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हमले के बाद और सख़्त हुई रेखा गुप्ता, नई व्यवस्था के साथ फिर शुरू की ‘जन सुनवाई’

नई दिल्ली  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अपने ‘कैंप कार्यालय’ में जनसुनवाई फिर से शुरू की। एक पखवाड़े पहले ही जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान एक व्यक्ति ने उन पर हमला कर दिया था। सुबह 8 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम के दौरान दिल्ली के विभिन्न हिस्सों से आए लोगों ने अपनी-अपनी शिकायतें दर्ज कराईं और मुख्यमंत्री से मदद की गुहार की। अब टेबल-कुर्सी और माइक्रोफोन वाली व्यवस्था गुप्ता एक कुर्सी पर बैठी थीं, जबकि लोग एक-एक करके उनके सामने आकर अपने आवेदन जमा कर रहे थे और इस उद्देश्य के लिए उनकी मेज पर लगाए गए माइक्रोफोन के माध्यम से उनसे बातचीत कर रहे थे। इससे पहले गुप्ता अपने आवास-सह-कैंप कार्यालय में ‘जन सुनवाई’ के लिए एकत्रित लोगों के बीच जाती थीं और उनसे खुलकर बातचीत करती थीं। सुरक्षा में इजाफा मुख्यमंत्री के जनसुनवाई करने के दौरान महिला सुरक्षाकर्मियों सहित पुलिसकर्मियों ने उनके चारों ओर घेरा बना रखा था। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए उचित सुरक्षा व्यवस्था की गई थी, जिसमें मेटल डिटेक्टर से प्रतिभागियों की तलाशी लेना और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से कार्यवाही की निगरानी करना शामिल था। गुप्ता पर 20 अगस्त को राज निवास मार्ग स्थित उनके ‘कैंप कार्यालय’, मुख्यमंत्री जन सेवा सदन में जनसुनवाई के दौरान राजकोट (गुजरात) के एक व्यक्ति ने हमला किया था। 165 लोगों की सुनीं शिकायतें अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद और सरकार से मदद की गुहार लगाने के लिए बड़ी संख्या में पुरुष और महिलाएं मुख्यमंत्री आवास पर एकत्रित हुए। अधिकारियों ने बताया कि लगभग 165 लोगों ने मुख्यमंत्री को अपनी शिकायतें और सुझाव सौंपे, जिन पर उन्होंने आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इस अवसर पर कई लोगों ने गुप्ता को गुलदस्ते देकर बधाई दी। क्या बोलीं सीएम दिल्ली की मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने समूची दिल्ली से आए लोगों से मुलाकात की और अधिकारियों को उनकी शिकायतों के तत्काल निवारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, ‘जनता से बातचीत मुझे हमेशा एक नई ऊर्जा से भर देती है और सेवा के प्रति मेरी प्रतिबद्धता को और गहरा करती है। जन सुनवाई एक नई परंपरा है।’ उन्होंने कहा, ‘जन सुनवाई के दौरान हर नागरिक की बात सुनी जाती है और हर सुझाव दिल्ली के विकास का प्रतीक बन जाता है।’ उन्होंने कहा कि जनसेवा और हर शिकायत का निवारण दिल्ली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।  

