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IPL से पहले पंजाब किंग्स का नया लुक, जर्सी में दिखेगी टीम की शक्ति और जज्बा

चंडीगढ़. आईपीएल 2026 के पहले चरण का कार्यक्रम जारी हो चुका है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने बुधवार को 19वें सीजन के शुरुआती मुकाबलों का कार्यक्रम घोषित किया। दुनिया की सबसे लोकप्रिय टी20 फ्रेंचाइजी लीग का यह सीजन 28 मार्च से शुरू होगा और पहले चरण के मुकाबले 12 अप्रैल तक खेले जाएंगे। पंजाब किंग्स ने आगामी इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 सीजन के लिए अपनी नई मैच जर्सी का अनावरण कर दिया है। नई जर्सी में पंजाब किंग्स के पारंपरिक सिग्नेचर रंग लाल और नीले का आकर्षक संयोजन देखने को मिलेगा। जर्सी के डिजाइन में टीम के प्रतीक शेर के निशान को प्रमुखता से दर्शाया गया है, जो टीम की ताकत और जुझारूपन का प्रतीक है। आईपीएल 2026 के दौरान पंजाब किंग्स के खिलाड़ी इसी नई जर्सी में मैदान पर उतरकर मुकाबले खेलते नजर आएंगे। टीम प्रबंधन के अनुसार जर्सी का डिजाइन टीम की पहचान और पंजाब की ऊर्जा को दर्शाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। नई जर्सी के साथ टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर की तस्वीर भी जारी की गई है।  बंगलूरू में होगा उद्घाटन मुकाबला टूर्नामेंट का पहला मैच 28 मार्च को बंगलूरू के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा, जहां गत चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) का सामना सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) से होगा। आरसीबी की टीम इस बार अपने खिताब का बचाव करने उतरेगी। आरसीबी ने 2025 में पंजाब किंग्स को हराकर पहली बार आईपीएल का खिताब जीता था। उद्घाटन मैच के अगले दिन रविवार को मुंबई इंडियंस और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच मुकाबला मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा। पहले चरण में 20 मैच, 10 शहरों में मुकाबले पहले चरण में कुल 20 मैच खेले जाएंगे। ये मुकाबले 10 अलग-अलग शहरों में आयोजित होंगे। इनमें बंगलूरू, मुंबई, गुवाहाटी, न्यू चंडीगढ़, लखनऊ, कोलकाता, चेन्नई, दिल्ली, अहमदाबाद और हैदराबाद शामिल हैं। इस अवधि में चार डबल-हेडर भी होंगे। डबल-हेडर के दौरान दो मैच एक ही दिन खेले जाएंगे। दोपहर का मैच भारतीय समयानुसार 3:30 बजे और शाम का मैच 7:30 बजे शुरू होगा। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु अपने 5 घरेलू मैच बंगलूरू में और 2 मैच रायपुर में खेलेगी। पंजाब किंग्स के 4 घरेलू मैच न्यू चंडीगढ़ में और 3 मैच धर्मशाला में होंगे। राजस्थान रॉयल्स के 3 घरेलू मुकाबले गुवाहाटी में और 4 मैच जयपुर में खेले जाएंगे।

