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शहीदी दिवस पर जत्था जाएगा पाकिस्तान, गुरु अर्जुन देव जी की स्मृति में श्रद्धालुओं से पासपोर्ट मांगे

जैतो शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने पांचवें गुरु, श्री गुरु अर्जुन देव जी की शहादत के मौके पर पाकिस्तान में गुरुद्वारों के दर्शन के लिए भेजे जाने वाले जत्थे के लिए श्रद्धालुओं से पासपोर्ट मांगे हैं। यह जत्था जून 2026 में पाकिस्तान भेजा जाना है, जिसके लिए शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी के निर्देश पर प्रोसेस शुरू कर दिया गया है। इस बारे में शिरोमणि कमेटी के सेक्रेटरी प्रताप सिंह ने बताया कि श्री गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी दिवस पर पाकिस्तान जाने वाले जत्थे के लिए श्रद्धालु 5 मार्च 2026 तक अपना पासपोर्ट शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अमृतसर के ऑफिस में भेज सकते हैं। उन्होंने कहा कि जो श्रद्धालु जत्थे में शामिल होना चाहते हैं, वे अपने पासपोर्ट के साथ शिरोमणि कमेटी के सदस्य की सिफारिश के साथ अपना पहचान पत्र भी जमा कराएं। पहचान पत्र के लिए राशन कार्ड, आधार कार्ड या वोटर कार्ड की कॉपी दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु समय पर अपना पासपोर्ट जमा करवा दें, ताकि उन्हें आगे की कार्रवाई के लिए भेजा जा सके।  

डिफॉल्टर कॉलोनाइजरों पर ग्लाडा करेगा सख्त कार्रवाई

लुधियाना. ग्लाडा द्वारा कई बार नोटिस जारी करने के बाद भी बकाया राशि जमा न करवाने वाले डिफॉल्टर कॉलोनाइजरों  के खिलाफ प्रॉपर्टी जब्त करने की कार्रवाई करने का फैसला किया गया है। इस संबंध में ग्लाडा के अधिकारियों ने बताया कि मंजूरी के दावे के साथ महंगे रेट पर प्लॉट बेचने वाले कई कालोनी मालिकों द्वारा लंबे समय से बकाया फीस जमा नहीं की जा रही है। ग्लाडा के अधिकारियों ने बताया कि जिसके मद्देनजर नोटिस जारी करने के बाद करीब 52 करोड़ की रिकवरी हुई है लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में कालोनी मालिक बकाया फीस जमा नहीं करवा रहे हैं, जिसका आंकड़ा कई सौ करोड़ में बताया जा रहा है। ऐसे कालोनी मालिकों द्वारा मंजूरी के समय सिक्योरिटी के रूप में दी गई प्रॉपर्टी जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद भी कोई फीस बकाया होने पर लैंड रैवेन्यू एरियर की रिकवरी के लिए एक्ट के प्रावधानों के तहत डिफॉल्टर काॅलोनाइजरों की अन्य प्रॉपर्टी को अटैच करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।  यह भी होगी कार्रवाई ग्लाडा द्वारा डिफॉल्टर कॉलोनाइजरों के खिलाफ प्रॉपर्टी जब्त करने से पहले केस दर्ज के साथ ही रजिस्ट्रेशन पर रोक लगाने की सिफारिश पुलिस-प्रशासन से की गई है। इसके अलावा अब उन कालोनियों में फीस जमा न होने की वज़ह से लाइसैंस रद्द करने के बोर्ड लगाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।

