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पंजाब सरकार की चेतावनी: 31 दिसंबर आखिरी तारीख, कर्मचारियों पर सख्ती तय

लुधियाना  सरकार द्वारा बकाया नॉन-कंस्ट्रक्शन फीस जमा करवाने पर दी गई छूट की डैडलाइन 31 दिसम्बर को खत्म हो जाएगी। इससे पहले पैंडिंग फाइलों के निपटारे के लिए इम्प्रूवमैंट ट्रस्ट में 26 दिसम्बर को फिर से कैंप का आयोजन किया जाएगा। यहां बताना उचित होगा कि लोकल बॉडीज विभाग द्वारा जारी की गई वन टाइम सैटलमैंट पॉलिसी में एन.सी.एफ. पर छूट के लिए 31 जुलाई तक आवेदन करने की डैडलाइन फिक्स की गई थी और वह लोग 31 दिसम्बर तक बकाया किस्तें जमा करवा सकते थे। लेकिन चेयरमैन के पास पहुंची शिकायतों के मुताबिक मुलाजिमों द्वारा ओ.टी.एस. से संबंधित ज्यादातर आवेदन बिना वजह एतराज लगाकर पैंडिंग रखे गए हैं। इसके मद्देनजर चेयरमैन तरसेम भिंडर द्वारा पहले सारे स्टाफ की मीटिंग बुलाकर अपनी वर्किंग में सुधार लाने की चेतावनी दी गई और फिर 18 दिसम्बर को कैंप लगाकर रजिस्ट्री, ट्रांसफर, एन.ओ.सी. से संबंधित 40 पेंडिंग केस आन द स्पॉट क्लीयर करवाए। इसके बाद भी काफी केस पैंडिंग होने की सूचना मिलने पर चेयरमैन ने 31 दिसम्बर की डैडलाइन खत्म होने से पहले 26 दिसम्बर को एक हफ्ते के भीतर दूसरी बार फिर कैंप लगाने का फैसला किया गया है। 

एक कॉल और उड़ गए 76 लाख! WhatsApp ठगी की आपबीती सुनाकर पूर्व IAS ने किया बड़ा खुलासा

अमृतसर  पंजाब में रिटायर्ड अधिकारी लगातार साइबर ठगों के निशाने पर हैं। पिछले दिनों पूर्व आईजी अमरजीत सिंह चहल ने कथित तौर पर ठगी का शिकार होने के बाद आत्महत्या करने की कोशिश की। इस घटना के बाद पूर्व आईएएस अधिकारी हरजिंदर सिंह चहल सामने आए हैं, जिनके साथ तकरीबन 76 लाख रुपए की साइबर ठगी हुई। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की कि वह अपराधियों पर कार्रवाई करते हुए उनके पैसों को वापस कराए। पूर्व आईएएस अधिकारी ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान साइबर ठगी के पूरे घटनाक्रम के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि साइबर क्राइम की वजह से मुझे काफी नुकसान हुआ है। पिछले साल सितंबर में उनके साथ 76 लाख रुपए की ठगी हुई थी, लेकिन अभी तक उनका पैसा वापस नहीं लौटा है। उन्होंने कहा, "मुझे एक व्हाट्सएप कॉल मिली थी। अपराधियों ने मुझे अपने झांसे में फंसाया था। इतने सवाल पूछे कि सोचने-समझने के लिए बिल्कुल भी समय नहीं दिया। स्थिति ये हो चुकी थी कि जो चीजें वह मांगते रहे, मैं उन्हें देता चला गया।" पूर्व अधिकारी ने आगे कहा, "व्हाट्सएप कॉल पर अपराधियों ने उन्हें पैसों की वेरिफेकशन के बहाने तीन अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर कराए। जब मुझे शक हुआ कि मेरे साथ ठगी हुई है तो मैंने बैंक से संपर्क किया।" उन्होंने आरोप लगाए कि बैंक मैनेजर ने इस साइबर फ्रॉड को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की थी। अगर बैंक की तरफ से तुरंत एक्शन लिया गया होता तो काफी रकम को बचाया जा सकता था। हरजिंदर सिंह चहल ने कहा, "मैं अधिकारियों से गुजारिश करता हूं कि वे इसे वापस पाने में मेरी मदद करें और दूसरों को भी इसका शिकार होने से बचाएं।" बता दें कि कुछ दिन पहले पूर्व आईजी अमरजीत सिंह चहल ने खुद को गोली मारी थी, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हुए। बाद में एक तथाकथित नोट से अमरजीत सिंह के साथ करीब 8 करोड़ रुपए की ऑनलाइन धोखाधड़ी का खुलासा हुआ था। फिलहाल, पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है।

