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‘आप’ पार्टी ने शुरू किया राष्ट्रव्यापी अभियान, पंजाब बाढ़ पीड़ितों को मिलेगी राहत

पंजाब  पंजाब में आई भीषण बाढ़ से उत्पन्न त्रासदी को देखते हुए आम आदमी पार्टी (आप) ने देशभर के अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से पीड़ितों की मदद के लिए आगे आने की अपील की है। 'आप' के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पंजाब सरकार मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पूरी तरह से राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई है। मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक से लेकर पार्टी के हजारों वालंटियर्स प्रभावित लोगों तक हर संभव मदद पहुंचा रहे हैं। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पंजाब और सिख समुदाय ने हमेशा दुनिया को निःस्वार्थ सेवा और सहयोग का संदेश दिया है। चाहे प्राकृतिक आपदा हो या युद्ध जैसी परिस्थिति, सिख समाज सबसे पहले पीड़ितों की मदद के लिए खड़ा होता है और गुरुद्वारों में लंगर लगाकर राहत पहुंचाता है। अब समय है कि हम सब भी उनसे प्रेरणा लेकर सेवा के इस कार्य में शामिल हों। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि इंसानियत के नाते सभी को मिलकर पंजाब के लोगों के साथ खड़ा होना चाहिए। 'आप' के दिल्ली प्रदेश उपाध्यक्ष और विधायक जरनैल सिंह ने कहा कि पंजाब के कई जिले, हजारों गांव, लाखों परिवार और अनगिनत पशु इस बाढ़ की चपेट में आए हैं। राज्य सरकार और कई सामाजिक संगठन मिलकर राहत कार्य चला रहे हैं, लेकिन नुकसान बहुत व्यापक है। पंजाब के लोग हमेशा दूसरों की मदद करते हैं, इसलिए इस समय पूरे देश का कर्तव्य है कि वे पंजाब की सहायता के लिए आगे आएं। उन्होंने बताया कि इस आपदा में राशन से ज्यादा जरूरत मच्छरदानियों, तिरपाल, दवाइयों और बच्चों के कपड़ों जैसी चीजों की है, क्योंकि बाढ़ का पानी घरों को बुरी तरह नुकसान पहुंचा चुका है। राहत और पुनर्वास की प्रक्रिया कई हफ्तों तक चलेगी। आम आदमी पार्टी ने निर्णय लिया है कि देशभर के सभी 'आप' के कार्यालयों को पंजाब राहत अभियान का केंद्र बनाया जाएगा। वहां से आवश्यक सामग्री एकत्रित कर पीड़ितों तक पहुंचाई जाएगी।

CM भगवंत मान की आंखों में आए आंसू, बाढ़ पीड़ितों को दिया हिम्मत का संदेश

फिरोजपुर पंजाब में बाढ़ ने तबाही मचा रखी है और लोग त्राहि-त्राहि कर रहे हैं। चारों तरफ हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज फिरोजपुर के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने बाढ़ की मार झेल रहे सरहदी गांवों के लोगों से मुलाकात की और उनकी परेशानियां सुनीं। इतने गंभीर हालात देखकर और लोगों की बदहाली देखकर मुख्यमंत्री मान की आंखों में भी आंसू आ गए। बाढ़ पीड़ित एक महिला ने अपना दुख सुनाते हुए कहा कि सब कुछ बह जाएगा और हमारा कुछ भी नहीं बचेगा। इस पर मुख्यमंत्री भावुक होकर बोले कि सब कुछ ठीक हो जाएगा, यह प्राकृतिक आपदा है और सब कुछ मुझ पर छोड़ दो। बताने योग्य है कि मुख्यमंत्री मान न केवल बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं, बल्कि बाढ़ प्रबंधन पर भी व्यक्तिगत रूप से नजर रख रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को बाढ़ पीड़ितों की हर संभव मदद करने के सख्त निर्देश दिए हैं। आज मुख्यमंत्री की ओर से एक उच्च स्तरीय बैठक भी की जाएगी जिसमें पूरे राज्य में चल रहे राहत कार्यों की स्थिति का जायजा लिया जाएगा। बैठक में बाढ़ के खतरे से बचाव के लिए अन्य जरूरी कदम उठाने पर भी चर्चा होगी। 