PSEB के नए सचिव ने संभाली जिम्मेदारी, ट्रांसपेरेंट कामकाज पर दिया जोर

चंडीगढ़. पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड के नवनियुक्त सचिव केशव गोयल ( PCS) ने सचिव का पद संभाल लिया है। गोयल के स्वागत के लिए बोर्ड के अधिकारी/कर्मचारी और सचिव ऑफिस के PA स्टाफ मौजूद थे। केशव गोयल 2016 बैच के PCS ऑफिसर हैं जोकि श्री मुक्तसर साहिब जिले के मलौट शहर के रहने वाले हैं। अपने एडमिनिस्ट्रेटिव करियर के दौरान, उन्होंने कई अहम पदों पर काम किया है। SDM जलालाबाद (फाजिल्का) और SDM आनंदपुर साहिब के तौर पर काम करते हुए उन्होंने अपने कुशल और ट्रांसपेरेंट एडमिनिस्ट्रेटिव तरीके के लिए खास तारीफ पाई। इसके अलावा, उन्होंने साल 2022 में पंजाब सरकार के चीफ मिनिस्टर ऑफिस में भी काम किया है और पंजाब स्टेट कोऑपरेटिव सप्लाई एंड मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड (PUNSUP), इन्वेस्ट पंजाब और वेरका जैसे अलग-अलग सरकारी संगठनों में AMD के तौर पर भी अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं। अलग-अलग डिपार्टमेंट में अपनी सर्विस के दौरान गोयल ने सरकार की बड़ी योजनाओं को ग्राउंड लेवल पर असरदार तरीके से लागू करने में एक्टिव भूमिका निभाई और एडमिनिस्ट्रेशन में ट्रांसपेरेंसी और अकाउंटेबिलिटी को सुनिश्चित बनाया। पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड के सेक्रेटरी का चार्ज संभालने के बाद गोयल ने पंजाब सरकार का धन्यवाद किया और कहा कि पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड राज्य की एक बहुत जरूरी संस्था है, बोर्ड के कामकाज को पूरी तरह ट्रांसपेरेंट, रूल-बेस्ड और असरदार बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सारा काम नियमों के हिसाब से होगा और ऑफिस के काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि कर्मचारियों से जुड़े मामलों को सुना जाएगा और उन्हें हल किया जाएगा और कर्मचारियों के लिए एक पॉज़िटिव और स्ट्रेस-फ्री काम का माहौल बनाए रखने की कोशिश की जाएगी, ताकि अधिकारी और कर्मचारी बिना किसी रुकावट के प्रोफेशनल तरीके से अपनी जिम्मेदारियां निभा सकें। बोर्ड ने भरोसा जताया कि केशव गोयल की लीडरशिप में, पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड का काम और ज़्यादा असरदार, ट्रांसपेरेंट और अकाउंटेबल बनेगा और पूरे पंजाब में एजुकेशन सर्विस की डिलीवरी और मजबूत होगी। उन्होंने यह भी कहा कि दसवीं और बारहवीं क्लास की चल रही परीक्षाओं के दौरान पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड द्वारा किए गए सभी इंतज़ामों पर कड़ी नजर रखी जाएगी।

सरहद पर गरजा MiG-29! एयर चीफ ने पाकिस्तान बॉर्डर के पास खुद संभाली कमान

जालंधर. चीफ आफ द एयर स्टाफ (सीएएस) अमरप्रीत सिंह वीरवार को आदमपुर एयरफोर्स स्टेशन पहुंचे। इस मौके पर फारवर्ड एयरबेस से मिकोयान मिग-29 यूपीजी पर आपरेशनल फार्मेशन सार्टी उड़ाई। आदमपुर एयरफोर्स स्टेशन भारतीय वायुसेना के सबसे पुराने और महत्वपूर्ण बेसों में से एक है। पाकिस्तान सीमा के नजदीक होने की वजह से किसी भी एमरजेंसी हालात में इसे फर्स्ट रिस्पांडर में देखा जाता है। आपरेशन सिंदूर के दौरान यहीं से पाकिस्तान को धूल चटाई और उनकी ड्रोन गतिविधियों की ध्वस्त किया। आपरेशन सिंदूर के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खुद यहां आए थे। वायु सेना की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक मिग 29 की उड़ान से इंडियन एयर फोर्स की फ्रंटलाइन आपरेशनल यूनिट्स के साथ लीडरशिप के जुड़ाव की पुष्टि हुई। फॉर्मेशन को फ्लाइट लेफ्टिनेंट परविंदर सिंह ने लीड किया। रिकवरी से पहले, फार्मेशन ने रनवे पर एक स्मार्ट पील-आफ मेनूवर किया, जिसमें सटीक उड़ान और स्क्वाड्रन द्वारा बनाए गए आपरेशनल ट्रेनिंग के हाई स्टैंडर्ड्स को दिखाया गया। बेस के एयर वॉरियर्स ने आपरेशनल तैयारी का हाई लेवल बनाए रखा और विजिट के दौरान उड़ान से जुड़ी एक्टिविटीज में एक्टिवली हिस्सा लिया। कमांडिंग आफिसर ने चीफ आफ द एयर स्टाफ को स्क्वाड्रन की आपरेशनल भूमिका मिग-29 यूपीजी प्लेटफार्म की बढ़ी हुई क्षमताओं और यूनिट की समृद्ध विरासत के बारे में जानकारी दी। स्क्वाड्रन 1963 में अपने इंडक्शन के 63 वर्ष पूरे करने वाला है, जो देश के आसमान की सुरक्षा में सेवा के एक लंबे और शानदार इतिहास को दिखाता है। चीफ आफ द एयर स्टाफ ने एयरक्रू, टेक्नीशियन और ग्राउंड स्टाफ से भी बातचीत की और काम्बैट प्लेटफार्म की लगातार आपरेशनल तैयारी पक्का करने में टेक्निकल और स्पोर्ट स्टाफ की अहम भूमिका को माना। इसके अलावा, उन्होंने आस-पास के इलाकों के वेटरन से भी मुलाकात की और एयर फोर्स कम्युनिटी के साथ उनके लगातार जुड़ाव और इसकी परंपराओं में उनके हमेशा रहने वाले योगदान के लिए उनकी तारीफ की।

