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कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक ने गुरदासपुर अनाज मंडी में गेहूं खरीद के इंतज़ामों का निरीक्षण किया

गुरदासपुर पंजाब के फ़ूड और सिविल सप्लाई मंत्री लाल चंद कटारूचक ने आज गुरदासपुर अनाज मंडी का दौरा किया और गेहूं खरीद प्रोसेस और इंतज़ामों का जायज़ा लिया। इस मौके पर उनके साथ लोकल एडमिनिस्ट्रेटिव अफ़सर और हलका इंचार्ज भी मौजूद थे। रिपोर्टर्स से बात करते हुए, मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की लीडरशिप में पंजाब सरकार गेहूं का एक-एक दाना खरीदने के लिए पूरी तरह कमिटेड है। उन्होंने कहा कि अब तक पूरे राज्य में 57 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है और किसानों को 7109 करोड़ रुपये का पेमेंट किया जा चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि कुल 61 लाख मीट्रिक टन फ़सल मंडियों में पहुँच चुकी है। मंत्री ने कहा कि गेहूं की आवक लगातार बढ़ रही है और हर दिन बड़ी मात्रा में फ़सल मंडियों में आ रही है। उन्होंने कहा कि कल एक ही दिन में रिकॉर्ड 12 लाख मीट्रिक टन गेहूं मंडियों में पहुँचा था। उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा के लिए मंडियों में सुचारू व्यवस्था की गई है और किसी को भी किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। कटारूचक ने कहा कि इस सीजन के लिए राज्य में 122 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने मंडी में मौजूद किसानों और आढ़तियों से बातचीत की और उनकी समस्याएं भी सुनीं। मंडी में आए गांव बाहिया के किसान हरजिंदर सिंह ने कहा कि वह सुबह अपना गेहूं लेकर आए थे और उसी दिन उनकी फसल खरीद ली गई। उन्होंने कहा कि 24 घंटे के अंदर पेमेंट मिल रही है, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिली है। दौरे के दौरान मंत्री ने मंडियों में बारदाने की उपलब्धता, लिफ्टिंग प्रक्रिया, सफाई और पीने के पानी और अन्य सुविधाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को लिफ्टिंग के काम में तेजी लाने और किसानों को किसी भी तरह की परेशानी न होने देने का आदेश दिया। उल्लेखनीय है कि गुरदासपुर जिले में 21 अप्रैल तक 1.69 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है और किसानों को 267.60 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।

कुर्बानी विरोधी कानून पर बड़ा सम्मान: Kultar Singh Sandhwan को मिला सम्मान, Punjab में निभाई अहम भूमिका

चंडीगढ़. गुरुद्वारा साहिब पातशाही दसवीं कोटकपूरा के निहंग सिंहों के मुख्य सेवक बाबा कुलवंत सिंह चाणक्य ने आज कोटकपूरा में पंजाब विधानसभा के स्पीकर स. कुलतार सिंह संधवान को सम्मानित किया और कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान और पंजाब विधानसभा स्पीकर स. कुलतार सिंह संधवान की सच्ची कोशिशों से जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (अमेंडमेंट) बिल 2026 लागू हुआ है, जिससे पूरी दुनिया में संगत खुश है। सुखमनी साहिब के पाठ, नितनेम बानियों, अरदास और पवित्र हुक्मनामा के बाद बाबा कुलवंत सिंह चाणक्य ने कहा कि स्पीकर संधवान की शख्सियत और विनम्र स्वभाव ने सभी को बहुत प्रभावित किया है। स्पीकर संधवान ने जत्थेदार बाबा कुलवंत सिंह चाणक्य समेत पूरी संगत का धन्यवाद किया और कहा कि यह सब संगत के सहयोग और गुरु जी के आशीर्वाद से ही मुमकिन हुआ है। उन्होंने दावा किया कि अलग-अलग पुरानी पार्टियों के नेता और असरदार संगठनों के नुमाइंदे सत्ता में होने के बाद भी यह काम नहीं कर पाए। अब वे बेबुनियाद और गैर-ज़रूरी बयान देकर समाज में कन्फ्यूजन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। स्पीकर संधवान ने कहा कि इस सख्त सज़ा वाले कानून के लागू होने से अब कोई भी इंसान जघन्य अपराध करने से बचेगा। इस मौके पर शहर के अलग-अलग इलाकों से इकट्ठा हुई संगत ने इस अच्छे काम के लिए पंजाब सरकार, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और स्पीकर सरदार कुलतार सिंह संधवान का धन्यवाद किया।

