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दरभंगा रेप-मर्डर कांड से सदन गरमाया, राबड़ी देवी संग महिला विधायक सड़क से सदन तक उतरीं

दरभंगा बिहार के दरभंगा में एक छह साल की बच्ची के साथ हैवानियत की वारदात पर विधानमंडल के बजट सत्र में हंगामा हुआ। विधानसभा के पोर्टिको में विपक्षी सदस्यों ने पोस्टर लहराए तो विधान परिषद में सीएम नीतीश कुमार और नेता विरोधि दल राब़ड़ी देवी आमने-सामने आ गए। शोर शराब बढ़ता देख सदन की कार्यवाही को दोपहर ढाई बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। रबड़ी देवी के नेतृत्व में महिला विधायकों ने सदन के बाहर प्रदर्शन भी किया। दरभंगा में शनिवार की रात एक छह साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म करके हत्या कर दी गयी। रविवार को बिहार भारी हंगामा, पत्थरबाजी और लाठीचार्ज का गवाह बना।   महिला विधायकों ने आरोप लगाया कि राज्य में बेटियों के साथ अत्याचार हो रहा है जिसे रोकने में सरकार विफल है। बिहार में लॉ एंड ऑर्डर फेल है पर सरकार चुप बैठी हुई है। दरभंगा में बच्ची के साथ दरिंदगी की गई और विरोध कर रहे लोगों को पुलिस ने लाठी से दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। सरकार इस पर जवाब दे। विपक्षी सदस्यों ने सरकार को गूंगी और बहरी सरकार बताया। राबड़ी देवी ने कहा कि सम्राट चौधरी को इस्तीफा दे देना चाहिए क्योंकि वे बेटियों को सुरक्षा देने में नाकाम हैं। उन्होंने सरकार बनते ही बड़े दावे किए थे। पर पूरा करने में समर्थ नहीं हैं। उन्हें पद छोड़ देना चाहिए। मुख्यमंत्री भी इस पर जवाब नहीं दे पा रहे हैं। मासूमों को हवस का शिकार बनाया जा रहा है। इससे पहले बिहार विधान परिषद की कार्यवाही विपक्ष के शोर गुल के कारण 15 मिनट में ही स्थगित कर दी गयी। सोमवार को 12 बजे से परिषद के कार्यवाही शुरू हुई। प्रश्नकाल शुरू होने के साथ ही विपक्ष के अब्दुल बारी सिद्दीकी ने दरभंगा में नाबालिग के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या पर सरकार से संज्ञान लेने की मांग की। उस वक्त मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी सदन में मौजूद थे। सदन की कार्यवाही के दौरान विपक्षी सदस्यों ने शोर गुल किया फिर उसके बाद वेल में आकर नारेबाजी करने लगे और मुख्यमंत्री से जवाब देने की मांग की। इस पर मुख्यमंत्री ने विपक्ष की ओर मुखातिब होकर कहा कि इन लोगों ने कभी कोई काम नहीं किया है। जब से हम लोग आए हैं, तब से एक एक काम कर रहे हैं। तब से बिहार में तेजी से विकास हो रहा है। भारी शोर गुल के बीच ही शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने परिनियत कार्य के तहत चार दस्तावेज पेश किया। इसके बाद सदन की कार्यवाही 2.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।।  

राज्यपाल संतोष गंगवार की मौजूदगी में सामूहिक विवाह, 101 जोड़ों ने लिए सात फेरे

रामगढ झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने रविवार को आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में भाग लिया और 101 जोड़ों को आशीर्वाद दिया। इस समारोह का आयोजन हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल ने सिद्धू-कान्हू मैदान में किया था। गंगवार ने समारोह में शादी करने वाले दिव्यांग, अनाथ और आर्थिक रूप से कमजोर जोड़ों को आशीर्वाद दिया। राज्यपाल ने कहा, "महिला सशक्तिकरण के लिए समाज को ऐसी पहल करने की आवश्यकता है।" कार्यक्रम में संगीतमय प्रस्तुति पेश करने वाले उत्तर पूर्वी दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि 101 गरीब जोड़ों का विवाह कराना महिला सशक्तीकरण का एक सशक्त उदाहरण है। गंगवार ने कहा, "नवविवाहित जोड़ों में से प्रत्येक को शादी के बाद आजीविका के लिए ई-रिक्शा के साथ-साथ रेफ्रिजरेटर और स्टील की अलमारी सहित 22 घरेलू उपकरण प्रदान किए गए हैं।"  

