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तिहाड़ जेल में बवाल! सांसद इंजीनियर रशीद को किन्नरों ने बनाया निशाना

नई दिल्ली टेरर फंडिंग केस में जेल में बंद जम्मू-कश्मीर के सांसद इंजीनियर रशीद पर तिहाड़ में हमले का आरोप लगाया गया है। इंजीनियर रशीद का दावा है कि जेल में किन्नरों के एक गुट ने उन पर घातक हमला कर दिया। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक सांसद को मामूली चोटें आईं। बारामूला के सांसद इंजीनियर रशीद 2019 से ही तिहाड़ जेल में बंद हैं। तिहाड़ जेल प्रशासन की ओर से इस पर आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। इंजीनियर रशीद की पार्टी आवामी इत्तेहाद पार्टी (AIP) ने सांसद पर हमले को लेकर चिंता और आक्रोश जाहिर किया है। पार्टी का कहना है कि इंजीनियर रशीद ने अपने वकील जावेद हूब्बी से मुलाकात के दौरान उन पर हुए हमले की बात कही है। वकील के मुताबिक रशीद ने बताया कि तिहाड़ जेल प्रशासन ने कश्मीरी कैदियों को प्रताड़ित करने के लिए नए तरीके अपनाए हैं। जानबूझकर किन्नरों को उनके साथ बंद कर दिया गया है। उन्हें हमले के लिए उकसाया जाता है। वकील ने रशीद के हवाले से आरोप लगाया कि पुरुष किन्नरों के एक हमले में रशीद बाल-बाल बच गए। दावा किया गया कि रशीद को किन्नरों के एक समूह ने धक्का दिया और एक गेट उनके ऊपर फेंका। यह एक चमत्कारिक बचाव था। अगर यह सीधा लगता तो जानलेवा हो सकता था। इंजीनियर रशीद का आरोप है कि उनसे पहले कश्मीरी कैदियों अयूब पठान, बिलाल मीर और अमीर गोजरी पर भी किन्नर हमला कर चुके हैं। रशीद का कहना है कि ये किन्नर एचआईवी पॉजिटिव घोषित हैं और जानबूझकर उन्हें कश्मीरी कैदियों के साथ रखा गया है। पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान इंजीनियर रशीद ने जम्मू-कश्मीर के मौजूदा मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और सज्जाद गनी लोन को बारामूला सीट पर हराया। 2 लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से जीतने वाले सांसद को हाल ही में मॉनसून सत्र में हिस्सा लेने के कस्टडी पेरोल पर भेजा गया था। इंजीनियर रशीद पर आरोप है कि उन्होंने आतंकियों और अलगाववादियों के लिए धन जुटाया।

लाल किला बना चोरों का निशाना, हीरे से जड़ा सोने का कलश गायब, जैन समाज के धार्मिक कार्यक्रम में लगाई सेंध

