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LPG की कमी से बढ़ी चिंता: पंजाब में 10 हजार शादियों पर असर, सरकार लाई एक्शन प्लान

लुधियाना. खाड़ी देशों में बने युद्ध के हालात के मद्देनजर पंजाब में भी रसोई गैस की किल्लत गहरा सकती है। इसी के चलते सूबे के विभिन्न जिलों में लोगों के बीच खलबली का माहौल है। पंजाब सरकार हरकत में आ गई है। इसी स्थिति के मद्देनजर सरकार ने कालाबाजारी पर निगरानी और कार्रवाई के आदेश दे दिए हैं। सीएम भगवंत मान ने भी बारे में खाद्य आपूर्ति मंत्री से हालता पर चर्चा कर वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट ली। इस युद्ध का असर पंजाब में रसोई गैस सिलिंडरों की उपलब्धता पर पड़ता दिख रहा है। विभिन्न जिलों में लोगों की भीड़ रसोई गैस एजेंसियों के बाहर लगनी शुरू हो गई है। विधानसभा में मंत्री कटारूचक्क ने बताया कि उन्हें सूचना मिली है कि आने वाली दिनों में पंजाब में करीब 10 हजार शादियां होनी वाली हैं और लोगों को यह चिंता सता रही है कि बिना रसोई गैस सिलिंडर ये शादियां कैसे निपटेंगी। प्रदेश में संभावित बिगड़ते हालात के चलते बुधवार को मंत्री कटारूचक्क् ने इंडियन ऑयल कंपनी, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के आला अफसरों और महकमे के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान तेल कंपनियों से रसोई गैस व व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की स्थिति संबंधी जानकारी मांगी गई। मंत्री ने बताया कि तेल कंपनियों ने फिलहाल आश्वस्त किया है कि अभी किसी तरह की कोई किल्लत नहीं है। मंत्री ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और न ही सिलिंडरों व तेल का स्टॉक करने का प्रयास करें। नंगल, बठिंडा प्लांट में आपूर्ति प्रभावित कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस ने सदन में आरोप लगाते हुए बताया कि केंद्र सरकार हरियाणा के पानीपत स्थित प्लांट को 100 प्रतिशत सिलिंडरों की आपूर्ति कर रहा है लेकिन पंजाब के नंगल और बठिंडा प्लांटों की आपूर्ति प्रभावित हो गई है। यहां अब न के बराकर आपूर्ति हो रही है, आगे हालात बिगड़ सकते हैं। मंत्री कटारूचक्क ने बताया कि आप सरकार इस बाबत केंद्र को पत्र लिखकर देश और पंजाब में सिलिंडरों की उपलब्धता संबंधी स्थिति स्पष्ट करने की अपील करेगी। उपलब्धता घटी तो स्टॉक घटेगा पंजाब सरकार ने यह साफ कर दिया है कि वर्तमान स्थिति के मद्देनजर जो भी पंजाब में तेल और रसोई गैस की कालाबाजारी करेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। खाद्य आपूर्ति मंत्री लालचंद बताते हैं कि इस बाबत सीएम भगवंत मान ने आदेश दे दिए हैं। इसके बाद सभी जिलों के डीसी और डीएफएससी को भी निर्देशित कर दिया है कि वे फील्ड में टीमें उतारकर कालाबाजारी पर निगरानी रखें। यदि उपलब्धता कम होगी तो निश्चित तौर पर स्टॉक भी घटेगा इसलिए लोग संयम बरतें और केंद्र सरकार जल्द स्थिति स्पष्ट करे। जालंधर में गैस सिलेंडर, डीजल-पेट्रोल का जरूरी स्टॉक मौजूद- डीसी जालंधर के डिप्टी कमिश्नर डा. हिमांशु अग्रवाल ने जिला वासियों को भरोसा दिलाया कि एलपीजी सिलेंडरों, डीजल और पेट्रोल की उपलब्धता को लेकर घबराने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि जिले के पास जनता की मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। सप्लाई चेन उचित ढंग से काम कर रही है और जिले में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा जिले में एलपीजी, डीजल और पेट्रोल के स्टॉक पर निगरानी रखी जा रही है ताकि जरूरी वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। डिप्टी कमिश्नर डा. हिमांशु अग्रवाल ने इस संबंध में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड के अधिकारियों तथा गैस एजेंसी और पेट्रोल पंप एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर मौजूदा स्टॉक का जायजा लिया।  उन्होंने लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की और कहा कि सक्षम अथॉरिटी से पुष्टि किए बिना किल्लत के बारे में गलत जानकारी फैलाने के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जमाख़ोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी देते हुए डा. अग्रवाल ने कहा कि अगर कोई ऐसा मामला सामने आता है तो जरूरी वस्तुएं अधिनियम-1955 के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने गैस एजेंसी और पेट्रोल पंप एसोसिएशनों से भी कहा कि अगर कोई ऐसा मामला सामने आए तो तुरंत जिला प्रशासन के ध्यान में लाया जाए। बैठक के दौरान गैस एजेंसी अधिकारियों ने बताया कि एल.पी.जी. सिलेंडर की रिफिल बुकिंग के लिए समय 25 दिन का होता है।  बैठक में सहायक कमिश्नर (यू.टी.) मुकिलन आर, डीएफएससी नरिंदर सिंह के अलावा इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड के अधिकारी तथा गैस एजेंसी और पेट्रोल पंप एसोसिएशनों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।