पंजाब के पानी पर NGT की कड़ी नजर, जारी किए सख्त दिशा-निर्देश

पंजाब  नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने पंजाब सरकार को राज्य के जल स्रोतों में हो रहे प्रदूषण को लेकर जिला-वार, verifiable data की विस्तृत जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। ट्रिब्यूनल ने कहा कि जमीनी हकीकत और सुधारात्मक उपायों की प्रभावशीलता का आकलन करने के लिए सूक्ष्म और ठोस आंकड़े बेहद जरूरी हैं। यह निर्देश जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. ए. सेंथिल वेल की पीठ ने सुओ मोटो मामले में जारी किए। पीठ ने 15 दिसंबर को पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) द्वारा दाखिल की गई स्थिति रिपोर्ट की समीक्षा की। रिपोर्ट के अनुसार, पूरे पंजाब में कुल 1,511 प्रदूषण स्रोतों की पहचान की गई है। इनमें से 692 स्रोतों (करीब 45.79 प्रतिशत) को बंद या हटाया जा चुका है, जबकि 819 स्रोतों पर अब भी कार्रवाई लंबित है। रिपोर्ट में औद्योगिक इकाइयों, डेयरी अपशिष्ट, नगर निगम के सीवेज, गांवों के गंदे पानी के निकास और अन्य व्यक्तिगत प्रदूषण स्रोतों के खिलाफ की गई कार्रवाई का विवरण दिया गया है। इसके अलावा तालाबों के नवीनीकरण, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) और इन-सिटू रेमेडिएशन सिस्टम लगाने की समय-सीमा भी बताई गई है, जो फंड की उपलब्धता के आधार पर वर्ष 2028 तक निर्धारित की गई है। हालांकि, ट्रिब्यूनल ने कहा कि मौजूदा रिपोर्ट से जमीनी हालात की पूरी तस्वीर साफ नहीं होती। इसलिए PPCB को निर्देश दिए गए हैं कि वह एक व्यापक, जिला-वार और तालिकाबद्ध रिपोर्ट दाखिल करे। इस रिपोर्ट में हर जल स्रोत का नाम, क्षेत्रफल, जियो-कोऑर्डिनेट्स, प्रदूषण के पहचाने गए स्रोत, अब तक बंद किए गए स्रोत, शेष स्रोतों को बंद करने की कार्ययोजना व समय-सीमा, और वर्तमान जल गुणवत्ता की स्थिति शामिल होनी चाहिए। PPCB ने संशोधित रिपोर्ट दाखिल करने के लिए आठ सप्ताह का समय मांगा, जिसे ट्रिब्यूनल ने मंजूर कर लिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 18 मार्च 2026 को होगी। 

मेयर चुनाव से पहले चंडीगढ़ में सियासी उलटफेर, AAP के दो पार्षद BJP में शामिल

चंडीगढ़ चंडीगढ़ में अगले महीने होने वाले मेयर चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। दो महिला पार्षदों ने बीजेपी का दामन थाम लिया है। पार्षदों के नाम सुमन देवी और पूनम देवी है। जनवरी में मेयर के चुनाव होने हैं। चर्चा है कि अमित शाह के पंचकुला के दौरे के दौरान उनसे उनकी मुलाकात करवाई जा सकती है। बता दें कि केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह आज कई इवेंट्स में हिस्सा लेने के लिए पंचकूला में हैं। उनके दौरे से पहले हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को उन प्रोग्राम्स की आखिरी तैयारियों का रिव्यू किया जिनमें शाह हिस्सा लेने वाले हैं। सैनी ने संबंधित अधिकारियों को यह पक्का करने का निर्देश दिया कि सभी ज़रूरी इंतज़ाम पूरे हो जाएं। चंडीगढ़ मेयर पद पर है बीजेपी का कब्जा मौजूदा समय में बीजेपी की हरप्रीत कौर बबला चंडीगढ़ की मेयर हैं। बीजेपी को यह जीत क्रॉस वोटिंग के बाद मिली थी। उस समय कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने गठबंधन में मेयर चुनाव लड़ा था। दो काउंसलरों के पाला बदलने को चंडीगढ़ के लोकल पॉलिटिकल माहौल में एक बड़ी घटना के तौर पर देखा जा रहा है। साल 2024 के चुनाव में हुआ था विवाद साल 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के कुलदीप कुमार को चंडीगढ़ म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन का मेयर घोषित किया था और पिछले नतीजे को पलट दिया था जिसमें शुरू में BJP उम्मीदवार को विजेता घोषित किया गया था। यह फैसला पिछले साल 20 फरवरी को आया था। यह विवाद तब शुरू हुआ जब मेयर चुनाव के पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह को कैमरे पर AAP-कांग्रेस गठबंधन के आठ बैलेट पेपर को अमान्य करते हुए देखा गया। 

