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Property Rates Hike: चंडीगढ़ में बढ़े कलेक्टर रेट, रजिस्ट्री पर पड़ेगा सीधा असर

चंडीगढ़. अगले वित्तिय वर्ष के लिए लागू होने वाले कलेक्टर रेटों को लेकर बुधवार को चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा नोटिफिकेशन जारी कर दी गई है। अब प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री करवानी महंगी हो जाएगी। नए रेटों में रिहायशी, कमर्शियल, इंडस्ट्रियल और एग्रीकल्चरल लैंड के कलेक्टर रेटों में 10 से 22 फीसदी तक की वृद्धी की गई है। नए कलेक्टर रेट आने के बाद शहर में जायदाद महंगी हो जाएगी। प्रशासन द्वारा अगले साल के लिए प्रस्तावित कलेक्टर रेट की संभावित वृद्धी के प्रस्ताव पर इस बार लोगों ने ज्यादा नाराजगी नहीं प्रकट की थी पर इंडस्ट्रियल, कमर्शियल और रिहायशी जमीन के कलेक्टर रेट में कमी की बात जरूर उठाई थी। यह नए कलेक्टर रेट एक अप्रैल से लागू होंगे।     फ्लैट और मकान भी महंगे हाउसिंग बोर्ड के फ्लैटों और इंडिपेंडेंट मकानों के कलेक्टर रेटों भी वृद्धी की गई है। फ्लैटों के लिए ग्राउंड फ्लोर पर 11,000 रुपये प्रति वर्ग फुट, पहली मंजिल पर 9,000 रुपये, दूसरी मंजिल पर 8,000 रुपये और तीसरी मंजिल पर 7,200 रुपये प्रति वर्ग फुट की दर तय की गई है। 1. सेक्टरवाइज सेक्टर-1 से 12 में रिहायशी जमीन का कलेक्टर रेट बढ़ाकर 2 लाख 37 हजार 900 रुपए प्रति वर्ग गज कर दिया गया है, जो पहले 1 लाख 78 हजार 600 रुपए था। सेक्टर-14 से 37 के लिए नया रेट 1 लाख 81 हजार 300 रुपए प्रति वर्ग गज और सेक्टर-38 व उससे आगे के क्षेत्रों के लिए 1 लाख 33 हजार 200 रुपए प्रति वर्ग गज तय किया गया है। 2. फ्लैट्स-मकानों पर फ्लैट्स के लिए ग्राउंड फ्लोर पर 11 हजार रुपए प्रति वर्ग फुट, पहली मंजिल पर 9 हजार, दूसरी मंजिल पर 8 हजार और तीसरी मंजिल व उससे ऊपर के लिए 7 हजार 200 रुपए प्रति वर्ग फुट दर तय की गई है। इंडस्ट्रियल हाउस के लिए ग्राउंड फ्लोर 9 हजार 300 रुपए, पहली मंजिल 7 हजार 400 रुपए और दूसरी मंजिल 5 हजार 700 रुपए प्रति वर्ग फुट तय किए गए हैं। सोसाइटी फ्लैट्स के लिए भी मंजिल के हिसाब से अलग-अलग दरें लागू होंगी। नए कलेक्टर रेट के तहत कॉर्नर प्लॉट या मकान के लिए 5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क देना होगा। 3. रिहायशी-इंडस्ट्रियल प्लॉट पर रिहायशी प्लॉट को नर्सिंग होम या अस्पताल में बदलने पर 25 से 31.25 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क देना पड़ेगा। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और 2 में रेट बढ़ाकर 86 हजार रुपए प्रति वर्ग गज कर दिया गया है। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-3 का कलेक्टर रेट 62 हजार 600 रुपए प्रति वर्ग गज ही रखा गया है, इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया। 4. कॉमर्शियल एरिया पर कोयला डिपो, टिंबर मार्केट, ट्रांसपोर्ट एरिया आदि के लिए 97 हजार 300 रुपए प्रति वर्ग गज तय किया गया है। मनीमाजरा मोटर मार्केट में 2 लाख 33 हजार 500 रुपए प्रति वर्ग गज रेट कर दिया गया है। शिवालिक एन्क्लेव में 4 लाख 10 हजार 200 रुपए प्रति वर्ग गज रेट निर्धारित किए गए हैं।सेक्टर-17, 8, 15, 19, 22, 34 और 35 जैसे प्रमुख बाजारों में बूथ के कलेक्टर रेट 5,92,200 रुपये प्रति वर्ग गज तक पहुंच गए हैं।