पंजाब में अवैध खनन के खिलाफ एक्शन: सतलुज दरिया में केस दर्ज

लुधियाना. थाना मेहरबान की पुलिस ने गांव जमालपुर लेली के सतलुज दरिया में रेत की अवैध माइनिंग करने वाले अज्ञात आरोपियों के खिलाफ फिर से माइनिंग विभाग की एसडीओ गगनदीप सिंह की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए माइनिंग एक्ट अधीन मामला दर्ज किया है। जांच अधिकारी थानेदार राधेश्याम ने बताया कि पुलिस को दी गई शिकायत में एसडीओ गगनदीप सिंह ने बताया कि उनकी टीम सतलुज दरिया में पेट्रोलिंग करने गई थी। इसी दौरान जमालपुर लेली में रेत की अवैध माइनिंग होने के निशान पाए गए। इसके बाद पुलिस ने उक्त शिकायत पर कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर लिया है।

किसान से लूट की कोशिश नाकाम: पंजाब में ग्रामीणों ने बदमाशों को ट्रैक्टर के पीछे बांधकर दौड़ाया

तरनतारन. पंजाब के तरनतारन जिले में मंगलवार की शाम को विधानसभा हलका पट्टी के गांव ढोटियां में दातर के बल पर लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले तीन लुटेरों को ग्रामीणों ने घेरकर काबू कर लिया। तीनों की पहले मारपीट की गई, फिर उनके हाथ बांधकर ट्रैक्टर के पीछे बांधकर गांव में दौड़ाया। घटनाक्रम की वीडियो मंगलवार को इंटरनेट पर प्रसारित हुई, जिसके बाद थाना सरहाली की पुलिस ने तीनों लुटेरों को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है। गांव ढोटियां निवासी किसान सरबजीत सिंह अपनी बेटी को बस अड्डे छोड़ने के लिए मोटरसाइकिल पर गया था। शाम छह बजे वह बेटी को बस पर बिठाकर गांव लौट रहा था कि रास्ते में तीन लुटेरों ने सरबजीत को घेरकर दातर के बल पर मोबाइल और पर्स छीन लिया। पर्स में 1800 थे। किसान ने बहादुरी से तीनों का मुकाबला करते हुए उन्हें उलझाते हुए शोर मचाया। इस दौरान ग्रामीणों ने लाउड स्पीकर पर पूरे गांव के लोगों को सरबजीत सिंह द्वारा बताई जगह पर पहुंचने को कहा। करीब 20 किसान ट्रैक्टर लेकर मौके पर पहुंचे, जिन्होंने तीनों लुटेरों के काबू करके पहले मारपीट की, फिर उनके हाथ बांधकर ट्रैक्टर के पीछे बांधा व पूरे गांव का चक्कर लगाया। ट्रैक्टर के पीछे चक्कर लगाते समय तीनों की लाठियों से मारपीट भी की गई, जिसकी दो मिनट 21 सेकेंड की वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुई। वीडियो वायरल होते ही पुलिस चौकी नौशहरा पन्नुआं के प्रभारी सलविंदर सिंह मौके पर पहुंचे और तीनों लुटेरों को हिरासत में लिया। उनके कब्जे से एक दातर भी बरामद हुआ। इस बारे में डीएसपी (आई) जगजीत सिंह चहल का कहना है कि थाना सरहाली के प्रभारी बिंदरजीत सिंह को मामले की सारी जांच सौंपी गई है। हिरासत में लिए गए लुटेरों की पहचान लवदीप सिंह, जगरूप सिंह व गुरप्रीत सिंह निवासी सरहाली के तौर पर हुई है। जगरूप सिंह के खिलाफ चोरी और लूटपाट के पहले भी मामले दर्ज हैं। ट्रैक्टर के पीछे तीनों को बांधकर मारपीट करने की अभी जांच जारी है।