मेट्रो विस्तार का बड़ा प्लान: दिल्ली-NCR में 18 नए कॉरिडोर, जुड़ेंगे 5 शहर

नई दिल्ली  दिल्ली और एनसीआर के लाखों यात्रियों के लिए राहत की बड़ी खबर सामने आई है। जल्द ही मेट्रो नेटवर्क का दायरा और भी व्यापक होने जा रहा है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने शहर और उससे जुड़े इलाकों में 18 नए मेट्रो कॉरिडोर विकसित करने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। यह परियोजना सिर्फ कनेक्टिविटी नहीं बढ़ाएगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। दो चरणों में होगा मेट्रो विस्तार इस महापरियोजना को दो चरणों में विभाजित किया गया है: फेज-5A के तहत 3 कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा चुकी है। फेज-5B में बाकी 15 कॉरिडोर को शामिल किया गया है, जिसकी प्रक्रिया प्रगति पर है। इस पूरे विस्तार को केंद्र सरकार के नेशनल मोबिलिटी प्लान के तहत आर्थिक सहायता से क्रियान्वित किया जा रहा है। दिल्ली-NCR के 5 बड़े शहर होंगे जुड़ाव का हिस्सा नई योजना के तहत गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और बहादुरगढ़ जैसे एनसीआर के प्रमुख शहरों को भी सीधे दिल्ली मेट्रो से जोड़ा जाएगा। गाजियाबाद में सबसे ज्यादा-5 नए मेट्रो रूट्स की योजना बनाई गई है, जो निम्नलिखित हैं: -वैशाली से मोहन नगर -नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी से साहिबाबाद -मयूर विहार फेज-3 से लोनी बॉर्डर -नया बस अड्डा से गाजियाबाद रेलवे स्टेशन -गोकुलपुरी से अर्थला -इसके अलावा कुछ अन्य प्रस्तावित रूट्स: -द्वारका सेक्टर-21 से उद्योग विहार, गुरुग्राम -तुगलकाबाद से नोएडा सेक्टर-142 -राजा नाहर सिंह से पलवल -बहादुरगढ़ से असुधा कुल नेटवर्क में 400+ किमी का इजाफा DMRC के मुताबिक, इन 18 प्रस्तावित रूट्स को मिलाकर करीब 404 किलोमीटर का नया नेटवर्क तैयार किया जाएगा। योजना के अनुसार, मेट्रो स्टेशनों को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि वो घर से सिर्फ 500 मीटर दूरी पर हों, जिससे आम जनता की सुविधा में जबरदस्त सुधार आएगा।    कहां तक पहुंचा फेज-4? वर्तमान में फेज-4 के तहत 6 कॉरिडोर में से 3 पर काम तेजी से चल रहा है: तुगलकाबाद से एयरोसिटी इंद्रप्रस्थ से आरके आश्रम मौजपुर से मजलिस पार्क तीनों मिलाकर कुल 65.15 किलोमीटर लंबे होंगे। साथ ही, इन रूट्स पर आधुनिक तकनीक से अंडरग्राउंड और एलिवेटेड स्टेशन बनाए जा रहे हैं। जैसे: इंद्रप्रस्थ से आरके आश्रम: 9.5 किमी लंबा, 8 भूमिगत स्टेशन एयरोसिटी से टर्मिनल: 2.3 किमी, 1 स्टेशन तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज: 4 किमी, 3 एलिवेटेड स्टेशन क्या मिलेगा फायदा? दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक जाम में भारी कमी यात्रियों को घर से मेट्रो तक आसान एक्सेस रोजगार के हजारों नए अवसर रियल एस्टेट सेक्टर को बूस्ट पर्यावरण पर भी सकारात्मक असर  

दिल्ली-जयपुर हाईवे पर जलभराव, NCR में बारिश की चेतावनी जारी

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर में पिछले कुछ दिनों से बारिश का दौर थम नहीं रहा है। सोमवार को गुरुग्राम समेत एनसीआर के कई इलाकों में झमाझम बारिश शुरू हो गई है। मौसम विभाग ने सोमवार को बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है, जिसके लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। बता दें कि सोमवार दोपहर से जारी भारी बारिश ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। कई जगहों पर जलभराव हो गया है, जिससे आम आदमी को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली-जयपुर हाईवे पर खांडसा के पास सर्विस लेन पर पानी भर गया है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि मुख्य हाईवे पर भी जलभराव शुरू हो गया है। वाहन रेंग-रेंग कर चल रहे हैं और कहीं-कहीं तो काफी देर तक रुके हुए नजर आ रहे हैं। शहर की मुख्य सड़कों का भी बुरा हाल है। शीतला माता रोड, सुभाष चौक, सेक्टर-9, 9ए और सेक्टर-10ए समेत पुराने और नए गुरुग्राम की कई कॉलोनियां जलमग्न हो गई हैं। कई इलाकों में घरों और दुकानों के सामने जलभराव से लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है। दिल्ली-जयपुर हाईवे पर फिलहाल वाहन धीमी गति से चल रहे हैं। अगर शाम तक इसी तरह बारिश जारी रही तो हाईवे पर भारी जाम लगने की आशंका है। वहीं, आसमान में घने बादल छाए हुए हैं और लगातार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ घंटों तक भारी बारिश जारी रहेगी।