सेहत का सुधार: पंजाब सरकार ने 4 बड़े मेडिकल कॉलेजों में किया ₹69 करोड़ का निवेश

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री ने कहा कि 26.53 करोड़ रुपए सरकारी मेडिकल कॉलेज अमृतसर, 28.51 करोड़ रुपए सरकारी मेडिकल कॉलेज पटियाला, 9.43 करोड़ रुपए डॉ. बी.आर. अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एस.ए.एस. नगर (मोहाली) तथा 4.51 करोड़ रुपए पी.जी.आई. सैटेलाइट सेंटर, फिरोजपुर के लिए तुरंत दिए जाएं। उन्होंने कहा कि इन फंडों का उपयोग आधुनिक मशीनें एवं अन्य उपकरण खरीदने के साथ-साथ मेडिकल कॉलेजों में विकास कार्यों के लिए किया जाए।  भगवंत सिंह मान ने दोहराया कि हमारी सरकार पंजाब को विश्व भर में मेडिकल शिक्षा का गढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इससे इलाज एवं मेडिकल टेस्ट की सुविधाओं को और बल मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में यह कार्य समयबद्ध एवं उचित तरीके से पूरा किया जाए ताकि लोगों को इलाज की सुविधाएं किफायती दरों पर उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि पंजाब का इतिहास रहा है कि इसने विश्व स्तरीय डॉक्टर पैदा किए हैं और आज भी राज्य में बड़ी संख्या में विद्यार्थी डॉक्टर बनने के लिए मेडिकल शिक्षा ले रहे हैं।  भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन मेडिकल कॉलेजों में मानक शिक्षा देना राज्य सरकार का फर्ज है ताकि मेडिकल शिक्षा ले रहे विद्यार्थियों को बड़े स्तर पर लाभ मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन मेडिकल कॉलेजों का काया-कल्प करने का एकमात्र उद्देश्य लोगों की मानक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि इन प्रमुख कॉलेजों में मानक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने से आम आदमी की भलाई सुनिश्चित होगी। भगवंत सिंह मान ने दोहराया कि राज्य सरकार इस जनकल्याणकारी कार्य के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।

