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झारखंड मैट्रिक रिजल्ट 2026: Gumla-Dumka ने मारी बाजी, 99.60% पर 4 टॉपर

रांची. झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने वार्षिक माध्यमिक परीक्षा 2026 के परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस वर्ष कुल पास प्रतिशत 95.27% रहा है। मेरिट लिस्ट में हजारीबाग के स्कूलों का जबरदस्त दबदबा देखने को मिला है, वहीं सिमडेगा और रांची के विद्यार्थियों ने भी टॉप-3 में अपनी जगह बनाई है। टॉप-3 में 12 मेधावी, 4 परीक्षार्थियों ने किया स्टेट टॉप इस वर्ष मेरिट लिस्ट की सबसे खास बात यह रही कि पहले, दूसरे और तीसरे — तीनों स्थानों पर 4-4 विद्यार्थियों ने कब्जा जमाया है। 99.60% (498 अंक) हासिल कर राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले चार परीक्षार्थी निम्नलिखित हैं: प्रियंशु कुमारी: इंदिरा गांधी बालिका हाई स्कूल, हजारीबाग शिवांगी कुमारी: एस एस हाई स्कूल, बानो, सिमडेगा प्रेम कुमार साह: प्रेमचंद हाई स्कूल, मेसरा, रांची सन्नी कुमार वर्मा: सेंट अलॉयसियस हाई स्कूल, रांची हजारीबाग के इंदिरा गांधी बालिका स्कूल का जलवा मेरिट लिस्ट में हजारीबाग के इंदिरा गांधी बालिका हाई स्कूल ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्टता साबित की है। टॉप-3 की सूची में शामिल कुल 12 विद्यार्थियों में से 5 छात्राएं अकेले इसी स्कूल से हैं। राज्य में द्वितीय स्थान (99.20%): दिव्यांशु उरांव (सेंट पैट्रिक हाई स्कूल, गुमला) खिलेश साह (सेंट पैट्रिक हाई स्कूल, गुमला) वैष्णवी श्री (इ.गां.बा. हाई स्कूल, हजारीबाग) जुलिता मिन्ज (इ.गां.बा. हाई स्कूल, हजारीबाग) राज्य में तृतीय स्थान (98.80%): महताब अंसारी (सेंट जॉन्स हाई स्कूल, नवाटांड़) प्रीत राज (सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, ओरमांझी) अमिषा कुमारी (इ.गां.बा. हाई स्कूल, हजारीबाग) दीप्ति रानी (इ.गां.बा. हाई स्कूल, हजारीबाग) जिलावार प्रदर्शन: गुमला ने चौंकाया जिलों के प्रदर्शन की बात करें तो गुमला जिला 99.32% पास प्रतिशत के साथ पूरे राज्य में प्रथम स्थान पर रहा। इसके बाद दुमका (99.02%) और पाकुड़ (98.56%) का स्थान रहा। राजधानी रांची का पास प्रतिशत 94.75% दर्ज किया गया है।