फर्जी कॉल से बुजुर्ग महिला से 44 लाख हड़पे, पहलगाम हमले का दिया हवाला

नोएडा गौतमबुद्ध नगर के नोएडा में अलग-अलग घटना के तहत 76 वर्षीय अविवाहित महिला समेत 3 लोगों से धोखाधड़ी करके साइबर अपराधियों ने करीब 84 लाख रुपये की ठगी कर ली। इस मामले में पीड़ितों ने साइबर अपराध थाने में रविवार रात को रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस उपायुक्त (साइबर अपराध) प्रीति यादव ने बताया कि रविवार रात को 76 साल की अविवाहित महिला सरला देवी ने साइबर अपराध थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई। सरला ने बताया कि वह अपने घर में अकेले रहती हैं और 18 जुलाई को उनके पास एक फोन कॉल आई थी। सरला ने कहा कि फोन कॉल करने वाली ने खुद को एयरटेल का अधिकारी बताते हुए अपना नाम नेहा शर्मा बताया था। शिकायत के मुताबिक, पीड़िता से कहा गया कि उनके एयरटेल के नंबर का इस्तेमाल जुआ खेलने और ‘ब्लैकमेल’ करने जैसी गतिविधियों में किया गया है। इस दौरान पीड़िता से कहा गया कि उनकी बात मुंबई पुलिस की अपराध शाखा से कराई जा रही है। शिकायत में सरला ने कहा है कि इसी बीच एक व्यक्ति ने एसीपी के रूप में उनसे बात किया और उसने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी। उसने खुद को एसीपी संजय सिंह बताया तथा गिरफ्तारी वारंट के नाम पर उन्हें धमकाया। पहलगाम हमले का नाम लेकर ठग लिए 43.70 लाख शिकायत के मुताबिक, सरला से कहा गया कि उनके फोन नंबर का इस्तेमाल ऑनलाइन जुआ खेलने और पहलगाम हमले के आतंकवादियों को पैसा मुहैया कराने सहित विभिन्न मदों में किया गया है। उनसे कहा गया कि अगर आप गिरफ्तारी से बचना चाहते हैं तो हमारे बताए हुए खाता में रकम भेज दें। पीड़िता के अनुसार, उन्होंने विभिन्न खातों में करीब 43 लाख 70 हजार रुपये भेज दिए, लेकिन आरोपी उनसे 15 लाख रुपये की और मांग कर रहे हैं। महिला को जब शक हुआ तो उन्होंने एक वकील से बात की। डीसीपी ने बताया कि वकील ने महिला को बताया कि उनके साथ साइबर ठगी की गई है। इसके बाद उन्होंने बीती रात को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पिता का दोस्त बनकर ठगे 24 हजार पुलिस उपायुक्त ने बताया की बीती रात को यीशु मित्तल ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह सेक्टर 75 में रहते हैं। पीड़ित के अनुसार, एक व्यक्ति ने उन्हें 28 अगस्त को फोन कॉल करके कहा कि वह उनके पिता का दोस्त है। शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने यीशु मित्तल से कहा कि वह उनके पिता को कुछ रकम देना चाहता है इसलिए वह उसे अपने बैंक खाते का नंबर बता दें। आरोपी ने उन्हें अपने जाल में फंसाकर उनके खाते में कुछ रकम भेजी और कहा कि उनके खाते में गलती से ज्यादा रकम चली गई है, इसलिए अतिरिक्त राशि को वापस भेज दें। पीड़ित ने उसकी बात पर विश्वास करके उसके बताए गए खाते में 24 हजार 68 रुपये वापस भेज दिया। उन्होंने बताया कि घटना की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है। शेयर मार्केट के नाम पर 40 लाख ठगे पुलिस उपायुक्त (साइबर अपराध) प्रीति यादव ने बताया कि साइबर अपराध थाने में ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी निवासी 63 वर्षीय सूर्य मोहन धर ने बीती रात को रिपोर्ट दर्ज कराई कि दो जुलाई को एक महिला ने वॉट्सऐप पर उनसे संपर्क करके खुद को एक कंपनी का कर्मचारी और शेयर मार्केट का जानकार बताया। शिकायत के मुताबिक, शुरुआत में महिला ने उन्हें शेयर की खरीद-बिक्री के बारे में सलाह दी और कुछ मुनाफा दिखाया। इसके बाद महिला पर विश्वास करके सूर्य मोहन ने 21 जुलाई से 12 अगस्त के बीच करीब 40 लाख 50 हजार रुपये उसके बताए गए अलग-अलग बैंक खातों में जमा कर दिए। इसके बाद जालसाजों ने अपने-अपने नंबर बंद कर लिए और पीड़ित को वॉट्सऐप ग्रुप से बाहर कर दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।  