परिवारिक विवाद बढ़ा: Jalandhar में रितु ने बहनों और जीजा पर लगाए गंभीर आरोप, पुलिस जांच शुरू

जालंधर. मशहूर सूफी गायक गुलशन मीर की सेहत और उनके इलाज के लिए जुटाए जा रहे फंड को लेकर नूरां परिवार में विवाद हो गया है। रितु नूरां ने अपनी बहनों (नूरां सिस्टर्स) के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। निजी किडनी अस्पताल में गुलशन मीर उपचार के लिए भर्ती हैं। उनका किडनी ट्रांसप्लांट होना है। इसके लिए रितु नूरां ने हाल ही में इंटरनेट मीडिया पर एक वीडियो शेयर और क्यूआर शेयर कर लोगों से आर्थिक मदद की अपील की थी। रितु का कहना है कि उनके पैसे इलाज पर खर्च हो चुके है। उनकी इस अपील के बाद कई पंजाबी गायक मदद के लिए आगे भी आए हैं। इसी बीच रितु नूरां और उनकी बहनों (नूरां सिस्टर्स) के बीच तल्खी बढ़ गई है। नूरां सिस्टर्स ने लोगों को स्कैनर भेजकर मदद मांगने पर आपत्ति जाहिर की। इसके बाद रितु नूरां शिकायत लेकर थाने पहुंच गईं। उसका आरोप है कि बहनें पिछले कई सालों से नाम और पैसा कमा रही हैं, लेकिन इस मुश्किल घड़ी में पिता का साथ नहीं दे रही हैं। उनकी बहनों की पहचान भी उनके पिता की बदौलत ही है। वह काफी समय से शांत थीं, लेकिन अब उनके भाई साहिल मीर को फोन करके परेशान किया जा रहा है। इसको लेकर ज्योति नूरा के पति उस्मान के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी है। आरोप है कि साहिल मीर के खिलाफ इंटरनेट मीडिया पर कुछ पोस्ट डाली गई है। रितु का कहना है कि किसी की पर्सनल लाइफ को इस तरह सार्वजनिक करना गलत है। रितु नूरां के मुताबिक, वह पिछले चार महीनों से अपनी बहनों को फोन कर रही हैं और पिता का हाल जानने के लिए बुला रही हैं। हालांकि, उनकी तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। वहीं, मां ने कहा कि थाने में पुलिस को दी शिकायत में कहा कि अगर उसके बेटे को कुछ हो गया तो दोनों बेटियां और दामाद जिम्मेदार होंगे। मां ने कहा कि बेटी सुल्ताना रात को पिता से मिलने के लिए आई थी। फिलहाल पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है और जल्द ही दूसरे पक्ष (उस्मान) को पूछताछ के लिए बुला सकती है।

