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पंजाब में बेअदबी कानून को लेकर बड़ा दिन, अकाल तख्त के समक्ष आज अपना पक्ष रखेगी सरकार

अमृतसर. आम आदमी पार्टी ने फैसला किया है कि सोमवार को पार्टी के सभी मंत्री व विधायक श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होंगे। रविवार को पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान की उपस्थिति में पार्टी विधायकों व मंत्रियों की हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ने पंजाब सरकार द्वारा बनाए गए बेअदबी कानून के प्रावधानों में संशोधन नहीं करने पर विधानसभा के सभी सिख विधायकों व पूरी कैबिनेट को 29 जून को श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होने के लिए कहा था। रविवार को बैठक के बाद अरविंद केजरीवाल के साथ पत्रकारों से वार्ता करते हुए भगवंत मान कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब से जारी प्रत्येक आदेश का अक्षरशः पालन किया जाएगा। पार्टी के सभी मंत्री, विधायक तथा विधानसभा के स्पीकर, जिन्हें श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा तलब किया गया है, सोमवार को विनम्र सिख के रूप में सरकार की स्थिति स्पष्ट करेंगे तथा अपना पक्ष रखेंगे। वीडियो से संबंधित विवरण भी श्री अकाल तख्त साहिब को सौंपेंगे इसके अलावा उनकी नकल करने वाले व्यक्ति के फर्जी वीडियो से संबंधित समस्त विवरण भी श्री अकाल तख्त साहिब को सौंपेंगे। मान ने कहा कि उन्हें पेश होने के लिए कोई पत्र जारी नहीं किया गया है। महाराष्ट्र सरकार द्वारा 70 वर्ष पुराने "नांदेड़ सिख गुरुद्वारा सचखंड श्री हजूर अबचलनगर साहिब अधिनियम, 1956" को निरस्त करने के निर्णय पर मुख्यमंत्री ने कहा, "महाराष्ट्र सरकार को सिख कौम के धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। महाराष्ट्र की भाजपा सरकार को ऐसे कदम उठाने से बचना चाहिए जिनसे सिख समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हों। राजनीति और धर्म दोनों अलग-अलग विषय हैं और इन्हें किसी भी स्थिति में आपस में नहीं मिलाया जाना चाहिए। 15 जून को श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ने दिया था करार उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री के कथित वीडियो को लेकर 15 जून को श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ने गुरु व पंथ दोखी (गुरु व पंथ के दोषी) करार दिया था। इसी कारण मान को पेश होने के लिए नहीं कहा गया है। मान ने कहा कि एसजीपीसी ने अब गुरुद्वारों के बाहर मेरे सामाजिक बहिष्कार के पोस्टर लगाने का आदेश दिया है। उन्होंने सवाल किया कि शिरोमणि अकाली दल अथवा सुखबीर बादल के खिलाफ ऐसे पोस्टर कभी क्यों नहीं लगाए गए, जबकि उन्होंने स्वयं बेअदबी की घटनाओं की जिम्मेदारी स्वीकार की थी? मान ने कहा कि संगत समझदार है और जनता सर्वोच्च है। आरोप लगाया कि भाजपा, कांग्रेस और अकाली दल मुझे धार्मिक रूप से बदनाम कर राजनीतिक लाभ लेना चाहते हैं।

सिख धर्म के खिलाफ कथित टिप्पणी पर लुधियाना में निहंग सिंहों का प्रदर्शन, सड़क जाम