CM रेखा गुप्ता का बड़ा ऐलान: दिल्ली में 100 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर हर महीने

नई दिल्ली दिल्ली में आम लोगों को इलाज के लिए अब दूर-दूर के बड़े अस्पतालों में भागना नहीं पड़ेगा। राजधानी की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 29 अगस्त को ऐलान किया कि अब हर महीने करीब 100 आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले जाएंगे। इसका मकसद है कि लोगों को उनके घर के पास ही इलाज की बुनियादी सुविधाएं मिलें और सरकारी अस्पतालों पर दबाव कम हो। हर मोहल्ले में बनेगा आधुनिक हेल्थ सेंटर मुख्यमंत्री ने दिल्ली सचिवालय में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में यह निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि पहले ये हेल्थ सेंटर सिर्फ 100 गज की जमीन पर बन रहे थे, लेकिन अब जहां सरकारी जमीन बड़ी है, वहां बड़े हेल्थ सेंटर बनाए जाएंगे। इससे पार्किंग, बड़े हॉल और इमरजेंसी सुविधाएं भी मिलेंगी। रेखा गुप्ता ने बताया कि पुराने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी अपग्रेड करके आयुष्मान आरोग्य मंदिर में बदला जा रहा है। इससे पूरे दिल्लीवासियों को फायदा मिलेगा। पैसे की कोई कमी नहीं, केंद्र से मिली बड़ी मदद मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मदद से दिल्ली सरकार को इस योजना के लिए केंद्र सरकार से 2,400 करोड़ रुपये की राशि मिल चुकी है। इससे ना तो नए भवन बनाने में और ना ही संचालन में कोई अड़चन आएगी। फिलहाल दिल्ली में 67 आयुष्मान आरोग्य मंदिर काम कर रहे हैं, लेकिन आने वाले महीनों में इनकी संख्या तेजी से बढ़ेगी। इसका फायदा खासकर गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को मिलेगा। 12 जरूरी सेवाएं होंगी हर आरोग्य मंदिर में नए आरोग्य मंदिरों में सिर्फ ओपीडी ही नहीं, बल्कि जरूरी जांच और इलाज की 12 प्रमुख सेवाएं मुफ्त में मिलेंगी। इनमें शामिल हैं:     गर्भवती महिलाओं की जांच और प्रसव सेवाएं     नवजात, बच्चों और किशोरों की स्वास्थ्य जांच     परिवार नियोजन सेवाएं     संक्रामक और गैर-संचारी बीमारियों का इलाज     मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं     बुजुर्गों की देखभाल और पालीएटिव केयर     आंख, कान-नाक-गला और दांतों की जांच और इलाज     इसके अलावा, हर केंद्र पर लैब टेस्टिंग और दवाइयां भी मुफ्त दी जाएंगी। डॉक्टर, स्टाफ और सुविधाएं सब तैयार सरकार ने पहले ही आदेश दे दिए हैं कि इन केंद्रों के लिए डॉक्टर, नर्स, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, टीबी विशेषज्ञ, डेटा एंट्री ऑपरेटर और मल्टी पर्पज स्टाफ की भर्ती की जाए। हर सेंटर को आधुनिक लैब, दवाइयों का पूरा स्टॉक, आरामदायक फर्नीचर और साफ-सुथरे टॉयलेट्स से लैस किया जाएगा। यह सारी व्यवस्थाएं तय मानकों के अनुसार की जाएंगी ताकि किसी भी मरीज को परेशानी न हो। “आरोग्य मंदिर बनेंगे दिल्ली की पहचान” – सीएम मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि अब दिल्ली की जनता को सामान्य बीमारियों के इलाज के लिए अस्पतालों की लंबी कतारों में नहीं लगना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ये हेल्थ सेंटर अब “भरोसे और स्वास्थ्य का प्रतीक” बनेंगे। उन्होंने जनता से अपील की कि इन आरोग्य मंदिरों का ज्यादा से ज्यादा लाभ लें और अपनी सेहत का ध्यान रखें।

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में रह रहे पाकिस्तानी हिंदुओं को हटाने के मामले में सरकार से मांगा जवाब