मां बनने का दावा, सियासी हलचल तेज: तेजप्रताप यादव बोले—अनुष्का से मेरा कोई संबंध नहीं

पटना कुछ वक्त पहले तेजप्रताप यादव और अनुष्का यादव की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थीं। इन तस्वीरों के सामने आने के बाद हड़कंप मच गया था। अनुष्का यादव और तेजप्रताप यादव के बीच लव अफेयर की चर्चा ने भी जोर पकड़ लिया था। इतना ही नहीं तस्वीर वायरल होने के बाद लालू यादव ने तेजप्रताप यादव को पार्टी और परिवार से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। अब सोशल मीडिया पर अनुष्का यादव को लेकर यह दावा किया जा रहा है कि वो मां बनी हैं। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि अनुष्का यादव ने बेटी को जन्म दिया है। इधर तेजप्रताप यादव ने अनुष्का यादव और बेटी दोनों से ही पल्ला झाड़ लिया है। उल्टे तेजप्रताप यादव ने यह कहा है कि अनुष्का यादव और आकाश भाटी के बीच क्या संबंध है, इसका पता लगाया जा।   बिहार के पूर्व मंत्री और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने रविवार को आरोप लगाया कि उनके विरोधियों ने पहले गलत तरीके से उनके नाम को एक महिला से जोड़ा था और अब वे दावा कर रहे हैं कि महिला ने उनके बच्चे को जन्म दिया है। तेजप्रताप यादव ने रविवार को कहा, ‘सोशल मीडिया पर फैल रही उन अफवाहों से मैं बहुत परेशान हूं कि जिस महिला से मेरा नाम कुछ महीने पहले गलत तरीके से जोड़ा गया था, जिसके कारण मुझे पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था, उसने मेरे बच्चे को जन्म दिया है।’ तेजप्रताप ने कहा, ''मैं अपने विरोधियों से विनती करता हूं कि मुझे शांति से जीने दें। मैं उस व्यक्ति को जानता हूं जिसके साथ वह महिला रिश्ते में है और जो, मेरा मानना ​​है, बच्चे का पिता है। वे मेरा नाम घसीटकर मुझे मानसिक पीड़ा पहुंचा रहे हैं।'' तेजप्रताप यादव ने 5 जयचंदों के नाम गिनाए तेजप्रताप यादव ने राज्यसभा सदस्य और विधान परिषद के एक सदस्य को 'जयचंद' करार देते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की बात की। तेज प्रताप की उनके फेसबुक पेज पर एक महिला के साथ तस्वीर साझा हुई थी जिसके बाद उनके पिता लालू प्रसाद यादव के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से उन्हें निष्कासित कर दिया गया था। तेज प्रताप ने आरोप लगाते हुए कहा, ''जिन जयचंदों की मैं बात कर रहा हूं, उनके बारे में कुछ रहस्य बना हुआ है। उनके नाम मुकेश रोशन, संजय यादव, शक्ति सिंह यादव, रमीज और सुनील सिंह है।'' उन्होंने दावा किया था कि सोशल मीडिया पर जारी की गयी पोस्ट पांच 'जयचंदों' द्वारा उनके फेसबुक प्रोफाइल को हैक कर किया गया था। उक्त पोस्ट में कथित तौर पर तेज प्रताप की ओर से कहा था कि वह महिला के साथ 12 साल से रिश्ते में हैं।