लुधियाना. महानगर में सोशल मीडिया पर सिख गुरु साहिबान और धर्म के खिलाफ कथित तौर पर बेहद आपत्तिजनक व गलत शब्दावली का इस्तेमाल करने वाले आरोपी चेतन शर्मा की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आज माहौल पूरी तरह गरमा गया। आरोपी की गिरफ्तारी न होने से रोष में आए निहंग सिंहों ने समराला चौक से बस्ती जोधेवाल जाने वाले मुख्य मार्ग पर सरेराह धरना देकर रोड को पूरी तरह जाम कर दिया। इस चक्का जाम के कारण हाईवे और आसपास के लिंक रास्तों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और ट्रैफिक व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई। धरना प्रदर्शन कर रहे निहंग सिंहों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आरोपी चेतन शर्मा ने सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को गंभीर ठेस पहुंचाई है। हालांकि, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी के खिलाफ मामला तो दर्ज कर लिया है, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक उसकी आधिकारिक गिरफ्तारी नहीं की गई है। निहंग सिंहों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक पुलिस आरोपी को सलाखों के पीछे नहीं धकेलती, तब तक उनका यह विरोध प्रदर्शन शांत नहीं होगा। सड़क के बीचों-बीच लगे इस भारी जाम की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस के आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को शांत करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निहंग सिंहों से बातचीत शुरू की। पुलिस द्वारा उन्हें लगातार समझाने-बुझाने और आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का भरोसा दिया जा रहा था ताकि बंद पड़े रास्ते को खुलवाया जा सके। हालांकि, खबर लिखे जाने तक दोनों पक्षों के बीच गतिरोध बना हुआ था और निहंग सिंहों का धरना सड़क पर लगातार जारी था। 

बारिश के इंतजार में पंजाब, बढ़ी उमस ने बढ़ाई मुश्किलें, कूलर-पंखे हुए बेअसर

अमृतसर. शहर में भीषण गर्मी एवं उमस ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। सुबह से ही वातावरण में नमी अधिक होने के कारण लोग पसीने से तरबतर रहे। उमस के चलते घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। बाजारों, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही सामान्य दिनों की अपेक्षा कम रही। दिनभर गर्म हवाओं के साथ उमस ने लोगों को बेहाल रखा। कूलर और पंखे भी राहत देने में नाकाम नजर आए, जबकि एयर कंडीशनर का इस्तेमाल बढ़ने से बिजली की मांग में भी इजाफा हुआ। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, ओ.आर.एस. और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करने, हल्के सूती कपड़े पहनने तथा धूप और उमस से बचने की सलाह दी है। उनका कहना है कि अत्यधिक उमस के कारण शरीर में पानी की कमी, थकान और हीट स्ट्रैस जैसी समस्याएं हो सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार 39 डिग्री तापमान नोट किया गया। वहीं अगले कुछ दिनों तक उमस भरा मौसम बने रहने की संभावना है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है। मजदूर वर्ग के लिए इस समय काम करना बड़ा मुश्किल है।

पंजाब में बोर्ड छात्रों के लिए नया नियम, डिजिटल बर्थ सर्टिफिकेट जरूरी होते ही सेवा केंद्रों पर लंबी कतारें

