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पावरकॉम ने PUDA को 50 एकड़ जमीन बेचने की दी मंजूरी

पटियाला. पावरकॉम ने पटियाला के बडूंगर में पुड्डा को 50 एकड़ ज़मीन ट्रांसफर करने की मंज़ूरी दे दी है। पहले यह मामला कर्मचारियों के विरोध की वजह से पेंडिंग था, लेकिन अब पावरकॉम ने इस 50 एकड़ ज़मीन को बेचने के लिए हरी झंडी दे दी है। सूत्रों के मुताबिक, यह फ़ैसला पावरकॉम के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स ने 28 जनवरी को अपनी 121वीं मीटिंग में लिया। यह फ़ैसला कई दशक पहले बनी ओ.यू.वी.जी.एल. (खाली सरकारी जमीनों का सर्वोत्तम इस्तेमाल) स्कीम के तहत लिया गया है और यह ज़मीन 80:20 पॉलिसी के तहत ट्रांसफर की गई है। पावरकॉम की इस मीटिंग में मिली मंज़ूरी के मुताबिक गांव बडूंगर में इस जमीन से 66 KV बिजली की लाइनें और 11 KVLT लाइनें और ट्रांसफ़ॉर्मर हटाने का खर्च पुड्डा उठाएगा। इससे पहले पटियाला की बडूंगर साइट में 68.92 एकड़ जमीन की पहचान की गई थी, जिससे 213.92 करोड़ की इनकम होने का अनुमान था। इससे पहले बठिंडा की थर्मल कॉलोनी में जमीन पर फ़ैसला हो गया था और करीब 91 एकड़ जमीन खाली करवाना भी शुरू कर दिया गया है। सूत्रों का यह भी कहना है कि पंजाब सरकार ने पांच बड़े शहरों में 15 जरूरी प्रॉपर्टी की पहचान की है, जिनसे करीब तीन हजार करोड़ की इनकम का अनुमान है, जिसमें से 50 फीसदी प्रॉपर्टी पावरकॉम की है। पटियाला की बडूंगर साइट का एजेंडा पिछली मीटिंग में टाल दिया गया था, लेकिन 28 जनवरी की मीटिंग में इसे हरी झंडी दे दी गई है। 