झारखंड बोर्ड 10वीं रिजल्ट घोषित, 95% पास, रिजल्ट चेक करने के लिए यहाँ क्लिक करें

रांची  झारखंड अकादमिक काउंसिल (JAC) ने कक्षा 10वीं का रिजल्ट घोषित कर दिया है। इस वर्ष मैट्रिक परीक्षा में शीर्ष स्थान के लिए कड़ी टक्कर देखने को मिली। बोर्ड ने टॉप-3 की पूरी मेरिट लिस्ट जारी की है। चार-चार छात्रों ने संयुक्त रूप से प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल किया है। चार छात्रों (2 लड़कियां और 2 लड़के) ने 500 में से 498 अंक यानी 99.60 प्रतिशत अंक प्राप्त कर संयुक्त प्रथम स्थान हासिल किया है। वहीं अगर जिलावार प्रदर्शन की बात करें तो गुमला जिला ने 99.32% उत्तीर्ण प्रतिशत के साथ पूरे प्रदेश में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है। दुमका और पाकुड़ जिले शीर्ष तीन जिलों में शामिल रहे। वहीं, रांची, हजारीबाग, गुमला, सिमडेगा समेत विभिन्न जिलों के छात्रों ने मैट्रिक परीक्षा के टॉपर्स लिस्ट में अपना दबदबा बनाया है। अधिक जानकारी के लिए छात्र अपना रोल नंबर और अन्य विवरण दर्ज करके आधिकारिक वेबसाइट jac.jharkhand.gov.in पर रिजल्ट देख सकते हैं। पिछले साल झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) ने पहले इंटरमीडिएट साइंस और कॉमर्स का परिणाम जारी किया था और उसके बाद आर्ट्स का। वहीं 12वीं से पहले जैक बोर्ड 10वीं का परिणाम जारी हुआ था। देखना होगा कि क्या इस बार भी जैक बोर्ड 10वीं का रिजल्ट 12वीं से पहले घोषित होता है। रिजल्ट घोषित होने पर छात्र आधिकारिक पोर्टल के अलावा लाइव हिन्दुस्तान (livehindustan.com) पर भी अपना स्कोरकार्ड देख सकते हैं। प्रथम श्रेणी पाने वाले छात्रों की संख्या 2.26 लाख पार झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) द्वारा घोषित 10वीं बोर्ड परीक्षा 2026 के परिणामों में शानदार प्रदर्शन देखने को मिला है। प्रथम श्रेणी प्राप्त करने वाले छात्रों की संख्या 2.26 लाख से अधिक हो गई है। अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष कुल 2.26 लाख से ज्यादा छात्र प्रथम श्रेणी में सफलतापूर्वक उत्तीर्ण हुए हैं। बड़ी संख्या में छात्रों ने उच्च अंक प्राप्त कर न सिर्फ अपनी मेहनत का फल पाया बल्कि राज्य के शैक्षणिक रिकॉर्ड को भी नई ऊंचाई दी है।  दक्षिण छोटानागपुर में लड़कियों ने लड़कों को पछाड़ा  दक्षिण छोटानागपुर संभाग की लड़कियों ने परीक्षा परिणाम में लड़कों को काफी बड़े अंतर से पीछे छोड़ दिया है। संभाग में लड़कियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 96.25% रहा, जबकि लड़कों का उत्तीर्ण प्रतिशत 94.03% रहा। इस प्रकार लड़कियों ने लड़कों को 2.22 प्रतिशत के अंतर से पछाड़ दिया।   इस बार 4 लाख से अधिक छात्र पास  झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) की कक्षा 10वीं की परीक्षा 2026 में अभूतपूर्व सफलता मिली है। इस वर्ष कुल 4,02,178 छात्र-छात्राएं मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण कर सफलता हासिल की है। इस शानदार परिणाम के साथ जेएसी 10वीं का पास प्रतिशत हाल के वर्षों में सबसे मजबूत रहा है। बोर्ड अधिकारियों के अनुसार, चार लाख से अधिक छात्रों के उत्तीर्ण होने से यह परिणाम राज्य की शैक्षणिक प्रगति का प्रतीक बन गया है।  प्रियंशु कुमारी ने किया 10वीं टॉप झारखंड अकादमिक परिषद (JAC) ने वर्ष 2026 की जेएसी 10वीं (मैट्रिक) परीक्षा के लिए शीर्ष 3 छात्रों की पूरी मेरिट सूची जारी कर दी है। इस बार प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर कुल 12 छात्रों का कब्जा रहा है। चार-चार छात्रों ने प्रथम स्थान, चार-चार ने द्वितीय स्थान और चार-चार छात्रों ने तृतीय स्थान हासिल किया है। शीर्ष स्थान के लिए हुई कड़ी टक्कर इस वर्ष के नतीजों की खासियत रही। मेरिट लिस्ट में रांची, हजारीबाग, गुमला, सिमडेगा समेत अन्य जिलों के छात्रों ने अपना दबदबा बनाया है।  छात्र इस तरह डाउनलोड कर सकते हैं स्कोरकार्ड झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) बोर्ड की 10वीं कक्षा का रिजल्ट 2026 आज जारी कर दिया गया है। छात्र अब अपना रिजल्ट आसानी से ऑनलाइन देख और डाउनलोड कर सकते हैं। JAC बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 चेक करने और स्कोरकार्ड डाउनलोड करने के लिए छात्र इन स्टेप्स को फॉलो करना होगा…     सबसे पहले JAC बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट    jacresults.com या jac.jharkhand.gov.in पर जाएं     होमपेज पर 'JAC Board 10th Result 2026' वाले लिंक पर क्लिक करें     इसके बाद अपना रोल नंबर और रोल कोड (एडमिट कार्ड के अनुसार) दर्ज करें     इसके बाद Submit बटन पर क्लिक करें     इसके बाद आपका JAC मैट्रिक रिजल्ट 2026 आपके सामने स्क्रीन पर होगा     इसे आप डाउनलोड भी कर सकते हैं, साथ ही प्रिंट भी निकाल सकते हैं छात्रों को ओरिजिनल मार्कशीट और सर्टिफिकेट कहां से मिलेगा?  झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) द्वारा 10वीं बोर्ड परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी हो गया है। पास होने वाले छात्रों को बहुत जल्द ही मूल मार्कशीट और पासिंग सर्टिफिकेट संबंधित स्कूलों से प्राप्त होंगे। JAC के अनुसार, छात्रों को रिजल्ट आने के तुरंत बाद ऑनलाइन अंक प्राप्त हो जाएंगे, लेकिन उनकी ओरिजिनल मार्कशीट और प्रमाण-पत्र स्कूल के माध्यम से दिए जाएंगे। छात्रों को अपनी मार्कशीट और सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए अपने संबंधित स्कूल से संपर्क करना होगा। बता दें कि झारखंड एकेडमिक काउंसिल द्वारा रिजल्ट जारी होने के कुछ दिनों बाद ही सभी छात्रों की ओरिजिनल मार्कशीटें संबंधित स्कूलों को भेज दी जाती हैं, जहां से छात्र प्राप्त कर सकते हैं।