एक महीने से लापता युवक पाकिस्तान में मिला, नशे के चक्कर में पार की भारत-पाक सीमा

चंडीगढ़  पंजाब के जालंधर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां सतलुज दरिया से सटे गांव भोयपुर का रहने वाला एक युवक गलती से सीमा पार कर पाकिस्तान पहुंच गया. युवक की पहचान शरणजीत सिंह के रूप में हुई है. इस बात की जानकारी तब सामने आई जब पाकिस्तानी रेंजर्स ने हथकड़ी लगाए युवक की तस्वीर अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर की.तस्वीर वायरल होते ही उसके परिवार में हड़कंप मच गया. शरणजीत सिंह के परिजनों ने बताया कि वह बीते कई दिनों से लापता था. उसके पिता सतनाम सिंह और माता अमरजीत कौर के अनुसार शरणजीत 2 नवंबर की शाम को घर से निकला था. उसे गांव का ही एक युवक मंदीप सिंह अपने साथ ले गया था. इसके बाद शरणजीत वापस घर नहीं लौटा. परिवार ने काफी तलाश की लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो थाना शाहकोट में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई. कुश्ती खिलाड़ी है शरणजीत परिजनों का कहना है कि शरणजीत पिछले करीब 10 सालों से कुश्ती का खिलाड़ी रहा है लेकिन बीते एक साल से वह नशे की लत का शिकार हो गया था. नशे की वजह से उसका व्यवहार भी बदल गया था और वह घरवालों की बात नहीं मानता था. परिवार का आरोप है कि उसका दोस्त मंदीप सिंह भी नशे का आदी है. वही उसे खेमकरण बॉर्डर एरिया के पास छोड़कर आया था. पहले मंदीप लगातार गुमराह करता रहा लेकिन बाद में उसने स्वीकार किया कि वह शरणजीत को तरनतारन के खेमकरण इलाके में छोड़ आया था. करीब 21 दिसंबर को सोशल मीडिया के जरिए परिवार को जानकारी मिली कि शरणजीत पाकिस्तान में पकड़ा गया है. वायरल तस्वीर में वह पाकिस्तानी रेंजर्स के साथ हथकड़ियों में नजर आया. जानकारी के अनुसार शरणजीत को 20 दिसंबर को पाकिस्तान के कसूर जिले के सेहजरा इलाके में गंडा सिंह पुलिस स्टेशन क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया. उस पर अवैध रूप से सीमा पार करने का आरोप लगाया गया है. एक बेटा विदेश में, दूसरा पहुंचा सीमा पार शरणजीत के पिता सतनाम सिंह ने बताया कि उनका बड़ा बेटा कई सालों से विदेश में रह रहा है जबकि बेटी पंजाब में पढ़ाई कर रही है. परिवार पहले ही एक बेटे से दूर है और अब इस घटना ने उन्हें पूरी तरह तोड़ दिया है. माता-पिता ने भारत सरकार और प्रशासन से अपील की है कि उनके बेटे को सुरक्षित भारत वापस लाने के प्रयास किए जाएं. फिलहाल परिवार को प्रशासन की ओर से किसी ठोस जानकारी का इंतजार है. यह मामला एक बार फिर नशे और सीमा से सटे इलाकों में युवाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है.

आतंकी साजिश की आशंका से पंजाब में हड़कंप, इनपुट मिलते ही एजेंसियां सतर्क

गुरदासपुर  एक वरिष्ठ राज्य पुलिस अधिकारी ने कहा कि मिलिट्री इंटैलिजैंस (एम.आई) से एक अलर्ट मिला है कि पाकिस्तान की गुप्तचर एजैंसी समर्थित दुश्मन तत्व पाकिस्तान से भारतीय पंजाब में घुसने और सैन्य ठिकानों पर आतंकवादी हमला करने की कोशिश कर सकते हैं। जानकारी के अनुसार पाकिस्तान के साथ अंतरर्राष्ट्रीय सीमा से पठानकोट और आसपास के इलाकों की ओर जाने वाली सड़कों पर विशेष चैक पॉइंट बनाए गए हैं और इलाके में अतिरिक्त बल भी भेजा गया है। खुफिया एजैंसियों ने मंगलवार को पंजाब में पाकिस्तान की आई.एस.आई. द्वारा अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से संभावित घुसपैठ की कोशिश को लेकर अलर्ट जारी किया, जिसके बाद पंजाब पुलिस ने सुरक्षा तैयारियों को बढ़ा दिया है। अधिकारी ने कहा, तदनुसार हमने अपनी अलर्ट की स्थिति बढ़ा दी है और इन इनपुट को गंभीरता से ले रहे हैं। अधिकारी ने कहा, बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बी.एस.एफ.) और पंजाब पुलिस पंजाब में किसी भी तरह की गड़बड़ी की कोशिश को नाकाम करने के इन प्रयासों में समन्वय कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि 27 जुलाई, 2015 को भारतीय सेना की वर्दी पहने 3 भारी हथियारों से लैस आतंकवादी पाकिस्तान से गुरदासपुर जिले में घुस आए थे। कहा जाता है कि वह रावी नदी सीमा के पास से घुसे थे। उन्होंने सुबह करीब 5.30 बजे एक कार को हाईजैक करके, सडक़ किनारे एक विक्रेता पर गोलीबारी करके, चलती पंजाब रोडवेज बस पर हमला कर यात्रियों को घायल किया। फिर दीनानगर पुलिस स्टेशन पर धावा बोलकर अपना हमला शुरू किया। उन्होंने अमृतसर-पठानकोट लाइन पर पास के एक रेलवे ट्रैक पर पांच बम भी लगाए थे, जिन्हें बाद में डिफ्यूज कर दिया गया। इस हमले में तीन आम नागरिकों और चार पुलिस कर्मियों समेत सात लोग मारे गए। पंजाब पुलिस ने तब सेना की मदद से करीब 120 घंटे तक चले गनफाइट के बाद तीनों आतंकवादियों को मार गिराया। इसी तरह 2 जनवरी, 2016 को, जैश-ए-मोहम्मद के भारी हथियारों से लैस आतंकवादी, जो आर्मी की वर्दी पहने हुए थे, पठानकोट में इंडियन एयर फोर्स बेस की बाउंड्री में घुस गए। उन्होंने रास्ते में एक पंजाब पुलिस के एस.पी. रैंक के अधिकारी की गाड़ी अगवा कर ली। गनफाइट कई दिनों तक चली, और सर्च ऑपरेशन 5 जनवरी तक जारी रहा। सफाई अभियान के दौरान एक हुए ब्लास्ट में एक सैनिक अधिकारी सहित सात भारतीय सुरक्षाकर्मी मारे गए। तक सभी आतंकवादियों को मार गिराया गया।