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली के मजनू का टीला इलाके में रह रहे पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थियों को बड़ी राहत दी है। अदालत ने उन्हें बेदखल करने पर फिलहाल रोक लगा दी है। यह आदेश दिल्ली हाईकोर्ट के 30 मई के फैसले पर रोक लगाते हुए दिया गया, जिसमें शरणार्थियों की याचिका को खारिज कर दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। शरणार्थियों की ओर से अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी और एक-पक्षीय अंतरिम रोक लगाने की मांग की थी। विष्णु शंकर जैन के मुताबिक, दिल्ली के 'मजनू का टीला' इलाके में एक हजार से अधिक पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थी रह रहे थे। डीडीए ने इन परिवारों को हटाने के लिए नोटिस जारी किया था। शरणार्थियों ने डीडीए के नोटिस को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए याचिका दाखिल की थी, लेकिन राहत नहीं मिली। हाईकोर्ट ने शरणार्थियों की याचिका को खारिज कर दिया था। उन्होंने बताया, "पहले सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा था कि सरकार इस मामले में कोई स्पष्ट नीति नहीं बना पा रही है और नीति निर्माण कोर्ट का कार्यक्षेत्र नहीं है, इसलिए अदालत कोई प्रभावी आदेश पारित नहीं कर सकती।" अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने बताया कि यह सबसे अहम है कि जब यह मामला पहली बार हाईकोर्ट पहुंचा था, तो कोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था। अब केंद्र सरकार की नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के तहत यह स्पष्ट नीति है कि 31 दिसंबर 2014 से पहले पाकिस्तान से भारत आए सभी विस्थापित हिंदुओं को भारतीय नागरिकता दी जाएगी। जैसे ही किसी को नागरिकता मिलती है, संविधान का अनुच्छेद 21, जीवन और सम्मान का अधिकार, उन पर लागू हो जाता है।