लुधियाना. पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा बोर्ड क्लासों के लिए डिजिटल बर्थ सर्टीफिकेट को अनिवार्य किया गया है, परंतु सेवा केंद्रों में यह सर्टीफिकेट न बन पाने के कारण विद्यार्थियों, अभिभावकों और स्कूल संचालकों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। परीक्षा फॉर्म और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया के लिए यह दस्तावेज अति आवश्यक है लेकिन सेवा केंद्रों में जारी भारी रश के कारण इसे समय पर बनवाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। वर्तमान में पंजाब सरकार की ‘मुख्य मंत्री धीयां-भैणा सत्कार स्कीम’ के तहत लाभ लेने के लिए जाति सर्टीफिकेट और अन्य दस्तावेज बनवाने वाले आवेदकों की सेवा केंद्रों में भारी भीड़ देखने को मिल रही है। इस योजना के कारण हर छोटे-बड़े सेवा केंद्र पर सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। इस भारी भीड़ के कारण सेवा केंद्रों का पूरा स्टाफ और डिजिटल सिस्टम केवल स्कीम के दस्तावेज तैयार करने में व्यस्त है, जिसके चलते बोर्ड क्लासों के विद्यार्थियों के डिजिटल बर्थ सर्टीफिकेट नहीं बन पा रहे हैं। दिहाड़ी छोड़कर चक्कर काटने को मजबूर हैं अभिभावक डिजिटल सर्टीफिकेट न बनने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को झेलनी पड़ रही है। दिहाड़ी-मजदूरी करने वाले अभिभावक अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अपनी रोजाना की दिहाड़ी छोड़कर सुबह से ही सेवा केंद्रों के बाहर लंबी लाइनों में खड़े होने को मजबूर हैं। दिनभर इंतजार करने के बाद भी जब काऊंटरों पर उनका नंबर आता है, तो भारी रश या सर्वर डाऊन होने का हवाला देकर उन्हें वापस भेज दिया जाता है, जिससे विद्यार्थी और उनके अभिभावक लगातार मानसिक रूप से परेशान हो रहे हैं। स्कूल संचालकों और अध्यापकों के सामने खड़ी हुई बड़ी समस्या शिक्षा बोर्ड के नियमों के मुताबिक बिना डिजिटल बर्थ सर्टीफिकेट के विद्यार्थियों के बोर्ड परीक्षाओं के रजिस्ट्रेशन फॉर्म और अन्य जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन सबमिट नहीं किए जा सकते। स्कूल संचालकों और अध्यापकों का कहना है कि वे लगातार विद्यार्थियों को सर्टीफिकेट जमा करने के लिए कह रहे हैं लेकिन सेवा केंद्रों में सर्टीफिकेट न बनने के कारण वे भी बेबस नजर आ रहे हैं। यदि समय रहते ये डिजिटल सर्टीफिकेट बोर्ड के पोर्टल पर अपलोड नहीं हुए, तो रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में बड़ी समस्या आ सकती है।

NEET UG Re-Exam में 8 बोनस मार्क्स का ऐलान, आज ही दर्ज करें आपत्ति, फिर नहीं मिलेगा मौका

लुधियाना. नेशनल टेस्टिंग एजैंसी (एन.टी.ए.) द्वारा आयोजित की गई नीट यूजी 2026 री-एग्जाम का रिजल्ट आने से पहले ही विद्यार्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है और परीक्षा देने वाले सभी उम्मीदवारों के 4 नंबर एडवांस में पक्के हो गए हैं। 21 जून को हुए री-एग्जाम की प्रोविजनल आंसर-की जारी कर दी गई है जिसमें फिजिक्स के एक सवाल को 'ड्रॉप' यानी हटा दिया गया है। इस हटाए गए सवाल के बदले परीक्षा में बैठने वाले सभी विद्यार्थियों को पूरे 4 बोनस नंबर दिए जाएंगे, भले ही किसी विद्यार्थी ने उस सवाल को हल करने की कोशिश की हो या नहीं। चूंकि यह परीक्षा एक ही शिफ्ट में हुई थी इसलिए देशभर के सभी 20 लाख विद्यार्थियों को इसका सीधा फायदा मिलेगा। इसके अलावा फिजिक्स के ही एक अन्य सवाल के 2 जवाब सही पाए गए हैं। जिन विद्यार्थियों ने उन दोनों विकल्पों में से किसी एक को भी चुना होगा, उन्हें भी पूरे 4 नंबर मिलेंगे। इलैक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स और वर्नियर कैलिपर्स से जुड़े सवालों को लेकर आपत्ति दर्ज करवाई गई थी। विशेषज्ञ अब इस बात पर सवाल उठा रहे हैं कि उच्च स्तरीय तैयारियों के बावजूद री-एग्जाम के प्रश्नपत्र में भी ऐसी नौबत क्यों आई और क्या प्रश्न पत्र तैयार करने की प्रक्रिया में कोई बड़ी कमी रह गई थी। आपत्तियां दर्ज कराने का मौका एन.टी.ए. द्वारा जारी प्रोविजनल आंसर-की में यदि किसी विद्यार्थी को किसी सवाल के जवाब को लेकर कोई आपत्ति है, तो वह उसे 28 जून तक चैलेंज कर सकता है। एक सवाल को चैलेंज करने की फीस 200 रुपए तय की गई है। अगर आपत्ति सही पाई जाती है, तो यह फीस वापस कर दी जाएगी। फाइनल आंसर-की आने के बाद ही साफ होगा कि क्या कोई और सवाल भी हटाया गया है। फिजिक्स के साथ-साथ कैमिस्ट्री, बायोलॉजी और जूलॉजी में भी कुछ सवालों के गलत होने की आशंका जताई जा रही है।