जेडीयू की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी, नीतीश ने शामिल किए 24 नेता, निशांत का नाम नहीं

नईदिल्ली / पटना  जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने पार्टी की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित की है। इसमें उनके बेटे निशांत कुमार को जगह फिलहाल नहीं मिली है। जेडीयू राष्ट्रीय कार्यकारिणी में 24 नेताओं को रखा गया है। राज्यसभा सांसद संजय झा जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बने रहेंगे। वहीं, पार्टी के वरीय नेता एवं जहानाबाद से पूर्व सांसद चंद्रेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी को पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। आलोक कुमार सुमन कोषाध्यक्ष होंगे। वहीं, 12 नेताओं को जेडीयू का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है। इसमें मनीष कुमार वर्मा, आफाक अहमद खान, श्याम रजक, अशोक चौधरी, रमेश सिंह कुशवाहा, राम सेवक सिंह, कहकशां परवीन, कपिल हरिशचंद्र पाटिल, राज सिंह मान, सुनील कुमार उर्फ इंजीनियर, हर्षवर्धन सिंह, मौलाना गुलाम रसूल और बलियावी का नाम शामिल है। राजीव रंजन सिंह जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता बने रहेंगे। वहीं, रविंद्र प्रसाद सिंह, विद्या सागर निषाद, दयानंद राय, संजय कुमार, मोहम्मद निसार, रूही तागुंग और निवेदिता कुमारी को राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किया गया है। राष्ट्रीय पदाधिकारियों की सूची में निशांत का नाम नहीं नीतीश कुमार द्वारा बुधवार को जारी की गई जेडीयू के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की सूची में निशांत कुमार का नाम नहीं है। यह सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। नीतीश कुमार के बिहार का मुख्यमंत्री पद छोड़कर राज्यसभा जाने के फैसले के बाद उनके बेटे निशांत ने राजनीति में कदम रखा था। बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली नई एनडीए सरकार में उनके डिप्टी सीएम बनने की चर्चा थी। हालांकि, जेडीयू से विजय चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव को डिप्टी सीएम बनाया गया। बताया गया कि निशांत कुमार अभी सरकार में शामिल होने को तैयार नहीं हैं। पिछले दिनों जब पत्रकारों ने उनसे डिप्टी सीएम नहीं बनने की वजह पूछी थी तो उन्होंने कहा था कि वह अभी संगठन को मजबूत करने का काम करेंगे। बिहार में यात्रा निकालकर लोगों से मिलेंगे। ऐसे में कयास लगाए जा रहे थे कि निशांत कुमार को जेडीयू संगठन में कोई बड़ा पद मिल सकता है। अगले महीने बिहार यात्रा पर निकलेंगे निशांत निशांत ने बीते 8 मार्च को औपचारिक रूप से जेडीयू की सदस्यता ग्रहण की थी। इससे पहले वह सक्रिय राजनीति से दूर ही रहे थे। उन्हें लंबे समय से पार्टी में लाने की मांग कार्यकर्ताओं द्वारा की जा रही थी। जेडीयू ज्वॉइन करने के बाद से निशांत पार्टी में काफी सक्रिय हैं। बीते डेढ़ महीने में उन्होंने पार्टी के प्रवक्ताओं, वरीय नेताओं, युवा लीडर एवं अन्य पदाधिकारियों के साथ कई बैठकें कीं। आगामी 3 मई से वह बिहार यात्रा पर भी निकने वाले हैं। निशांत की यात्रा पश्चिम चंपारण जिले से शुरू होगी। इसका विस्तृत कार्यक्रम अभी जारी नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि यात्रा के जरिए निशांत सभी 38 जिलों का दौरा करेंगे और कार्यकर्ताओं एवं जनता से सीधे संवाद करेंगे। राष्ट्रीय पदाधिकारियों की सूची में निशांत का नाम नहीं होने की एक वजह यह भी मानी जा रही है कि अभी वे पार्टी के क्रियाकलापों को बारीकी से सीख रहे हैं। अनुभव लेने के बाद ही वह कोई पद संभालेंगे।