चंडीगढ़ के अस्पतालों में बढ़ी Flu के मरीजों की भीड़

चंडीगढ़. फरवरी के आखिरी दिनों में जहां दोपहर की धूप गर्मी का एहसास करा रही है, वहीं सुबह-शाम की ठंड अभी भी बनी हुई है। मौसम के इस उतार-चढ़ाव के कारण वायरल इन्फ्लुएंजा (फ्लू) तेजी से फैल रहा है। शहर के बड़े सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में बुखार, खांसी और गले में दर्द की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या रोज बढ़ रही है। जी.एम.सी.एच. 32 Chandigarh के पल्मनरी क्रिटिकल केयर विभाग के प्रमुख डॉ. दीपक अग्रवाल के अनुसार, उनके अस्पताल में रोजाना 35 से 45 फ्लू के मरीज पहुंच रहे हैं। वहीं जी.एम.सी.एच. 16 Chandigarh में भी प्रतिदिन 25 से 30 नए मामले सामने आ रहे हैं। पिछले कुछ हफ्तों में मरीजों की संख्या में करीब 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आम सर्दी समझकर न करें नजरअंदाज डॉक्टरों का कहना है कि कई लोग फ्लू को सामान्य जुकाम समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो खतरनाक हो सकता है। इन्फ्लुएंजा वायरस नाक, गले और फेफड़ों पर एक साथ हमला करता है। संक्रमित होने के दो दिन के भीतर तेज और गंभीर लक्षण दिखाई दे सकते हैं। फ्लू के मुख्य लक्षण ठंड के साथ तेज बुखार गले में दर्द और खराश लगातार खांसी सिर और शरीर में दर्द नाक बहना या बंद होना आंखों से पानी आना स्वाद में कमी पेट दर्द और अत्यधिक थकान सांस के मरीजों के लिए ज्यादा खतरा डॉ. दीपक अग्रवाल और डीएचएस के डॉ. सुमन सिंह के मुताबिक, जिन्हें पहले से दमा, सांस की तकलीफ या फेफड़ों की बीमारी है, उनके लिए यह फ्लू जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे मरीजों में यह वायरस फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। कैसे फैलता है फ्लू यह वायरस हवा में मौजूद महीन बूंदों (ड्रॉपलेट्स) के जरिए फैलता है। जब संक्रमित व्यक्ति खांसता, छींकता या बात करता है, तो आसपास खड़े लोग आसानी से संक्रमित हो सकते हैं। भीड़भाड़ वाले इलाकों में इसका संक्रमण तेजी से फैलता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह फ्लू हर साल फरवरी मध्य से मार्च मध्य तक चरम पर रहता है। बचाव के उपाय शाम और रात में हल्के गर्म कपड़े पहनें। खांसते-छींकते समय मुंह पर रूमाल या मास्क रखें। बीमार व्यक्ति दूसरों से दूरी बनाए रखें। फास्ट फूड, डिब्बाबंद जूस और फ्रोजन फूड से परहेज करें। ताजे फल-सब्जियां और जूस का सेवन करें। पर्याप्त पानी पिएं, जरूरत हो तो ओआरएस लें। लक्षण दिखने पर खुद दवा लेने की बजाय डॉक्टर से सलाह लें। समय पर इलाज न लेने से छोटी बीमारी भी बड़ी समस्या बन सकती है, इसलिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है।

तरनतारन उपचुनाव में पार्टी नेताओं के साथ थाने पहुंचीं कंचनप्रीत कौर

तरन तारन. शिरोमणि अकाली दल बादल की नेता कंचनप्रीत कौर से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार सोमवार शाम वह अदालत के निर्देश पर सिटी तरनतारन थाना पहुंचीं। बता दें कि अदालत ने उन्हें दर्ज मामलों की जांच में शामिल होने के निर्देश दिए थे। इस कारण वह पार्टी नेताओं और पार्षदों के साथ थाने पहुंचीं थी। इस दौरान जरूरी दस्तावेज न होने के कारण उनका बयान दर्ज नहीं हो सका। इसके बाद पुलिस द्वारा उन्हें 25 फरवरी तक का समय दिया गया है। गौरतलब है कि कंचनप्रीत कौर अकाली दल की उम्मीदवार बीबी सुखविंदर कौर रंधावा की बेटी हैं। उनके खिलाफ तरनतारन उपचुनाव को लेकर दो केस दर्ज हैं। अदालत द्वारा उन्हें इन मामलों में जमानत देते हुए जांच में शामिल होने के निर्देश दिए गए थे।