क्या इतिहास दोहराएगा खुद को? पंजाब की भयावह बाढ़ ने दिलाई 1988 की याद

पंजाब  पंजाब में हाल ही में आई बाढ़ ने 1988 की भयंकर बाढ़ की यादें फिर से ताजा कर दी हैं। उस वक्त सतलुज, व्यास और रावी नदियाँ बहुत ज्यादा बढ़ गई थीं, जिससे 500 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा बैठे थे। आज भी बाढ़ से कई जिले बहुत प्रभावित हुए हैं। खासकर गुरदासपुर, पठानकोट, होशियारपुर, कपूरथला, तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, जालंधर और रूपनगर जैसे जिले बाढ़ से सबसे ज्यादा परेशान हैं। यहाँ के लोग अपनी जिंदगी फिर से सही करने के लिए बड़ी मेहनत कर रहे हैं। बाढ़ की वजह सिर्फ इंसान नहीं पंजाब में बाढ़ सिर्फ बारिश और नदियों के बढ़ने की वजह से नहीं आती। इंसानों की कई गलतियों की वजह से भी बाढ़ बढ़ती है। जैसे नालों और नहरों की साफ-सफाई न होना, नदियों के रास्ते बंद हो जाना, कमजोर और टूटे हुए बांध, हरियाली की कमी, अवैध खनन और जंगलों की कटाई। साथ ही, नदी किनारे बिना अनुमति के घर और अन्य निर्माण भी बाढ़ की समस्या बढ़ाते हैं। इसके अलावा, जलवायु परिवर्तन की वजह से बारिश का तरीका बदल गया है और अब बारिश ज्यादा और अनियमित होती है, जिससे बाढ़ की स्थिति खराब हो रही है। नदियों में गाद जमा होने से पानी सही तरह से नहीं बह पाता क्योंकि सरकारें सालों से नदियों से गाद निकालने में कामयाब नहीं हो पाईं।  1988 की बाढ़ ने पंजाब को कर दिया था बर्बाद साल 1988 की बाढ़ पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के लिए बहुत बड़ी तबाही लेकर आई थी। इस बाढ़ में उत्तर भारत में 1,400 से ज्यादा लोग मारे गए, जिनमें से 383 सिर्फ पंजाब में थे। उस साल मार्च से लगातार बारिश हो रही थी, लेकिन सितंबर में सतलुज, रावी और व्यास नदियाँ बहुत ज्यादा बढ़ गई थीं। 11 मार्च को गुरदासपुर में रावी नदी अचानक उफान पर आई, जिससे 40 गाँव पानी में डूब गए। जुलाई में सतलुज और रावी नदियों के पानी ने कई जिलों को पूरी तरह डुबो दिया। सितंबर के आखिरी दिनों में भाखड़ा और पौंग बाँधों के दरवाज़े खोलने से बाढ़ और भी बढ़ गई। 1993 की बाढ़ से भी मची थी भारी तबाही साल 1988 के पांच साल बाद, 1993 में भी पंजाब में बड़ी बाढ़ आई। इस बार करीब 300 लोग मारे गए और 6,200 मवेशी पानी में डूब गए। अमृतसर, गुरदासपुर, लुधियाना, पटियाला, होशियारपुर और संगरूर जैसे इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। पंजाब रिमोट सेंसिंग सेंटर के अध्ययन से पता चला कि 1988 की बाढ़ नदियों के बहुत बढ़ जाने की वजह से आई थी, लेकिन 1993 की बाढ़ नहरों और तटबंधों में दरारें आने की वजह से ज्यादा नुकसान पहुंचाई। क्यों बढ़ती जा रही है तबाही? जानकारी से पता चलता है कि पंजाब में नदियों के किनारे बने तटबंध और बांध सही तरीके से रखरखाव नहीं होते। नहरों की सफाई भी ठीक से नहीं की जाती, जिससे पानी का बहाव ठीक से नहीं हो पाता। जल निकासी की व्यवस्था कमजोर है और प्राकृतिक जलमार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। नहरों, रेलवे ट्रैक, सड़कों और खेती के कारण पानी का प्राकृतिक रास्ता बाधित हो गया है। साथ ही, बाढ़ वाले इलाकों में बिना अनुमति के बन रहे घर और कमजोर बांधों की वजह से बाढ़ को नियंत्रित करना मुश्किल हो गया है। साल 2023 की बाढ़ और जलवायु परिवर्तन का असर एक अध्ययन के मुताबिक साल 2023 की बाढ़ जलवायु परिवर्तन के कारण आई असामान्य और भारी बारिश की वजह से हुई थी। हिमाचल प्रदेश में 7 से 11 जुलाई 2023 तक सामान्य से 436% अधिक बारिश हुई जिससे ब्यास, घग्गर और सतलुज नदियाँ पंजाब के निचले इलाकों में घुस गईं। लगभग 2.21 लाख हेक्टेयर फसल क्षेत्र बाढ़ की चपेट में आ गया, जिसमें खासकर धान की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई। सरकारें क्यों रही नाकाम? एक प्रोफेसर के अनुसार पंजाब में बाढ़ प्रबंधन के लिए मास्टर प्लान होने के बावजूद बाढ़ का प्रभाव कम करने में असफल रहे हैं। तटबंधों का कमजोर होना, नदियों के किनारे अवैध अतिक्रमण, और वित्तीय व राजनीतिक कमी ने स्थिति को खराब कर दिया है। साल 1988 से 2010 तक के आंकड़े बताते हैं कि सहायक नदियों की सफाई न होना, तटबंधों का टूटना, नहरों में कट लगाना और जल निकासी प्रणाली की कमी प्रमुख कारण रहे हैं।  

