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तेज प्रताप यादव क्यों हुए नाराज? पुराने विवाद और आरोपित 5 लोगों की पूरी कहानी

पटना  लालू यादव के ‘लाल’ तेजप्रताप एक बार फिर सुर्खियों में हैं. सोशल मीडिया पर उनके लव रिलेशनशिप की चर्चा ने हंगामा खड़ा कर दिया. दावा किया जा रहा है कि उनकी कथिक गर्लफ्रेंड रहीं अनुष्का यादव ने एक बच्चे को जन्म दिया. जबकि तेज प्रताप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ऐसी खबरों को अफवाह बताया और सिरे से नाकार दिया. साथ ही अनुष्का से किसी भी तरह के रिश्ते से इनकार कर दिया. यादव ने कहा कि- उनका अनुष्का से कोई संबंध नहीं है. न ही उसके बच्चे से कोई संबंध है. उन्होंने ‘जयचंदों’ पर साजिश का आरोप लगाया. साथ ही राजद से जुड़े पांच लोगों को नाम लिए. जिन पर अनुष्का संग फोटो वायरल करने, परिवार और पार्टी से निकलवाने की साजिश का आरोप लगाया. तेज प्रताप यादव ने पांच लोगों को ‘जयचंद’ बताया जनशक्ति जनता दल चीफ तेज प्रताप ने पांच ‘जयचंदों’ के नाम गिनाते हुए कहा कि- सुनील सिंह, आकाश भाटी, मुकेश रौशन, संजय सिंह ने उनके खिलाफ साजिश रची है. अनुष्का के मां बनने और रिश्ते के सवाल पर उन्होंने कहा कि- ‘इसको हम खारिज करते हैं. उन्होंने भड़कते हुए कहा कि- ये मुकेश रौशन बताएंगे कि मामा-भगिना का उनका रिलेशन है. बदनाम जो कर रहा है वो आकाश भाटी बताएंगे कि- आकाश से उस लड़की का क्या संबंध है. हमको तो बस बदनाम किया जा रहा है. यह सब लोग जयचंद हैं.’ कौन हैं यह पांच लोग? मुकेश रौशनः तेज प्रताप यादव ने मुकेश रौशन का नाम लिया. मुकेश महुआ विधानसभा सीट से पूर्व राजद विधायक रहे हैं. इस सीट पर तेज प्रताप यादव भी विधायक रह चुके हैं. हालांकि 2025 विस चुनाव में दोनों हार गए थे. तेज प्रताप का आरोप है कि साजिश रचने वाले समूह का संचालन रौशन करते हैं और यहां तक दावा किया कि वे उनकी हत्या करवाना चाहते हैं. संजय यादवः तेज प्रताप अक्सर संजय यादव पर पार्टी से निकलवाने का आरोप लगाते आए हैं. संजय तेजस्वी यादव के करीबी और राजनीतिक सलाहकार माने जाते हैं. संजय वर्तमान में राजद के राज्यसभा सांसद हैं. सुनील सिंहः तेजप्रताप यादव का आरोप है कि सुनील सिंह भी उस समूह में शामिल हैं जिसने उनके नाम पर अफवाहें फैलाने और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की. मालूम हो कि सुनील सिंह के रिश्ते राबड़ी देवी के साथ रहे हैं. सुनील सिंह राबड़ी देवी से राखी बंधवाते रहे हैं. सुनील सिंह बिहार विधान परिषद (MLC) के सदस्य हैं. आकाश भाटीः तेज प्रताप यादव ने आकाश भाटी उर्फ आकाश गुर्जर पर भी निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि वह गोला रोड में रहता है. उसका अनुष्का से संबंध है. यह भी हमको बदनाम करने में शामिल है. हमारे साथ अनुष्का का नाम जोड़ा जा रहा है. आकाश भाटी से उसका रिलेशन है. हमको फंसाया जा रहा है. रमीज़ ख़ानः तेज प्रताप यादव ने आरोपित पांच लोगों में रमीज़ का नाम भी गिनाया. रमीज भी तेजस्वी यादव के करीबी माने जाते हैं. रमीज़ ख़ान प्रथम श्रेणी के क्रिकेटर रहे हैं और उत्तर प्रदेश के बलरामपुर ज़िले में तुलसीपुर के रहने वाले हैं. तेजस्वी और रमीज़ की दोस्ती क्रिकेट के मैदान से शुरू हुई थी.