ड्रग नेटवर्क पर वार: लंबे समय से फरार भुवनेश चोपड़ा उर्फ आशीष पंजाब पुलिस के हत्थे चढ़ा

चंडीगढ़ पंजाब पुलिस ने सीमा पार संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी भुवनेश चोपड़ा उर्फ आशीष को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से की गई। पुलिस के अनुसार आरोपी फिरोजपुर में हुए चर्चित ट्रिपल मर्डर केस और कई नारकोटिक्स तस्करी मामलों में वांछित था। पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस कार्रवाई की जानकारी दी। डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि आरोपी की अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों पर नजर रखने और उसकी आवाजाही पर रोक लगाने के लिए उसके खिलाफ रेड नोटिस और लुक-आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किया गया था। पुलिस के मुताबिक, लगातार अंतरराष्ट्रीय समन्वय के बाद उसकी लोकेशन मध्य एशिया के एक देश में ट्रेस की गई। इसके बाद उसे वहां से डिपोर्ट कराया गया। जैसे ही वह भारत पहुंचा, उसे इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पर उतरते ही गिरफ्तार कर लिया गया। जांच एजेंसियों के अनुसार, भुवनेश चोपड़ा उर्फ आशीष पाकिस्तान से पंजाब में मादक पदार्थों की तस्करी कराने वाले नेटवर्क का एक अहम कड़ी था। वह लंबे समय से पाकिस्तान से ड्रग्स की खेप पंजाब में पहुंचाने में मदद कर रहा था और कानून से बचने के लिए पहले विदेश भाग गया था। पुलिस के अनुसार, ड्रग्स तस्करी के अलावा चोपड़ा अगस्त 2024 में फिरोजपुर में हुए ट्रिपल मर्डर का भी मुख्य साजिशकर्ता है। इस घटना में एक युवती समेत तीन लोगों की मौत हो गई थी। बताया गया कि यह वारदात आरोपी चोपड़ा और पीड़ितों में से एक दिलदीप सिंह के बीच चल रही पुरानी रंजिश के चलते हुई थी। पुलिस का कहना है कि चोपड़ा की गिरफ्तारी विदेश में बैठे उन अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है, जो बाहर रहकर भारत में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिलवाते हैं। इस ऑपरेशन में हाल ही में गठित ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्स्ट्राडिशन सेल (ओएफटीईसी) ने अहम भूमिका निभाई। अधिकारियों के अनुसार, चोपड़ा की गिरफ्तारी से फिरोजपुर और आसपास के सीमावर्ती जिलों में ड्रग्स की तस्करी के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को बड़ा झटका लगेगा। इससे सीमा पार से होने वाली मादक पदार्थों की तस्करी पर भी असर पड़ने की उम्मीद है। पंजाब पुलिस ने यह स्पष्ट किया है कि कानून से भागने वाले अपराधियों को, चाहे वे भारत में हों या विदेश में छिपे हों, न्याय के कटघरे में लाने के लिए कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस का कहना है कि राज्य में संगठित अपराध और ड्रग तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा।