कथा के दौरान मची अफरा-तफरी, बिहार में बड़ा हादसा

मोतिहारी बिहार के मोतिहारी जिले के रक्सौल में भारत–नेपाल सीमा के निकट आयोजित श्रीमद्भागवत कथा महायज्ञ के दौरान रविवार को अचानक अव्यवस्था फैल गई। प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य अनिरुद्धाचार्य जी महाराज के सत्संग में हजारों-लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने से आयोजन स्थल रक्सौल हवाई अड्डा परिसर में भीड़ बेकाबू हो गई।   भीड़ प्रबंधन की कमी से बिगड़े हालात कथावाचक के मंच पर पहुंचते ही श्रद्धालुओं का सैलाब पंडाल की ओर उमड़ पड़ा। आयोजन समिति की ओर से भीड़ नियंत्रण के पुख्ता इंतजाम नहीं होने के कारण मुख्य द्वार पर अत्यधिक दबाव बन गया। इसी दौरान रेलिंग टूट गई और भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे कार्यक्रम कुछ समय के लिए बाधित हो गया।   घायलों को प्राथमिक उपचार, महिलाएं बेहोश अफरातफरी के बीच कई श्रद्धालुओं को चोटें आईं। दबाव बढ़ने से दो महिलाएं बेहोश हो गईं, जिन्हें मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। स्थिति की गंभीरता के कारण कुछ देर तक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन रोकना पड़ा।   परिजनों से बिछड़े बच्चे, मदद की व्यवस्था पर सवाल हंगामे के दौरान कई छोटे बच्चे अपने परिजनों से बिछड़ गए। आयोजन स्थल पर हेल्प डेस्क या लॉस्ट एंड फाउंड जैसी कोई व्यवस्था नहीं होने से माता-पिता बच्चों की तलाश में भटकते नजर आए। श्रद्धालुओं ने इतने बड़े धार्मिक आयोजन में न्यूनतम सहायता व्यवस्था नहीं होने पर नाराजगी जताई।   वीआईपी व्यवस्था को लेकर श्रद्धालुओं में रोष आम श्रद्धालुओं का गुस्सा वीआईपी व्यवस्था को लेकर भी सामने आया। लोगों का कहना था कि चंदा वसूली के बावजूद पंडाल में केवल अधिक राशि देने वालों को अलग सुविधा और प्राथमिकता दी गई, जबकि आम भक्तों को धक्कों का सामना करना पड़ा, जिससे अव्यवस्था और बढ़ती चली गई। पुलिस के हस्तक्षेप से हालात काबू में स्थिति बिगड़ने पर मौके पर तैनात पुलिस ने हस्तक्षेप किया और भीड़ को पीछे हटाने के लिए आवश्यक कदम उठाए। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मनीष आनंद ने लाठीचार्ज से इनकार करते हुए बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से भीड़ नियंत्रण के लिए उचित कार्रवाई की गई और अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।   प्रशासन ने आयोजन समिति को लगाई फटकार अव्यवस्था को गंभीर मानते हुए अनुमंडल पदाधिकारी मनीष कुमार ने आयोजन समिति को कड़ी फटकार लगाई और रात भर में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का निर्देश दिया, ताकि आगे कोई बड़ा हादसा न हो। वहीं आयोजन समिति की अध्यक्ष शिखा दास की ओर से इस मामले में अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