Rain Alert Punjab: ठंडी हवाओं के साथ बदला मौसम, 14 मार्च को जालंधर-पठानकोट में बारिश की संभावना

लुधियाना. आज सुबह से पंजाब के कई इलाकों में बादल छाए हुए हैं और साथ ही तेज हवाएं भी चल रही हैं। इस कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। वहीं बता दें कि आज सुबह-सुबह अमृतसर में अचानक मौसम बदल गया। इस दौरान अमृतसर में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हुई जिस कारण मौसम सुहावना हो गया। बारिश के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। बता दें कि आज पंजाब के कई इलाकों में हल्की बारिश के आसार हैं।  मौसम विभाग ने 14 मार्च तक के मौसम को लेकर जानकारी सांझा की है। विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में भारी बारिश के आसार हैं। इसके बाद तापमान में गिरावट आएगी और ठंड का एहसास होगा। वहीं आज से कई इलाकों में हल्के बादल छाए रहेंगे और कभी भी बारिश हो सकती है।  बारिश की संभावना  मौसम विभाग के मुताबिक एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस 14 के बाद एक्टिव हो सकता है। इसके चलते होशियारपुर, रूपनगर और पठानकोट में गरज के साथ हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। वहीं 15 मार्च को मौसम और बदलेगा जिस कारण जालंधर, होशियारपुर, अमृतसर, कपूरथला, नवांशहर, रूपनगर, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, गुरदासपुर और पठानकोट में मध्यम बारिश की संभावना है।     

ईंधन संकट पर पंजाब विधानसभा में हंगामा: AAP सरकार ने केंद्र के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पेश किया

चंडीगढ़. पंजाब विधानसभा में आज ईरान-अमेरिका और इजराइल युद्ध को लेकर पेट्रोल-डीजल व एलपीजी गैस की कमी को लेकर खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटरूचक्क केंद्र सरकार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लेकर आए। दो दिन में विधानसभा में केंद्र सरकार के खिलाफ लाया गया यह दूसरा निंदा प्रस्ताव है। बीते मंगलवार को पंजाब विधान सभा में अमेरिका के साथ भारत के हुए ट्रेड समझौते के खिलाफ निंदा प्रस्ताव सर्व सम्मति से पास हुआ था। निंदा प्रस्ताव पेश करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार की गलत विदेश नीति के कारण यह यह स्थिति उत्पन्न हुई है। उन्होंने कहा कि पंजाब में गेहूं की खरीद का सीजन शुरू होने वाला है। पेट्रोल डीजल की कमी का असर उस पर भी पड़ सकता है। पंजाब के गोदाम भरे हुए है। ढुलाई नहीं हो पा रही है। नई फसल रखने में दिक्कत आएगी। वहीं, कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस ने कहा कि गैस की कमी के कारण नंगल और बठिंडा में सीएफएल के प्लांट बंद हो गए, जिससे यूरिया की कमी हो जाएगी। मंत्री ने केंद्र सरकार पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि पानीपत यूनिट को पूरी गैस सप्लाई दी जा रही है लेकिन पंजाब के यूनिट को नहीं। मंत्री ने कहा कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर महंगे कर दिए गए हैं। कॉमर्शियल सप्लाई रोक दी गई है। मेट्रो सिटी में पेट्रोल पंपों पर लंबी-लंबी लाइने लग रही हैं। कहा तो यह गया था कि कोई दिक्कत नहीं आएगी। बैंस ने कहा कि केंद्र सरकार की विदेश नीति विफल हो चुकी है। अगर एलपीजी और एलएजी का संकट होता हैं तो लोगों से लेकर किसानों तक इसका फर्क पड़ेगा। वहीं, खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक द्वारा लाए गए प्रस्ताव से वित्तमंत्री हरपाल चीमा अनभिज्ञ दिखे। चीमा ने कहा कि यह गंभीर मुद्दा है। देश की विदेश नीति पूरी तरह से विफल रही है। केंद्र सरकार न तो देश के हितों की रक्षा कर रही है और न ही लोगों के हितों की रक्षा कर रही है। चीमा ने कहा कि देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चला रहे हैं या डोनाल्ड ट्रंप। क्योंकि जब भारत पाकिस्तान युद्ध हो रहा था तब युद्ध रुकने की जानकारी भी ट्रंप ने इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट डालकर दी थी। अत: इस पर लंबी चर्चा होनी चाहिए। वित्तमंत्री ने स्पीकर से इस मुद्दे पर वीरवार को बहस रखने की मांग की, जिसे स्पीकर ने स्वीकार कर लिया। यह गुरुवार को यह निंदा प्रस्ताव पास होता हैं तो यह संभवत: पहला मौका होगा कि तीन दिन के भीतर केंद्र सरकार के खिलाफ दो निंदा प्रस्ताव पास होंगे।