AAP नेता हत्याकांड के नामजद दलबीरा ने किए कई बड़े खुलासे

जालंधर. आम आदमी पार्टी नेता लक्की ओबेरॉय हत्याकांड से जुड़ी नई अपडेट सामने आई है। इस मामले में नामजद दलबीर सिंह उर्फ दलबीरा पहली बार मीडिया के सामने आया और कई बड़े खुलासे किए हैं। दलबीरा ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया। उसने दावा किया कि उसका लक्की ओबरॉय की हत्या से कोई लेना-देना नहीं है और उन्हें राजनीतिक रंजिश के चलते केस में घसीटा गया है। दलबीरा ने सच बताते हुए कहा कि उसकी आज तक कभी लक्की ओबेरॉय से न तो फोन पर बातचीत हुई और न ही किसी तरह का संपर्क था। उन्होंने आरोप लगाया कि लक्की के भाई ने उन पर धमकी देने के झूठे आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, उनकी पुरानी रंजिश शशि शर्मा उर्फ बुद्धी के साथ है, जो लक्की का दोस्त बताया जाता है। दलबीरा ने कहा कि, बुद्धी के साथ पहले मारपीट की घटना हुई थी और उसी दुश्मनी के चलते उनका नाम इस मामले में शामिल करवाया गया। दलबीरा का आरोप है कि शशि शर्मा ने ही लक्की के भाई को कहकर उनके खिलाफ हत्या का केस दर्ज करवाया। पुलिस और परिवार वाले उस पर लक्की को धमकियां देने की बात कह रहे हैं  जोकि गलत है। दलबीरा ने आगे कहा कि, उसका किसी तथाकथित ‘प्रधानगी’ विवाद से कोई संबंध नहीं रहा। उन्होंने दावा किया कि छात्र राजनीति या प्रधानगी की वजह से कई युवाओं की जिंदगी बर्बाद हुई है और आज कई आपराधिक गिरोहों की जड़ में यही संस्कृति है। आज के समय में जो भी गैंगस्टर बनता है, उसका बेस ही प्रधानगी है। इसी प्रधानगी के वजह से लक्की हत्या हुई है वह खुद ही इसका शिकार हो गया। लक्की, जोगा और शशि शर्मा शुरू से एक साथ थे। और मेरे विरुद्ध। कालेज में प्रधानगी को लेकर इनके बीच ही विवाद हुआ। लक्की भी इसी माहौल का शिकार हुआ। उन्होंने दोहराया कि न तो उनकी लक्की से बातचीत हुई और न ही जोगा नामक किसी व्यक्ति से कोई संपर्क था। दलबीरा ने कहा कि यह पूरा मामला आपसी विवाद का है और उन्हें जानबूझकर फंसाया गया है। दलबीरा ने आगे कहा कि, वह 2 साल से आपराधिक गतिविधियों से दूर होकर विदेश में बैठ अपनी जिन्दगी शान्ति से जी रहा है। बिना किसी सबूत के उसे गैंगस्टर कहा जा रहा है। उसने कहा कि जब किसी का नाम हत्या मामले में दर्ज किया जाता है उसमें कई तरह की एनक्वायरी होती है। लेकिन मुझे पहले ही गैंगस्टर घोषित कर दिया है, इसमें कोई क्या एनक्वायरी करेगा। इसमें पुलिस को भी पता है कि मेरा नाम जानबूझकर इस केस में शामिल किया जा रहा है। मेरे पर गलत FIR लिखी गई है।  दलबीरा ने आगे कहा कि हत्या जैसी गंभीर धारा 302 के तहत किसी व्यक्ति को बिना ठोस जांच के नामजद करना गलत है। उनका कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से निर्दोष लोगों की प्रतिष्ठा और जीवन पर गहरा असर पड़ता है। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग की। साथ ही आरोप लगाया कि कुछ लोग बाहर बैठकर धमकियां देते हैं और सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर माहौल भड़काते हैं, जिसके चलते बेगुनाह लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ती हैं।