नई दिल्ली दिल्ली स्थित लाल किले के परिसर से बीते मंगलवार को करीब एक करोड़ रुपये का कलश चोरी हो गया. बताया जाता है कि लाल किले के परिसर में एक धार्मिक अनुष्ठान चल रहा था. लोग अनुष्ठान में व्यस्त थे, तभी चोरों ने 760 ग्राम सोने और 150 ग्राम हीरे, माणिक्य, पन्ना जड़ा कलश चोरी कर लिया. फिलहाल पूरे मामले की जानकारी पुलिस को भी दी गई है. सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और चोरों की तलाश कर रही है. जानकारी के अनुसार लाल किले के परिसर में जैन धर्म का अनुष्ठान चल रहा था. इसी दौरान चोरों ने मौका देखकर करीब एक करोड़ रुपये से ज्यादा की कीमत का कलश चुरा लिया.  तकरीबन 1 करोड़ रुपये कीमत दिल्ली के लाल किले परिसर में जैन धर्म के एक धार्मिक कार्यक्रम से लगभग 1 करोड़ रुपये कीमत का सोने और कीमती पत्थरों से जड़ा कलश चोरी हुआ है. 760 ग्राम सोने के इस कलश में 150 ग्राम हीरा, माणिक और पन्ने जड़े थे. यह कलश मंगलवार को हुए कार्यक्रम के दौरान भीड़-भाड़ के समय गायब हो गया. इस कार्यक्रम में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला भी शामिल हुए थे. CCTV कैमरे में कैद हुआ संदिग्‍ध दिल्ली के लाल किला परिसर में जैन धर्म के अनुयायियों की ओर से धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया था. इसी में लाखों रुपये के कलश को भी रखा गया था. कारोबारी सुधीर जैन रोजाना पूजा के लिए कलश लेकर आते थे. बीते मंगलवार को कार्यक्रम में कई गणमान्य राजनेता भी पहुंचे थे. स्वागत की अफरातफरी के बीच कलश मंच से गायब हो गया. दिल्ली पुलिस के मुताबिक सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध की गतिविधियां कैद हुई हैं. पुलिस ने संदिग्ध की पहचान कर ली है और जल्द गिरफ्तारी की संभावना जताई गई है. लाल किले परिसर में जैन समुदाय का यह अनुष्ठान 15 अगस्त पार्क में चल रहा है और 9 सितंबर तक जारी रहेगा. पुलिस ने शुरू की जांच दिल्ली पुलिस ने बताया कि एक धार्मिक अनुष्ठान के दौरान लाल किले के परिसर से एक करोड़ रुपये का कलश चोरी हो गया. चोरी हुए कलश में 760 ग्राम सोना, हीरे, माणिक और पन्ना जड़ा था. संदिग्ध की गतिविधियां सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई हैं. पुलिस ने संदिग्ध की पहचान कर ली है और जल्द ही उसकी गिरफ्तारी कर ली जाएगी.   मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023, 303(2) के तहत FIR दर्ज की गई है.  

आई-बैंक की जानकारी अब हाथ में: एम्स का नया मोबाइल ऐप कार्निया ट्रांसप्लांट मरीजों के लिए