पंजाब में न्यू एक्साइज पॉलिसी से सरकार जुटाएगी ₹1780 करोड़ एक्स्ट्रा

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में सोमवार को हुई पंजाब कैबिनेट की बैठक में 2026-27 के लिए एक्साइज पॉलिसी को मंजूरी दे दी गई। नई नीति के अनुसार, भारत में बनी विदेशी शराब (आइएसएफएल) और इंपोर्टेड विदेशी शराब (आईएफएल) प्रति बोतल 20 से 30 रुपये महंगी हो जाएगी। देसी शराब की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन कोटा बढ़ाकर 8.79 करोड़ प्रूफ लीटर कर दिया गया है। पिछले वर्ष यह 8.53 करोड़ प्रूफ लीटर था। बीयर की दुकान की फीस में भी 5000 रुपये की बढ़ोत्तरी की गई है। ₹11,020 करोड़ जुटाने का लक्ष्य आबकारी एवं कराधान मंत्री हरपाल चीमा ने बताया कि चालू वित्तमंत्री वर्ष में सरकार ने 11,020 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया था, जोकि पूरा हो गया है। अगले वित्तीय वर्ष में यह लक्ष्य 12,800 करोड़ रुपये रखा गया है। इस तरह राजस्व में 1780 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी का लक्ष्य है। इससे मार्च महीने में सरकारी खजाने में ज़्यादा पैसे आएंगे। अनुमान है कि इस बार एक्साइज से 11,600 करोड़ रुपये का राजस्व मिल सकता है। वित्तमंत्री ने बताया कि नई पालिसी के तहत सरकार मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को अगले वित्तीय वर्ष में सिंगल माल्ट (एक ही अनाज जौ से बनी शराब) व्हिस्की बनाने की भी इजाजत देगी। सिंगल माल्ट एक प्रीमियम शराब है। सरकार ने बीयर की दुकानों के लिए लाइसेंस फ़ीस बढ़ा दी है। पिछले साल इसे दो लाख रुपये प्रति दुकान से घटाकर 25,000 रुपये प्रति दुकान कर दिया गया था। अब इसे 30,000 रुपये प्रति दुकान कर दिया गया है। शाम 5 बजे तक की इजाजत हालांकि, पिछले साल के मुकाबले ग्रुप की संख्या में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। इस बार भी ग्रुपों की संख्या 207 ही रहेगी। सरकार डिस्टिलरी की डिस्पैच और ऑपरेटिंग घंटे बढ़ाने की लंबे समय से चली आ रही मांग पर भी सहमत हो गई है। इसे शाम 5 बजे तक कर दिया गया है। कुछ दूसरे राज्य रात 10 बजे तक इसकी इजाजत देते हैं।

पंजाब में सीमावर्ती किसानों को सरकारी जमीन पर मुआवजे का मिलेगा हक

चंडीगढ़/फाजिल्का. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने किसानों के लिए एक और ऐतिहासिक फैसला लिया है। पंजाब कैबिनेट ने सरकारी जमीनों पर खेती करने वाले किसानों को मुआवजा देने पर मुहर लगाई है। विधायक जगदीप कंबोज गोल्डी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि अब बॉर्डर पट्टी की कच्ची जमीनों वाले किसान भी खुशहाल होंगे। विधायक जगदीप कंबोज गोल्डी ने कहा कि कच्ची जमीनों वाले किसान पिछले कई वर्षों से इन जमीनों पर खेती कर अपना गुजारा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्र जिला फाजिल्का में जब भी बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा आती थी, तो अन्य किसानों को तो सरकार से मुआवजा मिल जाता था, लेकिन जमीनें ''कच्ची'' होने के कारण इन क्षेत्रों के किसानों को मुआवजा नहीं मिल पाता था। अब पंजाब सरकार ने पहल करते हुए इन किसानों को भी मुआवजे के दायरे में लाने का फैसला किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और पूरी कैबिनेट का आभार व्यक्त किया है, जिन्होंने बॉर्डर पट्टी के किसानों के लिए यह सराहनीय निर्णय लिया है। किसानों को मुबारकबाद देते हुए विधायक ने कहा कि वर्तमान सरकार किसानों के हितों के लिए लगातार कार्यशील है। उन्होंने कहा कि किसान भाइयों को अब घबराने की जरूरत नहीं है, वे मेहनत और लगन से इन जमीनों पर खेती करें और अपनी आर्थिक स्थिति बेहतर बनाएं। उन्होंने आश्वस्त किया कि अगर भविष्य में कोई प्राकृतिक आपदा आती है, तो ये किसान सरकार द्वारा घोषित मुआवजे के दायरे में आएंगे और उन्हें उनका बनता हक दिया जाएगा।