मिडिल ईस्ट तनाव से पंजाब उद्योग पर संकट, ‘5 दिन बंद’ की चेतावनी से हड़कंप

चंडीगढ़ ईरान-इजरायल जंग के बीच गैस सप्लाई प्रभावित होने का असर अब पंजाब पर भी दिखने लग पड़ा है। एशिया की सबसे बड़ी लोहा नगरी मंडी गोबिंदगढ़ की इंडस्ट्री भी इससे प्रभावित होने लगी है। गैस कंपनियों ने यहां की इंडस्ट्रियल यूनिट्स को मिलने वाली गैस सप्लाई में करीब 70 परसेंट की कटौती कर दी है। इसके साथ ही गैस की कीमतें भी बढ़ा दी गई हैं, जिससे इंडस्ट्रियलिस्ट काफी चिंता में हैं। इंडस्ट्रियलिस्ट का कहना है कि ऐसे में इंडस्ट्री हफ्ते में सिर्फ 2 दिन ही चल पाएगी और बाकी 5 दिन इंडस्ट्री को बंद रखना पड़ सकता है। ऑल इंडिया स्टील री-रोलर्स एसोसिएशन, नई दिल्ली के प्रधान विनोद वशिष्ठ ने बताया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने नोटिस जारी कर पूरी इंडस्ट्री को PNG पर चलाने का निर्देश दिया है। पहले इंडस्ट्री को जरूरत से करीब 20 परसेंट ज्यादा शराब मिलती थी यानि करीब 120 परसेंट सप्लाई होती थी पर अब जरूरी गैस में करीब 50 परसेंट कट लगा दिया गया है। ऐसे हालात में इंडस्ट्री हफ्ते में मुश्किल से 2 दिन ही चल सकेगी और इंडस्ट्री को 5 दिन बंद भी करना पड़ सकता है।      उन्होंने बताया PNG पर इंडस्ट्री चलाने के लिए नई भट्टी लगाने पर डेढ़ से दो करोड़ रुपये का खर्च आता है। अगर ऐसी भट्टी में कोयले का प्रयोग किया जाए तो ये खराब हो जाती है और फिर नई भट्टी लगानी पड़ती है। ऐसे में इंडस्ट्री के लिए बार-बार इतना बड़ा इन्वेस्टमेंट करना संभव नहीं है। इंडस्ट्रियलिस्ट ने केंद्र और पंजाब सरकार से मांग की है कि जब तक गैस सप्लाई स्थिर नहीं हो जाती तब तक कम से कम एक साल के लिए कोयले और अन्य ईंधन के इस्तेमाल की इजाजत दी जाए। उन्होंने ये भी मांग की है कि पूरे देश में इंडस्ट्री के लिए एक जैसी पॉलिसी बनाई जाए, ताकि कॉम्पिटिशन में बराबरी रहे और डस्ट्री को राहत मिल सके।

बारिश और ठंडी हवाओं से पंजाब में ठंड की वापसी, 14-15 मार्च को कई जिलों में बरसेंगे बादल

पंजाब आज सुबह से पंजाब के कई इलाकों में बादल छाए हुए हैं और साथ ही तेज हवाएं भी चल रही हैं। इस कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। वहीं बता दें कि आज सुबह-सुबह अमृतसर में अचानक मौसम बदल गया। इस दौरान अमृतसर में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हुई जिस कारण मौसम सुहावना हो गया। बारिश के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। बता दें कि आज पंजाब के कई इलाकों में हल्की बारिश के आसार हैं।   मौसम विभाग ने 14 मार्च तक के मौसम को लेकर जानकारी सांझा की है। विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में भारी बारिश के आसार हैं। इसके बाद तापमान में गिरावट आएगी और ठंड का एहसास होगा। वहीं आज से कई इलाकों में हल्के बादल छाए रहेंगे और कभी भी बारिश हो सकती है। बारिश की संभावना मौसम विभाग के मुताबिक एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस 14 के बाद एक्टिव हो सकता है। इसके चलते होशियारपुर, रूपनगर और पठानकोट में गरज के साथ हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। वहीं 15 मार्च को मौसम और बदलेगा जिस कारण जालंधर, होशियारपुर, अमृतसर, कपूरथला, नवांशहर, रूपनगर, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, गुरदासपुर और पठानकोट में मध्यम बारिश की संभावना है।    

“सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस: SC ने पवन बिश्नोई और जगतार सिंह को जमानत दी”

