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CM मान की प्रतिक्रिया: पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट चुनाव परिणाम जनता की जीत

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राजधानी चंडीगढ़ स्थित पंजाब विश्वविद्यालय (Punjab University) के सीनेट चुनाव के कार्यक्रम को मंजूरी दिए जाने को राज्य के लिए ‘‘शानदार जीत'' करार दिया है। मान ने X पर एक पोस्ट में कहा कि यह संस्थान केवल एक विश्वविद्यालय नहीं है, बल्कि पंजाब की विरासत है। मुख्यमंत्री ने आंदोलन में भाग लेने वाले शिक्षकों, छात्रों और संकाय सदस्यों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने ‘भारी दबाव' को झेला और महीने भर चले आंदोलन के दौरान अपना जज्बा नहीं टूटने दिया। मान ने कहा, ‘‘छात्र, शिक्षक, संकाय सदस्य और सभी पंजाबी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने संघर्ष जारी रखा और अंततः उनका संघर्ष रंग लाया।'' उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने पंजाब विश्वविद्यालय (Punjab University) के सीनेट चुनाव कार्यक्रम को बृहस्पतिवार को मंजूरी दे दी। उपराष्ट्रपति पंजाब विश्वविद्यालय (PU) के कुलाधिपति भी हैं। यह घटनाक्रम छात्रों द्वारा सीनेट चुनाव कार्यक्रम घोषित करने की मांग को लेकर किये जा रहे जोरदार प्रदर्शन के बीच हुआ है। यह चुनाव एक वर्ष से अधिक समय से नहीं हुआ है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, चुनाव सात सितंबर 2026 से चार अक्टूबर 2026 तक कराये जाएंगे। उपराष्ट्रपति सचिवालय से पंजाब विश्वविद्यालय (Punjab University) की कुलपति रेणु विग को भेजे गए पत्र में लिखा है, ‘‘मुझे यह सूचित करने का निर्देश दिया गया है कि माननीय उपराष्ट्रपति और पंजाब विश्वविद्यालय (Punjab University) के कुलाधिपति ने उपरोक्त पत्र में प्रस्तावित सीनेट चुनाव के कार्यक्रम को मंजूरी दे दी है।''   विश्वविद्यालय की कुलपति ने इससे पहले कुलाधिपति को पत्र लिखकर सीनेट चुनाव कार्यक्रम की मंजूरी मांगी थी। पंजाब विश्वविद्यालय (Punjab University) बचाओ मोर्चा के बैनर तले पीयू के छात्र चुनाव कार्यक्रम की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। पंजाब के कई राजनीतिक दलों आम आदमी पार्टी (आप), शिरोमणि अकाली दल (शिअद), कांग्रेस, साथ ही संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा जैसे किसान संगठनों ने छात्रों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया था।