नई दिल्ली नेत्रदान को लेकर जागरूकता का स्तर बढ़ा है। दान में मिले कार्निया नेत्र बैंकों में जमा हो रहे हैं। यहीं से प्रत्यारोपण के लिए उपलब्ध होते हैं। मरीजों को इसकी जानकारी नहीं हो पाती और वे दूसरे राज्यों का चक्कर लगाते रहते हैं। इसमें समय, श्रम और धन तीनों अनावश्यक बर्बाद होते हैं। देश में 100 से अधिक नेत्र बैंक हैं। सभी जगह कार्निया के उपयोग की दर भी अलग है। कहीं कार्निया का उपयोग नहीं हो पाता तो कहीं उसकी कमी से प्रत्यारोपण नहीं हो पाते। इन समस्याओं के समाधान के लिए एम्स के डाॅ. राजेंद्र प्रसाद नेत्र विज्ञान केंद्र स्थित राष्ट्रीय नेत्र बैंक (एनईबी) आगे आया है। आई बैंक एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सहयोग से एप विकसित कर रहा है। इसकी मदद से न केवल अपने राज्य के नेत्र बैंकों में कार्निया की उपलब्धता का पता चलेगा, बल्कि वाॅट्सएप के जरिए लोकेशन भी प्राप्त होगी। वहीं, सभी नेत्र बैंक एक साझा प्रणाली से भी जुड़ेंगे। कम उपयोग होने पर कार्निया ज्यादा उपयोग वाले नेत्र बैंकों को भेजे जा सकेंगे। राष्ट्रीय नेत्र बैंक 40वां नेत्रदान पखवाड़ा मना रहा है, जो आठ सितंबर तक चलेगा। आरपी सेंटर की प्रमुख प्रो. राधिका टंडन के मुताबिक एप पर तेजी से काम चल रहा है। अगले दो से तीन महीने में इसे लांच कर दिया जाएगा। नेत्र बैंकों का सारा डाटा इस पर उपलब्ध होगा। हर शहर में वाॅट्सएप के जरिए लोकेशन भी आ जाएगी। एआई चैटबाट भी लाॅन्च किया जाएगा, जिस पर मरीज या तीमारदार टाइप करके या वाइस नोट के माध्यम से अपनी जिज्ञासाओं के जवाब पा सकेंगे। इसके अलावा देश के अन्य नेत्र बैंकों के कामकाज में भी लगातार मदद की जा रही है। इसके लिए कार्नियल संरक्षण भंडारण माध्यमों (एमके मीडिया और एक्सस्टोरसोल मीडिया) का निर्माण और वितरण किया जा रहा है, जो भारत सरकार के एनपीसीबी से वित्तपोषित है। यह एम्स के नेत्र औषध विज्ञान विभाग में ही निर्मित किया जाता है। वर्ष 2024 में 24 राज्यों के 114 नेत्र बैंकों में एक्सस्टोरसोल मीडिया की 2824 से अधिक वायल वितरित की गईं। डोनर कार्निया के विकल्प के तौर पर बायो इंजीनियर्ड कार्निया आईआईटी-दिल्ली के सहयोग से तैयार किया है। खरगोश में इसका प्रत्यारोपण सफल रहा। अब क्लीनिकल ट्रायल की तैयारी है। राष्ट्रीय नेत्र बैंक एक नजर में     36,000 कार्निया एकत्र की पिछले 60 वर्षों में।     26,000 से अधिक कार्निया प्रत्यारोपण पिछले छह दशक में।     500 से अधिक विशेषज्ञ चिकित्सकों को एंडोथेलियल केराटोप्लास्टी तकनीक की ट्रेनिंग।     1,931 कार्निया मिले देशभर से वर्ष 2024 में।     1,611 कार्निया अस्पताल कार्निया प्राप्ति कार्यक्रम (एचसीआरपी) से मिले।     1,636 कार्निया प्रत्यारोपण वर्ष 2024 में     50 प्रतिशत है कार्निया उपयोग की राष्ट्रीय दर।     85 प्रतिशत है आरपी सेंटर के एनईबी में कार्निया उपयोगी की दर। संक्रमण और चोट बन रही कार्निया डैमेज की वजह प्रो. टंडन के मुताबिक संक्रमण और चोट के चलते कार्निया डैमेज के सबसे ज्यादा मामले आते हैं। आंख में कुछ चले जाने पर आमतौर पर लोग रगड़ने लगते हैं। इसका कार्निया पर असर पड़ता है। वहीं, चोट लगने की स्थिति में भी लोग खुद से स्टेरायड डाल लेते हैं। ये आंख में संक्रमण की वजह बनता है। कई बच्चों को जन्मजात भी कार्निया की बीमारी होती है। ऐसी स्थिति में भी कार्निया ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ती है। देश में हर वर्ष लगभग एक लाख लोगों को कार्निया प्रत्यारोपण की जरूरत होती है। जबकि केवल 25 से 30 हजार को ही इसके लिए कार्निया उपलब्ध हो पाता है।  