अकाली दल को बड़ा झटका, पूर्व विधायक दर्शन सिंह ने थामा वारिस पंजाब दे का दामन

लुधियाना. पंजाब की राजनीति में रविवार को एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। शिरोमणि अकाली दल को उस समय बड़ा झटका लगा, जब गिल विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक दर्शन सिंह शिवालिक ने पार्टी छोड़कर वारिस पंजाब दे का दामन थाम लिया। एक कार्यक्रम के दौरान उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई गई। इस अवसर पर संगठन के प्रमुख नेता और खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह तथा वरिष्ठ नेता मनप्रीत सिंह अयाली भी मौजूद रहे।पार्टी में शामिल होने के बाद दर्शन सिंह शिवालिक ने अपने फैसले के पीछे दो प्रमुख कारण बताए। उन्होंने कहा कि पंजाब के युवाओं को नशे की दलदल से बाहर निकालना उनकी पहली प्राथमिकता है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पंथ की रक्षा और उससे जुड़े मुद्दों पर मजबूती से आवाज उठाना भी उनके इस निर्णय का प्रमुख आधार है। कार्यकर्ताओं को उचित सम्मान नहीं शिवालिक ने शिरोमणि अकाली दल के नेतृत्व पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में लंबे समय से काम कर रहे समर्पित कार्यकर्ताओं और नेताओं को उचित सम्मान नहीं मिल रहा है। उनके अनुसार संगठन के भीतर कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है, जिससे कई नेता खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन्हीं परिस्थितियों के चलते उन्होंने अकाली दल छोड़ने का फैसला लिया। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ नेता मनप्रीत सिंह अयाली ने भी अकाली दल के वर्तमान नेतृत्व पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल निजी हितों और स्वार्थों से ऊपर उठकर निर्णय लें तो अकाली दल के अलग-अलग धड़ों को दोबारा एकजुट किया जा सकता है। अयाली ने संकेत दिया कि पार्टी के भीतर मतभेदों का प्रमुख कारण नेतृत्व शैली और निर्णय लेने का तरीका रहा है। चुनौतियों को सामना कर रही अकाली दल अयाली के इस बयान को पंजाब की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अकाली दल पहले ही कई नेताओं के अलग होने और संगठनात्मक चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में गिल क्षेत्र से लंबे समय तक सक्रिय रहे पूर्व विधायक दर्शन सिंह शिवालिक का पार्टी छोड़ना संगठन के लिए एक और झटका माना जा रहा है। दर्शन सिंह शिवालिक का गिल विधानसभा क्षेत्र में अपना राजनीतिक आधार रहा है। ऐसे में उनके वारिस पंजाब दे में शामिल होने से स्थानीय स्तर पर पार्टी की सक्रियता बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, आने वाले समय में इसका चुनावी और संगठनात्मक असर कितना होगा, यह राजनीतिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। वारिस पंजाब दे कर रही संगठन विस्तार वारिस पंजाब दे लगातार अपने संगठन के विस्तार में जुटी हुई है और विभिन्न क्षेत्रों के नेताओं को अपने साथ जोड़ने का प्रयास कर रही है। वहीं, शिरोमणि अकाली दल के सामने संगठन को मजबूत बनाए रखने और कार्यकर्ताओं के विश्वास को कायम रखने की चुनौती बनी हुई है। दर्शन सिंह शिवालिक के इस फैसले के बाद पंजाब की राजनीतिक हलचल और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में अन्य नेता भी इसी तरह दल बदलते हैं, तो इसका असर प्रदेश की सियासी तस्वीर पर पड़ सकता है। फिलहाल, शिवालिक के वारिस पंजाब दे में शामिल होने और मनप्रीत सिंह अयाली के बयान ने पंजाब की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।