भगवंत मान का जापान को आमंत्रण: पंजाब में बड़े निवेश की संभावनाएँ खुलीं

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज जापान के साथ उन्नत निर्माण, गतिशीलता, इलेक्ट्रॉनिक्स, फूड प्रोसेसिंग, नवीकरणीय ऊर्जा और वैश्विक सेवाओं जैसे प्रमुख क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी की वकालत की. मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के साथ जापान के एक हाई लेवल डेलिगेशन के साथ वर्चुअल विचार-विमर्श किया, जिसमें जापानी दूतावास, जेट्रो, जे.सी.सी.आई.आई. और भारत भर में कार्यरत 25 से ज्यादा प्रमुख जापानी कंपनियां जैसे पैनासोनिक, सुमितोमो, निप्पॉन, एनईसी, टोयोटा आदि शामिल थी. यह विचार-विमर्श 13 से 15 मार्च 2026 को इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आई.एस.बी.), मोहाली में आयोजित होने वाले 6वें प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर समिट से पहले पंजाब की अंतरराष्ट्रीय पहुंच का महत्वपूर्ण हिस्सा था. 'इन्वेस्ट पंजाब' ने राज्य के इकोनॉमिक सेक्टर के साथ-साथ एक ही प्राधिकरण के तहत कई विभागों की क्षमताओं को एकीकृत करने वाले अनूठे इन्वेस्ट पंजाब यूनिफाइड रेगुलेटरी मॉडल को प्रदर्शित किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब वह भूमि है, जो साहस, लचीलापन, कड़ी मेहनत, उद्यमशीलता, रचनात्मकता और सामुदायिक साझेदारी के लिए जानी जाती है. उन्होंने कहा कि पंजाब ने हमेशा भारत के विकास में, विशेष रूप से देश को खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाई है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज पंजाब आधुनिक उद्योग, प्रौद्योगिकी और वैश्विक सहयोग के मोर्चे पर अग्रणी केंद्र बनने के लिए नए दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रहा है.   'जापानी कंपनियों ने पंजाब में…' मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने मुख्य संबोधन में जापानी उद्योग के साथ पंजाब के मजबूत और बढ़ते संबंधों पर जोर दिया और जापानी कंपनियों को पंजाब के औद्योगिक परिवर्तन के अगले चरण का हिस्सा बनने के लिए निमंत्रण दिया. उन्होंने कहा कि पंजाब और जापान विश्वास, अनुशासन और दीर्घकालिक साझेदारी की मूल्यों को साझा करते हैं, जो राज्य के लिए बहुत अहम हैं. जापानी कंपनियों ने पंजाब में पहले से ही मजबूत पकड़ बना ली है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का मकसद हमारे युवाओं के लिए नए मौके पैदा करने के साथ-साथ निवेशकों के लिए स्थिर और विश्वसनीय वातावरण सुनिश्चित करना है. जापानी इंडस्ट्री के साथ पंजाब की साझेदारी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ये संबंध पहले से ही मजबूत हैं और नई दिशाओं की ओर बढ़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि जापान की कई मशहूर कंपनियों ने पंजाब में अपना भरोसा दिखाया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पैकेजिंग और औद्योगिक उत्पादों में टोपन और ओजी होल्डिंग्स ने मजबूत पकड़ बनाई है, जबकि रसायन और पेंट में कंसाई नेरोलैक और निसान केमिकल ने सफलतापूर्वक कदम बढ़ाए हैं. उन्होंने आगे कहा कि कृषि और मशीनरी में यानमार एग्रीकल्चर मशीनरी और क्लास इंडिया ने पंजाब में अपना भरोसा दिखाया है. रिटेल और उपभोक्ता उत्पादों में यूनिक्लो ने जापानी गुणवत्ता हमारे लोगों तक पहुंचाई है.    भगवंत मान ने कहा, "नवीकरणीय ऊर्जा में मित्सुई एंड कंपनी हमारे हरित नजरिए में योगदान दे रही है और यह साझेदारी स्थिरता, कौशल और विकास के प्रति पंजाब की प्रतिबद्धता में जापानी निवेशकों द्वारा दिखाए गए भरोसे को दर्शाती है." राज्य में उभरती नई संभावनाओं की खोज के लिए जापानी कंपनियों को आमंत्रित करते हुए सीएम मान ने कहा, "पंजाब का भविष्य उन्नत विनिर्माण, गतिशीलता, इलेक्ट्रॉनिक्स, फूड प्रोसेसिंग, नवीकरणीय ऊर्जा और वैश्विक सेवाओं पर केंद्रित है. ये वे प्रमुख सेक्टर हैं, जहां जापान की क्षमताएं और पंजाब की संभावनाएं स्वाभाविक रूप से मेल खाती हैं."  उन्होंने निवेशकों को 6वें प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर समिट में शामिल होने का न्योता दिया और कहा कि यह सम्मेलन पंजाब की प्रगति पर प्रकाश डालेगा, प्रमुख औद्योगिक दिग्गजों को एक मंच पर लाएगा और साझेदारी व सहयोग के नए अवसर पैदा करेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब और जापान विश्वास, गुणवत्ता और दीर्घकालिक प्रतिबद्धता के मूल्यों को साझा करते हैं और राज्य सरकार इस रिश्ते को और गहरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मजबूत आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों के जरिए समृद्ध भविष्य सृजन के लिए हमेशा तैयार है.