WHO मानक से 22 गुना ज्यादा प्रदूषण, दिल्लीवासियों की सेहत पर खतरा

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली की हवा अब इंसानों की जिंदगी के लिए गंभीर खतरा बन गई है। शिकागो विश्वविद्यालय के एनर्जी पॉलिसी इंस्टीट्यूट (EPIC) द्वारा जारी एयर क्वालिटी लाइफ इंडेक्स (AQLI) 2025 रिपोर्ट के अनुसार, अगर मौजूदा प्रदूषण स्तर बरकरार रहा तो दिल्लीवासियों की औसत उम्र 8.2 साल तक घट सकती है। रिपोर्ट बताती है कि दिल्ली दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर है। यहां 2023 में PM2.5 (सूक्ष्म कण) का औसत स्तर 111.4 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया, जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का मानक सिर्फ 5 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर है। यानी दिल्ली की हवा WHO मानक से 22 गुना ज्यादा जहरीली है। विशेषज्ञों के मुताबिक, राजधानी में बढ़ते प्रदूषण के पीछे कई कारण हैं। इनमें सबसे बड़ा योगदान वाहनों से निकलने वाला धुआं, औद्योगिक इकाइयों और पावर प्लांट्स से उत्सर्जन, और हरियाणा-पंजाब में पराली जलाना है। इसके अलावा, निर्माण कार्य और धूल भी प्रदूषण को बढ़ा रहे हैं। दिल्ली की हवा: दुनिया में सबसे खराब शिकागो विश्वविद्यालय के एनर्जी पॉलिसी इंस्टीट्यूट (EPIC) द्वारा तैयार की गई एयर क्वालिटी लाइफ इंडेक्स (AQLI) रिपोर्ट सैटेलाइट डेटा के आधार पर दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों में वायु प्रदूषण का आकलन करती है। रिपोर्ट बताती है कि प्रदूषण किस तरह लोगों की सेहत और जीवन प्रत्याशा को प्रभावित कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, 2023 में दिल्ली में PM2.5 का स्तर 111.4 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया, जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का मानक सिर्फ 5 माइक्रोग्राम है। यानी दिल्ली की हवा WHO मानक से 22 गुना ज्यादा जहरीली है। विशेषज्ञों का कहना है कि PM2.5 कण बेहद सूक्ष्म होते हैं, जो फेफड़ों में गहराई तक पहुंचकर सांस की बीमारियां, हृदय रोग और फेफड़ों के कैंसर जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बनते हैं। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि अगर प्रदूषण का मौजूदा स्तर बरकरार रहा तो दिल्लीवासियों की औसत आयु 8.2 साल तक घट सकती है। यह आंकड़ा किसी भी शहर में प्रदूषण से होने वाली सबसे बड़ी जीवन हानि को दर्शाता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि गंगा का मैदानी क्षेत्र, जिसमें दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश शामिल हैं, दुनिया का सबसे प्रदूषित इलाका है। यहां करीब 60 करोड़ लोग रहते हैं और प्रदूषण के कारण उनकी सेहत पर सबसे गंभीर असर पड़ रहा है। दिल्ली क्यों डूब रही है जहर में? विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली की जहरीली हवा के पीछे स्थानीय और क्षेत्रीय दोनों कारण जिम्मेदार हैं। इनमें प्रमुख हैं: वाहनों का धुआं: दिल्ली में 1.2 करोड़ से अधिक वाहन हैं। डीजल और पेट्रोल से निकलने वाला धुआं PM2.5 का बड़ा स्रोत है। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार, वाहनों का योगदान कुल प्रदूषण में 30-40% तक है। औद्योगिक प्रदूषण: दिल्ली-एनसीआर के आसपास की फैक्ट्रियां और थर्मल पावर प्लांट कोयले पर चलते हैं, जिनसे निकलने वाली सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड PM2.5 कणों में बदल जाते हैं। पराली जलाना: हरियाणा और पंजाब में अक्टूबर-नवंबर के दौरान पराली जलाने से दिल्ली की हवा और बिगड़ जाती है। IITM पुणे के अध्ययन के मुताबिक, 2023 में इससे 15-20% तक प्रदूषण बढ़ा। निर्माण और धूल: सड़कों की धूल और निर्माण गतिविधियां कुल प्रदूषण का करीब 20% हिस्सा हैं। बिना ढके मलबे और अनियोजित निर्माण इसके बड़े कारण हैं। अन्य कारण: घरेलू स्तर पर कोयला जलाना, कचरा जलाना और सर्दियों में तापमान गिरने से हवा में कण फंस जाते हैं, जिससे प्रदूषण और बढ़ जाता है। 8.2 साल का नुकसान क्यों? AQLI की गणना के अनुसार, PM2.5 का हर 10 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की वृद्धि जीवन प्रत्याशा को औसतन 0.64 साल कम कर देती है। दिल्ली में PM2.5 का स्तर WHO मानक से 106.4 माइक्रोग्राम ज्यादा है, जिसके चलते लोगों की औसत आयु में 8.2 साल की कमी आ सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, इसके गंभीर प्रभाव सामने आ रहे हैं: सांस की बीमारियां: अस्थमा, ब्रॉन्काइटिस और COPD के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। लंग केयर फाउंडेशन के अनुसार, दिल्ली के 30% बच्चे सांस की समस्या से पीड़ित हैं। हृदय रोग: PM2.5 खून में मिलकर हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ाता है। 2023 में दिल्ली के 20% हार्ट अटैक के मामले सीधे प्रदूषण से जुड़े पाए गए। कैंसर और अन्य रोग: फेफड़ों का कैंसर और डायबिटीज जैसी बीमारियों में बढ़ोतरी हो रही है। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा खतरा है। आर्थिक नुकसान: प्रदूषण से स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च में इजाफा हुआ है। लैंसेट स्टडी के अनुसार, 2023 में भारत को प्रदूषण की वजह से 1.36 अरब डॉलर का नुकसान हुआ। दिल्ली की हवा को साफ कैसे करें? विशेषज्ञों ने प्रदूषण कम करने के लिए कई तात्कालिक उपाय सुझाए हैं, जिन्हें सख्ती से लागू करने की जरूरत है। वाहन नियंत्रण: इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जाए, BS-VI मानक सख्ती से लागू हों और पुराने डीजल वाहनों पर प्रतिबंध लगे। दिल्ली सरकार ने 2025 तक 25% इलेक्ट्रिक बसें लाने का लक्ष्य रखा है। औद्योगिक उत्सर्जन: कोयला आधारित पावर प्लांट्स में फ्लू गैस डिसल्फराइजेशन (FGD) तकनीक लगाई जाए। 2024 तक दिल्ली-NCR में लगभग 50% प्लांट्स में यह तकनीक लागू होनी है। पराली जलाने पर रोक: पंजाब और हरियाणा में पराली प्रबंधन के लिए हैप्पी सीडर जैसी मशीनें और सब्सिडी उपलब्ध कराई जाए। 2023 में पराली जलाने की घटनाएं 20% तक कम हुई थीं। निर्माण नियंत्रण: धूल कम करने के लिए ग्रीन कवर और वॉटर स्प्रिंकलिंग पर जोर दिया जाए। 2024 में दिल्ली में GRAP (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) और सख्ती से लागू किया जा रहा है। जागरूकता और हरियाली: पेड़ लगाने और कचरा जलाने पर रोक को लेकर जनता को जागरूक किया जाए। DDA डेटा के अनुसार, 2023 में दिल्ली में 1 करोड़ पेड़ लगाए गए। क्षेत्रीय सहयोग: दिल्ली और आसपास के राज्यों के बीच एयरशेड मैनेजमेंट और एकीकृत नीति बनाई जाए, ताकि प्रदूषण नियंत्रण में सामूहिक प्रयास हो सके। AQLI 2025 की रिपोर्ट दिल्ली के लिए खतरे की घंटी दिल्ली की हवा अब जीवन के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुकी है। रिपोर्ट बताती है कि प्रदूषण के मौजूदा स्तर पर दिल्लीवासियों की औसत आयु 8.2 साल कम हो सकती है। यह किसी भी शहर के लिए प्रदूषण से होने वाली सबसे बड़ी जीवन हानि है। विशेषज्ञों का कहना … Read more