AAP नेताओं की आज अकाल तख्त में पेशी, CM मान का बड़ा बयान- हर फैसला सिर माथे पर

अमृतसर. आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा पार्टी के मंत्रियों और विधायकों को तलब किए जाने के मामले में अपना पक्ष सार्वजनिक किया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पष्ट कहा कि पार्टी अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता का सम्मान करती है। इसलिए जिन मंत्रियों और विधायकों को बुलाया गया है, वे सभी निर्धारित समय पर श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष उपस्थित होंगे और मांगा गया लिखित जवाब भी सौंपेंगे। उन्होंने कहा कि जो भी फैसला आएगा, उसे पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ स्वीकार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से तलब नहीं किया गया है, इसलिए सरकार का पक्ष पार्टी के मंत्री और विधायक रखेंगे। उन्होंने बताया कि कुछ मंत्रियों से लिखित स्पष्टीकरण भी मांगा गया है, जिसे वे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सौंपेंगे। इस दौरान पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां भी उनके साथ मौजूद रहेंगे। सीएम मान का दावा- वीडियो फर्जी भगवंत मान ने उस कथित वायरल वीडियो का भी उल्लेख किया, जिसे इस पूरे विवाद का आधार बताया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि वीडियो फर्जी है और उसे कृत्रिम तरीके से तैयार किया गया है। उनके अनुसार वीडियो में मास्क तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में पूरा पत्र और संबंधित वीडियो श्री अकाल तख्त साहिब को उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार या पार्टी कभी भी श्री अकाल तख्त साहिब के साथ किसी प्रकार के टकराव की कल्पना भी नहीं कर सकती। उन्होंने दोहराया कि श्री अकाल तख्त साहिब सिख पंथ की सर्वोच्च संस्था है और उसके प्रति पूरा सम्मान बनाए रखा जाएगा। अनावश्यक विवाद बढ़ाया जा रहा मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर गुरुद्वारों के बाहर उनके विरोध में बोर्ड लगाए जा रहे हैं और उन्हें श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश के रूप में प्रचारित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब पूर्व मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल को धार्मिक दंड सुनाया गया था, तब इस तरह का माहौल नहीं बनाया गया था। उनके अनुसार इस प्रकार की गतिविधियां अनावश्यक विवाद को बढ़ावा देती हैं। भगवंत मान ने कहा कि पंथक एकत्रीकरण बुलाने का अधिकार शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पास है और वह अपने अधिकारों के अनुसार ऐसा कर सकती है। उन्होंने कहा कि सिख परंपरा में सबसे बड़ा सम्मान संगत को दिया गया है। उनका दावा था कि कई बार शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रबंधित गुरुद्वारों में उनके खिलाफ बोर्ड लगाए गए, लेकिन वहां पहुंचने पर संगत ने उन्हें सम्मान दिया। अमृतसर में बनेगा लव-कुश व माता जानकी का मंदिर इस अवसर पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अमृतसर में भगवान लव-कुश और माता जानकी के नाम पर एक भव्य मंदिर बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अमृतसर विश्व की सबसे पवित्र धार्मिक धरती में से एक है, जहां विभिन्न धर्मों के लोग और उनके प्रमुख धार्मिक स्थल मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि मंदिर निर्माण की विस्तृत रूपरेखा और अन्य जानकारियां बाद में साझा की जाएंगी। अरविंद केजरीवाल ने राम मंदिर चंदा चोरी मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में केवल छोटे स्तर के लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जबकि बड़े जिम्मेदार लोगों तक जांच नहीं पहुंची। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि सच्चाई सामने आनी चाहिए और यदि कोई भी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