एयर शो में दिखी वायुसेना की ताकत, चंडीगढ़ में गरजे सुखोई और राफेल लड़ाकू विमान

चंडीगढ़. भारतीय वायु सेना द्वारा आयोजित दो-दिवसीय एयर शो (जो 27 और 28 मार्च के लिए निर्धारित है) आज चंडीगढ़ की सुखना लेक पर शुरू हो गया है। 'सूर्य किरण' एरोबैटिक टीम इस समय झील के ऊपर शानदार हवाई प्रदर्शन कर रही है। इस कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को देखते हुए, सुखना झील को 26 मार्च से लेकर 28 मार्च की दोपहर तक आम जनता के लिए बंद कर दिया गया है। सुरक्षा सुनिश्चित करने और यातायात के सुचारू प्रवाह को बनाए रखने के लिए, शहर भर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रतिबंध लागू रहेंगे। यातायात पुलिस ने इन उपायों के संबंध में एक एडवाइजरी जारी की है। दोनों ही दिन, सुखना झील के आसपास के क्षेत्रों में वाहनों की आवाजाही सुबह आठ बजे से दोपहर एक बजे तक प्रतिबंधित रहेगी। हालांकि, दर्शकों की सुविधा के लिए, एक शटल बस सेवा उपलब्ध कराई गई है। आगंतुकों को निर्धारित पिकअप पॉइंट्स पर पहुंचने और इन शटल बसों के माध्यम से कार्यक्रम स्थल तक जाने की आवश्यकता है। एयर शो की तैयारी : चंडीगढ़ डिप्टी कमिश्नर निशांत यादव ने कहा कि शहर के कई हिस्सों में ट्रैफिक पर असर पड़ेगा, इसलिए लोगों को पहले से प्लान करके निकलने की सलाह दी गई है. एयर शो की तैयारियों को देखते हुए 26 मार्च से ही सुखना लेक को आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है. ये पाबंदी 28 मार्च दोपहर 1:30 बजे तक जारी रहेगी. 1300 पुलिसकर्मी रहेंगे तैनात : एसएसपी कंवरदीप कौर के अनुसार, सुरक्षा के लिए करीब 1300 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी. ट्रैफिक एडवाइजरी भी जारी कर दी गई है, जिसका पालन करने की अपील की गई है. साथ ही फायर सेफ्टी के भी पूरे इंतजाम किए गए हैं. लेक और आसपास के इलाकों में खास नजर रखी जाएगी ताकि भीड़ को सही तरीके से संभाला जा सके. शहर को 7 जोन में बांटा गया : भीड़ और ट्रैफिक को संभालने के लिए शहर को 7 हिस्सों में बांटा गया है. अलग-अलग जगहों से लोगों को पिक-अप और ड्रॉप की सुविधा दी जाएगी. करीब 300 बसें लोगों को लेक तक पहुंचाने के लिए चलेंगी. बिना टिकट एंट्री नहीं : एयर शो देखने के लिए पहले से टिकट लेना जरूरी है. टिकट बुक करते समय लोगों को अपना पिकअप पॉइंट चुनना होगा और उसी के हिसाब से उन्हें एंट्री मिलेगी. पहले से निकलें, रूट चेक करें : प्रशासन का कहना है कि अगर आप एयर शो देखने जा रहे हैं, तो समय से पहले घर से निकलें और ट्रैफिक एडवाइजरी जरूर देख लें, ताकि रास्ते में परेशानी ना हो. क्या ले जा सकते हैं, क्या नहीं : 6 साल से कम उम्र के बच्चों को एंट्री नहीं होगी सिर्फ पारदर्शी पानी की बोतल ले जाने की अनुमति है बैग और खाने-पीने का सामान ले जाना मना है एंट्री केवल रिस्ट बैंड के जरिए ही मिलेगी