राहत शिविर का दौरा करने पहुंचे केजरीवाल, लोगों ने जताई असंतोष की भावना

नई दिल्ली  दिल्ली में बाढ़ और जलभराव ने एक बार फिर राजधानी की तैयारियों की पोल खोल दी है। जिन इलाकों में पहले राहत शिविरों में समय पर टेंट लगते थे, मच्छरदानी, खाना, पीने का पानी और डॉक्टरों की व्यवस्था रहती थी, आज उन्हीं शिविरों में बदइंतज़ामी और लापरवाही साफ देखी जा सकती है। बढ़ते संकट के बीच लोग खुद यह कहते नजर आ रहे हैं कि जब अरविंद केजरीवाल की सरकार थी, तो राहत का इंतज़ाम तेज़ और मानवीय होता था। कहीं पानी भरने से पहले पंप लगाए जाते थे, नाले समय से साफ होते थे, और राहत शिविरों में व्यवस्था का पूरा ध्यान रखा जाता था। अब जबकि दिल्ली की सत्ता में आम आदमी पार्टी नहीं है, और MCD व केंद्र दोनों जगह बीजेपी की सरकार है, ऐसे में हालात काबू से बाहर होते दिख रहे हैं। टेंट समय पर नहीं लगे, लोगों को खाना नहीं मिला, पीने का साफ पानी नहीं है और मच्छरों से परेशान लोग खुद दवाइयां खरीदने को मजबूर हैं। लोगों की नाराज़गी इस बात से भी है कि जिन समस्याओं को पहले खुद मुख्यमंत्री और मंत्री मौके पर पहुंचकर हल करते थे, अब उन पर ध्यान देने वाला कोई नहीं दिखता। न तो कोई ज़िम्मेदार मंत्री हालात का जायज़ा लेने आया, न कोई ठोस कार्रवाई की गई। हर ओर एक किस्म की ‘प्रशासनिक चुप्पी’ पसरी हुई है।   केजरीवाल ने राहत शिविरों में जाकर जो हालात देखे, वो बताने के लिए काफी हैं कि आज की सरकारें सिर्फ बयानबाज़ी में व्यस्त हैं, ज़मीन पर कुछ नहीं कर पा रहीं। उन्होंने सरकारों से अपील की कि राहत व्यवस्था को राजनीति से ऊपर रखकर देखें, क्योंकि यह मानवीय संकट है, और इसमें देरी का मतलब है जनता को और तकलीफ़ देना। दिल्ली के लोगों को अब वो दिन याद आ रहे हैं जब अरविंद केजरीवाल की अगुवाई में हर संकट को तुरंत जवाब मिलता था। अब जबकि सत्ता में वे नहीं हैं, तो लोग कह रहे हैं, "आज के हालात देखकर समझ आता है कि पहले अरविंद केजरीवाल की सरकार वाकई हमारे लिए काम करती थी।  

दिल्ली में बाढ़ ने ली जान, दो दिन बाद मिली शख्स की लाश

नई दिल्ली  दिल्ली में बाढ़ के पानी में डूबकर एक शख्स की मौत हो गई है। दो दिन पहले डूबे शख्स की लाश काफी तलाशी के बाद शुक्रवार को बरामद की गई। उत्तरपूर्वी दिल्ली के गढ़ी मेंधू गांव में ओमबीर नाम के शख्स की जान गई है। यमुना के पानी में मामूली गिरावट आई है, लेकिन दिल्ली के कई इलाके अब भी बाढ़ की चपेट में है। यमुना किनारे बसे कई इलाकों में लोगों को घर छोड़ना पड़ा है। पुलिस ने बताया कि उन्हें 3 सितंबर को गढ़ी मेंडू गांव में एक शख्स के डूबने की आशंका की सूचना मिली थी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘जांच के दौरान पता चला कि ओमबीर नाम के शख्स को सुबह करीब 8.30 बजे पुस्ता की तरफ से गांव की ओर जाते देखा गया था। लेकिन किसी ने उन्हें डूबते हुए नहीं देखा।’ इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (DDMA), नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एनडीआरएफ) और स्थानीय लोगों के साथ तलाशी अभियान चलाया। काफी प्रयास के बाद भी ओमबीर का पता नहीं चला था। शुक्रवार को सुबह करीब 11 बजे पुलिस टीम ने बचाव कर्मियों के साथ दोबारा गांव के आसपास के इलाके में तलाशी अभियान चलाया और इस दौरान शव बरामद किया गया। शव को जीटीबी अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। नॉर्थईस्ट दिल्ली के कई इलाके बाढ़ प्रभावित हैं। पिछले सप्ताह भारी बारिश के बाद यमुना में हरियाणा से काफी पानी छोड़ा गया है। दिल्ली में यमुना तट के करीब रहने वाले हजारों लोगों को घर छोड़कर राहत कैंपों में जाना पड़ा है। सरकार और प्रशासन की ओर से राहत कैंपों में कई तरह की व्यवस्था की जा रही है।  