‘मंत्री जी का जवाब संतोषजनक नहीं था’, विधानसभा में मैथिली ठाकुर ने किया पलटवार

 पटना  बिहार विधानसभा के भीतर एक दिलचस्प और गंभीर बहस देखने को मिली. जानी-मानी गायिका और अलीनगर विधायक मैथिली ठाकुर ने अपने क्षेत्र के अस्पताल की बदहाली का मुद्दा उठाया और सरकार के लिखित जवाब को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि कागजों पर जो 'सब ठीक' बताया जा रहा है, धरातल पर सच्चाई उसके ठीक उलट है. सदन में विधायक मैथिली ने कहा, ''मंत्री जी के जवाब में लिखा है कि भवन जर्जर नहीं है, बस मरम्मत चाहिए. लेकिन मैं खुद वहां गई हूं, भवन पूरी तरह जर्जर है और एक छोटे से कमरे में पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था सिमटी हुई है." मैथिली ने बताया कि पहले वहां दो-दो MBBS डॉक्टर थे, लेकिन अब सिर्फ आयुष डॉक्टर के भरोसे अस्पताल चल रहा है. उन्होंने 40 से 50 हजार लोगों की आबादी के लिए कम से कम दो एमबीबीएस डॉक्टरों की मांग की. अस्पताल अलीनगर और घनश्यामपुर जैसे दो प्रमुख प्रखंडों के केंद्र में स्थित है, जिससे हजारों लोग लाभान्वित हो सकते हैं. 'मंत्री जी, मैं जब बहुत छोटी थी तब से आपको देख रही हूं…' युवा विधायक मैथिली ठाकुर ने अपने संबोधन में राजनीति और मर्यादा का अद्भुत संतुलन पेश किया. उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि वे बचपन से उन्हें स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करते हुए देख रही हैं, इसलिए यह प्रश्न नहीं बल्कि एक 'निवेदन' है कि जनहित में इस अस्पताल का कायाकल्प किया जाए. उनके इस अंदाज ने सदन में मौजूद सभी लोगों का ध्यान खींचा. बिहार के मधुबनी जिले में जन्मी मैथिली ठाकुर अपने दो भाइयों के साथ लोक, हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत, हारमोनियम और तबला में प्रशिक्षित हैं. वह मैथिली, भोजपुरी और हिंदी में बिहार के पारंपरिक लोकगीतों का गायन करती हैं. मालूम हो कि इस गायिका ने बीते साल ही  बीजेपी के टिकट पर दरभंगा की अलीनगर सीट से चुनाव जीता था.     

तेजप्रताप यादव का बड़ा आरोप: इन 5 नेताओं ने की साजिश, गद्दारों की लिस्ट का किया खुलासा