झारखंड वेदर अलर्ट: कोहरे-बादलों के बीच 14 फरवरी तक सख्ती

रांची  झारखंड में अब कड़ाके की ठंड की विदाई हो चुकी है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, राज्य में अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क बना रहेगा और न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, 14 फरवरी तक राज्य के मध्य, दक्षिणी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में सुबह के वक्त हल्का कोहरा देखने को मिल सकता है। हालांकि, दिन चढ़ने के साथ ही आसमान पूरी तरह साफ हो जाएगा। 10 से 12 फरवरी के बीच कुछ जिलों में बादलों की आवाजाही रह सकती है, लेकिन बारिश की कोई उम्मीद नहीं है। तापमान की बात करें तो चाईबासा राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जहाँ तापमान 31.8°C दर्ज किया गया। वहीं गुमला में न्यूनतम तापमान 6.2°C रिकॉर्ड हुआ। जबकि राजधानी रांची में अधिकतम तापमान 24.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 9.9 डिग्री सेल्सियस रहा। आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है। उत्तर और मध्य झारखंड में दिन का तापमान 28 से 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि दक्षिणी जिलों में अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस तक जाने का अनुमान है। मौसम विभाग ने फिलहाल किसी भी जिले के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की है। मौसम शुष्क रहने के कारण यह समय कृषि कार्यों के लिए बेहद अनुकूल है। हालांकि, सुबह और शाम हल्की ठंड बरकरार रहेगी, इसलिए स्वास्थ्य के प्रति सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

निकाय चुनाव: झारखंड में कैश पर कड़ी नजर, फ्लाइंग स्क्वॉड सक्रिय

रांची झारखंड में निकाय चुनाव को लेकर निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण बनाने के उद्देश्य से प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए नकदी, शराब अथवा अन्य वस्तुओं के वितरण को दंडनीय अपराध बताते हुए प्रशासन ने आम नागरिकों से सतकर् रहने और सहयोग करने की अपील की है। अवैध गतिविधि पर फ्लाइंग स्क्वॉड की कड़ी नजर प्रशासन के अनुसार, चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर नजर रखने के लिए प्रत्येक थाना क्षेत्र में फ्लाइंग स्क्वॉड का गठन किया गया है। ये टीमें लगातार गश्त कर रही हैं और संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि चुनाव को प्रभावित करने वाले प्रयासों पर समय रहते रोक लगाई जा सके। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि चुनाव अवधि के दौरान यदि कोई व्यक्ति किसी निर्वाचन क्षेत्र में बड़ी मात्रा में नकदी लेकर चलता पाया जाता है, तो उससे धन के स्रोत और उसके उपयोग से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा जाएगा। संतोषजनक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने की स्थिति में नकदी को जब्त किया जा सकता है और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कारर्वाई की जाएगी।   केवल आम लोगों पर ही नहीं, बल्कि प्रत्याशियों पर भी होगा एक्शन प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह कारर्वाई केवल आम लोगों पर ही नहीं, बल्कि राजनीतिक दलों, उनके कार्यकर्ताओं और प्रत्याशियों पर भी समान रूप से लागू होगी। किसी भी स्तर पर चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नकदी के साथ-साथ शराब, उपहार सामग्री या अन्य किसी प्रकार की वस्तुओं का वितरण भी अपराध की श्रेणी में आएगा। आम नागरिकों से अपील करते हुए प्रशासन ने कहा है कि वे अनावश्यक रूप से बड़ी मात्रा में नकदी लेकर यात्रा करने से बचें। यदि किसी कारणवश नकदी ले जाना आवश्यक हो, तो संबंधित दस्तावेज अपने पास अवश्य रखें, ताकि जांच के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो। उनमें से पैन कार्ड और उसकी प्रति, व्यापार निबंधन प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), बैंक पासबुक या बैंक स्टेटमेंट, जिसमें नकदी निकासी का विवरण हो, नियमित नकद लेन-देन वाले व्यवसाय के लिए कैश बुक की प्रति, धन के उपयोग से संबंधित प्रमाण, जैसे विवाह निमंत्रण पत्र या अस्पताल में भर्ती से जुड़े दस्तावेज जैसे दस्तावेज रखना जरूरी है।        प्रशासन ने लोगों से यह भी आग्रह किया है कि यदि कहीं मतदाताओं को प्रभावित करने के उद्देश्य से नकदी, शराब या अन्य वस्तुओं का वितरण होता दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस, निर्वाचन अधिकारियों या नियंत्रण कक्ष को दें। नागरिकों के सहयोग से ही स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित किया जा सकता है।