स्कूलों की लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त, पंजाब शिक्षा विभाग का सख्त आदेश

लुधियाना पंजाब के स्कूल शिक्षा महानिदेशक-सह-राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा अभियान प्राधिकरण (पंजाब) ने स्कूलों में चल रहे विभिन्न निर्माण और विकास परियोजनाओं की धीमी प्रगति को लेकर जिलों के शिक्षा अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। विभाग ने बताया कि साल 2024-25 और 2025-26 के तहत स्वीकृत सभी प्रोजेक्ट्स, जैसे ACR, LARS, लाइब्रेरी, आर्ट एंड क्राफ्ट रूम, लड़के/लड़कियों के टॉयलेट और मेजर/माइनर रिपेयर, का निर्माण तेजी से पूरा किया जाना चाहिए। 10 फरवरी 2025 को माननीय सेक्रेटरी स्कूल एजुकेशन ने सभी डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर्स (DEOs) के साथ समीक्षा बैठक की थी, जिसमें कई जिलों में धीमी प्रगति और फंड के इस्तेमाल में कमी को गंभीरता से लिया गया। निर्देशों के अनुसार, साल 2024-25 के तहत स्वीकृत सभी कार्य अगले एक हफ्ते में पूरा करने होंगे। इसके साथ ही फिजिकल और फाइनेंशियल प्रगति का प्रमाण-पत्र और पोर्टल पर डिपॉजिट कर फंड का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करना अनिवार्य है। विभाग ने चेतावनी दी कि अगर 2025-26 के बचे हुए कार्य समय पर पूरे नहीं हुए, तो फंड रिलीज़ नहीं किया जाएगा। इसलिए जिलों के स्कूलों में चल रहे निर्माण कार्यों पर नियमित निगरानी रखने और समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश भी दिया गया है।