पंजाब की पॉलिटिक्स में बड़ी हलचल! SAD पुनर सुरजीत ने जारी किया विज़न डॉक्यूमेंट

चंडीगढ़ 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब में पॉलिटिकल पार्टियां पूरी तरह एक्टिव हो गई हैं। इसी सिलसिले में आज चंडीगढ़ में शिरोमणि अकाली दल पुनर सुरजीत ने ज्ञानी हरप्रीत सिंह की लीडरशिप में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान शिरोमणि अकाली दल पुनर सुरजीत का विज़न डॉक्यूमेंट जारी किया गया। इस दौरान ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने डॉक्यूमेंट जारी करते हुए इसे पंथ, पंजाब और भविष्य के लिए एक विज़न बताया। इस मौके पर ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि यह डॉक्यूमेंट सरदार इकबाल सिंह झुंडा की लीडरशिप वाली कमेटी और जानकारों की मेहनत से तैयार किया गया है। प्रोफेसर पूरन सिंह के शब्दों में, 'पंजाब वसदा गुरु दे नात ते' टाइटल से जारी इस घोषणा में पंजाब के आर्थिक, सामाजिक और धार्मिक मुद्दों को एड्रेस किया गया है। ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने साफ किया कि पंजाब से पंथ को नकारा नहीं जा सकता, इसलिए पार्टी पंथिक मुद्दों को प्राथमिकता देगी। पंजाब की मौजूदा आर्थिक हालत पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि राज्य कर्ज के बोझ तले दबा है और मौजूदा सरकार कर्ज मुक्ति के अपने वादे पूरे करने में नाकाम रही है। महिलाओं और युवाओं के लिए आरक्षण युवाओं की हालत पर चिंता जताते हुए ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि पंजाब का युवा दिशाहीन होता जा रहा है। इसी तरह, युवाओं को दिशाहीनता और ड्रग्स से बचाने के लिए पार्टी में 40 परसेंट रिप्रेजेंटेशन देने का फैसला किया गया है। उन्होंने कहा कि युवाओं को सोशल मीडिया से बड़े पैमाने पर जानकारी मिल रही है, जिसमें से ज्यादातर फेक होती है और इससे उनके विचारों पर असर पड़ रहा है। उन्होंने बेरोजगारी और ड्रग्स के बढ़ते असर को भी गंभीर समस्या बताया। उन्होंने कहा कि सरकारें इस मुद्दे को हल करने में नाकाम रही हैं। पार्टी युवाओं को रोजगार के मौके देने और उन्हें सही दिशा में ले जाने के लिए खास प्लान बनाएगी। महिलाओं के अधिकारों के बारे में उन्होंने कहा कि समाज की तरक्की में महिलाओं का अहम योगदान है। उन्होंने कहा कि जहां 33 परसेंट रिजर्वेशन की बात हो रही है, वहीं वे इससे भी ज़्यादा, 35 परसेंट रिजर्वेशन देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि इस कदम से महिलाओं की भागीदारी और मज़बूत होगी। हेल्थ, एजुकेशन और एनवायरनमेंट ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि घोषणापत्र में हेल्थ और एजुकेशन को राज्य के दो अहम पिलर माना गया है और इन्हें बेहतर बनाने की बात कही गई है। एनवायरनमेंट कंजर्वेशन, खासकर जंगलों का एरिया बढ़ाना और मत्तेवाड़ा जैसे जंगलों की रक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है। सोशल जस्टिस के तहत S. C, S. T, O. B. C. और जनरल कैटेगरी के गरीब तबके के लोगों का जीवन स्तर ऊपर उठाने का वादा किया गया है। ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि यह मैनिफेस्टो आनंदपुर साहिब प्रस्ताव की रोशनी में तैयार किया गया है, जिसमें राज्यों को ज़्यादा अधिकार देने की वकालत की गई है। केंद्र सरकार पर राज्यों की शक्तियां छीनने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि वे केंद्र से जुड़े मुद्दों को हल करने के लिए पक्के इरादे वाले हैं। उन्होंने कहा कि यह मैनिफेस्टो पूरी तरह से 'ओपन' है और पंजाब की बेहतरी के लिए दूसरे सुझाव भी इसमें शामिल किए जाएंगे। माइनॉरिटीज़ के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि देश और पंजाब दोनों में माइनॉरिटी सेक्शन की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा करना पार्टी की ज़िम्मेदारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी सेक्शन के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा और सभी को बराबर अधिकार मिलेंगे। ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि पार्टी का यह मैनिफेस्टो पंजाब के हर सेक्शन को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा, जिसका मकसद राज्य को आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरण के लिहाज़ से मज़बूत बनाना है। ज्ञानी रघबीर सिंह ने SGPC के रवैये पर उठाए सवाल, श्री दरबार साहिब निवास से सामान ले जाना शुरू किया अमृतपाल सिंह, पंजाबी जागरण, अमृतसर: श्री हरमंदिर साहिब के पूर्व हेड ग्रंथी ज्ञानी रघबीर सिंह ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रशासनिक रवैये पर गंभीर सवाल उठाए हैं और कमेटी पर उन्हें मानसिक रूप से परेशान करने और उनके व्यक्तिगत सम्मान को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया है। ज्ञानी रघबीर सिंह ने कहा कि हाल ही में जब वह अपने श्री दरबार साहिब निवास से अपना सामान शिफ्ट करवा रहे थे, तो गेट पर तैनात सेवादारों ने उनसे लिखित में साइन करवाने के बाद सामान ले जाने दिया। ज्ञानी रघबीर सिंह ने इस कार्रवाई को बेहद बुरा बताया और कहा कि लंबे समय से गुरु घर की सेवा कर रहे सेवादार के निजी सामान की तलाशी लेना बेहद अपमानजनक है। उन्होंने कहा कि किसी भी गैर-कानूनी चीज के शक पर ही तलाशी ली जाती है, लेकिन यहां जानबूझकर नीचा दिखाने की कोशिश की गई है। अपनी रिटायरमेंट के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी दो साल से ज्यादा की सर्विस बाकी थी, लेकिन उन्हें 26 फरवरी को जबरदस्ती रिटायर कर दिया गया, जबकि वह मेडिकल लीव पर थे। उन्होंने कहा कि उनके घर आने-जाने वाले लोगों पर जासूसी की जा रही है और कर्मचारियों द्वारा निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि वह घर खाली करने के लिए तैयार हैं, लेकिन नए घर के रेनोवेशन के कारण उन्होंने 10-12 दिन और मांगे थे। फंड के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि उन्होंने 36 साल श्री गुरु रामदास जी के घर की सेवा की है, अगर कमेटी फंड जारी करती है तो ठीक है, वरना वह भरोसे के गुरु हैं। उन्होंने मैनेजमेंट से अपील की कि मैनेजमेंट में नैतिकता और शालीनता बनाए रखी जानी चाहिए। इस बारे में मैनेजर भगवंत सिंह धंगेरा ने कहा कि श्री दरबार साहिब के हर गेट पर सेवक तैनात हैं। कोई भी सामान बाहर ले जाने के लिए गेट पास होना जरूरी है, गेट पर तैनात सेवक ने हमेशा की तरह अपनी ड्यूटी निभाई है। सेवकों को बताया गया है कि सिंह साहिब ज्ञानी रघबीर सिंह जो भी सामान बाहर ले जाते हैं, उसके लिए किसी गेट पास या इंस्पेक्शन की जरूरत नहीं है। अगर सिंह साहब ने पहले ही किसी एडमिनिस्ट्रेटर से संपर्क किया होता तो ऐसा नहीं होता, जब मुझे पता चला तो मैंने तुरंत नौकरों … Read more

