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बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल पर पंजाब सरकार लगाएगी बैन

चंडीगढ़. पंजाब विधानसभा सत्र में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि सरकार बच्चों के मोबाइल उपयोग पर पाबंदी लगाने पर विचार करेगी। यह आश्वासन डॉ. बलबीर सिंह ने स्पीकर की मांग पर दिया। स्पीकर ने कहा कि बच्चों की मानसिक सेहत पर मोबाइल का बुरा असर पड़ रहा है। डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि इस पर अच्छी चर्चा करके कदम उठाए जाएंगे। बच्चों में मोबाइल एडिक्शन एक गंभीर समस्या बनती जा रही है, जिस पर अभिभावकों, शिक्षकों और विशेषज्ञों ने चिंता जताई है। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों के अत्यधिक मोबाइल इस्तेमाल से उनकी पढ़ाई, मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक व्यवहार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। इसको ध्यान में रखते हुए अब सेकेंडरी स्तर पर कई काउंसलिंग कोर्स और गाइडेंस प्रोग्राम शुरू किए गए हैं, ताकि बच्चों को सही दिशा दी जा सके और उन्हें मोबाइल की लत से बाहर निकाला जा सके। इस समस्या के समाधान के लिए माता-पिता की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों के साथ अधिक से अधिक क्वालिटी टाइम बिताएं, बातचीत करें और उनकी गतिविधियों पर ध्यान दें। बच्चों को मोबाइल से दूर रखने के लिए उन्हें सकारात्मक विकल्प देने होंगे। खेलें, आउटडोर गतिविधियों, किताबें पढ़ने की आदत, पेंटिंग और म्यूजिक की ओर प्रेरित करना आवश्यक है। इससे बच्चों का मानसिक और शारीरिक विकास बेहतर होगा। कई देशों ने बच्चों के लिए मोबाइल और सोशल मीडिया के उपयोग पर प्रतिबंध लगाए हैं। भारत के कुछ राज्यों में भी इस दिशा में पहल की गई है।

ट्रेड डील पर सियासी संग्राम: AAP और कांग्रेस साथ आए, सदन में कड़ा प्रस्ताव पास

चंडीगढ़ अमेरिका और भारत के बीच हुई ट्रेड डील के खिलाफ पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पारित किया गया है। इस प्रस्ताव को लेकर आम आदमी पार्टी का साथ कांग्रेस और शिअद ने भी दिया है। पंजाब विधानसभा में मंगलवार को अमेरिका और भारत के बीच हुई ट्रेड डील के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित किया गया। इस प्रस्ताव को आप के साथ-साथ कांग्रेस, शिअद व बसपा के विधायकों का भी समर्थन मिला। सीएम भगवंत मान, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा समेत सभी मंत्रियों और विधायकों ने अपने संबोधन में केंद्र सरकार और पीएम को निशाने पर लेते हुए इस व्यापारिक समझौते में पंजाब के किसान और किसानी के हितों व अधिकारों को सुरक्षित रखने की अपील की।   कई विधायकों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि केंद्र ने अमेरिका के दबाव में घुटने टेके तो एक और बड़ा किसान आंदोलन खड़ा किया जाएगा। पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने सदन के समक्ष भारत-अमेरिका व्यापारिक समझौते से पंजाब की खेतीबाड़ी के साथ धोखा संबंधी निंदा प्रस्ताव रखा। स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने इस पर चर्चा की अनुमति दे दी। इस दौरान आप समेत सभी दलों के विधायकों ने इस ट्रेड डील का असर पंजाब की खेतीबाड़ी पर कैसे पड़ सकता है, उस पर अपने विचार व्यक्त किए। इस प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कृषि मंत्री ने कहा केंद्र सरकार यह सुनिश्चित करे कि अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील से पंजाब समेत देशभर के सभी किसानों के हित व बीज इस्तेमाल करने के अधिकार भी सुरक्षित रहेंगे। कांग्रेसी विधायक परगट सिंह ने कहा कि यह आश्चर्य की बात है कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक समझौता हो जाता है और हमें इसकी जानकारी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के सोशल मीडिया से मालूम चलती है। यह ट्रेड डील नहीं एक तरह से सरेंडर है। विधायकों, मंत्रियों ने की केंद्र की घेराबंदी नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि अपने कारोबारी मित्रों को बचाने और एपस्टीन फाइल के खुलासे के डर से केंद्र ने न चाहते हुए भी यह व्यापारिक समझौता किया है। वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि अमेरिका हमें व्यापारिक तरीके से अपना गुलाम बनाना चाहता है और केंद्र चुप है। मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि अमेरिका की शर्तों पर तैयार इस डील को स्वीकार करना उसके सामने घुटने टेकने जैसा है। सरदूलगढ़ से विधायक गुरप्रीत सिंह बनावली ने कहा, इस डील से मंडियां खत्म हो जाएंगी और किसान व आढ़ती बर्बाद हो जाएंगे। बटाला से विधायक शैरी कलसी ने कहा कि इस व्यापारिक समझौते को न तो किसान बर्दाश्त करेंगे और न ही मजदूर और व्यापारी। क्या बोले विधायक? फाजिल्का से विधायक नरिंदरपाल सिंह ने कहा कि इस डील की आड़ में अमेरिका यहां भारत में अपना बड़ा व्यापार खोलना चाहती है। जलालाबाद से विधायक जगदीप कंबोज गोल्डी ने कहा कि यह समझौता डेयरी सेक्टर को बहुत ज्यादा नुकसान करेगा। रूपनगर के विधायक दिवेश कुमार चड्डा ने तंज कसते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान से सीजफायर हो गया, इस एलान के बाद अब हमें यह बात भी अमेरिका से ही मालूम चली कि भारत के साथ उनका व्यापारिक समझौता भी हो गया है। यह केंद्र पर कैसा दबाव है। अजनाला से कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि हम पंजाब में समझौता लागू नहीं होने देंगे, भले ही बलिदान देना पड़े। कपूरथला से विधायक राणा गुरजीत ने कहा, यह समझौता कॉरपोरेट फ्रेंडली है और किसानों के खिलाफ। मंत्री लालजीत भुल्लर और नकोदर से विधायक इंदरजीत कौर मान ने कहा कि किसानों को बचाने के लिए आप संघर्ष करेगी।

