samacharsecretary.com

पंजाब के मुख्यमंत्री की राष्ट्रपति से अकेली मुलाकात, 6 सांसदों के राइट टू रिकॉल पर करेंगे चर्चा

चंडीगढ़   राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ 5 मई की मुलाकात से पहले पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता के जनादेश और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद जो होगा, उससे आगे की रणनीति तय की जाएगी। राघव चड्ढा समेत 7 राज्यसभा सांसदों के आम आदमी पार्टी छोड़ भाजपा में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उन्हें पंजाब का गद्दार बताया था। इसके साथ ही, भगवंत मान ने दलबदल से जुड़े विषय को लेकर राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा था। खास बात है कि भगवंत मान ने राष्ट्रपति से अपने सारे विधायकों संग मिलने का समय मांगा था, लेकिन राष्ट्रपति ने सिर्फ भगवंत मान को अकेले मिलने का समय दिया है। अब भगवंत मान ने कहा है कि वह अपने सारे विधायकों के साथ दिल्ली राष्ट्रपति भवन जाएंगे। राष्ट्रपति ने भगवंत मान के अकेले मिलने का समय दिया गुरुवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी दी कि राष्ट्रपति ने उन्हें 5 मई को दोपहर 12 बजे मिलने का समय दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लिखा, 'पंजाब की जनता के जनादेश और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है। मुझे आपको यह बताते हुए खुशी हो रही है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 5 मई को दोपहर 12 बजे मिलने का समय दिया है। हालांकि, हमने सभी विधायकों के लिए समय मांगा था, लेकिन मुझे अकेले ही मिलने का निमंत्रण मिला है।' राष्ट्रपति से मिलने के बाद बनाएंगे रणनीति भगवंत मान ने कहा कि वह अपने साथी विधायकों के साथ राष्ट्रपति भवन जाएंगे। उनके सारे विधायक बाहर इंतजार करेंगे और वह अकेले राष्ट्रपति से मिलने अंदर जाएंगे। उन्होंने कहा कि मैं अंदर जाकर राष्ट्रपति के समक्ष सभी की ओर से पंजाब की आवाज और जनता का पक्ष मजबूती से रखूंगा। बैठक के बाद अगली रणनीति साझा की जाएगी। यह कीमती समय देने के लिए माननीय राष्ट्रपति का तहे दिल से धन्यवाद। राघव चड्ढा को लेकर भगवंत मान ने क्या कहा इससे पहले, सीएम मान ने बुधवार को अपने एक बयान में कहा कि जो लोग इस दलबदल को सामान्य बात या परंपरा बता रहे हैं, वे जनता के फैसले की घोर अवहेलना को उचित ठहरा रहे हैं। यह अस्वीकार्य है, और इस तरह बोलने वाले लोग अपनी निष्ठा बदलने की तैयारी में दिख रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जनता के जनादेश का अपमान करने वाले ये सांसद किसी भी दया के पात्र नहीं हैं, क्योंकि वे पंजाब और पंजाबियों के गद्दार हैं। राष्ट्रपति से क्यों मिलने जा रहे CM मान आम आदमी पार्टी (AAP) के कुल 7 व पंजाब से राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी में बड़ी फूट की खबरें सामने आई थीं। पालिटिकल एक्सपर्ट डॉ. कृपाल सिंह औलख की मानें तो विधायकों को साथ ले जाकर मान यह दिखाना चाहते हैं कि पंजाब के विधायक अभी भी उनके और अरविंद केजरीवाल के साथ पूरी तरह एकजुट हैं। इसके अलावा वह पंजाब में भी मैसेज देने की कोशिश करेंगे कि उनकी पार्टी के 6 सांसदों ने पार्टी बदली तो उन्होंने उनकी मेंबरशिप खारिज करने तक की लड़ाई लड़ी। इससे इस बात का भी डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश होगी कि AAP ने गैर पंजाबियों को चुनकर राज्यसभा भेजा था। चूंकि राज्यसभा के लिए विधायक वोटिंग करते हैं, इसलिए इसमें लोगों का सीधा दखल नहीं है। इस फैसले की जिम्मेदार उन्हें राज्यसभा भेजने वाली पार्टी ही होती है। कल विधायकों की जालंधर मीटिंग की इनसाइड स्टोरी भी पढ़िए… कल आम आदमी पार्टी (AAP) ने जालंधर में मीटिंग बुलाई थी। सवा घंटे चली इस मीटिंग में विधायकों ने इकट्ठा होकर शक्ति प्रदर्शन किया। राघव चड्ढा के सवाल पर हर विधायक चिढ़ता नजर आया। खुद सिसोदिया यह कहकर निकल गए कि BJP बहुत घटिया और झूठी पार्टी है। उसकी बातों में मत आया करो। मीटिंग में CM भगवंत मान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े थे। इस दौरान CM ने सुखपाल खैहरा का उदाहरण देते हुए विधायकों को अप्रत्यक्ष तौर पर चेतावनी दी। CM ने कहा- कुछ गड़बी पानी निकलने से नदी नहीं सूखती। खैहरा को भी गलतफहमी हुई थी कि AAP को छोड़ने से AAP खत्म हो जाएगी। खैहरा के न रहते भी 92 MLA आए। जो गए, उन्हें भी यही भ्रम है, लेकिन अच्छा हुआ वे वक्त से गए। इनके जाने से जो निगेटिविटी फैली है, उसे अगले कुछ महीनों में दूर कर लिया जाएगा। पार्टी सूत्र ने दावा किया की मीटिंग में 80 से ज्यादा विधायक आए थे। कुछ हाजिरी लगाकर निकल गए, क्योंकि उनके कार्यक्रम पहले से शेड्यूल थे। AAP की मीटिंग के क्या राजनीतिक मायने…     कार्यकर्ताओं-विधायकों को बुलाकर विरोधियों को जवाब: पंजाब की AAP सरकार ने जालंधर में करीब 1 हजार ऑब्जर्वर और विधायकों की मीटिंग बुलाई। पार्टी सूत्रों ने बताया कि राघव चड्ढा के साथ हुए विवाद और फिर पार्टी के 6 राज्यसभा सांसदों के टूटने से बॉटम लाइन वर्करों में मैसेज जा रहा था कि पार्टी में गड़बड़ी है। विरोधी कई दिन से AAP पर हमलावर थे। मीटिंग के जरिए उन्हें जवाब दिया गया।     वर्करों के बीच जाकर साथ खड़े होने का संदेश: BJP ने AAP के राज्यसभा सांसदों को तोड़कर बड़ा डेंट दिया है। सूत्र बताते हैं कि मीटिंग में वर्करों की निराशा को दूर करने पर काम किया गया। उन्हें गेम खिलाना इसी का हिस्सा रहा। खुद सिसोदिया ने एक-एक के पास जाकर हाथ मिलाया।     विधायकों-ऑब्जर्वर्स की बॉन्डिंग चेक की: पार्टी के ही एक जिला लेवल वर्कर ने बताया कि मीटिंग और गेम्स के जरिए विधायकों और ऑब्जर्वर्स के बीच की बॉन्डिंग भी चेक की गई। चुनाव सामने हैं और पार्टी इससे पहले हर तरह का नाराजगी को दूर करना चाहती है। इसलिए, सबको एक मंच पर लाया गया, ताकि ऊपर से भेजे मैसेज का नीचे तक असर हो।     एक्टिविटी करवाकर जोश भरा: पार्टी की तरफ से विधायकों और ऑब्जर्वर्स के बीच 20 मिनट तक गेम करवाए गए। इसमें रस्साकसी और रिंग के बीच से शरीर निकालने का कंपीटिशन करवाया गया। खुद मनीष सिसोदिया ने वर्करों और विधायकों के … Read more