पटना. बिहार की राजनीति में अपनी बेबाकी और अलग अंदाज के लिए चर्चित लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने एक बार फिर पार्टी के भीतर खलबली मचा दी है. इस बार उन्होंने किसी पहेली का सहारा लेने के बजाय सीधे तौर पर उन पांच नामों का खुलासा किया है, जिन्हें वे अपनी राजनीतिक राह का कांटा और ‘जयचंद’ मानते हैं. तेज प्रताप का आरोप है कि ये पांचों नेता उनके खिलाफ गहरी साजिश रच रहे हैं और उन्हें उनके भाई तेजस्वी यादव से दूर करने की कोशिश में जुटे हैं. तेज प्रताप यादव ने जिन पांच नामों को ‘जयचंद’ की श्रेणी में रखा है, वे आरजेडी के बेहद रसूखदार चेहरे हैं. आइए इन पांचों नेताओं के बारे में विस्तार से जानते हैं . कौन हैं तेज प्रताप यादव के वो ‘पांच जयचंद’? तेजप्रताप यादव ने साजिशकर्ताओं के नाम और क्रम भी बताया है. उनके अनुसार,जयचंद्रों के क्रम में पहले नंबर पर महुआ के पूर्व विधायक मुकेश रौशन है तो नंबर दो पर राज्यसभा सांसद संजय यादव. नंबर तीन पर तेजस्वी यादव के करीबी रमीज नेमत, जबकि नंबर चार पर आरजेडी के प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव हैं. नंबर पांच पांच पर जो नाम है वह भी चौंकाने वाला है, क्योंकि सुनील सिंह राबड़ी देवी के मुंहबोले भाई के तौर पर जाने जाते हैं. आइए इन पांचों के बारे में भी जानते हैं. मुकेश रौशन: महुआ के पूर्व विधायक और ‘नंबर एक’ दुश्मन तेज प्रताप यादव की सूची में पहले स्थान पर मुकेश रौशन का नाम है. मुकेश रौशन वैशाली जिले की महुआ विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं. दिलचस्प बात यह है कि महुआ वही सीट है जहां से 2015 में तेज प्रताप खुद चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे. बाद में तेज प्रताप ने यह सीट मुकेश रौशन के लिए छोड़ दी थी.2020 का चुनाव तेज प्रताप यादव ने समस्तीपुर से लड़ा था. इसके बाद 2025 विधानसभा चुनाव में जनशक्ति जनता दल से उन्होंने फिर महुआ से चुनावी लड़ी, लेकिन मुकेश रौशन और तेज प्रताप यादव, दोनों ही चुनाव हार गए. एक समय में तेज प्रताप के बेहद करीबी माने जाने वाले मुकेश अब उनके निशाने पर हैं. संजय यादव: तेजस्वी के रणनीतिकार और राज्यसभा सांसद सूची में दूसरा सबसे प्रभावशाली नाम संजय यादव का है. संजय यादव वर्तमान में आरजेडी के राज्यसभा सांसद हैं और उन्हें तेजस्वी यादव का ‘दायां हाथ’ माना जाता है. हरियाणा के रहने वाले संजय यादव लंबे समय से तेजस्वी के राजनीतिक सलाहकार और रणनीतिकार की भूमिका निभा रहे हैं. तेज प्रताप यादव अक्सर यह आरोप लगाते रहे हैं कि संजय यादव जैसे बाहरी लोग परिवार के बीच में आकर भाई-भाई को लड़ाने का काम करते हैं. उनके लिए संजय यादव उस ‘सिस्टम’ का हिस्सा हैं जो तेज प्रताप को मुख्य राजनीति से दूर रखता है. रमीज नेमत: तेजस्वी यादव के साये की तरह रहने वाले करीबी तेज प्रताप ने तीसरे नंबर पर रमीज नेमत का नाम लिया है. रमीज का परिचय राजनीतिक गलियारों में तेजस्वी यादव के बेहद निजी और भरोसेमंद सहयोगी के तौर पर होता है. वे अक्सर तेजस्वी के साथ उनके दौरों और बैठकों में साये की तरह नजर आते हैं. तेज प्रताप का मानना है कि रमीज जैसे लोग सूचनाओं को फिल्टर करते हैं और उनके खिलाफ तेजस्वी के कान भरते हैं. संगठन में रमीज की बढ़ती सक्रियता तेज प्रताप को हमेशा से खटकती रही है. बता दें कि तेज प्रताप यादव की बड़ी बहन रोहिणी आचार्य ने भी रमीज की लालू परिवार में घुसपैठ पर सवाल उठाया था. शक्ति सिंह यादव: पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और प्रखर चेहरा चौथे स्थान पर तेज प्रताप ने शक्ति सिंह यादव को रखा है. शक्ति सिंह यादव आरजेडी के मुख्य प्रवक्ता हैं और टीवी चैनलों पर पार्टी का सबसे मजबूत पक्ष रखते हैं. वे हिलालपुर (हिलसा) से पूर्व विधायक भी रहे हैं. तेज प्रताप का आरोप है कि शक्ति सिंह यादव जैसे नेता सार्वजनिक रूप से तो पार्टी की बात करते हैं, लेकिन भीतर ही भीतर तेज प्रताप की छवि बिगाड़ने का काम करते हैं. प्रवक्ता के तौर पर उनके बयानों और सक्रियता को तेज प्रताप ने अपनी अनदेखी से जोड़कर देखा है. सुनील सिंह: विधान पार्षद और बिस्कोमान के अध्यक्ष पांचवें ‘जयचंद’ के रूप में तेज प्रताप ने सुनील सिंह का नाम लिया है. सुनील सिंह बिहार विधान परिषद के सदस्य (MLC) हैं और बिस्कोमान के अध्यक्ष के तौर पर सहकारिता जगत का बड़ा नाम हैं. सुनील सिंह को लालू प्रसाद यादव का बेहद करीबी और भरोसेमंद माना जाता रहा है, बिहार की राजनीति में उनकी पहचान तेज प्रताप यादव की मां और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के मुंहबोले भाई के तौर पर है. अक्सर सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट के जरिए चर्चा में रहने वाले सुनील सिंह के साथ तेज प्रताप के रिश्ते काफी समय से तल्ख रहे हैं. तेज प्रताप को लगता है कि सुनील सिंह अपनी पहुंच का इस्तेमाल उनके राजनीतिक कद को छोटा करने में कर रहे हैं.