SGPC का बजट सत्र 28 मार्च को, वित्तीय योजनाओं पर लगेगी मुहर

अमृतसर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) का वार्षिक बजट सत्र 28 मार्च को दोपहर 12 बजे तेजा सिंह समुद्री हॉल में आयोजित किया जाएगा। यह जानकारी एसजीपीसी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने अमृतसर स्थित मुख्य कार्यालय में अंतरिंग कमेटी की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी। धामी ने बताया कि इस सत्र में सेक्शन 85 के अंतर्गत आने वाले गुरुद्वारों, ट्रस्टों और शैक्षणिक संस्थानों के साथ-साथ सेक्शन 87 के गुरुद्वारों के बजट पेश किए जाएंगे। इसके अलावा धर्म प्रचार कमेटी, सिख इतिहास बोर्ड, प्रिंटिंग प्रेस और अन्य संस्थाओं की आय-व्यय का विवरण भी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी के मामलों को रोकने के लिए सख्त और अलग कानून बनाना जरूरी है। धामी ने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब को गुरता गद्दी प्राप्त है और इसकी बेअदबी के मामले सामने आ रहे हैं, इसलिए केंद्र और राज्य सरकारों को इस मुद्दे पर गंभीर कदम उठाने चाहिए। एसजीपीसी अध्यक्ष ने यह भी कहा कि कई परीक्षा केंद्रों पर सिख विद्यार्थियों को ककार उतारने के लिए मजबूर किया जाता है, जो धार्मिक अधिकारों का उल्लंघन है। सरकारों को सिखों के धार्मिक प्रतीकों का पूरा सम्मान सुनिश्चित करना चाहिए।  उन्होंने बताया कि सिख इतिहास के महान शहीद भाई तारा सिंह की 300वीं शहादत को समर्पित कार्यक्रम 11 से 14 मार्च तक आयोजित किए जाएंगे। 11 मार्च को नगर कीर्तन और 12 से 14 मार्च तक गुरमत समागम होंगे। पीटीसी के साथ समझौते के सवाल पर धामी ने कहा कि एसजीपीसी ने अब अपना यूट्यूब चैनल शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि पहले विभिन्न सैटेलाइट चैनलों से बातचीत हुई थी, लेकिन धार्मिक चैनल चलाने के लिए भारी खर्च मांगा जा रहा था, इसलिए एसजीपीसी ने अपना डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू करने का फैसला लिया।  