Chandigarh Summer Break: 16 मई से 15 जुलाई तक छुट्टियां घोषित, PGI Chandigarh का नोटिफिकेशन

चंडीगढ़. PGI प्रशासन ने इस साल टीचिंग फैकल्टी के लिए गर्मी की छुट्टियों का शेड्यूल जारी कर दिया है। ये छुट्टियां 16 मई से 15 जुलाई तक रहेंगी, लेकिन मरीज की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इन्हें 2 फेज में बांटा गया है। पहला फेज 16 मई से 14 जून तक और दूसरा 16 जून से 15 जुलाई तक होगा, जबकि 15 जून को सभी फैकल्टी मेंबर्स ड्यूटी पर मौजूद रहेंगे। PGI एस्टैब्लिशमेंट ब्रांच-1 की तरफ से जारी आदेशों के मुताबिक, मरीजों के ट्रीटमेंट और हॉस्पिटल सर्विसेज पर असर न पड़े, इसके लिए कम से कम 50 फीसदी फैकल्टी का हर समय ड्यूटी पर रहना जरूरी कर दिया गया है। सभी डिपार्टमेंट हेड्स को 15 दिनों के अंदर ड्यूटी रोस्टर बनाकर प्रशासन को भेजने को कहा गया है। आदेशों में साफ किया गया है कि कोई भी फैकल्टी मेंबर दोनों फेज की छुट्टियां एक साथ नहीं ले सकेगा और न ही उन्हें छोटे-छोटे हिस्सों में बांट सकेगा। इसके अलावा, एक फेज में छुट्टी लेने के बाद दूसरे फेज में कोई कॉन्फ्रेंस, LTC या अर्न्ड लीव नहीं मिलेगी। PGI प्रशासन का कहना है कि इस पूरी व्यवस्था का मकसद यह पक्का करना है कि फैकल्टी छुट्टी के दौरान बिना किसी रुकावट के मरीजों को सर्विस देती रहे। गर्मियों की छुट्टियों के नए शेड्यूल में मरीजों की सुविधा को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता दी गई है। 