श्री कीरतपुर और श्री आनंदपुर साहिब में चलेंगे होला-मोहल्ला

श्री आनंदपुर साहिब. शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की तरफ से 27 फरवरी से 1 मार्च तक श्री कीरतपुर साहिब में और 2 मार्च से 4 मार्च तक खालसा पंथ की जन्मभूमि श्री आनंदपुर साहिब में मनाए जाने वाले सालाना राष्ट्रीय जोड़ मेला होला मोहल्ला के लिए की जा रही तैयारियां आखिरी स्टेज पर पहुंच गई हैं। इस बारे में ज़्यादा जानकारी देते हुए तख्त श्री केसगढ़ साहिब के मैनेजर मलकीत सिंह ने बताया कि गुरु नगरी में मौजूद सभी ऐतिहासिक गुरुद्वारों की रंगाई-पुताई का काम, जो पिछले 3 महीनों से चल रहा है, आखिरी स्टेज में है, जिसके बाद सभी गुरुद्वारों को सजाने का काम शुरू होगा। उन्होंने बताया कि देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के रहने की जगह, जोड़ा घर, गठरी घर और दूसरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जोड़ मेले में असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए तख्त साहिब और दूसरे सभी गुरुद्वारों के आस-पास बड़ी संख्या में CCTV कैमरे लगाने का काम भी जोरों पर चल रहा है। उन्होंने कहा कि हर साल की तरह इस बार भी SGPC ने श्री आनंदपुर साहिब के 20 किलोमीटर के दायरे में किसी भी श्रद्धालु के एक्सीडेंट होने पर उसका इंश्योरेंस करने का ऐलान पहले ही कर दिया है। उन्होंने आगे कहा कि गुरुवार, 26 फरवरी को गुरुद्वारा किला आनंदगढ़ साहिब में धार्मिक दीवान होगा, जिसके बाद पुरानी परंपरा के अनुसार रात 12 बजे शान और शान का प्रतीक राष्ट्रीय जोर मेला होला-मोहल्ला शुरू होगा और होला-मोहल्ला को सम्मानजनक और शांतिपूर्ण तरीके से करवाने के लिए जिला प्रशासन, तख्त साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी कुलदीप सिंह जी गरगज और तख्त साहिब मैनेजमेंट कमेटी के साथ लगातार मीटिंग चल रही हैं। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के गुरु नगरी पहुंचने की संभावना: चावला विधानसभा क्षेत्र के शिरोमणि कमेटी सदस्य भाई अमरजीत सिंह चावला ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इस बार देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के गुरु नगरी श्री आनंदपुर साहिब पहुंचने की पूरी संभावना है। इस संबंध में शिरोमणि कमेटी की ओर से सभी तैयारियां कर ली गई हैं, ताकि किसी भी श्रद्धालु को कोई परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि होला-मोहल्ला के लगातार तीन दिनों तक तख्त श्री केसगढ़ साहिब में धार्मिक दीवान लगाया जाएगा और तीनों दिनों तक तख्त साहिब की ऊपरी मंजिल पर अमृत तैयार किया जाएगा। उन्होंने होला-मोहल्ला मनाने के लिए श्री आनंदपुर साहिब पहुंच रहे श्रद्धालुओं से अनुरोध किया कि इन जोड़ मेलों को मनाने का फायदा तभी है, जब हम गुरु साहिब के चरणों में चलकर अमृत लें और गुरु वाले बनें। उन्होंने आगे बताया कि हर साल की तरह इस बार भी होला मोहल्ला के आखिरी दिन दोपहर 12 बजे तख्त श्री केसगढ़ साहिब से अरदास के बाद आदरणीय पंज प्यारे साहिबान जी की लीडरशिप में मोहल्ला निकाला जाएगा। पिछले कुछ सालों से होला मोहल्ला के दौरान गुलाल के बढ़ते इस्तेमाल पर चिंता जताते हुए भाई चावला ने कहा कि निहंग सिंह संगठनों के अलावा किसी और को गुलाल फेंकने की इजाज़त नहीं दी जानी चाहिए और ज़िला प्रशासन को इस बारे में सख्त पाबंदियां लगानी चाहिए।

75 किलोमीटर दूर खड़ी कार का कटा टोल!

भवानीगढ़. भवानीगढ़ में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां घर के बाहर खड़ी कार से 75 km दूर स्थित जगजीतपुरा टोल प्लाजा पर 120 रुपये टोल टैक्स कट गया। कार मालिक तब हैरान रह गया जब उसके मोबाइल पर फास्टैग के जरिए रकम कटने का मैसेज आया। इस बारे में कार मालिक अनीश गर्ग निवासी नई अनाज मंडी भवानीगढ़ ने बताया कि उसकी कार नंबर P.B. 13 AL 0831 पूरा दिन घर पर ही खड़ी रही। कार मालिक अनीश गर्ग ने बताया कि वह खुद कहीं बाहर नहीं गया। इसके अलावा उसका कोई दोस्त या रिश्तेदार भी कार लेकर नहीं गया, लेकिन इसके बावजूद जगजीतपुरा टोल प्लाजा से उसके अकाउंट से 120 रुपये कट गए। जिससे वह हैरान और परेशान है। मालिक ने कहा कि उसने कभी उस टोल प्लाजा का नाम तक नहीं सुना और न ही कभी अपनी गाड़ी वहां से गुजारी है। मालिक के मुताबिक, यह घटना FASTag सिस्टम में किसी टेक्निकल गड़बड़ी या गाड़ी का नंबर गलत पढ़ने की वजह से हुई होगी। उसने इस बारे में बैंक और संबंधित अधिकारियों से शिकायत करने की तैयारी कर ली है। उसकी गाड़ी CCTV कैमरे की निगरानी में है, जिसकी फुटेज सबूत के तौर पर पेश की जाएगी। इस घटना से इलाके के लोगों में भी चिंता है। लोगों का कहना है कि अगर घर में खड़ी गाड़ियों से भी टोल काटा जाता है, तो यह एक गंभीर मामला है और संबंधित विभाग को ऐसे मामलों की जांच करनी चाहिए। लोगों ने कहा कि संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कर सच्चाई सामने लानी चाहिए और अगर कोई टेक्निकल खराबी है, तो उसे तुरंत ठीक किया जाना चाहिए ताकि आम लोगों को परेशानी न हो।