शहर में अनियंत्रित अवैध PG संचालित, प्रशासन के आदेश भी बेअसर

अमृतसर  शहर में अवैध रूप से पी.जी. चलाने के मामले थम नहीं रहे हैं। गुरु नगरी के पॉश एरिया ग्रीन एवेन्यू, जनता कालोनी, रणजीत एवेन्यू-ए, बी, सी, डी, रानी का बाग, गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के सामने कबीर पार्क के इलाके के अलावा व इसके आस-पास सटे क्षत्रों में अवैध ढंग से काफी धड़ल्ले से पी.जी का धंधा चलाया जा रहा है। इन पी.जी में रहते लोग किन-किन क्षेत्रों संबंधित है और उनकी पहचान क्या है? ये एक बहुत बड़ी जांच का विषय है। पुलिस के पास उपलब्ध नहीं है पूरी जानकारी सूत्र बताते है कि इस संबंधी पूरी जानकारी क्षेत्रों से संबंधित पुलिस के पास भी उपलब्ध नहीं है। बता दें कि अभी कुछ दिन पहले ही पुलिस उच्च अधिकारी ने एक विज्ञप्ति जारी कर पी.जी व रहने वाले लोगों व किराए के मकानों में रह रहे लोगों को पूरी जानकारी देने की अपील की थी, वहीं सबंधित पुलिस चौकी या थाने के अधिकारी का भी फर्ज बनता है कि उसके अधीन आते इलाकों में किराएदार व पीजी में रहने वालों का पूरा विवरण अपने रिकार्ड में रखे। हाला कि पाया गया है कि अधिकांश पुलिस अधिकारी इन आदेशों को गंभीरता से नहीं लेते और उनके पास इलाकों में चल रहे वैध या अवैध पी.जी की पूरी जानकारी ही नहीं है। निरंतर बढ़ रही है अवैध पी.जी की संख्या पंजाब केसरी ने इस सबंध में पहले भी इस सारे मामले प्रति अवगत करवाया था, परंतु सबंधित प्रशासान के सिर से जूं तक नहीं सरकी और नतीजा वहीं एक ढाक के तीन पात वाला ही है। लिहाजा अब समय रहते इन क्षेत्रों में इन अवैध पी.जी की संख्या देखते ही देखते समय रहते काफी बढ़ गई है। अगर शहर में केवल कुछ ही इलाकों जैसे कि सिर्फ जनता कालोनी, ग्रीन एवेन्यू सी-बलाक, रणजीत एवेन्यू के सभी ब्लाकों के अलावा गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के सामने कबीर पार्क, खासला कालेज के सामने मोहिनी पार्क, खंडवाला, न्यू माडल टाऊन आदि के इलाकों की ही बात की जाए, तो उक्त इलाकों में ही ऐसे कई अवैध पी.जी खुल चुके है, जिसमें कई अज्ञात युवक-युवतियों के अलावा अधेड़ आयु तक के लोग रह रहे है।  सबसे खास व हैरानीजनक पहलू यह है कि इन पी.जी में रह रहे लोगों की पहचान क्या है? और वो किन गावों व कस्बों से आए है, इस प्रति पी.जी के अधिकांश मालिकों व संबंधित पुलिस प्रशासन को भी पूरी तरह से पता नहीं है। विशेष बात यह है कि ये युवक-युवतियां व लोग यहां पर क्या करते है, इस बारे में भी शायद पी.जी के मालिकों को पता नहीं? इन मालिकों को तो बस प्रतिमाह इनसे पैसे (किराया) चाहिए और उक्त क्षेत्र से संबंधित पुलिस भी इस प्रति पूरी तनदेही से कार्रवाई नहीं करती दिखती।   पी.जी व किराए पर रहते लोगों की वैरीफेशन होती है अनिवार्य कानूनन पी.जी में रहते किसी भी व्यक्ति की पुलिस वैरीफीकेशन अनिवार्य होती है। इसकी खास तौर से जिम्मेदारी पी.जी मालिक की भी बनती है, लेकिन ग्रीन एवेन्यू व जनता कालोनी में पुलिस अधिकारी व पी.जी मालिक इस कानून को खुद ही ठेगा दिखाते हुए इसकी धज्जियां उड़ा रहे है। इससे साफ है कि उक्त कानून को सख्ती से लागू करवाने को लेकर सरकारी मशीनरी खासी सुस्त पड़ी है। हैरानीजनक पहलू यह है किर इन्ही क्षत्रों में विगत कुछ समय से चोरी व लूट-पाट की वारदातों में खासी वृद्धि आंकी गई है। इसके बावजूद भी पुलिस इस प्रति चेती नहीं है। इसके बावजूद पुलिस भी इन पी.जी मालिकों पर कोई भी शिकंजा नहीं कसती, या फिर बात कुछ और है? ये ऐसा तब है जब राज्य में विगत दिनों पी.जी मे रह रहे अज्ञात लोगों द्वारा अपराध जगत में कई संगीन वारदातों को अंजाम दिया जाता रहा है, परंतु इसके बावजूद उक्त अंकित क्षेत्रों के पुलिस प्रशासन द्वारा इस प्रति उदासीनता रवैया अपनाना कई प्रकार के सवालों को जन्म दे रहा है। विशेष बात यह है कि जब इस प्रति सबंधित पुलिस या प्रशासन से पूछा जाता है, तो उनका एकमात्र एक ही रटा-रटाया यहीं दावा होता है कि वे ऐसे लोगों की जानकारियां एकत्र करवा रहे है और ये कार्रवाई जल्द ही पूरी कर ली जाएगी, परंतु इसकी पूरी जानकारी कब तक पुलिस रिकार्ड में सल्पित होगी? ये शायद बताने की जरूरत नहीं है। रणजीत एवेन्यू में ही चल रहे है कई अवैध पी.जी सूत्र बताते हैं कि ग्रीन एवेन्यू सी ब्लाक व इसके पास स्थित जनता कालोनी तथा रणजीत एवेन्यू के अलावा मोहिनी पार्क में ही कई ऐसे अवैध पी.जी चल रहे है, जिनका पूरा डेटा संबंधित पुलिस चौकी के पास भी उपलब्ध नहीं है। पता चला है कि पुलिस प्रशासन इस प्रति सख्ती से कार्रवाई नहीं कर रहा है, इससे साफ है कि अधिकारी खुद ही कानून को ठेगा दिखा रहे है। वहीं दूसरा पहलू यह है कि जब कोई बड़ी दुर्घटना घटती है तो ही पुलिस प्रशासन इस प्रति चेतता है। प्रश्न यहां यह है कि इस खुलासे के बावजूद पुलिस इस खुलासे पर कार्रवाई कब शुरू करेगी।  