Dengue Alert: संजीव अरोड़ा ने दिए सख्त आदेश, फॉगिंग में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

चंडीगढ़. राज्य में डेंगू, मलेरिया और अन्य मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। उद्योग एवं वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन, बिजली और स्थानीय निकाय मंत्री संजीव अरोड़ा ने राज्य भर के नगर निगम कमिश्नरों और अतिरिक्त उपायुक्तों (जनरल व शहरी विकास) को निर्देश दिए हैं कि अपने-अपने क्षेत्रों में समय पर और व्यापक स्तर पर फॉगिंग अभियान सुनिश्चित किया जाए। मंत्री ने स्पष्ट किया कि डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियां, जो मच्छरों के जरिए फैलती हैं, सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हैं। यदि समय रहते इन पर नियंत्रण नहीं किया गया तो यह जानलेवा साबित हो सकती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अधिकारियों को तुरंत फॉगिंग अभियान शुरू करने के निर्देश दिए। अरोड़ा ने कहा कि फॉगिंग केवल औपचारिकता न रहे, बल्कि इसे नियमित और प्रभावी ढंग से चलाया जाए। उन्होंने खास तौर पर यह सुनिश्चित करने को कहा कि यह अभियान पीक सीजन से पहले ही पूरी तरह सक्रिय हो जाए और अक्टूबर तक लगातार जारी रहे, ताकि मच्छरों के प्रजनन और बीमारियों के फैलाव पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। अधिकारियों को स्थिति पर कड़ी नजर रखने के आरोप उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि अपने-अपने क्षेत्रों की स्थिति पर कड़ी नजर रखें और फील्ड स्तर पर चल रही गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग करें। इसके साथ ही सभी संबंधित अधिकारी जल्द से जल्द अपने-अपने क्षेत्रों में की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट उनके कार्यालय को सौंपें, ताकि जवाबदेही तय की जा सके और काम में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। सरकार के इस कदम को सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिहाज से अहम माना जा रहा है। हर साल मानसून से पहले और उसके दौरान डेंगू-मलेरिया के मामलों में बढ़ोतरी देखी जाती है, ऐसे में समय रहते फॉगिंग और रोकथाम के उपाय लागू करना बेहद जरूरी होता है। मंत्री के निर्देशों के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है और विभिन्न शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में फॉगिंग अभियान को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। उम्मीद की जा रही है कि इस बार पहले से बेहतर रणनीति और सख्ती के साथ इन बीमारियों पर काबू पाया जा सकेगा।