राज्यपाल ने नशे के खिलाफ पैदल मार्च कर AAP नेताओं पर साधा निशाना

फाजिल्का. पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया सीमावर्ती जिले फाजिल्का में नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान के तहत पहुंचे थे, लेकिन इस नेक काम में राजनीतिक नेताओं की उदासीनता देख राज्यपाल ने अपनी नाराजगी और दुख व्यक्त किया है। फाजिल्का में राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने नशा विरोधी जागरूकता अभियान के तहत लालबत्ती चौंक फाजिल्का से घंटाघर तक पैदल मार्च का नेतृत्व किया। इस जागरूकता मार्च में राज्यपाल के साथ जिला प्रशासन के उच्च अधिकारी, स्कूली विद्यार्थी और शहर के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। हाथों में नशा विरोधी तख्तियां लेकर और नारे लगाते हुए इस काफिले ने शहर वासियों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर भाजपा नेता गुरमीत सिंह सोढ़ी व अन्य भाजपा नेता शामिल हुए, लेकिन सत्ताधारी आम आदमी पार्टी का कोई नेता शामिल नहीं हुआ। राज्यपाल ने दुखी मन से खुलासा किया कि उन्होंने इस अभियान को सफल बनाने के लिए हर छोटे-बड़े नेता को आमंत्रित किया था। "मैंने व्यक्तिगत रूप से सभी पार्टियों के वर्तमान और पूर्व विधायकों, सांसदों व राज्यसभा सदस्यों को फोन करके बुलाया था। मैंने धर्मगुरुओं से भी सम्पर्क किया। मेरी कोशिश थी कि सब मिलकर नशे के खिलाफ आवाज बुलंद करें।" राज्यपाल के निजी न्योते के बावजूद पंजाब सरकार का कोई भी विधायक शामिल नहीं हुआ। राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस के नेताओं को भी न्यौता दिया था, लेकिन कोई नहीं पहुंचा। मैं संविधान की मर्यादा नहीं टूटने दूंगा’ राजनीतिक बहिष्कार के बावजूद राज्यपाल  ने कहा कि वे लोगों को जोड़ने का काम कर रहे हैं और जब तक वे इस पद पर हैं, संविधान की मर्यादा पर आंच नहीं आने देंगे। उनका मकसद सिर्फ पंजाब के युवाओं को बचाना है, चाहे राजननीतिक नेता साथ दें या न दें।