मोटरसाइकिल टक्कर के बाद डीटीसी बस में आग, यात्रियों की हुई रूह कंपाने वाली घटना

पश्चिमी दिल्ली दिल्ली कैंट थाना क्षेत्र में बृहस्पतिवार सुबह धौलाकुआं के नजदीक एक डीटीसी बस और मोटरसाइकिल में टक्कर के बाद बस में आग लग गई। घटना में आग से बस पूरी तरह जल गई। गनीमत यह रही कि बस में सवार कोई यात्री घायल नहीं हुआ, लेकिन मोटरसाइकिल सवार को हादसे में चोटें आईं। मोटरसाइकिल सवार का अस्पताल में उपचार चल रहा है। मामले की जांच जारी है। पुलिस के अनुसार सुबह करीब 11 बजे पीसीआर को बस के कंडक्टर ने कॉल किया। यह बस (बस नंबर डीएल 1पीडी 5800 और रूट नंबर 776, उत्तम नगर बस टर्मिनल से जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम) घुम्मनहेड़ा डिपो का था। कंडक्टर ने पीसीआर को पबताया कि धौलाकुआं बस स्टाप, डिफेंस आफिसर्स एंक्लेव पर बस रुकी थी, ताकि यात्री उतर सकें। तभी पीछे से एक मोटरसाइकिल तेजी से आई और बस के पिछले हिस्से से टकरा गई। टक्कर के बाद मोटरसाइकिल सीएनजी बस के नीचे फंस गई और चिंगारी निकलने के कारण बस में आग लग गई। आग लगते ही ड्राइवर और कंडक्टर ने तुरंत सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस बीच, मोटरसाइकिल सवार मौके से फरार हो गया। देखते ही देखते आग ने बस को अपनी चपेट में ले लिया। घटना की सूचना मिलते ही दो दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया। पुलिस की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। छानबीन के दौरान पता चला कि टक्कर मारने वाली मोटरसाइकिल (टीवीएस अपाचे) ईस्ट ऑफ कैलाश, श्रीनिवासपुरी निवासी समीर रोहिल्ला के नाम पर पंजीकृत है।  

GST Reforms पर सीएम रेखा गुप्ता का बयान, देश और दिल्ली दोनों को मिलेगा लाभ

नई दिल्ली  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बृहस्पतिवार को कहा कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों में कटौती देश के लिए एक बड़ा उपहार है और यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए मील का पत्थर साबित होगी। बुधवार को जीएसटी परिषद की पहली बैठक में शामिल हुईं गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस कदम से देश में व्यापार और कारोबार मजबूत होगा। रेखा गुप्ता ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह देश के लिए बहुत बड़ी सौगात है… स्वास्थ्य बीमा और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की दरों में कटौती देश के करोड़ों लोगों के लिए बड़ी राहत है, जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आभारी हैं।'' मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी परिषद ने जीएसटी की दरों में संशोधन को अपार समर्थन के साथ पारित कर दिया है। उन्होंने कहा कि इससे व्यापार और कारोबार को बढ़ावा मिलेगा तथा यह कदम भारतीय अर्थव्यवस्था में मील का पत्थर साबित होगा। गुप्ता ने कहा, ‘‘ दिल्ली बहुत खुश है और मैं दिल्लीवासियों की ओर से प्रधानमंत्री को स्वास्थ्य बीमा तथा शिक्षा संबंधी वस्तुओं पर शून्य जीएसटी लगाने के लिए धन्यवाद देती हूं। नवीकरणीय ऊर्जा को समर्थन दिया गया है और इससे दिल्ली को काफी लाभ होगा क्योंकि हम सौर ऊर्जा को बढ़ावा दे रहे हैं।'' जीएसटी परिषद ने बुधवार को आम सहमति से माल एवं सेवा कर में व्यापक सुधारों को मंजूरी दी। इन सुधारों के तहत साबुन, साइकिल, टीवी और व्यक्तिगत स्वास्थ्य तथा जीवन बीमा पॉलिसी जैसे आम उपयोग के उत्पादों पर जीएसटी की दरें कम की गयी हैं। जीएसटी में पांच प्रतिशत और 18 प्रतिशत की दो-स्तरीय कर संरचना को मंजूरी दी गयी है। कुछ चुनिंदा वस्तुओं जैसे महंगी कारें, तंबाकू और सिगरेट के लिए भी 40 प्रतिशत का विशेष स्लैब प्रस्तावित है।  