स्कूल छुट्टियों का अपडेट: पंजाब में छुट्टियों का दौर जारी

पंजाब  पंजाब में लगातार हो रही तेज बारिश और बाढ़ जैसे हालात ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बाढ़ के कारम फाजिल्का, फिरोजपुर, कपूरथला, पठानकोट, तरनतारन, होशियारपुर, मोगा, गुरदासपुर और बरनाला गंभीर रूप से प्रभावित हैं। हालातों को देखते हुए पंजाब सरकार ने पहले ही 3 सितंबर तक स्कूलों और कॉलेजों की छुट्टियां घोषित की थी। वहीं अब मौसम विभाग की ताजा चेतावनी को देखते हुए छुट्टियों को और आगे बढ़ाए जाने की संभावना जताई जा रही है। विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए भारी बारिश की भविष्यवाणी करते हुए अलर्ट जारी किया है। वहीं राज्य में 5 सितंबर को ईद-ए-मिलाद की सरकारी छुट्टी, 6 सितंबर को अनंत चतुर्दशी और 7 सितंबर को रविवार होने के कारण पहले से ही अवकाश रहेगा। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा हैं कि छुट्टियां अगले हफ्ते तक खिंच सकती हैं। हालांकि इस बारे में शिक्षा विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है। 

पंजाब पुलिस के हाथ आए बिना भागे AAP विधायक, करनाल में दीवार कूदकर निकले

पंजाब  रेप के आरोपी आम आदमी पार्टी के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। जानकारी के मुताबिक वह हरियाणा के करनाल में अपने एक रिश्तेदार के घर पर छिपे हुए थे। पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने पहुंची तो वह दीवार फांदकर भाग निकले। जानकारी के मुताबिक हरमीत सिंह पठानमाजरा करनाल के डाबरी गांव में अपने एक रिश्तेदार गुरनाम सिंह लाडी के घर पर रुके थे। गुरनाम सिंह हरियाणा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के सदस्य हैं। सूत्रों के मुताबिक पंजाब पुलिस की टीम तड़के ही उन्हें दबोचने पहुंच गई। जैसे ही पुलिस घर में घुसी, पठानमाजरा दीवार फांदकर भाग निकले। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने पुलिसकर्मियों पर कोई फायरिंग नहीं की है। गिरफ्तारी से पहले वीडियो जारी कर कहा था, आप की दिल्ली टीम मुझे दबा रही पठानमाजरा ने गिरफ्तारी से पहले एक वीडियो जारी कर कहा था कि पंजाब पुलिस ने मेरी पूर्व पत्नी से जुड़े एक पुराने मामले में रेप केस दर्ज किया है। दिल्ली की आम आदमी पार्टी टीम पंजाब पर हावी होने की कोशिश कर रही है और मेरी आवाज दबाई जा रही है। पठानमाजरा पर 2022 में उनकी दूसरी पत्नी गुरप्रीत कौर ने पहली शादी छिपाने और मारपीट का आरोप लगाया था। एक कथित अश्लील वीडियो के वायरल होने के बाद भी वे सुर्खियों में रहे थे। वकील बोले, अभी गिरफ्तारी का पता नहीं वहीं, विधायक पठानमाजरा के वकील बिक्रमजीत सिंह भुल्लर ने बताया कि 1 सितंबर 2025 को पटियाला पुलिस ने पठानमाजरा के खिलाफ केस दर्ज किया है। यह केस जीरकपुर की एक महिला की शिकायत पर हुआ है। वह और पठानमाजरा 2013-14 में सोशल मीडिया पर मिले थे और 2021 में उन्होंने शादी कर ली थी। 23 अगस्त 2022 को उस महिला ने पंजाब हाईकोर्ट में अर्जी दी, जिसके बाद कोर्ट ने 2024 में रोपड़ पुलिस को इस मामले की जांच करने को कहा। महिला के खिलाफ आईटी एक्ट के 4-5 केस दर्ज हैं। एडवोकेट भुल्लर ने कहा कि पटियाला में बाढ़ के कारण हालात खराब हैं और पठानमाजरा अपने क्षेत्र में लोगों की मदद कर रहे थे। उन्होंने एक आईएएस अफसर पर आरोप लगाए थे, जिसके बाद उनके खिलाफ 2013 के एक मामले में केस दर्ज कर लिया गया। उनकी गिरफ्तारी हुई है या नहीं, यह अभी साफ नहीं है।  