NSA के खिलाफ अमृतपाल की याचिका पर कोर्ट में सुनवाई खत्म, अब फैसले का इंतजार

चंडीगढ़ खडूर साहिब लोकसभा क्षेत्र से सांसद अमृतपाल सिंह ने संसद के आगामी बजट सत्र में भाग लेने के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया है। उन्होंने सत्र की अवधि के लिए पैरोल देने की मांग करते हुए याचिका दाखिल की है। असम के डिब्रूगढ़ जेल में बंद खडूर साहिब से निर्दलीय सांसद व खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल की तरफ से नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (एनएसए) के खिलाफ पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में लगाई गई याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने अमृतपाल सिंह पर लगाए तीसरे एनएसए के खिलाफ दायर याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। याचिका पर सांसद अमृतपाल सिंह, पंजाब सरकार और केंद्र सरकार की दलीलें सुनी गई। वहीं संसद के बजट सत्र में शामिल होने की मांग को लेकर अमृतपाल सिंह की तरफ से जो याचिका दायर की गई है, उस पर अब बहस शुरू हो गई है। याचिका में अमृतपाल की तरफ से कहा गया है कि संसद का बजट सत्र दो चरणों में प्रस्तावित है। पहला चरण 28 जनवरी, 2026 से 13 फरवरी 2026 तक और दूसरा चरण 9 मार्च, 2026 से 2 अप्रैल, 2026 तक चलेगा। अमृतपाल सिंह ने इस पूरी अवधि में संसद में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने की अनुमति देने की मांग की है। याची का कहना है कि वह अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों का प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं और क्षेत्र से जुड़े अहम मुद्दों को सदन में उठाना उनका संवैधानिक दायित्व है। उन्होंने मादक पदार्थों के बढ़ते दुरुपयोग, बुनियादी ढांचे के विकास और अन्य जनहित के विषयों का उल्लेख किया है, जिन्हें वह अब तक संसद में नहीं उठा सके हैं। याचिका में यह भी कहा गया है कि इससे पहले शीतकालीन सत्र में शामिल होने के लिए पैरोल मांगी गई थी, लेकिन उस पर सुनवाई पूरी होने से पहले ही सत्र समाप्त हो गया था। ऐसे में अब हाईकोर्ट से सरकार को आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की गई है।

सेहत योजना बनी जीवनदायिनी: मोहाली की महिला को मिला समय पर हार्ट ट्रीटमेंट, ₹4 लाख की राहत

चंडीगढ़ जब मोहाली की एक महिला को अचानक दिल से जुड़ी गंभीर परेशानी हुई, तब तुरंत इलाज जरूरी था। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत उनका इलाज बिना किसी आर्थिक देरी के कराया गया। इससे परिवार को ऐसे मुश्किल समय में लगभग ₹४ लाख के संभावित खर्च से राहत मिली। माणिकपुर गांव की रहने वाली सुखविंदर कौर को तेज सीने में दर्द और मधुमेह से जुड़ी दिक्कतों के बाद एक निजी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि दिल में गंभीर समस्या है और तुरंत स्टेंट डालना जरूरी है। इलाज और अस्पताल में भर्ती का खर्च लगभग ₹3 से ₹4 लाख तक आ सकता था, इतनी बड़ी राशि का इंतजाम परिवार के लिए इतनी जल्दी करना आसान नहीं था। योजना के तहत उनकी पात्रता की पुष्टि होते ही जरूरी प्रक्रिया जल्दी पूरी की गई और उनका इलाज योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध अस्पताल में किया गया। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को सालाना ₹10 लाख तक का इलाज कवर मिलता है। एक हफ्ते तक निगरानी में रखने के बाद उन्हें स्थिर हालत में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। परिवार ने कहा, “हमारी सबसे बड़ी चिंता उनकी सेहत थी। इतनी बड़ी रकम का तुरंत इंतजाम करना बहुत मुश्किल होता। इस योजना की वजह से हम पैसों की चिंता छोड़कर उनके ठीक होने पर ध्यान दे सके।” यह मामला मुख्यमंत्री सेहत योजना की बढ़ती पहुंच को भी दिखाता है। पूरे पंजाब में अब तक 9 लाख से अधिक सेहत कार्ड जारी किए जा चुके हैं। राज्य के अधिकारियों के अनुसार, सरकारी अस्पतालों में 70% से ज्यादा मरीजों को इस योजना के तहत मुफ्त इलाज मिल रहा है। पंजाब सरकार ने दावों का समय पर भुगतान और बिना रुकावट कैशलेस इलाज जारी रखने के लिए बीमा कंपनी को ₹500 करोड़ जारी किए हैं। इस योजना के तहत सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में दिल की सर्जरी, कैंसर का इलाज और किडनी से जुड़ी बीमारियों समेत कई बड़े इलाज कवर किए जाते हैं। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “मुख्यमंत्री सेहत योजना का मकसद साफ है – कोई भी पात्र परिवार पैसों की कमी की वजह से जरूरी इलाज में देरी न करे। सरकार की लगातार आर्थिक मदद से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि बड़े इलाज तक कैशलेस पहुंच लोगों के लिए एक भरोसा बन सके।”