चंडीगढ़  पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्या मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है. सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी पवन बिश्नोई और जगतार सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए दोनों आरोपियों को राहत दी है. कोर्ट ने पवन बिश्नोई और जगतार सिंह दोनों को जमानत दे दी है. जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने दोनों आरोपियों को राहत देते हुए जमानत दे दी है. दोनों पर 2022 में हुई सिद्धू मूसेवाला की हत्या की साजिश और उससे जुड़े मामलों में आरोप लगाए गए थे. पवन बिश्नोई और जगतार सिंह पर हत्याकांड में शूटरों को बोलेरो गाड़ी मुहैया कराने का आरोप लगा था और चार्जशीट में दोनों के तार बिश्नोई गैंग और गोल्डी बराड़ से जोड़े गए थे. सुनवाई में क्या-क्या हुआ? जांच अधिकारियों ने आरोप लगाया था कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्य इस हत्या में शामिल थे. कनाडा के गैंगस्टर गोल्डी बरार ने हत्या की ज़िम्मेदारी ली थी और कहा जाता है कि वह लॉरेंस बिश्नोई का करीबी साथी है. आज सुनवाई के दौरान, पवन बिश्नोई के वकील ने दलील दी कि उनके क्लाइंट के खिलाफ आरोप सिर्फ़ जुर्म में इस्तेमाल की गई बोलेरो गाड़ी का इंतज़ाम करने तक ही सीमित था. वकील ने कहा, आरोप यह है कि मैंने (पवन बिश्नोई) वह बोलेरो दी थी जिसका इस्तेमाल क्राइम में हुआ. बेंच ने कहा कि बिश्नोई जेल में ज़्यादा सुरक्षित रहेगा. यह आपकी अपनी सुरक्षा के लिए है कि आपको जेल में रहना चाहिए. बिश्नोई के वकील ने कहा कि उनके क्लाइंट का गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से कोई कनेक्शन नहीं है. सिर्फ़ टाइटल मैच करता है. मेरा लॉरेंस बिश्नोई से कोई और रिश्ता नहीं है. राज्य ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि पिटीशनर को मर्डर में इस्तेमाल की गई गाड़ी का इंतज़ाम करने के लिए सह-आरोपियों से 41 कॉल आए थे. बिश्नोई के वकील ने क्या कहा? आरोप का जवाब देते हुए, बिश्नोई के वकील ने कहा कि दूसरों ने कथित तौर पर हथियार सप्लाई किए थे लेकिन उनके खिलाफ़ चार्जशीट नहीं की गई थी और इस बात पर ज़ोर दिया कि उनके क्लाइंट से कोई रिकवरी नहीं हुई है. वकील ने कहा, मेरे क्लाइंट का रोल लिमिटेड है. उन्हें अंदर आए हुए तीन साल और दस महीने हो गए हैं. मैं रेगुलर बेल मांग रहा हूं. कोर्ट ने प्रॉसिक्यूशन से यह भी पूछा कि जेल के अंदर से मोबाइल फोन का इस्तेमाल कैसे किया जा रहा था. यह तब हुआ जब स्टेट ने कहा कि क्राइम की प्लानिंग के दौरान आरोपी और को-आरोपी के बीच कई कॉल हुई थीं. बेंच ने पूछा, जेल में मोबाइल फोन का इस्तेमाल कैसे किया गया? आपके जेल अधिकारी भी साज़िश में शामिल हैं? ट्रायल किस स्टेज पर है? स्टेट ने जवाब दिया कि केस अभी सबूत रिकॉर्ड करने के स्टेज पर है और प्रोटेक्टेड गवाहों ने पहले ही आरोपी के खिलाफ गवाही दे दी है. इससे पहले, साल 2023 में आरोपी पवन बिश्नोई और जगतार सिंह ने मनसा की स्थानीय अदालत में जमानत की अर्जी लगाई थी, लेकिन कोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया था. वहीं पवन बिश्नोई ने कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखते हुए खुद को निर्दोष बताया था और दावा किया था कि मामले की जांच कर रही पुलिस उन्हें जबरन फंसाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने किसी को भी कार मुहैया नहीं कराई थी. हालांकि सरकारी पक्ष ने गैंगस्टर की मदद और हत्याकांड को अंजाम देने में मदद करने को घिनौना कृत्य बताते हुए जमानत देने का विरोध किया था और कोर्ट ने भी दोनों की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था. हालांकि अब सुप्रीम कोर्ट से दोनों को जमानत मिल चुकी है. बता दें कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या 29 मई, 2022 को हुई थी. सिंगर गाड़ी से घर से कुछ ही दूरी पर निकले थे और तभी कुछ अज्ञात हमलावरों ने सिंगर पर ताबड़तोड़ फायरिंग की और मौके पर ही सिंगर की मौत हो गई थी. हमले की जिम्मेदारी खुद लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने सोशल मीडिया पर फेसबुक पेज के जरिए ली थी. उन्होंने सिद्धू की हत्या को अपने भाई विक्की मिड्डखेड़ा की मौत का बदला कहा था. विक्की मिड्डखेड़ा की हत्या के बाद पुलिस की जांच में सामने आया था कि जिन शूटर्स ने विक्की की हत्या की थी, उन्हें गायक सिद्धू मूसेवाला के मैनेजर शगनप्रीत सिंह ने किसी फ्लैट में ठहरने की जगह दी थी, जिसके बाद ही सिंगर बिश्नोई गैंग के निशाने पर थे.