7 MPs की ‘घर वापसी’ के मुद्दे पर राष्ट्रपति से मिलेंगे CM भगवंत मान, मनीष सिसोदिया का बयान- AAP एकजुट है

  चंडीगढ़ आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगने के बाद पंजाब की राजनीति गरमा गई है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ऐलान किया है कि वो 5 मई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर राज्यसभा सांसदों के पाला बदलने का मुद्दा उठाएंगे. उन्होंने कहा, ''मैं 5 मई को दोपहर 12 बजे राष्ट्रपति से मिलने जा रहा हूं और इस मुद्दे को उनके सामने रखूंगा।  उन्होंने कहा कि वह सांसदों को वापस बुलाने के सवाल पर भी राष्ट्रपति से चर्चा करेंगे, भले ही मौजूदा कानून में ऐसा कोई स्पष्ट प्रावधान न हो. हाल ही में आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों ने पाला बदलकर BJP का दामन थाम लिया. इनमें राघव चड्ढा, राजिंदर गुप्ता, हरभजन सिंह, अशोक मित्तल आदि सांसद शामिल थे।  इनमें से छह सांसद पंजाब से थे. CM भगवंत मान ने इन नेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें एक बार फिर गद्दार करार दिया. BJP की ओर से इस शब्द पर आपत्ति जताए जाने पर उन्होंने कहा, ''जो लोग जनता के जनादेश का दुरुपयोग करते हैं, वे निश्चित रूप से गद्दार हैं.'' इस घटनाक्रम के बाद AAP ने कई जगह विरोध प्रदर्शन किए थे।  हरभजन सिंह समेत कुछ सांसदों के घरों के बाहर गद्दार तक लिख दिया गया था. इस पूरे विवाद के बीच मनीष सिसौदिया ने पार्टी की एकजुटता पर जोर दिया. उन्होंने कहा, ''हम सब एकजुट हैं. हम सब साथ हैं. कुछ लोगों के जाने से AAP को कोई नुकसान नहीं होगा. ये मामला विचाराधीन है और हमने अपनी आपत्तियां पहले ही दर्ज करा दी हैं।  पंजाब के AAP अध्यक्ष अमन अरोरा ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, ''ये लोग पीठ में छुरा घोंपने वाले हैं. राघव चड्ढा और संदीप पाठक कई विधायकों को पार्टी में लाए थे, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि विधायक भी पार्टी छोड़ देंगे.'' वहीं जालंधर के नकोदर से विधायक इंद्रजीत कौर ने इस पूरे मामले को ज्यादा तूल न देने की बात कही है।   उन्होंने कहा, ''पार्टी नेताओं से बड़ी होती है. नेता आते-जाते रहते हैं, लेकिन संगठन कायम रहता है.'' उन्होंने BJP पर निशाना साधते हुए कहा कि वह ऐसे नेताओं का इस्तेमाल कर बाद में उन्हें छोड़ देती है, जैसा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह के मामले में हुआ. उन्होंने कहा कि उनसे किसी ने पार्टी छोड़ने के लिए संपर्क नहीं किया है. वो AAP के साथ खड़ी हैं। 

Defection Row: अमन अरोड़ा बोले- नेताओं का जाना ‘पुरानी बात’, पार्टी मजबूत

जालंधर. कैबिनेट मंत्री अमन अरोरा जालंधर में आम आदमी पार्टी का बैठक में पहुंचे। आम आदमी पार्टी के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा राघव चड्ढा और संदीप पाठक पार्टी के लिए 24 घंटे पुरानी बात हो चुकी है। पार्टी एकजुट है और जालंधर में आयोजित की मीटिंग पार्टी ऑब्जर्वर के संबंध में को लेकर है। पार्टी इस संबंध में चिंतित नहीं के कोई राघव चड्ढा और संदीप पाठक के साथ जाने वाले हैं। अमन अरोडा में इस मीटिंग को रूटीन बताया और उन्होंने कहा ये एक बड़ी मीटिंग है इसलिए मीडिया में चर्चा का केंद्र है। कुछ दिन पहले राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने साथ-साथ छह और सासंदों के आप छोड़क बीजेपी में शामिल होने की बात कही थी। आम आदमी पार्टी के लिए यह बड़ी झटका था। राघव चड्ढा के साथ अशोक मित्तल, संदीप पाठक, स्वाति मालिवाल, हर भजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता आदि बीजेपी में शामिल हो गए थे। कुछ दिन पहले बीजेपी में शामिल हुए थे सांसद राघव कुछ दिन पहले एक वीडियो शेयर करते हुए राघव चड्ढा ने आरोप लगाया था कि पार्टी का माहौल टॉक्सिक हो गया था और अब भी वे जनहित के मुद्दे उठाते रहेंगे। अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया। जिसमें उन्होंने कहा कि पॉलिटिक्स में आने से पहले मैं सीए था, मेरे सामने एक बेहतर करियर था, उसे छोड़कर मैं राजनीति में आया। अपना करियर को बनाने के लिए राजनीति में नहीं आया। एक पॉलिटिकल पार्टी का फाउंडिंग मेंबर बना, जिस पार्टी को मैंने अपने प्राइम यूथ के 15 साल दिए। पिछले कुछ सालों से मैं यह महसूस कर रहा था कि शायद मैं एक गलत पार्टी में एक सही आदमी हूं। इसी के चलते मेरे सामने सिर्फ तीन विकल्प थे; पहला विकल्प कि मैं राजनीति ही छोड़ दूं। दूसरा विकल्प कि मैं इसी पार्टी में रहूं और चीजें ठीक करने की कोशिश करूं, जो कि हुआ नहीं।