पंजाब के श्रमिकों को ‘बंधुआ मजदूर’ कहना अस्वीकार्य, यह उनके सम्मान पर चोट: हरपाल सिंह चीमा

चंडीगढ़ पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भुल्लथ से कांग्रेसी विधायक सुखपाल सिंह खैहरा द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर की गई अत्यंत अपमानजनक टिप्पणियों की कड़ी निंदा करते हुए उनसे बिना शर्त माफी मांगने की मांग की। वित्त मंत्री ने पंजाब विधानसभा के स्पीकर से भी अपील की कि यदि सुखपाल सिंह खैहरा अपनी भद्दी शब्दावली और असंसदीय भाषा के लिए सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते, तो उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। सदन को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सुखपाल सिंह खैहरा ने पंजाब की महिलाओं के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां की हैं और जब मैं उनकी टिप्पणियों पर आपत्ति जताने के लिए खड़ा हुआ तो उन्होंने मुझे ‘बंधुआ मजदूर’ कहकर मेरे ऊपर भी व्यक्तिगत हमला किया। उन्होंने कहा कि ऐसी शब्दावली किसी भी हाल में बर्दाश्त योग्य नहीं है और यह किसी विधायक को बिल्कुल भी शोभा नहीं देती। सदन के बाहर मीडिया को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कांग्रेसी विधायक द्वारा मजदूर समुदाय और महिलाओं के प्रति इस्तेमाल की गई भद्दी शब्दावली के संबंध में पूरी कांग्रेस पार्टी से भी अपने सदस्य के इस घटिया व्यवहार के लिए आधिकारिक तौर पर माफी मांगने की मांग की। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस पार्टी का नेतृत्व अपने सदस्य के इस शर्मनाक व्यवहार की जिम्मेदारी ले। सुखपाल सिंह खैहरा के इस घटिया व्यवहार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए वित्त मंत्री ने इस मामले में स्पीकर से कड़ी कार्रवाई करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मैं सदन के स्पीकर से इस संबंध में सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की अपील करता हूं और यदि सुखपाल सिंह खैहरा अपनी अत्यंत निंदनीय और असंसदीय भाषा के लिए बिना शर्त सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते, तो विधानसभा में उनकी सदस्यता रद्द कर दी जाए। अपने पृष्ठभूमि पर किए गए व्यक्तिगत हमले पर रोष प्रकट करते हुए कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सदन को श्रम की गरिमा और मजदूर वर्ग की सम्मानित विरासत की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि मैं इस सदन के सदस्यों, खासकर कांग्रेस पार्टी के सदस्यों से अपने पृष्ठभूमि में झांकने की अपील करता हूं। उन्होंने कहा कि बहुत से चुने हुए प्रतिनिधि मजदूर और मेहनतकश परिवारों से संबंधित होने का गर्व रखते हैं। वित्त मंत्री ने सवाल किया कि क्या उनमें से कोई भी ‘बंधुआ मजदूर’ कहे जाने को स्वीकार करेगा? उन्होंने कहा कि ऐसी भद्दी शब्दावली न केवल एक व्यक्ति बल्कि पंजाब के मेहनतकश लोगों के सम्मान को गहरी ठेस पहुंचाती है। व्यक्तिगत टिप्पणियों से ऊपर उठते हुए वित्त मंत्री ने देश की लोकतांत्रिक नींव और भारत के संविधान द्वारा हर किसी को दी गई स्वतंत्रता और सशक्तिकरण के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “मुझे अपने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर बहुत गर्व है। बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने भारत का संविधान लिखा और यही संविधान साधारण पृष्ठभूमि वाले लोगों को भी ऊंचे पदों पर पहुंचकर जनता की सेवा करने की शक्ति देता है।” उन्होंने ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का उन पर विश्वास जताने के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, “मैं अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का मेरे ऊपर विश्वास जताने और मुझे पंजाब के वित्त मंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर देने के लिए दिल से आभारी हूं।” सरकार में अपने काम को उजागर करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि उन्हें जनसेवा के अपने रिकॉर्ड पर गर्व है। उन्होंने कहा, “मुझे इस बात पर गर्व है कि मैंने पंजाब की माताओं, बेटियों, युवाओं, किसानों, मजदूरों, व्यापारियों और उद्योगपतियों के कल्याण और समृद्धि के लिए समर्पित राज्य के पांच व्यापक बजट पेश किए हैं।” अपने खिलाफ की गई टिप्पणियों का कड़ा जवाब देते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सुखपाल सिंह खैहरा को अपने शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की जांच करवाने की चुनौती भी दी। उन्होंने कहा कि ऐसी अपमानजनक टिप्पणियां करने के बजाय सुखपाल सिंह खैहरा को पहले अपने शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की जांच करवानी चाहिए, क्योंकि भुल्लथ के विधायक का स्वयं का शैक्षणिक और करियर पृष्ठभूमि भी संदिग्ध रही है।