जमानत मिलने के बाद पप्पू यादव होंगे रिहा

  पटना बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव को पटना सिविल कोर्ट ने जमानत दे दी है. पप्पू यादव अब बेउर जेल से बाहर आएंगे. 9 फरवरी को ही पटना सिविल कोर्ट स्थित एमपी-एमएलए की स्पेशल कोर्ट में सुनवाई होनी थी, लेकिन बम की धमकी के बाद परिसर खाली करा दिया गया था और ये सुनवाई टाल दी गई थी. पप्पू यादव समेत तीन लोगों पर 31 साल पुराने एक मामले में केस दर्ज है. 6 फरवरी को पप्पू यादव दिल्ली में थे, उसी दिन देर शाम पटना स्थित आवास पहुंचने पर उनकी गिरफ्तारी हुई थी. इसके बाद उन्हें बेउर जेल भेज दिया गया था.  बता दें कि पप्पू यादव के खिलाफ 1995 में पटना के गर्दनीबाग थाने में एक मामला दर्ज किया गया था. इस मामले में जब पुलिस पप्पू यादव को गिरफ्तार करने गई तो उनके 20 अज्ञात समर्थकों ने पुलिस के सरकारी काम में बाधा डालने की कोशिश की.  बुद्धा कॉलोनी थाने में थानेदार पल्लव के बयान पर पप्पू यादव के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज की गई. इसमें पप्पू यादव और उनके समर्थकों पर पुलिस को धमकाने का आरोप लगाया.

बजरंगपुरी में आग का तांडव: कबाड़ दुकान समेत उत्सव हॉल राख, भारी आर्थिक नुकसान

पटना पटना सिटी के आलमगंज थाना क्षेत्र के बजरंगपुरी में मंगलवार की सुबह एक कबाड़ की दुकान में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग पास के उत्सव हॉल तक फैल गई। आसपास के लोगों के मुताबिक, इस आग में लाखों रुपये की संपत्ति जलकर नष्ट हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत डायल 112 पुलिस को इसकी सूचना दी। जानकारी मिलते ही अग्निशमन दस्ते की छोटी-बड़ी करीब 10 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने में जुट गईं। जानें क्या कहा अधिकारी गयानंद सिंह ने इस मामले में अग्निशमन दस्ते के अधिकारी गयानंद सिंह ने बताया कि दमकल के सभी कर्मचारी आग पर काबू पाने में लगे हुए हैं। आग कैसे लगी, इसकी वजह का भी पता लगाया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बजरंगपुरी मोहल्ले में एक कबाड़ की दुकान के पीछे से अचानक तेज धुआं उठने लगा। पहले लोगों को लगा कि शायद कबाड़ की दुकान में कोई सामान जलाकर बेचने का काम हो रहा है। लेकिन कुछ ही देर में आग की लपटें तेज हो गईं और पास के कम्युनिटी हॉल को भी अपनी चपेट में ले लिया।   मचा इलाके में हड़कंप कम्युनिटी हॉल में आग लगते ही आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। आसपास रहने वाले लोग अपने-अपने घरों से सामान निकालने लगे, खासकर गैस सिलेंडर को सुरक्षित जगह पर ले जाने में जुट गए। इसी बीच लोगों ने डायल 112 को फोन कर आग लगने की जानकारी दी। सूचना मिलते ही डायल 112 की गाड़ी मौके पर पहुंची। इसके बाद स्थानीय लोगों ने पटना सिटी के अग्निशमन कार्यालय को भी इसकी जानकारी दी। बताया जा रहा है कि अग्निशमन विभाग की छोटी-बड़ी करीब 10 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिश में जुट गईं। स्थानीय निवासी मुकेश कुमार ने बताया कि चंद्रमणि उत्सव पैलेस में शादी-ब्याह के मौसम में अक्सर कार्यक्रम होते रहते हैं, लेकिन सोमवार की रात वहां कोई कार्यक्रम नहीं था। उन्होंने कहा कि अगर उस समय कोई शादी का कार्यक्रम चल रहा होता, तो नुकसान और भी ज्यादा हो सकता था।  