पुलिस का बड़ा एक्शन: जालंधर में हथियार तस्कर गिरफ्तार, जर्मनी-अमेरिका से जुड़े तार

जालंधर. जालंधर में काउंटर इंटेलिजेंस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने अंतरराज्यीय अवैध हथियार सप्लाई करने वाले एक नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश से जुड़े बताए जा रहे हैं और लंबे समय से पंजाब में सक्रिय आपराधिक गिरोहों को हथियार मुहैया करवा रहे थे। पुलिस के अनुसार आरोपितों के कब्जे से 7.65 एमएम की 10 देसी पिस्तौल और 20 मैगजीन बरामद की गई हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये हथियार पंजाब के विभिन्न जिलों में गैंगस्टरों तक पहुंचाए जा रहे थे, जिससे आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा था। जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि नेटवर्क के तार विदेश तक जुड़े हुए हैं। आरोपी जर्मनी और अमेरिका में बैठे अपराधियों के निर्देश पर काम कर रहे थे। विदेश में बैठे ये हैंडलर पंजाब में अपने नेटवर्क के जरिए हथियारों की सप्लाई करवा रहे थे और गैंगस्टरों को मजबूत करने में लगे हुए थे। बीकेआई के सक्रिय सदस्य हो चुके अरेसट पुलिस ने बताया कि इससे पहले इसी मामले में बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़े दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था। इन लोगों ने विदेशी आकाओं के निर्देश पर बलाचौर के पास तीन ग्रेनेड और एक विस्फोटक उपकरण लगाया था। बाद में यही विस्फोटक हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ थाना क्षेत्र में हुए धमाके में इस्तेमाल किया गया था। इसके अलावा, गिरफ्तार आरोपी गढ़शंकर में एक ट्रैवल एजेंट के घर पर गोलीबारी और उगाही की घटना में भी शामिल पाए गए हैं। यह वारदात भी उन्होंने विदेश में बैठे अपने आकाओं के कहने पर अंजाम दी थी। एसएसओसी अमृतसर में मामला दर्ज पुलिस ने इस मामले में अमृतसर स्थित स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल में केस दर्ज कर लिया है और पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए जांच तेज कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया जाएगा। यह कार्रवाई दिखाती है कि पंजाब में अवैध हथियारों और विदेशी नेटवर्क के खिलाफ पुलिस लगातार सख्त कदम उठा रही है, ताकि कानून व्यवस्था को मजबूत रखा जा सके।