युवाओं के लिए खुशखबरी: Bihar में इंटर्नशिप प्रोग्राम, 12वीं पास को भी मिलेगा ₹6000 तक स्टाइपेंड

शिवहर. जिलाधिकारी प्रतिभा रानी ने कौशल विकास योजनाओं में गति लाने के निर्देश दिए। मंगलवार को समाहरणालय में आयोजित जिला कौशल विकास समिति एवं जिला निबंधन सह परामर्श केंद्र की समीक्षात्मक बैठक में जिलाधिकारी ने अलग-अलग दोनों विभागों के कार्यों की समीक्षा की। जिलाधिकारी ने कहा कि कौशल विकास योजना के तहत बिहार सरकार ने इंटर्नशिप करने वाले युवाओं को वित्तीय सहायता देने के लिए मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना शुरू की है। उन्होंने बताया कि यह 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद युवाओं को इंटर्नशिप कार्यक्रमों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए शुरू की गई योजना है। वित्तीय सहायता: युवाओं को इंटर्नशिप कार्यक्रम के दौरान तीन महीने से लेकर 12 महीने तक की अवधि के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी। उच्चतर माध्यमिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वालों को इंटर्नशिप के लिए चार हजार आईटीआई डिप्लोमा उत्तीर्ण उम्मीदवारों को पांच हजार व स्नातक एवं स्नातकोत्तर युवाओं को छह जार रुपये प्रति माह की इंटर्नशिप मिलेगी। जिलाधिकारी ने इसके विस्तृत स्तर का प्रचार प्रसार करने हेतु निर्देशित किया, ताकि अधिक से अधिक इच्छुक अभ्यर्थी इस योजना से लाभान्वित हो सकें। प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना पर चर्चा करते हुए कहा कि यह भारत सरकार की एक पहल है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य युवाओं को देश की शीर्ष 500 कंपनियों में 12 महीने की व्यावहारिक कार्य अनुभव प्रदान करना है। 18 से 24 वर्ष के युवा जो पूर्णकालिक रोजगार में नहीं हैं, इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। जिसमें नौ हजार प्रति माह स्टाइपेंड औरछह हजार की एकमुश्त सहायता मिलती है। 21 से 24 आयुवर्ग के 10वीं, 12 वीं, आईटीआई, डिप्लोमा, या बीए, बीकॉम, बीएससी, बीसीए, बीबीए स्नातक पास, जिनकी परिवार की वार्षिक आय आठ लाख रुपये से कम है वह इसके पात्र है। कुशल युवा कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने विभाग द्वारा लक्ष्य को इस वित्तीय वर्ष मैं शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने हेतु निर्देशित किया। जिला निबंधन सह परामर्श केंद्र को निबंधन के लक्ष्य को सत प्रतिशत हासिल करने हेतु निर्देशित किया। साथ ही रोस्टर बना कर सभी विद्यालयों में काउंसलिंग कराने का निर्देश दिया गया।