पंजाब में हरियाली की रक्षा का आदेश, हाई कोर्ट ने बिना इजाज़त पेड़ कटाई पर लगाया प्रतिबंध

चंडीगढ़  पंजाब में अब पेड़ काटना आसान नहीं होगा। पूरे पंजाब में कहीं भी पेड़ काटने से पहले अब कोर्ट की विशेष परमिशन लेनी होगी। पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि केस में अगली सुनवाई या विशेष अनुमति के बिना पूरे राज्य में कोई पेड़ नहीं काटा जाएगा। दरअसल, मोहाली की एयरपोर्ट रोड पर सरकार ने 250 पेड़ों को काटने का फैसला लिया था। मामले में मोहाली निवासी शुभम सेखों ने पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की। याचिका में आरोप लगाया गया कि विकास योजनाओं के नाम पर पेड़ काटने का फैसला बिना मानकों को ध्यान में रखकर लिया गया है।   मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर तलब किया। कोर्ट ने सरकार ने पूछा कि विकास के लिए इन पेड़ों के कटाई के लिए क्या रिसर्च या वैधानिक परमिशन ली गई थी। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने प्रदेशभर में पेड़ न काटने का फैसला सुनाया। मामले की अगली सुनवाई पर पंजाब सरकार विस्तार से अपना पक्ष रखेगी। हाई कोर्ट का फैसला इसलिए ज्यादा अहम है क्योंकि अरावली पर्वत श्रंखला पर पूरे देश में विवाद चल रहा है। सोशल मीडिया से लेकर जमीनी तक लोग भारी संख्या में विरोध में उतर आए। सुप्रीम कोर्ट के फैसले और केंद्र सरकार की सिफारिश पर काफी विरोध चल रहा है। इससे लोगों में पर्यावरण को लेकर काफी जागरुकता देखी जा रही है। ऐसे में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट का इस फैसले ने लोगों की ध्यान आकर्षित किया है।  

कर्नल बाठ केस में बड़ी कार्रवाई: CBI ने चार पंजाब पुलिस अधिकारियों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट

मोहाली  यह घटना 13 और 14 मार्च की दरमियानी रात को घटी, जब कर्नल पुष्पेंद्र सिंह बाठ और उनका बेटा पटियाला के सरकारी राजिंद्रा अस्पताल के पास एक सड़क किनारे ढाबे पर थे। CBI ने कर्नल पुष्पिंदर सिंह बाठ से मारपीट के मामले में चार पंजाब पुलिस अधिकारियों के खिलाफ बुधवार को मोहाली अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में अभियोजन पक्ष ने गंभीर चोट पहुंचाने और अवैध रूप से रोकने (गलत निरुद्ध) सहित अन्य धाराओं में आरोप लगाए हैं। चार्जशीट के अनुसार, निरीक्षक रॉनी सिंह इस मामले में मुख्य आरोपी हैं। हालांकि, चार्जशीट में हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) की धारा शामिल नहीं की गई है। इससे पहले पटियाला पुलिस ने निरीक्षक हैरी बोपारई, रॉनी सिंह और हरजिंदर ढिल्लों सहित चार निरीक्षकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109 (हत्या का प्रयास), 310, 155(2), 117(2) (दोनों स्वेच्छा से चोट पहुंचाने से संबंधित), 126(2) (गलत तरीके से रोकना) और 351(2) (आपराधिक धमकी) के तहत एफआईआर दर्ज की थी। बाद में एक अन्य निरीक्षक को बीएनएस की धारा 299 और 191 के तहत नामजद किया गया था। यह कथित घटना 13 और 14 मार्च की मध्यरात्रि को हुई थी, जब कर्नल पुष्पिंदर सिंह बाठ अपने बेटे के साथ पटियाला के सरकारी राजिंदरा अस्पताल के पास स्थित एक ढाबे पर थे। परिवार का आरोप है कि कार के बाहर खड़े होकर खाना खाते समय सिविल कपड़ों में आए कुछ पुलिसकर्मियों ने कर्नल से अपनी गाड़ी हटाने को कहा ताकि वे अपनी कार पार्क कर सकें। इसके बाद कथित तौर पर एक दर्जन से अधिक पुलिसकर्मियों ने लाठी-डंडों और रॉड से कर्नल और उनके बेटे पर हमला किया, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।

निवेश के नाम पर ठगी का झटका: व्हाट्सएप फ्रॉड के शिकार पूर्व IG, ICU में भर्ती

चंडीगढ़  कई रिटायर्ड अफसर गंवा चुके हैं रकम, फर्जी ‘F-777 वेल्थ ग्रुप’ की साइबर जांच तेज    पटियाला। पूर्व आईजी अमर सिंह चाहल ऑनलाइन निवेश ठगी का शिकार हो गए हैं। ठगी की इस साजिश के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई, फिलहाल वह वेंटिलेटर पर हैं और हालत स्थिर बताई जा रही है। मामला सामने आने के बाद पटियाला पुलिस की साइबर क्राइम सेल ने जांच तेज कर दी है। पुलिस के अनुसार, पूर्व आईजी को पहले रिटायर्ड अफसरों के एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। इसके बाद उन्हें एक अलग ग्रुप ‘F-777 वेल्थ इक्विटी रिसर्च ग्रुप’ में शामिल कराया गया, जहां शेयर बाजार, IPO और अन्य निवेश योजनाओं में भारी मुनाफे का लालच दिया गया। शुरुआत में थोड़ी रकम पर रिटर्न दिखाकर भरोसा जीता गया, फिर बड़ी राशि निवेश कराई गई, जिसके बाद ठगी सामने आई। जांच में सामने आया है कि इस व्हाट्सएप ग्रुप में पटियाला के कई रिटायर्ड और नामी अधिकारी भी शामिल थे, जो अपनी रकम गंवा चुके हैं। पुलिस ने ऐसे अधिकारियों की सूची तैयार कर ली है, हालांकि अभी कोई भी लिखित शिकायत देने को तैयार नहीं है। अधिकतर अधिकारी मौखिक रूप से ठगी की पुष्टि कर रहे हैं। साइबर सेल की कई एंगल से जांच पूर्व आईजी की पत्नी के बयान पर साइबर क्राइम सेल में FIR दर्ज, जिन मोबाइल नंबरों से संपर्क किया गया, उनकी लोकेशन ट्रेस की जा रही, यह भी जांच कि किस रिटायर्ड अफसर ने ठग को ग्रुप में जोड़ा, फर्जी नामों से काम कर रहे आरोपियों के खिलाफ अज्ञात में मामला दर्ज। पुलिस की अपील : पुलिस ने ऐसे किसी भी व्यक्ति से, जो इस या इसी तरह की स्कीम का शिकार हुआ हो, सामने आकर शिकायत दर्ज कराने की अपील की है, ताकि ठगों तक जल्द पहुंचा जा सके। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि ऑनलाइन निवेश के नाम पर बनाए जा रहे फर्जी व्हाट्सएप ग्रुप कितने खतरनाक साबित हो सकते हैं, चाहे शिकार कोई आम नागरिक हो या वरिष्ठ अधिकारी।