झमाझम बारिश ने बदला मौसम, दिल्ली-NCR में ठंडी हवा का अहसास

नई दिल्ली इन दिनों देश के कई राज्यों में बारिश का कहर देखने को मिल रहा है। जमकर हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मानसून का कहर पहाड़ों से मैदान तक जारी है। देश के कई शहरों में बाढ़ ने तबाही मचाई है। इस बीच दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में आज सुबह बारिश देखने को मिली। जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए थे। इससे पहले गुरुवार को भी दिनभर बादलों की आंख मिचौली के बीच हल्की बारिश हुई थी। इस दौरान हुई कई इलाकों में हुए जलभराव और जाम से फिर दिल्लीवासी परेशान हुए। मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार बीते 24 घंटे में दिल्ली में 13.4 एमएम बारिश दर्ज की गई। गुरुवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 1.3 डिग्री सेल्सियस अधिक 35.4 जबकि न्यूनतम पारा सामान्य से 1.4 डिग्री सेल्सियस कम के साथ 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शुक्रवार को आसमान में बादल छाए रहने और दोपहर बाद हल्की से मध्यम बारिश के आसार मौसम विभाग ने जताए थे। आईएमडी के अनुसार, 30 अगस्त यानी शनिवार को गरज के साथ हल्की बारिश के आसार हैं।

केजरीवाल ने दिल्ली चुनाव में हार पर कहा, ‘जो होता है, अच्छा होता है’