चौंकाने वाला स्कैम Bihar में: बकरी को बकरा बताकर बिक्री, फेविक्विक से फर्जी बदलाव का खुलासा

कटिहार. अगर आप मटन के शौकीन हैं और बाजार से बकरे का मीट खरीदते हैं तो यह खबर आपके होश उड़ा देगी। फलका हाट-बाजार में इन दिनों जालसाजी का एक ऐसा अनोखा तरीका सामने आया है, जिसे सुनकर लोग दंग हैं। यह नहीं कहा जा सकता है यह तरीका सिर्फ फलका तक ही सीमित है। वैसे फलका के कुछ शातिर कसाई फेविक्विक का इस्तेमाल कर ग्राहकों की आखों में धूल झोंक रहे हैं और 800 रुपये प्रति किलो की दर से बकरी को बकरा का मांस बनाकर बेच रहे हैं। कैसे हो रहा है फेविक्विक का कमाल बाजार में बकरे (खस्सी) के मांस की मांग और कीमत ज्यादा होती है। इसी का फायदा उठाने के लिए जालसाज कसाई बूढ़ी बकरियों को काटते हैं और फिर फेविक्विक की मदद से उनके शरीर पर कृत्रिम तरीके से अंडकोष (हाइड्रोसिल) चिपका देते हैं। दूर से देखने पर ग्राहक को लगता है कि वह बकरे का मांस खरीद रहा है, जबकि असल में वह घटिया दर्जे का बकरी का मीट होता है। पकड़ी गई चोरी, बाजार में मचा हंगामा इस ठगी का खुलासा तब हुआ जब कुछ जागरूक ग्राहकों ने मांस खरीदते समय संदेह होने पर उसे खींचकर देखा। फेविक्विक से चिपकाया गया हिस्सा अलग होते ही कसाई की पोल खुल गई। बताया जा रहा है कि फलका हाट व बाजार में इस बात को लेकर कई बार ग्राहकों और बुचर (कसाई) समाज के बीच तीखी झड़प और विवाद भी हो चुका है। प्रशासन से कार्रवाई की मांग ठगी के इस नए तरीके से मटन प्रेमियों में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों ने फलका प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग से मांग की है कि ऐसे कसाइयों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और दुकानों की औचक जांच की जाए। स्वास्थ्य के लिए हानिकारक फलका सीएचसी के चिकित्सा प्रभारी डा अश्वनी कुमार ने बताया कि मांस जैसे खाद्य पदार्थ पर फेविक्विक जैसे घातक केमिकल का इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। यह पेट की गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।

बिहार में आज बड़ी बैठक: Samrat Choudhary की कैबिनेट ‘विकसित भारत, समृद्ध बिहार’ एजेंडे पर करेगी मंथन