IIT रुड़की ने जारी किया JEE Advanced का कार्यक्रम, 17 मई को होगी देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग परीक्षा

लुधियाना इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ टैक्नोलॉजी (आई.आई.टी.) रुड़की ने जे.ई.ई. एडवांस्ड से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सांझा करते हुए परीक्षा की तारीख का ऐलान कर दिया है। इस साल यह परीक्षा 17 मई को ली जाएगी। परीक्षा के लिए इच्छुक उम्मीदवार 23 अप्रैल से लेकर 2 मई तक ऑफिशियल वैबसाइट jeeadv.ac.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। विदेशी उम्मीदवारों के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 6 अप्रैल से ही शुरू हो जाएगी। परीक्षा एक ही दिन में 2 अलग-अलग सत्रों में होगी। पहला पेपर सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक होगा, जबकि दूसरा पेपर बाद दोपहर 2.30 से शाम 5.30 बजे तक आयोजित किया जाएगा। कौन दे सकेगा परीक्षा जे.ई.ई. एडवांस्ड में शामिल होने के लिए कैंडिडेट का जे.ई.ई. मेन के पेपर-1 में पास होना जरूरी है। केवल वही कैंडिडेट आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने टॉप 2.5 लाख में अपनी जगह बनाई हो। इसके अलावा जिसने पहली बार 12वीं कक्षा की परीक्षा साल 2025 में दी हो और 12वीं में फिजिक्स, कैमिस्ट्री और मैथ्स विषय होना अनिवार्य है। जिन उम्मीदवारों को पहले ही किसी आई.आई.टी. में एडमिशन मिल चुका है, वे इस परीक्षा के लिए एलिजिबल नहीं होंगे। परीक्षा कम्प्यूटर आधारित टैस्ट (सी.बी.टी.) मोड में देशभर के निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। प्रश्न पत्र हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक छात्र आसानी से परीक्षा दे सकें।

एग्जाम टाइम में टीचर्स की मुश्किलें बढ़ीं: पंजाब सरकार के नए आदेश से बढ़ी जिम्मेदारी