LPG उपभोक्ताओं ध्यान दें: पंजाब सरकार ने नए नियम किए लागू, जानें क्या बदला

लुधियाना केंद्रीय पैट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा घरेलू गैस की कालाबाजारी और दुरुपयोग के खिलाफ नकेल कसने के लिए नोटिफिकेशन जारी किया गया है जिसमें उपभोक्ताओं को अब उनके द्वारा संबंधित गैस एजैंसी कार्यालय में रजिस्टर्ड करवाए गए मोबाइल नंबर पर प्राप्त होने वाले ओ.टी.पी (डी.ए.सी) कोड देने के बाद ही गैस सिलेंडर की सप्लाई मिल सकेगी। भारत की प्रमुख इंडेन गैस कंपनी द्वारा जारी किए गए नोटिफिकेशन से कमर्शियल स्थान पर घरेलू गैस सिलैंडर का इस्तेमाल करने वाले दुकानदारों एवं गैस की पलटी, कालाबाजारी करने वाले गैस माफिया को बड़ा झटका लगने जा रहा है, वहीं घरों में एक साथ चलने वाले मल्टीपल गैस कनैक्शनों का पत्ता भी साफ हो सकेगा। अरुण इंडेन गैस सर्विस के प्रमुख अरुण अग्रवाल ने केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा शुरू की गई उक्त योजना का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार की इस पहलकदमी से न केवल घरेलू गैस की कालाबाजारी और पलटी का कारोबार बंद होगा बल्कि गैस की पलटी के दौरान होने वाले जानलेवा हादसो में होने वाली बेगुनाह लोगों की मौतों का सिलसिला भी थम सकेगा।