यमुना का पानी बढ़ा, दिल्ली के 8 इलाके जलमग्न – रिंग रोड और NH-154A पर रोक

नई दिल्ली दिल्‍ली-एनसीआर में गुरुवार 4 सितंबर 2025 को झमाझम बारिश हुई है. खासकर राष्‍ट्रीय राजधानी के संगम विहार, कालकाजी समेत महानगर के कई हिस्‍सों में बारिश हुई है. दिल्‍ली के सोनिया विहार इलाके में जमीन धंसने की घटना समने आई है. ऊपरी इलाकों में लगातार बारिश की वजह से यमुना का जलस्‍तर खतरे के निशान को पार कर गया है. कई इलाकों में पानी भर गया है. सैकड़ों की संख्‍या में लोगों को सुरक्षित जगहों पर आश्रय लेना पड़ा है. हथिनी बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने की वजह से हालात और भी बिगड़ रहे हैं. पंजाब और जम्‍मू-कश्‍मीर में भी बाढ़ से स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है. पंजाब का हर जिला बाढ़ से प्रभावित है, जिसे देखते हुए प्रदेश सरकार ने पूरे राज्‍य को आपदा प्रभावित घोषित कर दिया है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कई राज्‍यों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. जम्‍मू-कश्‍मीर में मूसलाधार बारिश, बाढ़, लैंडस्‍लाइड और फ्लैश फ्लड के चलते हालात बेहद गंभीर हो गया है. पंपोर में बारिश से हालात इस कदर खराब हो चुके हैं कि राहत-बचाव के लिए सेना को उतरना पड़ा है. झेलम नदी लगातार खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिसके कारण बाढ़ का पानी लगातार नए इलाकों में घुस रहा है. इस वजह से आमलोगों की परेशानियां काफी बढ़ गई हैं. लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने के साथ ही आर्मी के जवान झेलम के पानी को रोकने का प्रयास भी कर रहे हैं, ताकि हालात बिगड़े नहीं. राजस्‍थान में मूसलाधार बारिश से हालात खराब राजस्थान में जयपुर समेत कई जिले में भारी बारिश से हालात खराब है. जयपुर के पास कोटखावदा गांव भी सड़कों के दरिया बनने से टापू बन गया है. गांव के कई इलाके पानी में डूबे हैं. इस गांव की आस पास के छोटे गांव यानी ढाणियों के टापू बनने से ग्रामीण संकट में फंसे है. पानी की निकासी की कोशिश जारी है, इसके बावजूद संकट बना हुआ है. कोट खावदा गांव टापू में तब्‍दील हो गया है. कोट खावदा गांव की संपर्क सड़क पूरी तरह पानी में डूब गई है. प्रभावित पीड़ितों को ट्रैक्टरों की मदद से बाहर निकाला जा रहा है. पंजाब सरकार ने आवंटित किया करोड़ों का फंड पंजाब सरकार ने आपदा की स्थिति से निपटने के लिए कुल 71 करोड़ रुपये का फंड जारी किया है. सभी जिलों को पहले ही 35.50 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं. वित्त आयुक्त (माल) ने बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित 12 जिलों को 35.50 करोड़ रुपये के अतिरिक्त फंड जारी किए. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने कहा कि वह प्रदेशवासियों के नुकसान की भरपाई के लिए वचनबद्ध है और उसके लिए प्रयास करेगी.  चंबा में आपदा के बाद राहत कार्य तेज़, भरमौर एनएच की बहाली में जुटा प्रशासन आज का मौसम लाइव: हाल ही में हुई मूसलधार बारिश के चलते चंबा ज़िले की अधिकांश सड़कों पर यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया है. खासकर चंबा से भरमौर को जोड़ने वाला राष्ट्रीय उच्च मार्ग 154-A बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है. इस आपदा के चलते जहां मणिमहेश यात्रा के अधिकतर श्रद्धालु सुरक्षित रूप से अपने घरों को लौट चुके हैं, वहीं कुछ यात्री अब भी फंसे हुए हैं. उन्हें निकालने के लिए सरकार द्वारा हेलीकॉप्टर सेवाएं चलाई जा रही हैं. प्रशासन ने राहत और पुनर्बहाली कार्यों में तेजी लाने के लिए विशेष प्रयास शुरू कर दिए हैं. इसी कड़ी में बिलासपुर से एससी वर्ग के वरिष्ठ अधिकारी जीत सिंह ठाकुर को विशेष रूप से चंबा भेजा गया है. उन्हें इस मार्ग की बहाली की जिम्मेदारी सौंपी गई है और वे दिन-रात मौके पर निगरानी रख रहे हैं.  