लुधियाना आम आदमी पार्टी की राज्य सरकार 2022 में मुख्य रूप से तीन गारंटी – शिक्षा, स्वास्थ्य और नशा खत्म करने के वादों के साथ सत्ता में आई थी, जिसमें से सरकार चार साल बाद भी फेल रही है। पहले, भारत के चुनाव आयोग द्वारा निर्देशित स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की तैयारी ने शिक्षक BLO को स्कूली शिक्षा से दूर रखा और अब राज्य सरकार द्वारा घोषित मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना ने हदें पार कर दी हैं और स्कूलों में चल रही परीक्षाओं के बीच लुधियाना जिले में कई शिक्षकों को इस योजना के तहत ड्यूटी पर लगा दिया गया है। इस बारे में जानकारी देते हुए संगठन के जिला अध्यक्ष रमनजीत सिंह संधू और महासचिव रूपिंदर पाल सिंह जंडियाली ने कहा कि पिछले महीने, पंजाब के मुख्यमंत्री ने राज्य के हर निवासी को 10 लाख का स्वास्थ्य बीमा देने के लिए मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना शुरू की और अपने राजनीतिक मकसद को पूरा करने के लिए लोगों से इकट्ठा किए गए टैक्स को विज्ञापनों के रूप में बर्बाद करने के अलावा, उन्होंने स्कूली शिक्षा को भी भगवान भरोसे छोड़ दिया है। मौजूदा सरकार और शिक्षा मंत्री की कई बार स्टेज से टीचरों से सिर्फ़ पढ़ाई से जुड़े काम लेने की बात एक बड़ा झूठ साबित हुई है। सरकारी स्कूलों में पिछड़े और मेहनती लोगों के बच्चे पढ़ाई के लिए टीचरों का इंतजार करते रहते हैं, लेकिन प्रशासन टीचरों को गैर-पढ़ाई वाले काम सौंप देता है। अब स्कूलों में नॉन-बोर्ड क्लास और बोर्ड क्लास के एग्जाम चल रहे हैं, इसी बीच जिला प्रशासन ने लुधियाना जिले के टीचरों की ड्यूटी मुख्यमंत्री सेहत योजना में लगा दी है। इससे पहले, पंजाब भर में लगभग 20,000 टीचर पहले से ही BLO ड्यूटी पर थे और एग्जाम की तैयारियों के दौरान लगभग डेढ़ महीने तक स्कूल से बाहर रखे गए थे। संगठन ने इन गैर-पढ़ाई वाले कामों की कड़ी निंदा की है और जोर देकर मांग की है कि पंजाब सरकार और जिला प्रशासन ऐसे कामों के लिए नई भर्तियां करें और टीचरों को छूट देने की पुरजोर मांग की है। जिला उपाध्यक्ष बलबीर सिंह बासियां, जंगपाल सिंह रायकोट, राजिंदर जंडियाली, प्रभजोत सिंह तलवंडी, नरिंदर सिंह रायकोट, अवतार सिंह खालसा, राकेश पुहीड़, 4161 मास्टर कैडर यूनियन पंजाब राज्य वित्त सचिव जसविंदर सिंह ऐतियाना, 6635 ई.टी.टी. टीचर्स यूनियन पंजाब जिला लुधियाना के अध्यक्ष परमिंदर सिंह मलौद, जिला सचिव बलजिंदर सिंह, अमरिंदर सिंह आदि ने राज्य सरकार से जोरदार अपील की कि स्कूलों में पढ़ाने के लिए भर्ती किए गए टीचरों से सिर्फ पढ़ाई का काम लिया जाए और परीक्षा के दिन लगाई गई गैर-पढ़ाई ड्यूटी से तुरंत छूट दी जाए। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना और अन्य प्रशासनिक ड्यूटी के लिए बेरोजगारों को रोजगार देने का प्रबंध किया जाए।

मिडिल ईस्ट तनाव से बढ़ीं कीमतें: प्लास्टिक ग्रेन्यूल 150 रुपये किलो, पंजाब के पैकेजिंग कारोबार पर मार