पंजाब में बारिश के साथ गिर सकते हैं ओले

अमृतसर. पंजाब में मौसम बदला रहा है। दोपहर के समय तेज धूप निकलने के कारण हल्की गर्माहट महसूस हो रही है, जबकि सुबह और शाम ठंड अब भी बनी हुई है। विभाग के अनुसार 15 फरवरी तक मौसम में कोई बदलाव नहीं होगा। वहीं इसके बाद 16 और 17 फरवरी को पंजाब के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 16 फरवरी से पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, मुक्तसर, फरीदकोट और मोगा समेत कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। यह सिस्टम आगे बढ़ते हुए 18 फरवरी तक जालंधर, कपूरथला, होशियारपुर, शहीद भगत सिंह नगर, बरनाला, मानसा, पटियाला और लुधियाना तक असर दिखा सकता है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह लंबी अवधि की लगातार बारिश नहीं होगी, बल्कि रुक-रुक कर होने वाली बौछारें होंगी। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चलने और सीमित इलाकों में ओले गिरने की भी संभावना है। मौसम में यह बदलाव दो सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों के कारण बताया जा रहा है, जिनका असर पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है।

टांडा के गुरुघरों में 10 दिन रेलवे फाटक रहने बंद का अनाउंसमेंट

जालंधर/टांडा. जालंधर पठानकोट जम्मू रेलवे मार्ग पर स्थित टांडा के पास ऐतिहासिक गांव मूनकां का रेलवे फाटक अगले 10 दिनों के लिए बंद रहेगा। इस बारे में सीनियर सेक्शन इंजीनियर पी.वे. मुकेरियां द्वारा जारी किए गए सूचना पत्र के अनुसार रेलवे लाईन की नई पटरी के कार्य के चलते मूनकां का फाटक 12 फरवरी से 22 फरवरी तक बंद रहेगा। इस संबंध में अधिक जानकारी देते हुए रेलवे सेक्शन इंजीनियर इंचार्ज मुकेरियां जेई धर्म देव कुमार ने बताया कि रेलवे पटरी लाईन के नवीनीकरण कार्य के काम को अंजाम देने के मद्देनजर अलग-अलग शिफ्ट में अलग-अलग फाटक बंद किए जाएंगे। इसी के तहत काम पूरा होने तक मूनकां गांव का फाटक 12 से 22 फरवरी तक बंद रहेगा। रेलवे अधिकारियों ने एस.डी.एम. टांडा पुलिस स्टेशन टांडा, ग्राम पंचायत मूनक खुर्द, मूनक कलां बोलेवाल अन्य गांवों को सूचना जारी करते हुए किए जा रहे कार्य में सहयोग करने की अपील की है। इसके अलावा गांव के गुरु घरों में भी अनाउंसमेंट द्वारा फाटक बंद रहने संबंधी सूचना जारी की गई है। गौरतलब है कि ऐतिहासिक नगर मूनकां का रेलवे फाटक जो पहले ही बंद होने के कारण चर्चा में रहता है और जालंधर पठानकोट नेशनल हाईवे से जोड़ने वाला एकमात्र रास्ता है जो अब 10 दिनों के लिए बंद रहेगा, जिस कारण लोगों को दूसरे रास्ते मॉडल टाउन टांडा संपर्क सड़क का सहारा लेना पड़ेगा। यहां यह भी गौर करने वाली बात है कि गांव के लोग बड़ी संख्या में नौकरीपेशा वर्ग से हैं। इसके अलावा, गांव में सरकारी हाई स्कूल होने के कारण बड़ी संख्या में छात्र और स्टाफ सदस्य भी इसी रास्ते से गुजरते हैं। इसके अलावा राजपुर गहोत, लोधी चक्क और कुराला के आस-पास के गांवों के लोग भी इसी सड़क से होकर अपने काम पर जाते हैं।

सिरसा आर्केस्ट्रा आर्टिस्ट ने रात में जमकर पी शराब फिर बॉयफ्रेंड ने गला दबाकर मार डाला