रेप आरोपी विधायक के बयान से AAP में बढ़ी खींचतान, पंजाब बनाम दिल्ली का विवाद उभरा

चंडीगढ़  क्या आम आदमी पार्टी में पंजाब बनाम दिल्ली की जंग छिड़ी हुई है? इसे लेकर तमाम कयास रहे हैं और विपक्षी दल तो हमेशा आरोप लगाते रहे हैं कि पार्टी की दिल्ली टीम भगवंत मान सरकार पर हावी है और उन्हें काम नहीं करने दे रही। इस बीच रेप के आरोपी फरार विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने भी ऐसे ही बातें की हैं। उन्हें पंजाब पुलिस करनाल में गिरफ्तार करने उनके एक रिश्तेदार के घर तक पहुंच गई थी, लेकिन वह वहां से भाग निकले। यही नहीं इससे पहले ही एक वीडियो जारी कर पठानमाजरा ने आरोप लगाया कि AAP की दिल्ली टीम मुझे दबा रही है। पठानमाजरा ने गिरफ्तारी से पहले एक वीडियो जारी कर कहा था कि पंजाब पुलिस ने मेरी पूर्व पत्नी से जुड़े एक पुराने मामले में रेप केस दर्ज किया है। इस तरह उनका आरोप है कि मुझे जानबूझकर फंसाने के लिए एक पुराने केस को खोला गया है। दिल्ली की आम आदमी पार्टी टीम पंजाब पर हावी होने की कोशिश कर रही है और मेरी आवाज दबाई जा रही है। उन्हें उनके करनाल में रहने वाले एक रिश्तेदार गुरनाम सिंह लाडी के यहां गिरफ्तार करने के लिए पंजाब की पुलिस पहुंची थी। लाडी हरियाणा में सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य हैं और उनका राजनीतिक वजूद भी है। पठानमाजरा के बारे में जानकारी जुटाते हुए पुलिस करनाल में लाडी के घर तक पहुंची तो पठानमाजरा यहां से भी भाग निकले। पठानमाजरा और उनके साथी एक स्कॉर्पियो और एक फॉर्च्यूनर में फरार हो गए, जिनमें से पुलिस ने फॉर्च्यूनर को पकड़ लिया है, जबकि पुलिस टीम स्कॉर्पियो में फरार विधायक का पीछा कर रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि विधायक घर की दीवार फांदकर उस वक्त भाग निकले, जब पुलिस अंदर आ ही रही थी। हालांकि किसी भी तरफ से किसी तरह की फायरिंग आदि नहीं हुई है। पुलिस ने उनका पीछा करने की कोशिश की, लेकिन पकड़ नहीं पाई। फिलहाल पठानमाजरा की तलाश जारी है। दूसरी पत्नी ने क्या आरोप लगाया था, जिस पर केस हुआ दर्ज दरअसल पूर्व पत्नी से जुड़े एक पुराने मामले रेप के तहत आरोपी बनाए गए पंजाब की सन्नौर विधानसभा सीट से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा पुलिस हिरासत से फरार हो गए हैं। दरअसल पठानमाजरा पर 2022 में उनकी दूसरी पत्नी गुरप्रीत कौर ने पहली शादी छिपाने और मारपीट का आरोप लगाया था। एक कथित अश्लील वीडियो के वायरल होने के बाद भी वे सुर्खियों में रहे थे। अब उनके खिलाफ ऐक्शन हुआ है तो उनका कहना है कि दिल्ली की AAP टीम मुझे दबाने का प्रयास कर रही है।  