विदेश में गूंजा पंजाब का विज़न: भगवंत मान ने NRI समुदाय से किया निवेश का आह्वान

चंडीगढ़.  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान इन दिनों फिनलैंड दौरे पर हैं, जहां उन्होंने प्रवासी पंजाबियों से सीधा संवाद स्थापित कर राज्य के विकास में उनकी भागीदारी का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि दुनियाभर में बसे पंजाबियों के पास अनुभव, संसाधन और तकनीकी समझ है, जो पंजाब की आर्थिक प्रगति को नई गति दे सकती है। मुख्यमंत्री ने प्रवासी समुदाय को संबोधित करते हुए उन्हें राज्य में निवेश और नवाचार से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। पंजाब सरकार उद्योग, कृषि और शिक्षा के क्षेत्रों में नए अवसर पैदा कर रही है, जिसमें प्रवासी पंजाबियों की भूमिका बेहद अहम हो सकती है। उन्होंने विशेष रूप से डेयरी, पशुपालन और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में फिनलैंड के साथ सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। दौरे के दौरान हेलसिंकी स्थित हेलसिंकी यूनिवर्सिटी के साथ शिक्षा, रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में साझेदारी की पहल भी की गई। इस सहयोग के तहत छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए संयुक्त रिसर्च प्रोजेक्ट और एक्सचेंज प्रोग्राम शुरू करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पंजाब के युवाओं को वैश्विक स्तर पर सीखने और आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा, उन्होंने कृषि और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर भी जोर दिया। अनाज भंडारण और कीट नियंत्रण के लिए पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों को लागू करने की दिशा में फिनलैंड के साथ सहयोग की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। उन्होंने “सोलिन प्रोटीन” को मिड-डे मील और आंगनवाड़ी पोषण योजनाओं में शामिल करने पर भी विचार व्यक्त किया, जिससे बच्चों और महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार लाया जा सके। दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने फिनलैंड में भारतीय राजदूत से भी मुलाकात की और द्विपक्षीय व्यापार व निवेश को बढ़ाने के मुद्दों पर चर्चा की। यह दौरा पंजाब और फिनलैंड के बीच सहयोग को नई दिशा देने और आर्थिक, शैक्षणिक व तकनीकी संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वहीं, इससे पहले सीएम भगवंत मान ने फिनलैंड में भारत के राजदूत, हेमंत एच. कोटालवार के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बातचीत के दौरान, हमने पंजाब और फिनलैंड के बीच आपसी सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों को तलाशने पर विस्तार से चर्चा की थी।

‘शब्दमाला’ एंड्रॉयड ऐप आया: भाषा विभाग ने पंजाबी को बढ़ावा देने के लिए उठाया बड़ा कदम

पटियाला. पंजाब सरकार की देखरेख में भाषा विभाग पंजाब द्वारा डायरेक्टर भाषा की देखरेख में तैयार किया गया ‘शब्दमाला एंड्रॉयड ऐप’ लॉन्च कर दिया गया है। डायरेक्टर जसवंत सिंह ज़फर ने इस ऐप को जनता को समर्पित करने की रस्म निभाई। इस मौके पर विभाग के अधिकारी और ऐप बनाने वाली टीम मौजूद थी। डायरेक्टर जसवंत सिंह ज़फर ने कहा कि ‘शब्दमाला’ एक मॉडर्न डिक्शनरी प्लेटफॉर्म है जिसके ज़रिए शब्द खोजने वाले अलग-अलग डिक्शनरी से शब्दों के मतलब ऑनलाइन खोज सकते हैं। अब इस मोबाइल ऐप के ज़रिए शब्दों के मतलब खोजने का प्रोसेस और भी आसान हो गया है और यूज़र अपने फ़ोन के ज़रिए कहीं भी, कभी भी किसी भी शब्द का मतलब खोज पाएंगे। उन्होंने बताया कि इस ऐप को तैयार करने का काम 2023 में डिप्टी डायरेक्टर आलोक चावला की लीडरशिप में डिपार्टमेंट की टीम ने शुरू किया था और सितंबर 2024 में इसे वेब प्लेटफॉर्म के तौर पर लॉन्च किया गया था। अब यह ऐप के रूप में एक और अहम पड़ाव पर पहुंच गया है। अभी ऐप में पोतोहारी डिक्शनरी, किसा एंथोलॉजी डिक्शनरी, डोगरी-पंजाबी डिक्शनरी, इंग्लिश-पंजाबी मिडिल डिक्शनरी, पंजाबी अखान डिक्शनरी, इडियम डिक्शनरी और वारिस इडियम डिक्शनरी मौजूद हैं। जाफर ने कहा कि मशीन इंटेलिजेंस (AI) के ज़माने में हर भाषा को अप टू डेट बनाने के लिए ऐसी कोशिशें ज़रूरी हो गई हैं। यह ऐप पंजाबी भाषा को सात समंदर पार की भाषा बनाने में अपना योगदान दे सकता है। डिप्टी डायरेक्टर आलोक चावला ने बताया कि इसके अलावा हिंदू माइथोलॉजी डिक्शनरी और पुआधी डिक्शनरी पर भी काम चल रहा है, जो जल्द ही ऐप पर उपलब्ध करा दी जाएंगी। इसके अलावा आने वाले समय में डिपार्टमेंट की ग्लॉसरी भी इस ऐप पर उपलब्ध कराई जाएंगी और एक-एक करके 40 से ज़्यादा डिक्शनरी इस प्लेटफॉर्म से जुड़ जाएंगी। इस मौके पर असिस्टेंट डायरेक्टर अमरिंदर सिंह भी मौजूद थे। इनका अहम योगदान यह प्रोजेक्ट आलोक चावला, डिप्टी डायरेक्टर (डिक्शनरी) की देखरेख में तैयार किया गया है। इसमें एडिटोरियल का काम सतपाल सिंह, रिसर्च ऑफिसर (डिक्शनरी) ने किया है और डिक्शनरी सॉफ्टवेयर तैयार करने का क्रेडिट महेशिंदर सिंह खोसला, रिसर्च असिस्टेंट को जाता है। राजिंदर कौर सीनियर असिस्टेंट, मनजीत सिंह स्पाल सीनियर असिस्टेंट, दीपक कुमार जूनियर असिस्टेंट, बीबा किरणजीत कौर जूनियर स्केल स्टेनोग्राफर, राखी क्लर्क, विश्वजोत कौर प्रूफ रीडर, कॉपी होल्डर गुरबख्श सिंह और मनवीर सिंह ने डिक्शनरी को यूनिकोड में बदलने और सॉफ्टवेयर को ऑप्टिमाइज़ करने के काम में अहम योगदान दिया।