सिरसा. आर्केस्ट्रा कलाकार सिमरन और उसके प्रेमी सुनील की संदिग्ध मौत मामले में पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले हैं। पुलिस को कुछ कॉल डिटेल मिली है। एक कॉल में सुनील, सिमरन को बर्बाद करने की धमकी दे रहा है। पुलिस ने सिमरन के मोबाइल का पासवर्ड उसके 11 वर्षीय बेटे से लेकर उसे खुलवाया। जिसके बाद इसका खुलासा हुआ। पुलिस जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि सोमवार की रात को सिमरन अपने बेटे के साथ मूवी देखकर आई थी। इसके बाद वह कमरे में आई। उसने शराब का सेवन किया था। रात 12 बजे जब सुनील आया तो वह भी नशे में था। दोनों ने फिर से शराब पी। अधिक शराब पीने के कारण उन्होंने कमरे में उल्टियां भी की। सिमरन के अन्य युवक के संपर्क में आने के कारण उनमें झगड़ा हुआ। आशंका जताई जा रही है कि झगड़ा होने के बाद सुनील ने उसका गला दबाकर हत्या की। जिसके बाद उसने खुद भी कमरे में फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। गंजा था सुनील, पहनता था विग शहर के कंगनपुर रोड पर एडवोकेट रजनीश बांसल के मकान में सुसाइड करने वाला जींद निवासी सुनील गंजा था। वह अपने गंजेपन को छुपाने के लिए वह विग का इस्तेमाल करता था। वह शराब का आदी था। सुनील के विग पहनने का खुलासा उस समय हुआ, जब बुधवार को नागरिक अस्पताल की मोर्चरी में दोनों के शवों का पोस्टमार्टम करवाया गया। तीन सदस्यीय चिकित्सकों के मेडिकल बोर्ड की निगरानी में हुई। पोस्टमार्टम के दौरान सिमरन के गले पर हाथ से दबाने के निशान मिलने से मामला और अधिक संदिग्ध हो गया है। हालांकि चिकित्सकों ने स्पष्ट किया है कि मौत का अंतिम कारण विसरा रिपोर्ट और अन्य फोरेंसिक जांच आने के बाद ही तय हो सकेगा। मृतका सिमरन के शव का पोस्टमार्टम फोरेंसिक एक्सपर्ट डा. रामकिशन दहिया, डॉ. शहबाज तथा गायनी विशेषज्ञ डा. सुषमा बिश्नोई की टीम ने किया। वहीं सुनील के शव का पोस्टमार्टम डॉ. रामकिशन दहिया, डॉ. शहबाज और डॉ. अनिल द्वारा किया गया। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी करवाई गई। घटनास्थल से मिला नोट, पुलिस नहीं कर रही पुष्टि सूत्रों के अनुसार सीन ऑफ क्राइम टीम को घटनास्थल की जांच के दौरान एक नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें दोनों की मौत के लिए एक व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराया गया है। हालांकि पुलिस ने इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस का कहना है कि नोट की लिखावट, भाषा और अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। मंगलवार सुबह कमरे में मिले थे शव गौरतलब है कि मंगलवार सुबह सिरसा के कंगनपुर रोड स्थित फौजी चौक के पास एडवोकेट रजनीश बांसल के मकान के एक कमरे में सिमरन और सुनील के शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिले थे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी और जांच के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भेजा गया था। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने दोनों शव स्वजन के हवाले कर दिए, जिसके बाद वे शवों को लेकर अपने-अपने गांव के लिए रवाना हो गए। शहर थाना प्रभारी संदीप कुमार का कहना है कि धारा 174 के तहत कारवाई की गई। सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जालंधर में बाउंसरों ने गर्भवती महिला और पति को पीटा