उत्तर भारत में बढ़ेगी सर्दी, पंजाब के लिए मौसम विज्ञान का येलो अलर्ट

जालंधर  पहाड़ों के उपरी इलाकों में हो रही बर्फबारी के चलते मैदानी इलाकों में सर्दी अपना रंग दिखाने लगी है। इसके चलते पंजाब का न्यूनतम तापमान 4 डिग्री तक पहुंच गया है। वहीं, महानगर जालंधर में न्यूनतम तापमान 7-8 डिग्री तक रिकार्ड किया गया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के चंडीगढ़ केन्द्र द्वारा 27 नवम्बर के लिए पंजाब के कई जिलों में यैलो अलर्ट घोषित किया गया है, जिसमें जालंधर भी शामिल है। महानगर में दिन व रात के समय ठंड का असर अधिक देखने को मिल रहा है और सुबह-शाम चल रही ठंडी हवाओं के चलते दो-पहिया वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, सुबह तड़कसार हलकी धुंध भी देखी जा सकती है। जालंधर में बुधवार को न्यूनतम तापमान 7-8 डिग्री जबकि अधिकतम तापमान 22 डिग्री दर्ज किया गया। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 1 तिहाई का अंतर है। इन आकड़ों के मुताबिक दिन व रात के तापमान में 14 डिग्री तक का अंतर देखने को मिल रहा है, जोकि आमतौर पर दिसंबर अंत में देखने को मिलता है। न्यूनतम तापमान में 1-2 डिग्री की गिरावट दर्ज हुई जिसके चलते ठंड में बढ़ौतरी हुई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार सर्दी ने दिसंबर से पहले ही दस्तक दे दी है, इसी क्रम में अगले माह के पहले सप्ताह में एकाएक बदलाव देखने को मिलेंगे। वहीं, हिमाचल के उपरी इलाकों में बर्फबारी का सीधा प्रभाव पंजाब के मैदानी इलाकों में देखने को मिल रहा है। पंजाब के कई इलाकों में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री तक पहुंच गया है, इस क्रम में फरीदकोट में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री, अमृतसर में 7.5, लुधियाना में 6.4, बठिंडा में 6, होशियारपुर में 6.4 डिग्री तापमान रिकार्ड किया गया। अधिकतम तापमान में बठिंडा एयरपोर्ट का तापमान 27.7 डिग्री रिकार्ड हुआ जबकि लुधियाना में 23.2, अमृतसर में 22.4 डिग्री तापमान अधिकतम रहा। पहाड़ों में बर्फबारी बढ़ने से ठंड का असर बढ़ता हुआ देखने को मिल सकता है। वहीं, दोपहर के समय ठंड में बढ़ौतरी होगी और धूप कम होती नजर आएगी। मौजूदा समय में शहरों में धुंध का हलका असर देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में दिसंबर के पहले सप्ताह शहरों पर भी धुंध का प्रभाव बढ़ेगा और जनजीवन अस्त-व्यस्त होगा।   बाहरी इलाकों में धुंध का अलर्ट मौसम विभाग द्वारा हरियाणा, दिल्ली व चंडीगढ़ में धुंध को लेकर अलर्ट जारी किया गया है व इसी क्रम में पंजाब के बार्डर एरिया व बाहरी इलाकों में धुंध संबंधी अलर्ट बताया गया है। महानगर के कई इलाकों में सुबह के समय हलकी धुंध देखने को मिल रही है। इसी क्रम में रेलवे स्टेशन पर धुंध का असर देखा जा सकता है। धुंध के चलते वाहन चालकों को सावधानी से वाहन चलाने की हिदायतें दी गई है। खासतौर पर खेतों के साथ लगते इलाकों में सुबह व रात को धुंध का असर देखने को मिलेगा।

लाइसेंस बनवाने पर बड़ा झटका! पंजाब में बढ़ी दिक्कतें, नई शर्तों से परेशानी

लुधियाना पंजाब सरकार की नई होम डिलीवरी लाइसैंस सेवा शुरुआत के कुछ ही दिनों में सवालों के घेरे में आ गई है। लोगों का कहना है कि सरकार ने सुविधा तो शुरू कर दी लेकिन व्यवस्थाएं कमजोर होने के कारण लाभ नहीं मिल पा रहा। लोगों ने बताया कि वे 1073 हैल्पलाइन नंबर पर बुकिंग करा लेते हैं और उन्हें मैसेज भी मिल जाता है कि निर्धारित तारीख पर कर्मचारी दस्तावेज लेने या लाइसैंस संबंधी प्रक्रिया के लिए घर आएगा लेकिन तय समय बीत जाने के बाद भी कोई नहीं पहुंचता। कई लोग 2-2- बार बुकिंग कराने के बावजूद हफ्तों से इंतजार कर रहे हैं।  5 नवम्बर को की थी बुकिंग, आज तक कोई नहीं आया  आरती नामक महिला ने बताया कि उन्होंने 5 नवम्बर को लर्निंग लाइसैंस के लिए होम सर्विस बुक कराई थी। मैसेज भी आ गया था कि कर्मचारी जल्द पहुंचेगा लेकिन अब तक कोई नहीं आया। उन्होंने कहा कि यह सुविधा शुरू तो कर दी गई है लेकिन इसका लाभ तभी मिलेगा जब सिस्टम ठीक से काम करे। इसी तरह मनप्रीत सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे के लर्निंग लाइसैंस के लिए अप्वाइंटमैंट ली थी। उन्हें लगातार मैसेज आ रहे हैं कि उनकी बुकिंग कन्फर्म है और कर्मचारी जल्द पहुंचेगा लेकिन असल में कोई नहीं आता। इससे लोग और ज्यादा परेशान हो रहे हैं।  लोग बोले- सरकार समय सीमा तय करे  लोगों का कहना है कि सेवा के नाम पर उन्हें केवल इंतजार कराया जा रहा है। टोल-फ्री नंबर पर भी समाधान नहीं मिलता। कॉल करने पर ऑप्रेटर केवल यही बताते हैं कि जल्द कर्मचारी आ जाएगा या मामला आगे भेज दिया गया है। नागरिकों ने मांग की है कि सरकार यह स्पष्ट करे कि बुकिंग के बाद कर्मचारी कितने समय में पहुंचेगा। एक तय समय सीमा होने से लोगों को उम्मीद रहेगी और परेशानी कम होगी।  प्रशासन का दावा : बुकिंग ज्यादा, समय से सर्विस देना मुश्किल  वहीं, अधिकारियों का कहना है कि अभी सेवा प्रारंभ हुई है और बुकिंग उम्मीद से कहीं अधिक आ रही है। यही वजह है कि टीम हर बुकिंग तक समय पर नहीं पहुंच पा रही। विभाग का कहना है कि स्टाफ बढ़ाने और व्यवस्थाओं को सुचारू करने की प्रक्रिया जारी है, ताकि जल्द सभी शिकायतें दूर की जा सकें।