नई दिल्ली  दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को दिल्ली में अपने विधायकों और पार्षदों की बैठक ली। अरविंद केजरीवाल ने पार्टी के जनप्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए दिल्ली चुनाव में पार्टी की हार का भी जिक्र किया और कहा कि उनका विश्वास ईश्वर में है और भगवान जो करता है अच्छे के लिए करता है। उन्होंने कहा कि आज दिल्ली की जनता उनकी सरकार को याद करने लगी है और आज चुनाव हो जाए तो सारी सीटें जीत जाएंगे। दिल्ली में 'आप' की तीन बार की सरकार को हटाकर सत्ता में आई भाजपा के कामकाज की आलोचना करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘दिल्ली में छह महीने से…. मैं भगवान में बहुत यकीन करता हूं। मैं समझता हूं भगवान जो करता है अच्छे के लिए करता है। छह महीने में इन्होंने ऐसा कर दिया दिल्ली के अंदर, शायद भगवान यही दिखाना चाहता था कि आम आदमी पार्टी वाले कितने अच्छे थे। आज जनता याद कर रही है। मेरे पास काफी लोग आते हैं, कोई कहता है कि आज चुनाव हो जाएं तो 60 सीटें आएंगी, कोई कहता है कि 65 सीटें आएंगी, कोई कहता है कि 70 की 70 सीटें आएंगी।’ केजरीवाल ने रेखा गुप्ता सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि लुटियंस दिल्ली में भी पांच-पांच बार लाइट जाती है। उन्होंने कहा, ‘10 साल से बिजली नहीं गई थी। सारे इनवर्टर वालों की दुकानें बंद हो गई थीं। दोबारा खुलवा दी। मैं लुटियंस दिल्ली में रहता हूं, पीएम का घर और राष्ट्रपति भवन थोड़ी दूरी पर है। मेरे घर रोज 5-5 बार बिजली जाती है। कभी आधे घंटे के लिए कभी एक घंटे के लिए। बाकी दिल्ली का तो क्या हाल कर दिया, पूरी दिल्ली में बिजली जा रही है। बच्चों की फीस बढ़ गई, सड़कें टूटी पड़ी हैं। एक बारिश में दिल्ली का बुरा हाल हो जाता है। सीवर जाम पड़े हैं, पानी नहीं आ रहा है। चारों तरफ झुग्गियां तोड़ रहे हैं। गरीबों का तो जीना हराम कर दिया।’ कांग्रेस और भाजपा में समझौता: केजरीवाल आप प्रमुख ने कहा कि 15 साल में कांग्रेस का जो हाल हुआ था, वह भाजपा सरकार ने छह महीने में कर दिया। उन्होंने कहा कि जनता को पांच साल बाद मौका मिलेगा इन्हें हटाने का। उन्होंने भाजपा और कांग्रेस के बीच समझौते का आरोप भी लगाया और कहा कि जनता कह रही है कि उनके इतने नेता गिरफ्तार हो गए, कांग्रेस का एक भी नेता क्यों नहीं जेल गया। मुफ्त बिजली बंद करने जा रहे हैं: केजरीवाल अरविंद केजरीवाल ने अपने जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं को अगले चुनाव तक जनता के बीच रहकर काम करने को कहा। उन्होंने कहा, 'जनता के बीच में रहो। मुझे पता चला है कि ये बिजली की सब्सिडी खत्म करने जा रहे हैं। दिल्ली के अंदर जो फ्री बिजली मिल रही है, यह इन्हे तकलीफ दे रही है। जनता के बीच रहे, जनता के सुख दुख में काम आओ। भगवान ने संदेश दिया है कि जब तक अगला चुनाव नहीं होता, अगले चुनाव में फिर सरकार चलाने का मौका मिलेगा। तब तक जनता के बीच रहकर काम करते रहेंगे।'  

रिपेयर के बहाने लीक कर दिए निजी वीडियो, यूजर ने सुनाया डरावना अनुभव

नई दिल्ली  शायद ही ऐसा कोई व्यक्ति हो, जिसपर आपकी नजर पड़े और वह मोबाइल यूजर ना हो। जिस रफ्तार से मोबाइल के उपयोगकर्ता बढ़ रहे हैं, उसी तेजी से इनसे जुड़े अपराधियों की संख्या में भी इजाफा जारी है। जरा सोचिए कि आपने किसी मोबाइल पर अपना फोन सुधारने के लिए दिया हो और कुछ समय बाद आपको निजी वीडियो सोशल मीडिया पर नजर आ जाएं। एक रेडिट यूजर ने ऐसी ही कहानी प्लेटफॉर्म पर साझा की है, जिसे सुनकर आम मोबाइल फोन उपयोगकर्ता सोच में पड़ सकता है। पोस्ट में बताया गया है, 'कोलकाता में फोन सुधारने वाले ने निजी वीडियो लीक कर दिए…।' उन्होंने आगे लिखा, 'मुझे समझ नहीं आ रहा है कि इस सदमे से कैसे बाहर निकला जाए।' यूजर ने लिखा, 'पूरी तरह से टूट गए हैं…। तब से माता पिता भी बात नहीं कर रहे हैं…। मैंने अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट बंद कर दिए हैं, फोन नंबर बदल लिया है और सभी से पूरी तरह दूरी बना ली है…। अब अपने कमरे के बाहर नहीं जा रहे हैं।, लोगों से मिलने से बच रहे हैं और फोन का इस्तेमाल भी बंद कर दिया है।' रेडिट यूजर ने एक और स्क्रीनशॉट भी शेयर किया है, जिसमें कई यूजर्स उन्हें गंदे मैसेज भेज रहे हैं। यूजर ने पोस्ट में बताया है कि उनकी छवि धूमिल हो चुकी है। साथ ही उन्होंने अन्य उपयोगकर्ताओं से भी सलाह मांगी है। उन्होंने बताया है कि इस संबंध में साइबर क्राइम पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। एक स्क्रीनशॉट के माध्यम से यूजर ने कहा कि पुलिस ने जानकारी दी है कि शिकायत को महिला थाना को भेज दिया गया है।