सड़क दुर्घटना में वार्ड पार्षद का निधन, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़; क्षेत्र में शोक की लहर

सोनपुर बिहार के सोनपुर में एक सड़क हादसे में वार्ड सदस्य की मौत हो गई, जिसके बाद भारी हंगामा हुआ। दरअसल, दुधैला बाइपास के पास सीएनजी टेंपो की टक्कर से घायल शाहपुरा दियारा पंचायत के वार्ड सदस्य प्रेम कुमार (32 वर्ष) की पटना में इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही आक्रोशित ग्रामीणों ने एनएच-19 को घंटों जाम रखा, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई। बाजार से लौटते वक्त हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, शाहपुरा दियारा पंचायत के वार्ड संख्या-11 के सदस्य प्रेम कुमार पिता जयगोपाल राय शनिवार शाम गौला बाजार से घरेलू सामान खरीदकर बाइक से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान दुधैला बाइपास के समीप नयागांव की ओर से आ रहे एक अनियंत्रित सीएनजी टेंपो ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि उनकी बाइक पास के गड्ढे में जा गिरी। दुर्घटना के बाद चालक टेंपो छोड़कर मौके से फरार हो गया। इलाज के दौरान पटना में तोड़ा दम परिजनों ने आनन-फानन में गंभीर रूप से घायल प्रेम कुमार को पटना के एक अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद जब शव वापस सोनपुर लाया गया, तो ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया। लोगों ने शव के साथ दुधैला बाइपास पर टायर जलाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। अंडरपास और मुआवजे की मांग विरोध प्रदर्शन के कारण एनएच-19 पर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतार लग गई। ग्रामीणों ने मांग की है कि दुर्घटना संभावित इस स्थल पर तत्काल अंडरपास का निर्माण कराया जाए। मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा और सरकारी सहायता दी जाए। पुलिस की कार्रवाई और स्थिति हंगामे की सूचना मिलते ही सोनपुर थानाध्यक्ष राजनंदन पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर और उचित कानूनी कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम हटवाया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को जब्त कर लिया है और फरार चालक की तलाश जारी है। परिवार में कोहराम मृतक प्रेम कुमार पटना में एक चिकित्सक के यहां भी कार्य करते थे और अपने परिवार के मुख्य आधार थे। उनके पीछे दो छोटे पुत्र और एक पुत्री है। इस असमय मौत से पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

शहरी क्षेत्रों में नियमों की अनदेखी का आरोप, बाबूलाल मरांडी बोले

रांची झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर नगर निकाय चुनाव को लेकर बड़ा निशाना साधा है। मरांडी ने आज अपने सोशल मीडिया पर लिखा, पिछले छह वर्षों में हेमंत सरकार ने झारखंड के शहरी क्षेत्रों की स्थिति को बदतर बना दिया है।       "यह सरकार की नीयत और नाकामी दोनों को उजागर करता है" राज्य के 15 नगर निकायों का कार्यकाल 2020 में और शेष नगर निकायों का कार्यकाल 2023 में समाप्त हो गया, लेकिन समय पर चुनाव कराने के बजाय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रशासकों के माध्यम से शहरी निकायों को चलाया। इस दौरान भ्रष्टाचार और अवैध वसूली का एक पूरा तंत्र खड़ा किया गया। साफ-सफाई और स्ट्रीट लाइट जैसे कार्यों के ठेके झामुमो से जुड़े लोगों को देकर शहरी विकास के नाम पर जमकर लूट की गई और शहरी जनता को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित रखा गया। अदालत की बार-बार की फटकार के बाद सरकार दबाव में आकर चुनाव कराने को मजबूर हुई है। यह सरकार की नीयत और नाकामी दोनों को उजागर करता है। "हेमंत सोरेन सरकार को न सिर्फ भ्रष्टाचार का हिसाब देना होगा, बल्कि…" मरांडी ने कहा कि हर चुनाव से पहले बड़े-बड़े वादे करना और चुनाव खत्म होते ही उन्हें ठंडे बस्ते में डाल देना हेमंत सरकार की पहचान बन चुकी है। शहरी क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू होने के बावजूद सरकार नियमों की अनदेखी कर रही है। शहरी जनता सब कुछ देख और समझ रही है। हेमंत सोरेन सरकार को न सिर्फ भ्रष्टाचार का हिसाब देना होगा, बल्कि शहरी नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों की हत्या का जवाब भी देना पड़ेगा।  