उफनती नदियों ने मचाया हाहाकार, पंजाब के 1300 गांव डूबे

पठानकोट पंजाब पिछले एक महीने से भीषण बाढ़ संकट से जूझ रहा है. 1 अगस्त से अब तक बाढ़ के कारण राज्य में 30 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 2.56 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं. राज्य सरकार ने इसे दशकों की सबसे गंभीर प्राकृतिक आपदा करार दिया है. सूबे में सतलुज, ब्यास और रावी नदियों के उफान के साथ मौसमी नालों में बढ़े जलस्तर से कई जिलों में भारी तबाही मची है. बाढ़ से सबसे ज्यादा असर अमृतसर में देखा गया है, जहां 35,000 लोग प्रभावित हुए हैं. इसके बाद फिरोजपुर में 24,015, फाजिल्का में 21,562, पठानकोट में 15,053, गुरदासपुर में 14,500, होशियारपुर में 1,152, एसएएस नगर में 7,000, कपूरथला में 5,650, मोगा में 800, जालंधर में 653, मानसा में 163 और बरनाला में 59 लोग प्रभावित हुए हैं. राज्य सरकार के बुलेटिन के मुताबिक, सबसे ज्यादा 6 मौतें पठानकोट में दर्ज की गई हैं. अमृतसर, बरनाला, होशियारपुर, लुधियाना, मानसा और रूपनगर में 3-3 लोगों की मौत हुई. बठिंडा, गुरदासपुर, पटियाला, मोहाली और संगरूर में 1-1 मौत दर्ज की गई. पठानकोट में तीन लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं. अब तक 15,688 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. सबसे ज्यादा 5,549 लोगों को गुरदासपुर में बचाया गया, जबकि फिरोजपुर में 3,321, फाजिल्का में 2,049, अमृतसर में 1,700 और पठानकोट में 1,139 लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाकों से निकाला गया है. हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद उफनती सतलुज, ब्यास और रावी नदियों तथा मौसमी नालों के कारण पंजाब के बड़े हिस्से में बाढ़ आई है. 1300 से ज्यादा गांवों में ढाई लाख से ज्यादा लोग प्रभावित पंजाब में बाढ़ की चपेट में अब तक कमोबेश गांव प्रभावित हुए हैं, जिनमें गुरदासपुर में 321, अमृतसर में 88, बरनाला में 24, फाजिल्का में 72, फिरोजपुर में 76, होशियारपुर में 94, जालंधर 55, कपूरथला में 115, मानसा में 77, मोगा में 39 और पठानकोट में 82 गांव शामिल हैं. मसलन, 12 जिलों के कमोबेश 1300 गांवों में कुल 2,56,107 लोग बाढ़ की चपेट में हैं. स्वास्थ्य सेवाएं और मेडिकल कैंप फिरोजपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 400 मेडिकल कैंप लगाए गए, जिनमें अब तक 8,700 मरीजों का इलाज किया गया. मोबाइल मेडिकल टीमें गांव-गांव जाकर लोगों को दवाइयां और ORS मुहैया करा रही हैं. गर्भवती महिलाओं और बच्चों की विशेष देखभाल पर जोर दिया जा रहा है. चंडीगढ़ और पंजाब में स्कूल-कॉलेज बंद चंडीगढ़ में भारी बारिश के चलते मंगलवार को सभी स्कूल बंद करने का ऐलान किया गया है. प्रशासन ने पाटियाला की राव नदी पर भी नजर रखने और निचले इलाकों में समय रहते अलर्ट जारी करने के निर्देश दिए हैं. इसी तरह पंजाब सरकार ने राज्यभर में कॉलेज, यूनिवर्सिटी और पॉलीटेक्निक इंस्टिट्यूट्स को 3 सितंबर तक बंद करने का आदेश दिया है.  