UPSC इंटरव्यू मार्क्स पर घमासान: पंजाब विधानसभा में उठा मामला, जांच रिपोर्ट तलब

चंडीगढ़ स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने ग्यासपुरा से सभी तथ्य व आंकड़े उपलब्ध करवाने को कहा। स्पीकर ने कहा कि यह काफी गंभीर मसला प्रतीत हो रहा है, लिहाजा क्रमिक विभाग को निर्देशित किया जाएगा कि वे यूपीएससी से संपर्क करे। इस दौरान पायल सीट से आप विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने यूपीएससी पर दलित प्रत्याशियों को इंटरव्यू में देने वाले नंबरों में हेरफेर करने का आरोप लगाते हुए कुछ प्रत्याशियों के आंकड़े सदन में प्रस्तुत किए। स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने ग्यासपुरा से सभी तथ्य व आंकड़े उपलब्ध करवाने को कहा। स्पीकर ने कहा कि यह काफी गंभीर मसला प्रतीत हो रहा है, लिहाजा क्रमिक विभाग को निर्देशित किया जाएगा कि वे यूपीएससी से संपर्क करे और पिछले 10 वर्षों का ब्रेकअप ले ताकि यह देखा जा सके कि दलित बच्चों ने परीक्षा में कितने अंक लिए हैं और इंटरव्यू में उन्हें कितने अंक मिले हैं।विधायक ग्यासपुरा ने कहा कि यह दलित समुदाय के बच्चों को आगे न बढ़ने देने की विकृत सोच है जिसे उन्होंने सदन में आंकड़ों और तथ्यों समेत उजागर किया है। विधायक ने पेश किए आंकड़े सदन में विधायक ग्यासपुरा ने दो प्रत्याशियों के अंकों को बिना उनका नाम रखा। उन्होंने बताया कि एक दलित अभ्यर्थी ने लिखित परीक्षा में 766 अंक लिए मगर उसे इंटरव्यू में 112 अंक दिए गए। इसके बाद उसका मेरिट रैंक 878 बन गया। उसी परीक्षा में सामान्य छात्र ने 725 अंक लिए मगर इंटरव्यू में उसे 194 अंक मिले। इसके बाद उसकी मेरिट 879 पहुंच गई। एक अन्य मामले में एससी और सामान्य दोनों अभ्यर्थियों ने लिखित परीक्षा में 821-821 अंक हासिल किए। इंटरव्यू में सामान्य अभ्यर्थी को 210 अंक मिले और इससे उसकी मेरिट 1031 पहुंच गई। वे टॉप 10 रैंकिंग में आ गया जबकि एससी अभ्यर्थी को इंटरव्यू में 124 अंक मिले और वे 945 मेरिट रैंक पर रुक गया। आस्था जैन का विवाद भी उठाया पिछले साल सामान्य अभ्यर्थी कैटेगरी में 186 रैंक लेकर आईपीएस बनी आस्था जैन से जुड़ा नया विवाद भी सदन में उठाया गया। विधायक ने बताया कि यह अभ्यर्थी पहले सामान्य वर्ग से आईपीएस बनीं और अब आर्थिक रूप से कमजोर (ईडब्ल्यूएस) का सर्टिफिकेट लगाकर यूपीएससी की परीक्षा अच्छे रैंक से फिर पास कर ली। विधायक ग्यासपुरा ने बताया कि इस तरह चलता रहा तो दलित बच्चों को आगे बढ़ने का मौका कभी नहीं मिलेगा।

हिमाचल गाड़ियों पर एंट्री टैक्स की चर्चा से सियासत गरम, पंजाब विधानसभा में गूंजा मामला