बाढ़ से बेहाल दिल्ली, यमुना खतरे के निशान से ऊपर, खाने को सिर्फ बिस्किट

नई दिल्ली दिल्ली वालों को यमुना की लहरें डरा रही हैं। बाढ़ से हालात बिगड़ने लगे हैं। अपना घरबार छोड़ चुके लोग बिस्किट पर गुजारा कर रहे हैं। यमुना ने बुधवार को जलस्तर का एक रिकॉर्ड तोड़ दिया। दिल्ली में यमुना दोपहर 1 बजे 207 मीटर के निशान को पार कर गई। 1963 के बाद से यह 5वीं बार है जब यमुना ने 207 मीटर के निशान को पार किया है। केंद्रीय जल आयोग का अनुमान है कि रात 8 बजे तक यमुना का जलस्तर 207.40 मीटर तक पहुंच जाएगा। यमुना का जलस्तर कब कितना मीटर? 1- 2023 – 208.66 मीटर 2- 1978 – 207.49 मीटर 3- 2013 – 207.32 मीटर 4- 2010 – 207.11 मीटर दिल्ली में बिगड़ने लगे हालात दिल्ली के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए सड़कें नदियां और बाजार तालाब बन गए हैं। यमुना नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर से जान और सामान बचाने के लिए लोग सुरक्षित जगहों की ओर भाग रहे हैं। मजनू का टीला में दुकानदारों से लेकर मदनपुर खादर और बदरपुर में रहने वाले परिवार अब अस्थायी शेल्टरों में रह रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि निचले बाढ़ग्रस्त इलाकों से 7,500 से अधिक लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। याद आया 2023 का मंजर पुराने रेलवे पुल को यातायात के लिए बंद कर दिया है। मजनू का टीला में पानी गलियों में घुस गया है। इससे बाजार में सन्नाटा पसरा है। दुकानदार अनूप थापा ने कहा कि यह 2023 के बाद दूसरी बार हुआ है। उन्होंने रात 11 बजे अपनी दुकान खाली कर दी। फिर भी कुछ सामान खराब हो गया है। थापा, पत्नी और तीन साल की बेटी के साथ सड़क किनारे बने एक कैंप में चले गए हैं। सड़क किनारे प्लास्टिक तान रह रहे लोग मदनपुर खादर में अपनी झुग्गियां खो चुके परिवार सड़क के किनारे प्लास्टिक की पुरानी चादरें बांधकर रह रहे हैं। एक निवासी तैयरा ने कहा- हमारा सारा सामान अंदर है। हम मुश्किल से कुछ चीजें बाहर निकाल पाए। महिलाओं को बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि कोई शौचालय नहीं है। आवारा कुत्ते भी बढ़ते पानी से बचने के लिए खाली पड़े घरों की सीढ़ियों पर चढ़ गए हैं। बिस्किट खाकर गुजार कर रहे लोग एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि परिवारों के पास न तो खाना है और ना ही बर्तन.. हम अपने खाना पकाने का सामान भी नहीं ला सके। अब हमारे पास खाना पकाने की कोई सुविधा नहीं है। लोग सिर्फ बिस्किट खाकर गुजारा कर रहे हैं। लोगों को अपने बुजुर्ग माता-पिता को कमर तक गहरे पानी में से पार कराते हुए देखा गया। कुछ लोग सड़क किनारे टेंटों में अपने बचाए हुए सामान के साथ बैठे नजर आए।