साफ पानी की भारी कमी: NGT ने पंजाब के इन शहरों को दिया कड़ा आदेश

पटियाला/चंडीगढ़ नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की प्रिंसिपल बेंच ने ज़ीरकपुर, बनूड़ और राजपुरा क्षेत्र के निवासियों को साफ पीने का पानी उपलब्ध न कराने को लेकर पंजाब सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। ट्रिब्यूनल ने सरकार की कार्यशैली पर गंभीर नाराज़गी जताई। मुख्य सचिव को जिम्मेदारी तय करने के निर्देश NGT की बेंच ने पंजाब के मुख्य सचिव को आदेश दिया है कि वे इस मामले में देरी के लिए ज़िम्मेदारी तय करें और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई शुरू करें। एडवोकेट सुनेना ने 2022 में इस मामले में NGT में मूल याचिका दायर की थी। रिपोर्टों में सामने आया है कि इस क्षेत्र में दूषित पानी की सप्लाई के कारण लोग हैजा, पीलिया, टाइफॉइड, उल्टियां, पेट दर्द, डिहाइड्रेशन और त्वचा रोग जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। कई इलाकों में पानी पीने योग्य मानकों पर खरा नहीं उतर रहा। जुलाई 2023 के आदेश के ढाई साल बाद भी हालात जस के तस हैं—लोग अभी भी अत्यधिक दूषित पानी का उपयोग करने को मजबूर हैं और महंगा बोतलबंद पानी खरीदकर पी रहे हैं। NGT का त्वरित राहत आदेश NGT ने तात्कालिक राहत देते हुए राजपुरा नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी और पंजाब जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड के निदेशक को आदेश दिया है कि जब तक पानी की गुणवत्ता सुधर नहीं जाती, तब तक रोज़ाना टैंकरों के माध्यम से साफ पीने का पानी उपलब्ध कराया जाए। अधिकारियों को 2 फरवरी 2026 को अगली सुनवाई में वर्चुअली उपस्थित होकर अनुपालन रिपोर्ट पेश करनी होगी। AMRUT योजना का कार्य भी अधूरा राजपुरा नगर परिषद के अध्यक्ष नरिंदर शास्त्री ने NGT को बताया कि भाखड़ा ब्रांच से पानी की सप्लाई तो हो रही है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। वहीं, AMRUT योजना के तहत चल रहा प्रोजेक्ट भी अभी अधूरा है।  

रजिस्ट्री करानी है? सरकार ने जारी किया नया हेल्पलाइन नंबर, एक कॉल में मिलेगी सुविधा

पंजाब ​​ पंजाब के सी.एम. भगवंत मान द्वारा  फतेहगढ़ साहिब के तहसील ऑफिस से राज्य स्तरीय ईजी रजिस्ट्री प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई है। इस दौरान संबोधन करते हुए सी.एम. मान कहा कि अब लोगों को रजिस्ट्री करवाने के लिए दफ्तरों में चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि लोग अब हेल्पलाइन 1076 पर कॉल करके अधिकारी को घर बुलाकर रजिस्ट्री करवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ईजी रजिस्ट्री प्रोजेक्ट की शुरुआत सबसे पहले मोहाली से की गई थी। पहले मोहाली में इसे ड्राई रन किया गया और फिर इसका उद्घाटन किया गया। उन्होंने कहा कि लोगों को सुविधा देने के लिए पंजाब सरकार लगातार फैसले ले रही है।  सी.एम. मान ने कहा कि फतेहगढ़ साहिब पवित्र धरती है और हम चाहते हैं कि जैसे हमारे शहीदों की कुर्बानी पवित्र है, वैसे ही इस पवित्र भूमि पर सभी काम भी पवित्र हों। उन्होंने कहा कि हमें गुरु साहिब के दिखाए रास्ते पर चलना चाहिए। 