रांची समेत पूरे झारखंड में बढ़ी ठिठुरन, कड़ाके की ठंड और कोहरे ने बढ़ाई मुश्किलें

रांची झारखंड में मौसम ने एक बार फिर अचानक करवट ले ली है। बीते कुछ दिनों से तापमान में आई बढ़ोतरी के बाद अब राज्य में कड़ाके की ठंड ने जोर पकड़ लिया है। राजधानी रांची में न्यूनतम तापमान गिरकर 6.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे लोगों को ठिठुरन भरी ठंड का सामना करना पड़ रहा है। राज्य के अन्य जिलों में भी तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया है। शीतलहर अगले एक सप्ताह तक बनी रह सकती है मौसम विभाग के अनुसार, हिमालयी क्षेत्रों में हो रही भारी बफर्बारी और वहां से आने वाली ठंडी हवाओं का सीधा असर झारखंड के मौसम पर पड़ रहा है। विभाग का कहना है कि यह शीतलहर अगले एक सप्ताह तक बनी रह सकती है। पिछले 24 घंटों में कई जिलों में न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। डाल्टनगंज में तापमान 8.02 डिग्री, खूंटी में 8.6 डिग्री, जबकि लातेहार और लोहरदगा में यह 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। राज्य के कम से कम 13 जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। इनमें रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा, लातेहार, हजारीबाग, रामगढ़ और पलामू प्रमुख हैं। ठंड के साथ-साथ सुबह के समय घना कोहरा भी लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। "सूर्योदय के बाद ही घर से निकलें" मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि खूंटी, लोहरदगा, लातेहार, पलामू और रांची में सुबह के समय द्दश्यता घटकर मात्र 50 मीटर तक रह सकती है। ऐसे में वाहन चालकों और यात्रियों को विशेष सतकर्ता बरतने तथा सूर्योदय के बाद ही घर से निकलने की सलाह दी गई है। हालांकि, दिन के अधिकतम तापमान में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है। अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, जबकि जमशेदपुर में यह 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।  

हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद खुली चाईबासा की सच्चाई, पांच बच्चों को चढ़ाया गया था HIV संक्रमित ब्लड

 चाईबासा  पश्चिम सिंहभूम जिले में बच्चों को एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाने के कथित मामले में उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद शुक्रवार को चाईबासा सदर पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। ह्यूमन इम्यूनो डिफिशिएंसी वायरस (एचआईवी) से संक्रमित व्यक्ति में प्रतिरक्षा क्षमता क्षीण हो जाती है और व्यक्ति एड्स जैसी लाइलाज बीमारी की चपेट में आ जाता है। चाईबासा सदर पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी तरुण कुमार ने शनिवार को बताया कि पीड़ित बच्चों में शामिल पश्चिम सिंहभूम के हटगमहरिया निवासी एक बच्चे के पिता ने शुक्रवार देर शाम चाईबासा सदर अस्पताल के रक्त बैंक के निलंबित लैब तकनीशियन मनोज कुमार के खिलाफ कथित लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस अधिकारी ने कहा, ''हम आरोप की जांच कर रहे हैं और मनोज कुमार से पूछताछ कर रहे हैं, जो घटना के समय रक्त बैंक का तकनीशियन था, लेकिन अब निलंबित हैं। अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।'' अक्टूबर 2025 में सामने आई इस घटना से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया था। उच्च न्यायालय ने बुधवार को चाईबासा सदर पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी को प्राथमिकी दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। इससे पहले अदालत की एक खंडपीठ ने झारखंड में पांच बच्चों में एचआईवी संक्रमण के कथित मामलों में रक्त चढ़ाने के दौरान मानक संचालन प्रक्रिया का पालन न किये जाने के लिए राज्य सरकार को फटकार लगाई थी। मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने स्वतः संज्ञान लेकर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए स्वास्थ्य सचिव अजय कुमार सिंह को फटकार लगाई थी। यह फटकार चाईबासा जिले के पांच बच्चों में रक्त चढ़ाए जाने के बाद उन्हें एचआईवी संक्रमित पाए जाने की खबरों के बाद लगाई गई थी। ये बच्चे थैलेसीमिया के मरीज थे और चाईबासा के सदर अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे थे, जहां उन्हें रक्त चढ़ाया गया था। झारखंड सरकार ने 26 अक्टूबर को इस घटना के संबंध में पश्चिम सिंहभूम के तत्कालीन सिविल सर्जन और कुछ अन्य अधिकारियों को निलंबित कर दिया था। घटना के सामने आने के बाद राज्य सरकार ने प्रत्येक प्रभावित परिवार के लिए दो लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की।  