यूरोपीय स्पेस एजेंसी के Copernicus Sentinel-1 के डेटा का इस्तेमाल करके 25 से 31 अगस्त तक बाढ़ग्रस्त इलाकों का विश्लेषण किया. इसमें पता चला कि रावी नदी अपनी सामान्य चौड़ाई से 10 गुना तक फैल गई और हजारों घर, गांव और खेत जलमग्न हो गए. राज्यपाल करेंगे बाढ़ प्रभावित इलाके का दौरा, सीएम की केंद्र से ये अपील पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया 2 से 4 सितंबर तक राज्य के बाढ़ प्रभावित जिलों का दौरा करेंगे. इस संबंध में सोमवार को एक आधिकारिक विज्ञप्ति जारी की गई. सोमवार को राज्यपाल सड़क मार्ग से सीमावर्ती जिला फिरोज़पुर के लिए रवाना हुए. प्रेस रिलीज के मुताबिक राज्यपाल 2 सितंबर को फिरोज़पुर और तरनतारन, 3 सितंबर को अमृतसर, गुरदासपुर और पठानकोट तथा 4 सितंबर को होशियारपुर और श्री आनंदपुर साहिब के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे. राज्य के कई हिस्से भीषण बाढ़ की चपेट में हैं. ऐसे हालात में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को कहा कि इस संकट की घड़ी में लोगों को राहत देने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा. उन्होंने इसे "हाल के इतिहास की सबसे भीषण बाढ़" करार दिया. सीएम मान ने यह भी बताया कि वह पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख चुके हैं और सरकार के पास फंसे राज्य के 60,000 करोड़ रुपये जारी करने की मांग की है. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वह खुद भी बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे. लगातार हो रही भारी बारिश के चलते होशियारपुर जिले में हालात और बिगड़ रहे हैं. गढ़शंकर और होशियारपुर सब-डिवीजन सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. हकूमतपुर, अलीवालपुर, भाना, ठक्करवाल और खानपुर गांवों में पानी घरों तक घुस गया. अधिकारियों के अनुसार, पंजाब में अगस्त महीने में 253.7 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 74 प्रतिशत ज्यादा है और पिछले 25 वर्षों में सबसे अधिक दर्ज की गई है. गढ़शंकर SDM संजीव कुमार ने बताया कि प्रभावित परिवारों को गुरुद्वारों की मदद से पका हुआ खाना मुहैया कराया जा रहा है. वहीं, होशियारपुर SDM ने बताया कि कुकरां बंध टूटने से कई गांवों में पानी भर गया. जिले में अब तक 100 गांवों को बाढ़ प्रभावित घोषित किया गया है और 5,971 हेक्टेयर खेत डूब चुके हैं. यहां 10 राहत कैंप चल रहे हैं, जिनमें 1,041 लोग रह रहे हैं. खेतीबाड़ी और बुनियादी ढांचे का नुकसान पंजाब में 96,061 हेक्टेयर खेतीबाड़ी की जमीन बाढ़ की चपेट में आई हैं. पशुधन का भी बड़ा नुकसान हुआ है, लेकिन सही आंकड़े पानी उतरने के बाद ही सामने आएंगे. बुनियादी ढांचे की क्षति का भी आकलन जलस्तर घटने के बाद किया जाएगा. पूरे राज्य में NDRF, SDRF, आर्मी और पंजाब पुलिस राहत कार्यों में जुटी हैं. NDRF की 20 टीमें पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, फिरोजपुर, फाजिल्का और बठिंडा में तैनात की गई हैं. अब तक 14,936 लोगों को सेना, BSF और प्रशासन ने मिलकर सुरक्षित निकाला है. मसलन, पंजाब में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है. राहत-बचाव कार्य लगातार जारी हैं, लेकिन अभी भी लाखों लोग प्रभावित हैं. प्रशासन ने साफ कहा है कि पानी उतरने के बाद ही वास्तविक नुकसान का पूरा आकलन किया जा सकेगा.