नई एक्साइज पॉलिसी की मंजूरी, अब इस शहर के पेट्रोल पंप पर मिलेगी शराब

 चंडीगढ़ चंडीगढ़ में अब शराब खरीदना और भी आसान हो जाएगा. चंडीगढ़ प्रशासन ने नई एक्साइज पॉलिसी 2026-27 को मंजूरी दे दी है. इस नई नीति में बड़ा बदलाव ये है कि अब शराब सिर्फ पुरानी ठेकों पर ही नहीं, बल्कि पेट्रोल पंपों, शॉपिंग मॉल्स और लोकल मार्केट्स में भी बिक सकेगी. इसके अलावा बड़े डिपार्टमेंटल स्टोर्स भी विदेशी शराब, वाइन और बीयर बेच सकेंगे।  इसके साथ ही सरकार ने कुछ जरूरी नियम भी बनाए हैं. अब हर शराब की दुकान पर डिजिटल पेमेंट (कार्ड और POS मशीन) अनिवार्य कर दिया गया है. बार, होटल और रेस्टोरेंट में अल्कोहल मीटर (शराब जांचने वाली मशीन) लगाना भी जरूरी होगा, ताकि लोग जिम्मेदारी से शराब पी सकें. कुल मिलाकर नई नीति में सुविधा बढ़ाने के साथ-साथ पारदर्शिता और बेहतर नियंत्रण पर भी जोर दिया गया है।  डिजिटल पेमेंट होगा जरूरी नई नीति में पारदर्शिता और निगरानी को मजबूत करने के लिए कई तकनीकी प्रावधान किए गए हैं। अब सभी शराब दुकानों पर डिजिटल पेमेंट की सुविधा अनिवार्य होगी, जिसमें कार्ड और पीओएस मशीन का उपयोग करना जरूरी रहेगा। इसके साथ ही बार, होटल और रेस्टोरेंट में अल्कोहल मीटर लगाने का प्रावधान किया गया है, ताकि शराब की मात्रा और गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन का मानना है कि इन कदमों से जिम्मेदारी के साथ शराब सेवन को बढ़ावा मिलेगा और नियमों के पालन में भी आसानी होगी। नई नीति में 97 दुकानों को मंजूरी नई एक्साइज नीति के तहत चंडीगढ़ में कुल 97 शराब दुकानों को मंजूरी दी गई है। भारतीय शराब, बीयर और वाइन की कीमतों में अधिकतम 2 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है। इसके अलावा शराब की सप्लाई करने वाले वाहनों में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य किया गया है, जिससे परिवहन प्रक्रिया पर नजर रखी जा सके। बोटलिंग प्लांट को सप्ताह में छह दिन संचालन की अनुमति दी गई है। साथ ही सीसीटीवी कैमरों और लाइव मॉनिटरिंग के जरिए पूरी व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। पारदर्शिता और नियंत्रण पर फोकस प्रशासन का कहना है कि नई नीति से जहां लोगों को शराब खरीदने में सुविधा मिलेगी, वहीं अवैध गतिविधियों पर भी रोक लगेगी। संगठित खुदरा स्थानों पर बिक्री की अनुमति मिलने से उपभोक्ताओं को सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल मिलेगा। सरकार का उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाते हुए नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना है। माना जा रहा है कि यह नीति उपभोक्ताओं की सुविधा, राजस्व वृद्धि और नियंत्रण व्यवस्था को बेहतर बनाने में सहायक साबित होगी।  चंडीगढ़ में कुल 97 शराब की दुकानें मंजूर की गई हैं. भारतीय शराब, बीयर और वाइन पर अधिकतम 2 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है. शराब ले जाने वाली गाड़ियों में GPS ट्रैकिंग लगाना अनिवार्य होगा. बोतलिंग प्लांट अब हफ्ते में 6 दिन काम कर सकेंगे. CCTV और लाइव मॉनिटरिंग के जरिए निगरानी सख्त की जाएगी।  सरकार का कहना है कि नई पॉलिसी से लोगों को शराब आसानी से मिल सकेगी और साथ ही अवैध कामों पर भी लगाम लगेगी. प्रशासन का उद्देश्य इससे न केवल शराब की खरीद को आसान बनाना है, बल्कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता भी सुनिश्चित करना है. संगठित खुदरा स्थानों पर बिक्री की अनुमति से उपभोक्ताओं को एक सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण मिलेगा, जहां वे आसानी से शराब खरीद सकेंगे। 

LPG उपभोक्ताओं के लिए राहत: पंजाब में 3-4 दिन में डिलीवरी, बुकिंग के नियम तय

बठिंडा. डिप्टी कमिश्नर राजेश धीमान ने जिले में घरेलू गैस, पेट्रोल और डीजल की सप्लाई स्थिति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए। इस दौरान तेल कंपनियों के अधिकारियों ने बताया कि जिले में घरेलू गैस, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। गैस सिलेंडर की डिलीवरी बुकिंग के 3-4 दिनों के भीतर की जा रही है और पेट्रोल पंपों व गैस एजेंसियों को सप्लाई सामान्य रूप से जारी है। अधिकारियों ने यह भी जानकारी दी कि सरकारी निर्देशों के अनुसार अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, फार्मास्युटिकल उद्योग, बीज प्रोसेसिंग यूनिट्स, मछली पालन और एयरलाइन/रेलवे कैंटीनों को कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों को बड़ी राहत तेल कंपनियों के बिक्री अधिकारियों ने बताया कि पहले ग्रामीण क्षेत्रों में गैस बुकिंग का समय 45 दिन था, जिसे अब घटाकर 25 दिन कर दिया गया है। इससे उपभोक्ताओं को काफी राहत मिली है। कालाबाजारी रोकने के लिए सख्ती डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि घरेलू गैस की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें रोजाना अलग-अलग स्थानों पर जांच कर किसी भी गैर-कानूनी गतिविधि पर नजर रख रही हैं। घबराने की जरूरत नहीं: DC डिप्टी कमिश्नर राजेश धीमान ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जिले में गैस और ईंधन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने सलाह दी कि गैस बुकिंग 25 दिन पहले ही कराएं और सिलेंडर डिलीवरी कोड के जरिए ही लें। साथ ही उन्होंने लोगों से यह भी अपील की कि जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक अपना KYC पूरा नहीं किया है, वे संबंधित गैस एजेंसियों या ऑनलाइन माध्यम से जल्द से जल्द KYC प्रक्रिया पूरी करें।