पटना. मुख्‍यमंत्री सम्राट चौधरी दिल्ली दौरे से लौटते ही एक्‍शन मोड में होंगे। प्रधानमंत्री Narendra Modi से मुलाकात के बाद बुधवार शाम छह बजे उन्होंने कैबिनेट की अहम बैठक बुलाई है। मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनकी दूसरी कैबिनेट बैठक है, लेकिन राजनीतिक लिहाज से इसे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दिल्ली में पीएम से मुलाकात के बाद सम्राट चौधरी ने ‘विकसित भारत और समृद्ध बिहार’ के विजन पर मार्गदर्शन मिलने की बात कही। इसे सिर्फ शिष्टाचार मुलाकात नहीं, बल्कि आने वाले फैसलों के लिए केंद्रीय नेतृत्व से ‘ग्रीन सिग्नल’ के तौर पर देखा जा रहा है। कैबिनेट में दिखेगा पावर बैलेंस? कैबिनेट बैठक में डिप्टी सीएम व‍िजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव भी मौजूद रहेंगे। फिलहाल मंत्रिमंडल विस्तार नहीं होने के कारण सभी विभाग इन्हीं तीन नेताओं के पास हैं। ऐसे में आज की बैठक में लिए जाने वाले फैसले सरकार की प्राथमिकताओं और सत्ता के भीतर पावर बैलेंस को भी साफ कर सकते हैं। विश्वासमत से पहले ‘मैसेज पॉलिटिक्स’ 24 अप्रैल को होने वाले विशेष विधानसभा सत्र में सम्राट चौधरी को विश्वासमत हासिल करना है। इससे ठीक पहले कैबिनेट बैठक को ‘मैसेज पॉलिटिक्स’ के तौर पर देखा जा रहा है। सरकार कुछ बड़े और जनहित से जुड़े फैसलों के जरिए राजनीतिक बढ़त लेने की कोशिश कर सकती है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने शाम पांच बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई है, जिससे सियासी हलचल और तेज हो गई है। भाजपा संगठन से भी साधा तालमेल दिल्ली दौरे के दौरान सम्राट चौधरी ने भाजपा नेतृत्व से भी मुलाकात की। पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के साथ उनकी बैठक को संगठन और सरकार के बीच तालमेल मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

JDU में बदलाव: नीतीश कुमार ने श्रवण को विधायक दल का नेता बनाया, तीन दिन पहले बढ़ी थी सुरक्षा

पटना. बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत श्रवण कुमार को बिहार विधानसभा में जदयू विधायक दल का नेता चुना गया है। उनके नाम को औपचारिक रूप से विधानसभा भेजे जाने के बाद अधिसूचना भी जारी कर दी गई। यह निर्णय नीतीश कुमार द्वारा लिया गया, जिन्हें हाल ही में जदयू विधायक दल का नेता चुनने के लिए अधिकृत किया गया था। श्रवण कुमार पूर्व मुख्यमंत्री के बेहद करीबी माने जाते हैं और पूर्व सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। लंबे राजनीतिक अनुभव का लाभ श्रवण कुमार नालंदा विधानसभा क्षेत्र से वर्ष 1995 से लगातार विधायक चुने जाते रहे हैं। उनका यह अनुभव पार्टी के लिए एक मजबूत आधार माना जा रहा है। कयासों पर लगा विराम 20 अप्रैल को हुई जदयू विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से नीतीश कुमार को नेता चयन के लिए अधिकृत किया गया था। इसके बाद कई नामों को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन नीतीश कुमार ने सभी कयासों पर विराम लगाते हुए श्रवण कुमार के नाम पर मुहर लगा दी। बढ़ाई गई सुरक्षा, बढ़ी जिम्मेदारी गौरतलब है कि हाल ही में श्रवण कुमार की सुरक्षा बढ़ाकर उन्हें Y+ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है। यह निर्णय उनके बढ़ते राजनीतिक महत्व को दर्शाता है। संगठनात्मक संतुलन साधने की कोशिश इससे पहले जदयू के वरिष्ठ नेता व‍िजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव को उपमुख्यमंत्री बनाया जा चुका है। ऐसे में श्रवण कुमार को विधायक दल का नेता बनाकर पार्टी ने संगठनात्मक संतुलन साधने की कोशिश की है।

