व के लिए उत्तर प्रदेश भेजा गया था। जिसमें मुख्य रूप से दंतेवाड़ा जिला, रायपुर जिला, कोरबा जिला एवं बिलासपुर जिले से लगभग 91 बच्चे खेल में भाग लिए। थाई बॉक्सिंग में बच्चे अपनी प्रतिभा दिखाते हुए छत्तीसगढ़ को दूसरा स्थान दिलाकर राज्य का गौरव बढ़ाया। जीत से लबरेज बच्चों का रायपुर आगमन पर रायपुर नगर निगम के महापौर मीनल चौबे ने बच्चों से मिलकर उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की एवं साथ में उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की एवं बच्चों को बधाई दी।

राहत कैंपों की व्यवस्थाओं को पुनर्वास के संबंध में प्रभावितों से लिया फीडबैक

दंतेवाड़ा : ग्राम बालपेट और भैरमबंद के अतिवर्षा प्रभावितों के राहत कैंपों का कलेक्टर ने फिर किया मुआयना राहत कैंपों की व्यवस्थाओं को पुनर्वास के संबंध में प्रभावितों से लिया फीडबैक जब तक हालात सामान्य नहीं होंगे राहत  शिविरों  का संचालन जारी रहेगा- कलेक्टर कलेक्टर ने प्रभावितों को हर संभव मदद् का संकल्प दोहराया दंतेवाड़ा कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने विगत दिवस जिला मुख्यालय से लगे अति वर्षा प्रभावित ग्राम बालपेट और भैरमबंद के राहत शिविरों का निरीक्षण करते हुए प्रभावितों को हर संभव मदद की प्रतिबद्धता को दोहराया। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में भैरमबंद राहत शिविर में कुल 54 परिवारों के 204 लोग निवासरत हैं, इसी प्रकार बालपेट के राहत शिविर में 89 लोग रह रहे है। जिन्हें जिला प्रशासन द्वारा निरंतर सहयोग और सहायता प्रदान की जा रही है। इस दौरान उन्होंने राहत शिविरों में ठहरे ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी स्थिति और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। कलेक्टर ने कहा कि जब तक हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाते, तब तक राहत शिविरों का संचालन जारी रहेगा और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश के मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार प्रभावित परिवारों को दी जाने वाली राहत सहायता राशि में भी वृद्धि की गई है। साथ ही, जिन ग्रामीणों के अन्य व्यक्तिगत क्षतियों का अब तक सर्वे में समावेश नहीं हो पाया है, उनका पुनः सर्वे कर उन्हें भी क्षतिपूर्ति दी जायेगी। इसके साथ ही कलेक्टर श्री दुदावत ने राहत शिविरों में व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के निर्देश देते हुए शिविरों में ठहरे लोगों के लिए पंखे, कूलर, मच्छरदानी और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। गौरतलब है कि जिन घरों के ढंाचों में वर्षा से क्षति पहुँची है, उनके मरम्मत कार्य हेतु बाँस और बल्ली की व्यवस्था भी जिला प्रशासन द्वारा की जा रही है। इसके अतिरिक्त, प्रभावित परिवारों के भोजनादि हेतु जलाऊ लकड़ी एवं पेयजल हेतु टैंकर से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि उनके दैनिक जीवन में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। इसके अलावा इन परिवारों के स्कूली बच्चों हेतु नये पाठय पुस्तकों एवं यूनिफॉर्म आदि के भी प्रशासन द्वारा व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही कलेक्टर ने राहत शिविर का पुनः नियमित निरीक्षण करने की बात कहते हुए आवश्यकतानुसार सुविधाओं में और सुधार लाये जाने हेतु प्रभावितों को आश्वस्त किया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक श्री गौरव राय, जिला पंचायत सीईओ श्री जयंत नाहटा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री उदित पुष्कर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

गौरेला-पेंड्रा- मरवाही : स्वामित्व योजना के तहत 24 गांवों में ड्रोन सर्वे जारी

ड्रोन टेक्नोलॉजी से बदलेंगे गांवों के नक्शे, गौरेला-पेंड्रा- मरवाही में 24 गांवों का सर्वे संबंधित ग्रामों में चूना मार्किंग करते हुए ड्रोन फ्लाई सर्वे के लिए टीम गठित गौरेला पेंड्रा मरवाही स्वामित्व योजना के तहत पेण्ड्रारोड (गौरेला) तहसील के 22 और पेण्ड्रा तहसील के 2 गांवों में ड्रोन सर्वे का कार्य 1 सितम्बर से प्रारंभ हो गया है। यह कार्य 8 सितम्बर तक चलेगा। संबंधित ग्रामों में चूना मार्किंग करते हुए ड्रोन फ्लाई से सर्वे कार्य पूर्ण कराने के लिए राजस्व निरीक्षक, संबंधित हल्का पटवारी, ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सहायक एवं ग्राम कोटवार को शामिल करते हुए ड्रोन सर्वे टीम गठित किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 सितम्बर को पेण्ड्रा तहसील के ग्राम जमड़ीखुर्द एवं लाटा और पेण्ड्रारोड तहसील के ग्राम मेढ़ुका का सर्वे किया गया। 2 सितम्बर को साल्हेघोरी, खम्लीकला, पंडरीपानी, लालपुर एवं मदनपुर का सर्वे किया गया। इसी कड़ी में 3 सितम्बर को बिजरवार, दौंजरा, धनौली, चुकतीपानी एवं बढ़ावनडांड़ में, 6 सितम्बर को आन्दु, डुमरिया, भदौरा, धनगंवा एवं ललाती में और 8 सितम्बर को बेलपत, करगीखुर्द, टीकरखुर्द एवं आमगांव में ड्रोन सर्वे निर्धारित है।