पुराना मामला बना फंदा: 8 साल बाद विजिलेंस ने रिटायर्ड JE को किया गिरफ्तार

मानसा. मानसा जिले में नहरी निर्माण कार्य में गड़बड़ी और गबन के मामले में विजिलेंस विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सेवानिवृत्त कनिष्ठ अभियंता को गिरफ्तार किया है। यह मामला वर्ष 2018 से जुड़ा हुआ है, जिसमें निर्माण कार्य के दौरान घटिया सामग्री के उपयोग और सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि हुई है। विजिलेंस विभाग के निरीक्षक नगिंदर सिंह ने बताया कि गांव बच्छोआना निवासी अमरीक सिंह ने शिकायत दी थी कि गांव में बनाए तीन नहरी मोघों के निर्माण में गुणवत्ता के साथ समझौता किया गया है। शिकायत मिलने के बाद विभाग की तकनीकी टीमों ने मौके पर जाकर जांच की, जिसमें निर्माण कार्य में घटिया सामग्री इस्तेमाल होने की पुष्टि हुई। निर्माण में 5 लाख का गबन किया गया जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इस पूरे प्रकरण में करीब साढ़े पांच लाख रुपये का गबन किया गया है। तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर विजिलेंस विभाग ने 25 मार्च को कार्रवाई करते हुए पंजाब वाटर रिसोर्स मैनेजमेंट डेवलपमेंट से जुड़े दो सेवानिवृत्त अधिकारियों समेत कुल पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। इसी कार्रवाई के तहत विभाग के सेवानिवृत्त कनिष्ठ अभियंता हरचरण सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड लिया जाएगा, ताकि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की गहराई से जांच की जा सके। अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापमारी जारी विजिलेंस विभाग का कहना है कि इस मामले में नामजद किए गए अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में चाहे आरोपी सेवा में हो या सेवानिवृत्त, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्रवाई से संदेश देने की कोशिश की गई है कि सरकारी कार्यों में गड़बड़ी करने वालों पर देर-सवेर कार्रवाई जरूर होती है। स्थानीय लोगों ने भी इस कदम का स्वागत कर उम्मीद जताई है कि ऐसे मामलों में सख्ती से कार्रवाई जारी रहनी चाहिए, ताकि विकास कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे।