लुधियाना/जालंधर खाड़ी देशों से प्लास्टिक दानों की सप्लाई धीमी होने से कीमतें बढ़ी हैं। शिपिंग कंपनियां अतिरिक्त सुरक्षा शुल्क ले रही हैं और लंबा रूट अपना रही हैं, जिससे लागत बढ़ रही है। पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने पंजाब के प्लास्टिक उद्योग का गणित बिगाड़ दिया है। पॉलीप्रोपाइलीन (पीपी) बीते तीन महीने में 100 से 150 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है। प्लास्टिक दानों की कीमतों में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इस उछाल से उत्पादन लागत बढ़ने पर उद्यमी नए ऑर्डर लेने से कतरा रहे हैं। समुद्री आपूर्ति शृंखला पर युद्ध के असर से पेट्रोकेमिकल उत्पाद महंगे हुए हैं। लुधियाना में पीपी के दाम 50 प्रतिशत बढ़े हैं, जबकि जालंधर में पैकेजिंग उत्पादों (बोतलें, डिब्बे) की कीमतों में 20 प्रतिशत तक उछाल आया है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर में तनाव से शिपिंग मार्ग प्रभावित हैं। जालंधर के कारोबारी रवि कपूर ने बताया कि खाड़ी देशों से प्लास्टिक दानों की सप्लाई धीमी होने से कीमतें बढ़ी हैं। शिपिंग कंपनियां अतिरिक्त सुरक्षा शुल्क ले रही हैं और लंबा रूट अपना रही हैं, जिससे लागत बढ़ रही है। प्लास्टिक मैन्युफैक्चरर्स एंड ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रधान डॉ. मनकर गर्ग के अनुसार, लंबी अवधि के अनुबंध पुरानी दरों पर पूरे करना घाटे का सौदा बन गया है। मौजूदा ऊंचे दामों पर भी पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो रही और कई इकाइयों के पास कुछ दिनों का ही स्टॉक बचा है। पंजाब भर में पाइप, पैकेजिंग सामग्री और ऑटो पार्ट्स बनाने वाली हजारों एमएसएमई इकाइयां दबाव में हैं। विश्लेषकों का कहना है कि युद्ध जारी रहने पर पेट्रोकेमिकल उत्पादों के दामों में 20 प्रतिशत तक और बढ़ोतरी हो सकती है। उद्योग जगत ने सरकार से एमएसएमई को सस्ते कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है, अन्यथा उत्पादन और रोजगार संकट गहरा सकता है। पैकेजिंग उद्योग पर बढ़ा संकट पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव से खाड़ी क्षेत्र के शिपिंग मार्ग प्रभावित हुए हैं। कच्चे तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पादों की आपूर्ति बाधित होने से नैफ्था और प्लास्टिक दाने महंगे हुए हैं। बोतलें, डिब्बे और कंटेनर की कीमतों में उछाल आया है। माल की आवाजाही धीमी होने और अतिरिक्त सुरक्षा शुल्क से छोटे उद्यमियों के लिए पुराने ऑर्डर पूरे करना मुश्किल हो गया है।  

मिडिल ईस्ट संकट की मार अमृतसर पर: फ्लाइट शेड्यूल बदले, ट्रैवल एजेंसियों का कारोबार घटा

अमृतसर (पंजाब) ट्रैवल एजेंसियों से जुड़े कारोबारी परवीन सहगल का कहना है कि विदेश यात्रा से संबंधित बुकिंग में कमी हो गई है। खासकर दुबई, शारजाह और अन्य खाड़ी देशों के लिए टिकटों की मांग में गिरावट आई है। मध्य-पूर्व में युद्ध और बढ़ते अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर अमृतसर के कारोबार पर भी दिखने लगा है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में बदलाव और कुछ उड़ानों के रद्द होने से ट्रैवल एजेंसियों, पर्यटन और होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों की चिंता बढ़ गई है।  श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से मध्य-पूर्व के कई शहरों के लिए उड़ानें संचालित होती हैं। हाल के दिनों में क्षेत्रीय हालात के कारण कुछ उड़ानों के समय में बदलाव और रूट परिवर्तन की स्थिति बनी है, जिससे यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विदेश यात्रा की बुकिंग में कमी ट्रैवल एजेंसियों से जुड़े कारोबारी परवीन सहगल का कहना है कि विदेश यात्रा से संबंधित बुकिंग में कमी हो गई है। खासकर दुबई, शारजाह और अन्य खाड़ी देशों के लिए टिकटों की मांग में गिरावट आई है। उड़ानों में अनिश्चितता के कारण कई यात्रियों ने अपनी यात्रा फिलहाल टाल दी है। पर्यटन कारोबार पर भी असर पर्यटन कारोबार पर भी इसका असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। वॉल सिटी होटल एसोसिशन के प्रधान सुरिंदर सिंह ने बताया कि अमृतसर आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या कम होने की स्थिति में होटल, टूर ऑपरेटर और टैक्सी कारोबार से जुड़े लोगों की आय प्रभावित हो रही  है। शहर में आने वाले कई पर्यटक स्वर्ण मंदिर और अटारी बॉर्डर देखने आते हैं, जिनमें विदेशी यात्रियों की भी बड़ी संख्या रहती है। लेकिन अब इसमें गिरावट आ गई है। जिस कारण होटलों की बुकिंग रद्द हो चुकी है। बल कलां इंडस्ट्री एसोसिशन के प्रधान संदीप खोसला ने बताया  कि अगर मध्य-पूर्व में तनाव लंबे समय तक जारी रहता है तो अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और कार्गो सेवाओं पर इसका और असर पड़ सकता है, जिससे आयात-निर्यात से जुड़े व्यापार पर भी प्रभाव पड़ने की संभावना है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में भी व्यापारियों का माल कई जगहों पर फंसा हुआ है जिस कारण कई तरह  की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 