ड्रग्स के खिलाफ बड़ा एक्शन: Bhagwant Mann सरकार के अभियान से NDPS केस और जब्ती में उछाल

चंडीगढ़. भगवंत सिंह मान की लीडरशिप में 'ड्रग्स के खिलाफ जंग' कैंपेन पंजाब में असरदार, तेज और असरदार नतीजे दे रहा है। लेटेस्ट डेटा से पता चलता है कि ड्रग्स के खिलाफ एक्शन में काफी बढ़ोतरी हुई है, ड्रग ट्रैफिकिंग नेटवर्क को काफी हद तक खत्म कर दिया गया है और 'ड्रग्स के खिलाफ जंग' कैंपेन के तहत आरोपियों को सजा मिलने की दर में भी काफी सुधार हुआ है। डेटा के मुताबिक, 2022 और 2026 (अब तक) के बीच 73,541 NDPS केस रजिस्टर हुए हैं, जो 2017-21 में 52,255 केस से 40 परसेंट से ज्यादा की बढ़ोतरी दिखाता है। गिरफ्तारियों की संख्या भी काफी बढ़ी है, जो 68,064 से बढ़कर 98,596 हो गई है, जो पूरे राज्य में ड्रग ट्रैफिकिंग नेटवर्क पर लगातार और बड़े पैमाने पर कार्रवाई का इशारा है। ज़ब्ती के आंकड़े ऑपरेशन की सफलता को और दिखाते हैं, जो सप्लाई चेन में गहरी पैठ दिखाता है। हेरोइन की ज़ब्ती में 148% की बढ़ोतरी हुई है—2022 से अब तक 5,979 kg हेरोइन ज़ब्त की गई है, जबकि 2017-21 में यह 2,412 kg थी। अफ़ीम की ज़ब्ती भी 43% से ज़्यादा बढ़कर 3,583 kg हो गई है, जो ज़मीनी स्तर पर कार्रवाई में तेज़ी का संकेत है। सिंथेटिक ड्रग्स के खिलाफ़ ऑपरेशन में खास तौर पर बड़ी उछाल देखी गई है। आइस (क्रिस्टल मेथामफेटामाइन) की ज़ब्ती 17 kg से बढ़कर 93 kg हो गई है, जो 447% की बढ़ोतरी है। कोकीन की ज़ब्ती 6,064 kg रही, जो लगभग पिछले रिकॉर्ड 6,852 kg के बराबर है। यह कैंपेन अब दवाओं के गलत इस्तेमाल तक भी पहुँच गया है। 2022-26 के दौरान 87 करोड़ टैबलेट और कैप्सूल ज़ब्त किए गए हैं, जो युवाओं में बढ़ती लत को रोकने के लिए सप्लाई चेन को एक बड़ा झटका है। सबसे ज़रूरी बात यह है कि इस ऑपरेशन से जस्टिस सिस्टम में भी अच्छे नतीजे मिल रहे हैं। आरोपियों को सज़ा मिलने की दर 89% तक पहुँच गई है, जो मज़बूत जाँच, ठोस सबूत इकट्ठा करने और असरदार मुकदमे को दिखाता है। DGP पंजाब गौरव यादव ने कहा, “यह सिर्फ़ ऑपरेशन में बढ़ोतरी नहीं है, बल्कि ड्रग्स के खतरे से निपटने के हमारे तरीके में एक बड़ा बदलाव है। मामलों और ज़ब्ती में बढ़ोतरी इंटेलिजेंस पर आधारित कार्रवाई को दिखाती है, जबकि सज़ा मिलने की बढ़ती दर दिखाती है कि मामलों को आखिरी स्टेज तक ले जाया जा रहा