प्रशासनिक बदलाव: बठिंडा निगम की कमान लवजीत के हाथ, विकास कार्यों में आएगी तेजी

बठिंडा. बठिंडा नगर निगम को नई कमिश्नर मिल गई हैं। पंजाब सरकार ने पीसीए अधिकारी लवजीत क्लसी को नगर निगम का नया कमिश्नर नियुक्त किया है। वह शुक्रवार यानी आज या फिर सोमवार को अपना कार्यभार संभाल सकती हैं। उनकी नियुक्ति को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि उन्हें शहर के कामकाज का पहले से अच्छा अनुभव है। लवजीत क्लसी इससे पहले बठिंडा में अतिरिक्त उपायुक्त ग्रामीण और बीडीए में सहायक प्रशासक के रूप में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। इस कारण उन्हें स्थानीय स्तर की प्रशासनिक व्यवस्था, विकास कार्यों और लोगों की समस्याओं की अच्छी समझ है। अधिकारियों का मानना है कि उनके अनुभव का सीधा लाभ नगर निगम के कामकाज को मिलेगा और लंबे समय से लंबित पड़े कार्यों में तेजी आएगी। सरकार ने मौजूदा व्यवस्था में बदलाव करते हुए कंचन से नगर निगम कमिश्नर का अतिरिक्त प्रभार वापस ले लिया है। पिछले कई महीनों से कंचन के पास यह जिम्मेदारी अतिरिक्त रूप से थी और वह अपनी नियमित ड्यूटी के साथ निगम का काम भी देख रही थीं। अब इस बदलाव के बाद प्रशासनिक जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण किया गया है। स्थायी कमिश्नर की नियुक्ति से योजनाएं जल्द पूरी होंगी नई व्यवस्था के तहत अतिरिक्त उपायुक्त सामान्य और अतिरिक्त उपायुक्त ग्रामीण को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, ताकि प्रशासनिक कार्य सुचारू रूप से चलते रहें और किसी प्रकार की बाधा न आए। अधिकारियों का कहना है कि स्थायी कमिश्नर की नियुक्ति से नगर निगम के कामकाज में स्थिरता आएगी और योजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी। शहर में लंबे समय से स्थायी कमिश्नर की नियुक्ति का इंतजार किया जा रहा था। ऐसे में अब नई नियुक्ति से लोगों को उम्मीद है कि सफाई व्यवस्था, बुनियादी ढांचे के विकास और नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि योजनाओं को सही दिशा में लागू किया गया, तो शहर के विकास को नई गति मिल सकती है। अब सभी की नजरें नई कमिश्नर के कार्यभार संभालने और उनकी प्राथमिकताओं पर टिकी हैं।

आरोपों के बीच बड़ा फैसला: SDM बबनदीप वालिया का तबादला फाजिल्का में

चंडीगढ़. पंजाब सरकार की ओर से आज जिन 9 आईएएस और पीसीएस अफसरों का तबादला किया गया है, उनमें से एक नाम बाघापुराना के एसडीएम बबनदीप सिंह वालिया का भी है, जिन्होंने पिछले दिनों मुख्य सचिव से अपने एडीसी पर पंचायत समिति के चुनाव में खास उम्मीदवारों को जितवाने के लिए दबाव बनाने की शिकायत की थी। बबनदीप सिंह का यह शिकायती पत्र सोशल मीडिया पर वायरल खूब वायरल हुआ, जिस पर हाई कोर्ट ने नाराजगी जताई थी। अब बबनदीप को नए आदेशों में एसडीएम बाघापुराना के पद से हटाकर मुख्यमंत्री फील्ड अधिकारी फाजिल्का में लगा दिया गया है। इस मामले ने उस समय तूल पकड़ा, जब पंचायत समिति के 15 सदस्यों ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि 17 मार्च को जब वे अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में हिस्सा लेने के लिए अन्य निर्दलीय सदस्यों के साथ पहुंचे, तो उन्हें बीडीपीओ कार्यालय में अवैध रूप से बंधक बना लिया गया। वापस लिया फैसला याचिकाकर्ताओं ने स्वयं को शिरोमणि अकाली दल से संबंधित बताया। इस केस की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने डीसी और एसडीएम को भी पेश करने के आदेश दिए और मंगलवार को हुई। सुनवाई के दौरान एसडीएम के पेश होने पर अदालत ने सबसे पहले उस पत्र पर सवाल उठाया, जो मुख्य सचिव को लिखा गया था और बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। हाई कोर्ट ने एसडीएम से पूछा कि एक संवेदनशील पत्र सार्वजनिक कैसे हुआ। अदालत ने स्पष्ट कहा कि अगर उन पर किसी प्रकार का दबाव था तो उन्हें नियमानुसार अपने वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष मामला रखना चाहिए था। कोर्ट ने यह भी कहा कि एक जिम्मेदार सरकारी अधिकारी से इस तरह की कार्यप्रणाली की अपेक्षा नहीं की जा सकती। साथ ही अदालत ने यह भी पूछा कि यदि पत्र में लगाए गए आरोप सही साबित नहीं होते तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। इस पर एसडीएम ने अदालत को बताया कि उन्होंने यह पत्र दबाव में आकर लिखा था। हालांकि, कोर्ट ने इस जवाब पर असंतोष जताते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में अधिकारी के पास अवकाश लेने या सीधे मुख्य सचिव से मिलकर अपनी बात रखने का विकल्प भी था। अदालत ने दोहराया कि संस्थागत व्यवस्था के भीतर ही समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। हाई कोर्ट की बेहद तीखी टिप्पणी के बाद राज्य सरकार ने आज जिन नौ अधिकारियों का तबादला किया है, जिनमें बबनदीप सिंह भी शामिल हैं।  