पटना–उत्तर बिहार कनेक्टिविटी को मिलेगी रफ्तार, अप्रैल तक बनकर तैयार होगा कच्ची दरगाह–बिदुपुर पुल

पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को अधिकारियों को कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन गंगा पुल परियोजना के निर्माण कार्य को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया है। उन्होंने दावा किया कि इसका निर्माण अप्रैल 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद पटना से उत्तर बिहार आना-जाना और भी आसान हो जाएगा। साथ ही बिदुपुर और आसपास के लोगों को भी पटना आने-जाने में आसानी होगी। बता दें कि इस प्रोजेक्ट के तहत कच्ची दरगाह से राघोपुर तक 6 लेन पुल पिछले साल ही चालू कर दिया गया था। सीएम नीतीश कुमार ने शनिवार को कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन गंगा पुल परियोजना के निर्माण कार्य का जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों ने सीएम को बताया कि इस परियोजना को तेजी से पूरा किया जा रहा है। बचे हुए कार्य को अप्रैल माह तक पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके बाद यह पुल पूरी तरह जनता के लिए खोल दिया जाएगा। दियारा के लोगों को पटना आने-जाने में होगी आसानी मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को पहुंच पथ का भी निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। ताकि आवागमन निर्बाध और सुचारू रूप से हो सके। उन्होंने कहा कि कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन गंगा पुल परियोजना के पूर्ण होने से इस क्षेत्र के लोगों को राजधानी पटना से निर्बाध सड़क संपर्कता मिलेगी। इस क्षेत्र में कृषि, उद्योग सहित अन्य व्यवसायों का और तेजी से विकास होगा। आकस्मिक चिकित्सा की स्थिति में इलाज के लिये पटना पहुंचने में मरीजों को भी काफी सुविधा होगी। नीतीश ने कहा कि कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन गंगा पुल परियोजना के प्रथम चरण के लोकार्पण के बाद पटना से राघोपुर तक की कनेक्टिविटी बहाल हो चुकी है। उन्होंने कहा कि वह इस परियोजना के निर्माण कार्य का नियमित निरीक्षण करते रहे हैं और इसे जल्द पूरा करने के लिये अधिकारियों को निर्देशित करते रहे हैं। पटना शहर से बाहर ही उत्तर बिहार की ओर निकल जाएंगी गाड़ियां मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के पूर्ण होने से महात्मा गांधी सेतु पर भी यातायात का भार कम होगा तथा उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार की सम्पर्कता के लिये लोगों को एक और वैकल्पिक मार्ग मिलेगा, जिससे आवागमन और सुगम होगा। इस पुल के निर्माण से पटना शहर के बाहर से ही लोग उत्तर बिहार के विभिन्न जगहों पर आसानी के साथ आवागमन कर सकेंगे। पटना से मिथिला की कनेक्टिविटी भी सुधरेगी उन्होंने कहा कि आमस-दरभंगा एक्सप्रेस-वे से कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन गंगा पुल परियोजना जुड़ेगा, जिससे समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी की तरफ जानेवाले लोगों को काफी सहूलियत होगी और समय की बचत होगी। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य में गुणवत्तापूर्ण सड़कों एवं पुलों का लगातार निर्माण कर आवागमन को सुगम बना रही है। पटना से राघोपुर तक रोड है चालू बता दें कि नीतीश कुमार ने 23 जून 2025 को कच्ची दरगाह (पटना) से राघोपुर दियारा (वैशाली) तक नवनिर्मित रोड का उद्घाटन किया गया था। पटना जिला अन्तर्गत राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या-30 पर अवस्थित कच्ची दरगाह एवं वैशाली जिला अन्तर्गत राष्ट्रीय उच्च पथ सख्या-103 पर अवस्थित बिदुपुर के बीच गंगा नदी पर कुल 19.76 कि.मी. लम्बाई के 6 लेन ग्रीन फिल्ड पुल परियोजना का निर्माण किया जा रहा है। इसके अन्तर्गत 9.76 किमी लंबा पुल तथा 10 किमी लंबे अप्रोच रोड (पहुंच पथों) का निर्माण कार्य होना है। पहले चरण में पटना के कच्ची दरगाह से वैशाली के राघोपुर दियारा (कुल लम्बाई 4.57 कि.मी.) का उद्घाटन हो चुका है। दूसरे चरण में हाजीपुर-महनार पथ (एन.एच.-122बी) से चकसिकन्दर (एन.एच-322) तक तथा तृतीय चरण में राघोपुर दियारा से हाजीपुर-महनार पथ (एच.एच.-122बी) का निर्माण किया जा रहा है।