श्री अकाल तख्त साहिब में पेशी से पहले CM भगवंत मान और सिसोदिया ने की रणनीतिक चर्चा

अमृतसर. श्री अकाल तख्त साहिब पर सोमवार को प्रस्तावित पेशी से एक दिन पहले आम आदमी पार्टी (आप) की 11:30 बजे अमृतसर के सर्किट हाउस में अपने सभी विधायकों व मंत्रियों की विशेष बैठक होगी। बैठक में मुख्यमंत्री भगवंत मान भी शामिल होंगे। बैठक में पार्टी धार्मिक और राजनीतिक रूप से संवेदनशील इस पूरे घटनाक्रम पर अपना रुख स्पष्ट करने के साथ ही साथ आगे की रणनीति तय करेगी। हालांकि मुख्यमंत्री भगवंत मान को अब तक कोई आधिकारिक पत्र नहीं मिला है। बावजूद इसके उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से उन्हें बुलाया जाता है, तो वे वह सम्मानपूर्वक उपस्थित होंगे। श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश होने से पहले रविवार स्तरीय अमृतसर में बैठक रखी है, जिसमें विशेष तौर पर भाग लेने के लिए आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल व पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया भी पहुंच चुके हैं।

पंजाब के मोगा में दिल दहला देने वाली घटना, खूंखार कुत्तों के हमले में मजदूर की दर्दनाक मौत

मोगा. थाना मेहना के गांव कपूरे में गत रात्रि खूंखार कुत्तों द्वारा खेत से काम करके वापस लौट रहे एक मजदूर को बुरी तरह नोच डाला है। जिसकी मौका पर मौत हो गई घटना का पता सुबह परिवार को लगा तो परिवार ने सूचना पुलिस को दी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोगा के सिविल अस्पताल में पहुंचा दिया है। सिविल अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार 50 वर्षीय सरबजीत सिंह पुत्र भजन सिंह निवासी कपूरे गांव के ही एक किसान के पास मेहनत मजदूरी करता था। वह गत रात्रि खेत में फसल को पानी लगाने के लिए गया था पानी लगाने के बाद वह पैदल वापस लौट रहा था तो रास्ते में खूंखार कुत्तों के झुंड ने सरबजीत सिंह को घेर लिया और बुरी तरह नोच डाला। जिसकी मौका पर ही मौत हो गई सूचना मिलते ही शव को कब्जे में लेकर आगामी जांच शुरू कर दी है। पहले भी हो चुकी है ऐसी घटनाएं शव को लेकर सिविल अस्पताल में पहुंचे गांव वासियों ने बताया कि उनके गांव में खूंखार कुत्तों का झुंड अक्सर ही लोगों को अपना शिकार बना लेता है गांव में बहुत ज्यादा गिनती में खूंखार कुत्ते घूमते हैं इससे पहले भी खूंखार कुत्तों के झुंड ने गांव के कई लोगों को अपना शिकार बना लिया यह कोई पहली घटना नहीं है इससे पहले भी लगभग 6-7 लोग काट कर घायल किया जा चुके हैं।

रक्षा तकनीक में बड़ा कदम, IIT रोपड़ विकसित करेगा AI टैंक और लेजर ड्रोन-रोधी सिस्टम