महंगाई के दौर में बड़ी राहत: खान सर ने खोला देश का सबसे सस्ता अस्पताल, जांचें नाममात्र शुल्क पर

पटना बिहार की राजधानी पटना के अशोक राजपथ पर इन दिनों एक अलग ही हलचल है। यह हलचल किसी कोचिंग संस्थान के बाहर नहीं, बल्कि एक पांच मंजिला आधुनिक अस्पताल के बाहर है। मशहूर शिक्षक खान सर (Khan Sir) द्वारा स्थापित 'खान हेल्थ केयर' ने स्वास्थ्य सेवाओं के बाजार में एक क्रांतिकारी बदलाव पेश किया है। यहां इलाज की दरें इतनी कम हैं कि उन्होंने सरकारी अस्पतालों के मानकों को भी पीछे छोड़ दिया है। चाय की कीमत में मेडिकल टेस्ट, ₹50 में विशेषज्ञ डॉक्टर अस्पताल की सबसे बड़ी खासियत यहां की डायग्नोस्टिक दरें हैं। जहां निजी लैब में टेस्ट के नाम पर हजारों रुपए वसूले जाते हैं, वहीं खान हेल्थ केयर में दरें हैरान करने वाली हैं:   अत्याधुनिक तकनीक और विशेषज्ञों की टीम सिर्फ सस्ती दरें ही नहीं, बल्कि गुणवत्ता से भी कोई समझौता नहीं किया गया है। अस्पताल में ₹16 करोड़ से अधिक मूल्य के विदेशी मेडिकल उपकरण लगाए गए हैं। विशेषज्ञ सेवाएं: अस्पताल में न्यूरोलॉजी (नसों), कार्डियोलॉजी (दिल) और नेफ्रोलॉजी (किडनी) जैसी गंभीर बीमारियों के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम तैनात है। सुविधाएं: यहां एक आधुनिक डायलिसिस सेंटर और हाई-टेक ऑपरेशन थिएटर (OT) पूरी तरह क्रियाशील है। आगामी योजनाएं: जल्द ही यहां एक समर्पित ब्लड बैंक और कैंसर केयर यूनिट की शुरुआत होने वाली है।   नेपाल तक से पहुंच रहे मरीज अस्पताल के गेट सुबह 9 बजे खुलते हैं, लेकिन मरीजों की भीड़ तड़के ही जुटना शुरू हो जाती है। सुबह 11 बजे तक टोकन बांटे जाते हैं। पटना कॉलेज के सामने वाली गली में स्थित इस सेंटर पर केवल बिहार ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश, झारखंड और पड़ोसी देश नेपाल से भी मरीज पहुंच रहे हैं।

मिड-डे मील के बाद हड़कंप: 70 से अधिक बच्चे बीमार, एक की हालत गंभीर

मधेपुरा बिहार के मधेपुरा जिले से मिड-डे मील को लेकर एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है। सदर प्रखंड के साहूगढ़ क्षेत्र के कारू टोला स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में शनिवार को स्कूल का भोजन खाने के कुछ ही देर बाद 70 से अधिक बच्चे अचानक बीमार पड़ गए। खाना खाने के बाद बच्चों में उल्टी, पेट में तेज दर्द, चक्कर, घबराहट और बेचैनी जैसे लक्षण दिखने लगे। देखते ही देखते स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया और शिक्षकों ने तुरंत बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाना शुरू किया। अस्पताल में भर्ती, एक बच्ची की हालत गंभीर बीमार बच्चों को एम्बुलेंस और निजी गाड़ियों से मधेपुरा सदर अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, अधिकतर बच्चों की स्थिति अब सामान्य है और वे खतरे से बाहर हैं, लेकिन एक छात्रा की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसका इलाज लगातार चल रहा है। भोजन में गड़बड़ी की आशंका घटना के बाद स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मिड-डे मील की खिचड़ी में मरी हुई छिपकली गिरने की आशंका है, जिसकी वजह से बच्चों की तबीयत बिगड़ी। कुछ लोगों ने भोजन सप्लाई से जुड़े एनजीओ और रसोई प्रबंधन की लापरवाही को इस हादसे का कारण बताया है। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक किसी वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। खाने के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं, रिपोर्ट आने के बाद ही असली कारण साफ हो पाएगा। अभिभावकों का हंगामा, जांच और कार्रवाई की मांग घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में अभिभावक अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा को लेकर नाराजगी जताई और मिड-डे मील की गुणवत्ता,साफ-सफाई और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। अभिभावकों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की। लापरवाही साबित हुई तो होगी कड़ी कार्रवाई मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) खुद सदर अस्पताल पहुंचे और बच्चों की स्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अगर किसी भी स्तर पर गड़बड़ी या लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित एनजीओ, रसोइया या जिम्मेदार कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी भरोसा दिलाया है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए मिड-डे मील की मॉनिटरिंग और सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया जाएगा।