बिहार में एंट्रेंस एग्जाम फॉर्म भरने का मौका बढ़ा, BCECEB का अहम फैसला

पटना. बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा परिषद (BCECE) ने डिप्लोमा-सर्टिफिकेट प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा (DCECE) 2026 के अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। परिषद द्वारा जारी नई अधिसूचना के अनुसार पाॅलिटेक्निक इंजीनियरिंग (पीई), पैरा मेडिकल (इंटरमीडिएट स्तरीय) और पैरा मेडिकल (माध्यमिक स्तरीय पीएमएम) के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि को विस्तारित किया गया है। छात्रहित को ध्यान में रखते हुए अब अभ्यर्थी 27 अप्रैल की रात 10 बजे तक पंजीकरण कर सकेंगे। जानकारी पर्षद की वेबसाइट bceceboard.bihar.gov.in से ली जा सकती है।  21 अप्रैल तक थी आवेदन की तिथ‍ि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आवेदन की प्रक्रिया 21 अप्रैल को समाप्त होनी थी, लेकिन अब नई समय-सारणी लागू कर दी गई है। नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या यूपीआइ के माध्यम से शुल्क भुगतान करने की अंतिम तिथि भी बढ़ाकर 27 अप्रैल (रात 11:00 बजे) कर दी गई है। यदि किसी छात्र के आवेदन फार्म में कोई त्रुटि रह जाती है, तो वे 28 और 29 अप्रैल को आनलाइन पोर्टल के माध्यम से सुधार कर सकता है। पीई परीक्षा 23 और पैरा मेड‍िकल की 24 मई को  पर्षद ने परीक्षा की संभावित तिथियों की भी घोषणा कर दी है। पाॅलिटेक्निक इंजीनियरिंग (पीई) 23 मई को और पैरा मेडिकल (पीएम-पीएमएम) 24 मई को होगी। परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र 20 मई को वेबसाइट पर अपलोड कर दिए जाएंगे। परीक्षा नियंत्रक ने स्पष्ट किया है कि 27 अप्रैल तक सफलतापूर्वक आवेदन भरने वाले अभ्यर्थी ही सुधार प्रक्रिया का लाभ ले पाएंगे। इसके बाद किसी भी परिस्थिति में डेटा सुधार का मौका नहीं दिया जाएगा। अन्य सभी नियम और शर्तें पूर्व में प्रकाशित विज्ञापन के अनुसार ही रहेंगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा से जुड़ी नवीनतम जानकारियों के लिए नियमित रूप से पर्षद की आधिकारिक वेबसाइट bceceboard.bihar.gov.in पर नजर बनाए रखें।

ऊर्जा में आत्मनिर्भरता की ओर कदम: पश्चिम चंपारण में 500MW सोलर प्रोजेक्ट की तैयारी

बेतिया/पश्चिम चंपारण. जिले में विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से रविवार को बेतिया में अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने की। इसमें दिल्ली से आई मंत्री कार्यालय की टीम, जिलाधिकारी तरनजोत सिंह सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और कोल इंडिया के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान जिले के समग्र विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई। इस बैठक का प्रमुख विषय जिले में 500 मेगावाट क्षमता वाले सोलर पावर प्लांट की स्थापना का प्रस्ताव था। इस परियोजना से ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा बदलाव होगा। जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया कि जल्द ही इसके लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित कर कोल इंडिया को सूचित किया जाएगा। प्रक्रिया को तेज करने के लिए अगले सप्ताह संयुक्त निरीक्षण का कार्यक्रम भी तय किया गया है। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए गौनाहा के भितिहरवा में 50 बेड के आयुष अस्पताल की स्थापना पर सकारात्मक सहमति बनी। इससे ग्रामीण इलाकों में चिकित्सा सुविधाओं में सुधार की होगी। शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण पहल करते हुए एक नए केंद्रीय विद्यालय की स्थापना को लेकर चर्चा हुई। जिससे जिले के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी। इसके अलावा, मंत्री ने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत अन्य विद्यालयों के बुनियादी ढांचे के विकास और अमृत सरोवरों के निर्माण व सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव रखा। मंत्री ने बताया कहा कि जिला प्रशासन के सहयोग से इन योजनाओं को जमीन पर उतारा जा सकता है। उन्होंने सभी प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन और आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन ने भी इन विकास योजनाओं के प्रति सकारात्मक रुख दिखाया।

सम्राट सरकार का बड़ा फैसला: विजय सिन्हा के आदेश को पलटते हुए 224 राजस्वकर्मियों का निलंबन रद्द