पंजाब विधानसभा में हंगामा: सुखपाल खैरा की विवादित पोस्ट पर निंदा प्रस्ताव पारित

चंडीगढ़ विधानसभा में कांग्रेस विधायक सुखपाल खैरा के बयान को लेकर विवाद हो गया। वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि खैरा ने एक विवादित पोस्ट डाला है जिसमें एक हजार रुपये देने पर महिला विधायकों को निशाना बनाया गया है। वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि खैरा ने एक विवादित पोस्ट डाला है जिसमें एक हजार रुपये देने पर महिला विधायकों को निशाना बनाया गया है। यह दलित महिलाओं का अपमान है। चीमा ने कहा कि हर बार कांग्रेसी महिलाओं का अपमान करते हैं। इससे पहले बैंड बाजा वाला बयान दिया गया हैं। चीमा ने कहा कि इन लोगों ने सीमा पार कर लीं। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष बाजवा ने कहा कि मुझे इस तरह के पोस्ट की जानकारी नहीं है। अगर पोस्ट किया है तो हम उसकी निंदा करते हैं। आप विधायक इंदरजीत ने कहा कि यह महिलाओं का अपमान है। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगें। इसके बाद आप महिला विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी जिसके बाद सदन को आधे घंटे के लिए स्थगित कर दिया गया। सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होते ही चीमा ने फिर कांग्रेस पर निशाना साधा। इसके बाद प्रताप बाजवा ने कहा कि खैरा कल सदन में अपना पक्ष रखेंगे। खैरा अपने बयान पर कायम वहीं हंगामे के बीच सुखपाल खैरा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अपने बयान पर कायम रहने की बात कही है। खैरा ने लिखा-मैंने जो कहा या सोशल मीडिया पर शेयर किया, मैं उस पर कायम हूं क्योंकि यह हजार रुपये की स्कीम वोट पाने का एक स्टंट है क्योंकि अगर आम आदमी पार्टी सच में अपना वादा पूरा करने के लिए सीरियस होती तो उन्हें यह पहले बजट में करना चाहिए था, आखिरी में नहीं।

पंजाब बॉर्डर पर BSF ने सीमा पार कर रहे घुसपैठिये को किया ढेर

तरन तारन. देर रात को सीमा पर तैनात बीएसएफ की टुकड़ी ने भारत पाक सीमापार करके भारतीय क्षेत्र में दाखिल हुए एक पाकिस्तानी घुसपैठिये को गोलियां मारकर ढेर कर दिया। शव को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। खेमकरण क्षेत्र में तैनात बीएसएफ की 142 वी बटालियन के जवानों ने रात को पाक की तरफ से हरकत महसूस की, जिसके बाद चौकसी बढ़ा दी गई। जवानों ने माइट विजन कैमरों की मदद से देखा कि पाकिस्तान की तरफ से एक संदिग्ध भारतीय क्षेत्र में दाखिल हो रहा है। कार्रवाई से पहले उसे चेतावनी दी गई, लेकिन इसके बाद भी वह घुसपैठ करता रहा तो उक्त संदिग्ध को जवानों ने गोलियों से ढेर कर दिया। संदिग्ध सामान बरामद बीएसएफ की पोस्ट नूरवाल के पास की उक्त घटना के बाद जवानों ने गोलियां लगने से मरने वाले की तलाशी ली। सूत्रों के मुताबिक, उसके कब्जे से कुछ संदिग्ध सामान मिला है। हालांकि, इस बाबत अभी किसी भी अधिकारी ने सामान की बरामदगी बाबत अधिकारित तौर पर पुष्टि नहीं की। मरने वाले पाक घुसपैठिये के शव को थाना वल्टोहा की पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है ।बाद में शव पट्टी अस्पताल।के शव गृह में रखवा दिया गया। लगातार हो रही है घुसपैठ भारत-पाकिस्तान सीमा पर बीएसएफ की और से लगातार चौकसी बढ़ाई गई है। आए दिन ड्रोन के जरिए हथियार,गोला बारूद और मादक पदार्थों की खेप भेजी जा रही है। एसएसपी सुरेंद्र लांबा कहते है कि सीमा पर तैनात बीएसएफ और पंजाब पुलिस की और से मिलकर अभियान चलाया जा रहा है।जिसके माध्यम से पाक के नापाक इरादों को विफल।किया जा रहा है।