जालंधर. यहां के गढ़ा रोड स्थित किंगडम कंसल्टेंट के बाहर एक व्यक्ति और उसकी गर्भवती पत्नी को बाउंसरों ने बेरहमी से पीट दिया। मामला तब सामने आया जब महिला रमनदीप कौर और उनके पति हरप्रीत सिंह ने अपने बच्चे के माइनर वीजा के लिए दिए गए 3 लाख 42 हजार रुपये वापस मांगने गए थे।  रमनदीप ने आरोप लगाया कि उन्होंने एक साल पहले वीजा कराने के लिए पैसे दिए थे, लेकिन वीजा नहीं लगा। बार-बार वादा करके एजेंट पैसे वापस नहीं कर रहा था। जब 11 फरवरी को दोनों पैसे मांगने गए, तो एजेंट ने बाउंसर बुलाकर उन पर हमला करवा दिया। महिला ने गंभीर आरोप लगाते कहा कि एजेंट ने वीजा न लगने पर पूरा पैसा वापस करने का वादा किया था, लेकिन अब तक पैसे नहीं लौटाए जा रहे। उसका कहना है कि वह गर्भवती है और डराया धमकाया गया और गालियां दी गई। वीडियो बनाने पर धक्का दिया गया। पति के सिर पर लोहे के कड़े मारने से खून भी निकल आया। हंगामा बढ़ने पर ट्रैवल एजेंट का स्टाफ पीछे की दीवार फांदकर भाग गया। मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस की मौजूदगी में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की और सड़क जाम की चेतावनी दी। वहीं थाना-7 की पुलिस मौके पर पहुंची और बाउंसरों को राउंडअप कर लिया। पुलिस ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और ट्रैवल एजेंट से पैसे दिलाने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

लुधियाना पुलिस ने शौकीनों के 200 हथियारों के लाइसेंस किए रद्द

लुधियाना. लगातार बढ़ती आपराधिक वारदातों और कानून-व्यवस्था को लेकर अब पुलिस प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। हथियारों के दम पर खौफ पैदा करने वालों और नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी स्ट्राइक की है। पुलिस कमिश्नर ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि शहर के करीब 200 आर्म्स होल्डर्स के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से हथियार रखने के शौकीन लोगों में हड़कंप मच गया है। पुलिस कमिश्नर ने पत्रकारों से रूबरू होते हुए साफ किया कि पुलिस अब आर्म्स होल्डर्स पर किसी भी तरह की ढील बरतने के मूड में नहीं है। उन्होंने बताया कि जिन 200 लोगों के लाइसेंस कैंसिल किए गए हैं, उनके खिलाफ आगामी कानूनी प्रक्रिया भी अमल में लाई जा रही है। पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि अगर हथियारों के नियमों का उल्लंघन हुआ, तो सीधे लाइसेंस रद्दीकरण की तलवार लटकेगी। लाइसेंस रद्द करने के साथ-साथ पुलिस ने एक और गंभीर मुद्दे पर शिकंजा कसा है। पुलिस ने सिविल अस्पताल के एसएमओ (SMO) से 11 लोगों की डोप टेस्ट रिपोर्ट को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है। दरअसल, पिछले कुछ दिनों में नकली डोप टेस्ट की रिपोर्ट बनवाकर लाइसेंस रिन्यू कराने या बनवाने के कुछ संदिग्ध मामले सामने आए थे, जिसके बाद पुलिस ने अस्पताल प्रशासन से इस पर सफाई मांगी है। SMO की दो टूक: जीरो टॉलरेंस पॉलिसी पर हो रहा काम  जब सिविल अस्पताल के एसएमओ अखिल सरीन से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन स्वास्थ्य विभाग की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी के तहत काम कर रहा है। उन्होंने सफाई दी कि डोप टेस्ट की रिपोर्ट चार डॉक्टरों की एक विशेष टीम की देखरेख में तैयार की जाती है। जहां तक उन 11 संदिग्ध रिपोर्टों का सवाल है, तो वे उनके पदभार संभालने से पहले की हैं। एसएमओ ने भरोसा दिलाया कि इन पुरानी रिपोर्टों की भी बारीकी से जांच की जा रही है और सरकार की नीतियों के अनुसार बिल्कुल पारदर्शी तरीके से काम किया जा रहा है ताकि किसी भी फर्जीवाड़े की गुंजाइश न रहे।