Sukhpal Singh Khaira के ठिकाने पर बुलडोजर एक्शन, समर्थकों का हंगामा, पुलिस तैनात

चंडीगढ़ कपूरथला की भुलत्थ विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा के रामगढ़ गांव के पुश्तैनी घर से जुड़े कथित अवैध निर्माण को प्रशासन ने बुलडोजर से गिरा दिया दिया। इससे रामगढ़ गांव में तनावपूर्ण माहौल बन गया। कार्रवाई के दौरान विधायक सुखपाल खैरा भी मौक पर मौजूद रहे। खैरा की अपील के बाद बड़ी संख्या में समर्थक उनके घर के बाहर जमा हो गए। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। खैरा ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हुए कहा कि यह कदम बिना नोटिस और सुनवाई के उठाया जा रहा है। खैरा ने आरोप लगाया कि सीएम भगवंत मान के गैर-कानूनी आदेश पर पुलिस और ब्यूरोक्रेसी द्वारा रामगढ़ में मेरे घर के कुछ हिस्से को बिना किसी नोटिस या सुनवाई के जबरदस्ती गिराने की कार्रवाई की जा रही है। बुलडोजर के आगे धरने पर बैठ गए विधायक विधायक खैहरा अपने समर्थकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बुलडोजर के आगे धरने पर बैठ गए। इस दौरान पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। पुलिस ने विधायक को हटाने की कोशिश की, लेकिन समर्थकों के विरोध के चलते हालात तनावपूर्ण बने रहे। खैहरा के घर से जुड़े कथित अवैध निर्माण पर प्रशासन ने बुलडोजर चला दिया। गेट का पिलर गिरा दिया गया। प्रशासन बोला, घर नहीं, अवैध कंस्ट्रक्शन गिराया प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि घर नहीं, बल्कि घर से जुड़े कथित अवैध कंस्ट्रक्शन को गिराने की कार्रवाई की गई है। दूसरी ओर, खैहरा ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया। उन्होंने कहा कि यह कदम बिना किसी नोटिस या सुनवाई के उठाया जा रहा है। वहीं, इस मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है। पंजाब कांग्रेस ने इस कार्रवाई को बदला बताते हुए मुख्य मंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी सरकार पर हमला बोला है। पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि विधायक सुखपाल सिंह खैहरा के घर की दीवार का पिलर गिराए जाने की निंदा की है। उन्होंने इस कार्रवाई को भगवंत मान सरकार और पुलिस की खुली गुंडागर्दी बताया है। पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने खैहरा के घर हुई तोड़-फोड़ की कार्रवाई की सख्त शब्दों में निंदा की है। उन्होंने सत्ताधारी पार्टी को घेरते हुए कहा कि सियासी ताकत हमेशा के लिए नहीं होती पर किए गए कामों की जवाबदेही स्थाई होती है। बाजवा ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल को निशाने पर लेते हुए कहा कि अन्यायपूर्ण आदेशों की पालना करने वाले हर अधिकारी और हर कार्रवाई को आने वाले समय में याद रखा जाएगा। मजीठिया बोले, आप सरकार की खुलेआम गुंडागर्दी शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा के घर पर पीला पंजा चलाने को लेकर पंजाब सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कड़ी निंदा की है। मजीठिया ने सुखपाल सिंह खैहरा से फोन पर बातचीत कर पंजाब सरकार और पुलिस द्वारा की जा रही कथित धक्केशाही की जानकारी ली। मजीठिया ने सरकार पर आरोप लगाया कि पंचायत विभाग ने बिना कोई नोटिस दिए जेसीबी मशीन से तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू कर दी। उन्होंने इस कार्रवाई को खुलेआम गुंडागर्दी करार दिया। मजीठिया ने कहा कि वह इस कठिन समय में सुखपाल सिंह खैहरा के साथ खड़े हैं।