है। सप्लायर से लेकर डिस्ट्रीब्यूटर तक पूरी चेन पर लगातार दबाव है।” DGP ने कहा कि इस ऑपरेशन का पूरा होना और लगातार होना मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की साफ़ स्ट्रेटेजिक समझ का नतीजा है, जिसके तहत ‘ड्रग्स के खिलाफ़ जंग’ कैंपेन पूरे पंजाब में एक्टिव ऑपरेशन का एक अहम हिस्सा बन गया है। हालांकि ज़ब्ती में बढ़ोतरी ज़मीनी ऑपरेशन में तेज़ी को दिखाती है, लेकिन मान सरकार ने फिर से कहा है कि मुख्य लक्ष्य ड्रग नेटवर्क को तोड़ना और ड्रग्स की उपलब्धता को कम करना है, ताकि इस ऑपरेशन का लंबे समय तक असर रहे।

सिख युवाओं के बीच जत्थेदार गरगज का संदेश: एकता और गुरमत से ही उज्ज्वल भविष्य

ऑकलैंड/अमृतसर. श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज ने ऑकलैंड के गुरुद्वारा श्री कलगीधर साहिब तकनीनी में न्यूज़ीलैंड सिख यूथ ऑर्गनाइज़ेशन से जुड़े युवाओं के साथ करीब डेढ़ घंटे तक खास मीटिंग की। इस दौरान युवाओं ने जत्थेदार गरगज से सिख संस्थाओं, सिखों के खिलाफ़ उठाई जा रही बातों, तौर-तरीकों, गुरमत शिक्षा और धार्मिक प्रचार के बारे में सवाल पूछे, जिनके जवाब सिंह साहिब ने दिए। जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज ने कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि सिख युवा अपने धर्म और संस्थाओं के बारे में बहुत जागरूक और चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि न्यूज़ीलैंड के सिख युवा चढ़दी कला का काम कर रहे हैं और उम्मीद जताई कि वे हमेशा गुरमत के अनुसार सेवा करते रहेंगे। जत्थेदार गरगज ने सिख युवाओं को शिक्षा हासिल करने और अच्छा मुकाम हासिल करने और देश की तरक्की के लिए सेवा करने की सलाह दी। उन्होंने सभी युवाओं से एक साथ रहने, एक-दूसरे की मदद करने, गुरमुखी पंजाबी सीखने और एक साफ़ सिख पहचान बनाए रखने की अपील की। इस मौके पर जत्थेदार गरगज्ज ने कुछ सिख युवाओं, जिन्होंने हत्याएं की थीं, को साफ़ सिख पहचान बनाए रखने का संकल्प भी दिलाया। इस दौरान युवाओं ने जत्थेदार गरगज्ज को खास तौर पर सम्मानित किया। मौजूद लोगों में दलजीत सिंह प्रेसिडेंट, न्यूज़ीलैंड सेंट्रल सिख एसोसिएशन के प्रेसिडेंट, एस. गुरनाम सिंह, बीबी पाहुलप्रीत कौर, बीबी गुरलीन कौर, बीबी सुपिंदर कौर, बीबी प्रीति कौर, एस. जसकरन सिंह मीडिया एडवाइज़र वगैरह शामिल थे।