CM भगवंत मान की राष्ट्रपति से अहम बैठक तय, डिपोर्टेशन और दलबदल मुद्दे एजेंडे में

चंडीगढ़. पंजाब की सियासत में राज्यसभा सदस्यों के भाजपा में शामिल होने के मुद्दे पर घमासान के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान 5 मई को राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को संवैधानिक स्तर पर उठाया जाएगा ताकि जनता के जनादेश का सम्मान सुनिश्चित किया जा सके। पत्रकारों के साथ बातचीत में मान ने कहा कि जिन सदस्यों को पार्टी और जनता के भरोसे उच्च सदन में भेजा गया, उनका दल बदलना गंभीर विषय है। सरकार इस पर सभी कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इस बीच मुख्यमंत्री ने ऑस्ट्रेलिया से डिपोर्ट किए जा रहे भारतीयों के मुद्दे पर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आज 15 लोगों को डिपोर्ट किया जा रहा है, जिनमें 11 पंजाब के हैं और एक महिला भी शामिल है। दिल्ली जाएंगे सीएम भगवंत मान अन्य में 2 तेलंगाना, 1 हरियाणा और 2 उत्तराखंड के रहने वाले हैं। मान ने कहा कि वह खुद दिल्ली जाकर इन लोगों को रिसीव करेंगे। उन्होंने कहा कि जैसे ही ये पंजाब पहुंचेंगे, पूरे मामले की गहन पड़ताल की जाएगी और जो भी जिम्मेदार पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। पटियाला में रेलवे लाइन पर हुए धमाके के मामले में भी मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर की जा रही है। अब तक कुछ आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है और पूछताछ जारी है। मान ने बताया कि जांच में अमृतपाल सिंह से जुड़े कुछ नाम सामने आने की बात सामने आई है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। कानून व्यवस्था पर भी दिया बयान उन्होंने दोहराया कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। चाहे किसी का भी राजनीतिक या सामाजिक समर्थन हो, अगर जांच में दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है और किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। उधर, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आने वाले दिनों में राज्यसभा विवाद, सुरक्षा मामलों और डिपोर्टी जैसे मुद्दों पर सियासी हलचल और बढ़ने के संकेत हैं।

यूरोप से 1300 करोड़ का निवेश लेकर आए सीएम भगवंत मान, पंजाब में खेती और उद्योग को मिलेगी नई दिशा