पंजाब में जापानी निवेश को मिलेगा बढ़ावा, CM मान बोले– राज्य को बनाएं उद्योगों की पहली पसंद

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जापान के साथ उन्नत निर्माण, गतिशीलता, इलेक्ट्रॉनिक्स, फूड प्रोसेसिंग, नवीकरणीय ऊर्जा और वैश्विक सेवाओं जैसे प्रमुख क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी की वकालत की. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब वह भूमि है जो साहस, लचीलापन, कड़ी मेहनत, उद्यमशीलता, रचनात्मकता और सामुदायिक साझेदारी के लिए जानी जाती है.मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब ने हमेशा भारत के विकास में, विशेष रूप से देश को खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज पंजाब आधुनिक उद्योग, प्रौद्योगिकी और वैश्विक सहयोग के मोर्चे पर अग्रणी केंद्र बनने के लिए नए दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रहा है. 2026 में मोहाली में बड़ा आयोजन यह विचार-विमर्श 13 से 15 मार्च 2026 को इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आई.एस.बी.), मोहाली में आयोजित होने वाले 6वें प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर समिट से पहले पंजाब की अंतरराष्ट्रीय पहुंच का महत्वपूर्ण हिस्सा था. इन्वेस्ट पंजाब ने राज्य के आर्थिक क्षेत्र के साथ-साथ एक ही प्राधिकरण के तहत कई विभागों की क्षमताओं को एकीकृत करने वाले अनूठे इन्वेस्ट पंजाब यूनिफाइड रेगुलेटरी मॉडल को प्रदर्शित किया. पंजाब के उद्योग में जापानी कंपनियां मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में जापानी उद्योग के साथ पंजाब के मजबूत और बढ़ते संबंधों पर जोर दिया और जापानी कंपनियों को पंजाब के औद्योगिक परिवर्तन के अगले चरण का हिस्सा बनने के लिए हार्दिक निमंत्रण दिया. उन्होंने कहा कि पंजाब और जापान विश्वास, अनुशासन और दीर्घकालिक साझेदारी की मूल्यों को साझा करते हैं, जो राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं. भगवंत सिंह मान ने कहा कि जापानी कंपनियों ने पंजाब में पहले से ही मजबूत पकड़ बना ली है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य हमारे युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने के साथ-साथ निवेशकों के लिए स्थिर और विश्वसनीय वातावरण सुनिश्चित करना है. जापानी उद्योग के साथ पंजाब की साझेदारी पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि ये संबंध पहले से ही मजबूत हैं और नई दिशाओं की ओर बढ़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि जापान की कई प्रसिद्ध कंपनियों ने पंजाब में अपना भरोसा दिखाया है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि पंजाब के ऑटोमोटिव और विनिर्माण क्षेत्र में माज़दा, सुमितोमो, एसएमएल इसुज़ु, यानमार, आइची स्टील और गुनमा सीको ने अपने पैर पसार लिए हैं. टोपन और ओजी होल्डिंग्स की पकड़ मजबूत मुख्यमंत्री ने कहा कि पैकेजिंग और औद्योगिक उत्पादों में टोपन और ओजी होल्डिंग्स ने मजबूत पकड़ बनाई है, जबकि रसायन और पेंट में कंसाई नेरोलैक और निसान केमिकल ने सफलतापूर्वक कदम बढ़ाए हैं. उन्होंने आगे कहा कि कृषि और मशीनरी में यानमार एग्रीकल्चर मशीनरी और क्लास इंडिया ने पंजाब में अपना भरोसा दिखाया है. रिटेल और उपभोक्ता उत्पादों में यूनिक्लो ने जापानी गुणवत्ता हमारे लोगों तक पहुंचाई है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा में मित्सुई एंड कंपनी हमारे हरित दृष्टिकोण में योगदान दे रही है और यह साझेदारी स्थिरता, कौशल और विकास के प्रति पंजाब की प्रतिबद्धता में जापानी निवेशकों द्वारा दिखाए गए भरोसे को दर्शाती है. राज्य में उभरती नई संभावनाओं की खोज के लिए जापानी कंपनियों को आमंत्रित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब का भविष्य उन्नत विनिर्माण, गतिशीलता, इलेक्ट्रॉनिक्स, फूड प्रोसेसिंग, नवीकरणीय ऊर्जा और वैश्विक सेवाओं पर केंद्रित है. उन्होंने कहा कि ये वे प्रमुख क्षेत्र हैं जहां जापान की क्षमताएं और पंजाब की संभावनाएं स्वाभाविक रूप से मेल खाती हैं. उन्होंने निवेशकों को 6वें प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर समिट में शामिल होने का न्योता दिया. भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह सम्मेलन पंजाब की प्रगति पर प्रकाश डालेगा, प्रमुख औद्योगिक दिग्गजों को एक मंच पर लाएगा और साझेदारी व सहयोग के नए अवसर प्रस्तुत करेगा. जापान के साथ विश्वास और मूल्यों की साझेदारी मुख्यमंत्री मान ने कहा कि पंजाब और जापान विश्वास, गुणवत्ता और दीर्घकालिक प्रतिबद्धता के मूल्यों को साझा करते हैं और राज्य सरकार इस रिश्ते को और गहरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मजबूत आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों के माध्यम से समृद्ध भविष्य सृजन के लिए दृढ़ है. निवेशकों का धन्यवाद करते हुए भगवंत सिंह मान ने पंजाब के साथ उनके निरंतर संबंधों के लिए पूर्ण समर्थन और सहयोग की मांग की. इस दौरान कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि फास्टट्रैक पंजाब डिजिटल प्लेटफॉर्म अब 45 कार्य दिवसों के भीतर गारंटीड मंजूरियों के साथ 200 से अधिक कारोबारी सेवाएं प्रदान करता है, जिनमें कानूनी रूप से लागू ऑटो-डीम्ड मंजूरियां भी शामिल हैं. उन्होंने निवेशकों के लिए विश्वस्तरीय सुविधा सुनिश्चित करने के लिए उद्योग एवं वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन, बिजली और प्रवासी भारतीय मामलों में किए गए सुधारों को रेखांकित किया.  