‘पुराने झूठ का सहारा ले रहे सुखबीर बादल’, कुलदीप सिंह धालीवाल का तीखा वार

अमृतसर आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने रविवार को शिरोमणि अकाली दल की लीडरशिप पर निशाना साधते हुए कहा कि सुखबीर सिंह बादल अपने पिता प्रकाश सिंह बादल की तरह "दोहरी राजनीति" कर रहे हैं और पुराने रटे-रटाए भाषणों और नए दावों से पंजाब के लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। अमृतसर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कुलदीप धालीवाल ने कहा कि गैंगस्टरवाद को खत्म करने के बड़े-बड़े दावे करने से पहले सुखबीर सिंह बादल को अपने पुराने रिकॉर्ड का जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि आप एक हलके में एक जाने-माने गैंगस्टर के परिवार के सदस्य को अपना उम्मीदवार बनाते हैं और फिर दूसरे चरण से गैंगस्टरों का सफाया करने की बातें करते हैं। यह सरासर पाखंड पंजाब के लोगों से छिपा नहीं रहेगा। तरनतारन के चुनावों का हवाला देते हुए 'आप' पंजाब के मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि अकाली दल ने आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों से जुड़े लोगों का खुलकर समर्थन किया और वोट मांगे। उन्होंने कहा कि आज वे दावा करते हैं कि वे गैंगस्टरों के घर ढहा देंगे, लेकिन कल वे उनके पारिवारिक समारोहों में शामिल हो रहे थे और उनके रिश्तेदारों को उम्मीदवार के रूप में खड़ा कर रहे थे। पंजाब सब कुछ याद रखता है। प्रकाश सिंह बादल के कार्यकाल से समानताएं दर्शाते हुए कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि सुखबीर सिंह बादल उसी रास्ते पर चल रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि बादल परिवार ऐतिहासिक रूप से पंजाब की युवा पीढ़ी का शोषण करके बड़ा हुआ है, पहले राजनीतिक लाभ के लिए ऐसे तत्वों को संरक्षण दिया और बाद में कानून व्यवस्था की स्थिति पर मगरमच्छ के आंसू बहाए। 2007 से 2017 तक अकाली-भाजपा शासन के दौरान संगठित गैंगस्टरवाद और नशे की मार की जड़ें गहरी हुईं। कुलदीप सिंह धालीवाल ने मौजूदा सरकार को अपराध पर लेक्चर देने के लिए सुखबीर सिंह बादल की नैतिक अधिकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वही लोग जिन्होंने पंजाब को लहूलुहान होने दिया, अब इसके मुक्तिदाता बनने का नाटक कर रहे हैं। जब नशा माफिया और आपराधिक नेटवर्क फले-फूले, तब सत्ता में कौन था? पंजाब के लोग जवाब जानते हैं। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के कामकाज के बारे में चिंता जताते हुए कुलदीप सिंह धालीवाल ने पूछा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब के लापता स्वरूपों, जमीनी सौदों और वित्तीय कुप्रबंधन के बारे में सम्मानित सिख धार्मिक शख्सियतों द्वारा उठाए गए सवालों पर अकाली लीडरशिप चुप क्यों रही। उन्होंने कहा कि मंचों से चीखने की बजाय 328 लापता स्वरूपों, जमीनों की बिक्री और पवित्र संस्थाओं से जुड़े आरोपों के बारे में सवालों के जवाब दो। पंजाब स्पष्टता और जवाबदेही का हकदार है। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे विवादों को सामान्य बनाने की कोशिशें सिख समुदाय की भावनाओं का अपमान हैं। उन्होंने कहा कि रोजाना के घोटालों को आम बात कैसे माना जा सकता है? यह सिर्फ राजनीति नहीं है, यह श्रद्धा और जवाबदेही का विषय है। समुदाय पारदर्शिता का हकदार है। कुलदीप सिंह धालीवाल ने यह भी संकेत दिया कि माझे से मालवा तक के कई परंपरागत अकाली परिवारों ने पार्टी से दूरी बना ली है। उन्होंने कहा कि आज जो बचा है वह शिरोमणि अकाली दल नहीं है जो कभी जन आंदोलन का प्रतिनिधित्व करता था, बल्कि एक 'जीजा-साला' द्वारा चलाया जा रहा एक सीमित टोला है। पार्टी सिर्फ अस्तित्व बचाने के लिए संदिग्ध रिकॉर्ड वाले व्यक्तियों को शामिल करने तक सीमित होकर रह गई है। आप विधायक ने आगे कहा कि सुखबीर सिंह बादल ने किसानों के मुद्दों और भारत-अमेरिका व्यापारिक समझौते सहित प्रमुख राष्ट्रीय मुद्दों पर चुनावी चुप्पी साधी हुई है और केंद्र में सालों तक गठबंधन और सत्ता में भागीदारी के बावजूद भाजपा लीडरशिप को सवाल करने का साहस नहीं दिखाया। अपने संबोधन के अंत में कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि पंजाब के लोग राजनीतिक रूप से समझदार हैं और उन्हें नाटकीय भाषणों से गुमराह नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि आप डर पैदा नहीं कर सकते, आपराधिक तत्वों को संरक्षण नहीं दे सकते और फिर उन्हें खत्म करने का वादा नहीं कर सकते। पंजाब आपका चरित्र जानता है। नए ऐलान करने से पहले अपने पुराने कामों का जवाब दो।