पटना  बिहार सरकार ने राजस्व कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार ने पूर्व में लिए गए सख्त फैसले को पलटते हुए 200 से अधिक राजस्व कर्मचारियों के निलंबन को खत्म करने का निर्देश दिया है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर सचिव डॉ महेंद्र पाल ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर 11 फरवरी से 19 अप्रैल के बीच निलंबित किए गए कर्मियों की बहाली की प्रक्रिया शुरू करने को कहा है. बताया जा रहा है कि इससे पहले यह कार्रवाई तत्कालीन फैसलों के तहत की गई थी, जिसे अब बदल दिया गया है।  विजय सिन्हा के समय हुई थी सख्त कार्रवाई सम्राट चौधरी सरकार ने हड़ताल के दौरान निलंबित 224 से ज्यादा कर्मियों का सस्पेंशन रद्द कर दिया है. यह फैसला पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के सख्त आदेश को पलटते हुए लिया गया है. बता दें कि बीते 11 फरवरी 2026 से राजस्व कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर थे. तब विजय कुमार सिन्हा राजस्व मंत्री और उपमुख्यमंत्री थे. उन्होंने हड़ताल को अनुशासनहीनता मानते हुए अलग-अलग आदेश जारी कर 224 कर्मियों को निलंबित कर दिया था. 9 मार्च से अंचलाधिकारी और राजस्व अधिकारी भी हड़ताल पर थे. उनके खिलाफ भी 45 से ज्यादा सस्पेंशन हुए. अब सम्राट सरकार ने इनमें से कर्मचारियों का निलंबन वापस ले लिया है।  जनगणना और जनता का काम अटका था दरअसल, ढाई महीने से हड़ताल और निलंबन के चलते अंचलों में जमीन संबंधी काम पूरी तरह ठप हो गए थे. दाखिल-खारिज, नामांतरण, जनगणना जैसे जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे थे. विभाग ने इसे ध्यान में रखते हुए फिलहाल कर्मचारियों को काम पर वापस बुलाने का फैसला किया. पत्र में साफ कहा गया है कि 11 फरवरी से 19 अप्रैल तक निलंबित सभी कर्मियों का सस्पेंशन रद्द किया जाए।  कर्मचारियों की मांगें क्या थीं? यहां यह भी बता दें कि बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ (संयुक्त संघर्ष मोर्चा) के बैनर तले कर्मचारी हड़ताल पर गए थे. उनकी मुख्य मांगें थीं- ग्रेड पे बढ़ाना, गृह जिले में तबादला, दाखिल-खारिज प्रक्रिया में सुधार और दफ्तरों में बुनियादी सुविधाएं. लेकिन काम काज में बाधा को आधार बनाते हुए तब सरकार नेसख्त कदम उठाते हुए कर्मचारियों को निलंबित कर दिया था. लेकिन, सरकार बदलने के साथ ही अब निलंबन रद्द कर उन्हें काम पर लौटने का रास्ता साफ कर दिया है. हालांकि सीओ और आरओ के सस्पेंशन पर अभी अलग से विचार चल रहा है।  सम्राट सरकार का संदेश दरअसल, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नई सरकार ने प्रशासनिक कामकाज को तेज करने का संकल्प लिया है. विजय कुमार सिन्हा के समय लिए गए सख्त फैसले को पलटना इसी दिशा का पहला बड़ा कदम माना जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक जनगणना के काम को समय पर पूरा करने और आम लोगों को सुविधा देने के लिए यह राहत जरूरी थी. कई कर्मचारी अब काम पर लौटने को तैयार हैं।  अभी भी कुछ पेंच बाकी हालांकि, हड़ताल पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, क्योंकि कुछ सीओ और आरओ अभी भी डटे हुए हैं. विभाग ने पहले उन्हें कई बार चेतावनी दी थी, और अब कर्मचारियों की निलंबन वापसी के बाद अधिकारियों पर भी दबाव बढ़ गया है. सरकार का कहना है कि काम पर लौटने वालों को कोई दिक्कत नहीं होगी. लेकिन अनुशासन भंग करने वालों पर नजर रखी जाएगी।  जनता को मिलेगी सुविधा बहरहाल, राजस्व कर्मचारियों के निलंबन को रद्द करने का फैसला यह दिखाता है कि नई सरकार टकराव के बजाय समाधान के रास्ते पर चलना चाहती है. अब सरकार के इस फैसले से अंचल स्तर पर जमीन के काम फिर से शुरू हो सकेंगे. आम नागरिकों को दाखिल-खारिज, प्रमाण-पत्र और अन्य सेवाएं समय पर मिलने लगेंगी।