हरमीत सिंह की गिरफ्तारी, AAP विधायक ने सरकार पर लगाते रहे आरोप

पटियाला पंजाब के आम आदमी पार्टी (AAP) हरमीत पठानमाजरा को मंगलवार को हरियाणा की पटियाला पुलिस ने बलात्कार के एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया. गिरफ्तारी के कुछ ही समय में वह पुलिस के गिरफ्त से फरार हो गए. आरोप है कि पुलिस पर फायरिंग करने के बाद वह फरार हुए. उनके हमले में एक पुलिसकर्मी के घायल होने की भी खबर है. पुलिस के हवाले से खबर आ रही है कि पटियाला पुलिस उन्हें एक बलात्कार और वीडियो लीक मामले में स्थानीय थाने ले जा रही थी, तभी हरमीत और उनके साथियों ने पुलिस पर फायरिंग की. इसमें एक पुलिसकर्मी घायल हो गया. आरोप है कि भागने के दौरान हरमीत ने पुलिसकर्मी पर स्कॉर्पियो गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की.  वे एक स्कॉर्पियो और फॉर्च्यूनर कार में सवार होकर फरार हो गए. पुलिस ने फॉर्च्यूनर कार को पकड़ लिया है, लेकिन, हरमीत स्कॉर्पियो में फरार हैं. पंजाब और हरियाणा पुलिस मिलकर पीछा कर रही है. दरअसल, हरमीत के खिलाफ एक महिला ने आरोप लगाया कि 25 अगस्त को हरमीत पठानमाजरा ने प्राइवेट विडियो लीक करने और जान से मारने की धमकी दी. महिला के स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराने के बाद पंजाब पुलिस हरकत में आई. लेकिन, पुलिस की भनक लगते ही हरमीत पंजाब से फरार होकर हरियाणा में जा छिपा. इस मामले में पुलिस ने भारतीय दंड संहिता और इनफॉर्मेशन एंड टेक्नोलॉजी एक्ट (I&T ACT) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. समर्थकों से किया अपील पठान माजरा ने गिरफ्तारी से पहले बताया कि उनके खिलाफ धारा 376 (बलात्कार) के तहत मामला दर्ज किया गया है. उन्होंने कहा कि जो भी पंजाब की बात करता है, उसके खिलाफ मामले दर्ज कर दिए जाते हैं. उन्होंने अपील की कि ज़्यादा से ज़्यादा लोग पटियाला एसएसपी और डीसी ऑफिस पहुंचकर उनका समर्थन करें. आप विधायक (AAP MLA) ने आरोप लगाया कि ‘जब भी वह पंजाब के पक्ष में आवाज उठाते हैं, उन्हें दबाने की कोशिश की जाती है.’ उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश बताया है. उनका कहना है कहा कि ‘दिल्ली AAP टीम’ पंजाब में उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने समर्थकों से पटियाला के SSP और DC ऑफिस पहुंचकर समर्थन देने की अपील की. इसी दौरान उनके समर्थकों ने पुलिस पर हमला बोल दिया. पूरा आरोप तो जान लीजिए- एक महिला ने 25 अगस्त 2025 को पठानमाजरा के खिलाफ स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई. उसने आरोप लगाया कि हरमीत ने उसका निजी वीडियो लीक किया और जान से मारने की धमकी दी. इसके बाद, 26 अगस्त को महिला ने एक और शिकायत दर्ज की, जिसमें दावा किया कि हरमीत ने शादी का झांसा देकर उसका यौन शोषण किया. शिकायत के आधार पर, पटियाला पुलिस ने हरमीत के खिलाफ IPC की धारा 376 और IT एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया. पुलिस की कार्रवाई की भनक लगते ही हरमीत पंजाब से फरार होकर हरियाणा में छिप गया, लेकिन हरियाणा पुलिस ने उसे करनाल से गिरफ्तार कर लिया. हरमीत का बयान जब तक पुलिस उनको गिरफ्तार करती हरमीत को खबर लग चुकी थी. उन्होंने एक फेसबुक लाइव वीडियो में दावा किया कि उनके खिलाफ पुरानी शिकायत, जो उनकी पूर्व पत्नी से संबंधित है. उसी के आधार पर मामला दर्ज किया गया. उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश करार देते हुए कहा कि ‘दिल्ली AAP टीम’ पंजाब में उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने समर्थकों से पटियाला के SSP और DC ऑफिस पहुंचकर समर्थन देने की अपील की.  

बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत, सीएम मान ने घोषित की लाखों की आर्थिक सहायता