शिवराज सिंह चौहान ने देखा पंजाब का पराली समाधान, जानें कैसे काम कर रहा है ये गांव

चंडीगढ़  केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान पंजाब दौरे पर हैं. यहां वे किसानों, मनरेगा लाभार्थियों और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यक्रमों में संवाद करने वाले हैं. इसी कड़ी में वे आज शिवराज चौहान मोगा के रणसिंह कलांपहुंचे. यहां उन्होंने किसानों के साथ बैठकर खाना खाया और मनरेगा में काम करने वाले लोगों से बातचीत की. इसके साथ ही उन्होंने यहां के पराली मैनेजमेंट को समझा. सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा “मैं पराली मैनेजमेंट पर हुए काम को देखना चाहता हूं, जहां पराली को जलाने के बजाय खेतों में मिलाया गया है. मैं इसे पूरे देश को दिखाना चाहता हूं. मैं अभी रणसिह कलां आया हूं, और यहां के लोगों का प्यार और स्नेह अद्भुत है.”   रणसिंह कलांमें पराली जलाना है बंद पंजाब के मोगा जिले का रणसिंह कलां गांव देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है. ऐसा इसलिए क्योंकि यहां के किसान एक तरह से मिसाल बन गए हैं. इस गांव के किसानों ने पिछले सालों से पराली नहीं जलाई गई है. यहां किसानों ने पराली को जलाना पूरी तरह से बंद कर दिया है. 2019 में पंचायत द्वारा पराली जलाने पर बैन लगाने के बाद से 150 किसानों ने 1301 एकड़ में खड़ी पराली को जलाए बिना खेतों की मिट्टी में मिला दिया. इससे मिट्टी उपजाऊ भी हुई है. इसके साथ ही खाद की मांग घट गई है. कैसे नष्ट हो रही पराली रणसिंह कलांगांव में किसानों ने पराली जलाने के बजाय इसे खेतों में ही खत्म करना शुरू कर दिया है. किसानों सुपर सीडर जैसी मशीनों का यूज करके पराली को मिट्टी में मिला रहे हैं. इसके अलावा किसान सोसायटी भी चला रहे हैं. इसके जरिए पराली को खेतों में मिलाने के लिए जरूरी उपकरण खरीदे गए हैं. जिनसे काम किया जा रहा है. रणसिंह कलां की इस पहल के बाद आसपास के गांव भी इसे अपना रहे हैं. यही वजह है कि खुद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी प्रणाली को देखने पहुंचे हैं. यहां उन्होंने किसानों से पूरी प्रक्रिया को समझा है. यहां किसानों को पराली न जलाने पर मुआवजा भी दिया जाता है. इसके साथ ही लकी ड्रा भी कराया जाता है.