 चंडीगढ़ नीदरलैंड और फिनलैंड के दौरे से लौटे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि इस यात्रा ने राज्य में निवेश, आधुनिक खेती और युवाओं के लिए नए अवसरों के रास्ते खोले हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने पंजाब में निवेश को लेकर खास दिलचस्पी दिखाई है, जिससे आने वाले समय में अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि जायका कंपनी ने पंजाब में 1300 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है। यह निवेश फूड प्रोसेसिंग और उच्च गुणवत्ता वाली खेती को बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा कि ऐसे कदम फसली विविधीकरण को गति देंगे और किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होंगे। नीदरलैंड दौरे के दौरान विश्व प्रसिद्ध केउकेनहॉफ बागबानी माडल का अध्ययन किया गया। यहां आधुनिक तकनीक के जरिए उत्पादन क्षमता में बड़ा अंतर देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां पारंपरिक खेती में एक वर्ग मीटर में करीब 6 किलो टमाटर उत्पादन होता है, वहीं पाली हाउस तकनीक से यह 100 किलो तक पहुंच जाता है। इस मॉडल को पंजाब में लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा। दौरे के दौरान विश्व बागबानी केंद्र और नीदरलैंड्स इंडिया चैंबर आफ कामर्स एंड ट्रेड के प्रतिनिधियों से भी बैठक हुई। इसमें कृषि तकनीक, फूलों की खेती और निर्यात को लेकर संभावनाओं पर चर्चा हुई। मोहाली में रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर और इनोवेशन हब स्थापित करने का प्रस्ताव भी सामने आया है। 1300 करोड़ निवेश और साझेदारी उन्होंने कहा कि इस निवेश के साथ‑साथ दुनिया की कई अग्रणी कंपनियों ने पंजाब में निवेश के लिए गहरी रुचि दिखाई है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को सीधा फायदा मिलेगा. उनके अनुसार, इन रणनीतिक साझेदारियों से फसल विविधीकरण को गति मिलेगी और कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जा सकेगा. नीदरलैंड दौरे पर विस्तार से जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 19 अप्रैल को प्रतिनिधिमंडल ने विश्व प्रसिद्ध बागवानी मॉडल केउकेनहॉफ का दौरा किया, जहां बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं. उन्होंने बताया कि इस दौरान उद्यानिकी विकास और कृषि सहयोग के अवसरों पर बातचीत हुई और पंजाब से गुलाब निर्यात की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।  इन कंपनियों में होगा निवेश मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि एएनएक्सपी सेमीकंडक्टर और एलटी फूड्स जैसी कंपनियों ने भी निवेश में रुचि दिखाई है। एलटी फूड्स ने राजपुरा में निवेश पर सहमति जताई है, जिससे चावल निर्यात और फूड सेक्टर को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा पंजाब को वैश्विक सप्लाई चेन से जोड़ने के प्रयास भी तेज किए गए हैं। फिनलैंड दौरे के दौरान शिक्षा और कौशल विकास पर खास ध्यान दिया गया। वहां की आधुनिक शिक्षा प्रणाली, शिक्षक प्रशिक्षण और बाल केंद्रित शिक्षण माडल का अध्ययन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पंजाब की शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दौरे से कृषि, उद्योग, शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग की नींव पड़ी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह यात्रा राज्य में निवेश और रोजगार के नए अवसर लेकर आएगी। इस मौके पर उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस भी मौजूद थे। आज सम्मान, अगला बैच कब जाएगा हाली के विकास भवन में आज उन छात्रों को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने हाल ही में जेई परीक्षा पास की है। सरकार की ओर से इन विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। वहीं, शिक्षक प्रशिक्षण के तहत अगला बैच 18 मई 2026 को फिनलैंड भेजा जाएगा। इस बैच में 72 शिक्षक शामिल होंगे, जिन्हें आधुनिक शिक्षण तकनीकों की ट्रेनिंग दी जाएगी। 1300 करोड़ निवेश और साझेदारी उन्होंने कहा कि इस निवेश के साथ‑साथ दुनिया की कई अग्रणी कंपनियों ने पंजाब में निवेश के लिए गहरी रुचि दिखाई है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को सीधा फायदा मिलेगा. उनके अनुसार, इन रणनीतिक साझेदारियों से फसल विविधीकरण को गति मिलेगी और कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जा सकेगा. नीदरलैंड दौरे पर विस्तार से जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 19 अप्रैल को प्रतिनिधिमंडल ने विश्व प्रसिद्ध बागवानी मॉडल केउकेनहॉफ का दौरा किया, जहां बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं. उन्होंने बताया कि इस दौरान उद्यानिकी विकास और कृषि सहयोग के अवसरों पर बातचीत हुई और पंजाब से गुलाब निर्यात की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।  नीदरलैंड में कृषि‑तकनीक पर फोकस मुख्यमंत्री ने कहा कि ज़ायका के निवेश के अलावा यह दौरा पंजाब में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि दौरे का उद्देश्य औद्योगिक निवेश, शिक्षा, अनुसंधान और प्रौद्योगिकी के आदान‑प्रदान को बढ़ावा देना भी था. उन्होंने बताया कि आधुनिक कृषि तकनीकों, टिकाऊ खेती और उच्च मूल्य वाली फसलों पर संयुक्त परियोजनाओं की संभावनाएं तलाशी गईं. नीदरलैंड की वर्टिकल फार्मिंग तकनीक को पंजाब में अपनाने पर भी चर्चा हुई. 20 अप्रैल को प्रतिनिधिमंडल ने विश्व बागवानी केंद्र, नीदरलैंड्स इंडिया चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड ट्रेड तथा पंजाबी समुदाय के साथ बैठकें कीं।  पॉलीहाउस खेती और निवेश रोड शो मुख्यमंत्री ने बताया कि वहां यह जानकारी दी गई कि खुले खेतों में जहां प्रति वर्ग मीटर 6 किलो टमाटर उत्पादन होता है, वहीं पॉलीहाउस में यह उत्पादन 100 किलो तक पहुंच जाता है. दौरे के दौरान निवेश रोड शो भी आयोजित किया गया, जिसमें सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में अवसरों पर चर्चा हुई। 

फिरोजपुर-पट्टी रेल लिंक पर किसानों की ‘1 करोड़ प्रति एकड़’ की मांग, आंदोलन की धमकी