होशियारपुर  पिछले कुछ दिनों से होशियारपुर में हो रही भारी बारिश के कारण हजारों लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और 7 लोगों की जान चली गई है। छत गिरने से 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 अन्य लोग लगातार बारिश के कारण आए बाढ़ के पानी में डूब गए। इस त्रासदी पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने प्रभावित परिवारों को 4-4 लाख रुपए की तत्काल आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। 7 शोक संतप्त परिवारों में कुल 28 लाख वितरित किए जाएंगे। होशियारपुर के सांसद डा. राज कुमार चब्बेवाल ने नौगराईं गांव के मृतक सुरमू मोहम्मद के परिवार को व्यक्तिगत रूप से 4 लाख का मुआवजा चैक सौंपा। वह बाढ़ के पानी में बह गए थे और उनकी मृत्यु हो गई। इस अवसर पर डा. राज कुमार ने गहरी संवेदना व्यक्त की और संकट की घड़ी में लोगों के साथ खड़े रहने की पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि सरकार स्थिति पर सक्रिय रूप से नजर रख रही है और बारिश व बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए शीघ्र सहायता और पुनर्वास सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा, "प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने और पीड़ितों को सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। डा. राज ने अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों को यह भी आश्वासन दिया कि वह 24×7 फ़ोन पर उपलब्ध हैं और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का व्यक्तिगत रूप से दौरा करके स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। उन्होंने ख़तरनाक और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और जरूरत पड़ने पर उनके लिए बनाए गए सुरक्षित आश्रय गृहों में जाने का आग्रह किया और लोगों को सलाह दी कि वे बाढ़ग्रस्त चो या पुलों का उपयोग करके अपनी जान जोखिम में न डालें। हाल ही में हुई बारिश ने पंजाब के विभिन्न हिस्सों में सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है और प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्य जारी हैं। 

घग्गर नदी उफान पर, पंजाब में बाढ़ से हालात बिगड़े; शाह ने लिया अपडेट

पंजाब  पंजाब में बाढ़ से हालत चिंताजनक बने हुए हैं। राज्य में सैकड़ों गांव बाढ़ की चपेट में हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और मुख्यमंत्री भगवंत मान से बात की तथा राज्य में बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। वहीं, पंजाब में भंखरपुर इलाके के पास घग्गर नदी का जलस्तर सोमवार को बढ़ गया, जिसके मद्देनज़र ज़िला प्रशासन ने कई गांवों के लिए चेतावनी जारी की है। अधिकारियों ने बताया कि राजपुरा उप-मंडल की घनौर और सनौर विधानसभा क्षेत्रों में नदी के किनारे बसे गांवों के निवासियों को सतर्क रहने और नदी के पास न जाने की सलाह दी गई है। राजपुरा के उप-मंडल मजिस्ट्रेट अविकेश गुप्ता ने ऊंटसर, नन्हेड़ी, संजारपुर, लछरु, कमलपुर, रामपुर, सौंता, मारू और चमरू गांवों के लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। इसी तरह, भस्मरा, जलालखेड़ी, राजूखेड़ी, हडाना, पूर, धरमेरी, उल्टपुर और सिरकपरा गांवों के निवासियों को भी सतर्क रहने को कहा गया है। लगातार बारिश को देखते हुए पटियाला की उपायुक्त डॉ. प्रीति यादव ने कहा कि स्थानीय नाले, तालाब, घग्गर, गंगरी, मार्कंडा तथा अन्य नदियां उफान पर हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अस्थायी सड़कों, विशेषकर जल स्रोतों के पास स्थित रास्तों का उपयोग न करें और अनावश्यक यात्रा से बचें। उन्होंने आम जनता से यह भी अनुरोध किया कि लोग पुलों या उफनती जलधाराओं के पास तस्वीरें लेने या घूमने के लिए एकत्र न हों और पशुओं को भी नदी किनारे न ले जाएं। यादव ने बताया कि आगामी तीन दिन के लिए अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान ज़िला प्रशासन स्थिति पर लगातार नज़र रखे हुए है और समय-समय पर चेतावनियां जारी की जा रही हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी टीमें ज़िले भर में नदी तटों और संवेदनशील गांवों में तैनात हैं। घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन सतर्कता बरतना आवश्यक है।'' अमित शाह ने पंजाब के राज्यपाल, मुख्यमंत्री से की बात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और मुख्यमंत्री भगवंत मान से बात की तथा राज्य में बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। टेलीफोन पर बातचीत के दौरान राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री को मौजूदा स्थिति तथा प्रभावित लोगों के बचाव एवं राहत के लिए प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि शाह ने बाढ़ से निपटने के लिए दोनों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। लगातार बारिश के कारण पंजाब के कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं। राज्य सरकार ने रविवार को स्कूलों को बंद रखने की अवधि तीन सितंबर तक बढ़ा दी।   अधिकारियों के अनुसार, पंजाब में अगस्त में 253.7 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य से 74 प्रतिशत अधिक है और राज्य में 25 वर्षों में सबसे अधिक है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखे पत्र में मान ने कहा कि पंजाब इस समय दशकों में आई सबसे भीषण बाढ़ आपदा से जूझ रहा है, जिससे लगभग 1,000 गांव और लाखों लोग प्रभावित हुए हैं।