जनसमस्याओं एवं जनशिकायतों के लंबित प्रकरणों का शीघ्रता से करें निराकरण

गौरेला पेंड्रा मरवाही : फ्लैगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति लाने के निर्देश जनसमस्याओं एवं जनशिकायतों के लंबित प्रकरणों का शीघ्रता से करें निराकरण दो पहिया वाहन का उपयोग करने वाले शासकीय सेवकों को अनिवार्य रूप से हेलमेट लगाने के निर्देश कलेक्टर ने ली साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक गौरेला पेंड्रा मरवाही साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी ने फ्लैगशिप योजनाओं के साथ ही जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति लाने के निर्देश जिला अधिकारियों को दिए। उन्होंने जनसमस्याओं एवं जनशिकायतों के निराकरण की विभागवार समीक्षा की तथा लंबित प्रकरणों का शीघ्रता से निराकरण करने कहा। उन्होंने पीएम जनमन योजना, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष योजना, उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम सहित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति लाने, आकांक्षी ब्लॉक गौरेला में नीति आयोग के दिशा निर्देशों के तहत सभी 40 इंडिकेटर में हितग्राहियों को संतृप्त करने, स्कूली बच्चों का आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र बनाने, न्यायालयीन प्रकरणों में समय-सीमा में जवाब-दावा प्रस्तुत करने, वन अधिकार पट्टा, कार्यालयों में स्मार्ट विद्युत मीटर लगाने, सभी विभागों को अनिवार्य रूप से ई-ऑफिस का क्रियान्वयन करने, जिला रेडक्रॉस सोसायटी में सदस्यों की संख्या बढ़ाने के साथ ही आगामी जनगणना 2027 के लिए प्रारंभिक तैयारी आदि के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए।           कलेक्टर ने सभी जिला अधिकारियों को मैदानी भ्रमण के दौरान विभागीय कार्यों के साथ-साथ आवास, पेंशन, छात्रवृत्ति, स्वास्थ्य, मूलभूत सुविधाओं सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति का अवलोकन करने और निरीक्षण प्रतिवेदन प्रस्तुत करने कहा। उन्होंने समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए छूटे हुए सभी किसानों से अनिवार्य रूप से एग्रीस्टेक पंजीयन कराने, स्वामित्व योजना के तहत ड्रोन फ्लाई सर्वे का कार्य पूर्ण कराने, जिले में चिन्हित 169 ग्रामों में आदि सेवा केंद्र की स्थापना के लिए 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक सेवा पर्व का आयोजन एवं आदि कर्मयोगी सेवा अभियान और रजत जयंती वर्ष के तहत विभिन्न गतिविधियों के आयोजन के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए।       कलेक्टर ने सड़क दुर्घटनाओं में ज्यादातर मौत सिर में चोट लगने से होने के कारण जानमाल की सुरक्षा एवं यातायात नियमों का पालन के लिए दो पहिया वाहन का उपयोग करने वाले सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से हेलमेट लगाने के संबंध में जारी निर्देश का पालन सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने कहा कि हेलमेट का उपयोग अनिवार्य रूप से करने के लिए जनजागरूकता के तहत पेट्रोल-डीजल पंप संचालकों की बैठक लेकर ‘‘नो हेलमेट-नो पेट्रोल’’ के संबंध में निर्देशित किया गया है। उन्होंने ‘‘नो हेलमेट-नो पेट्रोल’’ का कड़ाई से पालन कराने खाद्य निरीक्षकों से पेट्रोल पंपों का निरीक्षण कराने जिला खाद्य अधिकारी को निर्देश दिए। बैठक में वनमण्डलाधिकारी ग्रीष्मी चांद, जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे, प्रभारी अपर कलेक्टर अमित बेक, संयुक्त कलेक्टर दिलेराम डाहिरे, एसडीएम पेण्ड्रारोड विक्रांत अंचल, एसडीएम मरवाही निकिता मरकाम, डिप्टी कलेक्टर देवेन्द्र सिरमौर, डिप्टी कलेक्टर आकांक्षा तिवारी सहित जिला, अनुविभाग एवं खण्डस्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।