फिरोजपुर फिरोजपुर-पट्टी रेल लिंक प्रोजेक्ट का किसानों ने विरोध करना शुरू कर दिया गया है। जिले के तीन गांवों के किसानों ने चेतावनी दी कि जब तक सरकार जमीन का उचित मुआवजा नहीं देती, तब तक उनके गांव में रेल लाइन बिछाने नहीं दी जाएगी और केंद्र सरकार के प्रोजेक्ट का धरने लगाकर विरोध किया जाएगा।गांव कुतुबद्दीन वाला, दुला सिंह वाला और कालेके हिटाड़ में 121 एकड़ सात कनाल छह मरले भूमि सरकार द्वारा प्रोजेक्ट के लिए एक्वायर करने की योजना है और इसमें 60 से 65 घर भी प्रभावित होते हैं।  सरकार की ओर से गांव • एक करोड़ प्रति एकड़ मुआवजे की मांग कर रहे किसान • फिरोजपुर-पट्टी रेल लिंक के लिए जमीन का किया जा रहा अधिग्रहण प्रोजेक्ट के लिए होगा 165.69 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण बता दें कि 13 वर्ष से लटकते आ रहे फिरोजपुर-पट्टी रेल लिंक प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार की ओर से नवंबर 2025 में 764 करोड़ की राशि जारी करने की घोषणा की जा चुकी है। प्रोजेक्ट के तहत मल्लांवाला से पट्टी तक 25.72 किलोमीटर का रेल ट्रैक बिछने के बाद फिरोजपुर से अमृतसर की दूरी भी कम होगी। सरकार द्वारा दो जिलों में 165.69 हेक्टेयर भूमि एक्वायर करनी है, जिसमें फिरोजपुर की 70.01 हेक्टेयर और तरनतारन के आठ गांवो की 95.68 हेक्टेयर भूमि शामिल है। कालेके हिटाड़ गांव के किसान मनदीप सिंह ने कहा कि उसके पास छह एकड़ भूमि है। अगर सरकार उनकी भूमि ले लेगी तो घर में काफी दिक्कत आ जाएगी। सरकार जमीन की कीमत कम लगा रही है, जो कि सही नहीं है। 33 से 35 लाख प्रति एकड़ मुआवजा देंगे: एसडीएम जीरा के एसडीएम अरविन्द्रपाल सिंह ने कहा कि किसानों को 33 से 35 लाख प्रति एकड़ के मुताबिक मुआवजा देने का निर्णय हुआ है। प्रशासन की ओर से प्रोजेक्ट पर कार्य किया जा रहा है। रुपये का मुआवजा किसानों को देने के लिए बजट बनाया गया था। भारतीय किसान यूनियन तोतेवाला के प्रांतीय अध्यक्ष सुख गिल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा भूमि एक्वायर करने के नाम पर किसानों के साथ सीधे तौर पर धक्का किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को प्रति एकड़ एक करोड़ से सवा करोड़ का मुआवजा दिया जाना चाहिए। अगर उचित मुआवजा न मिला तो रेल ट्रैक बनने नहीं दिया जाएगा। रेलवे स्टेशनों पर धरने दिए जाएंगे। किसान मलूक सिंह, बचित्र सिंह, परमजीत व पाला सिंह ने कहा कि जिन किसानों की भूमि एक्वायर की जानी है, उनका बैंकों का कर्ज माफ करने के अलावा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए। दुल्ला सिंह वाला में धुस्सी बांध के इन साइड में 3.80 लाख प्रति एकड़ कलेक्टर रेट 4.98 लाख प्रति एकड़ और धुस्सी बांध के 3.87 लाख प्रति एकड़ रेट निर्धारित किया गया है। तीन वर्ष पहले प्रशासन द्वारा 30 करोड़ 99 लाख।   

शंभू ब्लास्ट के बाद रेलवे सुरक्षा पर हाई अलर्ट, संवेदनशील इलाकों में बढ़ी पेट्रोलिंग

 चंडीगढ़  पंजाब में रेलवे ट्रैक आतंकियों के निशाने पर है। सोमवार रात पटियाला के शंभू में डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर (डीएफसी) के ट्रैक पर हुए ब्लास्ट ने इस खतरे को और गहरा कर दिया है। सुरक्षा एजेंसियां इसे एक बड़े पैटर्न के तौर पर देख रही हैं, जिसमें रेलवे नेटवर्क को लगातार निशाना बनाने की कोशिशें सामने आ रही हैं। इससे पहले रेलवे ट्रैक के आसपास सोलर सीसीटीवी कैमरे कैमरे लगाए जाने के मामले सामने आए थे। पांच कैमरे पंजाब में लगे थे। एक पठानकोट व एक कपूरथला में बरामद किया था, लेकिन जालंधर मोगा व पटियाला में लगे तीन कैमरों का पता नहीं। जांच में पता चला था कि इनका इस्तेमाल जासूसी और ट्रैक की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए किया जा रहा था। हाल ही में लखनऊ एटीएस (एटीएस) की ओर से भी एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा किया गया, जो अलग-अलग इलाकों में रेलवे ट्रैक के आसपास आगजनी जैसी घटनाओं को अंजाम देता था। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस तरह की गतिविधियां बड़े हमलों की तैयारी का हिस्सा हो सकती हैं। पिछले दो वर्षों के दौरान कई घटनाएं आई सामने पंजाब में पिछले दो वर्षों के दौरान भी कई घटनाएं सामने आई हैं। 23 जनवरी 2026 में सरहिंद के पास डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर (डीएफसी) रेलवे ट्रैक पर धमाका हुआ था, जिसमें करीब 60 फीट पटरी क्षतिग्रस्त हुई थी। वहीं, 2024 और 2025 में कई बार रेलवे ट्रैक पर लोहे की सरिया या अन्य वस्तुएं रखकर ट्रेन को पटरी से उतारने की कोशिशें हुईं थीं। विशेषज्ञों का कहना है कि रेलवे ट्रैक, खासकर मालगाड़ियों के रूट, देश की सप्लाई चेन की रीढ़ हैं। कोयला, खाद, अनाज और औद्योगिक सामान की ढुलाई इन्हीं रास्तों से होती है। ऐसे में इनको नुकसान पहुंचाने की कोशिश सीधे तौर पर आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित कर सकती है। संवेदनशील इलाकों में पेट्रोलिंग बढ़ी फिलहाल रेलवे, आरपीएफ और राज्य पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में पेट्रोलिंग बढ़ा दी है। निगरानी के लिए तकनीकी सर्विलांस और खुफिया इनपुट पर खास ध्यान दिया जा रहा है। फिर भी ऐसे षड्यंत्रों को समय रहते नाकाम करना बड़ी चुनौती है। पंजाब में रेलवे ट्रैक को उड़ाने की लगातार धमकियां मिल रही थीं। गत 24 अप्रैल को भी पटियाला, बठिंडा, लुधियाना व अमृतसर में ईमेल पर बम से रेलवे ट्रैक उड़ाने की धमकी मिली थी। तीन दिन बाद शंभू में ब्लास्ट की घटना हो गई।  