फतेहगढ़ साहिब हादसे में मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख और घायलों को 50 हजार मुआवजा, सीएम का बड़ा फैसला

चंडीगढ़  पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले में हुए बस हादसे के पीड़ितों के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मुआवजे की घोषणा की है। इस दुर्घटना में 9 लोगों की मृत्यु हो गई थी और 34 लोग घायल हुए थे। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये प्रति मृतक के हिसाब से देने की घोषणा की।  मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से इस मुआवजे की घोषणा की। सरकार ने पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है। यह हादसा बीते सप्ताह फतेहगढ़ साहिब जिले के बसी पठानां के नजदीक गांव मैन माजरी में हुआ था। प्रशासन ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हादसे की जांच तेज कर दी है।

फिरोजपुर में कल ब्लैकआउट का अलर्ट, डिप्टी कमिश्नर बोले- घबराने की नहीं है जरूरत

फिरोजपुर. भारत सरकार के गृह मंत्रालय की गाइडलाइन के मुताबिक, 24 अप्रैल को रात 8:00 बजे पूरे राज्य में एक खास 'सिविल डिफेंस एयर रेड/ब्लैकआउट' मॉक एक्सरसाइज की जा रही है। इस एक्सरसाइज का मुख्य मकसद किसी भी इमरजेंसी या हवाई हमले जैसी स्थिति के दौरान सिविल डिफेंस डिपार्टमेंट और प्रशासन की तैयारियों का रिव्यू करना है। इसी के तहत, 'एयर रेड/ब्लैकआउट' मॉक एक्सरसाइज 24 अप्रैल को रात 8 बजे फिरोजपुर शहर के बस स्टैंड पर होगी। यह जानकारी डिप्टी कमिश्नर दीपशिखा शर्मा ने दी। डिप्टी कमिश्नर दीपशिखा शर्मा ने इस मौके पर एक्सरसाइज से जुड़ी हिदायतें बताते हुए कहा कि यह मॉक ड्रिल 'एयर रेड वॉर्निंग' (हवाई हमले की चेतावनी) के सायरन से शुरू होगी। यह सायरन 02 मिनट तक हाई-लो पिच पर बजेगा। सायरन बजते ही चुने हुए इलाकों में पूरी तरह से 'ब्लैकआउट' कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आम लोगों के लिए निर्देश हैं कि पहचाने गए इलाकों में लोगों से अपील की गई है कि ब्लैकआउट के दौरान वे अपनी गैर-ज़रूरी लाइटें बंद रखें। हालांकि, अस्पताल और फायर ब्रिगेड जैसी ज़रूरी सेवाएं चालू रहेंगी। एक्सरसाइज़ के आखिर में 'ऑल क्लियर' सिग्नल दिया जाएगा, जो 02 मिनट तक लगातार तेज़ आवाज़ में बजने वाला सायरन होगा। इस मौके पर न सिर्फ़ ब्लैकआउट बल्कि एक्सरसाइज़ के दौरान कई राहत ऑपरेशन की मॉक एक्सरसाइज़ भी की जाएगी। डिप्टी कमिश्नर ने आम लोगों से अपील की कि यह एक रेगुलर एक्सरसाइज़ है। यह किसी भी तरह के मिलिट्री ऑपरेशन का हिस्सा नहीं है। इसलिए लोग किसी भी तरह के डर या पैनिक में न आएं।