आपसी खटपट के बावजूद पंजाब मुद्दे पर साथ आईं स्वाति मालीवाल और केजरीवाल

नई दिल्ली  राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल और उन्हीं के पार्टी के सर्वेसर्वा अरविंद केजरीवाल के बीच संबंध कैसे हैं, किसी से छिपा नहीं है। सीएम रहते मुख्यमंत्री आवास में कथित पिटाई के बाद से तो स्वाति केजरीवाल पर और मुखर हो गई हैं। दो दिन पहले ही उन्होंने पंजाब में भयावह स्थिति पर केजरीवाल के वहां न जाने पर निशाना साधा था,लेकिन आज उन्होंने पूर्व सीएम की एक बात मान ली है। स्वाति मालीवाल अपनी 1 महीने की सैलरी बाढ़ पीढ़ितों की मदद के लिए दान देंगी। उन्होंने बकायदा एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी है। स्वाति मालीवाल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि देश में कहीं कोई संकट आए तो पंजाबी दिल खोलकर वहां सेवा करने पहुंचते हैं। आज पंजाब बाढ़ की चपेट में है, बहुत नुकसान हुआ है। मैं अपनी एक महीने की सैलरी पंजाब के बाढ़ पीड़ितों के लिए डोनेट कर रही हूं। ये बहुत छोटी पहल है लेकिन मुझे उम्मीद है और लोग इस पहल से जुड़ेंगे। वाहेगुरु जी सबकी मदद करें। स्वाति मालीवाल ने आगे कहा कि पूरे उत्तर भारत में बाढ़ आई हुई है- खासकर पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में। पंजाब में स्थिति बहुत गंभीर है। कई जानें जा चुकी हैं, और सबसे पहले, मैं उन सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं जिनका निधन हुआ है। दिल्ली में भी बाढ़ जैसे हालात बन रहे हैं। मैं ITO, शास्त्री पार्क और यमुना बाजार भी गई थी, जहां पानी का स्तर काफी बढ़ गया है। सरकार लोगों को निकाल रही है; मैंने देखा है कि टेंट लगाए गए हैं और खाने-पीने का भी इंतजाम है। बता दें कि आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को कहा था कि पार्टी के विधायक और सांसद बाढ़ प्रभावित राज्य को मदद पहुंचाने के लिए अपने एक महीने का वेतन पंजाब के मुख्यमंत्री राहत कोष में दान कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी के दिल्ली, गुजरात, कश्मीर, गोवा और देश भर के सभी सांसद और विधायक बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद के लिए अपने एक महीने का वेतन पंजाब के मुख्यमंत्री राहत कोष में दान कर रहे हैं। आज पूरा देश पंजाब के साथ है।