पेट्रोल डीजल की कमी पर पंजाब विधानसभा में आया निंदा प्रस्ताव

चंडीगढ़. पंजाब विधानसभा के चल रहे सत्र में बुधवार को पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की संभावित कमी का मुद्दा जोरशोर से उठा। खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने सदन में केंद्र सरकार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पेश कर कहा कि अंतरराष्ट्रीय हालात और केंद्र की गलत विदेश नीति के कारण देश में ईंधन और गैस की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका पैदा हो गई है। निंदा प्रस्ताव पेश करते हुए मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने कहा कि आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कमी का सीधा असर पंजाब में गेहूं की खरीद प्रक्रिया पर पड़ सकता है। अगले महीने से राज्य में गेहूं की खरीद शुरू होने वाली है और इसके लिए बड़ी मात्रा में परिवहन की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि इस समय पंजाब के गोदाम पहले से ही भरे हुए हैं और अनाज की ढुलाई में दिक्कत आ रही है। यदि ईंधन की कमी हुई तो नई फसल को रखने में भी बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है। शिक्षामंत्री ने इस मुद्दे को बताया गंभीर कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने भी इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए कहा कि गैस की कमी के कारण नंगल और बठिंडा स्थित उर्वरक संयंत्र बंद हो गए हैं। यदि स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो किसानों के लिए यूरिया की कमी पैदा हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पंजाब के साथ पक्षपात कर रही है। उनका कहना था कि हरियाणा के पानीपत संयंत्र को पूरी गैस आपूर्ति दी जा रही है, जबकि पंजाब के संयंत्रों को पर्याप्त गैस नहीं मिल रही। इस दौरान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भी इस विषय को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इस पर विस्तार से चर्चा होना जरूरी है। उन्होंने सुझाव दिया कि निंदा प्रस्ताव पर वीरवार को सदन में विस्तृत बहस करवाई जाए। विधानसभा अध्यक्ष ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए इसे चर्चा के लिए सूचीबद्ध कर दिया। वीरवार को होगी प्रस्ताव पर चर्चा  सत्र के दौरान यह भी मुद्दा उठाया गया कि आने वाले गेहूं खरीद मौसम के लिए राज्य को लगभग पांच लाख जूट बेल की आवश्यकता है। लेकिन केंद्र सरकार की ओर से केवल तीन लाख बेल उपलब्ध कराने की बात कही गई है। शेष के लिए प्लास्टिक बेल लेने का सुझाव दिया गया है। मंत्रियों ने कहा कि यदि अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण पेट्रोलियम आधारित कच्चे पदार्थ की आपूर्ति प्रभावित होती है तो प्लास्टिक बेल की उपलब्धता भी मुश्किल हो सकती है, क्योंकि प्लास्टिक दाना भी पेट्रोलियम पदार्थ से तैयार होता है। सदन में यह भी बताया गया कि बांग्लादेश के साथ संबंध ठीक न होने के कारण जूट की आपूर्ति में भी दिक्कत आ रही है। इससे आने वाले खरीद मौसम में अनाज की पैकिंग और भंडारण की समस्या बढ़ सकती है। उल्लेखनीय है कि जब यह प्रस्ताव सदन में पेश किया गया, उस समय कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के विधायक सदन में मौजूद नहीं थे। अब इस प्रस्ताव पर वीरवार को विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।