पंजाब सदन में कांग्रेस विधायक की आपत्तिजनक टिप्पणी पर जमकर हंगामा

चंडीगढ़. पंजाब विधानसभा के शून्य काल के दौरान एक बार फिर से हंगामा हो गया। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कांग्रेस के विधायक सुखपाल सिंह खैरा का एक इंटरनेट मीडिया पर दिया गया बयान पढ़कर सुनाया जिसमें उन्होंने कहा कि 1000 रुपये लेकर औरतें कौन से सूरमाओं को पैदा कर देंगी। हरपाल चीमा ने इस अनुसूचित जाति समुदाय की बहू, बेटियों का अपमान बताते हुए कहा कि कांग्रेस की नेताओं की हर समय यही बयानबाजी रहती है। कभी यह किसी को काला कह देते हैं तो कभी किसी को बैंड बाजे बजाने वाला, इन्हें मानसिक तौर पर स्वास्थ्य लाभ लेने की जरूरत है। विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि उन्होंने सुखपाल सिंह खैहरा का यह बयान नहीं देखा है लेकिन अगर उन्होंने ऐसा कहा है तो वह इसके लिए क्षमा मांगते हैं और इस बात को आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए। 'ये शब्दावली नहीं करेंगे बर्दाश्त' उन्होंने हरपाल चीमा की ओर से कांग्रेसी नेताओं की ओर से अनुसूचित जाति के प्रति बरती गई शब्दावली को लेकर भी कहा कि जिन लोगों की वित्त मंत्री ने बात की है वह इस सदन का हिस्सा नहीं है और वह अपनी बात कई बार स्पष्ट भी कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने ही बूटा सिंह जैसे नेताओं को केंद्र सरकार में गृहमंत्री बनाया है इसलिए उनके प्रति सम्मान में कोई कमी नहीं है। इसलिए बार-बार उसे तरफ जाना ठीक नहीं है। माफी योग्य नहीं है बयान: सरबजीत कौर प्रताप सिंह बाजवा के माफी मांगने के बाद ऐसा लग रहा था की बात यहीं खत्म हो जाएगी। लेकिन आम आदमी पार्टी की विधायक इंद्रजीत मान और सरबजीत कौर अपनी सीटों पर खड़े होकर सुखपाल सिंह खैहरा के बयान का विरोध करने लगी और उन्होंने कहा कि बेशक प्रताप सिंह बाजवा ने इसकी माफी मांग ली हो लेकिन उनका यह बयान माफी योग्य नहीं है इसे लोगों में लेकर जाया जाएगा साथ ही उन्होंने खेहरा के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की। मसला बढ़ते देखकर स्पीकर ने सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए मुल्तवी कर दी।

पंजाब में 10वीं की अब ऑनलाइन चेक होंगी Answer Sheets

लुधियाना. पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) ने 10वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षा 2026 को लेकर अहम निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड के अनुसार इस बार 10वीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच ऑनलाइन माध्यम से की जाएगी। जारी आदेशों के मुताबिक संबंधित अध्यापक अपने Registered E-mail ID और Registered Phone Number के जरिए लॉगिन करके Answer Sheets की मार्किंग करेंगे। यदि किसी शिक्षक के पास लॉगिन आईडी या पासवर्ड नहीं है तो वे बोर्ड कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। बोर्ड की ओर से जानकारी दी गई है कि 11 मार्च 2026 को सुबह 5 बजे से शिक्षकों की Login ID में 5 Dummy Answer Sheets अपलोड की जाएंगी, जिनकी जांच करके उन्हें Evaluation के लिए अपलोड करना होगा। इसके बाद उसी दिन सुबह 4 बजे तक उनकी स्क्रीन पर परिणाम दिखाई देगा और सही जांच करने वाले अध्यापकों को आगे की प्रक्रिया के लिए चुना जाएगा। इसके बाद चयनित शिक्षकों को पेन-पेपर टेस्ट और अन्य चरणों से भी गुजरना होगा। यह प्रक्रिया 12 मार्च 2026 को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। इस दौरान तकनीकी टीम भी मौजूद रहेगी, ताकि अध्यापक अपनी किसी भी प्रकार की Doubts या Query का समाधान कर सकें। बोर्ड ने कहा है कि इस नई प्रणाली का उद्देश्य परीक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और डिजिटल बनाना है।