गरीबों को राहत: ‘मेरी रसोई योजना’ का विस्तार, पांच जरूरी राशन एक साथ देने की तैयारी

पठानकोट पंजाब सरकार ने राज्य के जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने ‘मेरी रसोई योजना’ के तहत मिलने वाले राशन में महत्वपूर्ण विस्तार किया है। अब लाभार्थियों को गेहूं (कनक) के साथ-साथ पांच अन्य आवश्यक खाद्य वस्तुएं भी उपलब्ध करवाई जाएंगी, जिससे महंगाई के दौर में घरेलू रसोई का खर्च कम होगा और पोषण स्तर भी सुधरेगा। 'महंगाई से मिलेगी राहत' पंजाब के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चन्द कटारूचक्क ने राज्य सरकार की जनकल्याणकारी पहल ‘मेरी रसोई योजना’ के विस्तार के लिए मुख्यमंत्री भागवंत सिंह मान का तहेदिल से धन्यवाद करते हुए इस फैसले की सराहना की है। मंत्री ने कहा कि यह कदम आम लोगों विशेषकर जरूरतमंद परिवारों की रसोई को मजबूत करने और महंगाई से राहत देने की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय है। इस योजना से राज्य के करीब 40 लाख परिवारों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलने का अनुमान है। सरकार का उद्देश्य है कि गरीब एवं जरूरतमंद वर्गों को केवल अनाज ही नहीं, बल्कि दैनिक उपयोग की आवश्यक खाद्य सामग्री भी सुनिश्चित की जाए। मेरी रसोई योजना के तहत अब लाभार्थियों को कनक (गेहूं) पूर्व की तरह के साथ 2 किलोग्राम चीनी, 2 किलोग्राम चने की दाल, 1 किलोग्राम नमक, 200 ग्राम हल्दी एवं 1 लीटर सरसों का तेल मिलेगा। डिपो स्तर पर होगा राशन का वितरण इन वस्तुओं को शामिल करने का उद्देश्य रसोई की बुनियादी जरूरतों को एक ही योजना में पूरा करना है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने वर्षभर वितरण को व्यवस्थित रखने के लिए इसे चार सर्कलों में बांटा है जिसमें पहला सर्कल 1 अप्रैल से शुरू, दूसरा सर्कल जुलाई से शुरू, तीसरा अक्टूबर से और चौथा सर्कल जनवरी से शुरू होगा। इस चरणबद्ध प्रणाली से वितरण में पारदर्शिता और नियमितता सुनिश्चित की जाएगी। योजना के तहत आवश्यक खाद्य सामग्री की खरीद की जिम्मेदारी मार्कफेड को सौंपी गई है। यह एजेंसी राज्य स्तर पर गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए समयबद्ध सप्लाई उपलब्ध करवाएगी। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा डिपो स्तर पर राशन का वितरण किया जाएगा, ताकि लाभ सीधे पात्र परिवारों तक पहुंचे और किसी प्रकार की अनियमितता न हो। 'आम लोगों की रसोई होगी मजबूत' सरकार ने फेयर प्राइस शॉप (डिपो) संचालकों को राहत देते हुए उनका मार्जिन 45 पैसे प्रति किलोग्राम कर दिया है। इससे डिपो होल्डरों की आय में वृद्धि होगी और वितरण प्रणाली को मजबूती मिलेगी। मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का किया धन्यवादखाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने इस जनहितकारी फैसले के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का तहेदिल से धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह योजना आम लोगों की रसोई को मजबूत करने वाली ऐतिहासिक पहल है। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी परिवार महंगाई के कारण आवश्यक खाद्य सामग्री से वंचित न रहे, और यह निर्णय उसी दिशा में एक ठोस कदम है। सरकार का मानना है कि इस विस्तारित योजना से न केवल खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि गरीब परिवारों के मासिक खर्च में कमी आएगी और पोषण संतुलन भी बेहतर होगा।