होली के बाद पैदल बिहार यात्रा पर निकलेंगे तेज प्रताप यादव, पीके मॉडल से संगठन को देंगे धार

पटना  बिहार के पूर्व मंत्री एवं जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने सोमवार को राज्य में पैदल यात्रा निकालने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि वे इस यात्रा के जरिए संगठन को मजबूत करेंगे और विस्तार देंगे। इस दौरान वे गांव-गांव जाकर लोगों से मिलेंगे और उनकी समस्याएं सुनकर उसका निदान निकालेंगे। इससे पहले चुनावी रणनीतिकार रह चुके प्रशांत किशोर ने भी लगभग दो साल तक बिहार में पैदल यात्रा निकाली और फिर जन सुराज पार्टी का गठन किया था। तेज प्रताप की जेजेडी और पीके की जन सुराज, दोनों ही पार्टियां बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एक भी सीट नहीं जीत पाई थी। जेजेडी चीफ तेज प्रताप यादव ने सोमवार को पटना में मीडिया से बातचीत में कहा कि होली के बाद वे पैदल बिहार घूमेंगे। उन्होंने दावा किया कि इससे ना सिर्फ पार्टी कैडर मजबूत होगा, बल्कि आम लोगों में भी उनकी स्वीकार्यता बढ़ेगी। तेज प्रताप ने कहा कि इस यात्रा के दौरान जेजेडी के संगठनात्मक ढांचे का पुनर्गठन किया जाएगा। युवाओं और ग्रामीणों को खास तौर पर पार्टी से जोड़ा जाएगा। लालू परिवार से निकाले जाने पर बनाई थी नई पार्टी तेज प्रताप यादव बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे हैं। पिछले साल पार्टी एवं परिवार से बेदखल किए जाने के बाद उन्होंने जेजेडी नाम से नई पार्टी का गठन किया था। उन्होंने बिहार चुनाव में कुछ सीटों पर प्रत्याशी उतार, खुद भी महुआ सीट से चुनाव लड़े। हालांकि, जेजेडी का कोई भी कैंडिडेट जीत नहीं पाया था। चुनाव हारने के बाद तेज प्रताप यादव ने बिहार समेत अन्य राज्यों में पार्टी का विस्तार करने की बात कही थी। मकर संक्रांति के अवसर पर पटना में उन्होंने दही-चूड़ा भोज भी दिया था, जिसमें पक्ष और विपक्ष के कई बड़े नेता शामिल हुए थे। इस भोज से वे बिहार के सियासी गलियारों में चर्चा का विषय रहे। इन दिनों तेज प्रताप अपने पारिवारिक जीवन को लेकर चर्चा में बने हुए हैं। एक दिन पहले ही उन्होंने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस पर आरजेडी के अंदर पांच नेताओं (संजय यादव, सुनील सिंह, मुकेश रौशन एवं अन्य) का नाम लेकर उन्हें जयचंद करार दिया। इनमें अधिकतर नेता उनके छोटे भाई तेजस्वी यादव के करीबी हैं। तेज प्रताप ने यह भी आरोप लगाया कि इन्हीं कथित जयचंद ने मिलकर उनका नाम अनुष्का यादव के साथ जोड़कर उन्हें बदनाम की साजिश रची थी।