महिलाओं को आर्थिक मजबूती की सौगात, 8 मार्च को हेमंत सरकार की नई योजना

रांची झारखंड सरकार मंईयां सम्मान योजना से जुड़ी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। राज्य सरकार 50 लाख महिला लाभुकों को स्वरोजगार के लिए बैंक के माध्यम से 20-20 हजार रुपये का ऋण उपलब्ध कराने की योजना पर काम कर रही है। अगर यह प्रस्ताव सफल रहा तो इसे आगामी बजट में शामिल किया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, इस योजना को लेकर शनिवार को वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की अध्यक्षता में बैंकों के साथ एक अहम बैठक हुई। बैठक में सभी बैंक प्रतिनिधियों ने योजना के क्रियान्वयन में सहयोग करने पर सहमति जताई और वरीय प्रबंधन से जल्द अनुमति लेने की बात कही। फिलहाल मंईयां सम्मान योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की सहायता राशि दी जा रही है। सरकार इसी राशि को आधार बनाकर महिलाओं को छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित करना चाहती है। वित्त मंत्री ने बैंकों के सामने प्रस्ताव रखा कि ऋण की किस्त महिलाओं को मिलने वाली सम्मान राशि से ही समायोजित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि इस राशि को पूंजी के रूप में इस्तेमाल कर महिलाओं को उद्यमी बनाया जा सकता है। सरकार इस योजना को औपचारिक रूप से 8 मार्च, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शुरू करने पर विचार कर रही है। इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री की भी सहमति प्राप्त है। योजना के नाम को लेकर भी मुख्यमंत्री से विमर्श किया जाएगा। ऋण की अदायगी के लिए 12 से 24 महीने की समय-सीमा तय करने का सुझाव दिया गया है। इस पर वित्त विभाग और बैंकों के प्रतिनिधि आपसी सहमति से अंतिम निर्णय लेंगे। यह भी प्रस्ताव है कि यदि कोई लाभुक समय पर ऋण चुका देती है, तो बैंक व्यवसाय का भौतिक सत्यापन कर उसकी ऋण सीमा बढ़ाकर 50 हजार रुपये तक कर सकते हैं। ऋण पर ब्याज दर केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) के मानकों के अनुरूप रखने पर विचार किया जा रहा है। वित्त मंत्री ने बैंकों से आग्रह किया है कि ऋण प्रक्रिया को बेहद सरल रखा जाए। तय किया गया है कि केवल आधार कार्ड को अनिवार्य दस्तावेज बनाया जाए। आवेदन दस रुपये के रेवेन्यू स्टांप पर स्वीकार किया जा सकता है और सात दिनों के भीतर ऋण प्रक्रिया पूरी की जाएगी। योजना की निगरानी के लिए एक विशेष डिजिटल पोर्टल तैयार किया जाएगा। इस पोर्टल के जरिए ऋण वितरण और अदायगी की नियमित निगरानी की जाएगी। वित्त विभाग के अधिकारी बैंकों के साथ मिलकर पोर्टल की संरचना तैयार करेंगे।