पंजाब में मौसम का अचानक बदलाव, लुधियाना-पठानकोट में बारिश, तापमान में 6 डिग्री की गिरावट

लुधियाना पंजाब-चंडीगढ़ में अचानक तड़के मौसम बदल गया। लुधियाना और पठानकोट में हल्की बारिश के कारण पिछले 10 दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिली। बारिश के साथ आंधी चलने से अधिकतम तापमान में एक ही दिन में 6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के मुताबिक, तापमान सामान्य से 3.6 डिग्री नीचे गिर गया है। सबसे अधिक तापमान 37.6 डिग्री फाजिल्का में दर्ज किया गया। वहीं, आज कुछ जगहों पर बिजली गरजने के साथ बारिश और आंधी का ऑरेंज अलर्ट है। एक मई को छोड़कर तीन मई तक ऐसा ही मौसम रहेगा। इस दौरान लोगों को हीट वेव से राहत मिलेगी। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक आज सभी जिलों में बारिश व 14 जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट है। इनमें गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, मोहाली, पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर और रूपनगर शामिल हैं। कई जगह 9 डिग्री गिरा पारा मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक सभी जिलों का तापमान छह डिग्री से लेकर नौ डिग्री तक गिरा है। चंडीगढ़ का अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री रहा, जो सामान्य से 3.1 डिग्री कम रहा है। इसमें एक दिन पहले के मुकाबले 6.4 डिग्री नीचे दर्ज किया गया। अमृतसर में 34.1 डिग्री के साथ 5.9 डिग्री की गिरावट आई। लुधियाना में 34 डिग्री दर्ज किया गया। इसमें 7 डिग्री की गिरावट आई। पटियाला में 36.5 डिग्री तापमान रहा। इसमें 5.6 डिग्री की कमी आई है। फरीदकोट में 37.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया और यहां 3.8 डिग्री की गिरावट आई। गुरदासपुर में 31.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया, इसमें 9 डिग्री की गिरावट आई। फाजिल्का में 37.6 डिग्री, फिरोजपुर में 35.5 डिग्री और होशियारपुर में 32.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। मोहाली में 33 डिग्री के साथ 6.1 डिग्री, पठानकोट में 32.9 डिग्री के साथ 6.2 डिग्री और रोपड़ में 32.2 डिग्री के साथ 6.5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। वहीं श्री आनंदपुर साहिब में अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, मौसम बदला मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। यह उत्तर भारत के ऊपरी हिस्से में बना हुआ है और इसके असर से पंजाब समेत आसपास के इलाकों में मौसम बदल रहा है। इसके कारण बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इन जिलों में विशेष चेतावनी राज्य के कई जिलों में तेज़ हवाओं और बारिश को लेकर चेतावनी दी गई है। इनमें गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, मोहाली, पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर और रूपनगर शामिल हैं। इन इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है। तापमान में आई भारी गिरावट मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, कई जिलों में तापमान 6 से 9 डिग्री तक नीचे आया है। चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से कम है। अमृतसर, लुधियाना और पटियाला में भी तापमान में 5 से 7 डिग्री तक की गिरावट देखी गई। फरीदकोट, मोहाली और रूपनगर जैसे इलाकों में भी पारा नीचे गिरा है।