ड्रग्स माफिया के खिलाफ मोगा पुलिस का अभियान, गांव-गांव में छापेमारी

मोगा. मोगा जिले के निहाल सिंह वाला क्षेत्र में नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए विशेष अभियान चलाया। यह अभियान पंजाब पुलिस के उच्च अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार वीरवार को चलाया गया, जिसमें क्षेत्र के कई गांवों में व्यापक स्तर पर तलाशी अभियान चलाया गया। थाना निहाल सिंह वाला पुलिस की अगुआई उप पुलिस अधीक्षक अनवर अली द्वारा की गई। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार तथा मोगा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेशों के तहत पूरे इलाके में नशा तस्करों के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। इस दौरान पुलिस की अलग-अलग टीमें बनाकर विभिन्न गांवों और संदिग्ध स्थानों पर तलाशी ली गई। उप पुलिस अधीक्षक ने जानकारी दी कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इस दौरान किसी प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री या नशे से संबंधित वस्तु बरामद होती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कई थानों की पुलिस ने किया जॉइंट सर्च इस विशेष अभियान में थाना निहाल सिंह वाला के अलावा मोगा, बधनी कलां और अजीतवाल थानों की पुलिस टीमों ने भी भाग लिया। सभी टीमों ने मिलकर समन्वय के साथ अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की, जिससे अभियान को प्रभावी बनाया जा सके। अधिकारियों ने नशा तस्करों और अन्य अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि वे तुरंत ऐसे कार्य बंद कर दें। यदि कोई व्यक्ति इन गतिविधियों में संलिप्त पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले समय में जारी रहेंगे सर्च ऑपरेशन इस मौके पर थाना निहाल सिंह वाला के प्रभारी निरीक्षक राज सिंह, बधनी कलां के प्रभारी निरीक्षक गुरमेल सिंह सहित अन्य पुलिस अधिकारी और जवान मौजूद रहे। पुलिस प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में भी इस तरह के अभियान जारी रहेंगे, ताकि क्षेत्र में कानून व्यवस्था को मजबूत किया जा सके और नशे के नेटवर्क पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके।

Punjab University का ग्लोबल कमाल: QS रैंकिंग में 901–950 पायदान पर पहुंची

चंडीगढ़. पंजाब यूनिवर्सिटी ने क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में अपने प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है। इस वर्ष विश्वविद्यालय ने कई विषयों में बेहतर रैंक हासिल करते हुए कुल छह विषयों में अपनी उपस्थिति बनाए रखी है। फिजिक्स और एस्ट्रोनॉमी विषय में पीयू ने बड़ी छलांग लगाते हुए 501–550 रैंक बैंड से सुधार कर 451–500 बैंड में जगह बनाई है। वहीं हॉस्पिटैलिटी एंड लीजर मैनेजमेंट विषय को 151–175 रैंक बैंड में स्थान मिला है, जो संस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। इसके अलावा फार्मेसी एंड फार्माकोलॉजी 201–250 रेंज में बरकरार है। बायोलॉजिकल साइंसेज 651–700 और केमिस्ट्री 601–700 बैंड में स्थिर बनी हुई हैं। आईक्यूएसी की डायरेक्टर प्रो. सोनल सिंघल ने कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के निरंतर शोध कार्य और अकादमिक गुणवत्ता में सुधार का परिणाम है। वहीं, कुलपति प्रो. रेनू विग ने बताया कि ओवरऑल रैंकिंग में भी पीयू ने प्रगति करते हुए 2025 के 1001–1200 बैंड से 2026 में 901–950 बैंड में स्थान हासिल किया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अब शोध और शिक्षण गुणवत्ता को और मजबूत करने पर फोकस कर रहा है, जिससे वैश्विक स्तर पर पहचान और सशक्त होगी।