चंडीगढ़   हिमाचल प्रदेश के पंजीकृत वाहनों पर पंजाब सरकार एंट्री टैक्स लगाने की संभावनाएं तलाश रही है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बुधवार को विधानसभा में यह इस संबंध में जानकारी दी है। एक सवाल के जवाब में चीमा ने कहा कि स्थानीय निकाय, लोक निर्माण विभाग और कानूनी विशेषज्ञों की इस पर राय ली जाएगी और अगर प्रावधान होगा तो एंट्री टैक्स लगाया जाएगा।   उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व वाली हिमाचल प्रदेश सरकार की अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों पर प्रवेश शुल्क में अत्यधिक वृद्धि करने के लिए कड़ी आलोचना की और कहा कि हिमाचल सरकार की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है। इस कारण वह दूसरे राज्यों के लोगों पर इस तरह के बोझ डाल रहे हैं। चीमा ने बुधवार को विधायक दिनेश चड्ढा के एक प्रश्न के जवाब में यह बात कही थी, जिन्होंने पूछा था कि क्या हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर राज्य में प्रवेश करने वाले वाहनों पर सरकार एंट्री टैक्स लगाने पर विचार कर रही है या नहीं, इस बारे में जानकारी दी जानी चाहिए। चीमा ने कहा कि एक राष्ट्र एक कर सिद्धांत के तहत कोई भी राज्य दूसरे राज्य पर कोई कर नहीं लगा सकता लेकिन हिमाचल की कांग्रेस सरकार ने अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों पर प्रवेश शुल्क 70 से बढ़ाकर 170 रुपये प्रति वाहन कर दिया है जबकि अधिकतर पंजाबी पड़ोसी राज्य हिमाचल में यात्रा करते हैं। चीमा ने कहा कि हिमाचल सरकार की स्थिति ऐसी है कि कर्मचारियों के महंगाई भत्ते को रोक दिया गया है और नई भर्तियां बंद कर दी गई हैं। गरीबों को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की योजना भी बंद कर दी गई है। खराब वित्तीय स्थिति के कारण ही एंट्री टैक्स बढ़ा दिया है। चीमा ने कहा कि वह स्थानीय निकाय और लोक निर्माण मंत्री से संबंधित कानूनों का अध्ययन कराने का आग्रह करेंगे ताकि यह पता चल सके कि हिमाचल में पंजीकृत वाहनों पर एंट्री टैक्स लगा सकते हैं या नहीं। पिछले महीने एंट्री टैक्स में बढ़ोतरी के बाद हिमाचल सीमा के निकट पंजाब के गांवों के लोगों में काफी रोष है। विधायक दिनेश चड्ढा ने कहा कि हिमाचल की तरह ही पंजाब को भी यह टैक्स लगाना चाहिए।

ड्रग्स के खिलाफ पुलिस की सख्त स्ट्राइक, अफीम के साथ तस्कर काबू

लुधियाना. नशा तस्करों के विरुद्ध छेड़ी गई मुहिम के तहत लुधियाना पुलिस को उस समय बड़ी सफलता हाथ लगी, जब एक गुप्त सूचना के आधार पर की गई नाकेबंदी के दौरान आधा किलो अफीम बरामद की गई। पुलिस ने इस मामले में एक तस्कर को दबोच लिया है, जबकि उसका दूसरा साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में कामयाब रहा। मिली जानकारी के अनुसार एएसआई (ASI) जसविंदर सिंह अपनी पुलिस पार्टी के साथ 11 मार्च को इलाके में गश्त और संदिग्धों की चेकिंग के संबंध में रवाना थे। इसी दौरान पुलिस को एक मुखबिर खास ने पुख्ता सूचना दी कि कुछ तस्कर नशे की खेप लेकर गुजरने वाले हैं। सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने वेरका नहर पुल के नजदीक बिजली दफ्तर के पास घेराबंदी कर दी। पुलिस टीम ने मौके पर घेरा डालकर आरोपी कपिल खन्ना को काबू कर लिया। जब उसकी तलाशी ली गई, तो उसके कब्जे से 500 ग्राम अफीम बरामद हुई। हालांकि, इस कार्रवाई के दौरान उसका साथी सुरजीत सिंह पुलिस को चकमा देकर मौके से फरार होने में सफल रहा। पुलिस ने आरोपी कपिल खन्ना को हिरासत में लेकर दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फरार आरोपी सुरजीत सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह नशे की खेप कहां से लाई गई थी और इसे आगे किन ग्राहकों को सप्लाई किया जाना था।