चंडीगढ़ भारतीय सेना को आधुनिक और स्वदेशी हथियारों से लैस करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। पंजाब स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT), रोपड़ ने आर्मी टेक्नोलॉजी बोर्ड (ATB) से कुल 120 करोड़ रुपये के दो महत्वपूर्ण रक्षा प्रोजेक्ट हासिल किए हैं। 27वें आर्मी टेक्नोलॉजी बोर्ड साइकिल के तहत दिए गए इन प्रोजेक्ट्स का मुख्य उद्देश्य भारतीय सेना के लिए 'स्वायत्त बख्तरबंद वाहन' (Autonomous Armoured Vehicles) और 'डायरेक्टेड एनर्जी वेपन' (Directed Energy Weapons) विकसित करना है। यह कदम न केवल सीमा पर सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि भविष्य की युद्ध तकनीकों में भारत को आत्मनिर्भर भी बनाएगा। बिना इंसानी मदद के चलेंगे बख्तरबंद वाहन इस पहल का पहला प्रमुख हिस्सा अगली पीढ़ी के कॉम्बैट प्लेटफॉर्म यानी स्वायत्त बख्तरबंद वाहनों का विकास है। ये ऐसे वाहन या टैंक होंगे जिन्हें चलाने के लिए इंसानों की कम से कम जरूरत पड़ेगी। आईआईटी रोपड़ के निदेशक राजीव आहूजा के अनुसार, ये सिस्टम नेविगेशन, खतरों की पहचान करने और युद्ध के मैदान में सटीक निर्णय लेने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि इससे दुश्मन के चुनौतीपूर्ण इलाकों और प्रतिकूल परिस्थितियों में काम कर रहे हमारे सैनिकों के लिए जोखिम काफी कम हो जाएगा। भविष्य की तकनीक: डायरेक्टेड एनर्जी वेपन (DEW) आईआईटी रोपड़ का दूसरा प्रोजेक्ट 'डायरेक्टेड एनर्जी वेपन' के विकास से जुड़ा है। ये हथियार आधुनिक युद्ध क्षेत्र के लिए 'गेम-चेंजर' माने जा रहे हैं। इनमें दुश्मनों के खतरों को बेअसर करने के लिए अत्यधिक केंद्रित विद्युत चुम्बकीय ऊर्जा बीम का इस्तेमाल किया जाता है। निदेशक आहूजा ने बताया कि एंटी-ड्रोन ऑपरेशन, मिसाइल रक्षा प्रणाली और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध (Electronic Warfare) अनुप्रयोगों के लिए इन प्रणालियों को आधुनिक युद्ध में बेहद मारक और उपयोगी माना जा रहा है। राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ आर्थिक विकास को मिलेगा बूस्ट भारतीय सेना के सैन्य संचालन निदेशालय ) के तहत काम करने वाला एटीबी (ATB) उभरती तकनीकी आवश्यकताओं की पहचान करता है और उन्नत समाधान देने में सक्षम संस्थानों को महत्वपूर्ण अनुसंधान और विकास कार्य सौंपता है। आईआईटी रोपड़ को ये दोनों प्रोजेक्ट रोबोटिक्स, ऑटोनॉमस सिस्टम, फोटोनिक्स और लेजर तकनीक में उसकी विशेषज्ञता के आधार पर मिले हैं। संस्थान के निदेशक ने इसे सेना द्वारा उनके रिसर्च इकोसिस्टम पर जताए गए भरोसे का प्रतीक बताया है। उन्होंने कहा, "हमारे संकाय और छात्र रक्षा प्रौद्योगिकी डोमेन में कठोर परिश्रम कर रहे हैं। हम इसे राष्ट्रीय सुरक्षा में सीधे योगदान के रूप में देखते हैं और इसे सामरिक रक्षा कार्यक्रमों के लिए आवश्यक अनुशासन के साथ पूरा करेंगे।" इन प्रोजेक्ट्स का असर केवल सेना तक सीमित नहीं रहेगा। आईआईटी रोपड़ के अधिकारियों का कहना है कि इन रक्षा कार्यक्रमों से क्षेत्र में भारी आर्थिक गतिविधियां भी पैदा होंगी। कलपुर्जों के निर्माण और परीक्षण के लिए स्टार्टअप्स, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) और उद्योग भागीदारों के साथ सहयोग किया जाएगा। रक्षा विशेषज्ञों का भी मानना है कि इस तरह के बड़े तकनीकी कार्यक्रमों से रिसर्च संस्थानों के आसपास एक 'इनोवेशन इकोसिस्टम' तैयार होता है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं और विशेष उद्योगों को बढ़ावा मिलता है।